बीतते कई वर्षों में दिल्ली‑बिहार रेलमार्ग पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विशेषकर दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्यौहारों के समय, प्रवासियों की भीड़ अत्यधिक होती है और कई बार ट्रेनें ओवरबुक हो जाती हैं। इस पृष्ठभूमि में, भारतीय रेल ने 2024‑25 वित्तीय वर्ष के अंतर्गत इस मार्ग के लिए अतिरिक्त कोच और नई ट्रेनें जोड़ने का प्रस्ताव रखा, जिसका मुख्य उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा है।
आरा जंक्शन, जो उत्तर प्रदेश‑बिहार की सीमा पर स्थित है, इस बार चार नई जोड़ी विशेष ट्रेनों का हब बन जाएगा। इन ट्रेनों में प्रत्येक कोच में एसी, सेक्शनल स्लीपर और सामान्य वर्ग के विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे विभिन्न आर्थिक वर्ग के यात्रियों को समान अवसर मिलेगा। प्रारम्भिक योजना के अनुसार, ये ट्रेनें दुर्गापूजा के पहले सप्ताह में चालू होंगी, उसके बाद दीपावली और छठ के दौरान अतिरिक्त सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।
पहली पूजा स्पेशल ट्रेन ने 30 सितंबर को नई दिल्ली से प्रस्थान किया, जिसमें लगभग 1,200 यात्रियों ने सीटें बुक कीं। ट्रेन में यात्रा करते समय कई परिवारों ने अपने बच्चों को साथ लाकर उत्सव के माहौल को जीवंत किया। एक वरिष्ठ यात्री, रामकुमार सिंह, ने कहा कि “पहले हमें दो‑तीन घंटे का इंतजार करना पड़ता था, अब नई ट्रेन से यात्रा आरामदायक और समय पर होगी।” उनकी बातों में यह स्पष्ट था कि इस नई सुविधा से उनका मनोबल बढ़ा है।
दूसरी ट्रेन का संचालन 2 अक्टूबर को हुआ, जब दिल्ली से लगभग 1,500 यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया। ट्रेन के भीतर एक विशेष पूजा कक्ष भी स्थापित किया गया, जहाँ यात्रियों को छोटे‑छोटे धार्मिक अनुष्ठान करने की सुविधा दी गई। इस पहल को कई धर्मशास्त्री ने सकारात्मक रूप से देखा, क्योंकि इससे यात्रा के दौरान भी आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त हो सकती है। यात्रियों ने बताया कि इस व्यवस्था ने उन्हें यात्रा के तनाव को कम किया।
तीसरी और चौथी ट्रेनें क्रमशः 5 और 7 अक्टूबर को चलायी गईं, और इनका भराव भी लगभग पूरी क्षमता पर रहा। इन यात्राओं में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड और मेडिकल टीम तैनात की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष पहल में सफ़रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिससे दुर्घटना और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को न्यूनतम रखा जा सके। कई यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “सुरक्षा की भावना के साथ यात्रा करना अब हमारे लिए सहज हो गया है।”
रेलवे के उच्चाधिकारियों ने इस नई योजना को लागू करने के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट किया। मुख्य रेल नियंत्रक, अनिल कुमार, ने कहा कि “हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा है, विशेषकर त्योहारों के दौरान। इस योजना से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि समय पर पहुंचने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए बताया कि भविष्य में अन्य प्रमुख मार्गों पर भी ऐसी विशेष ट्रेनें चलाने की योजना है।
बजट विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित किया गया है, जिससे कोच, रेस्ट्रॉन्ट और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया गया। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, क्योंकि अधिक लोग सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा कर पाएँगे। यह आर्थिक लाभ विशेषकर छोटे व्यापारियों और स्थानीय विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
सामाजिक स्तर पर, इस नई व्यवस्था का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। कई प्रवासी परिवारों ने बताया कि अब वे अपने प्रियजनों से मिलते‑जुलते समय की कमी नहीं महसूस करेंगे, जिससे सामाजिक बंधन मजबूत हो रहे हैं। महिला यात्रियों ने विशेष रूप से सुरक्षा उपायों की सराहना की, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव अधिक सुरक्षित हुआ। इस पहल ने महिलाओं को भी अधिक स्वतंत्र रूप से यात्रा करने की प्रेरणा दी, जिससे सामाजिक समानता में योगदान की संभावना बढ़ी है।
राजनीतिक दृष्टि से, इस कदम को केंद्र सरकार की यात्रा सुविधाओं के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने भी इस कदम की प्रशंसा की, जबकि कुछ ने कहा कि यह केवल अस्थायी उपाय है और दीर्घकालिक समाधान के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार आवश्यक है। कई सांसदों ने कहा कि भविष्य में ऐसी ही विशेष ट्रेनों को अन्य प्रमुख मार्गों पर भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर यात्रा अनुभव समान हो सके।
आर्थिक प्रभाव की बात करें तो, इस नई व्यवस्था से रेलवे की आय में संभावित वृद्धि देखी
Updated: September 11, 2026
Four “Pooja Special” trains linking Delhi to Ara Junction will run during Durga Puja, Diwali and Chhath, offering AC, sleeper and general coaches plus dedicated prayer rooms to ease festive crowding. Officials say the service boosts safety, punctuality and passenger comfort, while easing travel bottlenecks for migrants heading to Uttar Pradesh and Bihar.
Insight: These “Pooja Special” trains turn seasonal crowding into a catalyst for social cohesion, letting migrant families reunite without the usual weeks‑long wait and subtly reshaping travel norms for women and lower‑income passengers.
If the model proves financially sustainable, it could become a template for using festival spikes
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