बिहार में वित्त वर्ष 2025-26 में कर संग्रह में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में कर संग्रह में वृद्धि हुई है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देती है। अधिकारियों का कहना है कि कर संग्रह में यह सुधार राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों और नीतियों का परिणाम है, जिन्होंने राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद की है। इस वित्त वर्ष में कर संग्रह में सुधार से राज्य सरकार को अपने विकास परियोजनाओं और कार्यक्रमों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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पटना विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है। पीरबहोर थाने में दर्ज की गई शिकायत के बाद छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत 6 छात्रों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया है, जबकि 30-35 अज्ञात छात्रों को भी आरोपी बनाया गया है।
यह शिकायत कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी विरेन्द्र चौधरी ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि छात्रों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, हंगामा किया और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही माहौल गर्म हो गया था, जब करीब 15-20 छात्र कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया और शिलापट्ट पर कुलपति का नाम नहीं है। देखते ही देखते अन्य छात्र भी मौके पर पहुंच गए और भीड़ बढ़कर 30-35 तक हो गई।
हंगामा कर रहे छात्रों को शांत कराने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट ने समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं माने। आरोप है कि छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम में बाधा डाली और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने की बात सामने आई है।
इस मामले में कुलपति अजय कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पदाधिकारी ने आरोप लगाया है कि मौके पर मौजूद कुलपति ने छात्रों को रोकने या समझाने की कोई कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि छात्रों को कुलपति का अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा था।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पटना विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवनों का उद्घाटन किया। 147.29 करोड़ रुपये की लागत से बने ये भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। उद्घाटन के बाद प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय का मुख्यालय शिफ्ट किया जाएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार की सुबह पटना के वाल्मी परिसर स्थित बिपार्ड स्किल पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का गुर दिया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि यदि वे मन लगाकर तकनीकी कौशल प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिपार्ड स्किल पार्क के विभिन्न क्लास रूम में दाखिल होकर छात्रों से संवाद शुरू किया और उनकी पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि वे मन लगाकर तकनीकी कौशल प्राप्त करेंगे, तो उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बिपार्ड स्किल पार्क की व्यवस्थाओं को देखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हिमाद्री छात्रावास और अन्य आवासीय सुविधाओं का भी जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि पूरे परिसर को न केवल व्यवस्थित रखें, बल्कि यहां रहने वाले छात्रों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है और इसका लाभ सीधे छात्रों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत आला अधिकारियों की मौजूदगी में सरकार के विजन को दोहराया।
बिहार सरकार ने युवाओं को आधुनिक और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दौरा बिहार सरकार के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के प्रयासों को दर्शाता है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस दौरे से युवाओं में एक新的 उमंग और उत्साह का संचार हुआ है।
ओडिशा के बालांगीर जिले में एक दुखद घटना घटित हुई है, जिसमें एक युवक ने सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान जान गंवा दी। घायल युवक का नाम तपन घोष है, जो कि लौंवा गांव से आया हुआ था। दुर्घटना के बाद, तपन को निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ था। लेकिन हाल ही में इलाज के दौरान तपन घोष की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।
तपन घोष की मृत्यु की खबर जैसे ही उनके गांव तक पहुंची, वहां के लोगों ने आकro्ष्कार में सड़कों पर उतर आए। लोगों ने गांव में सड़क पर जाम लगा दिया और नेताओं के प्रति नारे लगाने लगे। घटना के बारे में विस्तार से जानने के लिए हम ने स्थानीय पुलिस अधिकारी से बात की। उन्होंने बताया कि दुर्घटना एक सड़क की दुर्घटना थी। जिन लोगों ने दुर्घटना के दौरान मदद की थी उन्होंने बताया है कि तपन घोष को उनकी गाड़ी से टकराते ही जमीन पर गिरने से पहले ही गुरुत्वाकर्षण के कारण उनकी जांघ और घ
पटना शहर में अब कचरा फेंकने के तरीके में बदलाव आ गया है। पटना नगर निगम ने 1 अप्रैल 2026 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को सख्ती से लागू कर दिया है। इसके तहत, हर घर, दुकान और बड़े संस्थानों को कचरा फेंकने के लिए नए नियमों का पालन करना होगा।
नियमों के मुताबिक, अब घरों और संस्थानों में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन रखने होंगे। हरे रंग में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, लाल में सैनिटरी कचरा और काले में विशेष देखभाल वाला कचरा रखना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति या संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उन्हें जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, यदि कोई सार्वजनिक स्थान, पार्क या निजी मैदान में 100 से ज्यादा लोगों का इवेंट आयोजित किया जाता है, तो आयोजकों को कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को जानकारी देनी होगी। आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे कार्यक्रम के बाद निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निगम की गाड़ी को सौंपें।
जिन होटलों, अपार्टमेंट्स या मॉल्स से रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकलता है, उन्हें अब खुद ही उसका निपटारा करना होगा। ऐसे संस्थानों को थोक कचरा उत्पादक की श्रेणी में रखा गया है और उनके लिए निगम के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। होटल, अस्पताल, मॉल और अपार्टमेंट जैसे बड़े संस्थानों के लिए यह नियम और भी सख्त तरीके से लागू किया जाएगा।
नगर निगम ने यह भी कहा है कि सड़क पर कचरा फेंकने या उसे जलाने वालों पर अब ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा सकती है। इससे शहर में कचरे की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी और लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन गांदरबल के अरहामा इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और एक आतंकवादी को मार गिराया। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं।
चिनार कोर ने एक बयान जारी कर कहा कि सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर गांदरबल के अरहामा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान जवानों ने कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधि देखी, जिन्हें रुकने को कहा गया। लेकिन आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सेना के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और एक आतंकवादी को मार गिराया।
यह ऑपरेशन 31 मार्च 2026 की रात को शुरू किया गया था, जब सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया था। सेना के जवानों ने आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब दिया और एक आतंकवादी को मार गिराया। सेना ने बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आगामी 5 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है। 1 अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के दौरान बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि पंजाब, हरियाणा, चंडिगढ़ और दिल्ली में 3 और 4 अप्रैल को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 अप्रैल को गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा, झारखंड में 1 और 4 अप्रैल को बारिश की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 अप्रैल को बारिश की संभावना है। बिहार में 6 अप्रैल को बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा में 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि गुजरात में 2 और 3 अप्रैल को बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र में 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाडा में 1 और 2 अप्रैल के दौरान ओलावृष्टि की संभावना है।
बिहार के किशनगंज जिले में एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां डीएसपी गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि डीएसपी गौतम कुमार के एक महिला दरोगा शगुफ्ता शमीम के साथ पिछले 10 वर्षों से करीबी संबंध थे, जो कि उनके आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया जा रहा है। इस मामले में ईओयू की छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि डीएसपी गौतम कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल थे। इस मामले की जांच जारी है और जल्द ही इसके परिणाम सामने आएंगे।
बिहार से गुजरने वाले चारपहिया वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नए वित्तीय वर्ष के लिए टोल टैक्स दरों में वृद्धि की है, जो आज से लागू हो गई है। इस निर्णय के तहत, बिहार में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों के लिए टोल टैक्स की दरें बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा, फास्टैग नियमों में भी बदलाव किया गया है, जो वाहन चालकों को अपने वाहनों में फास्टैग लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह बदलाव वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनके यात्रा खर्च में वृद्धि हो सकती है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत किस रोड पर कितना शुल्क लगेगा और फास्टैग नियमों में क्या बदलाव किया गया है।
बिहार के एक मौलवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद माफी मांगी है। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह事件 हाल ही में सामने आया है, जब मौलवी ने एक सभा में योगी आदित्यनाथ की माता के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की थी।
इसके बाद, मौलवी ने अपने बयान के लिए माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी को भी अपमानित करना नहीं था। लेकिन अदालत ने उनकी माफी को स्वीकार नहीं किया और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
यह मामला उत्तर प्रदेश और बिहार के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कई नेताओं ने मौलवी के बयान की निंदा की है और कहा है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी चौथी सूची जारी कर दी है, जिसमें 13 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची में केंद्रीय मंत्री देबश्री चौधरी की पत्नी और पूर्व कांग्रेस नेता संग्राम कुमार मुख्य आकर्षण हैं। भाजपा ने अब तक कुल 287 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जो 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है।
भाजपा की इस सूची में शामिल उम्मीदवारों में से अधिकांश नए चेहरे हैं, जिन्हें पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए मैदान में उतारा है। इनमें से कुछ नेता हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि अन्य लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। भाजपा का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना और राज्य में सत्ता हासिल करना है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की यह चौथी सूची एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें पार्टी ने अपनी रणनीति को स्पष्ट किया है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का चयन करते समय विभिन्न FACTORों को ध्यान में रखा है, जिनमें स्थानीय समर्थन, नेतृत्व क्षमता, और पार्टी के लिए प्रतिबद्धता शामिल है।
इस सूची के साथ, भाजपा ने अब तक कुल 287 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जो 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की इस रणनीति का चुनाव परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा की चौथी सूची के साथ, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं, और सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव में कौन सी पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल होती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की यह चौथी सूची एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें पार्टी ने अपनी रणनीति को स्पष्ट किया है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का चयन करते समय विभिन्न FACTORों को ध्यान में रखा है, जिनमें स्थानीय समर्थन, नेतृत्व क्षमता, और पार्टी के लिए प्रतिबद्धता शामिल है।
बिहार के जमुई में एक बड़ी वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है. जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर लखन धनामा गांव के पास मंगलवार को बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा चालक अशोक यादव की गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, कहा है कि अब हर गली में अपराध हो रहा है और बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है.
हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश बाइक पर सवार थे और उन्होंने अशोक यादव को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ तीन गोलियां चलाईं. गोली लगते ही अशोक यादव की मौके पर ही मौत हो गई. अशोक यादव ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, उसकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया और एसडीओ सौरव कुमार, एसडीपीओ सतीश सुमन और सदर थानाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है.
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब आम आदमी की सरेआम हत्या होने लगे, तो समझिए हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं. RJD ने आगे कहा कि बिहार में अब आम लोगों का जीवन असुरक्षित हो गया है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
RJD ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृहमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में व्यस्त सरकार जनता की सुरक्षा भूल चुकी है. पार्टी ने कहा कि पुलिस तंत्र भी भ्रष्टाचार और नाकामी में डूबा हुआ है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं.
इस जघन्य हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. फिलहाल, पूरे मामले पर पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और अपराधियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द अपराधियों को सजा दिलाएगा और इलाके में फिर से शांति स्थापित होगी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बिहार के एक मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी 8 मार्च को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई है, जिसमें मौलवी पर आरोप था कि उन्होंने एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
मौलवी के खिलाफ कई थानों में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिनमें बलिया का बांसडीह कोतवाली थाना भी शामिल था। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मौलवी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और अलीगढ़ जिले के खैर से बीजेपी विधायक सुरेंद्र दिलेर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मौलवी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
बीजेपी नेता रवि मिश्रा ने पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि बिहार के मौलाना अब्दुल सलीम ने एक मजहबी जलसे के दौरान सीएम योगी और उनकी माता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके अलावा, मौलाना सलीम पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को गौकशी से संबंधित कानून के खिलाफ उकसाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौलाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, जिनमें बलरामपुर, बस्ती, सीतापुर और कानपुर सहित जिले शामिल थे।
मौलाना की गिरफ्तारी के बाद, उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मौलाना की टिप्पणी ने समाज में तनाव पैदा किया था और उनकी गिरफ्तारी से शांति बहाल होगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मौलाना की गिरफ्तारी के बाद कहा कि वे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज कराएं और पुलिस का सहयोग करें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस ने कहा कि वे जल्द ही मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उत्तर प्रदेश के लोगों को उम्मीद है कि मौलाना की गिरफ्तारी से समाज में शांति और सौहार्द बहाल होगा और ऐसी घटनाएं भविष्य में नहीं होंगी।
किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार के ठिकानों पर हुई छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को बड़ी मात्रा में संपत्ति और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं, जिनमें सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा में फ्लैट भी शामिल हैं। इसके अलावा, उनके पास से कई महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं।
जांच में पता चला है कि गौतम कुमार ने कई संपत्तियां अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी ले रखी थीं। इनमें उनकी पत्नी पूनम देवी और उनकी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर भी संपत्तियां हैं। शगुफ्ता शमीम के घर से ही 7 जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूर्णिया में उनका करीब 3600 वर्गफीट में बना चार मंजिला मकान भी आया है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। छापेमारी के दौरान उनके पास से पटना में नर्सिंग होम खोलने से जुड़े कागजात भी बरामद हुए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने सिलीगुड़ी में चाय बागान में निवेश किया है और नोएडा और गुड़गांव में भी संपत्ति खरीदी है। इसके अलावा, बीमा में निवेश और कई अन्य आर्थिक दस्तावेज भी मिले हैं। सरकारी आवास से 1 लाख 37 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
जांच में उनके कथित तौर पर कोयला, शराब, सुपारी तस्करों और लॉटरी माफिया से संबंध होने की भी जानकारी मिली है। फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल के संकेत भी मिले हैं। इस मामले में उनकी पत्नी और महिला मित्र को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है। यह मामला बिहार की पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार की संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियों की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में और भी आरोपी सामने आ सकते हैं और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेडीयू विधायक अनंत सिंह के भतीजे राजवीर सिंह और करमवीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। यह फैसला न्यायाधीश प्रभात कुमार सिंह की एकलपीठ ने सुनाया, जिससे दोनों को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
इस मामले में सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित और अधिवक्ता कुमार हर्षवर्दन ने बचाव पक्ष की ओर से पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने राजवीर और करमवीर को अग्रिम जमानत दे दी।
इससे पहले, इसी मामले में 19 मार्च को अनंत सिंह को भी हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। वह 2 नवंबर 2025 से बेऊर जेल में बंद थे और करीब साढ़े चार महीने बाद उन्हें राहत मिली थी।
दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में हुई थी। यह घटना चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी और इसने उस समय इलाके में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया था।
राजवीर सिंह और करमवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने दुलारचंद यादव को जबरदस्ती गाड़ी से खींच लिया और इसके बाद अनंत सिंह ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में अनंत सिंह, राजवीर और करमवीर समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों को राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत ने जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि दोनों अभियुक्तों को जांच में सहयोग करना होगा। यह फैसला दुलारचंद यादव हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
यह मामला अब आगे की जांच और अदालती कार्रवाई के लिए तैयार है। दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पटना के मुसल्लहपुर हाट के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित भव्य शताब्दी समारोह में रोजगार और विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर नौकरियां दी गई हैं और आने वाले समय में रोजगार के और बड़े अवसर पैदा किए जाएंगे।
सम्राट चौधरी ने बताया कि बीते पांच वर्षों में करीब 12 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है, जिसमें 5.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बिहार हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने आने वाले समय में 1 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति दी जाएगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने मुसल्लहपुर हाट के विकास के लिए दो से तीन करोड़ रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने हाट समिति के अध्यक्ष उत्तम मेहता से कहा कि वे विकास के लिए ठोस योजना बनाएं, सरकार हर संभव सहयोग देगी।
सम्राट चौधरी ने हाट समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि विधवाओं, वृद्धों, दिव्यांगों, मरीजों और मेधावी छात्रों की मदद सराहनीय पहल है। समिति अध्यक्ष उत्तम मेहता ने बताया कि इस हाट की स्थापना 31 मार्च 1927 को हुई थी, जो कि एक ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का केंद्र है।
बिहार के रोहतास जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें लाठियां चलीं और कई लोग घायल हो गए। यह घटना भागवत कथा के दौरान हुई, जो कि एक शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन है। रोहतास पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गांव के लोग इस घटना से अचंभित हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो और थाने में मिले आवेदन के आधार पर जांच शुरू की है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद है। यह घटना बिहार में धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ते तनाव को दर्शाती है और ऐसे आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह घटना उनके घर के पास ही हुई, जहां बदमाशों ने उन्हें घात लगाकर मारने के लिए इंतजार कर रहे थे। घटना के समय, बदमाश बाइक पर सवार थे और उन्होंने पीड़ित पर कई गोलियां बरसाईं।
इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दो बदमाश बाइक पर सवार दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है, जिसमें जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद की भी संभावना है। पुलिस अधिकारी इस घटना की जांच में जुटे हुए हैं और जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा कर रहे हैं।
यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध की एक और घटना है, जिसमें दिनदहाड़े अपराधी अपने निशाने पर हैं। पुलिस को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने डीआरडीए के निदेशक वैभव कुमार के छह ठिकानों पर छापेमारी की है। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ईओयू की अलग-अलग टीमें सहरसा और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर रही हैं और उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वैभव कुमार पर 2.41 लाख करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह छापेमारी बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
बिहार पुलिस सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने पूर्णिया और किशनगंज में उनके ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई डीएसपी गौतम कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत मिलने के बाद की गई है। ईओयू की टीम आरोपी अधिकारी की संपत्ति की जांच कर रही है और उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति के स्रोतों की जांच की जा रही है। यह छापेमारी बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का एक हिस्सा है।
बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला मंदिर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें भगदड़ के कारण नौ लोगों की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई जब पूरा प्रशासनिक तंत्र राष्ट्रपति के नालंदा दौरे की तैयारियों में व्यस्त था। इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को मुआवजे का एलान किया। यह घटना बिहार के लिए एक बड़ा झटका है, और इसके बाद प्रशासनिक तंत्र को अपनी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी के निधन पर गहरे शोक और दुख व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने कहा कि संतोखी का निधन न केवल सूरीनाम के लिए, बल्कि भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी अपूरणीय क्षति है. उन्होंने संतोखी के साथ अपनी कई मुलाकातों को याद किया और उनकी देश के लिए निष्ठावान सेवा की प्रशंसा की.
संतोखी को भारतीय संस्कृति के प्रति विशेष लगाव था, और उन्होंने संस्कृत में शपथ लेकर अनेक लोगों के दिल जीते थे. पीएम मोदी ने कहा कि सूरीनाम के नेता की देश के लिए निष्ठावान सेवा और भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने के प्रयास उनके साथ हुई बातचीत में स्पष्ट रूप से झलकते थे.
संतोखी 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति रहे, और वह सूरीनाम की प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के अध्यक्ष भी थे. उन्होंने 2005 से 2010 तक देश के न्याय मंत्री के रूप में भी कार्य किया था. पीएम मोदी ने संतोखी के परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
संतोखी के निधन पर पीएम मोदी ने ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि संतोखी का निधन एक गहरे सदमे और दुख का कारण है. उन्होंने संतोखी के साथ अपनी मुलाकातों को याद किया और उनकी देश के लिए निष्ठावान सेवा की प्रशंसा की है.
पीएम मोदी ने संतोखी के परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि इस दुख की घड़ी में वह उनके साथ हैं. उन्होंने कहा है कि संतोखी का निधन एक अपूरणीय क्षति है, और उनकी विरासत siempre याद रखी जाएगी.
संतोखी के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है, और उनके परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं. पीएम मोदी ने संतोखी के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि वह उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.
ओम शांति.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है. पेस ने हाल ही में कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं. इससे पहले पेस 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के लिए प्रचार भी किया था.
लिएंडर पेस ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि यह उनकी जिंदगी का एक बड़ा दिन है और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा. पेस ने कहा कि यह उनके लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का एक बड़ा मौका है. उन्होंने 40 साल तक देश के लिए खेला और अब युवाओं की सेवा करने का समय है.
पेस ने खेलो इंडिया आंदोलन और टॉप्स योजना की सराहना की और कहा कि वे सचमुच बहुत बढ़िया हैं. उन्होंने किरण रिजिजू की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में दल के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जुनून से काम किया है. पेस ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और अगले 20-25 सालों में खेल शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए.
पेस ने कहा कि 1986 में, पश्चिम बंगाल में खेल का ज्यादा बुनियादी ढांचा नहीं था और आज भी देश में कोई इनडोर टेनिस कोर्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और अन्य राज्य बेहतर कर सकते हैं, लेकिन हमें खेल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें सशक्त बनाने पर ध्यान देने की जरूरत है. पेस का सपना है कि वे भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए समान अवसर वाली छात्रवृत्ति का एक कार्यक्रम शुरू करें.
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पेस का बीजेपी में स्वागत किया और कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा दिन है. मजूमदार ने कहा कि पेस अपने टेनिस से बंगाल के युवाओं को प्रेरित करते हैं और आने वाले चुनावों में वे उनकी पार्टी को मजबूती देंगे. मजूमदार ने कहा कि यह साफ संकेत है कि अब भगवा लहर चल रही है. लिएंडर पेस 19वीं सदी के मशहूर बंगाली कवि और नाटककार माइकल मधुसूदन दत्त के सीधे वंशज हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले ली है, जिसके बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार के इस कदम के बाद सबकी नज़रें बिहार के अगले मुख्यमंत्री पर टिक गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में कौन सा नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा।
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद बिहार की राजनीति में कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। क्या नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे, या फिर कोई और नेता इस पद को संभालेगा।
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का कद बहुत बड़ा है, और उनके जाने के बाद राज्य में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और वह कैसे राज्य की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां अपराधियों ने दिनदहाड़े एक गिट्टी-बालू व्यवसायी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के बाड़ा जगन्नाथ चौक पर हुई, जहां प्रभाकर सिंह नामक व्यवसायी को बाइक सवार बदमाशों ने चार गोलियां मारीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रभाकर सिंह जब अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी बदमाशों ने उनका पीछा किया और हनुमान मंदिर के पास उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी गई और पुलिस ने बदमाशों की पहचान के लिए तकनीकी सेल की मदद ली है।
एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि अपराधियों की पहचान लगभग हो चुकी है और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और उनके कारोबारी रिश्तों की बारीकी से जांच कर रही है और शहर से निकलने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई है।
बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया। इस मुद्दे पर पूर्णिया के निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट दिया है, और अगर नेतृत्व बदला जाता है, तो यह जनता के साथ धोखा होगा।
पप्पू यादव ने बीजेपी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि दिल्ली अभी दूर है, थोड़ा इंतजार कीजिए। बीजेपी के नेता इतना बेचैन क्यों हैं? जनता के वोट के साथ खिलवाड़ मत कीजिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बनाया गया, तो इसका नुकसान बीजेपी और जेडीयू दोनों को उठाना पड़ेगा।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को एक साजिश के तहत घेरा जा रहा है। उनके मुताबिक, इस तरह का दबाव बनाकर लिया गया फैसला लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का राजनीतिक चरित्र महात्मा गांधी और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं से मेल खाता है, इसलिए उन्हें इस तरह की राजनीति से दूर रहना चाहिए।
पप्पू यादव ने सुझाव दिया कि अगर नीतीश कुमार पद छोड़ते हैं, तो उन्हें अपनी पार्टी जेडीयू से ही किसी नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए नामित कर जाना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा नहीं हुआ तो बिहार में सियासी अस्थिरता बढ़ेगी और इसका खामियाजा दोनों दलों को भुगतना पड़ेगा।
पप्पू यादव ने नीतीश कुमार के इस्तीफे को पूरी तरह राजनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनता के हित में नहीं है और इससे बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने मॉरीशस के संस्थापक पिता और देश के पहले प्रधानमंत्री सीवूसागर रामगुलाम की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह आयोजन उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें उपमुख्यमंत्री ने उनके योगदान और विरासत को याद किया। सीवूसागर रामगुलाम मॉरीशस के एक प्रमुख राजनीतिक नेता थे जिन्होंने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने उनकी स्मृति को सम्मानित करने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह आयोजन बिहार और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा से बिहार के लिए काम करेंगे। यह बयान बिहार के राजनीतिक हल्कों में चर्चा का विषय बन गया है। दीपक प्रकाश ने कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना बिहार के लिए एक बड़ा अवसर होगा और वे राज्य के हितों की रक्षा के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की राज्यसभा में उपस्थिति से बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत आवाज मिलेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार राज्यसभा में क्या भूमिका निभाएंगे और बिहार के लिए क्या परिणाम ला पाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और नक्सलियों को गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। शाह ने कहा कि नक्सलवाद की जड़ विकास की कमी, गरीबी या अन्याय नहीं, बल्कि एक विचारधारा है और सरकार इस विचारधारा से प्रेरित हिंसा को जड़ से खत्म करने के लिए सटीक कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि भोले-भाले आदिवासियों को नक्सलियों ने गलत सलाह दी है और उन्हें यह समझाया गया है कि उन्हें न्याय दिलाने और उनके अधिकार की खातिर यह लड़ाई लड़ी जा रही है। लेकिन शाह ने कहा कि अन्याय होने पर हथियार उठा लेना लोकतांत्रिक तरीका नहीं है और मोदी सरकार के दौरान कभी स्वीकार्य नहीं होगा।
शाह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की कमी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि आजादी के बाद के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता कांग्रेस के हाथों में रही, लेकिन उन्होंने आदिवासी समुदाय को विकास से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि असली विकास तो पीएम नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि बातचीत केवल उन्हीं से होगी, जो हथियार डाल देंगे और जो गोलियों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें गोलियों से जवाब दिया जाएगा। शाह ने नक्सलियों को हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि सरकार उनके पुनर्वास और पुनर्वासित के लिए तैयार है।
जनगणना 2027 की तैयारी तेज हो गई है, और सरकार ने पहले चरण के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की सूची जारी की है। इस सूची में लोगों के सवालों का जवाब दिया गया है, जिससे वे देश की 16वीं जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का आसानी से उत्तर दे सकें।
सेल्फ एन्यूमरेशन के लिए पोर्टल खोल दिया गया है, जो जनगणना के दोनों चरणों ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ (एलएलओ) और जनसंख्या गणना के लिए उपलब्ध होगा। स्व-गणना की अवधि 1 अप्रैल से शुरू होगी और 15 अप्रैल तक चलेगी, जिसके बाद 16 अप्रैल से 15 मई तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी।
पहले चरण में व्यक्तिगत जानकारी नहीं ली जाएगी, बल्कि घरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिवारों के पास मौजूद संपत्तियों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। पहले चरण में पूछे जाने वाले प्रश्नों में घर के फर्श और छत में इस्तेमाल सामगी, वहां रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, परिवार के मुखिया का लिंग, उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार, वाहनों के प्रकार शामिल होंगे।
प्रश्नों की शुरुआत भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, और घर के फर्श, दीवार और छत में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री पूछने से होगी। इसके बाद जनगणना करने वाले घर के उपयोग, उसकी स्थिति, और उसमें सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या के बारे में पूछेंगे। अधिकारी परिवार के मुखिया के बारे में नाम और लैंगिक पहचान की जानकारी भी जुटाएंगे।
लिव-इन में रहने वाले दो लोग एक-दूसरे को हमेशा के लिए अपना मानते हैं तो उन्हें जनगणना के दौरान विवाहित जोड़ा माना जाएगा। यह जानकारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) में दी गई है, जो पोर्टल पर उपलब्ध है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण मिथिलांचल के मखाना निर्यात पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा है, जिससे व्यापारियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विदेशी जहाजों में फंसे मखाने की खेप और घरेलू बाजार में कीमतों में गिरावट ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति में, विशेषज्ञ बाजार विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं ताकि मिथिलांचल के मखाना उत्पादक और व्यापारी इस संकट से उबर सकें। दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में मखाना उत्पादन एक प्रमुख आय स्रोत है, और इस संघर्ष ने यहां के व्यापारियों और किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। व्यापारियों और निर्यातकों को अब अपनी रणनीति में बदलाव लाने और नए बाजारों की तलाश करनी होगी ताकि वे इस संकट से बाहर निकल सकें।
बिहार में आत्महत्या की दर्दनाक कोशिश: पति की हत्या के बाद पत्नी ने दो बच्चों संग जहर खाया, इलाज जारी
बिहार में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने पति की हत्या के बाद अपने दो छोटे बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह घटना तब हुई जब महिला के पति हसन रजा की हत्या के बाद से वह काफी परेशान थी। वह किसी से बात नहीं करती थी और अपने दुख में डूबी हुई थी। सोमवार को अचानक उसने अपने दो छोटे बच्चों के साथ जहर खा लिया, जिससे सभी की हालत गंभीर हो गई। फिलहाल, सभी का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह घटना बिहार में आत्महत्या की बढ़ती दर को दर्शाती है और ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालती है।
बिहार के जेहानाबाद जिले में एक शराब तस्कर ने पुलिस कस्टडी से फरार होने का नायाब तरीका अपनाया। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। घटना के मुताबिक, शराब तस्कर पंकज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसे अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था। इस दौरान, उसने अपनी हथकड़ी खोलकर चलती गाड़ी से कूद जाने का खतरनाक खेल खेल दिया।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारी इस घटना की जांच में जुट गए हैं और फरार शराब तस्कर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी है और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जा रही है।
यह घटना एक बार फिर से पुलिस कस्टडी से फरारी की घटनाओं पर सवाल खड़े करती है। पुलिस को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।同时, पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाए और उसे न्याय के दायरे में लाया जाए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले का बिगुल बज चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। हल्दिया के एसडीओ कार्यालय में पर्चा भरने के बाद शुभेंदु ने हुंकार भरते हुए कहा कि बंगाल की जनता इस बार भ्रष्टाचार मुक्त और नैतिक सरकार चुनने के लिए तैयार है। भाजपा की जीत ऐतिहासिक होगी।
केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन के बीच शुभेंदु अधिकारी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष समेत कई कद्दावर नेता मौजूद थे। शुभेंदु के साथ जिले के 2 अन्य भाजपा उम्मीदवारों ने भी अपना पर्चा दाखिल किया।
नामांकन के बाद समर्थकों के हुजूम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “2021 में नंदीग्राम ने ट्रेलर दिखाया था, 2026 में बंगाल पूरी फिल्म दिखायेगा। जनता में भाजपा की लहर नहीं, सुनामी है।” उन्होंने कहा कि वे नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों ही सीटों पर जीतेंगे। बंगाल की जनता अब तुष्टीकरण और सिंडिकेट राज से मुक्ति चाहती है।
बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2 चरणों (23 और 29 अप्रैल) में मतदान होना है। 4 मई को होने वाली मतगणना तय करेगी कि शुभेंदु अधिकारी का ‘डबल धमाका’ सफल होता है या ममता बनर्जी अपने गढ़ को बचाने में कामयाब रहती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 मार्च और फिर 2 से 3 अप्रैल के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में 30 मार्च से 4 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से 31 मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिसमें गरज-चमक और तेज हवा चलने के भी आसार हैं। असम और मेघालय में 30 मार्च से 2 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का असर रहेगा और कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड में 31 मार्च और 2 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार और गंगा से सटे पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में 31 मार्च को आंधी की संभावना जताई गई है, जिसमें हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में अगले 5 दिनों तक मौसम का असर बना रह सकता है, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक मंदिर में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है। यह घटना नालंदा मंदिर में हुई, जो क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने के कारण यह भगदड़ मची। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ घायलों को सहायता पहुंचाने में जुटा है।
नालंदा जिला अपनी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, और यहां का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय प्रशासन ने एक बयान जारी कर मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और आश्वासन दिया है कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी। साथ ही, मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह घटना सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की अहमियत को एक बार फिर उजागर करती है।
जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही घटना से जुड़े और तथ्य सामने आएंगे। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के इलाज की व्यवस्था करने की घोषणा की है। इस दुखद घड़ी में बिहार के लोग एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
नालंदा मंदिर, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रहा है, इस घटना के बाद शोक में डूबा हुआ है। प्रशासन सामान्य स्थिति बहाल करने और मंदिर को फिर से सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस हादसे ने यह भी दिखाया है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बीच बेहतर समन्वय और जागरूकता बेहद जरूरी है।
राज्य और स्थानीय अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचा रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, प्राथमिकता घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों को सहयोग देने पर है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।
बिहार में आज 26 मार्च 2026 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं—राजनीति, प्रशासन, त्योहार, शिक्षा और विकास से जुड़ी बड़ी अपडेट्स। यहां पढ़ें आज की ताजा और प्रमुख खबरें एक नजर में:
🔴 1. राम नवमी पर हाई अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आज पूरे बिहार में राम नवमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर राज्य के कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
- जुलूस मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू
👉 प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
🟠 2. स्कूल-कॉलेज बंद, सार्वजनिक अवकाश घोषित
राम नवमी के कारण आज बिहार में स्कूल, कॉलेज और कई सरकारी कार्यालय बंद हैं।
- छात्रों को छुट्टी का लाभ
- कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
🟡 3. नीतीश सरकार का विकास एजेंडा फिर चर्चा में
हाल ही में समाप्त हुई “समृद्धि यात्रा” के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में विकास को तेज करने का संकल्प दोहराया है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
- बुनियादी ढांचे में सुधार का दावा
🟢 4. अपराध पर सख्ती, STF एक्शन तेज
बिहार में अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई तेज हुई है।
- STF ऑपरेशन में 300% तक वृद्धि
- सरकार का दावा—अपराध में कमी
- विपक्ष ने उठाए सवाल
🔵 5. रोजगार के लिए बड़ी योजना: 10 लाख तक लोन
राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री उद्यमी योजना” युवाओं के लिए बड़ा मौका है।
- 10 लाख रुपये तक लोन
- 5 लाख तक माफी
👉 उद्देश्य: स्वरोजगार को बढ़ावा देना
🟣 6. राजनीति: राज्यसभा चुनाव के बाद हलचल
हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज है।
- कई बड़े नेताओं की सीटों पर फैसला
- राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत
⚫ 7. त्योहारों का सीजन, प्रशासन अलर्ट मोड में
मार्च महीने में होली, ईद और राम नवमी जैसे बड़े त्योहारों के कारण प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी
- स्वास्थ्य और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत
⚪ 8. बिहार दिवस के बाद उत्सव का माहौल जारी
हाल ही में 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया गया, जिसके बाद राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी हैं।
- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर जोर
- कई जिलों में कार्यक्रम
🔶 9. मौसम अपडेट: बदलते मौसम से सतर्क रहने की सलाह
बिहार में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है।
- कुछ इलाकों में ठंड और कोहरा
- लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
🔷 10. जरूरी काम निपटाने की अपील
मार्च के अंत से पहले कई सरकारी और वित्तीय काम पूरे करने की सलाह दी जा रही है।
- समयसीमा खत्म होने से पहले जरूरी कार्य निपटाएं
- नहीं तो जुर्माना लग सकता है
भोजपुरी इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक मामले में एक बार फिर से अहम सुनवाई हुई, जिसमें पवन सिंह ने जस्टिस आशुतोष कुमार के सामने साफ कहा कि वे अब ज्योति सिंह के साथ नहीं रहना चाहते और उन्हें तलाक चाहिए। पवन सिंह ने कोर्ट को यह भी बताया कि वे वन टाइम सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, ताकि मामला आपसी सहमति से सुलझ सके।
इस दौरान, पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह सुनवाई में नहीं पहुंची, जिससे कोर्ट की कोशिश भी नाकाम हो गई। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी दोनों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की, लेकिन ज्योति सिंह से संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में सुलह की कोशिश आगे नहीं बढ़ सकी।
सुनवाई से पहले, पवन सिंह महौली गांव पहुंचे और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की। इसके बाद दोपहर करीब 2:20 बजे वे कोर्ट रूम में पहुंचे। हालांकि, कोर्ट से बाहर निकलते वक्त पवन सिंह कुछ मायूस नजर आए, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मामला अभी और लंबा खिंच सकता है।
ज्योति सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर छठ पूजा का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह मांग में सिंदूर लगाकर पूजा करती नजर आईं। इससे अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इससे पहले की सुनवाई में ज्योति सिंह कोर्ट पहुंची थीं, लेकिन पवन सिंह मौजूद नहीं थे। उस दौरान ज्योति ने कोर्ट में सिर्फ इतना कहा था कि उन्हें न्याय चाहिए और यह कहते हुए वह भावुक होकर रो पड़ी थीं।
पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक मामले में आगे क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन एक बात तो साफ है कि यह मामला अभी और लंबा खिंच सकता है। दोनों पक्षों के बीच की दूरी और तनाव को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि यह मामला एक लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरेगा।
पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक मामले में कोर्ट की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है। क्या पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच समझौता हो पाएगा, या फिर यह मामला और लंबा खिंच जाएगा, यह तो समय ही बताएगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ आज बक्सर पहुंची, जहां उन्होंने 227 योजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं पर 269 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण इलाकों में सड़क, गली-नाली, सामुदायिक भवन, जल संसाधन और चेकडैम निर्माण जैसे प्रमुख काम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने पीरो, तरारी, संदेश, शाहपुर और गड़हनी प्रखंडों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
इन परियोजनाओं में चेकडैम निर्माण, आहर-पइन के जीर्णोद्धार और जीविका मार्ट सह प्रशिक्षण केंद्र जैसी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले के शासनकाल में कई गड़बड़ियां हुईं, जिन्हें अब ठीक किया जा रहा है।
बक्सर में एक बड़ा औद्योगिक निवेश भी हुआ है, जहां नावानगर औद्योगिक क्षेत्र में एसएलएमजी बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बॉटलिंग प्लांट लगाया है। यह प्लांट 65 एकड़ में फैला है और यहां कोका-कोला, स्प्राइट और थम्स अप जैसे ब्रांडों का उत्पादन होगा। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अब लोग ‘मेड इन यूएसए’ की जगह ‘मेड इन बक्सर’ पिएंगे।
सम्राट चौधरी ने अपने भाषण में बक्सर के धार्मिक महत्व को भी उठाया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल परिसर में भगवान वामन का मंदिर है, जहां पूजा जेल प्रशासन की अनुमति से होती है। उन्होंने कहा कि भगवान वामन जल्द जेल से बाहर आएंगे। यह बयान भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।
बक्सर में हुए इस बड़े निवेश और योजनाओं के शिलान्यास से स्थानीय लोगों को रोजगार और विकास की उम्मीदें जगी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का उद्देश्य बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देना और लोगों की जरूरतों को पूरा करना है।
बिहार में महिला आरक्षण सूत्र के अनुसार, राज्य में 20 महिला सांसद और 121 महिला विधायक हो सकती हैं। यह जानकारी हाल ही में सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद बिहार में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हो सकती है। इस विधेयक के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद, बिहार में महिलाओं के लिए 20 लोकसभा सीटें और 121 विधानसभा सीटें आरक्षित की जा सकती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी करने का अवसर प्रदान करेगी।
बिहार में महिला आरक्षण सूत्र के अनुसार, राज्य की कुल 40 लोकसभा सीटों में से 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। इसी प्रकार, राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 121 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं।
महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद, बिहार में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि हो सकती है। यह व्यवस्था महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगी।
बिहार में महिला आरक्षण सूत्र के अनुसार, राज्य की महिलाएं अब अधिक संख्या में राजनीति में भाग ले सकती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं के लिए एक अच्छा अवसर होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकती हैं और समाज में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती हैं।
महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद, बिहार में महिलाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। यह व्यवस्था महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी करने का अवसर प्रदान करेगी और उन्हें अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने में मदद करेगी।
पटना में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 26 और 27 मार्च 2026 के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इस दौरान शहर के प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बदली रहेगी, खासकर महावीर मंदिर के आसपास किसी भी दिशा से वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
🚧 कब से कब तक लागू रहेगी नई व्यवस्था
यह ट्रैफिक व्यवस्था 26 मार्च की रात 8 बजे से शुरू होकर 27 मार्च की रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी।
रामनवमी के अवसर पर हर साल लाखों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए हैं।
🙏 श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन मार्ग
महावीर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष रूट तय किया गया है:
- प्रवेश: वीर कुंवर सिंह पार्क के पश्चिमी गेट (आर ब्लॉक के पास) से
- मार्ग: वीर कुंवर सिंह पार्क → GPO गोलंबर → महावीर मंदिर
- निकास: डाकबंगला और गोरिया टोली रोड की ओर
इस व्यवस्था से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
🚫 इन इलाकों में पूरी तरह बंद रहेगा ट्रैफिक
रामनवमी के दौरान कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी:
- आर ब्लॉक से GPO और पटना जंक्शन की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा
- महावीर मंदिर के आसपास सभी रास्ते बंद रहेंगे
- पटना जंक्शन गोलंबर से वीणा सिनेमा रोड तक एंट्री बंद
- डाकबंगला चौराहा से पटना जंक्शन के बीच भी यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित
🔄 वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routes)
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं:
- डाकबंगला होकर आने वाले वाहन एग्जीबिशन रोड से गोरिया टोली तक जा सकते हैं
- जमाल रोड दक्षिण से यू-टर्न लेकर वापस जाना होगा
- जुलूस के लिए रूट: जेपी गोलंबर → स्वामीनंदन तिराहा → एसपी वर्मा रोड → न्यू डाकबंगला रोड
🚉 पटना जंक्शन जाने वालों के लिए जरूरी सूचना
रेल यात्रियों को खास सलाह दी गई है:
- करबिगहिया स्टेशन एंट्री का अधिक उपयोग करें
- कोतवाली थाना से बुद्ध मार्ग होते हुए GPO ROB के जरिए करबिगहिया पहुंच सकते हैं
- बुद्ध मार्ग में GPO फ्लाईओवर के नीचे वाहन नहीं चलेंगे
- वीरचंद पटेल पथ से अदालतगंज रोड होकर बुद्ध मार्ग की ओर आना प्रतिबंधित रहेगा
🛺 ऑटो और ई-रिक्शा पर भी रहेगी रोक
27 मार्च को शाम 5 बजे के बाद झांकियों के आगमन के चलते:
- बेली रोड-बोरिंग रोड क्रॉसिंग से आयकर गोलंबर की ओर ऑटो और ई-रिक्शा बंद रहेंगे
- गांधी मैदान जाने के लिए बोरिंग रोड चौराहा → राजापुर पुल का उपयोग करें
- करबिगहिया स्टेशन के लिए आर ब्लॉक फ्लाईओवर का रास्ता खुला रहेगा
📢 ट्रैफिक पुलिस की अपील
पटना ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें
- वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें
- सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें
- यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें
25 मार्च 2026 को बिहार में शिक्षा, राजनीति और विकास से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आई हैं। यहां आपको पूरे दिन की प्रमुख घटनाओं का अपडेट एक ही जगह पर दिया जा रहा है।
🎓 1. बिहार बोर्ड इंटर स्क्रूटनी प्रक्रिया आज से शुरू
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 12वीं रिजल्ट 2026 के बाद स्क्रूटनी प्रक्रिया आज (25 मार्च) से शुरू कर दी है।
- जिन छात्रों को अपने नंबरों पर संदेह है, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं
- आवेदन आधिकारिक वेबसाइट पर करना होगा
- कॉपी की दोबारा जांच के बाद गलतियों को सुधारा जाएगा
- फेल छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा का विकल्प भी चुन सकते हैं
👉 छात्रों के लिए यह मौका बेहद अहम है, क्योंकि इससे उनके करियर पर सीधा असर पड़ सकता है।
🏭 2. बिहार में निवेश को लेकर बड़ी चर्चा
प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने बिहार में निवेश की स्थिति पर बड़ा बयान दिया है।
- उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि “बिहार का कोई बच्चा भूखा न सोए”
- राज्य में निवेश की प्रक्रिया को उन्होंने चुनौतीपूर्ण बताया
- सरकार से बेहतर नीतियां और माहौल बनाने की अपील की
👉 यह बयान बिहार के औद्योगिक विकास और रोजगार के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला रहा है।
🏛️ 3. बिहार की राजनीति में अनिश्चितता बरकरार
राज्य की राजनीति में अभी भी असमंजस का माहौल बना हुआ है।
- अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर लगातार चर्चा
- राजनीतिक दलों के बीच अंदरूनी खींचतान
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका पर भी सवाल
👉 इससे आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
🎉 4. बिहार दिवस के बाद भी जारी कार्यक्रमों का असर
हाल ही में 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया गया था, जिसके बाद राज्य में सांस्कृतिक और विकास से जुड़े कार्यक्रमों की चर्चा जारी है।
- बिहार दिवस राज्य के गठन (1912) की याद में मनाया जाता है
- सरकार विकास और पहचान को मजबूत करने पर जोर दे रही है
📺 5. दिनभर की अन्य अपडेट (संक्षेप में)
- शिक्षा और भर्ती से जुड़े कई नोटिफिकेशन जारी
- प्रशासनिक स्तर पर नई योजनाओं की तैयारी
- स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आ रहा है, जिससे कई इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश का दौर जारी है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, दौसा में सर्वाधिक बारिश 9.0 मिलीमीटर दर्ज की गई। यहां के अलावा अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान 26 और 27 मार्च को राज्य के पूर्वी तथा उत्तरी भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही उन्हें अपनी गतिविधियों को ध्यान से करने की आवश्यकता भी होगी।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने 28 से 31 मार्च के दौरान भी राजस्थान में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से आंधी-बारिश हो सकती है। इससे लोगों को अपने दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार, लोगों को अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति का ध्यान रखना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। इससे वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रह सकते हैं।
इस पूरे मौसमी बदलाव के दौरान, राजस्थान के लोगों को अपने दैनिक जीवन को ध्यान से चलाने की आवश्यकता होगी। उन्हें अपनी यात्राओं और अन्य गतिविधियों को सावधानी से करना होगा और मौसम विभाग के नियमित अपडेट्स का पालन करना होगा। इससे वे अपनी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित कर सकते हैं।
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट और अपडेट्स को ध्यान से पढ़ना और उनका पालन करना बहुत जरूरी है। इससे लोगों को मौसम से संबंधित किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने में मदद मिल सकती है।
राजस्थान के लोगों को उम्मीद है कि यह बारिश और आंधी उनके क्षेत्रों में सुखद और समृद्धि लाएगी। इससे उनकी कृषि और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और वे अपने जीवन को बेहतर बना पाएंगे।
इस पूरे मौसमी बदलाव के दौरान, राजस्थान के लोगों को एक दूसरे का साथ देने और मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता होगी। इससे वे अपनी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित कर सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना पाएंगे।
बिहार के 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब बिजली की दरें घड़ी की सुइयों यानी समय के हिसाब से तय होंगी। इस नई व्यवस्था को ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ नाम दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब पूरे 24 घंटे बिजली की एक समान दर नहीं रहेगी। 1 अप्रैल से आपके घर के स्मार्ट मीटर में लगा सॉफ्टवेयर यह देखेगा कि आप किस समय कितनी बिजली जला रहे हैं और उसी आधार पर बिल की कटौती करेगा।
नए नियमों के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक का समय उपभोक्ताओं के लिए ‘हैप्पी आवर्स’ जैसा होगा। इस दौरान अगर आप 100 रुपये की बिजली खर्च करते हैं, तो आपको केवल 80 रुपये ही देने होंगे। यानी दिन के उजाले में बिजली का इस्तेमाल करने पर आपको सीधे 20 फीसदी की बचत होगी।
जैसे ही शाम के 5 बजेंगे और सूरज ढलेगा, बिजली महंगी हो जाएगी। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (पीक आवर्स) बिजली की खपत पर घरेलू उपभोक्ताओं को 110 प्रतिशत राशि देनी होगी, जबकि व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 120 प्रतिशत तक का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से स्मार्ट मीटर वाले ग्राहकों और उन ग्राहकों के लिए है जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है।
रात में सामान्य रहेगी दर
बिजली विभाग ने उन लोगों का भी ख्याल रखा है जो देर रात तक काम करते हैं या एसी-कूलर चलाते हैं। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें बिल्कुल सामान्य रहेंगी। यानी इस अवधि में आप जितनी बिजली खर्च करेंगे, आपको 100 फीसदी यानी निर्धारित दर के बराबर ही पैसा देना होगा।
स्मार्ट मीटर बनेगा आपका बजट मैनेजर
बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अब तक लाखों घरों में यह मीटर लग चुके हैं और तीसरे चरण तक 1.12 करोड़ उपभोक्ताओं को इसके दायरे में लाने का लक्ष्य है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए बिजली अनुदान (सब्सिडी) में भी भारी बढ़ोतरी की है ताकि आम जनता पर बोझ कम हो सके।
अगर आप अपने बिजली बिल में बचत करना चाहते हैं, तो अब आपको भारी बिजली वाले काम जैसे कपड़े धोना, आयरन करना या पानी की मोटर चलाना सुबह 9 से शाम 5 के बीच निपटा लेना चाहिए। यह आपको बिल में बचत करने में मदद करेगा और आपका स्मार्ट मीटर आपका बजट मैनेजर बन जाएगा।
बिहार के मुजफ्फरपुर में चैती छठ महापर्व का समापन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ। यह पर्व 36 घंटे के निर्जल व्रत के बाद सम्पन्न हुआ, जिसमें व्रतियों ने पारण किया और घाटों पर भारी भीड़ के बीच श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के दौरान शहर के विभिन्न घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर जमावड़ा किया और अपनी श्रद्धा और आस्था का प्रकटीकरण किया।
छठ महापर्व के दौरान व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जल व्रत रखा, जो कि इस पर्व की एक मुख्य विशेषता है। इस दौरान व्रतियों ने केवल जल ग्रहण किया और अन्य किसी प्रकार का भोजन या पेय पदार्थ नहीं लिया।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के समापन पर व्रतियों और श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। लोगों ने अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद लिया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया था और लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी।
मुजफ्फरपुर में छठ महापर्व के समापन पर लोगों में संतुष्टि और शांति का भाव देखा गया। लोगों ने इस पर्व के दौरान अपनी श्रद्धा और आस्था का प्रकटीकरण किया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
छठ महापर्व के समापन के साथ ही मुजफ्फरपुर में त्योहारों का मौसम भी सम्पन्न हो गया है। लोगों ने इस पर्व के दौरान अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर आनंद लिया और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण किया।
बिहार के सीवान जिले में एक बड़ी घटना में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो शातिर अपराधी गिरफ्तार किए गए। यह घटना सीवान के बसंतपुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच चार राउंड फायरिंग हुई।
इस मुठभेड़ में दोनों अपराधी पैरों में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने इस मुठभेड़ को एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि इससे इलाके में अपराध को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द से जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों के साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपराध के खिलाफ सहयोग करें और यदि उन्हें ANY अपराधी गतिविधि के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस मुठभेड़ के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया है कि वे अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि यह मुठभेड़ एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में और जानकारी देने से इनकार कर दिया है, लेकिन कहा है कि जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें मामले के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
बिहार में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल ने सरकार को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी अधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक काम पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह हड़ताल 9 मार्च से शुरू हुई थी और सरकार ने इसे पूरी तरह से अवैध घोषित कर दिया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज के ओर से जारी पत्र के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर ‘सेवा टूट’ की कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा उनके वेतन में कटौती और अन्य विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों का 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर जाना प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है। सरकार ने इसे जनहित से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे जरूरी कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।
अब तक 12 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो यह दिखाता है कि व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं हुई है। हड़ताल के बीच एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है। सरकार का दावा है कि अधिकारियों के विरोध के बावजूद राजस्व कार्यों की रफ्तार थमी नहीं है। विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारी अभी भी काम पर डटे हुए हैं।
इसका प्रमाण यह है कि हड़ताल की अवधि के दौरान ही 12,163 दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों पर काम किया गया है। सरकार ने संदेश दे दिया है कि कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता के काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। सरकार की इस सख्ती के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी हैं।
इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य है। विजय सिन्हा ने याद दिलाया कि जनहित के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजरें 25 मार्च की शाम पर टिकी हैं कि कितने अधिकारी झुकते हैं और कितनों पर गाज गिरती है।
बिहार के सीवान जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच एक बड़ा एनकाउंटर हुआ, जिसमें दो शातिर अपराधियों के पैर में गोली लग गई। यह मुठभेड़ बुधवार को सीवान-पटना मलमलिया मुख्य मार्ग पर बसंतपुर थाना इलाके के लहेजी गांव के पास हुई। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर वाहन चेकिंग के दौरान दो अपराधियों को पकड़ा, जो बाइक पर सवार होकर भागने की कोशिश कर रहे थे।
जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें लगभग चार राउंड गोलियां चलाई गईं। लेकिन पुलिस ने बिना देर किए जवाबी फायरिंग की और दोनों अपराधियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि दोनों के पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने घायल अपराधियों को तत्काल हिरासत में लेकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस अभिरक्षा में एम्बुलेंस से उन्हें भेजा गया। घायल अपराधियों की पहचान बड़हरिया थाना इलाके के सदरपुर निवासी 25 साल के रोहित कुमार शर्मा और चौकी हसन गांव निवासी 19 साल के रोहित कुमार कुशवाहा उर्फ रिशु के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रोहित कुमार शर्मा ने कबूल किया है कि वह बसंतपुर के खोड़ीपाकड़ ज्वेलरी दुकान लूटकांड के साथ-साथ हाल ही में हुए अरुण ज्वेलर्स लूटकांड में भी शामिल रहा है। वह इंटर स्टेट स्तर पर एक्टिव रहा है और बगोरा, हैदराबाद सहित कई इलाकों में लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
रोहित कुमार शर्मा के साथी रोहित उर्फ रिशु भी अरुण ज्वेलर्स लूटकांड में शामिल रहा है। यह एनकाउंटर न केवल दो अपराधियों की गिरफ्तारी की कहानी है, बल्कि एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की परतें खोलती है। डॉक्टर आलोक कुमार सिन्हा के अनुसार, रोहित शर्मा को दोनों पैरों में गोली लगी है, जबकि रिशु के बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली आर-पार हो गई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अपराधियों के साथियों की तलाश में जुटी है। यह एनकाउंटर बिहार पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसमें उन्होंने अपनी तत्परता और साहस का परिचय दिया है।
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्य के समग्र विकास और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘समृद्धि यात्रा’ के पांचवें चरण का शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य राज्य के लगभग 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति मिल सके।
समृद्धि यात्रा: विकास की ओर एक बड़ा कदम
‘समृद्धि यात्रा’ बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा, नई योजनाओं की घोषणा और जनता से सीधा संवाद किया जाता है। इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं जमीनी स्तर पर जाकर योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं।
पांचवें चरण की शुरुआत के साथ ही सरकार का फोकस विशेष रूप से रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और युवाओं के कौशल विकास पर है।
1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि रोजगार के अवसर बढ़ाने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य से होने वाले पलायन में भी कमी आएगी।
कौशल विकास और स्वरोजगार पर जोर
सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी के लिए तैयार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे का विस्तार
‘समृद्धि यात्रा’ के पांचवें चरण में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही आर्थिक विकास की नींव है।
इस यात्रा के दौरान कई नई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जनता से सीधा संवाद
इस यात्रा की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री सीधे जनता से संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं को सुनते हैं। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुधार होता है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है, जब अमेरिका से एलपीजी और रूस से कच्चा तेल लदा जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है। यह भारत के ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, खासकर उस समय जब स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरना काफी कठिन हो गया है। अमेरिका से एलपीजी लेकर एक जहाज रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचा, जिसमें कुल 16,714 टन एलपीजी लदा हुआ है।
रूस से आया कच्चा तेल लदा जहाज भारत की ओर मोड़ा गया है, जिसमें करीब 7.7 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। इस जहाज को पहले चीन की ओर भेजा गया था, लेकिन हाल ही में इसे भारत की ओर मोड़ दिया गया। इसे समुद्र में बनी पाइपलाइन के जरिए मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड तक पहुंचाया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के कुछ जहाज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के रास्ते देश पहुंचने में कामयाब रहे हैं। 16 मार्च को शिवालिक नाम का जहाज 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था। इसके एक दिन बाद 17 मार्च को नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत पहुंचा। फिर 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर के साथ जग लाडकी गुजरात में अडाणी पोर्ट्स पर आया।
फारस की खाड़ी में भारत के जहाज और नागरिकों की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार ने शनिवार को जानकारी दी थी। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा के मुताबिक फारस की खाड़ी इलाके में 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सुरक्षित हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
भारत के लिए यह राहत की खबर है, जब देश को ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक एलपीजी और कच्चा तेल मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, लेकिन अब यह स्थिति में सुधार हो रहा है। सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि देश को आवश्यक ऊर्जा संसाधन मिल सकें।