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गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को महाराष्ट्र में स्कूल बंद, कर्नाटक में खुला, उत्तर प्रदेश में मिश्रित स्थिति बनी रहेगी।

कल स्कूल की छुट्टी के बारे में अटकलें चल रही हैं, क्योंकि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाएगा। कई राज्य सरकारों ने इस अवसर को सार्वजनिक अवकाश की सूची में शामिल किया है, परंतु शैक्षणिक संस्थानों की कार्यवाही में विविधता देखी जा रही है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और कुछ उत्तर प्रदेश के जिलों में विद्यालय बंद

रहने की संभावना है, जबकि अन्य राज्यों में स्कूल सामान्य कार्य दिवस माना जा रहा है। इस अंतर के कारण अभिभावक और विद्यार्थियों के बीच भ्रम उत्पन्न हुआ है, जिससे आधिकारिक आदेश की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। इस लेख में विभिन्न राज्य सरकारों के निर्देश, शिक्षण संस्थानों की नीतियों और संभावित सामाजिक‑आर्थिक प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण

प्रस्तुत किया गया है।

गणेश चतुर्थी भारत के कई हिस्सों में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व का पर्व है, जिसका आयोजन मुख्यतः महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, गोवा और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। यह तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि पर पड़ती है, और इसे भगवान गणेश की

कृपा प्राप्त करने के लिये विशेष पूजा, रथ यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। वर्षों से यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देता आया है, जिससे कई सार्वजनिक संस्थानों में कार्य समय में परिवर्तन होता रहा है।

भारत सरकार ने प्रत्येक वर्ष के सार्वजनिक अवकाश को निर्धारित करने

के लिये केंद्रीय और राज्य स्तर पर एक समन्वय समिति स्थापित की है। इस समिति के आदेशों के अनुसार, यदि कोई पर्व राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हो तो वह केंद्रीय अवकाश बनता है, अन्यथा प्रत्येक राज्य अपनी सामाजिक-धार्मिक परिस्थितियों के आधार पर अतिरिक्त छुट्टियों की घोषणा करता है। 2026 की कैलेंडर में गणेश चतुर्थी को आधिकारिक रूप से

सार्वजनिक अवकाश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, परंतु इस पर राज्य‑स्तर के शैक्षणिक निर्णय अभी भी जारी नहीं किए गये हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने 14 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्यता दी है और साथ ही राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को बंद रहने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग के सचिवालय

द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस में स्पष्ट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि इस तिथि को सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक संस्थानों में सामान्य कार्य नहीं होगा। हालांकि निजी विद्यालयों को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य नहीं माना गया, परंतु कई प्रमुख निजी शैक्षणिक संस्थानों ने भी समान रूप से छुट्टी देने का संकेत दिया

है।

कर्नाटक में भी गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, परंतु शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को इस दिन खुला रहने की अनुमति है। यह नीति मुख्यतः राज्य के शैक्षणिक कैलेंडर में पहले से निर्धारित परीक्षाओं और सत्र की समाप्ति की तिथियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

निजी विद्यालयों ने इस दिशा‑निर्देश का पालन कर या नहीं कर, यह प्रत्येक संस्थान की प्रबंधन नीति पर निर्भर करता है। तेलंगाना में भी समान स्थिति है, जहाँ सार्वजनिक कार्यालय बंद रहने के बावजूद कई स्कूल खुले रहने की घोषणा कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में गणेश चतुर्थी को स्थानीय स्तर पर विशेष महत्व दिया

जाता है, परंतु राज्य सरकार ने इसे सार्वभौमिक सार्वजनिक अवकाश नहीं घोषित किया है। इसलिए स्कूलों की कार्यवाही में विविधता स्पष्ट है; कुछ जिलों में छुट्टी दी जा रही है, जबकि अन्य में शिक्षण जारी रहेगा। इस असंगतता के कारण अभिभावकों ने सामाजिक मंचों पर अपने प्रश्न उठाए हैं, जिससे शिक्षा विभाग को स्पष्ट उत्तर देने का दबाव बढ़ा

है।

विभिन्न राज्य सरकारों के आदेशों के अलावा, केंद्रीय बोर्ड ऑफ मिडिया एडुकेशन (CBME) ने भी इस तिथि पर शैक्षणिक कैलेंडर में संभावित बदलावों की सूचना जारी की है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई राज्य स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लेता है, तो वह उस तिथि को पुनः शिक्षण सत्र में समाहित करने के लिये अतिरिक्त

कक्षाएँ या वैकल्पिक तिथि निर्धारित कर सकता है। इस प्रकार का लचीलापन शैक्षणिक निरंतरता को बनाए रखने के लिये आवश्यक माना गया है।

विद्यार्थी अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर विभिन्न अफ़वाहों के कारण भ्रमित होने की शिकायत की है। कई समूहों में कहा गया कि सभी स्कूल बंद रहेंगे, जबकि अन्य में बताया गया कि केवल सरकारी संस्थानों

में ही छुट्टी होगी। इस स्थिति को देखते हुए कई विद्यालयों ने अपने आधिकारिक वेबसाइटों और सूचना बोर्डों पर स्पष्ट सूचनाएँ पोस्ट की हैं। उदाहरण के तौर पर मुंबई के एक प्रमुख निजी स्कूल ने बताया कि वह गणेश चतुर्थी पर अपनी नियमित कक्षाओं को जारी रखेगा, परंतु अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगा।

शिक्षकों की संघों ने भी

इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महाराष्ट्र में शिक्षक संघ ने कहा है कि सार्वजनिक अवकाश के कारण वे अपने पारिवारिक कर्तव्यों को बेहतर रूप से निभा सकेंगे, जिससे मनोवैज्ञानिक लाभ होगा। वहीं कर्नाटक के शिक्षक संघ ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक कैलेंडर

Updated: September 13, 2026


School closures on Ganesh Chaturthi vary across India, with Maharashtra confirming a full holiday for all government schools, while Karnataka and Telangana keep institutions open and Uttar Pradesh’s decision differs by district. The patchwork of state directives has sparked confusion among parents and students, prompting calls for clear official guidance.

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