पटना पुलिस ने एक बड़े मोबाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शहर के अलग-अलग इलाकों से मोबाइल चोरी कर उन्हें रक्सौल बॉर्डर तक पहुंचाता था और वहां से नेपाल में खपाता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 55 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पटना के विभिन्न क्षेत्रों से मोबाइल चोरी कर उन्हें सड़क के रास्ते रक्सौल बॉर्डर तक ले जाते थे और वहां से नेपाल में खपाते थे। पुलिस को शक है कि बॉर्डर पार करने के बाद ये मोबाइल नेपाल में बेचे जाते थे, जिससे ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी।
पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा के अनुसार, 30 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि सचिवालय हॉल्ट के पास मोबाइल स्नेचिंग गिरोह के सदस्य एक्टिव हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया और दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके बैग से 22 मोबाइल फोन बरामद हुए।
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पटना और पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर इलाके में छापेमारी की और 33 और मोबाइल फोन बरामद किए। इस पूरे मामले में रवि कुमार, रौशन कुमार, साजन और आदित्य समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चोरी के मोबाइल नेपाल में आसानी से खपाए जाते हैं क्योंकि वहां इन फोन का IMEI नंबर ट्रैक नहीं हो पाता। यही वजह है कि ऐसे मामलों में मोबाइल को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है और अपराधी लंबे समय तक बच निकलते हैं।
हाल ही में जक्कनपुर इलाके से भी इसी तरह का एक गिरोह पकड़ा गया था, जो बस के जरिए चोरी के मोबाइल रक्सौल भेजता था और वहां से नेपाल सप्लाई करता था। इससे साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है।