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दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ के लिए रेलवे ने 18 स्पेशल पूजा ट्रेनें शुरू कीं

दिल्ली, कोलकाता और सियालदह से बिहार तक विशेष रूप से दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रख कर भारतीय रेलवे ने 18 विशेष पूजा ट्रेनों का आयोजन किया है। इन ट्रेनों को विभिन्न प्रमुख रूटों पर चलाने का निर्णय इस वर्ष की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा सुविधा

के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरकारी सूचना विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विशेष रूप से पूर्वी भारत में इन तीन प्रमुख त्यौहारों के दौरान रेलवे को पहले से अधिक यात्रियों की मांग का सामना करना पड़ रहा था, जिससे इस पहल की आवश्यकता स्पष्ट हुई।

पिछले कई वर्षों में धार्मिक त्यौहारों के मौसम

में रेलवे को भारी भीड़, सीटों की कमी और अस्थायी प्लेटफ़ॉर्म समस्याओं का सामना करना पड़ा है। विशेष रूप से दुर्गा पूजा और छठ के समय, उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच प्रवास की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2022‑23 में रेलवे की आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया कि इन तीन प्रमुख त्यौहारों

के दौरान कुल यात्रियों की संख्या सामान्य महीने की तुलना में 35 % अधिक रही। ऐसी स्थितियों में यात्रियों को असुविधा और देरी का सामना करना पड़ा, जिससे रेलवे ने इस साल के लिए विशेष ट्रेनों की योजना बनाई।

संबंधित पृष्ठभूमि को समझने के लिए यह देखना आवश्यक है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के

कई जिलों में धार्मिक उत्सवों की अवधि में प्रवास का पैटर्न पारंपरिक रूप से रेलवे पर निर्भर रहा है। इन क्षेत्रों की आर्थिक संरचना कृषि और छोटे उद्योगों पर आधारित है, जिससे लोग अपने घरों में आयोजित पूजा‑समारोहों में भाग लेने के लिये अक्सर दूरस्थ शहरों से यात्रा करते हैं। इस प्रवास की मुख्य रूटें हावड़ा‑रक्सौल,

सियालदह‑पटना और कोलकाता‑पटना के बीच हैं, जो पहले ही भीड़‑भाड़ की समस्या को उजागर करती थीं।

रेलवे ने इस बार 18 विशेष पूजा ट्रेनों को विभिन्न वर्गों में विभाजित किया है। इनमें एसी, एसी 2‑तीर और सामान्य वर्ग की ट्रेनें शामिल हैं, जिससे सभी वर्ग के यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिल सके। हावड़ा‑रक्सौल रूट

पर 03041 और 03042 क्रमांक की दो ट्रेनें 15 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेंगी, जिनमें प्रमुख स्टेशनों जैसे झाजा, सियालदह और बोधगया पर ठहराव तय है। इसी प्रकार कोलकाता‑पटना रूट पर भी चार स्पेशल ट्रेनों को निर्धारित किया गया है, जो सभी प्रमुख बिंदुओं पर कम से कम दो घंटे का विराम देंगी।

आसनसोल मंडल के

सूचना पदाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि इन विशेष ट्रेनों की योजना में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को मुख्य मानदंड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ट्रेन में अतिरिक्त बगल‑बगल बाथरूम, पावर आउटलेट और स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाया गया है। साथ ही, टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सरल बनाया गया

है, जिससे ऑनलाइन आरक्षण की दर में 20 % की वृद्धि की उम्मीद है। इन उपायों के माध्यम से रेलवे ने भीड़‑भाड़ को कम करने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा है।

मुख्य घटनाक्रम में यह भी उल्लेखनीय है कि रेलवे ने इन स्पेशल ट्रेनों के लिए विशेष रूप से अतिरिक्त स्टाफ़

की व्यवस्था की है। प्रत्येक रूट पर दो अतिरिक्त नियंत्रक और सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए गए हैं, जो यात्रियों की सहायता और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, ट्रेन संचालन के दौरान रियल‑टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को सक्रिय किया गया है, जिससे ट्रेन की गति, समय‑सारिणी और प्लेटफ़ॉर्म की स्थिति को निरंतर अपडेट किया

जा सके। इस तकनीकी समर्थन से संभावित देरी को न्यूनतम किया जा रहा है।

इन ट्रेनों के बारे में विभिन्न सामाजिक समूहों की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही हैं। धार्मिक यात्रियों ने इस कदम को सराहा, यह कहा कि अब उन्हें भीड़‑भाड़ के कारण यात्रा में असुविधा नहीं होगी। वहीं कुछ यात्रियों ने टिकट की कीमत में

संभावित वृद्धि के प्रति चिंता जताई, क्योंकि विशेष ट्रेनों में एसी वर्ग की कीमतें सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक रखी गई हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानीय व्यापारी ने आशा व्यक्त की कि बढ़ी हुई यात्रियों की संख्या से उनके व्यापार में भी सुधार होगा, विशेषकर स्टेशन के निकट स्थित खाद्य और वस्तु विक्रेताओं को।

रेलवे अधिकारियों ने इन प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए मूल्य निर्धारण में लचीलापन दिखाने का आश्वासन दिया। केंद्रीय रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विशेष ट्रेनों के किराए को आर्थिक वर्ग के यात्रियों के लिये सुलभ रखने की पूरी कोशिश की जाएगी, साथ ही एसी वर्ग में अधिक सुविधा प्रदान करने के लिये अतिरिक्त

शुल्क उचित माना गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन ट्रेनों की आय का एक हिस्सा सामाजिक विकास परियोजनाओं में पुनः निवेश किया जाएगा।

राजनीतिक दायरे में इस कदम को कई नेताओं ने सकारात्मक रूप से देखा है। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल

Updated: September 13, 2026


Indian Railways will run 18 special “puja” trains across key eastern routes from mid‑October to late November, adding extra coaches, staff and digital ticketing to ease the surge of pilgrims during Durga Puja, Diwali and Chhath. The move, hailed by travelers and officials, aims to cut overcrowding while keeping fares affordable for budget passengers.

The special pilgrimage trains increase capacity during peak festival periods, addressing the 35 % surge in passenger volumes reported by Indian Railways. Enhanced amenities and staffing aim to reduce crowding and improve travel reliability on key eastern routes.

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