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BRICES सम्मेलन में प्रतिनिधि की अनौपचारिक अनुरोध पर मोदी का सहज प्रतिक्रिया, वीडियो वायरल

ब्रिक्स बिजनेस फ़ोरम के समापन समारोह के बाद, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अनपेक्षित क्षण सोशल मीडिया में तेज़ी से वायरल हो गया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो लेने की प्रतीक्षा में कई महिला प्रतिनिधियों ने बैकड्रॉप के पास इकट्ठा हो गईं। उसी दौरान एक प्रतिनिधि ने

अंग्रेज़ी में पूछा, “कैन वी हैव अ पिक्चर?” यह अनौपचारिक अनुरोध और उसके बाद प्रधानमंत्री का मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया देना, दर्शकों के बीच चर्चा का कारण बन गया। इस घटना को कैमरे में कैद किया गया वीडियो कई प्लेटफ़ॉर्म पर लाखों बार देखा गया, जिससे भारत की राजनयिक शिष्टाचार और सामाजिक संवाद पर नई बहस

छिड़ गई।

ब्रिक्स बिजनेस फ़ोरम, जो प्रत्येक वर्ष विकासशील देशों के आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित किया जाता है, इस वर्ष नई दिल्ली के राजभवन में आयोजित हुआ। इस मंच पर विश्व के प्रमुख अर्थशास्त्रियों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं ने आर्थिक वृद्धि, व्यापार प्रोत्साहन और सतत विकास के विषय पर विचार-विमर्श किया। इस

वर्ष के फ़ोरम में भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों की प्रगति की रिपोर्टें प्रस्तुत कीं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न क्षेत्रों की महिला उद्यमी और विशेषज्ञ शामिल थीं, जिन्होंने मंच के दौरान अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।

फोरम के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत की भूमिका और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। भाषण के बाद, उपस्थित सभी प्रतिनिधियों को एक साथ फोटो खिंचवाने का अवसर प्रदान किया गया। इस दौरान, बैकड्रॉप के पास खड़ी कई महिला प्रतिनिधियों ने क्रमशः फोटो के लिए अपने-अपने स्थान सुरक्षित किए। मंच की

सजावट और प्रकाश व्यवस्था ने इस दृश्य को और अधिक प्रभावशाली बना दिया, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल बना रहा।

जैसे ही महिला प्रतिनिधियों में से एक ने “कैन वी हैव अ पिक्चर?” कहा, कई दर्शकों ने तुरंत कैमरों को चालू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी झिझक के उस अनुरोध को स्वीकार

किया और मुस्कुराते हुए महिला प्रतिनिधियों के साथ खड़े हो गए। इस क्षण को कैद किया गया वीडियो दर्शकों को दिखाता है कि प्रधानमंत्री किस तरह से सहज और मित्रवत माहौल बनाए रखते हैं। इस दौरान अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने मोबाइल फोन से फोटो खींचना शुरू किया, जिससे मंच पर एक जीवंत माहौल बन

गया।

वीडियो के अंत में देखा गया कि कई महिला प्रतिनिधियों ने खुशी से “वी आर ऑल सो लकी” कहा, जो इस क्षण की उत्सुकता को दर्शाता है। इस अभिव्यक्ति को सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने साझा किया और टिप्पणी में इसे भारत की युवा और विविधता को प्रतिबिंबित करने वाला क्षण बताया। इस छोटे

से संवाद ने यह भी उजागर किया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भाषा और संवाद के स्वरूप में बदलाव आया है, जहाँ अनौपचारिकता को भी सम्मान के साथ स्वीकार किया जा रहा है। इस घटना ने कई पत्रकारों को इस पहलू पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

समुदाय में इस वीडियो के प्रसारण के बाद विभिन्न

सामाजिक वर्गों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएँ दीं। कुछ ने इसे भारत की खुलेपन और लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक कहा, जबकि अन्य ने इस प्रकार की अनौपचारिक भाषा को अंतरराष्ट्रीय मंचों में अनुचित मानते हुए आलोचना की। ऑनलाइन मंचों पर इस विषय पर चर्चा के दौरान, कई उपयोगकर्ताओं ने इस संवाद को ‘संचार का नया रूप’ बताया,

जबकि कुछ ने इसे ‘भाषाई शिष्टाचार के मानकों को कमज़ोर करने वाला’ कहा। इस बीच, कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने इस क्षण को “डिप्लोमैटिक शिष्टाचार में एक नया आयाम” के रूप में प्रस्तुत किया।

मुख्य समाचार एजेंसियों ने इस घटना को विस्तृत रूप से रिपोर्ट किया। भारतीय राष्ट्रीय टेलीविज़न (एनटीवी) ने इस वीडियो को प्रमुख समाचार

बुलेटिन में दिखाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री की यह सहज प्रतिक्रिया दर्शकों को सकारात्मक संदेश देती है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रेस एजेंसियों ने इसे “एक अनौपचारिक लेकिन मैत्रीपूर्ण संवाद” के रूप में उल्लेख किया। इस प्रकार, विभिन्न मीडिया चैनलों ने इस घटना को अपने-अपने दृष्टिकोण से पेश किया, जिससे जनता में इस पर व्यापक जागरूकता उत्पन्न

हुई। इस बीच, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर इस वीडियो को 24 घंटे में लाखों व्यूज मिलते दिखे।

राजनीतिक विश्लेषकों ने इस क्षण को भारत की विदेश नीति में ‘सॉफ्ट पावर’ के बढ़ते उपयोग के संकेत के रूप में समझा। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनौपचारिक संवाद शैली विदेशी प्रतिनिधियों के साथ विश्वास निर्माण में सहायक

हो सकती है। आर्थिक विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकार की खुली बातचीत निवेशकों को भारत के व्यापारिक माहौल की लचीलापन का संकेत देती है। सामाजिक वैज्ञानिकों ने इस घटना को ‘सांस्कृतिक समन्वय’ का एक उदाहरण माना, जहाँ विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले प्रतिनिधियों के बीच सहज संवाद

Updated: September 12, 2026


PM Modi’s warm response to delegates’ informal photo request at the BRICS Business Forum closure sparked a viral media frenzy. The incident ignited a polarized debate on diplomatic etiquette, with netizens divided between praising it as soft power diplomacy and criticizing it as a breach of protocol.

Insight: पारंपरिक राजनयिक औपचारिकताओं को तोड़कर ऐसा सहज संवाद, भारत की बढ़ती ‘सॉफ्ट पावर’ और खुले समाज का प्रतीक बन गया है।
यह क्षण सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि विकासशील देशों के नेतृत्व किन करीबी