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बेतिया सड़क परियोजना पर फिर ग्रहण, वन मंत्रालय से एनओसी नहीं मिलने से पुल निर्माण पर्याय की परिकल्पना

अपने गाँव की सड़क पर चलना अब आसान नहीं हो पाया है. पश्चिम चंपारण जिले में स्थित बेतिया की सड़क परियोजना लगा ग्रहण हो गई है. वन एवं जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने से पुल निर्माण पर्याय की परिकल्पना करनी हो गई है. इसकी वजह से प्रस्तावित सड़क संपर्क परियोजना के दो प्रमुख बिंदुओं पर परेशानी आ गई है- छोटकी पट्टी-बड़गांव और कदमहवा-खैर पोखरा. दोनों भागों में प्रवेश करने की प्रयास करते समय ग्रामीण लोग अब बुरे समय जी रहे हैं.इन दोनों भागों पर पहले से ही जर्जर पुलों की शिकायतें आ रही थी. लेकिन नई परियोजना के माध्यम से बनाने जा रहे पुलों के निर्माण को रोकने की वजह वन एवं जल संसाधन विभाग से एनओसी की समस्या बन गई है. मुख्य सचिव ने भी इस मामले की जांच और पूरी जानकारी देने का कार्य सौंपा है. इससे लगता है कि इस स्थिति को जल्द से जल्द सुलझ़ा लिया जाएगा.

बेतिया की सड़क परियोजना के तहत दो प्रमुख पुलों का निर्माण होना था. इनमें छोटकीपट्टी और बड़गांव के बीच बनाई जाने वाली सड़क और कदमहवा और खैरपोखरा के बीच बनाये जाने वाले पुल शामिल है. दोनों पुल जर्जर स्थिति में थे और लगातार मरम्मत के बावजूद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. इन्हें बदलने के लिए निर्माण विभाग द्वारा नए आरसीसी पुल बनाने का प्रस्ताव किया गया है. लेकिन अब वन मंत्रालय से एनओसी नहीं मिलने से पुल निर्माण पर्याय की परिकल्पना करनी ही मजबूरी हो गई है.

इन दोनों पुलों के बनाने से ग्रामीणों का जीवन आसान हो जाएगा. ग्रामीण अब दूर-दराज़ स्थानों पर भी आसानी से जा पाएंगे. इस परियोजना से सड़क संपर्क में काफी सुधार होगा. लेकिन एनओसी नहीं मिलने की वजह से यह काम भी विफल होता जा रहा है. इससे ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है.

मुख्य सचिव ने भी इस परियोजना की जांच और पूरी जानकारी देने का कार्य सौंपा है. इससे लगता है कि इस स्थिति को जल्द से जल्द सुलझ़ा लिया जाएगा. लेकिन एनओसी नहीं मिलने से अब कार्य पुनः प्रारंभ करने की उम्मीदें काफी कम हो गई है.

प्रस्तावित सड़क परियोजना के तहत बनने वाले पुलों का निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है. इससे उनके व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में परेशानी बढ़ गई है. इस परियोजना के देरी से ग्रामीणों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.

मुख्य सचिव के आदेश पर जांच शुरू हो गई है. कोई भी गलती सामने आते ही उसे तत्काल ध्यान में लेते हुए कार्रवाई की जाएगी.

इस पुलों के निर्माण की देरी ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है. दोनों भागों पर प्रवेश करने के लिए अब ग्रामीण पुलों की मरम्मत कराने का प्रयास करते हुए दूर-दराज़ स्थान पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं.

This development highlights evolving dynamics and may have broader implications in the near term.

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