Press "Enter" to skip to content

बिहार के रोहतास में आशोक धाम मंदिर में भीड़भाड़ से 7 मौत, 14 घायल; मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परिवार को 4 लाख रूपए की सहायता घोषित की

बिहार के रोहतास जिले में स्थित आशोक धाम मंदिर में 22 मार्च को हुए भीड़भाड़ वाले दण्डन में सात श्रद्धालु मार गए और चौदह घायल हुए, यह जानकारी राज्य के पुलिस विभाग ने आधिकारिक बयान में दी। घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक मृतक के रिश्तेदार को चार लाख रुपये की मृत्युदंड राशि देने की घोषणा की। इस निर्णय को सरकारी अधिकारियों ने मानवीय संकट के प्रति तत्काल प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है।आशोक धाम मंदिर, जो भगवान विष्णु को समर्पित एक बड़े धार्मिक परिसर के रूप में जाना जाता है, हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। पिछले कुछ महीनों में, इस मंदिर में विशेष रूप से महा शिवरात्रि और रामनवमी जैसे प्रमुख त्यौहारों के दौरान भीड़ में वृद्धि देखी गई थी। स्थानीय प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के उपायों को सुदृढ़ करने की कई बार घोषणा की थी, परंतु सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूर्ण कार्यान्वयन में कमी बनी रही।

पिछले दो वर्षों में भारत के विभिन्न धार्मिक स्थल पर भीड़भाड़ से संबंधित कई गंभीर घटनाएँ घटी हैं, जिनमें 2022 के कर्नाटक में शिर्जा धाम में हुई भीड़भाड़ से 14 लोगों की मृत्यु हुई थी। इन घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक स्थलों में सुरक्षा मानकों को पुनः जांचने की मांग को बल दिया है। केंद्र सरकार ने भी इस दिशा में विशेष समिति गठित कर सुरक्षा दिशानिर्देश तैयार किए हैं, परंतु राज्य स्तर पर उनका कार्यान्वयन असंगत रहा है।

घटना के समय, मंदिर परिसर में लगभग 3,500 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे, जो विशेष रूप से एक बड़े समारोह में भाग लेने के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस के अनुसार, भीड़भाड़ की स्थिति तब उत्पन्न हुई जब कई लोग एक ही प्रवेश द्वार से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे दबाव बढ़ता गया। सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में असमर्थता जताई, और अंततः कई लोगों को धक्का मार कर गिराने के कारण पैंतालीस मीटर लंबी पंक्तियों में अराजकता फैली।

स्थानीय पुलिस ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को बुलाया और घायल लोगों को निकटतम अस्पताल में भर्ती करवा दिया। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ ही सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ी। कई शहीदों के परिवारों को भी पुलिस द्वारा तत्काल सूचना दी गई, और उन्हें शोक सभा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया गया।

बिहार सरकार ने इस घटना के पश्चात आपातकालीन योजना बनाते हुए, सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में भीड़ नियंत्रण हेतु अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का आदेश जारी किया है। साथ ही, राज्य पुलिस ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए वीडियो निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग और विशेष निकास मार्गों की व्यवस्था को अनिवार्य करने की योजना बताई।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र ही आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार भविष्य में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए विशेष कार्यसमिति बनाएगी। उनके बयान में यह स्पष्ट किया गया कि इस तरह की त्रासदी को दोहराया नहीं जा सकेगा।

विपक्षी दलों के नेता, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल (राष्ट्रवादी) के प्रमुख ने सरकार की सुरक्षा नीतियों में खामियों को उजागर किया और कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल जांच का आदेश देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की।

समान्य नागरिक समूह और धार्मिक संगठनों ने भी इस हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त की। एक प्रमुख धार्मिक सामाजिक संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर धार्मिक स्थलों को अधिक सख्त नियमों के तहत लाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाना चाहिए।

आर्थिक दृष्टिकोण से इस घटना का प्रभाव स्थानीय व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं पर भी पड़ेगा। आशोक धाम के आसपास के छोटे-छोटे व्यापारियों ने कहा कि भीड़भाड़ से उत्पन्न हुए नुकसान के कारण उनकी आय में गिरावट आई है। साथ ही, इस प्रकार की घटनाओं से धार्मिक स्थल पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में संभावित गिरावट का भी जोखिम बनता है, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकता है।

 

The tragedy highlights gaps in crowd‑control measures at large religious gatherings, prompting authorities to tighten safety protocols.

It also triggers immediate financial aid for victims’ families, illustrating governmental response to large‑scale public‑safety incidents.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »
More from बिहार ब्रेकिंग न्यूज़More posts in बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ »