EOU की टीम ने इस बार विस्तृत जाँच के बाद बहुप्रतिनिधि छापेमारी को अंजाम दिया। छापेमारी का लक्ष्य न केवल संपत्ति की पुष्टि करना बल्कि वित्तीय दस्तावेज़ों और बैंक लेन‑देन के रिकॉर्ड को भी हासिल करना था। जांचकर्ताओं ने संपत्ति के कागजात, बैंक स्टेटमेंट, कर रिटर्न और विभिन्न निवेश प्रमाणपत्रों को बराबर किया। इन दस्तावेज़ों से यह स्पष्ट हुआ कि कई संपत्तियों का स्रोत आय से असंगत था।
छापेमारी के दौरान बरामद वस्तुएँ विस्तृत रूप से दर्ज की गईं। कुल मिलाकर 16 बिनाबंदी जमीन, दो बड़ी बेंगलुरु‑ड्राइविंग महंगी कारें, एक लक्सरी सिडान, तथा दो अन्य वाहन मिलते हैं। साथ ही, एक बहु‑मंजिला बंगला, जिसकी कीमत अनुमानित रूप से 5 करोड़ रुपये थी, और 70 लाख रुपये मूल्य के म्यूचुअल फंड इक्विटी पोर्टफोलियो भी कब्जे में आया। इनके अलावा, विभिन्न बहीखाता, अनुबंध और नकद लेन‑देन के प्रमाण भी बरामद किए गए।
छापेमारी की सूचना प्राप्त करने के बाद, विभिन्न सरकारी विभागों ने तुरंत सहयोग किया। पटना के राजस्व कार्यालय ने जमीन की कागजी कार्रवाई की समीक्षा की, जबकि वित्तीय विभाग ने बैंक खातों की निगरानी शुरू की। इस दौरान, स्थानीय पुलिस ने क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित किया और जांच टीम को आवश्यक सुविधा प्रदान की। सभी कार्य क्रमबद्ध और समन्वित रूप से चलाए गए, जिससे प्रक्रिया में कोई देरी नहीं हुई।
बीडीओ विभूति ने अपनी ओर से इन आरोपों को अस्वीकार किया और कहा कि सभी संपत्तियां वैध स्रोतों से प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि बंगला और कारें परिवार के संयुक्त निवेश से खरीदी गईं, और म्यूचुअल फंड में निवेश उनके व्यक्तिगत बचत का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जमीनें बंधक के तहत हैं और उन पर कोई भी अनधिकृत दावा नहीं किया गया है।
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेता हुआ बयान जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कोई भी छूट नहीं मिलेगी और इस तरह की जांचें राज्य की पारदर्शिता को बढ़ाएंगी। बिहार के आयुक्त ने भी इस बात पर बल दिया कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही से ही सार्वजनिक विश्वास बनता है।
वित्त विभाग ने यह स्पष्ट किया कि यदि संपत्तियों की वैधता सिद्ध नहीं होती, तो उन पर जब्ती और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में सभी दस्तावेज़ों की जाँच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा, विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए अधिक कठोर वित्तीय निगरानी लागू की जाएगी।
संबंधित राजनीतिक दलों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। विपक्षी पार्टी के नेता ने सरकार की इस कार्रवाई को सराहा, पर साथ ही कहा कि इस तरह की जांचें केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे सभी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, ruling पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केस न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही निपटाया जाएगा और कोई पूर्वाग्रह नहीं रहेगा।
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