दिल्ली/पटना । Supreme Court ने शुक्रवार को राज्य में जाति सर्वेक्षण कराने के बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न दलीलों/याचिकाओं के एक बैच पर विचार करने से इनकार कर दिया।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि याचिकाओं में कोई योग्यता नहीं है और याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय (Patna High Court) का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता के साथ उन्हें खारिज कर दिया।
“यह तो एक जनहित याचिका है। फलां जाति को कितना आरक्षण दिया जाए, इस पर हम कैसे निर्देश जारी कर सकते हैं। क्षमा करें, हम इस तरह के निर्देश जारी नहीं कर सकते हैं और इन याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते हैं”, पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा।
Supreme Court, एक NGO द्वारा दायर एक सहित इस मुद्दे पर 3 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, ने कहा कि याचिकाकर्ता उचित उपाय के लिए Patna High Court का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
पीठ ने अपने आदेश दिया, सभी याचिकाओं को वापस ले लिया गया मानकर खारिज किया जाता है और कानून में उचित उपाय खोजने की स्वतंत्रता दी जाती है।
दिल्ली/पटना: जाति सर्वेक्षण कराने के बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई से SC का इनकार।याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय (Patna High Court) का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता के साथ याचिकाओं को खारिज कर दिया।
सीतामढ़ी: महिला थाने के सामने चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़।
मुजफ्फरपुर के पास भगवानपुर में मौजूद साहू मिष्ठान भंडार में भी पड़ी इनकम टैक्स की रेड।
किशनगंज: RPF ने 4 बांग्लादेशी घुसपैठियों को किया गिरफ्तार।
दरभंगा में मशहूर डॉ. मृदुल कुमार शुक्ला और उनकी पत्नी गुंजन शुक्ला के 2 हॉस्पिटल और 1 रिसोर्ट में Income Tax विभाग ने छापेमारी की गई।
समस्तीपुर: आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं का अपनी मांगों को लेकर DM दफ्तर के आगे धरना। प्रदर्शन के वजह से समस्तीपुर-पटना-दरभंगा मुख्य मार्ग पर यातायात हुआ प्रभावित।
नवादा: नवाडीह के जंगल से झारखंड से बिहार शराब सप्लाई करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा। पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार, 9 बाइक भी बरामद।
Bihar News: विधायक सुधाकर सिंह को RJD ने थमाया कारण बताओ नोटिस, 15 दिनों में माँगा जबाब। कई बार चेतावनी के बावजूद नीतीश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजद के शीर्ष नेतृत्व ने विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बक्सर: राकेश टिकैत ने सरकार को 1 माह का दिया टाइम। उन्होंने कहा कि बक्सर-बलिया आंदोलन की धरती रही है। यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा।
रामचरितमानस पर नीतीश कुमार बोले : “धर्म पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए”; किसी भी धर्म को मानने वाले को पूरी इज्जत मिलनी चाहिए।
शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने ट्वीट कर के एक बार फिर अपने बयान को जायज ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि कमंडल के सामने मंडल नहीं झुकेगा।
मुजफ्फरपुर के पूर्व SSP विवेक कुमार की मुश्किल बढ़ी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IPS विवेक कुमार के साथ उनकी पत्नी समेत छह रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जिला अपीलीय प्राधिकार शिक्षक नियोजन में पीठासीन अधिकारी के रिक्त पड़े पदों को 1 फरवरी, 2023 के पहले नियुक्ति कर दिया जाए। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अमरेश कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने कहा कि अगर इस अवधि तक शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार में पीठासीन अधिकारी के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति नहीं की जाती है ,तो राज्य के मुख्य सचिव समेत शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव को अदालत में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
कोर्ट को याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि जिला अपीलीय प्राधिकार शिक्षक नियोजन में पीठासीन अधिकारी के पद पर नियुक्ति करने के लिए सरकार द्वारा सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लेकिन अभी तक रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। इससे शिक्षकों से संबंधित बहुत सारे मामले सुनवाई के लिए लंबित पड़े हुए हैं।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान का बचाव कर राजद ने हिंदू समाज को आहत किया और अब वह इसे अगड़े-पिछड़े की लड़ाई बताने की साजिश में लग गया है।
-चंद्रशेखर के बयान को अगड़े-पिछड़े की लड़ाई बनाना चाहता है राजद
-लालू प्रसाद बिहार को अब 1990 के दौर में नहीं लौटा सकेंगे
-शिक्षा मंत्री के विरुद्ध 30 जिलों मे दायर हुए मुकदमे
श्री मोदी ने कहा कि ‘मानस’ में सभी हिंदुओं की आस्था है और आज मंडल-कमंडल दोनों भाजपा के साथ हैं। अब लालू प्रसाद बिहार को 1990 के दौर में नहीं लौटा सकेंगे। वह जमाना लद चुका है।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के विरुद्ध 30 से अधिक जिलों की सीजेएम अदालत में धारा 153-ए, 153-बी, 205-ए और 505 के तहत मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
श्री मोदी ने कहा कि आइपीसी की इन धाराओं के अन्तर्गत बोल कर या लिख कर धार्मिक भावनाएँ आहत करने, समाज में धर्म-जाति के आधार नफरत फैलाने और राष्ट्रीय अखंडता पर चोट करने जैसे अपराध में तीन साल तक के कारावास , जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर के विरुद्ध दायर ये मुकदमें कई संवेदनशील व्यक्तियों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से दायर किये गए हैं। पूरे हिंदू समाज में रोष है, लेकिन नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने ऐसे बयान की निंदा तक नहीं की।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की ओर से हर जिले में मानस पाठ कर मानस-विरोधी शिक्षा मंत्री के लिए सद्बुद्धि की कामनाएँ की जा रही हैं।
पटना हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ के आरोप में फँसे अधिवक्ता निरंजन कुमार को हाईकोर्ट में प्रवेश करने से रोक लगा दी है । चीफ़ जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया था।
कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा से यह बताने के लिए कहा था कि बार काउन्सिल ऑफ़ इंडिया एवं बिहार स्टेट बार काउंसिल आरोपित अधिवक्ता पर क्या कार्यवाही कर रही है ।
बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने आरोपित अधिवक्ता के प्रैक्टिस करने पर तत्काल रोक लगा दी है, जिसे बिहार स्टेट बार काउंसिल ने मान लिया है ।
#PatnaHighCourt
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा की गई कार्रवाई के आलोक में हाईकोर्ट ने आरोपित अधिवक्ता के हाईकोर्ट में प्रवेश से रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि इस मामले में हाईकोर्ट ने अधिवक्ता निरंजन कुमार को नोटिस जारी किया था। अधिवक्ता निरंजन कुमार का पक्ष को वरीय अधिवक्ता मृगांक मौली ने रखा । इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी ।
पटना हाईकोर्ट में राज्य की निचली अदालतों में वकीलों के बैठने और कार्य करने की व्यवस्था ऐवं अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल एवं जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने वरीय अधिवक्ता रमाकांत शर्मा की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वकीलों के लिए बनने वाले भवनों के निर्माण से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट माँगी है।
श्री शर्मा ने कोर्ट को बताया कि भवनों का निर्माण राज्य सरकार के भवन निर्माण भवन निर्माण विभाग करें,तो काम तेजी से हो सकेगा।ठेकेदारी के काम में बिलम्ब होने के अलावे लागत भी ज्यादा आएगा।
याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य के अदालतों की स्थिति अच्छी नहीं है।अधिवक्ता अदालतों में कार्य करते है,लेकिन उनके लिए न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न कार्य करने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।
#PatnaHighCourt
वकीलों के लिये शुद्ध पेय जल,शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं होती हैं। कोर्ट को बताया कि अदालतों के भवन के लिए जहां भूमि उपलब्ध भी है,वहां भूमि को स्थानांतरित नहीं किया गया है। जहां भूमि उपलब्ध करा दिया गया है, वहां कार्य नहीं प्रारम्भ नहीं हो पाया हैं।
सीतामढ़ी: महिला थाने के सामने चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़।
मुजफ्फरपुर के पास भगवानपुर में मौजूद साहू मिष्ठान भंडार में भी पड़ी इनकम टैक्स की रेड।
किशनगंज: RPF ने 4 बांग्लादेशी घुसपैठियों को किया गिरफ्तार।
दरभंगा में मशहूर डॉ. मृदुल कुमार शुक्ला और उनकी पत्नी गुंजन शुक्ला के 2 हॉस्पिटल और 1 रिसोर्ट में Income Tax विभाग ने छापेमारी की गई।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
समस्तीपुर: आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं का अपनी मांगों को लेकर DM दफ्तर के आगे धरना। प्रदर्शन के वजह से समस्तीपुर-पटना-दरभंगा मुख्य मार्ग पर यातायात हुआ प्रभावित।
नवादा: नवाडीह के जंगल से झारखंड से बिहार शराब सप्लाई करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा। पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार, 9 बाइक भी बरामद।
Bihar News: विधायक सुधाकर सिंह को RJD ने थमाया कारण बताओ नोटिस, 15 दिनों में माँगा जबाब। कई बार चेतावनी के बावजूद नीतीश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजद के शीर्ष नेतृत्व ने विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बक्सर: राकेश टिकैत ने सरकार को 1 माह का दिया टाइम। उन्होंने कहा कि बक्सर-बलिया आंदोलन की धरती रही है। यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा।
रामचरितमानस पर नीतीश कुमार बोले : “धर्म पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए”; किसी भी धर्म को मानने वाले को पूरी इज्जत मिलनी चाहिए।
शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने ट्वीट कर के एक बार फिर अपने बयान को जायज ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि कमंडल के सामने मंडल नहीं झुकेगा।
मुजफ्फरपुर के पूर्व SSP विवेक कुमार की मुश्किल बढ़ी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IPS विवेक कुमार के साथ उनकी पत्नी समेत छह रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से एक समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं, तब पार्टी ने तुरंत उनके खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन जब शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने श्रीरामचरित मानस की निंदा कर हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया, तब उनके खिलाफ कार्रवाई करने में नीतीश कुमार अपनी बेचारगी जाहिर कर रहे हैं।
नूपुर शर्मा पर भाजपा ने तुरंत की थी कार्रवाई
चंद्रशेखर और सुधाकर सिंह के जरिये राजद ने नीतीश को कृपा पात्र बनाया
सुधाकर सिंह को देर से दिया गया नोटिस सिर्फ दिखावा
श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री इतने कमजोर हो चुके हैं कि चंद्रशेखर को बर्खास्त करना तो दूर, उनसे लिखित स्पष्टीकरण तक नहीं मांगा।
उन्होंने कहा कि अगर चंद्रशेखर ने नीतीश कुमार के “समझाने” पर भी अपना बयान वापस नहीं लिया, बल्कि उस पर अड़े हुए हैं, तो जाहिर है कि मुख्यमंत्री कितने कमजोर हो चुके हैं। वे अब केवल राजद की कृपा से कुर्सी पर बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने किसी सरकारी कार्यक्रम में नहीं, बल्कि एक निजी टीवी चैनल पर बहस के दौरान भगवान शंकर पर अभद्र टिप्पणी करने के जवाब में अपनी बात इस्लामी किताबों के हवाले से कही थी, फिर भी उन्हें दंडित किया गया।
श्री मोदी ने कहा कि राजद कोटे के मंत्री चंद्रशेखर ने तो दीक्षांत समारोह जैसे सरकारी और गरिमामय कार्यक्रम में बिना किसी उकसाने के मानस को “नफरत फैलाने वाला ग्रंथ” बताकर करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर आघात किया, फिर भी उनके विरुद्ध सरकार और उनकी पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह रवैया महागठबंधन के हिंदू-विरोधी दुराग्रह की पराकाष्ठा है।
श्री मोदी ने कहा कि चंद्रशेखर और सुधाकर सिंह के बयान नीतीश कुमार को लगातार कमजोर बना रहे हैं। इन दोनों पर लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का वरदहस्त है।
उन्होंने कहा कि राजद ने पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह को नोटिस देने में 15 दिन देर की और जवाब देने के लिए भी 15 दिन का लंबा समय दे दिया। नोटिस केवल दिखावा है।
समस्तीपुर: आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं का अपनी मांगों को लेकर DM दफ्तर के आगे धरना। प्रदर्शन के वजह से समस्तीपुर-पटना-दरभंगा मुख्य मार्ग पर यातायात हुआ प्रभावित।
नवादा: नवाडीह के जंगल से झारखंड से बिहार शराब सप्लाई करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा। पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार, 9 बाइक भी बरामद।
विधायक सुधाकर सिंह को RJD ने थमाया कारण बताओ नोटिस, 15 दिनों में माँगा जबाब। कई बार चेतावनी के बावजूद नीतीश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजद के शीर्ष नेतृत्व ने विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आरा: ट्रक चालक ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचला। पिता की मौत, मां-बेटा जख्मी।
रोहतास : स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर लाखों के आभूषण की लूट। दुकान बंद कर लौटने के दौरान बेखौफ अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम।
बक्सर: राकेश टिकैत ने सरकार को 1 माह का दिया टाइम। उन्होंने कहा कि बक्सर-बलिया आंदोलन की धरती रही है। यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा।
रामचरितमानस पर नीतीश कुमार बोले : “धर्म पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए”; किसी भी धर्म को मानने वाले को पूरी इज्जत मिलनी चाहिए।
शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने ट्वीट कर के एक बार फिर अपने बयान को जायज ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि कमंडल के सामने मंडल नहीं झुकेगा।
मुजफ्फरपुर के पूर्व SSP विवेक कुमार की मुश्किल बढ़ी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IPS विवेक कुमार के साथ उनकी पत्नी समेत छह रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
बक्सर में BJP नेता की मौत। अश्विनी चौबे पर हमले के विरोध-मार्च में शामिल BJP नेता परशुराम चतुर्वेदी मूर्छित होकर गिर पड़े, अस्पताल में उनकी मौत हो गयी।
नवादा: शॉर्ट सर्किट से चार मंजिला मकान में लगी आग। जान बचाने के लिए खिड़की से कूदी महिला।
जमुई से इनामी हार्डकोर महिला नक्सली रेणुका कोड़ा गिरफ्तार; आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज।
बिहार में नीतीश कैबिनेट की बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; ड्यूटी से गैरहाजिर 81 डॉक्टरों को किया बर्खास्त ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
13 जनवरी को पीएम मोदी ने गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाते हुए कहा था कि ‘भारत में पर्यटन का बुलंद दौर शुरू हुआ और गंगा विलास क्रूज की शुरुआत होना साधारण घटना नहीं है ये सफर भारत में इनलैंड वाटर वे के विकास का उदाहरण हैं।
फिर क्या था इस योजना को लेकर मीडिया ने पुल बांधना शुरू कर दिया और अपने रिपोर्टर की पूरी फौज उतार दिया पीपली लाइव की तरह ।
शत्रुघ्न सिन्हा जिस समय जहाजरानी मंत्री थे उस समय ही इस प्रोजेक्ट पर काम होना शुरु हुआ था और कई वर्षो से बनारस और कोलकाता के बीच क्रूज चल रहा है।
मुझे याद है कि बनारस से कोलकाता तक जाने वाले इस क्रूज को लेकर मैंने दो तीन बार स्टोरी किया था लेकिन फाइल मेंं मिल नहीं रहा था, तभी देर रात मुझे याद आया कि इस क्रूज का तो पटना में दुर्घटना भी हो चुकी है जिसमें कई विदेशी यात्रा घायल हुए थे ।
इतनी बड़ी खबर लेकिन कलाकारी देखिए गूगल पर से ये स्टोरी भी गायब करवा दिया था लेकिन पूरी घटना मेरी आंखों के समाने तैर रहा था,तब मैं अपना फेसबुक पोस्ट पलटना शुरु किया क्यों कि मुझे याद था कि ऐसी घटना घटी थी और इसकी सूचना घटना के चंद मिनट बाद ही किसी व्यक्ति ने फोन करके दिया था और सबसे पहले मैंने ही खबर ब्रेक किया था ।
और उसके बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में कोहराम मच गया था इतना ही नहीं कल पटना में मीडिया के हमारे कई बंधु तो तारीफ के पुल बॉध रहे थे ।
इस क्रूज से जुड़ी जो दुर्घटना हुई थी उसका वीडियो लेने मेरे दफ्तर में आये थे । 3 दिसंबर 2019 को पटना के गंगा नदी में पीपा पुल से टकराया सैलानियों से भरा जहाज, कई घायल; बड़ा हादसा टला। पूरी खबर ये था कि यही क्रूज विदेशी सैलानियों को बनारस से कोलकत्ता ले गये थे और फिर कोलकत्ता से बनारस लौट रहा था इसी दौरान कच्ची दरगाह के पास सैलानियों का जहाज गंगा नदी में पीपा पुल से टकरा गया।जहाज पर सवार लोग दहशत में आ गए। कई सैलानियों को चोट लगी है। तैराकों का दल पहुंच गया है। तैराकों ने रेस्क्यू कर जहाज पर सवार यात्रियों की जान बचाई।
इन घायल सैनानी से जो बात हुई तो उन्होंने कहा था इस क्रूज पर य़ात्रा को लेकर विदेशी सैलानी इन्तजार करते हैं दिसम्बर माह का और इसमें कई ऐसे यात्रा भी मिले जो पांच वर्षो से लगातार आ रहे थे । देखिए उस दिन की वो तस्वीरें कैसा अफरातफरी का माहौल था।
पटना हाई कोर्ट से स्थगन आदेश होने के बावजूद निचली अदालत के आदेश को जारी रखते हुए अवैध तरीके से शिक्षक से काम लेने और उन्हें वेतन देने के मामले पर Patna High Court ने कड़ा रुख अपनाते हुए गोपालगंज के हथवा प्रखंड के वीडियो और प्रखंड पंचायत राज अफसर पर एकमुश्त 20 हज़ार रुपये का हर्जाना लगाया है। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अरविंद कुमार सिंह की रिट याचिका को सुनते हुए हरजाने की उक्त रकम को विधिक सेवा प्राधिकार में जमा करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार सिंह ने Patna High Court का ध्यान पिछले आदेश के सम्बन्ध में बताया कि हथुआ प्रखंड के सिंघिया ग्राम पंचायत के अंतर्गत प्रारंभिक विद्यालय मैं उनका मुवक्किल बतौर पंचायत शिक्षक नियुक्त हुआ था। नियुक्ति के मामले में एक अन्य शिक्षक अशोक कुमार ने भी अपना दावा किया था।
#PatnaHighCourt
दोनों पक्षकारों की लड़ाई राज्य अपील प्राधिकार तक गई, जहां अशोक कुमार को शिक्षक नियुक्त होने का आदेश दिया गया।प्राधिकार के आदेश के खिलाफ जब अरविंद कुमार सिंह Patna High Court आया, तब विपक्षी अशोक कुमार को नोटिस निर्गत करते हुए कोर्ट ने राज्य अपीलीय प्राधिकार के आदेश पर रोक लगा दिया था।
स्थगन आदेश के बावजूद विपक्षी अशोक कुमार काम करते रहे और उन्हें वेतन मिलता रहा। Patna High Court के आदेश की अवज्ञा पर हैरानी जताते हुए हाईकोर्ट ने इन दोनों अफसरों को तलब किया था। दोनों ऑफिसर हाई कोर्ट को यह बताने में असफल रहे कि किन परिस्थिति में हाई कोर्ट आदेश का उल्लंघन हुआ।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर बिहार के युवाओं को क्या तेजस्वी यादव की तरह नॉन-मैटिक छात्र और माता-पिता की सत्ता का दुरुपयोग कर 22 साल की उम्र में अरबों रुपये की 53 सम्पत्ति का मालिक बनने की नसीहत दे रहे हैं?
क्या नॉन-मैट्रिक और बेनामी सम्पत्ति बनाने वाला ” तेजस्वी” होना चाहिए बिहारी युवा ?
Should the Bihari youth be “Tejasvi” who creates non-matriculation and benami property?
श्री मोदी ने कहा कि श्रीराम का नायकत्व स्थापित करने वाले धर्मग्रंथ मानस की निंदा कर चंद्रशेखर अब अपने ट्वीट से तेजस्वी यादव को समाज का नायक बनाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू भावनाओं का अपमान करने के कारण जिस मंत्री को पार्टी से निष्कासित और मंत्री-पद से बर्खास्त करना चाहिए था, उसे अपनी प्रशंसा पर मुग्ध तेजस्वी यादव बचाब कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि जब नीतीश कुमार मानस-निंदक शिक्षा मंत्री से बयान वापस लेने का आग्रह करने की बात कह रहे हैं और उनके डिप्टी सीएम उसी मंत्री का बचाव कर रहे हैं, तब जाहिर है कि महागठबंधन में दरार अब शिखर तक चौड़ी हो गई है।
पटना हाईकोर्ट ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के इंतज़ार मे पिछले तीन साल से जहानाबाद के जेल में बंद एक पाकिस्तानी नागरिक को रिहा करने के मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के से जवाब तलब किया है । जस्टिस ए एम बदर और जस्टिस संदीप कुमार की खंडपीठ ने अफसाना नगर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया।
याचिकाकर्ता के पति सैयद नक्वी आलम उर्फ नकवी इमाम का जन्म भारत में ही सन 1973 में हुआ था और 11 साल की उम्र में वह अपनी नानी के साथ 1984 में पाकिस्तान चला गया।वहीं पढ़ाई लिखाई करते हुए पाकिस्तानी नागरिकता हासिल कर बस गया था।
अपनी पिता तबीयत खराब हो जाने की खबर पर आलम उन्हें देखने के लिए 1 साल का पासपोर्ट वह पाकिस्तान से भारत आया।बिहार के अरवल में अपने पिता की देखरेख करने लगा पासपोर्ट की मियाद फरवरी 2012 में खत्म होने के बाद आलम को ओवर स्टे प्रभावी कानून को तोड़ने की जुर्म में बिहार पुलिस में आलम पर क्रिमिनल मुकदमा दर्ज किया।
#PatnaHighCourt
इसमें आलम को 3 साल कैद की सजा होगी सजा के खिलाफ अपील दायर कर जमानत पर रिहा होने के कारण आलम 2016 में याचिकाकर्ता के साथ मुस्लिम रीति रिवाज से शादी भी कर बैठा । याचिकाकर्ता के वकील नारायण ने कोर्ट को बताया की आलम अपने पिता की खराब स्वास्थ्य के आधार पर भारत में ही रहने हेतु भारत की नागरिकता के लिए पासपोर्ट की मियाद खत्म होने से पहले ही सक्षम पदाधिकारी के सामने आवेदन दे चुका था।
वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी उच्चायोग ने आलम को पाकिस्तानी नागरिक मानने से इनकार भी कर दिया। ऐसी स्थिति में केंद्र और राज्य सरकार आलम को डिटेंशन सेंटर में, जो जहानाबाद जेल में स्थित है, फरवरी 2020 से बंद कर रखा है।
कोर्ट ने बिहार सरकार से यह पूछा है कि डिटेंशन सेंटर जेल के अंदर क्यों है इस मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।
शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने ट्वीट कर के एक बार फिर अपने बयान को जायज ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि कमंडल के सामने मंडल नहीं झुकेगा।
बक्सर: राकेश टिकैत ने सरकार को 1 माह का दिया टाइम। उन्होंने कहा कि बक्सर-बलिया आंदोलन की धरती रही है। यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा।
मुजफ्फरपुर के पूर्व SSP विवेक कुमार की मुश्किल बढ़ी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IPS विवेक कुमार के साथ उनकी पत्नी समेत छह रिश्तेदारों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।
रामचरितमानस पर नीतीश कुमार बोले : “धर्म पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए”; किसी भी धर्म को मानने वाले को पूरी इज्जत मिलनी चाहिए।
बक्सर में BJP नेता की मौत। अश्विनी चौबे पर हमले के विरोध-मार्च में शामिल BJP नेता परशुराम चतुर्वेदी मूर्छित होकर गिर पड़े, अस्पताल में उनकी मौत हो गयी।
नवादा: शॉर्ट सर्किट से चार मंजिला मकान में लगी आग। जान बचाने के लिए खिड़की से कूदी महिला।
जमुई से इनामी हार्डकोर महिला नक्सली रेणुका कोड़ा गिरफ्तार; आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज।
BJP के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव रंजन इस्तीफा देने के बाद अब JDU में हुए शामिल। जेडीयू ऑफिस में ललन सिंह ने कराया शामिल, मौके पर JDU के कई नेता रहे मौजूद।
बिहार में सेंट्रल GST का छापा: पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सुपौल, दरभंगा समेत अन्य शहरों की कंपनी के यहां छापा की गई।
बिहार में नीतीश कैबिनेट की बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; ड्यूटी से गैरहाजिर 81 डॉक्टरों को किया बर्खास्त ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
कैमूर: उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई । 347 पेटी शराब किया गया जब्त।
पूर्णिया: दो कारों की जोरदार भिड़ंत, 6 लोग घायल । घायलों का GMCH में कराया गया भर्ती, 4 लोगों की हालत गंभीर।
दरभंगा: वायु प्रदूषण कंट्रोल रूम में लगी आग, 50 लाख की लागत से बना कक्ष राख।
कटिहार: चातर गांव में भूमि विवाद में खूनी संघर्ष, आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल।
छपरा/पटना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के कुछ दिनों बाद ही Ganga Vilas Cruise अपनी 51 दिनों की यात्रा के तीसरे दिन सोमवार को बिहार के छपरा में उथले पानी के कारण फंस गया।
क्रूज के फंसने की खबर के बाद, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम ने चिरांद सरन की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए एक छोटी नाव में पर्यटकों को बचाया।
51 दिनों में, विदेशी पर्यटकों के साथ लक्जरी Ganga Vilas Cruise गंगा-भागीरथी-हुगली, ब्रह्मपुत्र और वेस्ट कोस्ट नहर सहित भारत में लगभग 3,200 किलोमीटर की 27 नदी प्रणालियों को कवर करेगा।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शुरू हुआ Ganga Vilas Cruise वाराणसी की प्रसिद्ध गंगा आरती जैसे विरासत स्थलों और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और सुंदरबन डेल्टा जैसे अभयारण्यों सहित 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे। बांग्लादेश में, क्रूज लगभग 1,100 किलोमीटर की यात्रा करेगा।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस की निंदा करने वाले मंत्री चंद्रशेखर का बचाव करने वाले RJD में यदि हिम्मत है तो वह कुरआन की विवादास्पद आयतों और मुस्लिम समाज में प्रचलित बहु-विवाह, तीन तलाक, निकाह हलाला, हिजाब और 15 साल की रजस्वला नाबालिक बेटियों के विवाह को जायज ठहराने जैसे मुद्दों पर टिप्पणी करे।
BJP ने नूपुर शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई की, चंद्रशेखर को पार्टी से निकालें तेजस्वी
राम मंदिर, मानस की निंदा और तीन तलाक का समर्थन क्यों ?
लडकियों के विवाह की समान उम्र, समान नागरिक संहिता का विरोध वोटबैंक की राजनीति
लालू प्रसाद की पार्टी के लिए हिंदू भावनाओं का कोई मोल नहीं
श्री मोदी ने कहा कि RJD बताये कि वह सभी भारतीय नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता के विरुद्ध क्यों है, जबकि बाबा साहब रचित संविधान में इस संहिता को लागू करने का मतव्य दिया गया है?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सभी धर्मों की लड़कियों के लिए विवाह की वैधानिक आयु समान रखने के पक्ष में है, लेकिन लालू प्रसाद की पार्टी नाबालिग मुस्लिम लड़कियों की शादी के मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दकियानूसी राय के साथ क्यों खड़ी है?
उन्होंने कहा कि फौरी तीन तलाक को अवैध घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजद ने चुप्पी क्यों साध ली?
श्री मोदी ने कहा कि RJD वोट बैंक के लिए तीन तलाक का समर्थन करता है और इसी मंशा से मुस्लिम महिलाओं के लैंगिक समानता के अधिकार का विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि RJD मुस्लिम समाज की भावनाओं के आगे घुटने टेक कर उनकी मध्यकालीन कुरीतिओं तक का विरोध नहीं करता,जबकि राम मंदिर और हिंदू धर्मग्रंथ के विरुद्ध जहर उगलने वाले जगदानंद और चंद्रशेखर का बचाव करता है।
श्री मोदी ने कहा कि जब BJP की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से एक समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं, तब पार्टी ने तुरंत उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। अब तेजस्वी यादव बतायें कि मानस-निंदक चंद्रशेखर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या राजद के लिए बहुसंखयक हिंदुओं की भावनाओं का कोई मोल नहीं है? यह अहंकार पार्टी पर भारी पड़ेगा।
तेजस्वी सत्ता, संगठन और विचारधारा के बीच इस तरह उलझता जा रहा है कि वो तय नहीं कर पा रहा है कि करना क्या है और इस वजह से उनके पार्टी के अंदर भी और बाहर भी ऐसे लोग जिनको किसी से किसी विषय को लेकर व्यक्तिगत खुंदक रहा है वो साधना शुरु कर दिये हैं। और इसका असर यह हो रहा है कि सरकार अस्थिर होने वाली है ऐसा इमेज लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में तेजस्वी को पार्टी के तमाम बड़े नेता और विधायक सांसद से मिल बैठ कर बात करनी चाहिए।
यही स्थिति रही तो आने वाले समय में विवाद कम ने के बजाय बढ़ेगा और इसका असर पार्टी के जनाधार पर भी पड़ेगा,क्योंकि सरकार चलाने का जो नीतीश फार्मूला है उससे ना तो राजद के मंत्री संतुष्ट है और ना ही विधायक और ना ही गांव में मौजूद पार्टी का कार्यकर्ता। ऐसे में मिशन 2024 के सहारे लोकसभा चुनाव में बहुत बड़े बदलाव की जो बात महागठबंधन सोच रही है उसकी हवा निकल जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी क्योंकि गवर्नेंस को लेकर गांव स्तर पर नाराजगी बढ़ती जा रही है जिसमें शराबबंदी कानून एक बड़ी वजह है बिहार के लगभग हर गांव में आठ से दस परिवार इस कानून से किसी ना किसी रूप में प्रभावित है जो वोट में परिणत होगा ये साफ दिख रहा है । वही ब्लांक और थाना स्तर पर जो खेल चल रहा है उससे सबसे अधिक प्रभावित लालू और नीतीश का ही वोटर है।
गठबंधन बदलने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है ऐसे में सरकार गठन के पांच माह ही हुए हैं राजद सहित महागठबंधन के तमाम विधायक ,मंत्री और कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ना शुरु हो गया है मंत्री को सचिव चलने नहीं देता है, विधायक का कोई सुनने वाला नहीं है, पार्टी कार्यकर्ताओं का हाल तो और भी बुरा है विपक्ष में था तो धरना प्रदर्शन भी कर लेता था अब तो कुछ कर भी नहीं पा रहा है।
संकट इतना ही नहीं है तेजस्वी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जदयू राजद नहीं है और फिर योजनाओं के सहारे सत्ता में बने रहने का थ्योरी पूरे देश में एक समय बाद फेल हुआ है यह भी सत्य है ।
क्यों कि बीजेपी,वामपंथी और कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने का एक अपना तरीका रहा है समय समय पर कार्यक्रमों के सहारे उसको मजबूती देता रहता है लेकिन क्षेत्रीय दलों के साथ यह बड़ी समस्या है ।
आज जदयू का क्या हश्र है पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा है कई गांव ऐसा मिल जाएगा जहां जदयू का कार्यकर्ता बचा ही नहीं है। स्थिति तो यह है कि पार्टी चलाने के लिए प्रखंड अध्यक्ष नहीं मिल रहा है समता पार्टी के समय के जो लोग बचे हुए है काम चलाने के लिए उनको पार्टी की जिम्मेवारी दे दी जा रही है हाल यह है कि कई जिलों में तो जिला अध्यक्ष विधायक या पूर्व सांसद है। यू कहे तो जदयू का पार्टी संगठन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है सरकार में रहने के कारण कही कही टिमटिमा रहा है। वजह नीतीश कुमार कि यह सोच योजनाओं और गवर्नेंस के सहारे पार्टी चला लेंगे । तेजस्वी राजद का जो टीम दिल्ली है उसके झांसे में आ गये हैं कि बस सरकार में बने रहना है और चुनाव के दौरान जो वादा किये थे उसको पूरा करते हुए दिखना है इसी के सहारे चुनाव निकाल लेगे।
आज की राजनीति यही है इस टीम दिल्ली को यह भी देखना चाहिए कि 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान जो जीत हुई है उसमें चिराग की पार्टी का क्या योगदान रहा है क्यों कि लोकसभा चुनाव में शून्य पर आउट होने वाली पार्टी रातो रात कैसे बिहार का नम्बर वन पार्टी बन गया।
संगठन की बात करे तो राजद की स्थिति बिहार में इस वक्त कुल मतदान केन्द्रों में मात्र 40 प्रतिशत मतदान केन्द्र तक ही सीमित है यह सच्चाई है ऐसे मेंं बिना विचार के सहारे मोदी को परास्त करना दिन में सपने देखने जैसा है क्यों कि विचार ही एक ऐसी कड़ी है जो जाति धर्म,मजहब और पार्टी सबके दायरे को तोड़ कर लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंचते ही नहीं है लोगों को प्रेरित भी करते हैं, और उसमें सरकार की योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच गयी तो जीत का राह और आसान हो जाता है।
ऐसे में सिर्फ सत्ता में बने रहने से मोदी को हराना संभव नहीं है राहुल की तरह विचार के साथ सड़क पर उतरना होगा लोगों के बीच जाना होगा तेजस्वी इस दुविधा में फँस गये हैं करे तो करे क्या संगठन का अलग मांग है ,विचारधारा एक अलग तरह का तनाव दे रहा है विधायक और पार्टी के नेता एक अलग समस्या है वैसे राजनीति में जो विवादों का बेहतर समन्वय करता है वही आगे बढ़ता है ।
शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने आज ट्वीट कर के एक बार फिर अपने बयान को जायज ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि कमंडल के सामने मंडल नहीं झुकेगा।
जमुई से इनामी हार्डकोर महिला नक्सली रेणुका कोड़ा गिरफ्तार; आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज।
बक्सर में BJP नेता की मौत। अश्विनी चौबे पर हमले के विरोध-मार्च में शामिल BJP नेता परशुराम चतुर्वेदी मूर्छित होकर गिर पड़े, अस्पताल में उनकी मौत हो गयी।
BJP के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव रंजन इस्तीफा देने के बाद अब JDU में हुए शामिल। जेडीयू ऑफिस में ललन सिंह ने कराया शामिल, मौके पर JDU के कई नेता रहे मौजूद।
बिहार में सेंट्रल GST का छापा: पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सुपौल, दरभंगा समेत अन्य शहरों की कंपनी के यहां छापा की गई।
बिहार में नीतीश कैबिनेट की बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; ड्यूटी से गैरहाजिर 81 डॉक्टरों को किया बर्खास्त ।
कैमूर: उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई । 347 पेटी शराब किया गया जब्त।
पूर्णिया: दो कारों की जोरदार भिड़ंत, 6 लोग घायल । घायलों का GMCH में कराया गया भर्ती, 4 लोगों की हालत गंभीर।
दरभंगा: वायु प्रदूषण कंट्रोल रूम में लगी आग, 50 लाख की लागत से बना कक्ष राख।
कटिहार: चातर गांव में भूमि विवाद में खूनी संघर्ष, आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल।
छपरा: बाल सुधार गृह में मर्डर, बाल कैदियों ने चाकू से होमगार्ड कि, की हत्या ।
बेतिया: दो ट्रकों की आमने-सामने से भीषण टक्कर, ड्राइवर को बड़ी मशक्कत के बाद ट्रक से निकाला गया ।
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का विवादित बयान; उन्होंने कहा – ‘रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ’ ।
लालू यादव की मुसीबत फिर बढ़ी; CBI को मिली राजद प्रमुख लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी ।
अररिया: अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस पर हमला कर लोगों ने एक अपराधी को छुड़ा लिया ।
बक्सर: बिहार के बक्सर में पुलिस पर हमला; पावर प्लांट का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने पीटा, तो पुलिस पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े । उग्र प्रदर्शन के बाद बना तनाव का माहौल, भारी संख्या में पुलिस मौके पर तैनात ।
भागलपुर: SIT की छापेमारी, 35 बोतल विदेशी शराब बरामद। ईशाकचक थाना क्षेत्र के नीलकंठ नगर स्थित छोटी लाइन के पास की घटना ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
पटना हाईकोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघ बिहार राज्य बार काउंसिल के सख्त निर्देश के बावजूद के चुनाव अपने-अपने अधिवक्ता संघ चुनाव 15 जनवरी,2023 तक नहीं करा पाये है। इन तीनो अधिवक्ता संघों का चुनाव नहीं होना बिहार राज्य बार काउंसिल के आदेश का उल्लंघन है।
बिहार राज्य बार काउंसिल की जनरल बॉडी की बैठक में 12 नवंबर 2022 को ही सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि राज्य के जिस किसी भी अधिवक्ता संघ में चुनाव किसी कारण से निर्धारित अवधि में नही हो पाया है ,वह अधिवक्ता संघ अपने अपने संघों का चुनाव हर हाल में 15 जनवरी 2023 तक करा लें। इस संबंध में एक निर्देश भी सभी अधिवक्ता संघ को 14 नवंबर 2022 को जारी किया गया था।
#PatnaHighCourt
बार काउंसिल ने अपने पत्र में यह भी कहा था जो भी अधिवक्ता संघ 15 जनवरी 2023 तक अपने संघ का चुनाव नहीं कराएंगे ,उस अधिवक्ता संघ के विरुद्ध बार काउंसिल द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।साथ ही उस संघ को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए वहां विशेष समिति का गठन कर दिया जाएगा।
इस निर्देश के बाद बहुत अधिवक्ता संघ द्वारा अपने अपने संघ में चुनाव कर लिया गया।इस मामले में हाईकोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघ ही है, जहां अवधि पूरी हो जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराया गया है।
इन तीनों अधिवक्ता संघ का चुनाव करीब 2 वर्षों से ज्यादा अवधि से नहीं हो पाया है।इस संबंध में कुछ अधिवक्ताओं ने बताया कि अगर आज की तिथि में भी इन तीनों अधिवक्ता संघ के द्वारा चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो भी चुनाव कराने में कम से कम 2 माह से ज्यादा समय लग जाएगा।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पर जगह-जगह मुकदमे दर्ज होने चाहिए और उनका ऐसा विरोध किया जाना चाहिए कि वे किसी कॉलेज में न घुसने पाएँ।
राज्य सरकार के मंत्रियों पर नीतीश कुमार का नियंत्रण नहीं
महागठबंधन में पूरी अराजक स्थिति, मतभेद सार्वजनिक
श्री मोदी ने कहा कि जदयू के एक विधायक ने प्रोसेसर चंद्रशेखर का मानसिक संतुलन ठीक न होने की बात कह कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़ने और इस्लाम या ईसाई पंथ में मतान्तरण कर लेने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि राजद से हाथ मिलाने के बाद मंत्रियों पर नीतीश कुमार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि जिन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई , वे छात्रों-शिक्षकों की समस्याएँ हल करने के बजाय लोकप्रिय हिंदू धर्म ग्रंथ रामचरित मानस की निंदा कर समाज में कटुता पैदा करने पर उतर आए।
श्री मोदी ने कहा कि सत्तारूढ़ महागठबंधन में पूरी अराजक स्थिति है। मानस-निंदा प्रकरण में जदयू और राजद के बड़े नेता परस्पर-विरोधी बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी और विधायक विजय मंडल शिक्षा मंत्री के बयान को गलत मानते हैं, जबकि प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद मानस-निंदक मंत्री के विचारों के साथ खड़े हैं।
श्री सुशील मोदी ने कहा कि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के मुताबिक उनकी पार्टी मजबूत हुई है, लेकिन संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को संगठन में कमजोरी महसूस हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और महागठबंधन में तीखे मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं, जबकि नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव चुप्पी साधकर तमाशा देख रहे हैं।
BJP के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव रंजन इस्तीफा देने के बाद अब JDU में हुए शामिल। जेडीयू ऑफिस में ललन सिंह ने कराया शामिल, मौके पर JDU के कई नेता रहे मौजूद।
बिहार में सेंट्रल GST का छापा: पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सुपौल, दरभंगा समेत अन्य शहरों की कंपनी के यहां छापा की गई।
बिहार में नीतीश कैबिनेट की बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; ड्यूटी से गैरहाजिर 81 डॉक्टरों को किया बर्खास्त ।
कैमूर: उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई । 347 पेटी शराब किया गया जब्त।
पूर्णिया: दो कारों की जोरदार भिड़ंत, 6 लोग घायल । घायलों का GMCH में कराया गया भर्ती, 4 लोगों की हालत गंभीर।
दरभंगा: वायु प्रदूषण कंट्रोल रूम में लगी आग, 50 लाख की लागत से बना कक्ष राख।
कटिहार: चातर गांव में भूमि विवाद में खूनी संघर्ष, आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल।
छपरा: बाल सुधार गृह में मर्डर, बाल कैदियों ने चाकू से होमगार्ड कि, की हत्या ।
बेतिया: दो ट्रकों की आमने-सामने से भीषण टक्कर, ड्राइवर को बड़ी मशक्कत के बाद ट्रक से निकाला गया ।
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का विवादित बयान; उन्होंने कहा – ‘रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ’ ।
लालू यादव की मुसीबत फिर बढ़ी; CBI को मिली राजद प्रमुख लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी ।
अररिया: अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस पर हमला कर लोगों ने एक अपराधी को छुड़ा लिया ।
बक्सर: बिहार के बक्सर में पुलिस पर हमला; पावर प्लांट का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने पीटा, तो पुलिस पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े । उग्र प्रदर्शन के बाद बना तनाव का माहौल, भारी संख्या में पुलिस मौके पर तैनात ।
भागलपुर: SIT की छापेमारी, 35 बोतल विदेशी शराब बरामद। ईशाकचक थाना क्षेत्र के नीलकंठ नगर स्थित छोटी लाइन के पास की घटना ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
बक्सर । बिहार के बक्सर में बुधवार को चौसा पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का एक समूह हिंसक हो गया था । भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था । आरोप था कि किसानों के घर घुसकर पुलिस ने टॉर्चर किया था , जिसके बाद आक्रोशित किसान ने कई गाड़ियों को जला दिया था ।
बिहार पुलिस ने बुधवार को बक्सर में आगजनी और हिंसा के सिलसिले में 1,159 अज्ञात और 66 नामजद लोगों के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज की है।
इस बीच, एक किसान ने बक्सर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 2009 बैच के तत्कालीन थाना प्रभारी (SHO)-सह-उप-निरीक्षक अमित कुमार, उप-निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद, अंचल अधिकारी सहित चार नामजद लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
ADG (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इलाके में मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दिन-प्रतिदिन के घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं।”
री बात ये है की, चौसा पॉवर प्लांट के लिए किसानों की जमीन सरकार ने अधिग्रहित की है। किसान अपनी जमीनों का बेहतर दाम चाहते हैं। किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हीं किसानों को पुलिस ने कथित तौर पर टॉर्चर किया है, जिसके बाद बवाल भड़का है।
चौसा प्लांट शुरू से विवादों के केंद्र में रहा है। किसानों की उचित मुआवजे की मांग पूरी करने के लिए शांतिपूर्ण वार्ता के बजाय पुलिस-प्रशासन द्वारा किसानों पर दमनकारी नीति अपनाई गई। मांगों को लेकर पिछले 17 अक्टूबर से स्थानीय किसान शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। मंगलवार को पावर प्लांट का मुख्य गेट बंद कर काम रोक दिए जाने से पुलिस और प्रशासन का पारा गरम हो गया।
मंगलवार को काफी संख्या में पुलिस बल रात 11 बजे के बाद बनारपुर गांव में पहुंच कर किसानों के घर में घुसकर जुल्म ढाना शुरू कर दिया। इस क्रम में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने घरों में घुसकर महिलाओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ा और कई लोगों की पिटाई कर दी है। लोगों ने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई में महिला पुलिस साथ में नहीं थी।
इस घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हैं। बुधवार सुबह किसानों ने पावर प्लांट में तोड़फोड़ कर वाहनों में आग लगा दी। मौके पर हालात बेकाबू हो गए हैं।
बिहार में सेंट्रल GST का छापा: पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सुपौल, दरभंगा समेत अन्य शहरों की कंपनी के यहां छापा की गई।
बिहार में नीतीश कैबिनेट की बड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप; ड्यूटी से गैरहाजिर 81 डॉक्टरों को किया बर्खास्त ।
छपरा: बाल सुधार गृह में मर्डर, बाल कैदियों ने चाकू से होमगार्ड कि, की हत्या ।
बेतिया: दो ट्रकों की आमने-सामने से भीषण टक्कर, ड्राइवर को बड़ी मशक्कत के बाद ट्रक से निकाला गया ।
शरद यादव का अंतिम संस्कार आज: MP के पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार, दिल्ली से भोपाल लाया जाएगा पार्थिव शरीर, उसके बाद पैतृक गांव आंखमऊ ले जाया जाएगा ।
बिहार सरकार ने वरिष्ठ JDU नेता शरद यादव के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की ।
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का विवादित बयान; उन्होंने कहा – ‘रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ’ ।
लालू यादव की मुसीबत फिर बढ़ी; CBI को मिली राजद प्रमुख लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी ।
अररिया: अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस पर हमला कर लोगों ने एक अपराधी को छुड़ा लिया ।
बक्सर: बिहार के बक्सर में पुलिस पर हमला; पावर प्लांट का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने पीटा, तो पुलिस पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े । उग्र प्रदर्शन के बाद बना तनाव का माहौल, भारी संख्या में पुलिस मौके पर तैनात ।
भागलपुर: SIT की छापेमारी, 35 बोतल विदेशी शराब बरामद। ईशाकचक थाना क्षेत्र के नीलकंठ नगर स्थित छोटी लाइन के पास की घटना ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
मधुबनी: CM नीतीश कुमार की समाधान यात्रा आज मधुबनी में; विकास कार्यों का लेंगे जायजा, लोगों से करेंगे मुलाकात, करेंगे समस्याओं का समाधान
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व वरीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही राज्य के एडवोकेट जनरल बनाए गए। वरीय अधिवक्ता ललित किशोर ने एडवोकेट जनरल के पद से त्यागपत्र दे दिया था।
वरीय अधिवक्ता पी के शाही इससे पूर्व 2005 से 2010 बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल रहे।उसके बाद बिहार सरकार में उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद पर कार्य किया।
उसके बाद उन्होंने पुनः पटना हाईकोर्ट में वकालत फिर से शुरू की। एडवोकेट जनरल ललित किशोर के पद से इस्तीफा देने के बाद वरीय अधिवक्ता पी के शाही को राज्य सरकार का कोर्ट में पक्ष प्रस्तुत करने के लिए एडवोकेट जनरल के पद नियुक्त किया गया है।
बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल श्री ललित किशोर ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया हैं । उन्होने इस सन्दर्भ मे अपनी भावनाओं से राज्य सरकार को पहले ही अवगत करा दिया था। मिली जानकारियों के अनुसार उन्होंने अब वे इस पद पर रह कर काम करना नहीं चाहते हैं ।
श्री किशोर पिछले करीब 17 वर्षों से किसी न किसी रूप में सरकार का पक्ष पटना हाईकोर्ट में रखते आए हैं। लगभग पिछले 5 वर्षों से वे लगातार बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल के पद पर कार्यरत रहे है।
राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल की नियुक्ति से संबंधित फैसला राज्य की कैबिनेट के द्वारा किया जाता है।कैबिनेट की बैठक में ही एडवोकेट जनरल के नियुक्ति पर निर्णय होता है।
बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर का विवादित बयान; उन्होंने कहा – ‘रामचरित मानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ’
JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन; 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस ।
लालू यादव की मुसीबत फिर बढ़ी; CBI को मिली राजद प्रमुख लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी
अररिया: अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस पर हमला कर लोगों ने एक अपराधी को छुड़ा लिया ।
बेतिया: गुरुवार सुबह दर्दनाक हादसा, बारातियों से भरी कार नहर में गिरी। संभावना जताई जा रही है कि कार में कुल 6 लोग सवार थे। दो लोगों के शव बरामद।
बक्सर: बिहार के बक्सर में पुलिस पर हमला; पावर प्लांट का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने पीटा, तो पुलिस पर लाठी-डंडा लेकर टूट पड़े । उग्र प्रदर्शन के बाद बना तनाव का माहौल, भारी संख्या में पुलिस मौके पर तैनात ।
भागलपुर: SIT की छापेमारी, 35 बोतल विदेशी शराब बरामद। ईशाकचक थाना क्षेत्र के नीलकंठ नगर स्थित छोटी लाइन के पास की घटना ।
दिल्ली/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, नितीश सरकार के नोटिफिकेश को रद्द करने की मांग। 20 जनवरी को SupremeCourt करेगा मामले की सुनवाई।
मधुबनी: CM नीतीश कुमार की समाधान यात्रा आज मधुबनी में; विकास कार्यों का लेंगे जायजा, लोगों से करेंगे मुलाकात, करेंगे समस्याओं का समाधान
पटना: कंकड़बाग थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड स्थित राजा उत्सव कम्युनिटी हॉल में आग लगी । मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद हैं।
आरा: घूस लेते पदाधिकारी को निगरानी टीम ने रंगे हाथों दबोचा ।
पटना: दिल्ली से पटना जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में हंगामा। रविवार की रात दिल्ली से पटना जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6383 में तीन नशे में धुत यात्रियों ने अपने सह-यात्रियों से छेड़छाड़ की, हंगामा किया और फ्लाइट कैप्टन के साथ मारपीट की।
दिल्ली/पटना: SC ने बिहार के छपरा जहरीली शराब कांड मामले की सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को HC का रुख करने को कहा ।
वैशाली: बिहार के वैशाली में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दिए बयान पर फंसे CM नीतीश कुमार । BJP बोली- बिहार की छवि खराब कर रहे।
Bihar Board Class 10th Exams: बिहार बोर्ड ने 10वीं कक्षा का किया एडमिट कार्ड जारी । 10वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 19 जनवरी से 21 जनवरी के बीच आयोजित होंगी । बिहार बोर्ड की ओर से हाईस्कूल की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 8 जनवरी से 15 जनवरी तक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेंगे ।
बिहार में वंदेभारत एक्सप्रेस पर फिर हुआ पथराव । तीसरी बार हुआ पथराव , बिहार के बारसोई इलाके में हुआ पथराव ।
गोपालगंज: शहीद कमांडो को श्रद्धांजलि देने जुटे हजारों लोग । ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे, सैन्य सम्मान के साथ शहीद दीपक को अंतिम विदाई।
बिहार में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर से लोगों का हाल बेहाल; स्कूल 14 जनवरी तक बंद ।
बेतिया: SSB की बस हादसा का शिकार हो गयी । घायल SSB जवानों को स्थानीय लोगों के मदद से पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया ।
पटना हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से किसी अपील या अन्य मामले को विलंबित दायर करना राजकोष की बर्बादी या करदाताओं के मिले राजस्व का दुरुपयोग है। जस्टिस पी बी बजनथ्री और जस्टिस अरुण कुमार झा की खंडपीठ विश्वविद्यालय सेवा से जुडी एक अपील पर सुनवाई कर रही थी।
इस अपील को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की एकलपीठ के आदेश के 823 दिनों बाद दायर किया था।कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए मुख्य सचिव को आदेश दिया कि राज्य में सरकार के मुकदमें को समय सीमा के अंतर्गत दायर करना सुनिश्चित करने हेतु एक मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित करें ।
इस मामलें मे कोर्ट ने राज्य सरकार को 14 सूत्री दिशा निर्देश दिया, जिसकेअन्तर्गत हाई कोर्ट के किसी भी आदेश का अनुपालन दो सप्ताह में करने या उस आदेश के खिलाफ अपील दायर करने हेतु एक प्रस्ताव 4 हफ्ते में अग्रसारित करने का निर्देश है।
इस मॉनिटरिंग सिस्टम के अंतर्गत सरकार के अन्य बोर्ड , व कॉरपोरेशन व अनुषांगिक संस्थानों की तरफ से हाईकोर्ट में दायर होने वाले मुकदमे के हर चरण की मॉनिटरिंग होगी।
इसके लिए एक रजिस्टर रखा जाएगा।इस रजिस्टर में किस दिन हाई कोर्ट आदेश की जानकारी मिली, किस दिन कोर्ट आदेश कि अभी प्रमाणित प्रतिलिपि निकाली गई।
साथ ही इसके विरुद्ध अपील दायर करने या आदेश का अनुपालन करने का विचार कितने दिनों के अंदर किया गया, वह किस किस अधिकारियों के जरिए किया गया सब बात की जानकारी उस रजिस्टर में रहेगी।
इस तरह से खंडपीठ ने मुख्य सचिव को मॉनिटरिंग रजिस्टर के जरिए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सरकार के मुकदमे को देर से दायर करने के लिए कौन अफसर या कौन सरकारी वकील जिम्मेदार है, उसकी भी जवाबदेही तय हो।
कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरत पड़े ,तो सरकारी अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को निर्धारित करने वाली नियमावली में भी संशोधन करें। इससे विलंबित मुकदमे दायर करने के आरोपी अफसरों के खिलाफ भी समय अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सके।
गौरतलब है कि इस 14 सूत्री दिशा निर्देश में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को यह भी आदेश दिया है कि हर सरकारी विभाग के पास विभागीय कार्य को संचालित करने वाली संबंधित नियम नियमावली और कानून का एक विधि कोष (रिपोजिटरी) विभागीय वेब पोर्टल पर हो, ताकि हाईकोर्ट के आदेश से क्षुब्ध होकर यदि कोई विभाग हाईकोर्ट में ही यह सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का प्रस्ताव दे ,तो संबंधित कानून की विवेचना भी उसी प्रस्ताव में कर दे ।
साथ ही साथ कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी सरकारी अपील अथवा याचिका को दायर करने से पहले सरकारी वकील को एफिडेविट करने वास्ते एडवांस कॉपी अग्रसारित करें।
इन सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन करने और समय पर मुकदमा दायर हो,इसकी मॉनिटरिंग प्रणाली प्रारम्भ करने के लिए कोर्ट ने मुख्य सचिव को 2 हफ्ते का समय दिया है।
पटना हाई कोर्ट ने राज्य के वैशाली जिला अंतर्गत पड़ने वाले ऐतिहासिक सरसाई पोखर के जीर्णोद्धार को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस आशुतोष कुमार व जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वैशाली के जिलाधिकारी को वन विभाग व लघु सिंचाई विभाग के साथ समन्वय कर उक्त पोखर के सौंदर्यीकरण करने व पर्यावरण बनाये रखने को लेकर छह महीने में कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने ये आदेश वैशाली के जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है। इसके पूर्व, कोर्ट ने वैशाली के जिलाधिकारी को स्वयं जाकर स्थल निरीक्षण करने को कहा था।
इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया।
पटना हाईकोर्ट में पटना के गायघाट स्थित आफ्टर केअर होम की घटना के मामले पर सुनवाई 30 जनवरी,2023 को होगी। जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ इस मामलें पर सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जांच की प्रगति पर असंतोष जाहिर किया था।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट में एस एस पी, पटना और एस आई टी जांच टीम का नेतृत्व करने वाली सचिवालय एएसपी काम्या मिश्रा भी कोर्ट में उपस्थित रही थी।
कोर्ट ने कहा था कि इस मामलें की समग्रता में जांच नहीं की जा रही हैं।पुलिस अधिकारियों को विस्तार और गहराई से जांच पड़ताल करने की आवश्यकता है।
अधिवक्ता मीनू कुमारी ने बताया कि कोर्ट अब तक एस आई टी द्वारा किये गए जांच और कार्रवाई के सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना चाहता था।उन्होंने बताया था कि आफ्टर केअर होम में रहने वाली महिलाओं की स्थिति काफी खराब हैं।
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पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एस आई टी टीम का नेतृत्व करने वाली पुलिस अधिकारी को कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा था।
पहले की सुनवाई में कोर्ट ने अनुसंधान को डी एस पी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट भी तलब किया था।
हाई कोर्ट ने इस याचिका को पटना हाई कोर्ट जुवेनाइल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर रजिस्टर्ड किया था। कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन थे, जबकि जस्टिस अंजनी कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय इसके सदस्य के रूप में थे।
इस मामले की अगली सुनवाई में 30जनवरी,2023 को की जाएगी।
भारतीय लोकतंत्र में नीतीश कुमार को सबसे क्रूर और सिद्धांत विहीन शासक के रूप में याद किया जाएगा । उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में एक-एक भरोसेमंद लोगों को राजनीति में मौत मुकर्रर किया है। वही हाल उनके राजनीतिक शैली की भी रही कभी कोई सिद्धांत नहीं बस सत्ता में बने रहने के लिए जो सिद्धांत रास आया उसको अमल में लाया।
ताजा उदाहरण उपेन्द्र कुशवाहा का है,ज्यादा दिन नहीं हुआ है जब उपेन्द्र कुशवाहा अपनी पार्टी का विलय कर नीतीश के साथ आए थे और नीतीश कुमार ने इन्हें पार्टी को मजबूत करने के लिए बिहार यात्रा पर निकलने को कहां था उस समय आरसीपी सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे ।
उपेन्द्र कुशवाहा वाल्मीकि नगर से यात्रा की शुरुआत किये थे और लगभग दो माह तक पूरे बिहार के दौरे पर रहे इस दौरान उपेन्द्र कुशवाहा जिस जिले में गये वहां के जदयू के विधायक,पार्टी कार्यकर्ता के साथ साथ जिले के सीनियर अधिकारी उनके स्वागत में खड़े रहते थे जैसे नीतीश ही यात्रा में निकले हो । ऐसा भी नहीं है कि उपेन्द्र कुशवाहा के स्वागत में पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता वैसे ही खड़े रहते थे बाजाब्ता जदयू के प्रदेश कार्यालय के साथ साथ सीएम हाउस से विधायक और जिले के वरिष्ठ नेता को फोन जाता था ।
यात्रा के दौरान यह साफ हो गया था कि उपेन्द्र कुशवाहा आरसीपी की जगह ले सकते हैं हुआ भी ऐसा ही जब आरसीपी सिंह को पार्टी से बाहर निकालने की रणनीति पर अमल करने का समय आया तो उपेन्द्र कुशवाहा को सामने खड़ा किया इस दौरान आये दिन ललन सिंह उपेंद्र कुशवाहा के घर मिलने जाते थे। उस समय आरसीपी सिंह जिस हैसियत में थे उस स्थिति में आरसीपी सिंह को हटाना ललन सिंह के बस में नहीं था लेकिन जैसे ही मिशन आरसीपी सिंह पूरा हुआ उपेन्द्र कुशवाहा को ठिकाने पर पहुंचाने का खेला शुरू हो गया। मुझे अच्छी तरह से याद है जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री के रूप में पूरे फर्म में थे नीतीश कुमार का हाल यह हो गया था कि विधायक की कौन कहे अधिकारी भी छुप छुपा कर मिलने आते थे संयोग से किसी बात को लेकर इनसे मुझे मिलना पड़ा ।
इतना निराश, उदास और हताश मैंने कभी नीतीश कुमार को नहीं दिखा और जहां तक मुझे याद है शरद यादव और लालू प्रसाद नहीं होते तो इनसे जीतन राम मांझी हटने वाले नहीं थे । इसी तरह आरसीपी सिंह को हटाने के लिए एक वर्ष से कोशिश कर रहे थे उपेन्द्र कुशवाहा नहीं होते तो आरसीपी सिंह को भी निकालना इनके लिए आसान नहीं होता।
नीतीश के राजनीतिक जीवन में उपेंद्र कुशवाहा कोई पहला व्यक्ति नहीं है जिसके साथ नीतीश का ये व्यवहार रहा है लम्बी सूची है दिग्विजय सिंह,प्रभुनाथ सिंह,जार्ज ,शरद,आरसीपी ,लालू प्रसाद। लेकिन इन सबसे इतर जो बड़ा सवाल है इस बार नीतीश बीजेपी का साथ क्यों छोड़े क्या कह कर के छोड़े थे और चार माह बाद वो कहां खड़े हैं। बिहार की राजनीति का ककहरा समझने वाला भी जानता है कि ललन सिंह ,संजय झा और विजय चौधरी से कही अधिक मजबूत और वोट को प्रभावित करने की क्षमता उपेन्द्र कुशवाहा रखते हैं लेकिन उनको आप बाहर निकलने को मजबूर कर रहे हैं ।
ऐसा नहीं है आरसीपी सिंह के जाने से जदयू कमजोर नहीं हुआ है कमजोर हुआ है और जो खबर आ रही है कि फरवरी में नालंदा में ही अमित शाह के मौजूदगी में आरसीपी सिंह भाजपा का दामन थाम सकते हैं मतलब बीजेपी इनको नालंदा में ही घेरने की रणनीति पर काम शुरु कर दिया है इतना ही नहीं आज भी आरसीपी सिंह का जदयू से जुड़े हुए अति पिछड़ा समाज के कार्यकर्ताओं में पकड़ बनी हुई है और आरसीपी मजबूत हुए तो नीतीश के कोर वोटर में भी सेंधमारी होगी ये तय है लेकिन आप बीजेपी का एजेंट घोषित करके उसे पार्टी से निकाल दिए लेकिन जिस व्यक्ति को लेकर घूम रहे हैं उनकी छवि तो सर्वविदित है कि वो बीजेपी के साथ ज्यादा कम्फर्ट महसूस करते हैं ।
देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन नीतीश जिस राह पर जा रहे हैं उससे उनका मिशन 2024 कमजोर पड़ रहा है ये अब साफ दिखने लगा है ।