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बेंगलुरु: एरोपोर्ट रोड पर दोपहिया से प्रतिबंध

बेंगलुरु शहर के प्रमुख एरोपोर्ट रोड और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी फ्लाईओवर पर दोपहिया वाहन प्रतिबंध की घोषणा, बीटीपी ने पिछले हफ्ते की। यह कदम पाँच मुख्य ऊँचाई वाले राजमार्गों पर लागू किया गया, जिससे ट्रैफ़िक की गति और सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। अधिकारी बताते हैं कि

प्रतिबंध का उद्देश्य भीड़भाड़ कम करना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को न्यूनतम करना है। इस निर्णय के बाद, दोपहिया चालकों ने विरोध व्यक्त किया, जबकि व्यापार संघों ने संभावित आर्थिक नुकसान का उल्लेख किया।

बेंगलुरु ट्रैफ़िक पुलिस (BTP) ने पहले भी कई उच्च-धारक मार्गों पर वाहन प्रतिबंध लागू किए

थे, लेकिन यह पहला बार है जब दोपहिया वाहनों को पूरी तरह से बाहर किया गया है। एरोपोर्ट रोड, जो शहर के प्रमुख हवाई अड्डे को मध्यस्थ क्षेत्र से जोड़ता है, लगभग 15 किलोमीटर लंबा है और दैनिक औसत ट्रैफ़िक 2.5 लाख वाहन है। इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी फ्लाईओवर, आईटी

कंपनियों का केंद्र, लगभग 8 किलोमीटर तक फैला है और यहाँ का ट्रैफ़िक पीक समय में अत्यधिक जाम रहता है। इन दोनों मार्गों पर दोपहिया वाहन प्रतिबंध का असर व्यापक माना जा रहा है।

पिछले कुछ महीनों में इन एलीवेटेड कॉरिडोरों पर कई गंभीर दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें दोपहिया चालकों

की मृत्यु और गंभीर चोटें शामिल थीं। बीटीपी ने इस डेटा को प्रतिबंध का प्रमुख कारण बताया। इसके अलावा, इन मार्गों पर दोपहिया वाहनों की अधिक संख्या से ट्रैफ़िक प्रवाह में बाधा और सार्वजनिक परिवहन के समय-सारिणी में देरी हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि बिना दोपहिया के इन

मार्गों का उपयोग करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते खोजने पड़ेंगे, जिससे शहर के अन्य हिस्सों में भी ट्रैफ़िक बढ़ सकता है।

बीटीपी ने प्रतिबंध को अस्थायी बताया और कहा कि यह परीक्षण चरण के रूप में लागू किया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रतिबंध के

प्रभाव को मापने के लिए एक महीने के डेटा को विश्लेषित किया जाएगा। इस दौरान, एरोपोर्ट रोड और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी फ्लाईओवर पर निगरानी कैमरे और ट्रैफ़िक नियंत्रण केंद्र सक्रिय रहेंगे। बीटीपी के प्रवक्ता ने कहा कि यदि परिणाम सकारात्मक होते हैं, तो प्रतिबंध को स्थायी रूप से लागू

करने की संभावना है। दूसरी ओर, यदि ट्रैफ़िक में अनपेक्षित बढ़ोतरी या आर्थिक नुकसान देखा जाता है, तो नीतियों में पुनर्विचार किया जा सकता है।

दोहपहिया वाहन संघों ने इस प्रतिबंध का कड़ा विरोध किया और कहा कि यह छोटे व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए भारी बोझ बनता

है। उन्होंने बीटीपी से तत्काल इस निर्णय को वापस लेने की मांग की। संघ के प्रमुख ने कहा, हमारे कई सदस्य इस मार्ग पर अपना दैनिक काम करते हैं; प्रतिबंध से उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। इस बीच, कुछ स्थानीय राजनेता भी इस निर्णय की आलोचना कर रहे हैं,

यह कहते हुए कि यह शहरी नियोजन की कमी को दर्शाता है। कई व्यापारिक समूहों ने भी अपनी आवाज़ उठाई, यह संकेत देते हुए कि फ्लाईओवर के चारों ओर के बाजार और रेस्टोरेंट्स को संभावित घाटे का सामना करना पड़ेगा।

शहर के प्रमुख उद्योग संघों ने भी प्रतिबंध पर

टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहनों को पूरी तरह से हटाने से कर्मचारियों की यात्रा में कठिनाई होगी, विशेषकर वे जो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं कर पाते। उन्होंने बीटीपी को वैकल्पिक उपाय, जैसे विशेष लेन या समय-सीमा आधारित प्रतिबंध, अपनाने का सुझाव दिया। इन संगठनों ने

कहा कि यदि प्रतिबंध को लागू किया गया, तो सार्वजनिक बस और मेट्रो के अतिरिक्त संचालन की जरूरत होगी, जिससे बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। संघों ने यह भी कहा कि इस निर्णय के कारण शहर की आर्थिक गतिशीलता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

राजनीतिक दलों ने भी

इस मुद्दे पर अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। विपक्षी दल ने इस कदम को असंगत और अंधाधुंध कहा, जबकि शासक पार्टी ने कहा कि यह सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला निर्णय है। कुछ विधायक ने कहा कि प्रतिबंध से शहर के कुछ क्षेत्रों में रोजगार पर असर पड़ेगा,

विशेषकर छोटे व्यवसायों में। इस बीच, शहर के प्रमुख आर्थिक सलाहकार ने कहा कि यदि दोपहिया प्रतिबंध के कारण सार्वजनिक परिवहन पर दबाव बढ़ता है, तो अतिरिक्त बसें और मेट्रो ट्रेनों की जरूरत होगी, जिससे सार्वजनिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

साम

Updated: September 8, 2026


Summary: Bangalore traffic police have temporarily barred two-wheelers from the busy Airport Road and Electronics City flyover, citing a spike in accidents and congestion on these high‑volume corridors. The move has sparked protests from rider groups and business bodies, who warn of travel hardships and economic losses, while officials say the trial will be assessed after a month to decide if it becomes permanent.

सुरक्षा के मुहाने पर लाती इस कठोरता से दोपहिया यात्रियों की छोटी-मोटी जिंदगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था तंग आ गई है।
यह केवल ट्रैफ़िक नियमों की कहानी नहीं, बल्कि एक अलर्ट है कि शहरी

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