बिहार के सहरसा और खगड़िया जिलों में 1967 के बाद सबसे भीषण आंधी और ओलावृष्टि आई है, जिसमें आधे घंटे के भीतर व्यापक तबाही मच गई। यह तूफान इतना विनाशकारी था कि उसने क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया, घरों को क्षतिग्रस्त किया और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी।
आंधी और ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लोगों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया है, लेकिन अभी तक नुकसान का पूरा आंकड़ा नहीं लगाया जा सका है।
सहरसा और खगड़िया जिलों में तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे सड़कों पर यातायात बाधित हो गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि तूफान इतना तेज था कि उसने उनके घरों को भी हिला दिया और कई जगहों पर बिजली के खंभे भी गिर गए।
बिहार सरकार ने तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए एक टीम भेजी है, जो प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री और सहायता प्रदान कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तूफान के दौरान सावधानी बरतें और अपने घरों में ही रहें।