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PM मोदी-पुतिन एक ही कार से इंदौर पहुंचे, INNOPROM में भारत-रूस औद्योगिक सहयोग पर चर्चा

भारत और रूस के बीच मित्रता का नया अध्याय शुक्रवार को दो प्रमुख नेताओं की एक ही वाहन में यात्रा से स्पष्ट हुआ। नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ही कार में सवार होकर उत्तर प्रदेश

के औद्योगिक केंद्र इंदौर स्थित INNOPROM प्रदर्शनी स्थल की ओर रुख किया। इस दृश्य ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक सहयोग की प्रतीकात्मकता को उजागर किया, जहाँ दो देशों के नेत्री एक साथ मंच पर कदम रखे।

द्विपक्षीय बैठक का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग

और व्यापारिक समझौतों को सुदृढ़ करना था। वार्ता में एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती प्रभावशीलता को लेकर साझा चिंताओं पर चर्चा हुई और सामरिक उपकरणों के आदान‑प्रदान, ऊर्जा निर्यात‑आयात तथा उच्च प्रौद्योगिकी साझेदारी को नई दिशा देने पर सहमति बनी। इस बैठक से पहले, दोनों देशों ने

कई बार संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा उपकरणों की खरीद‑बेच पर समझौता किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सहयोग का दायरा केवल राजनयिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी भी है।

वार्ता के बाद, मोदी और पुतिन ने संयुक्त रूप से INNOPROM में भाग लिया,

जो विश्व की प्रमुख औद्योगिक प्रदर्शनी में से एक है। इस मंच पर भारत और रूस दोनों ने अपनी नवीनतम प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिसमें ऊर्जा, रसायन, मशीनरी और डिजिटल समाधान शामिल थे। भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ की पहल के तहत विकसित किए गए औद्योगिक

मॉड्यूल को प्रस्तुत किया, जबकि रूस ने अपनी एयरोस्पेस और परमाणु ऊर्जा तकनीकों को प्रमुखता से दिखाया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का लक्ष्य वैश्विक खरीदारों को एक साथ लाना और B2B संपर्क को सुदृढ़ करना है।

INNOPROM में दोनों नेताओं की उपस्थिति

ने कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी के प्रमुख आयोजकों ने कहा कि इस वर्ष का इवेंट 1,200 से अधिक कंपनियों को एकत्रित करता है, जो कुल 400 मिलियन डॉलर से अधिक का संभावित व्यापार निर्माण कर सकता है। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में रूसी

निवेशकों ने भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। इसी दौरान, भारतीय औद्योगिक प्रतिनिधियों ने रूसी बाजार में प्रवेश के लिए नई रणनीतियों की रूपरेखा तैयार की, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन‑देन में संभावित वृद्धि का संकेत मिला।

इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में कई प्रमुख उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों ने भी भाग लिया। भारतीय उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत-रूस आर्थिक साझेदारी में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने के लिए यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच वस्तु‑से‑वस्तु

व्यापार को बढ़ाने के लिए विशेष आर्थिक जोन स्थापित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। रूसी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से दोनों देशों की औद्योगिक क्षमताओं का आदान‑प्रदान तेज़ी से होगा, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

प्रदर्शनी में प्रमुख तकनीकी प्रदर्शनों में भारत की हाई‑टेक कृषि मशीनरी और रूसी की हाई‑सुरक्षा एन्क्रिप्शन तकनीक शामिल थीं। ये नवाचार दोनों देशों की उद्योगिक प्रतिस्पर्धा को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंचों से न

केवल व्यापारिक सौदे होते हैं, बल्कि अनुसंधान एवं विकास सहयोग भी मजबूत होता है, जो दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि में योगदान देता है।

द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं की संयुक्त यात्रा पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। भारतीय विपक्षी दल ने इस कदम को भारत की

विदेश नीति में रूसी पक्षपात का संकेत माना, जबकि कुछ विश्लेषकों ने इसे वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के रूप में सराहा। रूसी मीडिया ने इस यात्रा को भारत-रूस संबंधों की नयी गर्मजोशी के रूप में चित्रित किया और दोनों देशों के

सहयोग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अटूट बंधन कहा।

अमेरिकी और यूरोपीय राजनयिक सूत्रों ने इस विकास को एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में एक कदम माना। उन्होंने कहा कि भारत‑रूस के बीच बढ़ते

Updated: September 11, 2026


Prime Minister Narendra Modi and President Vladimir Putin rode together to the INNOPROM expo in Indore, underscoring a deepening strategic partnership that spans defence, energy and high‑tech trade. The joint appearance highlighted a coordinated push to expand Indo‑Russian economic ties and counterbalance China’s growing influence in the Indo‑Pacific.

Insight: Modi‑Putin sharing a single car at INNOPROM signals a deliberate pivot toward a joint industrial‑security bloc that can counterbalance China’s Pacific surge.
If the symbolic ride translates into concrete tech‑exchange pipelines, New Delhi could leverage Russian aerospace and encryption expertise to fast‑track its “Make in India”

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