पटना हाइकोर्ट ने वैध प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद बिहार स्टेट फार्मेसी कॉउन्सिल के सदस्य के लिए चुनाव हेतु वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने के मामलें पर सुनवाई की। इसकी जांच करवाने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार व फार्मेसी कॉउंसिल से जवाब तलब किया है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुबोध कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ मामले में तो फार्मासिस्ट के तौर पर निबंधन भी रद्द होता है।
#PatnaHighCourt
इसकी वजह से फार्मेसी के हजारों विद्यार्थी वोट के अधिकार से वंचित रह जाते हैं।इस मामलें पर चार सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी।
पटना हाइकोर्ट में राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण,विकास और मरम्मती से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इन मामलों पर सुनवाई की।
कोर्ट ने मुजफ्फरपुर बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग का डीपीआर अब तक नहीं तैयार किये जाने पर राज्य के विकास आयुक्त और एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी को कल तलब किया है।
कोर्ट को जानकारी दी गई कि छपरा सिवान गोपालगंज रोड के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।इस राजमार्ग का उदघाटन होना बाकी है।जोगबनी फारबिसगंज एन एच बन चुका है और इस पर वाहनों का आना जाना शुरू हो चुका है।
#PatnaHighCourt
पटना बख्तियारपुर एन एच का कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई,लेकिन ये कार्य पूरा नहीं हुआ है।साथ मुंगेर के पास गंगा नदी पर बने पुल के पहुँच पथ के पास तीन हाई पावर ट्रांसमिशन री- लोकेट का मामला है।
राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी के एक प्रश्न के उत्तर में राज्यसभा में रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री भगवंत खुबा ने बताया कि बताया कि भारत सरकार द्वारा 8388 करोड़ की लागत से खाद कारखाना बनकर तैयार हो गया है, जिससे 18 अक्टूबर, 2022 को यूरिया का उत्पादन प्रारंभ हो गया है। बरौनी प्लांट की यूरिया उत्पादन क्षमता 12.70 लाख मैट्रिक टन प्रतिवर्ष है।
• 242 रुपया यूरिया की बोरी पर 1800 रुपया पर सब्सिडी • बरौनी यूरिया खाद कारखाना 8388 करोड़ की लागत से बनकर तैयार • 18 अक्टूबर, 2022 से उत्पादन प्रारंभ • बरौनी कारखाना की क्षमता 12.70 लाख मैट्रिक टन है
मंत्री ने बताया कि पूरे देश में यूरिया उत्पादन की कुल मिलाकर 6 इकाई स्थापित की गई है जिसमें 4 सरकारी क्षेत्र तथा दो प्राइवेट सेक्टर में स्थापित की गई है। इन छह इकाई की यूरिया उत्पादन की स्थापित क्षमता 283.74 लाख मैट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी।
मोदी ने बताया कि पूरे देश में 341.73 लाख मैट्रिक टन यूरिया की खपत है जबकि उत्पादन मात्र 250.72 लाख मैट्रिक टन है। शेष 91.36 लाख मैट्रिक टन यूरिया विदेशों से आयात करना पड़ रहा है ।
मंत्री ने बताया कि एक बोरा 45 किलो ग्राम यूरिया का अधिकतम मूल्य 242 रुपया है जबकि 1800 रुपया सरकार सब्सिडी प्रदान करती है।
सुप्रीम कोर्ट के कालेजियम ने आज अपने बैठक में सुप्रीम कोर्ट में पाँच जजों की बहाली की अनुशंसा की है।
राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मित्तल,पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल, मणिपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी वी संजय कुमार,पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस अहसानउद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद के जज जस्टिस मनोज मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए जाने की अनुशंसा की है।
स्थानीय निकाय/ नगरपालिका में वार्ड सदस्यों समेत अन्य पदों के लिए राज्य में होने जा रहे चुनाव में आचार संहिता लागू करने के लिए एक जनहित याचिका पटना हाई कोर्ट में दायर की गई है। ये जनहित याचिका शम्भू सिद्धार्थ ने दायर किया है।
इस जनहित याचिका में सरकार, मंत्रियों, विधानसभा व विधान परिषद के सदस्यों समेत अधिकारियों द्वारा सत्ताधारी महागठबंधन से जुड़े उमीदवारों को फायदा पहुंचाने हेतु सत्ता का दुरुपयोग किये जाने की अनुमति नहीं देने की माँग की गई है।
याचिकाकर्ता के वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने बताया कि जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के योजनाओं का उदघाटन किया जा रहा है।साथ ही स्थानीय निकाय के चुनाव की घोषणा के बाद भी आचार संहिता का उल्लंघन कर खास वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए योजनाओं की घोषणा और प्रचार – प्रसार किया जा रहा है।
#PatnaHighCourt
राजगीर में 27 नवंबर, 2022 को गंगा वाटर सप्लाई स्कीम योजना का उदघाटन,राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल का नालंदा जिला में 12 दिसंबर, 2022 को उदघाटन किया गया।साथ ही, 13 दिसंबर, 2022 को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम कथित रूप से आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए आयोजित किया गया।
इस मामलें में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आदेश देने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता के वरीय अधिवक्ता एस डी संजय का यह भी कहना है कि एक ओर आदर्श अचार सहिंता का पालन करवाने के लिए टीम का गठन किया गया है, वही दूसरी ओर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री द्वारा इसका उल्लंघन किया जा रहा है।राज्य चुनाव आयोग आंख बंद करके बैठा हुआ है और आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कि जा रही है।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य की निचली अदालतों में वकीलों के बैठने और कार्य करने की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के मामलें सुनवाई की। वरीय अधिवक्ता रमाकांत शर्मा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य के विधि सचिव को विभिन्न जिलों के ज़िला जजों,डी एम व बार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने उन्हें इस बैठक के सम्बन्ध में भूमि उपलब्धता के सन्दर्भ में अगली सुनवाई में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता बिहार राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य के अदालतों की स्थिति अच्छी नहीं है।
वरीय अधिवक्ता शर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य में लगभग एक लाख से भी अधिवक्ता अदालतों में कार्य करते है।लेकिन उनके लिए न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही कार्य करने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।भवन की भी काफी कमी है। बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है।
#PatnaHighCourt
उन्होंने कोर्ट को बताया गया कि वकीलों को बुनियादी सुविधाओं का काफी अभाव है। शुद्ध पेय जल,शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं होती हैं।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि अदालतों के भवन के लिए जहां भूमि उपलब्ध भी है,वहां भूमि को स्थानांतरित नहीं किया गया है। जहां भूमि उपलब्ध करा दिया गया है, वहां कार्य नहीं प्रारम्भ नहीं हो पाया हैं।
कोर्ट ने इस मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य के विधि सचिव को तलब किया।उन्होंंने कोर्ट को बताया कि इस सम्बन्ध में कार्रवाई की जा रही है।
कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई गई है, किंतु अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।कोर्ट ने भूमि उपलब्धता के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया।
कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध धनराशि का उपयोग नहीं होगा,तो अगले वित्तीय वर्ष में ये धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाएगी।इस मामलें पर अगली सुनवाई 15दिसंबर,2022 को की जाएगी।
बिहार के सरकारी विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजित 77 हजार 57 शिक्षकों पर बर्खास्तगी के साथ-साथ प्राथमिकी भी दर्ज होगी।
पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर विजिलेंस ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है क्योंकि शिक्षकों से कई बार प्रमाण पत्र मांगे जाने पर भी उसे उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
जांच के लिए निगरानी विभाग को 77 हजार 57 शिक्षकों के सर्टिफिकेट के फोल्डर नहीं मिले है। न्यायालय के आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग ने प्रमाण पत्र के फोल्डर नहीं देने वाली नियोजन इकाइयों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे रखा है।
पटना हाइकोर्ट में हर्ष फायरिंग को रोकने हेतु दायर जनहित याचिका की सुनवाई हुई। इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट ने राज्य के 11 जिलों के डिस्ट्रिक्ट व सेशन जजों से उनके जिलों में हुए हर्ष फायरिंग की घटनाओं के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधान और ट्रायल का रिपोर्ट तलब किया है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना सहित बिहार के 11 जिले के डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज को आदेश दिया था कि वह अपने-अपने जिला में हुए हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर दायर मामले की त्वरित अनुसंधान और उस मामले में मुकदमे की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।साथ ही एक समय सीमा के अंदर कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में भी पटना, वैशाली ,सुपौल ,पूर्वी और पश्चिम चंपारण, मधेपुरा पूर्णिया ,जमुई ,लखीसराय सहित अन्य जिलों के डिस्ट्रिक्ट व सेशन जज को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने जिलों के डीएम और एसपी के साथ एक बैठक कर यह समयसीमा को सुनिश्चित करें।
उनके जिलों में हर्ष फायरिंग पर हुए एफ आई आर के अनुसंधान को एक समय सीमा के भीतर पूरा कर आरोपियों को ट्रायल हेतु भेजा जाए।
वही पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के साथ सुनवाई करते हुए जिला अधिकारी को यह निर्देश दिया गया कि वे सुनिश्चित करें कि हर्ष फायरिंग के आरोपियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल की हो सके ,तो रोज़ाना सुनवाई हो और गवाही में विलम्ब नही हो।
हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के तहत में इन सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट व सेशन जज ने बैठक में क्या क्या निर्णय लिए और इस बैठक कहां तक प्रभावकारी रहा, इस पर भी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
पटना हाइकोर्ट ने लखीसराय के बालिका विद्यापीठ के पूर्व सचिव स्व. कुमार शरद चन्द्र के चर्चित हत्याकांड की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने उषा शर्मा की याचिका पर सुनवाई करने के बाद आदेश दिया।
कोर्ट ने इससे पूर्व जांच कर रही जांच एजेंसी सीआईडी को आदेश के दो सप्ताह में सारे रिकॉर्ड और कागजात सीबीआई को उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सीबीआई के निर्देशक को ये निर्देश दिया कि वे शीघ्र एक योग्य अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर इस मामलें की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराए।इसकी रिपोर्ट सम्बंधित निचली अदालत को सौंपने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि इस हत्याकांड की जांच में पहले आठ साल का विलम्ब हो गया है।इसलिए इस मामलें की जांच त्वरित गति से किये जाने की जरूरत है।
ये घटना 2अगस्त,2014 को घटी थी, जब दो लोग कुमार शरद चन्द्र के घर में घुस कर गोली मार कर हत्या कर दी थी।उनकी पत्नी उषा शर्मा घटना के समय घर में थी।उन्होंने गोली मारने वाले को पहचान भी लिया था।
#PatnaHighCourt
इस सम्बन्ध में लखीसराय पुलिस थाने में कांड संख्या 443/ 2014/ दर्ज कराई गई।उनकी हत्या के पीछे बालिका विद्यापीठ के संपत्ति और भूमि का विवाद था।
इस मामलें शम्भू शरण सिंह, श्याम सुंदर प्रसाद और राजेंद्र सिंघानिया को निजी प्रतिवादी बनाया गया।कुछ दिनों की जांच के बाद इस मामलें की जांच का जिम्मा सीआईडी को 2014 में सौंप दिया गया।
लेकिन सीआईडी द्वारा मामलें की जांच में कोई तत्परता नहीं दिखाई गई।2016 से 2019 तक तो केस डायरी भी नहीं लिखी गई।2014 में ये हत्या हुई थी,लेकिन दिसंबर,2022 तक इस मामलें में कोई प्रगति नहीं हुई।चूंकि इस मामलें प्रभावशाली लोग शामिल थे,इसलिए जांच में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पायी।आठ सालों में इस हत्याकांड की जांच नहीं पूरी हुई।
हाईकोर्ट ने इस मामलें को गंभीरता से लेते हुए जांच का सीबीआई को सौंपते हुए सीआईडी को दो सप्ताह के भीतर सारे रिकॉर्ड और कागजात सीबीआई को उपलब्ध कराने को कहा।इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामलें को निष्पादित कर दिया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने इससे पूर्व की सुनवाई में स्पष्ट किया किया था कि अतिक्रमणकारियों को पूरा अतिक्रमित भूमि खाली करनी होगी।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया था कि कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को ये पूरी जमीन को हर हाल में खाली करना होगा।
कोर्ट को भी सहानुभूति है, लेकिन इस सरकारी जमीन को खाली करना होगा। इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में ही कोर्ट ने दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया था।
इस नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने भी स्वीकार किया है। सम्बंधित अंचलाधिकारी ने 5 मई, 2022 को ही कोर्ट को स्वयं बताया था कि अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा।
#PatnaHighCourt
सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया।
सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है।
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके।
पटना हाइकोर्ट में बिहार राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं से सम्बंधित मामलें पर सुनवाई 14 दिसंबर,2022 को की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ द्वारा आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई की जा रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर गहरा असंतोष जाहिर किया था। कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अबतक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट ने जो भी आदेश दिया,उस पर राज्य सरकार के द्वारा कोई प्रभावी और ठोस कदम नहीं उठाए गए है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को पूरी जानकारी देने को कहा था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवा में क्या क्या कमियों के सम्बन्ध में ब्यौरा देने को कहा था।
साथ ही कोर्ट ने इसमें सुधारने के उपाय पर सलाह देने को कहा था।याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने बताया कि नेशनल मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम ही के अंतर्गत राज्य के 38 जिलों में डिस्ट्रिक्ट मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम चल रहा हैं।लेकिन इसमें स्टाफ की संख्या नाकाफी ही है। हर जिले में सात सात स्टाफ होने चाहिए।
#PatnaHighCourt
उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार का दायित्व है कि वह मेन्टल हेल्थ केयर एक्ट के तहत कानून बनाए।साथ ही इसके लिए मूलभूत सुविधाएं और फंड उपलब्ध कराए।लेकिन अबतक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
कोर्ट को ये भी बताया गया था कि सेन्टर ऑफ एक्सलेंस के तहत हर राज्य में मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कॉलेज है।लेकिन बिहार ही एक ऐसा राज्य हैं,जहां मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कोई कालेज नहीं है।
जबकि प्रावधानों के तहत राज्य सरकार का ये दायित्व हैं।पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले फंड में कमी आयी है,क्योंकि फंड का राज्य द्वारा पूरा उपयोग नहीं हो रहा था।
पहले की सुनवाई में याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि बिहार की आबादी लगभग बारह करोड़ हैं।उसकी तुलना में राज्य में मानसिक स्वास्थ्य के लिए बुनियादी सुविधाएँ नहीं के बराबर है।
पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह, दोनों को कुढनी में हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्हें तेजस्वी यादव को सत्ता सौंप कर शिवानंद के आश्रम चले जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री और ललन सिंह लें कुढनी में हार की जिम्मेदारी
सात दलों का चक्रव्यूह तोड़कर भाजपा बनी अभिमन्यु
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार का जनाधार खत्म हो चुका है। उन्हें अब जदयू का राजद में विलय भी जल्द ही कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ललन सिंह कुढनी में अपनी जाति का वोट भी पार्टी को नहीं दिलवा सके। मुख्यमंत्री की सभाएँ बेअसर रहीं।
श्री मोदी ने कहा कि कुढनी और गोपालगंज, दोनों चुनाव क्षेत्रों में भाजपा ने सात दलों का चक्रव्यूह तोड़कर कर स्वयं को आधुनिक अभिमन्यु सिद्ध किया। यह बिहार में बड़े बदलाव का साफ संकेत है।
पटना हाइकोर्ट ने मोतिहारी शहर मे अवस्थित मोतीझील के दयनीय रखरखाव और प्रशासनिक उपेक्षा पर गहरा असंतोष जाहिर किया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता कुमार अमित की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि प्रधान सचिव नगर विकास विभाग, पर्यटन,जल संसाधन, वन विभाग इत्यादि के साथ बैठक कर इस झील को अतिक्रमणमुक्त करने और जीर्णोद्धार कराने की कार्रवाई करें।
अगली सुनवाई में की गई कार्रवाई का रिपोर्ट करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया गया है।अधिवक्ता कुमार अमित ने कोर्ट को बताया कि मोतिहारी शहर में एक रमणीय और प्राकृतिक झील है,जिसे मोतीझील के नाम से जाना जाता है।प्रशासनिक उपेक्षा और लगातार रखरखाव नहीं होने के कारण ये झील अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।
#PatnaHighCourt
उन्होंने बताया कि न सिर्फ इस झील क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हुआ है,बल्कि शहर की गंदगी और अस्पतालों का कचरा झील में ही गिराया जाता है।जंगल झाड,लगातार बढ़ते प्रदूषण और कीचड के कारण इसके अस्तित्व पर ही संकट आ गया है।
अधिवक्ता कुमार अमित ने कोर्ट को जानकारी दी कि यहाँ का नगर निगम भी इसकी देख भाल नहीं करता है।प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार इस सुंदर झील का अस्तित्व कर सकता है।
The BiharNews Post : December 8, 2022 पटना हाईकोर्ट ने पटना के गाय घाट स्थित आफ्टर केअर होम की घटना के मामले पर सुनवाई करते हुए जांच की प्रगति पर असंतोष जाहिर किया। जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ इस मामलें पर सुनवाई की।
आज की सुनवाई में कोर्ट में एस एस पी, पटना और एस आई टी जांच टीम का नेतृत्व करने वाली सचिवालय एएसपी काम्या मिश्रा भी कोर्ट में उपस्थित रही।
कोर्ट ने कहा कि इस मामलें की समग्रता में जांच नहीं किया गया हैं।पुलिस अधिकारियों को विस्तार और गहराई से जांच पड़ताल करने की आवश्यकता है।
अधिवक्ता मीनू कुमारी ने बताया कि कोर्ट अब तक एस आई टी द्वारा किये गए जांच और कार्रवाई के सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना चाहता था।उन्होंने बताया कि आफ्टर केअर होम में रहने वाली महिलाओं की स्थिति काफी खराब हैं।
#PatnaHighCourt
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एस आई टी टीम का नेतृत्व करने वाली पुलिस अधिकारी को कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा था।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने अनुसंधान को डी एस पी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट भी तलब किया था।
हाई कोर्ट ने इस याचिका को पटना हाई कोर्ट जुवेनाइल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर रजिस्टर्ड किया था। कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन थे, जबकि जस्टिस अंजनी कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय इसके सदस्य के रूप में थे।
इस मामले की अगली सुनवाई में 12,जनवरी,2022 को की जाएगी।
The BiharNews Post : December 8, 2022 पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा को धोखा देकर जदयू के राजद से हाथ मिलाने को जनता ने नकार दिया है, इसलिए गोपालगंज और कुढनी में हार के बाद नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
जदयू का अतिपिछड़ा वोट खिसका, मुख्यमंत्री की लोकप्रियता खत्म
लालू प्रसाद के इलाज पर इमोशनल कार्ड खेलना काम नहीं आया
कुढनी की जनता का आभार, केदार गुप्ता को बधाई
श्री मोदी ने कहा कि तीन में दो उपचुनावों में भाजपा की जीत से साफ है कि अतिपिछड़ा वोट पूरी तरह भाजपा के साथ आ गया है।
उन्होंने कहा कि 2014 के संसदीय चुनाव में जदयू के सिर्फ दो सीट जीतने पर नीतीश कुमार ने हार की जिम्मेदारी लेकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, वैसे ही कुढनी में हार के बाद उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने कुढनी में कई सभाएँ की थीं। करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये गए थे और लालू प्रसाद के किडनी ट्रांसप्लांट के बहाने इमोशनल कार्ड भी खेला गया था।
The BiharNews Post : December 8, 2022 पटना हाइकोर्ट ने पुलिस के भू माफिया के साथ कथित रूप से मिलीभगत और अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने के मामलें पर सुनवाई की। जस्टिस संदीप कुमार ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को घटना की वीडिओ को पेनड्राइव में राज्य सरकार के अधिवक्ता और प्रतिवादियों को देने का निर्देश दिया।
इस मामलें याचिकाकर्ता सजोगा देवी है। इस मामलें पर अगली सुनवाई 20दिसम्बर, 2022 को की जाएगी।
आज कोर्ट में पूर्वी पटना के एस पी, पटना सिटी के सी ओ और अगमकुआं थाना के एस एच ओ के साथ इस घटना में गए पुलिस अधिकारियों कोर्ट में उपस्थित हो कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
कोर्ट ने कहा कि बिना किसी न्यायिक या अर्ध न्यायिक आदेश के मकान तोड़ा जाना अवैध है।उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह पुलिस कार्रवाई करेगी,तो अराजकता फैलेगी।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अवैध रूप से मकान ध्वस्त करने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब ऐसे ही पुलिस काम करेगी,तो सिविल कोर्ट बंद कर दिया जाए।
#PatnaHighCourt
आज कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से इस बात से इंकार किया कि इस घटना में बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।उन्होंने कोर्ट को घटना की तस्वीरें भी दिखाई गई।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस के मनमाने रवैए पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या यहाँ भी बुलडोजर चलेगा।पुलिस थाने मे पैसा दे कर मनमाने काम करवाए जा सकते है।क्या सारी ताकत पुलिस को मिल गई है क्या।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि भू माफिया के शह पर याचिकाकर्ता व उसके परिवार वालो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है। कोर्ट ने इस प्राथमिकी पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आदेश देते हुए उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर,2022 को फिर होगी।
BJP उम्मीदवार केदार गुप्ता ने JDU उम्मीदवार मनोज कुशवाहा को 3649 वोट से दी शिकस्त। कांटे के टक्कर में लगातर उतार-चढ़ाव रहा। 9वें से लेकर 18वें राउंड की मतगणना में जदयू उम्मीदवार ने बढ़त कायम रखी। अंतिम समय में भाजपा ने बढ़त बनानी शुरू की और यह अंत तक कायम रहा।
#JDU और #BJP में रही कांटे की टक्कर। इस जीत से भाजपा समर्थकों में उत्साह है, वहीं महागठबंधन के नेताओं में मायूसी छायी है।
केदार प्रसाद गुप्ता 76722 वोट मनोज कुशवाहा 73073 वोट
तीसरे स्थान पर VIP उम्मीदवार नीलाभ कुमार रहे। उन्हें 10000 वोट मिले। एआईएमआइएम उम्मीदवार मो. गुलाम मुर्तुजा को 3206 वोट मिले।
The BiharNews Post : December 7, 2022 वैशाली में सहदेई ओपी क्षेत्र के अंधरावर चौक के पास बेखौफ अपराधियों ने स्वर्ण व्यवसाई को गोली मार दी। उनकी हालत गंभीर है।
बताया गया है कि स्वर्ण व्यवसाई बुधवार की देर शाम अपने दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी बीच अपराधियों हथियार के बल पर लूटपाट करने लगे। व्यवसायी ने विरोध किया तो अपराधी ने गोली मार दी। और 20 लाख रुपए के जेवरात लूटकर फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने घायल को अस्पताल में भर्ती करवाया। सूचना मिले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और छानबीन में जुट गई। घायल की पहचान परवानंदपुर गांव निवासी सुरेश साह के पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है।
The BiharNews Post : December 7, 2022 पटना हाइकोर्ट ने पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन भवन को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये तोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई की। उपेंद्र नारायण सिंह की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार को वकीलों के बैठने और कार्य करने की वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस मामलें पर विशेष रूप से सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि समाहरणालय बार एसोसिएशन भवन को बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये तोड़े जाना सही नहीं है।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने प्रशासन और एसोसिएशन के आपसी सहमति के वकीलों के बैठने और कार्य करने की व्यवस्था की जाए।वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने जानकारी दी कि तत्काल विकास भवन में लगभग दो सौ वकीलों के बैठने की व्यवस्था हो रही है।
उन्होंने कहा कि वकीलों के स्टाफ,टाईपिस्ट आदि के लिए भी बैठने और कार्य करने की व्यवस्था किये जाने की आवश्यकता है।वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएँ और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना चाहिए,ताकि वकील अपना पेशागत कार्य सही तरीके से कर पाये।
रिपोर्ट के मुताबिक महिलायें ऑपरेशन के समय दर्द से कराहती रहीं, लेकिन उसके बाबजूद भी डॉक्टर ने बिना बेहोश किए ही ऑपरेशन कर दिया । इस तरह की लापरवाही से पूरा सिस्टम कटघरे में आ गया है ।
कोर्ट ने प्रशासन और एसोसिएशन को आपसी सहमति से इन मुद्दों को सुलझा कर वकीलों की समस्यायों का निदान निकालने का निर्देश दिया।इसके साथ ही कोर्ट ने इस जनहित याचिका को निष्पादित कर दिया।
The BiharNews Post : December 7, 2022 खगड़िया । खगड़िया के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी के लिए पहुंची महिलाओं को बिना बेहोशी का इंजेक्शन दिए ही ऑपरेशन करने के मामले पर पटना हाइकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया ।
चीफ जस्टिस संजय क़रोल एवं जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने अखबारों में छपी रिपोर्ट को आधार बनाने हुए इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है ।
रिपोर्ट के मुताबिक महिलायें ऑपरेशन के समय दर्द से कराहती रहीं, लेकिन उसके बाबजूद भी डॉक्टर ने बिना बेहोश किए ही ऑपरेशन कर दिया । इस तरह की लापरवाही से पूरा सिस्टम कटघरे में आ गया है ।
मानवता को ताक पर रखकर महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ हुए इस खिलवाड़ पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए केंद्र ऐवं राज्य सरकार को जवाव तलब किया है । इस मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी ।
The BiharNews Post : December 7, 2022 पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शराब से जुड़े मामलों में एक माह के दौरान 45 हजार से ज्यादा गरीब-जनजातीय लोगों की गिरफ्तारी और तीन लाख लीटर शराब बरामद होना साबित करता है कि पूर्ण शराबबंदी लागू करने में नीतीश सरकार पूरी तरह विफल रही है।
श्री मोदी ने कहा कि भाजपा मद्यनिषेध के विरुद्ध नहीं, लेकिन इसे लागू करने में सरकार विफल है। इसकी समीक्षा क्यों नहीं होनी चाहिए ?
उन्होंने कहा कि नवम्बर में वीआइपी और सरकारी कर्मचारी तो केवल 739 पकड़े गए, जबकि गरीब और पिछड़ी जातियों के 6 लाख लोग हर साल जेल भेजे जा रहे हैं। शराबबंदी गरीबों पर भारी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि केवल शराब पकड़ने के लिए पुलिस-प्रशासन ने जब एक माह (नवम्बर- 2022) में 1 लाख 28 हजार से ज्यादा छापामारी की, तब जाहिर है कि कानून-व्यवस्था के दूसरे मामलों के लिए उनके पास समय नहीं है।
श्री मोदी ने कहा कि शराब की होम डेलिवरी में हजारों लोग लगे हैं और सैकड़ों वाहनों का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन होम डेलीवरी करने वाले मात्र 952 लोग पकड़े गए और सिर्फ 1469 वाहन जब्त हुए।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े खुद सरकार के हैं और इससे पता चलता है कि पुलिस शराब माफिया के लोगों पर नरम और आम लोगों के प्रति सख्त होकर दोनों तरफ से वसूली में लगी है।
श्री मोदी ने कहा कि यदि रोजाना 10 हजार लीटर और महीने में 3 लाख लीटर शराब जब्त की गई, तो इतनी शराब आ कहाँ से रही है? सरकार इसकी तस्करी रोक नहीं पा रही है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को 2016 की पूर्ण शराबबंदी नीति पर हठ छोड़कर तुरंत समीक्षा करनी चाहिए।
The BiharNews Post : December 7, 2022 समस्तीपुर । नगर थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड में बुधवार को बाइक सवार बदमाशों ने दुकानदार को पैसा देने जा रही एक महिला का एक लाख रुपए से भरा पर्स छीन लिया। महिला शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी मुहल्ला की नूतन तिवारी बताई गई है।
घटना की जानकारी थाना को दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर महिला एसपी के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
बताया जा रहा है कि महिला पुरानी पोस्ट ऑफिस रोड स्थित ICICI बैंक से 1 लाख रुपए की निकासी कर पैदल ही आर्य समाज रोड स्थित दुकान पर जा रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स और शॉल छीन लिया, जिसमें 1 लाख रुपए था ।
इस घटना के दौरान महिला सड़क पर गिरकर जख्मी भी हो गई घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार बदमाश मगरदही पुल की ओर फरार हो गया।
घटना की जानकारी थाना को दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर महिला एसपी के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
The BiharNews Post : December 7, 2022 पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पटना समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के निर्माण,विकास व सुरक्षा के मामले सुनवाई अधूरी रही।। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में न तो एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है और ना ही ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है।उन्होंने बताया कि देश के कई बड़े शहरों में अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट है,बल्कि छोटे छोटे शहरों में भी अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट है।
साथ कई शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की सुबिधा उपलब्ध है। पूर्व की सुनवाई में उन्होंने कोर्ट को बताया कि पटना का एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से बहुत सही नहीं है।राजगीर,बिहटा और पुनपुन में एयरपोर्ट के विकल्प के रूप में विचार तो हुआ,लेकिन अंततः अंतिम रूप से कोई परिणाम नहीं आया।
राज्य सरकार की ओर से पक्ष प्रस्तुत करते हुए एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि याचिकाकर्ता की ये माँग सही नहीं है कि खास जगह ही एयरपोर्ट बने या यात्रा के साधन का कैसे विकास हो। ये नीतिगत विषय होते है,जिस पर सरकार ही विचार कर कार्रवाई कर सकती है।
केंद्र सरकार के अधिवक्ता के एन सिंह ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हो कि नहीं, ये विचार का मुद्दा हो सकता है,लेकिन यात्रा किसी विशेष रूप हो,ये विचार के योग्य नहीं है।
पिछली सुनवाई में रूडी ने कहा था कि गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी आज तक कोई अंतर्राष्ट्रीय विमान का परिचालन नहीं हुआ है।अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होने के बावजूद यहां अंतर्राष्ट्रीय विमान नहीं चलते हैं । राज्य सरकार भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने पर अपना स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है ।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सभी पक्षों से जानना चाहा था कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए क्या क्या अनिवार्यता हैं ?
The BiharNews Post : December 7, 2022 पटना हाईकोर्ट ने पटना के फ्रेजर रोड स्थित तंदूर हट को अवैध रूप से खाली कराने व तोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई की।जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने राज्य सरकार व बिहार राज्य वित्त निगम को क्षतिपूर्ति के मामलें पर हलफनामा अगली सुनवाई में दायर करने का निर्देश दिया।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए बिहार राज्य वित्त आयोग को एम डी से बताने को कहा कि इस तरह की कार्रवाई किस अधिकार के तहत किया।कोर्ट ने प्रशासन द्वारा इस तरह की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की।
राज्य सरकार की ओर से तंदूर हट को क्षतिपूर्ति देने की बात कही गई।कोर्ट ने इस सम्बन्ध में अपनी कार्य योजना अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना के जिलाधिकारी और एसएसपी व बिहार स्टेट फाइनेंसियल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को तलब किया था।
#PatnaHighCourt
वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि कानून के विरुद्ध जाकर अवैध ढंग से इस कार्य को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 4 सितम्बर,2022 को रविवार को छुट्टी के दिन प्रशासन ने तंदूर हट को तोड़ने की कार्रवाई की।
उन्होने कहा कि पटना के जिलाधिकारी व बिहार स्टेट फाइनेंसियल कॉर्पोरेशन द्वारा किसी कानून का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कॉर्पोरेशन को सिविल कोर्ट के समक्ष रेस्टोरेंट को खाली करवाने के लिए जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री सेक्रेटरी के इशारे पर प्रबंध निदेशक द्वारा पटना के जिलाधिकारी को रेस्टोरेंट को खाली करवाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध करवाया गया था।
वरीय अधिवक्ता एस डी संजय का कहना था कि न सिर्फ रेस्टोरेंट को खाली करवाया गया, बल्कि रेस्टोरेंट को भी तोड़ दिया गया।
इस मामले पर अगली सुनवाई आगामी 15 दिसंबर,2022 को की जाएगी।
The BiharNews Post : December 6, 2022 पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पटना समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के निर्माण, विकास, सुरक्षा व नवीनीकरण के मामले पर सुनवाई कल भी जारी रहेगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में न तो एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है और ना ही ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है। उन्होंने बताया कि देश के कई बड़े शहरों में अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट है, बल्कि छोटे छोटे शहरों में भी अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। साथ कई शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की सुबिधा उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि पटना का एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से बहुत सही नहीं है। राजगीर,बिहटा और पुनपुन में एयरपोर्ट के विकल्प के रूप में विचार तो हुआ,लेकिन अंततः अंतिम रूप से कोई नतीजा नहीं निकला।
#PatnaHighCourt
राज्य सरकार की ओर से पक्ष प्रस्तुत करते हुए एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कहा कि याचिकाकर्ता की ये माँग सही नहीं है कि खास जगह ही एयरपोर्ट बने या यात्रा के साधन का कैसे विकास किया जाए।ये नीतिगत विषय होते है,जिस पर सरकार विचार कर कार्रवाई करती है।
केंद्र सरकार के अधिवक्ता के एन सिंह ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हो कि नहीं, ये विचार का मुद्दा हो सकता है,लेकिन यात्रा किसी विशेष रूप हो,ये विचारणीय नहीं है।
पिछली सुनवाई में रूडी ने कहा था कि गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी आज तक कोई अंतर्राष्ट्रीय विमान का परिचालन नहीं हुआ है।अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होने के बावजूद यहां अंतर्राष्ट्रीय विमान नहीं चलते हैं । राज्य सरकार भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने पर अपना स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है ।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सभी पक्षों से जानना चाहा था कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए क्या क्या अनिवार्यता हैं ?
The BiharNews Post : December 6, 2022 पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार धोखा दिया। उनमें पीएम के सामने पड़ने की हिम्मत नहीं इसलिए जी-20 मुद्दे पर बुलायी गई सर्वदलीय बैठक में न मुख्यमंत्री गए, न जदयू अध्यक्ष ललन सिंह शामिल हुए। राजद ने भी इस बैठक में भाग नहीं लिया।
दो बार धोखा देने वाले नीतीश कुमार में पीएम मोदी के सामने पड़ने की हिम्मत नहीं
PR – जी-20 मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में जदयू-राजद के नेता शामिल नहीं हुए
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री मोदी से नजर चुरा रहे हैं। अब उनके बिहार आने पर क्या मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल के अनुसार पीएम का स्वागत करने भी नहीं जाएँगे? क्या वे केंद्र सरकार की उन बैठकों में नहीं सम्मिलित होंगे, जिसमें प्रधानमंत्री उपस्थित रहेंगे?
श्री मोदी ने कहा ऐसे रवैये से राज्य का नुकसान होगा और बिहार की छवि खराब होगी, किंतु नीतीश कुमार को इसकी चिंता नहीं है। ऐसा अहंकारपूर्ण व्यवहार राजनीतिक जीवन में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत को जी-20 का नेतृत्व मिलने के उपलक्ष्य में बिहार सहित देश भर में 200 से ज्यादा कार्यक्रम होने वाले हैं। क्या नीतीश कुमार इन कार्यक्रमों में भी असहयोग करेंगे? यदि ऐसा हुआ, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
The BiharNews Post : December 6, 2022 पटना हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा परीक्षा समय पर नहीं लेने और छात्रों को डिग्री निर्गत करने में हो रहे विलम्ब पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विवेक राज की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि छात्रों का भविष्य इस तरह से खराब नहीं होना चाहिए।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य के सभी सम्बंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा कि तीन -चार सालों से कई पाठ्यक्रमों की परीक्षा नहीं लेना गंभीर मामला है।परीक्षा लेने के बाद भी रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया जाना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड होगा।कोर्ट ने सभी विश्वविद्यालयों के प्रशासन को निर्धारित समय में परीक्षा ले कर रिजल्ट प्रकाशित करने का निर्देश दिया।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जो कुलपति हलफनामा दायर नहीं करेंगे,उन पर पाँच हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।ये धनराशि उनके व्यक्तिगत वेतन से काटा जाएगा।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शाश्वत ने बताया कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों की परीक्षा ली जाती है।एक तो इन विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक सत्र ऐसे भी विलम्ब से चल रहे है।परीक्षाएं भी निर्धारित समय पर नहीं ली जा रही है।
उन्होंने के कोर्ट को बताया कि परीक्षाएं लेने और रिजल्ट देने के बाद भी ये विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को डिग्रियां देने में विलम्ब करते हैं।इससे जहां छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,वहीं इन छात्रों के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ता हैं।
विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश या नौकरियों में डिग्री मांगी जाती हैं।लेकिन डिग्री नहीं होने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश या नौकरियों से वंचित रह जाना पड़ता हैं।
इसलिए ये आवश्यक है कि छात्रों को सम्बंधित विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर डिग्री उपलब्ध कराएं।इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।
The BiharNews Post : December 6, 2022 समस्तीपुर। जवैलरी दुकान में भीषण डकैती । 10 की संख्या में हथियारबंद डकैतों ने स्वर्ण आभूषण की लूट । हीरा ज्वेलर्स में बदमाशों ने लगभग एक करोड़ के स्वर्ण आभूषण की लूट के वारदात को दिया अंजाम ।
विरोध करने पर दुकान के कर्मी को पिस्टल के बट से मारकर किया जख्मी । घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस । मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुर की घटना ।
The BiharNews Post : December 6, 2022 बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। JDU प्रत्याशी व पूर्व मंत्री मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवाहा व BJP प्रत्याशी व पूर्व विधायक केदार प्रसाद गुप्ता समेत 13 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो गई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (बिहार) एच आर श्रीनिवास ने निर्वाचन विभाग में मतदान समाप्त होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 2020 में इस क्षेत्र के चुनाव में 64.19 फीसदी मतदान हुआ था. उन्होंने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ. इस बार उपचुनाव में 57.9 फीसदी मतदान हुआ.
मतादाताओं के अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए 320 मतदान केंद्र बनाए गए ।
मतदाता सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ठंड के बावजूद कई मतदान केंद्रों पर सुबह ही मतदाता पहुंच गए, इस कारण मतदाताओं की लंबी कतार मतदान केंद्रों पर देखी गई।
इस उपचुनाव में मुकेश सहनी की वीआईपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। लेकिन महागठबंधन की ओर से चुनावी मैदान में उतरे मनोज कुशवाहा और भाजपा के प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।
The BiharNews Post : December 5, 2022 बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। दोपहर 1 बजे तक 37% मतदान की खबर है।
मतादाताओं के अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए 320 मतदान केंद्र बनाए गए ।
मतदाता सुबह 7 बजे से लेकर शाम के 6 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। ठंड के बावजूद कई मतदान केंद्रों पर सुबह ही मतदाता पहुंच गए, इस कारण मतदाताओं की लंबी कतार मतदान केंद्रों पर देखी जा रही है।
इस उपचुनाव में मुकेश सहनी की वीआईपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। लेकिन महागठबंधन की ओर से चुनावी मैदान में उतरे मनोज कुशवाहा और भाजपा के प्रत्याशी केदार प्रसाद गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।