इस महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग पहले से ही जुटे हुए हैं। लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। भरत तिवारी के परिजन, गांव के लोग और यहां तक कि दूर-दूर से आए लोग भी महापंचायत में शामिल हो रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां और भाई से बात की। उन्होंने परिवार का हाल जाना और उनका सम्मान किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि भरत तिवारी की मौत एक बड़ा मुद्दा है और इस कार्रवाई के पीछे के कारणों का पता लगाना जरूरी है।
भरत तिवारी की मां ने कहा, हमारा बेटा एक निर्दोष व्यक्ति था। वह किसी गलती के लिए मारा नहीं गया। हमें लगता है कि कुछ बड़ा हाथ है जो भारत तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेने से बच रहा है।
भरत तिवारी के भाई ने कहा, हमें लगता है कि पुलिस ने ही हमारे भाई को मारा। हमारे पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन हमें लगता है कि गुजरात पुलिस ने एक निर्दोष व्यक्ति को मारा।
प्रशांत किशोर ने कहा, भारत तिवारी की मौत एक बड़ा मुद्दा है। हमें लगता है कि पुलिस की कार्रवाई में कुछ कमियां थीं। हमें लगता है कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी से परे कदम उठाए हैं।
इस महापंचायत में गांव के लोगों ने भरत तिवारी को याद किया और उनकी मौत के लिए पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और भरत तिवारी के परिवार का समर्थन किया।
गांव के अधिवासी गौतम त्यागी ने कहा, हम भरत तिवारी का दु:खी हैं। वह एक अच्छा लड़का था। हमें लगता है कि पुलिस ने गलती की है। हम पुलिस के खिलाफ खड़े हैं और भरत तिवारी के परिवार के लिए न्याय की मांग करेंगे।
इस महापंचायत में स्थानीय नेताओं ने भरत तिवारी के परिवार का समर्थन किया और लोगों को शांति से प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। लोगों ने कहा कि वे भरत तिवारी के परिवार के लिए न्याय की मांग करेंगे और पुलिस के खिलाफ लड़ेंगे।
भरत तिवारी की मौत ने गांव को भारी नुकसान पहुंचाया है। लोगों ने कहा कि वे भरत तिवारी के परिवार के लिए एकजुट होंगे और पुलिस के खिलाफ लड़ेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस को एक बड़ी भूमिका निभानी है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी मौत के लिए न्याय सुनिश्चित करें।
भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में प्रशांत किशोर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भरत तिवारी के परिवार और गांव के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए और न्याय की मांग की।
Insight: भरत तिवारी की मौत के पीछे के कारणों को उजागर करने से न केवल परिवार की विश्वास की स्थापना होगी, बल्कि यह संविधान के प्रतीक भी प्रगट होगा।