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गयापुर में पितृ पक्ष मेले के लिए नया टेंट सिटी शुरू, बिहार सरकार ने व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं को किया मजबूत

गयापुर में आज सुबह को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पितृ पक्ष मेले की तैयारियों की समीक्षा की और साथ ही नया तंबू शहर उद्घाटन किया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु और प्रवासी परिवार एकत्र हुए, जो पितरों को स्मरण करने के लिए इस पावन अवधि में गयापुरी धाम की ओर आकर्षित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्घाटन समारोह में कहा कि सरकार इस धार्मिक यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने हेतु हर संभव कदम उठा रही है। तंबू शहर के निर्माण से प्रवासियों को ठहरने की उचित सुविधा मिल जाएगी, जिससे भीड़भाड़ और असुविधा में कमी आएगी।पितृ पक्ष, हिन्दू पंचांग के अनुसार, पूर्वजों को स्मरण करने और उन्हें अन्न, फल, जल तथा पिठा अर्पित करने का पवित्र समय है। गयापुरी धाम, जहाँ पवित्र गंगा का संगम है, इस अवधि में देशभर से बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है। पिछले वर्षों में भीड़भाड़ और अस्थायी आवास की कमी के कारण कई बार असुविधा की रिपोर्टें सामने आई थीं, जिससे प्रशासन को व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता का एहसास हुआ। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, बिहार सरकार ने पिछले साल से ही पितृ पक्ष मेले के लिए विशेष प्रबंधों की योजना बनाना शुरू किया, जिसमें स्वास्थ्य, सुरक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रमुख रहे हैं।

वर्ष 2023 में गयापुरी धाम में लगभग दो लाख श्रद्धालु पहुँचे थे, जिनमें से कई ने दूरस्थ शहरों से यात्रा की। इस तीव्र प्रवाह ने स्थानीय प्रशासन पर अत्यधिक दबाव डाला था, विशेषकर ट्रैफ़िक प्रबंधन, जल-शौचालय सुविधाएँ और चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, राज्य ने 2024 के पितृ पक्ष मेले के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना

तैयार की, जिसमें तंबू शहर का निर्माण, मोबाइल क्लिनिक, पुलिस बटालियन और आपातकालीन प्रबंध शामिल थे। यह योजना सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी एवं सामाजिक संस्थानों के सहयोग से तैयार की गई थी, जिससे समग्र व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही थी।

मुख्यमंत्री ने आज सुबह गयापुरी धाम के प्रवेश द्वार पर स्थित बड़े तंबू शहर का निरीक्षण किया, जहाँ विभिन्न आकार के तंबुओं में श्रद्धालुओं को ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने देखा कि प्रत्येक तंबू को साफ-सुथरा रखा गया है, जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित है और बिजली की सुविधाएँ भी उपलब्ध करवाई गई हैं। तंबू शहर के भीतर भोजनालय, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी स्थापित

हैं, जिनका संचालन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने किया है। इस निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और मेले के आयोजन समिति के प्रमुखों से बातचीत की, जिससे उन्हें कार्यवाही की वास्तविक स्थिति का पता चला।

तंबू शहर के निर्माण में लगभग 1500 मीटर लंबाई का विस्तृत कैनवास उपयोग किया गया है, जिसमें जलरोधक और अग्निरोधी सामग्री का विशेष ध्यान रखा गया है। इस संरचना को स्थानीय कारीगरों ने दो सप्ताह की कठोर मेहनत से स्थापित किया, और आज इसका उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तंबू शहर को 30 दिनों तक चलाने की योजना है, जिससे सभी श्रद्धालु मेले के दौरान आरामदायक एवं सुरक्षित माहौल में भाग ले सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मेले के दौरान नियमित रूप से सफाई और रखरखाव कार्य किया जाएगा, ताकि स्वच्छता मानकों को बनाए रखा जा सके।

समारोह में उपस्थित स्थानीय व्यापारियों और विक्रेताओं ने भी तंबू शहर के निर्माण को सराहा, क्योंकि इससे उन्हें स्थायी ठिकाने पर अपनी दुकानें स्थापित करने का अवसर मिला। कई छोटे उद्यमी ने अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष स्टॉल लगाये, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि आसपास के गाँवों और कस्बों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस दिशा में, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भविष्य में भी इस प्रकार के मेले में स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए और अधिक उपाय करेगी।

मुख्यमंत्री ने पितृ पक्ष मेले की समग्र व्यवस्था पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की और कहा कि यह आयोजन धार्मिक संवेदनाओं के साथ-साथ सामाजिक-सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस बड़े पैमाने पर मेले की तैयारियों को

सफलतापूर्वक संपन्न किया। साथ ही, उन्होंने प्रवासियों को यह संदेश दिया कि वे मेले के दौरान नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्वच्छता को बनाए रखें। इस बात पर बल दिया गया कि सुरक्षा कारणों से पुलिस और ट्रैफ़िक पुलिस ने विशेष रूट और प्रवेश निकास निर्धारित कर रखे हैं, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

मेले में उपस्थित प्रमुख धार्मिक नेताओं ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि तंबू शहर की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ शारीरिक आराम भी प्राप्त होगा।

Updated: September 25, 2026

The new tent city provides organized accommodation, water, electricity and medical services for the large influx of pilgrims during the Pitri‑Paksh fair.
Its opening aims to reduce crowding, improve sanitation and support local vendors.

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