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एआई और गणितियों के सहयोग से प्राइम संख्याओं के वितरण पर नई अंतर्दृष्टि, 15 नए अनुक्रम प्रस्तावित

प्राइम संख्याओं के रहस्य में एआई‑मानव सहयोग की नई दिशा

प्राइम संख्याओं के अध्ययन में हालिया प्रगति ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सीमाओं को फिर से परिभाषित किया है। अंतरराष्ट्रीय गणितीय समुदाय ने इस सप्ताह एकत्रित डेटा प्रस्तुत किया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल और अनुभवी गणितियों के सहयोग से प्राइम संख्याओं के वितरण एवं उनके अनूठे गुणों पर नई अंतर्दृष्टि मिली है। इस संयुक्त शोध में एआई ने जटिल पैटर्न की पहचान की, जबकि मानव गणितियों ने सिद्धांतात्मक आधार को सुदृढ़ किया, जिससे कई प्राचीन अनसुलझे प्रश्नों के संभावित उत्तर सामने आए हैं।

प्राइम संख्या, जो केवल 1 और स्वयं द्वारा विभाजित होती हैं, शताब्दियों से गणित के मूलभूत प्रश्नों में से एक रही हैं। ऐतिहासिक रूप से, यूक्लिड, एराथोस्थनीज और रिमान जैसे गणितियों ने इन संख्याओं की संरचना को समझने के लिए शुद्ध विश्लेषणात्मक विधियों का उपयोग किया। हाल ही में, 2020 के बाद से एआई ने डेटा‑संचालित खोजों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई, परन्तु इसे केवल सहायक उपकरण माना जाता रहा।

वर्तमान अध्ययन में, एकत्रित 10 मिलियन प्राइम संख्याओं के डेटा सेट को गहन न्यूरल नेटवर्क द्वारा विश्लेषित किया गया। एआई ने पहले कभी न देखे गए क्रमबद्धता पैटर्न और संभावित “गैप” क्षेत्रों की पहचान की, जो मानवीय निरीक्षण से छूट जाते थे। इन खोजों को मानवीय गणितियों ने मौलिक सिद्धांतों के साथ मिलाकर परीक्षण किया, जिससे कई अनुमानों की वैधता पर पुनर्विचार संभव हुआ।

मुख्य घटना यह रही कि एआई ने “गैप थ्योरी” के तहत नए अंतरालों की भविष्यवाणी की, जिन्हें बाद में गणितियों ने कड़ी सटीक गणनाओं से प्रमाणित किया। इस प्रक्रिया में एआई ने संभावित प्राइम अंतरालों की संभावनात्मक संभावना 0.87 के उच्च स्तर पर निर्धारित की, जबकि पारम्परिक विधियों ने इसे 0.45 के आसपास अनुमानित किया था। इस अंतर ने गणितीय समुदाय में उत्सुकता और सावधानी दोनों को उत्पन्न किया।

अध्ययन के दौरान दो प्रमुख एआई मॉडल—“PrimeNet” और “MathGPT”—का उपयोग किया गया। PrimeNet ने बड़े पैमाने पर प्राइम वितरण की ग्राफिकल विज़ुअलाइज़ेशन प्रदान की, जबकि MathGPT ने संभावित सिद्धांतों के निर्माण में मानव गणितियों की मदद की। दोनों मॉडलों ने मिलकर 15 नई प्राइम अनुक्रम प्रस्तावित किए, जिनमें से 7 को अभी तक प्रमाणित नहीं किया गया, परन्तु उनके अस्तित्व की संभावनात्मक साक्ष्य मजबूत दिखाई दिए।

प्रमुख घटनाक्रमों में एआई‑सहायता प्राप्त प्रमाणन प्रक्रियाओं की गति में 40% की वृद्धि शामिल है। जहाँ पहले एक नई प्राइम अनुक्रम को सिद्ध करने में कई महीने लगते थे, अब वही कार्य कुछ हफ्तों में पूर्ण हो रहा है। इस गति वृद्धि ने शोधकर्ताओं को अधिक जटिल समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित करने की अनुमति दी, जिससे प्राइम संख्या सिद्धांत में नई दिशा मिली।

इन खोजों पर अंतरराष्ट्रीय गणितीय संस्थानों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ संस्थानों ने एआई की संभावनाओं की प्रशंसा की, जबकि अन्य ने इसकी सीमाओं पर चेतावनी दी। “कम्प्यूटेशनल टूल्स ने गणितीय खोज को तेज़ किया है, परन्तु सिद्धांत का मूलभूत सार मानव मन की रचनात्मकता में निहित है,” कहा एक प्रमुख गणितीय संघ के प्रतिनिधि ने।

दूसरी ओर, एआई विशेषज्ञों ने इस सहयोग को “समानुभूति‑आधारित खोज” के रूप में वर्णित किया। उन्होंने बताया कि एआई मॉडल मानव गणितियों की प्रश्न‑उत्पादन प्रक्रिया को समझकर अपनी खोज रणनीति को अनुकूलित कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच एक सुदृढ़ फीडबैक लूप बन रहा है। इस मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए कई विश्वविद्यालयों ने विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया।

वित्तीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों ने भी इस विकास पर नज़र रखी है। एआई‑आधारित गणितीय खोजें क्रिप्टोग्राफी, डेटा सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में संभावित अनुप्रयोग प्रदान करती हैं। कई निवेश

Updated: September 4, 2026

AI अब केवल गणना का औज़ार नहीं, बल्कि गणितज्ञों के लिए एक सह-समस्या-समाधान भागीदार बन रहा है जो अमूर्त पैटर्न में छूटे हुए संकेतों को उजागर करता है। यह सहयोग मानव रचनात्मकता और मशीनी गती

पेंसिलवेनिया के कार्लिस्ले हवाई अड्डे पर पुलिस हेलीकॉप्टर‑सेसना टकराव, पायलट की मौत; एफएए ने जांच शुरू की

पिलट की मौत के साथ पेनसिल्वेनिया पुलिस हेलीकॉप्टर के टकराव की घटना ने कार्लिस्ले के छोटे हवाई अड्डे को एक क्षण में आपदा स्थल बना दिया। फेडरल एवीएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के अनुसार, बेल ४०७ मॉडल हेलीकॉप्टर और सेसना १५० छोटे विमान के बीच टकराव हुआ, जिसमें

हेलीकॉप्टर में मौजूद पुलिस पायलट का निधन हो गया। टकराव की सूचना मिलने पर स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचकर मृतक का निकाला और बचाव कार्य किया। इस घटना ने क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रश्न उठाए हैं।

कार्लिस्ले हवाई

अड्डा, फ़िलाडेल्फ़िया से लगभग १७० किलोमीटर उत्तर‑पश्चिम में स्थित, आम तौर पर निजी उड़ानों और प्रशिक्षण उड़ानों के लिए प्रयोग होता है। इस हवाई अड्डे की पृष्ठभूमि में कई बार मौसम संबंधी बाधाओं और हवाई ट्रैफ़िक की जटिलता को लेकर चिंताएँ उठाई गई थीं। एफएए ने

पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में दो प्रमुख हवाई दुर्घटनाओं को दर्ज किया है, जिनमें एक छोटा विमान का तकनीकी खराबी से गिरना शामिल है। इस प्रकार के हवाई अड्डे अक्सर सीमित रनवे और अस्थायी नेविगेशन सुविधाओं के कारण जोखिमपूर्ण माने जाते हैं।

घटना

के समय मौसम साफ़ था, लेकिन धुंध के कारण दृश्यता में कमी दर्ज की गई थी। टकराव के समय हेलीकॉप्टर ने पुलिस निगरानी मिशन के तहत क्षेत्रीय गश्त के लिए उड़ान भर रही थी, जबकि सेसना १५० निजी पायलट द्वारा प्रशिक्षण उड़ान के रूप में उपयोग

हो रहा था। एफएए के शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, दोनों विमान एक ही हवाई मार्ग पर एक साथ प्रवेश कर गए, जिससे टकराव अपरिहार्य हो गया। टकराव के तुरंत बाद दो विमान भी हवा में घुंघराले धुएँ के साथ गिरते हुए दिखे।

स्थानीय आपातकालीन टीमों

ने दुर्घटना स्थल पर पहुँचा कर बचाव कार्य प्रारंभ किया। हेलीकॉप्टर के दो पायलटों में से एक को तुरंत उपचार के लिए निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में उसकी स्थिति गंभीर बताई गई। दूसरी ओर, सेसना के पायलट को भी घायल पाया गया, लेकिन

वह अस्पताल में स्थिर स्थिति में भर्ती हुए। बचाव दल ने दोनों विमानों के मलबे को सुरक्षित करने और संभावित ज्वालामुखीय सामग्री को हटाने में कई घंटे बिताए।

घटना के बाद फेडरल एवीएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने एक आपातकालीन जांच की घोषणा की। जांच समिति में एफएए

के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि और स्थानीय हवाई अड्डे के प्रबंधन शामिल होंगे। प्रारंभिक जांच में टकराव के कारणों में संचार त्रुटि, हवाई ट्रैफ़िक नियंत्रण प्रणाली की कमी और पायलटों के बीच समन्वयहीनता की संभावना को उजागर किया गया। इस प्रक्रिया में घटना

स्थल से सभी डेटा और रेकॉर्ड को इकट्ठा कर विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।

पुलिस विभाग ने टकराव से हुई क्षति के लिए गहरी शोक व्यक्त किया और पायलट के परिवार को संवेदनाएँ भेजी। राज्य के उच्चतम अधिकारी ने इस दुर्घटना को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना कहा

और कहा कि सभी संबंधित पक्ष मिलकर कारणों की जाँच करेंगे। स्थानीय समुदाय में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया गया, जहाँ कई लोग पायलट को सुरक्षा के प्रहरी के रूप में सम्मान देते थे। इस घटना ने स्थानीय पुलिस और एवीएशन एजेंसियों के बीच

सहयोग को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता को उजागर किया।

राजनीतिक स्तर पर इस दुर्घटना पर चर्चा तेज़ी से बढ़ी। पेनसिल्वेनिया के गवर्नर ने कहा कि हवाई सुरक्षा के मानकों को सख्त करने की जरूरत है और सभी पुलिस हवाई मिशनों में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों

को लागू करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य विधानसभा ने इस मुद्दे पर विशेष समिति बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे हवाई ट्रैफ़िक नियंत्रण, पायलट प्रशिक्षण और उपकरण अद्यतन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विपक्षी दल ने भी इस मामले को राजनीतिक लाभ के रूप में

ले कर सरकार की सुरक्षा नीतियों की आलोचना की।

आर्थिक प्रभाव को देखते हुए, स्थानीय हवाई अड्डे की संचालन क्षमता पर असर पड़ेगा। टकराव के बाद हवाई अड्डे के कुछ रनवे को अस्थायी रूप से बंद

Updated: August 20, 2026

Insight: The crash exposes how “small‑airport” shortcuts—limited ATC infrastructure and makeshift navigation—turn routine patrols into high‑risk gambits, a flaw that will now pressure regulators to upgrade rural airspace standards.

If policymakers ignore these systemic gaps, the tragedy will become a precedent,

Stock Market Today: Sensex Nifty Latest Update March 5

Stock Market Today (March 5, 2026)

भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार देखने को मिला।
सेंसेक्स और निफ्टी के स्तर के आसपास ट्रेड करते दिखे।

Market Highlights

  • Sensex Level:
  • Nifty Level:
  • Market Sentiment: Mixed

Top Market News

Data Patterns among 6 stocks that hit 52-week highs & rallied up to 33% in a month

Stock market quote of the day by Carlos Slim Helú | "Courage taught me no matter how bad a crisis gets… any sound investment will eventually pay off."

Embassy REIT raises Rs 1,400 cr via issue of debentures

US Stocks: US bonds tumble as oil price surge kindles inflation fears

Rupee ends higher, Middle East conflict to keep RBI support in play

US stock market: Wall Street set to open flat as US–Iran war widens; US dollar index climbs above 99

US-Iran war lifts crude: Why ONGC, Oil India could be biggest gainers in Indian stock market

6 common mistakes NRIs should avoid while starting their investment journey

Bank of India, PNB plan infra bond sales after robust demand for BoB issue

Rupee rebounds from lowest level to settle 45 paise higher at 91.60 against US dollar

Sector Performance

बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में आज अलग-अलग रुझान देखने को मिले।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

Global Market Impact

अमेरिकी और एशियाई बाजारों में हो रही हलचल का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई देता है।
तेल की कीमतें और डॉलर इंडेक्स भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करते हैं।

Market Outlook

विशेषज्ञों के अनुसार यदि निफ्टी महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के ऊपर बना रहता है तो बाजार में आगे तेजी की संभावना बन सकती है।
लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए।

भारतीय शेयर बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक माना जाता है।
घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और मजबूत आर्थिक वृद्धि बाजार को दीर्घकालिक समर्थन प्रदान करती है।

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बाढ़ देखते हुए अब नवम्बर में होगा पंचायत चुनाव

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित डीएम से मांगी रिपोर्ट, बाढ़ देखते हुए अब नवम्बर में होगा पंचायत चुनाव । 17 जिलों के डीएम ने सितम्बर में चुनाव कराने को लेकर खड़े किये हाथ आज कैबिनेट की बैठक में हो सकता है निर्णय

बाढ़ के हालात को देखते हुए राज्य सरकार पंचायत चुनाव को नवम्बर में कराने पर विचार कर रही है वैसे आज पंचायत चुनाव को लेकर कैबिनेट की बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तिथि निर्धारित करने को लेकर दिये गये प्रस्ताव पर विचार करने वाली है ।

राज्य चुनाव आयोग सितंबर से नवंबर के बीच 10 चरण में चुनाव कराना चाहती है, लेकिन इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा है 17 जिलों में बाढ़ । क्यों कि बाढ़ की वजह से ग्रामीण इलाकों में काफी नुकसान हुई है इसलिए चुनाव की तिथियों का कोई फैसला लेने के पहले राज्य सरकार जिलों में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिलाधिकारियों से फीड बैक लेने की तैयारी कर रही है।

वही आयोग ने अब तक जो तैयारी की है, उसमें भी बाढ़ के संभावित असर वाले प्रखंडों में बाद के चरणों में चुनाव कराने की ही बात है। हालांकि आयाेग ने जिलों से रिपोर्ट के आधार पर जब यह कार्यक्रम तय किया, तब बाढ़ के इतने खतरनाक रूप अख्तियार करने का अंदाजा शायद नहीं था। इस बार कई इलाकों में बाढ़ अनुमान से कही अधिक असर दिखा रही है। करीब 14 साल बाद भागलपुर-किऊल रेलखंड पर बाढ़ के कारण यातायात बंद करना पड़ा है तो पटना के पास गंगा अपने रिकार्ड स्‍तर तक पहुंचने से कुछ ही सेंटीमीटर नीचे रह गई। हथीदह और कई इलाकों में गंगा ने पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। गंगा के अलावा गंडक और कोसी जैसी नदियों में अब भी काफी पानी है।वही स्थिति सीतामंढ़ी ,शिवहर,मधुबनी और दरभंगा जिले कि भी है जहां बाढ़ का पानी पहले ही कम हो गया है लेकिन कम स्थिति फिर बिगड़ जायेगी कहना मुश्किल है इसलिए राज्य सरकार बाढ़ के बाद ही चुनाव कराने के मूड में है ।

बिहार में बड़ा हादसा हाईटेंशन तार से टकराई नाव ,करंट लगने के 25 लोग झुलसे कई लोग लापता

घटना पटना जिले के कच्ची घाट से जुड़ा हुआ है जहां देर रात रोजमर्रा का काम करके नाव से लौट रहे लोग उस वक्त सकते में आ गये जब गंगा के मझधार में पास कर रहे हाईटेंशन तार से नाव टकरा गयी ।

देखते देखते पूरे नाव में करंट प्रभाव करने लगा जिस वजह से 25 लोग झुलस गये हैं जिसमें दो की हालत गम्भीर है । प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब साढ़े नौ बजे एक नाव कच्ची दरगाह से वैशाली के रुस्तमपुर राघोपुर के लिए खुली। उस नाव पर करीब पचास से अधिक लोग सवार थे। गंगा के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। गंगा में ऊफान के चलते हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई बेहद कम हो गई है। नाव जैसे ही वैशाली सीमा के मझधार में पहुंची, अंधेरा होने के कारण नाविक को पता नहीं चला और नाव की पतवार ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार से टकरा गई।


हादसे की सूचना मिलते स्थानीय लोगों ने दूसरी नाव से लोगों को मदद पहुंचानी शुरू की। गंगा में कूदे लोगों और करंट से घायल लोगों को किनारे लाकर घायलों को विभिन्न निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया।
बचाव एवं राहत कार्य में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी जुट गए। डीएसपी फतुहा  के अनुसार, घायलों का इलाज पटना के कच्ची दरगाह स्थित अलग-अलग नर्सिंग होम में चल रहा है। गंभीर रूप से घायलों का एनएमसीएच में भी इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर पटना सिटी और वैशाली के एसडीओ और एसडीपीओ 4 अधिकारी दल बल के साथ मौजूद हैं। लापता यात्रियों की खोजबीन SDRF की टीम मदद से की जा रही है।

बिहार इस बार भी वीरता पदक से चूका

हर वर्ष की भाती स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के जांबाज पुलिस पदाधिकारियों को दी जाने वाली विरता पुरस्कार( गैलेंट्री पुलिस पदक)में इस बार भी बिहार का नाम नहीं है जबकि विराता पुरस्कार के इतिहास की बात करे तो बिहार हमेशा दो तीन पदक लेता रहा है।

 गृह मंत्रालय हर साल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेश की पुलिस सेवा से जुड़े पदाधिकारियों व कर्मियों के लिए पदक की घोषणा करती है। यह पदक चार श्रेणी में दिए जाते हैं। राष्ट्रपति का गैलेंट्री पुलिस पदक, गैलेंट्री पुलिस पदक, राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक व सराहनीय सेवा पदक।

स्वतंत्रता दिवस पर इस वर्ष बिहार के 23 पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को गृह मंत्रालय की ओर से सेवा पदक के लिए चुना गया है। दो पुलिस पदाधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक जबकि डीएसपी सुबोध कुमार समेत 21 को सराहनीय पुलिस सेवा पदक दिया जाएगा। आर्थिक अपराध इकाई, पटना में पुलिस निरीक्षक विपिन कुमार सिंह और पटना जिला बल में पुलिस अवर निरीक्षक राम कुमार सिंह को विशिष्ट सेवा पदक के लिए चुना गया है। बिहार के डीजीपी एसके सिंघल ने विशिष्ट व सराहनीय सेवा पदक पाने वाले पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य

इन्हें मिला सराहनीय सेवा पदक
– सुबोध कुमार, डीएसपी मद्यनिषेध,
– आनंद कुमार सिंह एसआइ सहरसा,
– राज नारायण यादव एएसआइ पटना,
– सुधाकर सिंह, एसआइ पूर्णिया,
– अर्जुन बेसरा एसआइ, रेल कटिहार,
– शत्रुघ्न पटेल, एसआइ कैमूर,
– अरुण कुमार झा, एसआइ दरभंगा,
– कुमार अजीत सिंह, एएसआइ सीआइडी,
– संजय कुमार यादव, एएसआइ सीआइडी,
– उमेश पासवान, एएसआइ एसटीएफ,
– अजय कुमार द्विवेदी, एएसआइ पुलिस मुख्यालय,
– अमेंद्र कुमार गुप्ता, एएसआइ मद्यनिषेध इकाई,
– अनिल कुमार सिंह, हवलदार एटीएस,
– अरुण कुमार सिंह, चालक हवलदार एटीएस,
– मो. रिजवान अहमद, हवलदार बीएसएपी-10,
– विनय कुमार सिंह, हवलदार सिवान,
– लालबाबू सिंह हवलदार बीएसएपी-14,
– बलराम सिंह, चालक सिपाही बीएसएपी-10,
– हरेंद्र कुमार चौधरी, सिपाही नालंदा,
– रामकुमार शर्मा, सिपाही सीआइडी,
– संजय कुमार सिपाही गोपालगंज।

गैलेंट्री पुलिस पदक नहीं मिलने को लेकर जब राज्य के डीजीपी से सवाल किया गया तो कहां कि हमारे राज्य में जांबाज पुलिस अधिकारियों की कोई कमी है कभी कभी ऐसा होता है वैसे विरता पदक का एक अलग ही महत्व है ।

स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी पटना में हाई अलर्ट: सुरक्षा चाक-चौबंद

राजधानी पटना में 15 अगस्त पर अशांति का खतरा है। इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद पटना में हाई अलर्ट कर दिया गया है। झंडोत्तोलन कार्याक्रम के दौरान गांधी मैदान के अंदर से लेकर बाहर तक खुफियां निगरानी कराई जाएगी। चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल को तैनात किया गया है। ताकि स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन शांतिपूर्ण हो सके। DM और SSP ने संयुक्त आदेश जारी कर सुरक्षा को लेकर विशेष अलर्ट किया है।

पटना के आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल का कहना है- ‘किसी भी दशा में अफवाह फैलाने वालों और अशांति पैदा करने वालों का मंसूबा सफल नहीं होगा’। आयुक्त ने तैनात सभी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी को अपने दायित्व का शत-प्रतिशत पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही विशेष रूप से अफवाह फैलाने वाले, शांति भंग करने वाले व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने को कहा है।