जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने राज्य के नगर विकास और आवास विभाग को नगर आयुक्त द्वारा नगर विकास भवन निर्माण हेतु अनुमति के लिए दिये पत्र निरस्त कर दिया।
अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि पटना नगर निगम के एम पॉवर्ड स्टैंडिंग कमिटी के बिना सहमति के नगर आयुक्त ने नगर विकास भवन के निर्माण स्थानीय ए एन कालेज के पीछे 1.5 एकड़ भूमि पर करने के लिए पत्र जारी किया गया।साथ ही भवन निर्माण विभाग ने निर्माण के टेंडर जारी कर दिया था, जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बगैर एमपॉवर्ड स्टैंडिंग कमिटी की अनुमति के नगर आयुक्त किसी संपत्ति को स्थानांतरित करने का पत्र नहीं जारी कर सकते है।वे निगम के कार्यपालक प्रधान होते हैं।
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कोर्ट ने अधिवक्ता मयूरी के इस तर्क को भी मना कि बिहार municipal एक्ट,2007 में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है,जिसके तहत बाद में अनुमति ली जाए।नगर आयुक्त को ऐसी कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जिसके तहत वे अधिकार का इस प्रकार उपयोग कर सके।इसलिए ये नगर आयुक्त का पत्र और भवन निर्माण के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया गया।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद जल्द ठीक हो कर घर लौटें – सुशील कुमार मोदी 1. राज्य सरकार को उनके स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए और यदि आवश्यक हो, तो बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत दिल्ली भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
2. दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और वंचितों की पार्टी होने का दावा करने वाला राष्ट्रीय जनता दल जब 26 वाँ स्थापना दिवस मना रहा है, तब उसे आदिवासी महिला और झारखंड की पूर्व राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के लिए कुछ बड़ा दिल दिखाना चाहिए। राजद को केवल विरोध के लिए विरोध की नीति त्याग कर राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी श्रीमती मुर्मू के समर्थन में आना चाहिए।
3. सन् 2000 में लालू प्रसाद ने कहा था कि अगर पृथक झारखंड राज्य बना, तो यह उनकी लाश पर बनेगा। बाद में राजनीतिक मजबूरी में उन्होंने बिहार के पुनर्गठन का विधेयक पारित कराया। 21 साल बाद फिर एक अवसर है, जब लालू प्रसाद को राष्ट्रपति के चुनाव में आदिवासी महिला श्रीमती मुर्मू का विरोध करने की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बिहार की राजनीति में दिग्विजय सिंह ‘दादा’ और नरेन्द्र सिंह दो ऐसे शख्सियत हुए हैं जो अपनी राजनीतिक शैली के सहारे लालू प्रसाद और नीतीश कुमार को सीधी चुनौती ही नहीं दी उनके मांद में घुसकर उन्हें हराया है।
दादा तो कई वर्ष पहले इस दुनिया से चले गये और नरेन्द्र सिंह भी अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन बिहार के ऐसे युवा जो राजनीति में कदम रखना चाहते हैं उनके लिए बिहार की राजनीति का ये दो चाणक्य एक ऐसा मूल मंत्र छोड़ कर गये हैं ,जिसके सहारे बिहार जैसे राज्य में भी जहां जाति और समाजिक समीकरण के मजबूत राजनीतिक ताना बाना के बावजूद भी सुचिता के साथ सत्ता में हिस्सेदारी कैसे प्राप्त किया जा सकता है इनके राजनीतिक शैली से आप सीख सकते हैं ।
संयोग ऐसा रहा है कि इन दोनों शख्सियत की राजनीति को नुझे करीब से देखने और समझने का मौका मिला है 2009 के लोकसभा चुनाव में दादा बांका से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन नीतीश कुमार उनका टिकट काट दिया याद करिए नीतीश कुमार की छवि उस समय बिहार में मिस्टर क्लीन और सुशासन बाबू के रूप में था और नीतीश कुमार की राजनीति परवान पर था ऐसी स्थिति में एक तरफ नीतीश कुमार का उम्मीदवार तो दूसरी तरफ लालू प्रसाद का उम्मीदवार चुनावी मैदान में था,और उस स्थिति में दादा नीतीश कुमार की चुनौती को स्वीकार करते हुए नीतीश कुमार को बांका लोकसभा चुनाव में ऐसी पटखनी दिया कि उस हार से फिर नीतीश कुमार उबर नहीं पाये और जदयू का जुमई और बांका में जो गढ़ 2009 में टूटा उस पर आज जदयू की वापसी नहीं हो पाई है।
क्यों कि नीतीश कुमार इन इलाकों में बड़ी मजबूती के साथ यादव राजनीति के खिलाफ अति पिछड़ों की राजनीति को खड़ा किया था और उसके सहारे लालू प्रसाद के गढ़ को पूरी तरह से तबाह कर दिया था लेकिन नीतीश की इसी राजनीति के सहारे दादा ने नीतीश कुमार द्वारा अति पिछड़ा उम्मीदवार देने के बावजूद भी जदयू को भी और राजद के उम्मीदवार को भी हरा दिया । मुझे याद है बिहार में लोकसभा 2009 के चुनाव में जदयू और भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बावजूद भी नीतीश कुमार बांका के हार से इतने विचलित थे कि मीडिया से बात करने तक के लिए बाहर नहीं निकले।
2009 का लोकसभा चुनाव दादा कैसे जीते यह समझने कि जरूरत है नीतीश कुमार दादा के खिलाफ उनके ही सबसे करीबी अति पिछड़ा समाज से आने वाले दामोदर राउत को चुनावी मैदान में उतारा था और प्रदेश के सारे मंत्री को बांका में उतार दिया लेकिन दादा का साफ-सुथरी छवि के साथ साथ अपनी राजनीति शैली की वजह से नीतीश कुमार के पूरी ताकत लगाने के बावजूद अति पिछड़ा, महादलित,सवर्ण और बड़ी संख्या में मुसलमान वोटर मजबूती के साथ दादा के साथ खड़ा रहा और दादा ने राजद और जदयू को के प्रत्याशी को लाखों वोट से हरा दिया ।मतलब आपकी छवि साफ-सुथरी है और बिहार के सामाजिक और जातिगत राजनीति की समझ है तो आपके पास अपनी जाति का वोट हो या ना हो आप बिहार में राजनीति भी कर सकते हैं और विधायक सांसद भी बन सकते हैं। इसी तरह 2020 के विधानसभा चुनाव में भी नरेन्द्र सिंह भले ही नीतीश के साथ आ गये थे लेकिन विधानसभा चुनाव में चकाई विधानसभा क्षेत्र से उनके बेटे का नीतीश कुमार ने टिकट काट दिया और नरेंद्र सिंह की राजनीतिक विरासत खत्म हो जाये इसके लिए सुशील मोदी के साथ मिल कर दादा की बेटी श्रेयसी सिंह को जमुई से टिकट दे दिलवा दिया ताकी राजपूत वोटर नरेन्द्र सिंह के परिवार का टिकट काटने से एग्रेसिव ना हो ।
नीतीश के इस फैसले के पीछे भी वही सोच थी कि इस बार दादा की तरह नरेंद्र सिंह के राजनीतिक विरासत को भी खत्म कर देना है ।इसी चुनाव के दौरान नरेन्द्र सिंह से प्रचार अभियान के दौरान एक गाँव में मुलाकात हो गयी जबकि पहले से कोई तय नहीं था लेकिन मुलाकात हो गयी तो तीन घंटा उसी गाँव में रुक गये वो गाँव मुसलमान और अति पिछड़ा वोटर का था ।
गांव के ही एक दरवाजे पर मुसलमान और अति पिछड़ा दोनों वर्ग के वोटर साथ बैठे थे मेरा परिचय उन मतदाताओं से कराया गया ये संतोष जी है बिहार के प्रखंर पत्रकार हैं मुजफ्फरपुर बालिकागृह वाला मामला यही निकाले थे । ऐ मौलाना सुनो बिहार के एक मात्र यही पत्रकार हैं जो तुम्हारे साथ हमेशा खड़े रहते हैं इन्हें लोग बिहार का रवीश कुमार कहते हैं रवीश कुमार इनके बहुत अच्छे मित्र है । मैं असहज महसूस कर रहा था कि ये मेरा राजनीतिक इस्तमाल करे रहे है मैं निकलना चाह रहा था लेकिन नरेन्द्र सिंह छोड़ने को तैयार नहीं थे तभी वो अपने बॉडीगार्ड से मोबाइल मंगवाये ये देखो संतोष जी का हर खबर पढ़ते हैं देखो कैसे लिखते हैं तुम लोगों के बारे में । ये मेरी तारीफ नहीं कर रहे थे मेरे सहारे ही अपने वोटर को संदेश देना चाहते थे कि मैं धर्मनिरपेक्षता वाली राजनीति में विश्वास करते हैं और परिणाम क्या हुआ नरेंद्र सिंह के पुत्र निर्दलीय चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचा और नीतीश को मंत्री भी बनाना पड़ा इतना ही नहीं हाल ही में विधान परिषद का जो चुनाव हुआ उसमें ललन सिंह के उम्मीदवार को जमानत जब्त करवा कर संदेश दे दिया कि इस इलाके का चाणाक्य मैं ही हूं । दादा से तो उस तरह बातचीत करने का मौका नहीं मिला लेकिन नरेन्द्र सिंह से तो तीन चार दिन में एक बार बातचीत हो ही जाती थी बिहार की राजनीति को लेकर उनका स्पष्ट राय था संतोष जी बिहार का सर्वण का हाल और भी बुरा होने वाला है देखते रहिएगा गिनती का विधायक सांसद आने वाले दिनों में नहीं मिलेगा ।
ये जो बीजेपी है ना जिसको लेकर सब छोरा सब पगलाया हुआ है संतोष जी बीजेपी जो राजनीति करती है वो धर्म और धंधा (बनिया)की राजनीति करती है जो बिहार के सवर्ण के लिए बहुत ही घातक है। बिहार का सवर्ण समाज खेतिहर समाज है मेहनत करने वाला समाज है जिसके कारण उसका रोजना का सम्बन्ध गांव के दलित.अति पिछड़ा और मुसलमानों के साथ रहता है और ये सम्बन्ध पीढ़ी दर पीढ़ी से चली आ रही है इसके सहारे राजनीति करना सर्वण को सूट भी करेगा और यही समाजवाद का मूल मंत्र भी है ।देखिए लालू प्रसाद के शासन काल में बिहार में सवर्ण राजनीति कहां खड़ा था और नीतीश और सुशील मोदी के साथ जब से आया है कहां चला गया सारे स्थापित नेताओं को नीतीश और मोदी चुन चुन कर समाप्त कर दिया है ।
कोई बचा है देखिए मुझे कम तबाह किया है वजह क्या है बिहार का सर्वण वोटर हिन्दू मुसलमान में इस तरह उलझ गया कि वो राजनीति ही भूल गया बताइए संतोष जी रघुवंश बाबू जैसे लोगों को वैशाली में राजपूत वोट नहीं दिया इससे बड़ा अनर्थ और क्या हो सकता है । दो घंटे से हम लोग साथ बैठे हैं देख ही रहे हैं पदाधिकारी और समाज के लोग क्या क्या फरियाद लेकर आ रहे है इन मूर्खों को कौन समझाये बिहार में पदाधिकारियों का तबादला और पोस्टिंग कैसे होता है संतोष जी आपसे छुपा है । दिन भर ऑफिस में बैठकर हिन्दू मुसलमान करेंगा और शाम में मेरे पास पहुंच जायेंगा सर चार वर्ष से सचिवालय में सड़ रहे हैं देखिए सीओ परेशान किये हुए है देखिए थाना प्रभारी परेशान किये हैं कौन इसको समझाये कि जब आपको अपने नेता को ताकत देना का समय रहता है तो आप देश की बात करने लगते हैं हिन्दू मुसलमान की बात करने लगते हैं । संतोष जी हम लोग तो पूरी मजबूती के साथ अपनी पारी खेल लिये कोई अफसोस नहीं है आने दीजिए समय यही समझदारी रही ना तो विधायक और सांसद की कौन कहे ये लोग मुखिया तक बन नहीं पाएगा ।
नौबतपुर के पूर्व जिला परिषद राकेश उर्फ गुड्डू सिंह का शव उनके फ्लैट से संदिग्ध परिस्थिति में बरामद किया गया है। बताया जाता है गुड्डू सिंह वर्तमान में नौबतपुर के टिसखोरा के वार्ड सदस्य भी हैं गुड्डू सिंह रूपसपुर थाना क्षेत्र के वैश्वशरैया नगर में साकेत सदन के फ्लैट में रहते थे। उसी फ्लैट में उनका शव बरामद किया गया है।
शव जहां जिस कमरे से बरामद किया गया है उसके आसपास खून के धब्बे भी दिखाई दे रहे हैं। जिससे परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं जता रहे हैं उनका कहना है कि इनकी हत्या की गई है।
घटनास्थल पर जानकारी के बाद रूपसपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची साथ ही दानापुर डीएसपी एएसपी अभिनव धीमान भी पहुंचे हैं और मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। इनका कहना है कि अभी मामले की तफ्तीश चल रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि किस तरह से हत्या की गई है फिलहाल मामला संदिग्ध लग रहा है।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है जिसे नकारा नहीं जा सकता उसकी जांच पुलिस कर रही है बताया जाता है कि काफी दिनों से यह यह रह रहे थे इनका किनके साथ उठना बैठना और घर पर आना जान था सभी की तफ्तीश होगी। आसपास के सीसीटीवी को भी खंगाला जा रहा है।
जहानाबाद में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संयोजक वीरेंद्र कुमार सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता संजय कुमार सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि बिहार के पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह के आकस्मिक निधन से समाज को क्षति हुई है।
महासभा के प्रदेश संयोजक ने कहा कि वे महान समाजवादी चिंतक, ईमानदार व सादगी के प्रतीक के रूप में जाने जाते थे। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया। वे जेपी आंदोलन के प्रखर सेनानी थे। नरेंद्र बाबू ने अपनी राजनीती पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के महासचिव पद से किया। वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय और जमीनी नेता थे।
महासभा के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि लालू सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश सरकार में कृषि मंत्री थे। उनके पिता भी प्रदेश के मंत्री रह चुके थे। उनके निधन पर क्षत्रिय समाज के सतेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, गोपाल शरण सिंह, महेंद्र सिंह, कुंदन कुमार विमल, राजेश सिंह, अमन राजपूत, मनोज कुमार सिंह, रोहित सिंह, निरंजन बबलू, पवन सिंह ने शोक प्रकट किया है।
प्रशांत किशोर ‘जन सुराज’ अभियान के तहत बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में वे सोमवार 4 जुलाई को सारण पहुंचे। जिले में कई अलग अलग कार्यक्रमों में भाग लेते हुए प्रशांत किशोर ने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं से जन सुराज की सोच पर संवाद किया। लोगों ने भी प्रशांत किशोर से जन सुराज के बारे में जाना और सभी जरूरी सवाल पूछे। प्रशांत किशोर ने सभी सवालों के जवाब दिए और जन सुराज की परिकल्पना को लोगों के सामने रखा।
जन सुराज का अगर कोई दल बनेगा तो, वो बिहार के सभी सही लोगों का दल होगा प्रशांत किशोर ने जन सुराज के विचार को रेखांकित करते हुए बताया कि जन सुराज के माध्यम से वह लोगों के साथ संवाद स्थापित करना चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा, “उद्देश्य है बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाना। सत्ता परिवर्तन हमारा मकसद नहीं है। अगर पदयात्रा के बाद सब लोगों की सहमति से कोई दल बनता भी है तो वो बिहार के सभी सही लोगों का दल होगा, प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा। सब मिलकर अगर तय करेंगे तो दल बनाया जाएगा। मैं अभी लोगों से बात करने, उनकी समस्याओं को समझने में अपना पूरा वक्त लगा रहा हूं।”
60 के दशक से ही बिहार विकास के मामले में पिछड़ता चला गया बिहार की बदहाली पर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 30 साल की सरकारों ने जो अच्छे काम किए हैं उसे स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। चाहे लालू जी के सामाजिक न्याय की बात हो या नीतीश जी के आर्थिक विकास की बात हो, लेकिन सच्चाई यह है की 60 के दशक के बाद से ही बिहार विकास के तमाम मापदंडों पर पिछड़ता चला गया और आज बिहार विकास लगभग मामले में देश में सबसे निचले पायदान पर है। अगर यहां से बिहार को फिर से विकास के तमाम सूचकांक में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करना है तो सभी सही लोगों को एक साथ आना होगा और मिलकर प्रयास करना होगा।
पदयात्रा के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास करेंगे प्रशांत किशोर ने कहा की वह 2 अक्तूबर से पश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम से पदयात्रा शुरू करेंगे। इस पदयात्रा के माध्यम से वो बिहार के हर गली-गांव, शहर-कस्बों के लोगों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उनसे समझेंगे कि कैसे बिहार को बेहतर बनाया जा सकता है। पदयात्रा में जब तक पूरा बिहार पैदल न चल ले, तब तक वापस पटना नहीं जाएंगे। समाज में ही रहेंगे और समाज को समझने का प्रयास करेंगे। समाज को मथ कर सही लोगों को एक मंच पर लेकर आएंगे।
राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल जहानाबाद पहुंचे जहां उन्होंने काय का कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। परिसदन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी,आईसीडीएस के कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी सहित, एसएफसी के पदाधिकारी,प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी,गोदाम प्रबंधक आदि मौजूद थे। आयोग के अध्यक्ष ने आयोग के अन्तर्गत आने वाली जन वितरण,आंगनबाड़ी,मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा को लेकर चलाये जा रहे योजनाओं में पारदर्शिता लाने एवं योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। बैठक में आयोग के अध्यक्ष द्वारा एसएफसी के गोदामों की स्थिति,उसकी क्षमता, वहां से उठाव एवं वितरण के कार्य इत्यादि की भी समीक्षा की ।
उन्होंने कहा अनाज का उठाव एवं वितरण इसे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कराना हमारा लक्ष्य है। और आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग से संबंधित मध्यान भोजन, एवं आई सी डी एस से संबंधित पोषाहार वितरण जैसी योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता हर-हाल में सुनिश्चित हो।इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया कि खाद्यान्न से संबंधित योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि आम लोग इससे अवगत हो सके और इसका लाभ उठा सकें। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले पीडीएस दुकानदारों पर कार्रवाई करने का निर्देश भी उनके द्वारा दिया गया।
उन्होंने पीडीएस दुकानों में राशन उठाव एवं वितरण की व्यवस्था दुरूस्त करने के साथ ही विद्यालयों में चल रहे मध्याह्न भोजन, आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किये जाने वाले पोषाहार आदि योजनाओं को लेकर भी पदाधिकारियों को निर्देश दिया साथ ही योजनाओं की मॉनिटरिंग को लेकर तत्पर रहने की बात कही। घोसी के कई विद्यालयों में जीविका दीदियों द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है भोजन को बंद होने पर भी विकल ने संज्ञान लिया और जल्द ही व्यवस्था कराने की बात कही।
विद्यानंद विकल ने साथ ही यह भी कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर अब बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की सूची जारी की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ समक्ष अधिवक्ताओं की कमिटी ने अपनी रिपोर्ट पेश किया।इस मामलें पर अगली सुनवाई 7 जुलाई,2022 को होगी।
इस मामलें पर पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पटना गया डोभी एन एच,83 के निर्माण में कई तरह की कठिनाइयां और समस्याएं आ रही हैं।कोर्ट ने इस निर्माणधीन एन एच के स्थल निरीक्षण करने के लिए तीन अधिवक्ताओं की टीम का गठन किया गया था। अधिवक्ता प्रिय रंजन,आलोक कुमार राही और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष गुप्ता इसमें शामिल थे।
साथ ही कोर्ट ने पटना और जहानाबाद के डी एम, एस पी भी इस टीम के साथ रहने का निर्देश दिया था।आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस कमिटी ने निरीक्षण करने ये रिपोर्ट दिया। ये जनहित याचिका प्रतिज्ञा नामक संस्था ने दायर किया हैं।
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पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार और एन एच ए आई को निर्देश दिया था कि एन एच में सभी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शीघ्र करें।कोर्ट ने सम्बंधित ज़िला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने में सहयोग और पुलिस बल मुहैय्या कराने का निर्देश दिया था।
साथ ही बिजली के पोल,पेड़ों की कटाई की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि वह एन एच निर्माण में हर तरह का सहयोग कर रही हैं।कोर्ट को बताया गया कि निर्माण आने वाले सभी समस्यायों के समाधान के लिए राज्य सरकार तत्पर हैं।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में ज़िला प्रशासन को, जिनका भूमि अधिग्रहण किया गया है, उन्हें मुआवजा देने की कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था।
इस जनहित याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने की। ये जनहित याचिका बिहार आदिवासी अधिकार फोरम ने की है।
ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट वास्तव में आदिवासी विकास,उनकी संस्कृति और विरासत व योजना और कानून बनाने के लिए आधार उपलब्ध कराता है।इस बारे में सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार इसके लिए कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि 30 जून,2022 को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।इसमें तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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एस सी व एस टी कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिया गया कि वे शीघ्र ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के स्वीकृत व्यवस्था करें।
साथ ही जबतक केंद्र सरकार योजना के अंतर्गत नए भवन और परिसर नहीं मिल पाता है, सचिव, भवन निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के लिए तीस दिनों में भवन की व्यवस्था करें।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि ये भी निर्णय लिया गया कि वैकल्पिक भूमि की तलाश की जा रही हैं।इसमें ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के लिए म्यूजियम,मेमोरियल,काफ्रेंस हॉल आदि सारी व्यवस्था होगी।इसके लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के लिए 90 दिनों का समय कोर्ट से माँगा।
सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि क्या ट्राइबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर सकते हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया।
जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।कल 3 जुलाई,2022 को ज़िला प्रशासन ने सुबह में ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और जेसीबी मशीन ले कर अतिक्रमण हटाने गए।इस क्रम में काफी तनाव और पत्थरबाजी हुई।
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आज इस मामलें में पटना हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में किया गया।कोर्ट ने अगले आदेश तक प्रशासन द्वारा अतिक्रमण की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए 6 जुलाई,2022 को सुनवाई की तिथि तय किया है। इस मामलें में राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड के एम डी से पटना हाईकोर्ट ने जवाब माँगा है।
जहानाबाद के दक्षिणी दौलतपुर में एक बार फिर से चोरी की घटना सामने आई है। मकान मालिक एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए कल गए थे, आज जब घर वापस लौटे तो सारा सामान बिखरा पड़ा था।
पीड़ित ने बताया कि छत के रास्ते चोर घुसे और दरवाजे को तोड़कर घर में रखे सामानों को चुरा ले गए। गृह मालिक की माने तो एक लाख के जेवर और घर में रखे 40 हजार नगद लेकर चोर चंपत हो गए। चोरी की सूचना पुलिस को दी गई है पूरा मामला क्या है, यह जांच के बाद ही पता चलेगा।
दक्षिणी दौलतपुर में चोरी किए कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी लगातार चोरी की घटनाएं होती रही है। लेकिन इसके बावजूद भी रात में पुलिस गश्ती का अभाव दिखता है।
बारातियों से भरी स्कॉर्पियो के गंगा में डूबने का मामला, एनडीआरएफ की टीम लापता स्कॉर्पियो की तलाश में है जुटी।
जेठुली घाट पर एनडीआरएफ की टीम गंगा में चला रही है सर्च ऑपरेशन, गंगा में लापता हुए 2 लोगों की हुई पहचान।नवरतनपुर निवासी 50 वर्षीय अनिल राय, और पोस्टल पार्क निवासी 20 वर्षीय गौतम कुमार हैं लापता।
बीते देर रात नाव पर स्कॉर्पियो चढ़ाने के दौरान स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर गिरा था गंगा में, जेठूली गंगा तट से 20- 25 फीट की दूरी पर गंगा में हुआ था हादसा, घटना के बाद 6 बाराती सकुशल तैरकर नदी से निकले थे बाहर।
जक्कनपुर थानाक्षेत्र के इंदिरा नगर नवरतनपुर से राघोपुर के रामपुर भट्टी गांव जा रही थी बारात।
पटना । नगर में आवास बोर्ड की जमीन का मामला, राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने राजीव नगर इलाके में धारा 144 लगा दिया है। 5 या 5 लोगों से ज्यादा के एक जगह जमा होने पर कानूनी कार्रवाई होगी पटना के एसएसपी ने पूरे मामले की पुष्टि की है।
राजीव नगर में आवास के जमीन पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा झड़प मारपीट का मामला जिला प्रशासन ने 26 लोगों को किया गिरफ्तार 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज आईपीसी की कई गंभीर धारा में मामला दर्ज सरकारी काम में बाधा डालने पुलिसकर्मियों से मारपीट करने अधिकारियों पर हमला करने पत्थरबाजी करने के साथ-साथ धाराओं में मामला दर्ज किया गया है राजीव नगर थाने में मामला दर्ज।
कल भी चलेगा अभियान 5 मकानों में रहने वाले परिवारों को आज रात का दिया गया समय। 40 एकड़ जमीन कर लिया गया है कब्जे में:- डीएम पटना
जहानाबाद कोर्ट स्टेशन के पश्चिम शिव सत्य रेस्ट हाउस में लोक जनशक्ति पार्टी जिला अध्यक्ष हेमंत शरण ऊर्फ कुंदन शर्मा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सह वर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी के द्वारा प्रेस वार्ता की गई।
जिसमें जानकारी दी गई कि रामविलास पासवान की जयंती के शअवसर पर उनके कर्म भूमि हाजीपुर में आदम का मूर्ति का अनावरण होने जा रहा है उसी को लेकर प्रेस वार्ता किया गया जिसमें जिला अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के सभी विधानसभा प्रत्याशी एमएलसी प्रत्याशी एवं पंचायत अध्यक्ष से लेकर जिला कमेटी के लोग उक्त कार्यक्रम में जहानाबाद से शामिल होंगे।
पटना । स्थानीय लोगों ने किया हमला सिटी SP घायल गैस सिलेंडर में आग लगाकर फेक रहे है उपद्रवी।
राजीव नगर में अतिक्रमण हटाने का मामला पुलिस पर किया पथराव हालात तनावपूर्ण पुलिस मामले को शांत कराने में लगे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
राजीव नगर में आवास बोर्ड की जमीन का मामला भारी संख्या में पुलिस फोर्स नेपाली नगर पहुंचे। जेसीबी मशीन को लाया गया अतिक्रमण हटाने को लेकर लाया गया है लोग अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने का के मामले को लेकर कई बार अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार नेपाली नगर में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात।
75 मकानों और निर्माण को तोड़ने का पुलिस ने दावा किया पटना जिला प्रशासन ने 25 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की
कल भी चलेगा अभियान 5 मकानों में रहने वाले परिवारों को आज रात का दिया गया समय 40 एकड़ जमीन कर लिया गया है कब्जे में:डीएम पटना
खबर बक्सर से है जहां एक युवक ने पेट्रोल की महंगी कीमत से तंग आकर अपनी बाइक में आग लगा दी। घटना बक्सर के डुमरांव थाना क्षेत्र की है, अचानक बाइक में आग लगने के बाद लोगों ने उस बाइक का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया।
घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे डुमरांव थाना की पुलिस ने युवक को थाने लाई और पूछताछ की, युवक ने बताया कि मोटरसाइकिल में पेट्रोल खत्म हो जाने के कारण महंगाई से त्रस्त होकर उसने अपनी बाइक में आग लगा दी और बाइक देखते-देखते धू धू कर जल उठी, बाद में स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया।
दर्जनभर नक्सली कांडों का फरार आरोपी जिसकी गिरफ्तारी के लिए मुंगेर, जमुई एवं लखीसराय पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. जो दर्जनभर नक्सली कांडों का फरार आरोपी है. इसकी गिरफ्तारी के लिए मुंगेर, जमुई एवं लखीसराय पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी.
पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि सूचना मिली थी कि शामपुर थाना क्षेत्र के घोड़ाखुड़ पहाड़ी जंगल में माओवादी कमांडर प्रवेश दा अपने सहयोगी नारायण कोड़ा, बहादुर कोड़ा, वीडियो कोड़ा एवं नरेश कोड़ा दस्ता के साथ जमा है. जो अपना दबदबा कायम करने हेतु किसी वारदात को अंजाम देने के फिराक में है.
जिसके बाद नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए योजना बनाई गयी. साथ ही नक्सली जंगली पहाड़ी क्षेत्र में विस्फोटक लगाकर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के फिराक में है. एएसपी अभियान मुंगेर कुणाल, 207 कोबरा बटालियन भीमबांध एवं नक्सल सेल मुंगेर की टीम ने छापेमारी के लिए घोड़ाखुड़ पहुंची.
इसी दौरान घोड़ाखुर मंदिर के पास पुलिस को देख एक खड़ा व्यक्ति भाग जंगल में घुस गया जिसका पिछा कर सुरक्षा बलों ने पकड़ा. जिसकी पहचान कुख्यात नक्सली नरेश कोड़ा के रूप में हुई . गिरफ्तार नक्सली लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया कोड़ासी गांव कर रहने वाले है ।
जिसके पास से पुलिस टीम ने एक पिस्टल एवं 10 जिंदा कारतूस बरामद किया. एसपी ने बताया कि नरेश हार्डकोर नक्सली है और मारक दस्ता का कमांडर है. उस पर लखीसराय के पीरी बाजार थाना में 2, कजरा थाना में 3, चानन थाना में 1 एवं मुंगेर जिले के लड़ैयाटांड थाना में एक मामला दर्ज है.
जिसमें वह फरार चल रहा था. नक्सल प्रभावित मुंगेर, जमुई एवं लखीसराय के विभिन्न थानों में इसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है. इसके खिलाफ बिहार सरकार एवं पुलिस महानिदेशक बिहार ने 50 हजार रूपया का ईनाम भी घोषित कर रखा है.
तीन महीने बाद हुई बैठक में कई योजनाओं पर चर्चा की गई । बैठक में जो सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सभी जिला परिषदों को कैसी योजना लानी है, किस योजना में कितनी राशि खर्च की जाएगी।
इन सभी मुद्दों को लेकर चर्चा की गई. जिला परिषद की विकास गति मंद पड़ गई है. उसमें भी तेजी लाने के लिए कहा गया। इस दौरान बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक में जिला परिषद के सभी सदस्य मौजूद रहे।
आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल दानापुर के द्वारा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से मोटर साईकिल रैली निकाली गई।
मोटरसाईकिल रैली को मंडल रेल प्रबंधक प्रभात कुमार एवं सीनियर कमांडेंट द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह मोटर साईकिल रैली दानापुर मंडल के प्रमुख स्टेशन पटना, जहानाबाद,नवादा,राजगीर, नालंदा, किऊल, मोकामा, बख्तियारपुर, आरा एवं बक्सर होते हुए 13 जुलाई को वापस दानापुर आएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई को दानापुर से चलकर यह मोटरसाईकिल रैली जोनल मुख्यालय हाजीपुर पहुंचेगी। मोटरसाईकिल रैली के सदस्य यात्रा के दौरान जनता के बीच देश प्रेम भाईचारा की भावना रेलवे के संरक्षा एवं सुरक्षा आदि के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के समक्ष अभ्यावेदन दाखिल करने को कहा है।
ये जनहित याचिका राजीव रंजन सिंह द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि ग्रीन हाइवेज (प्लांटेशन, ट्रांसप्लांटेशन, बीयूटीफिकेशन व मेंटेनेन्स) पॉलिसी- 2015 को लागू करने से इस नीति को व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे वातावरण के अनुकूल नेशनल हाईवे का निर्माण किया जा सकेगा और नेशनल हाईवे से होकर गुजरने वाले लोगों को प्राकृतिक छाया और प्रदूषण रहित वातावरण मिलेगा।
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इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के पूर्व सड़क, परिवहन व हाईवे मंत्रालय के सचिव व राज्य के मुख्य सचिव समेत अन्य आला अधिकारियों को अभ्यावेदन भी भेजा था, लेकिन अभी तक संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया था।
इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित कर दिया।
संजीव कुमार मिश्रा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई। जनहित याचिका में ये कहा गया कि 67 वीं संयुक्त परीक्षा में पेपर लीक हुआ,इस पूरे मामलें की जांच सीबीआई कराई जानी चाहिए।ज़िला प्रशासन के सम्बंधित अधिकारियों के साथ बी पी एस सी के अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
8 मई, 2022 को ये परीक्षा आयोजित की गई।इन उम्मीद्वारों को विभिन्न ज़िला केंद्रों पर सेन्टर आवंटित किया गया।ये उम्मीदवार दूर दूर से आ कर इस परीक्षा में शामिल हुए।
9मई, 2022 को पेपर लीक होने के आधार इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया।इन उम्मीद्वारों के बिना किसी गलती के मानसिक,आर्थिक और शारीरिक परेशानी झेलना पड़ा।इसके लिए इस याचिका में मुआवजा की माँग भी की गई।
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लेकिन कोर्ट ने इनकी दलीलों को नहीं माना।राज्य सरकार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस मामलें में राज्य सरकार और बी पी एस सी ने त्वरित और सख्त कदम उठाया।इस घटना की जांच और इसके लिए जिम्मेवार लोगों विरुद्ध कार्रवाई प्रारम्भ की गई।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस मामलें की जांच अंतिम चरण में हैं।इसके जिम्मेवार पंद्रह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया साथ इस कांड मुख्य आरोपी पर कार्रवाई की जा रही है।
महाधिवक्ता ललित किशोर की इन दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने इस जनहित याचिका को खारिज करते हुए इस मामलें की जांच सीबीआई से कराने की माँग को ठुकरा दिया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस जनहित याचिका में ये माँग की गई कि सम्बंधित अधिकारीगण इस उग्र आंदोलन के कारण नष्ट और क्षतिग्रस्त सम्पत्ति का आकलन करें।साथ ही इस आंदोलन में भाग लेने वाली राजनीतिक दलों पर जुर्माना लगाए।
साथ ही इस घटना को नहीं रोक पाने के राज्य सरकार पर भी जुर्माना लगाया जाए।इस उग्र और हिंसक आंदोलन के कारण न सिर्फ रेल को काफी नुकसान हुआ,बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई थी।दानापुर रेलवे स्टेशन को ही अकेले 260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
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राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने राज्य सरकार का पक्ष प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया कि इस आंदोलन से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरा व सख्त इंतजाम किया था। उन्होंने कहा कि गलत जनहित याचिका है।राज्य सरकार ने अराजक तत्वों पर सख्त तरीके से कार्रवाई की।सरकारी सम्पत्ति की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने मुकम्मल इंतजाम किया था।
महाधिवक्ता ललित किशोर द्वारा कोर्ट को कार्रवाई के सम्बन्ध में पूरी जानकारी देने के इस जनहित याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
जहानाबाद प्रशासन लगातार अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है। गांव से लेकर शहर तक अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। खासकर पइन और तालाब के साथ ही जल स्रोत और जलाशयों पर बने अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों को प्रशासन के द्वारा हटाया जा रहा है ।
शुक्रवार को शहर के मलहचक मोड़ पर अलगाना पईन पर किए गए अतिक्रमण को पुलिस बल की मौजूदगी में मुक्त कराया गया। दरअसल पइन पर बने कुछ दुकान जिसे नगर परिषद के द्वारा लीज पर दिया गया था, उसकी अवधि भी अब समाप्त हो गई है। उसके बाद नगर परिषद के द्वारा भी एनओसी दिया गया था। जिसके बाद अंचलाधिकारी के नेतृत्व में अतिक्रमण से अलगना पईन को मुक्त कराया गया।
साथी फिदा हुसैन रोड में अतिक्रमण कर बनाए गए कुछ दुकानों को भी तोड़ा गया अंचलाधिकारी ने बताया कि कल भी नापी के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नौवीं क्लास में नामांकन के लिए एक से 15 जुलाई तक प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी बच्चों का नामांकन नौवीं कक्षा में सुनिश्चित किया जाएगा।
इसको लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने आदेश दिया है। जिसके आलोक में आज जहानाबाद में डीएम रिची पांडे ने इसकी शुरुआत की। डीएम ने कहा है कि बच्चे और उनके अभिभावकों तक इस विशेष नामांकन अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसके लिए हर विद्यालय 2500 रुपये खर्च कर सकेंगे।
प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए डीएम ने जागरूकता रथ रवाना किया जिसे कलेक्ट्रेट से हरी झंडी दिखाई गई। डीईओ जिले के बीईओ और हाई स्कूलों के हेडमास्टर के साथ तालमेल बिठाएंगे और उन क्षेत्रों में जागरूकता रथ को भेजा जाएगा।
सभी हाईस्कूल और प्लस-टू के हेडमास्टर अपने क्षेत्र के मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ उत्तीर्ण होने वाले सभी अनामांकित बच्चों की सूची प्राप्त कर रहे हैं। इससे पहले सभी हाईस्कूल और प्लस-टू द्वारा विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति संग विचार-विमर्श हो चुका है।
जहानाबाद जीआरपी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दरअसल 28 जून को जहानाबाद स्टेशन परिसर से ही एक यात्री से 10 हजार रुपए की छिनतई की गई थी।
अनुसंधान के बाद आरोपी को पुलिस ने एक और साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से लूट के पैसे बरामद भी किए गए हैं । पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पकड़े गए व्यक्ति के पास से मोबाइल चार्जर आदि सामान भी बरामद किए गए हैं। आरोपी स्टेशन के पास ही ऊंटा मोहल्ले का रहने वाला है।
भुनेश्वर राम, एएसआई, रेल थाना, जहानाबाद
आरोपी का अपराधिक इतिहास रहा है या नहीं इसकी जानकारी भी पुलिस जुटआ रही है।