के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अपनी बात रखी, जहाँ उन्होंने 30 हजार से अधिक प्रतिबंधों के बावजूद रूस की आर्थिक संप्रभुता को सुदृढ़ करने का उल्लेख किया। दोनों नेताओं के बयानों ने इस वर्ष के ब्रिक्स व्यापार फोरम को वैश्विक आर्थिक दिशा‑निर्देशों की नई धारा में बदल
दिया।
ब्रिक्स समूह, जो ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बना है, पिछले कुछ वर्षों में अपने व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने के प्रयासों में सक्रिय रहा है। 2021 में स्थापित ब्रिक्स बैंकर एक्शन ग्रुप ने मौद्रिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए कई
पहलें शुरू कीं, और 2023 में ब्रिक्स वार्षिक व्यापार मंच ने सदस्य देशों के बीच निर्यात‑आयात में 15 % की वृद्धि को लक्ष्य रखा था। हालांकि, COVID‑19 महामारी, यूक्रेन‑रूस संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बाधा डाली।
इसी संदर्भ
में, पिछले वर्ष ब्रिक्स देशों ने वस्तु एवं सेवा व्यापार में मौद्रिक अस्थिरता और प्रतिबंधों को कम करने के लिए कई द्विपक्षीय समझौते किए थे। भारत ने अपने निर्यात‑आयात को वैकल्पिक मुद्रा में निपटाने की दिशा में कई कदम उठाए थे, जबकि रूस ने ऊर्जा निर्यात को
विविधित करने की नीति अपनाई थी। अब, इन पहलों को सुदृढ़ करने हेतु नई रणनीति की आवश्यकता स्पष्ट हो गई थी, और इस पर फोकस करते हुए मोदी ने अपने तीन मुख्य लक्ष्य प्रस्तुत किए।
पहला लक्ष्य व्यापार रुकावटों को समाप्त करना था, जिसमें कस्टम प्रक्रियाओं
को सरल बनाना और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से दस्तावेज़ीकरण को तेज़ करना शामिल है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सीमा‑परिचालन को डिजिटल लेन‑देन द्वारा सहज बनाया जाएगा, जिससे औसत शिपमेंट समय 30 % तक घटेगा। इस पहल के लिए एक संयुक्त कार्यसमिति का गठन
किया जाएगा, जो प्रत्येक सदस्य देश के नियामक एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी।
दूसरा लक्ष्य स्टार्ट‑अप्स को ब्रिक्स के अन्य बाजारों में प्रवेश दिलाना है, जिसके तहत हर वर्ष कम से कम 100 भारतीय नवाचारियों को नई सीमाओं में विस्तार करने के लिए फंड और मेंटरशिप
प्रदान की जाएगी। इस योजना में ब्रिक्स बैंकर एक्शन ग्रुप द्वारा विशेष लोन सुविधा, साथ ही तकनीकी सहयोग के लिए संयुक्त इनक्यूबेटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। मोदी ने कहा कि इस पहल से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि तकनीकी निर्यात में भी बढ़ोतरी
होगी।
तीसरा लक्ष्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच कारोबारी साझेदारी को गहरा करना है, जिससे वस्तु, सेवा और निवेश के क्षेत्रों में दोहरी सहयोग की मात्रा बढ़ेगी। इस लक्ष्य के तहत एक सामुदायिक ट्रेड प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण होगा, जहाँ छोटे और मध्यम उद्यम अपने उत्पादों को
सीधे अन्य ब्रिक्स बाजारों में प्रदर्शित कर सकेंगे। इस प्लेटफ़ॉर्म को AI‑आधारित मिलान एल्गोरिद्म द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे व्यापारिक मिलान की सटीकता में सुधार होगा।
पुतिन ने इस मंच पर कहा कि पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस को नई आर्थिक रणनीतियों की ओर प्रेरित किया है,
और 30 हजार से अधिक प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने अपनी ऊर्जा निर्यात को नई तकनीकी साझेदारियों के माध्यम से बनाए रखा है। उन्होंने उल्लेख किया कि रूसी कंपनियों ने एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों को अपनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय लेन‑देन में अमेरिकी डॉलर की भूमिका घट
रही है। पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स के साथ आर्थिक सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
भारतीय व्यापार मंत्रालय ने पुतिन के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के खुले ढाँचे का समर्थन करता है और ब्रिक्स के साथ सहयोग को
और सुदृढ़ करने के लिए तैयार है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत ने अपने विदेशी निवेश नीति में सुधार किया है, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश आसान हो गया है।
चीन
Updated: September 11, 2026
– The roadmap targets faster customs, digital documentation and AI‑driven trade matching, aiming to cut shipment times and streamline BRIKS‑wide commerce.
– By supporting startups and joint financing, it seeks to expand cross‑border market access and deepen economic ties among member nations.