नीट परीक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कई दिनों पहले हुई थी, जब छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसके खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया था। इस विरोध को और भी बल मिला जब कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ мор्चा खोला। विरोधकारियों का कहना था कि राज्य सरकार को नीट परीक्षा के खिलाफ कदम उठाने चाहिए और इसके बजाय एक नया प्रवेश परीक्षा प्रणाली लागू करनी चाहिए।
बिहार बंद के दौरान कई जगहों पर झड़पें हुईं और पुलिस ने विरोधकारियों पर लाठीचार्ज किया। कई लोग घायल हुए और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। विरोधकारियों ने सड़कों पर जाम लगाया और सरकारी भवनों पर तोड़फोड़ की। इस दौरान तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर नीट परीक्षा के खिलाफ आवाज उठाई थी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं ने अपने समर्थन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे नीट परीक्षा के खिलाफ हैं और राज्य सरकार को इसके खिलाफ कदम उठाने चाहिए। विरोधकारियों ने मांग की कि नीट परीक्षा को रद्द किया जाए और इसके बजाय एक नया प्रवेश परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। इस दौरान कई छात्र संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और नीट परीक्षा के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
नीट परीक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और विरोधकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने विरोधकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई लोग घायल हुए। विरोधकारियों ने भी पुलिस पर पत्थरबाजी की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तेज प्रताप यादव को हिरासत में लिया गया, जो विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए कई कदम उठाए। पुलिस ने विरोधकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। सरकार ने यह भी कहा कि वह नीट परीक्षा के मुद्दे पर विचार करेगी और इसके बारे में जल्द ही एक निर्णय लेगी।
Insight: यह घटना बिहार की शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करती है। नीट परीक्षा के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन होते रहेंगे।
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