मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अंदर अहियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की किशोरी से रेप करने का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है और किशोरी की हालत गंभीर है उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
वहीं आरोपी को भी ग्रामीणों ने पकड़कर जमकर धुनाई कर दी उसकी भी हालत गंभीर है वह बोल पाने में असमर्थ है।घटना की सूचना मिलने पर अहियापुर के पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और किशोरी से घटना के सम्बंध में जानकारी ली।
यह बताया जा रहा है कि पीड़िता ने बताया कि रात को वह ट्यूबवेल पर गयी थी इसी दौरान एक युवक ने उसे दबोच लिया मुंह बांध दिया और फिर हाथ-पैर बांध दिया और घसीट करके एक नर्सिंग होम के पास ले गया वहां ले जाकर उसका रेप किया इसी बीच आसपास के कुछ लोगों को इसकी भनक लग गयी।
ग्रामीणों ने धावा बोल दिया वही घटना की जानकारी मिलने आरोपी पकड़े जाने के डर से भागने लगे ग्रामीणों ने खदेड़कर उसे दबोचा और उसकी जमकर पिटाई कर दी है और अब अधमरे हालत में उसे छोड़ दिया फिर वहीं के कुछ लोगों ने उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया।पुलिस का कहना है किशोरी का मेडिकल और बयान दर्ज करने की कवायद की जा रही है और फिलहाल वह प्रारंभिक पूछताछ में रेप की बात बोल रही हैमेडिकल रिपोर्ट आने पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मुंगेर । सर्वेक्षण के दौरान हैलीकॉप्टर में फ्यूल भरने या मौसम के खराब होने के उपरांत, मुंगेर हवाई अड्डा में सीएम के हैलीकॉप्टर के उतरने की व्यवस्था की गई।
जानकारी के अनुसार आज सीएम मुंगेर लखीसराय और जमुई में सूखे का हाल जानने के लिए करेगें हवाई सर्वेक्षण ।
डीएम एसपी दल बाल के साथ बीती रात से ही करवा रहे काम ।
जहानाबाद में एक युवक को गोली मार दी गई है। जहानाबाद सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घायल युवक को पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया है।
घायल युवक निरंजन ने बताया कि उसके पड़ोस में दो लोगों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आज विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष से गोलीबारी की घटना शुरू हो गई। वह अपने घर के पास बैठा था और एक गोली आकर उसके सीने के पास लग गई।
गांव के लोगों ने आनन-फानन में घायल निरंजन को सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंचाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया है। पूरा मामला कल्पा ओपी क्षेत्र के शिवा बीघा गांव का है। बताया जा रहा है कि बिंदेश्वर जादव का आपने गोतिया से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
स्थानीय लोगों की मानें तो 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई है हालांकि पुलिस की तरफ से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने दोनों तरफ से एक एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
दरभंगा । प्रशांत किशोर मिथिलांचल के अपने दौरे पर आज दरभंगा पहुंचे। दरभंगा में उन्होंने जन सुराज के कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और लोगों से जन सुराज की सोच के बारे में संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि बिहार को अगर विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है तो तीन बिंदुओं पर काम करना होगा – “सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास।”
सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास से निकलेगा बिहार के विकास का ब्लूप्रिंट
दरभंगा में पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने “सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास को विस्तार से समझाते हुए कहा, “हम 2 अक्तूबर से शुरू हो रहे पदयात्रा के माध्यम से बिहार के हर गांव, प्रखंड में जाना चाहते हैं और हर घर का दरवाजा खटखटाना चाहते हैं, ताकि समाज को मथ कर सही लोगों को चिन्हित किया जा सके। ऐसे सभी सही लोगों के माध्यम से हम बिहार के वास्तविक मुद्दों को समझने का प्रयास करेंगे। सही सोच का अर्थ है बिहार के विकास के लिए प्रयास करने की सोच और इसके लिए जबतक सामूहिक प्रयास नहीं होगा, कोई व्यक्ति या कोई दल अकेले बिहार को आगे नहीं बढ़ा सकता है। इसलिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।”
इस पदयात्रा के बाद बिहार के समग्र विकास के लिए 10 सबसे महत्वपूर्ण विषय जैसे शिक्षा, स्वास्थ, सड़क, रोजगार आदि पर एक विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी करेंगे और उसमे सिर्फ समस्या नहीं गिनाएंगे बल्कि उसका ठोस समाधान भी बताएंगे। ये पूरा ब्लूप्रिंट जमीन पर लोगों से बात कर बनाई जाएगी, इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति इसमें कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो वो भी दे सकते हैं।”
जन सुराज के राजनीतिक दल और प्रशांत किशोर के मुख्यमंत्री बनने पर ये कहा
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर कहा, “मेरा मकसद सीएम या पीएम बनना नहीं है। मैं अपने जीवनकाल में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में देखना चाहता हूं। मैंने देश के कई राज्यों में काम किया है और बिहार उनके मुकाबले बहुत पीछे है। बिहार से कंप्यूटर, स्टील या कोई भी उत्पाद बाहर नहीं जाता है। बिहार से बाहर अगर कुछ जाता है तो वो है अनस्किल्ड लेबर। बिहार के युवा देश के अलग- अलग राज्यों में सबसे मुश्किल काम करते हैं। मैं इस स्थिति को बदलना चाहता हूं। सीएम या पीएम बनना होता तो किसी पार्टी से कुछ जोड़-तोड़ या समझौता कर के भी बन सकता था। मेरा मकसद बिहार के अच्छे लोगों को राजनीति में लाने का है। मैं सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिए संघर्ष करने का प्रयास कर रहा हूं।”
प्रशांत किशोर ने कहा कि पदयात्रा के बाद एक प्रयास किया जाएगा कि जो भी लोग इस अभियान में आगे साथ चलने के लिए तैयार होंगे, उनके साथ राज्य स्तर पर एक अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा और इसी में तय होगा कि आगे राजनीतिक दल बनाना है या नहीं बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर ही आगे का रास्ता तय करेंगे और यह प्रकिया पूरे तौर पर लोकतांत्रिक एवं सामूहिक होगी। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा अगर कोई दल बनता है तो वो प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा, वो उन सारे व्यक्तियों का होगा जो इस सोच से जुड़कर इसके निर्माण में संस्थापक बनेंगे।
महागठबंधन सरकार पर प्रशांत किशोर का हमला जारी, कहा – बहुत दिनों तक नहीं चल सकती 7 दलों की सरकार
प्रशांत किशोर ने महागठबंधन की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संभव है लोकसभा चुनाव तक ये लोग साथ रहे, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले इसमें फेरबदल संभव है। उन्होंने सरकार की अस्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2012 के बाद से बिहार में ये छठवां प्रयोग है जिससे सरकार बदली है, इससे बिहार के विकास पर बुरा असर पड़ा है और विकास की गति धीमी हुई है। नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वो कुर्सी से चिपक कर बैठ गए हैं, 2014 के नीतीश कुमार और 2022 के नीतीश कुमार में जमीन आसमान का फर्क है।
शहर के दक्षिणी दौलतपुर स्थित राधे कृष्ण मंदिर से भगवान श्री कृष्ण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. जो अरवल मोड़ होते हुए काको मोड़ पहुंची और फिर काको मोड़ से यात्रा में शामिल लोग वापस हो गए।
इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में शहर के लोगों के साथ श्रद्धालु शामिल हुए. आयोजक ने बताया कि अचानक दिल में यह ख्याल आया कि प्रभु श्री कृष्ण की यात्रा कृष्णाष्टमी पर निकाली जाए। अपने मन की बात को लेकर आयोजक मुन्ना केसरी थाने पहुंचे और थाने ने शोभायात्रा निकालने की अनुमति दे दी।
लोगों ने बताया कि छोटी मोट शोभायात्रा शहर में निकाली जाती थी । लेकिन कोरोना काल के चलते समाज की ओर से प्रतिवर्ष निकाली जाने वाली श्री कृष्ण की शोभायात्रा नहीं निकाली गई थी. इस बार पाबंदी हटने के बाद भव्य रुप से शोभायात्रा निकाली गई. जिसमें शहर के लोग जुड़ते चले गए।
शोभायात्रा में सबसे आगे केसरिया ध्वज लिए लोग चल रहे थे. इसके बाद ढोल की थाप पर युवा नाचते हुए चल रहे थे. शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी भी शामिल थी, जिस पर लोगों ने रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया. शोभा यात्रा को लेकर महिलाओं में भी खासा उत्साह नजर आया. बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां डीजे की धुन पर नाचती हुई चल रही थी. और लोगों की सहूलियत के लिए जहानाबाद नगर थाने की टीम भी साथ साथ चलती नजर आआई।
मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की एक करवाई में एक दर्जन से अधिक बच्चो को बाल तश्करी करने वालो से मुक्त कराया गया है।बाल श्रम को लेकर ट्रेन से एक दर्जन बच्चो को लेकर के जा रहे कुल सात बाल तश्कर को मौके पर से गिरफ्तार किया गया है।कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन से बाल श्रमिकों लेकर के ले जाई जा रही थी,जहाँ से सभी बच्चो को मुक्त कराया गया है।रेल एसपी अशोक कुमार प्रसाद ने इस बाबत दी जानकारी।
बाल मजदूरी करने और बच्चो से श्रम कराया जाने को लेकर के जा रहे आधा दर्जन से अधिक बाल तश्करी करने को रेल पुलिस ने किया है और गिरफ्तार सभी बच्चो से मजदूरी कराया जाने के लिए ले जाया जा रहा था,जिसमे 12 बच्चो को मुक्त कराया गया है।RPF और GRP मुजफ्फरपुर के द्वारा गाड़ी संख्या 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस के अंदर जांच के क्रम में ये करवाई की गई है,जिसमे 12 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू करते हुए 07 बाल तस्करों को भी पकड़ा गया है।
पूछताछ में यह बताया गया है की इन सभी को ट्रेन से लुधियाना सहारनपुर अमृतसर ले जा रहे थे वही उक्त बच्चों में से 5 पांच कटिहार के एक खगड़िया एक शिवहर एक पूर्णिया एक दरभंगा एक सीतामढ़ी दो अररिया जिला का रहने वाला है और साथ तस्करों में से एक अररिया दो कटिहार एक दरभंगा एक शिवहर एक सीतामढ़ी और एक मधेपुरा जिला का निवासी है और यह अब सभी को श्रम कानून उलंघन व बाल श्रम कानून के तहत करवाई करते हुए हुए जेल भेजा जा रहा है।
पूरे मामले पर रेल एसपी अशोक कुमार प्रसाद ने बताया बाल श्रम उल्लंघन की एक जानकारी पर बच्चों से श्रम कराया जाने की जानकारी कर्मभूमि एक्सप्रेस से मिली जहां रेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात बाल तस्करों को गिरफ्तार किया है जबकि 12 बच्चों को मुक्त कराया सघन पूछताछ के बाद अब सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और इन सभी का एक नेटवर्क है जो बच्चों से बाल श्रम करवाती है।
भारत सरकार के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वार जहानाबाद जिले के सेबनन पंचायत में दो दिवसीय आई पी एम ओरियंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत पुस्पगुच्छ भेंट कर किया गया एवं मौजूद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
इस दौरान बिहार सरकार के कृषि विभाग से राखी कुमारी जिला उद्यान पदाधिकारी, गयासुद्दीन सहायक निदेशक (रसायन), अनिल कुमार गौरव पौधा संरक्षण निरीक्षक द्वारा प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा पौधा संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के क्रम में प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह, पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा आईपीएम के महत्व , आईपीएम के सिद्धांत एवं उसके विभिन्न आयामों के बारे में, कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित इस्तेमाल, मनुष्य पर होने वाले कीटनाशकों का दुष्प्रभाव एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि फसलों में रसायनों के अधिकतम अनुमेय अंश के संबंध में जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि मोहम्मद गयासुद्दीन द्वारा मिट्टी जांच एवं मृदा तत्वों की आवश्यकता एवं रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में कार्बन की मात्रा बढ़ाने पर जोर दिया।राखी कुमारी जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा सूक्ष्म सिंचाई , मल्चिंग का इस्तेमाल ,परंपरागत खेती एवं उद्यान विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में उपस्थित अनिल कुमार गौरव द्वारा धान के फसल में लगने वाले रोगों तथा आइ पी एम के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कुलदीप कुमार द्वारा धान एवं सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोग व्याधि के बारे में विस्तार से बताया गया।
येलो स्टिकी, ब्लू स्टीकी, फेरो मैन ट्रैप, फल मक्खी जाल लाइट ट्रैप के उपयोग के बारे में बताया गया ।श्री राजेश कुमार द्वारा बीज उपचार का प्रदर्शन ,चूहे का प्रकोप एवं नियंत्रण और फॉल आर्मी बर्म के प्रबंधन तथा मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान के बारे में बताया गया।श्री आर पी सिंह द्वारा नीम आधारित एवं अन्य वनस्पति कीटनाशक के महत्व एवं उपयोग के बारे में बताया ।
श्री विकास कुमार रजक द्वारा कीटनाशकों के लेवल एवं कलर कोड के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के अधिकारियों द्वारा आईपीएम प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसमें आईपीएम के विभिन्न आयामों का प्रदर्शन किया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन किसानों को खेत भ्रमण करा कर के कृषि परिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण के बारे में भी विस्तार से बताया एवं प्रदर्शन करके दिखाया जाएगा कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के किसान सलाहकार देवेंद्र कुमार, किसान सलाहकार कृष्ण मुरारी सिंह ,किसान सलाहकार रंजीत कुमार एवं श्री अंकित कुमार तकनीकी सहायक मौजूद रहे।कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पटना हाई कोर्ट ने शादी समेत अन्य समारोहों में राज्य भर में किये जाने वाले हर्ष फायरिंग के मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को हलफनामा दायर कर यह बताने को कहा है कि कितने केसों में अनुसंधान पूरा किया गया है। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता का कहना था कि हर्ष फायरिंग में कई निर्दोष लोगों घायल हो जाते हैं और कितने की तो जान भी चली जाती है।इसलिए इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई सख्त ढंग की जानी चाहिए।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले में एक सख्त गाइडलाइंस जारी की जानी चाहिए। जनहित याचिका में राज्य के चीफ सेक्रेटरी व डी जी पी समेत अन्य को पार्टी बनाया गया है।
इस मामले पर अगली सुनवाई अब आगामी 29 अगस्त, 2022 को की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जो धनराशि कालेजों को दी जाती है,इसकी जिम्मेदारी किसी के द्वारा नहीं लेना गंभीर मामला है।
कोर्ट ने सभी विश्वविद्यालयों के वीसी और यूजीसी को हलफनामा दायर कर पूरी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने सभी विश्वविद्यालयों को दो दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र यूजीसी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।यूजीसी उसके बाद एक सप्ताह में कार्रवाई करेगा।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितिका रानी ने कोर्ट को बताया कि राज्य में अंगीभूत और सम्बद्धता प्राप्त कालेजों की संख्या 325 है।इन कालेजों को काफी पहले यूजीसी ने जो अनुदान दिया था, उसका बहुत सारे मामलों में अबतक उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य के विभिन्न कालेजों द्वारा 124 करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाण पत्र यूजीसी को प्रस्तुत नहीं किया गया है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कालेजों द्वारा दो दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं जमा किये गए, तो सम्बंधित वीसी का वेतन रोक दिया जाएगा।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने ये साफ कर दिया कि कालेजों द्वारा निर्धारित परफॉर्मा पर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिए गए, तो इसकी जांच कोर्ट कमिश्नर से कराई जा सकती हैं।
जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव को ये भी बताने को कहा कि आगे इस मामलें में क्या कार्रवाई करने की योजना है।
आज कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।उन्होंने बताया कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और अढाइ लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।
महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत किये है।कुछ दिनों में क्षतिपूर्ति की राशि पीडितों के बीच वितरित कर दिया जाएगा।
कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।
इसमें ये आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का गलत लाभ उठाने के लिए बिहार के विभिन्न अस्पतालों/डॉक्टरों द्वारा बड़ी तादाद में बगैर महिलाओं की सहमति के ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिए गए।
अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की बड़ी संख्या होने की सम्भावना है। बीमा राशि लेने के चक्कर में 82 पुरुषों का भी आपरेशन कर दिया गया।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 6 सितम्बर,2022 को की जाएगी।
जस्टिस आशुतोष कुमार सिंह की खंडपीठ इस अपील पर सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुलह का प्रयास करने को कहा।इसके लिए दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को इनके बीच बैठक कर सुलह के मुद्दे पर संभावना तलाशने को कहा था।पूर्व की सुनवाई में तेजप्रताप और ऐश्वर्या कोर्ट में उपस्थित हुए थे।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से यह बताने को कहा कि क्या दोनों पक्षों में सुलह की संभावना है। कोर्ट ने इस मुद्दे पर दोनों पक्षों से जवाब देने को कहा था।
#PatnaHighCourt
ऐश्वर्या की ओर से वरीय अधिवक्ता पी एन शाही ने कोर्ट के पक्ष रखा था।तेज प्रताप के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया था कि घरेलू हिंसा को लेकर ऐश्वर्या राय के विरुद्ध पारित आदेश व भरणपोषण(मेंटेनेन्स) से जुड़े मामले में राशि को बढ़ाने को लेकर हाई कोर्ट में अपील दायर किया गया है।
इस मामलें की सुनवाई अब अगली सुनवाई1सितम्बर, 2022 को की जाएगी।
समस्तीपुर । जन सुराज अभियान के तहत प्रशांत किशोर बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में वो समस्तीपुर के दो दिवसीय दौरे पर आए हैं। अपने दौरे के दूसरे दिन आज उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जन सुराज की सोच और अपनी रणनीति के बारे में विस्तार से बात की।
बिहार के समग्र विकास का ब्लूप्रिंट ऐसा होगा
समस्तीपुर के एक स्थानीय होटल में पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “हम 2 अक्तूबर से शुरू हो रहे पदयात्रा के माध्यम से बिहार के हर गांव, प्रखंड में जाना चाहते हैं और घर का दरवाजा खटखटाना चाहते हैं, ताकि बिहार के वास्तविक मुद्दों को समझ सकें। इसके बाद बिहार के समग्र विकास के लिए 10 सबसे महत्वपूर्ण विषय जैसे शिक्षा, स्वास्थ, सड़क, रोजगार आदि पर एक विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी करेंगे और उसमे सिर्फ समस्या नहीं गिनाएंगे बल्कि उसका ठोस समाधान भी बताएंगे। ये पूरा ब्लूप्रिंट जमीन पर लोगों से बात कर बनाई जाएगी, इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति इसमें कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो वो भी से सकते हैं।”
जन सुराज के राजनीतिक दल बनने पर प्रशांत किशोर ने ये कहा
प्रशांत किशोर ने कहा कि पदयात्रा के बाद एक प्रयास किया जाएगा कि जो भी लोग इस अभियान में आगे साथ चलने के लिए तैयार होंगे, उनके साथ राज्य स्तर पर एक अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा और इसी अधिवेशन में तय होगा कि आगे राजनीतिक दल बनाना है या नहीं बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर ही आगे का रास्ता तय करेंगे और यह प्रकिया पूरे तौर पर लोकतांत्रिक एवं सामूहिक होगी। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा अगर कोई दल बनता है तो वो प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा, वो उन सारे व्यक्तियों का होगा जो इस सोच से जुड़कर इसके निर्माण में संस्थापक बनेंगे।
महागठबंधन सरकार पर प्रशांत किशोर का हमला जारी, कहा – बहुत दिनों तक नहीं चल सकती 7 दलों की सरकार
प्रशांत किशोर ने बिहार की नई महागठबंधन सरकार को बधाई देते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा नीतीश कुमार ने गांधी मैदान से 10 लाख नौकरी देने का वादा किया है, अगर ये सरकार ऐसा करती है तो मैं अपने इस पूरे अभियान को वापस ले लूंगा और नीतीश कुमार का समर्थन करूंगा। महागठबंधन की स्थिरता पर संदेह जाहिर करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि ऐसा नहीं लगता है कि 7 दलों का ये महागठबंधन अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक चलेगा।
उन्होंने कहा संभव है कि लोकसभा चुनाव तक ये लोग साथ रहे, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले इसमें फेरबदल संभव है। प्रशांत किशोर ने सरकार की अस्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2012 के बाद से बिहार में ये छठवां प्रयोग है जिससे सरकार बदली है, इससे बिहार के विकास पर बुरा असर पड़ा है और विकास की गति धीमी हुई है। नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वो कुर्सी से चिपक कर बैठ गए हैं, 2014 के नीतीश कुमार और 2022 के नीतीश कुमार में जमीन आसमान का फर्क है और ये जदयू के चुनावी प्रदर्शन में साफ तौर पर देखा जा सकता है।
बिहार में महागठबंधन की नई सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार सिंह के विवाद पर पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने बड़ा बयान दिया है।
महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के चीफ मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार न किसी को फंसाते हैं, न किसी को बचाते हैं। एक बार उन्हें भी मुकदमे की वजह से 8 घंटे में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
आपसी रिश्तो में कड़वाहट का नतीजा कितना बुरा हो सकता है इसकी बानगी जहानाबाद में देखने को मिला है। मामला ओकरी ओपी क्षेत्र के मैना मठिया गांव का है। जहां पति और पत्नी के बीच विवाद हुआ और पत्नी मायके चली गई। जिसके बाद युवक ने खुदकुशी कर ली।
पति पत्नी के बीच विवाद 14 अगस्त को हुआ था, जिसके बाद पत्नी मायके चली गई। आशंका जताई जा रही है कि 14 अगस्त से 15 अगस्त के बीच गोरे बिंद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि मामले का पता बुधवार की सुबह तब चला जब पड़ोस की एक महिला ने घर से दुर्गंध आने की बात कही।
स्थानीय लोगों की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया है। हालांकि सदर अस्पताल के चिकित्सक की माने तो शव इतना सड़ चुका है कि मृत्यु कैसे हुई इसका पता लगाना जहानाबाद में मुश्किल है।
चिकित्सकों की मानें तो मौत की असली वजह का पता पीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकता है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार को राज्य में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मामलें में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है।ये जनहित याचिकाएं गौरव सिंह व अन्य द्वारा की गई है।
इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र,राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को राज्य के एयरपोर्ट के सुधार पर बैठक कर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।
एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री व पायलट राजीव प्रताप रूडी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया था।उन्होंने राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मुद्दे को उठाया था।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना चाहिए।
कोर्ट को उन्होंने बताया था कि बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना चाहिए।बिहार में एक भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नहीं है।उन्होंने बताया कि छपरा के पास इसके लिए पर्याप्त और सस्ती भूमि उपलब्ध हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नोडल अधिकारी को तलब किया था।साथ ही पटना एयरपोर्ट के पूर्व और वर्तमान निर्देशक को भी तलब किया था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार को गया एयरपोर्ट के विकास के सन्दर्भ में बताने को कहा था कि 268 करोड़ रुपए की धनराशि कब तक दिया जाएगा।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता अर्चना शाही ने बताया कि गया एयरपोर्ट के विकास के लिए एक बड़ी धनराशि आवंटित की गई है।लेकिन अभी तक गया एयरपोर्ट का विकास कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है।
कोर्ट को राज्य के गया,पूर्णियां और अन्य एयरपोर्ट के विस्तार,विकास और भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित समस्यायों के बारे में बताया गया था।
राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर,दरभंगा,भागलपुर,फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं।लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव एवं सुरक्षा की समस्याएं हैं। इस मामलें पर अगली सुनवाई 24 अगस्त,2022 , को की जाएगी।
जहानाबाद । शिवभजन सिंह स्मृति विचार मंच बैनर तले जहानाबाद के प्रथम विधायक सह स्वतंत्रता सेनानी स्व० शिवभजन सिंह जी को उन्नतीसवां पुण्य तिथि पर याद किया गया एवं संकल्प सभा में उनके अधुरे सपना को सकार करने ,के साथ ही साथ उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया गया।
जहां उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण करते जहानाबाद के अनेकों राजनीतिज्ञों समाजसेवियों एवं बुद्धजीवियों सहीत अलग अलग क्षेत्र के लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों का आदान-प्रदान किया। शिवभजन बाबू सन् 1942 के जन आंदोलन में जोरदार उपस्थिति दर्ज करते हुए ,अंग्रेजी हुकूमत के द्वारा हजारीबाग जेल में बंद किए जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी, में से एक थे ।
शिवभजन सिंह स्मृति विचार मंच के अध्यक्ष शिवनारायण कुशवाहा ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शिवभजन बाबू कोई व्यक्ति नहीं एक विचार थे ।जो विद्यार्थी काल से ही देश भावना से प्रेरित होकर जन आंदोलन में जबरदस्त भागीदारी निभाते रहे। जहानाबाद के विधायक बनने के बाद भी सड़क से सदन तक जनहित मुद्दों पर सदा मुखर होकर अपना पक्ष रखते रहे।जिसका प्रतिफल आज दबे-कुचले, शोषित वंचित लोगों को लाभ मिलता रहा है।
ऐसे में जहानाबाद के वासियों के लिए गर्व की बात है कि इस धरती पर शिवभजन बाबू जैसा प्रणेता जन्म लिए। हम सभी उनके नीति सिद्धांतो को अपनाने के लिए संकल्पित होकर सामाजिक उत्थान में लगे रहेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में अमर शहीद जगदेव प्रसाद कॉलेज के प्राचार्य श्री प्रो० चन्द्रशेखर प्रसाद,जी ने कहा शिवभजन बाबू जैसा देशभक्त को जीवनी विद्यालय के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि देश प्रेम की भावना से बच्चों में देश सेवा करने के प्रति जोश जजबा काफी उत्साह के साथ कायम रहे।
इन्होंने आजादी के बाद सदन में किसान मजदूर एवं छात्र- छात्राओं के हित में कांग्रेस सरकार के खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद करते रहे थे। इस पुण्यतिथि एवं संकल्प सभा में सैंकड़ों लोगों ने उपस्थित हुए जिसमें मुख्य लोग इस प्रकार है रामजीत पासवान, शिवनारायण कुशवाहा, अनुज प्रसाद निराला, सुरेश प्रसाद वर्मा, महेंद्र कुमार सिंह, अमित कुमार पम्मु,दिलीप कुशवाहा,गीता देवी, सुरेश प्रसाद, उर्मिला कुमारी ,मनोरमा कुमारी बाबूलाल प्रसाद ,हेमन्त कुशवाहा, रामकेवल यादव , उदय पासवान,, परशुराम ठाकुर, फुलेश्वर रजक, बिसूनदेव सिंह,अखिलेश दास , मंटू कुमार सिंह, समेत सैंकड़ों लोगों उपस्थित हुए।
जन सुराज अभियान के तहत समस्तीपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने नई नवेली महागठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। 10 लाख नौकरियों के मुद्दे पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर ये सरकार 1-2 साल में अगर 5-10 लाख नौकरियां दे देती है तो मैं इनके समर्थन में अपना अभियान वापस ले लूंगा।
उन्होंने कहा कि जो नियोजित शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें तो समय पर तनख्वा दे नहीं पा रही ये सरकार और नई नौकरियां कहां से दे पाएगी।
प्रशांत किशोर यहीं नहीं रुके और उन्होंने आने वाले समय में राजनीतिक उठापटक की भी बात कही। प्रशांत किशोर ने कहा, “अभी हमको आए हुए 3 महीने ही हुए और बिहार की राजनीति 180 डिग्री घूम गई। अगला विधानसभा चुनाव आते-आते अभी कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी।
नीतीश कुमार फेवीकॉल लगाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए हैं और बाकी की पार्टियां कभी इधर तो कभी उधर होती रहती है। जनता ने इस सरकार को वोट नहीं दिया था। ये सरकार जुगाड़ पर चल रही है, इसे जनता का विश्वास प्राप्त नहीं है।” उन्होंने 2005 से 2010 के बीच एनडीए सरकार के काम की प्रशंसा भी की।
पूर्णिया के डगरुआ थाना के कजरा पुल के पास आज एक बस पूल के रेलिंग से टकराई. इस हादसे में 25 कावड़िया घायल हो गए. जिसमें 8 लोगों की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है.
उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है. घटना के बाबत घायल कांवरिया घनश्याम पंडित ने कहा कि वे लोग देवघर से पूजा कर किशनगंज के छतरगाछ जा रहे थे. अचानक डगरुआ के कजरा पुल के पास ड्राइवर को झपकी आ गई. जिस कारण बस पुल की रेलिंग पर चढ़ गया. इस हादसे में कई लोगों के सर फट गए.
सूचना मिलते ही डगरुआ थाना प्रभारी रामचंद्र मंडल समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को डगरुआ पीएचसी में भर्ती कराया गया. वहीं प्रत्यक्षदर्शी शिक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि उनके सामने यह घटना घटी है. जैसे ही उसने देखा कि बस दुर्घटना का शिकार हो गई है वह घायलों को बाहर निकाल कर इलाज के लिए ऑटो से अस्पताल भिजवाया.
डगरुआ पी एस सी के चिकित्सक फिरोज अख्तर ने कहा कि इस बस हादसे के शिकार करीब 27 घायल पीएससी में पहुंचे हैं. जिसमें 8 लोगों की स्थिति गंभीर है. उन्हें पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है. अन्य लोगों की हालत स्थिर है. उनका इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस हादसे में अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है.
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने आदित्य कुमार द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दे दी ।
याचिकाकर्ता के वरीय अधिवक्ता एनके अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू करने की जिम्मेवारी जिले के डीएम और एसपी को दी गई है लेकिन डीएम और एसपी हर जगह हर समय मौजूद नहीं रहते है ।
इस मामले में थाना ने शराब बरामदगी के बाद प्राथमिकी दर्ज नहीं की । जब इसकी बात की जानकारी पूर्व एसपी को मिली ,तो उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश थाना को दिया ।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि शराबबंदी मामले में राज्य के नौकरशाह डरे हुए है ।उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी थाना कब और कहाँ शराब जब्त करता है ,इसकी जानकारी जिला के एसपी को तब तक नही होती है ,जब तक कि सम्बंधित थाना सूचित नहीं किया जाता है ।
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उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि अगर कोई जिले के एसएसपी , एसपी डीएम और कमिश्नर के घर में कोई बोतल फेंक देगा, तो उनके ख़िलाफ़ भी प्राथमिकी दर्ज हो सकती है ।
कोर्ट में बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने बहस की।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो भी मकान बने है,उनका निर्माण वैध ढंग से नहीं किया गया है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि आवास बोर्ड ने जो भी नियमों के उल्लंघन मकान बने है,उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया,लेकिन वे नहीं आवास बोर्ड के समक्ष नहीं आए।
आज कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी संतोष कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष बहस किया।उन्होंने कहा कि राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में हटाने की कार्रवाई सही नहीं थी।हटाने के पूर्व संचार माध्यमों में उन्हें नोटिस दे कर जानकारी देना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि या तो उन्हें उचित मुअबजा दिया जाए या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
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इससे पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने पक्ष प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया था कि ये मामला सुनवाई योग्य नहीं हैं।साथ ही उनका कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता है।
पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता का पक्ष प्रस्तुत करते हुए वरीय अधिवक्ता वसंत कुमार चौधरी ने कोर्ट को बताया था कि इस क्षेत्र से इस तरह से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सही नहीं है।उन्होंने कहा कि को-आपरेटिव माफिया के साथ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए,क्योंकि इस समस्या में इनकी भी बड़ी भागीदारी हैं।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को विस्तृत जानकारी देने को कहा था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवा में क्या क्या कमियों के सम्बन्ध में ब्यौरा देने को कहा था। साथ ही इसमें सुधारने के उपाय पर सुझाव देने को कहा।
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने बताया कि नेशनल मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम ही के अंतर्गत राज्य के 38 जिलों में डिस्ट्रिक्ट मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम चल रहा हैं।लेकिन इसमें मात्र 52 स्टाफ ही है, हर जिले में सात सात स्टाफ होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का दायित्व है कि वह मेन्टल हेल्थ केयर एक्ट के तहत कानून बनाए।साथ ही इसके लिए मूलभूत सुविधाएं और फंड उपलब्ध कराए।
सेन्टर ऑफ एक्सलेंस के तहत हर राज्य में मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कॉलेज है।लेकिन बिहार ही एक ऐसा राज्य हैं,जहां मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कोई कालेज नहीं है।जबकि राज्य सरकार का ये दायित्व हैं
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पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले फंड में कमी आयी है,क्योंकि फंड का राज्य द्वारा पूरा उपयोग नहीं हो रहा था।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े स्कीम और फंड के सम्बन्ध में जानकारी देने को कहा।
पहले की सुनवाई में याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि बिहार की आबादी लगभग बारह करोड़ हैं।उसकी तुलना में राज्य में मानसिक स्वास्थ्य के लिए बुनियादी सुविधाएँ नहीं के बराबर है।
मुजफ्फरपुर। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को लेकर अमर्यादित ट्वीट करने पर तेजस्वी यादव की मुश्किलें बाढ़ सकती हैं. दरअसल मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट के ही एमपी एमएलए कोर्ट में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ में परिवाद दायर किया गया हैं. बीजेपी नेता और एक सामाजिक कार्यकर्ता दिव्यांशु किशोर से आहत होकर के कराया गया मामला दर्ज। इस मामले में सुनवाई की तिथि 25 अगस्त को सुनवाई की तिथि किया गया है।
मुजफ्फरपुर जिले के एमपी एमएलए की कोर्ट में कराया गया मामला दर्ज।आपको बता दें कि बीते दिनों राजद के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के द्वारा भाजपा के केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता गिरिराज सिंह के खिलाफ एक अमर्यादित टिप्पणी की गई थी और अब जिसको लेकर के आहत होकर मुजफ्फरपुर के सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा नेता दिव्यांशु किशोर ने हिंदू की भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर या मामला दर्ज कराया।
वही मामले को लेकर अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने बताया कि परिवादी के द्वारा एक मामला दर्ज कराया गया है जिसमें नेता राजद और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के द्वारा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ऊपर एक टिप्पणी की गई थी जिसको लेकर भारतीय दंड विधान की धारा 504 और 506 के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज कराया है जिसको कोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई की तिथि 25 अगस्त 2022 को मुकर्रर किया है।
पटना, 16 अगस्त 2022। पटना हाईकोर्ट में आज इन मामलों की होगी सुनवाई :
1. पटना हाईकोर्ट में गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर से सटे फाल्गु नदी में खुले तौर पर डाले जा रहे कचडे और गन्दगी डाले जाने के मामले पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ इस मामलें पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में बूडको के एमडी को निर्देश दिया था कि वह जल्द वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने हेतु चुने गए कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर काम को शुरू करें।
2. पटना हाईकोर्ट में पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई की जाएगी।जस्टिस संदीप कुमार इस मामलें पर सुनवाई करेंगे। राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड ने जवाब दायर कर दिया था।आज याचिकाकर्ता के वकील अपना बहस जारी रखेंगे।
3. पटना हाईकोर्ट में बिहार राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं से सम्बंधित मामलें पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को विस्तृत जानकारी एवं सुझाव देने को कहा था।
इस बैठक में बिहार भाजपा की कोर कमेटी के सभी 20 सदस्य शामिल होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार विधानसभा और विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष के चुनाव पर मंथन होगा।
साथ ही बिहार में अचानक से NDA में टूट को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंथन करेगी कोर कमेटी। बिहार बीजेपी में सांगठनिक बदलाव को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
कल का दिन बिहार भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। बिहार भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता कल दिल्ली में मौजूद रहेंगे।
जहानाबाद जिला उत्पाद अधीक्षक अश्विनी कुमार ने बताया कि अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर सोमवार को पूरे जिले में शराब माफिया और शराबियों के खिलाफ अभियान चलाया गया.
जिसमें मद्य निषेध विभाग के 50 प्रशिक्षु सिपाही और कई अवर निरीक्षक को लगाया गया था. आधी रात से सोमवार की सुबह 8 बजे तक अभियान चलाया गया, इस अभियान के तहत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि जहानाबाद के घोसी और काको प्रखंड के कई गांव में विभिन्न जगहों पर छापेमारी किया गया है. शराबियों का ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई. जांच के क्रम में शराब पीने की पुष्टि होने के बाद उनलोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसको लेकर जहानाबाद में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1 दिन पहले जहां एक संस्था द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई।
वहीं आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त, 2022 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया. इस तिरंगा यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए. यात्रा में जहानाबाद के स्कूलों एवं कोचिंग संस्थानों के छात्र भी शामिल हुए.
इंदू कश्यप, एलजेपी, नेत्री
देशभक्ति धुनों पर 14 अगस्त की सुबह 10 बजे हजारों लोग जब करीब एक किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर आगे बढ़े, तब पूरा वातावरण देशभक्ति में डूब गया. यह बिहार के इतिहास का सबसे लंबा झंडा बताया जा रहा है.
यात्रा की शुरुआत शहर के इंडोर स्टेडियम से हुई। ऐतिहासिक गांधी मैदान में जाकर यात्रा समाप्त किया गया।
भाजपा राष्ट्रीय झंडे का अपमान कर रही है. किसी भी देश का राष्ट्रीय झंडा उस देश का प्रतीक होता है. राष्ट्रीय झंडे का राजनीतिक इस्तेमाल उसकी पवित्रता और मान मर्यादा का अपमान है.
भाजपा के मातृसंगठन, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तीन रंगों वाले हमारे तिरंगे को अशुभ कहा था. लंबे अरसे तक संघ ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज का बहिष्कार किया था. नागपुर में जहाँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है वहाँ 2001 तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया.
आज वही संघ हर घर झंडा का अभियान चला कर देश में देश भक्ति का उन्मादी वातावरण बना रहा है. संघ का यह अभियान देश की आँखों पर उन्माद की पट्टी बांधकर मोदी सरकार की घोर विफलताओं को छुपाने का अभियान है.
मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना के दादर पूल से एक महिला ने बुढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दिया। घटना के बाद काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गयी।
सूचना मिलने पर अहियापुर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। NDRF की टीम को सूचना दी गयी। टीम ने मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की। हालांकि अबतक महिला का पता नहीं लगा है।
स्थानीय लोगों से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। बताया कि एक शादीशुदा महिला स्कूटी से आई थी। स्कूटी दूर लगाकर पूल से कूद गई। महिला ब्रह्मपुरा इलाके की रहने वाली बताई जा रही है। हालांकि अबतक उसकी पहचान नहीं हुई है।
ब्रह्मपुरा इलाके से कुछ लोग मौके पर पहुंचे हैं। वे लोग बता रहे हैं कि उनके घर की एक महिला गयाब है। आशंका जता रहे हैं कि नदी में कूदने वाली महिला वही हो सकती है। हालांकि जबतक नदी में से लाश नहीं निकलती तबतक पहचान व सत्यापन करना मुश्किल है।