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बिहार में शराब बंदी जारी रहेंगा

नीतीश कुमार के जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान आज गृह, पुलिस, सामान्य प्रशासन और जमीन जुड़े मामले की सुनवाई हुई ।इस बार भी सबसे अधिक मामला पुलिस द्वारा कारवाई नहीं किये जाने से ही जुड़ा हुआ था । इसमें एक बुजुर्ग अचानक रोने लगा। CM ने जब रोने का कारण पूछा तो बुजुर्ग ने कहा कि साहब, मेरे बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब मेरा कोई सहारा नहीं है।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मिल का पत्थर साबित होगा

इस पर CM ने वृद्ध फरियादी को DGP के पास भेजा और कहा कि DGP इस मामले को देखेंगे।जेपी सेनानी पेंशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। कहा कि 1974 में जेल गए थे। लेकिन पेंशन नहीं मिल रही। सीएम ने कहा कि अब तक कहां थे। फरियादी बेतिया जिले से आए थे।

मंहगाई के सवाल पर नीतीश ने साधी चुप्पी पूरे कहां पूरे देश का मामला इसमें मैं क्या राय दू

उन्‍हें संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया गया। एक बुजुर्ग आते ही रोने लगे। कहा कि जमीन के विवाद में पुलिस उनके ही बेटे को गिरफ्तार कर ले गई। एक महिला ने बताया पति की हत्‍या हो गई लेकिन न तो आज तक कोई कार्रवाई हुई न मुआवजा मिला।

कोरोना को लेकर अलर्ट सीएम ने कहां सतर्कता हटी दुर्घटना घटी इसलिए सावधान रहना है

वहीं, एक व्यक्ति ने CM से कहा कि गांव के दबंग भू-माफिया ने परेशान कर रखा है। जमीन हमारी है, वो पैसा मांगता है। मेरी पत्नी DIG से शिकायत करने पहुंची तो भू-माफिया ने चौराहे पर इज्जत लूटने की धमकी दी। सर कुछ करिए…। इस पर मुख्यमंत्री ने युवक को DGP के पास भेज दिया।

उपचुनाव के परिणाम को लेकर सीएम ने कहा जनता मालिक है उनके फैसले का सम्मान करेंगे

बेतिया से आए एक युवक ने CM के सामने कहा कि हमारे पिता पुलिस में थे। सर्विस के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौत के बाद हमें अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा रही। पुलिस विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि आपके 2-2 भाई नौकरी में हैं, इसीलिए आपको अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा सकती। इस पर मुख्यमंत्री ने DGP को फोन लगाकर कहा कि जब अनुकंपा पर नौकरी दी जाती है तो इस युवक को नौकरी क्यों नहीं मिली? अगर कोई तकनीकी बाधा है तो देखिए।

पुलिस ने इतना मारा कि दिव्यांग हो गए

शराबबंदी के साथ पूरा राज्य खड़ा है इसलिए शराबबंदी वापस लेने का सवाल ही नहीं

एक दिव्यांग व्यक्ति ने पुलिस की शिकायत करते हुए कहा कि कोलकाता में काम करता था। गांव आया था। एक न्योता में बाइक से गया। जब गांव लौट रहा था तो पुलिस ने पकड़ लिया। लाइसेंस मांगा तो नहीं था। इस पर पुलिस ने एक हजार रुपए मांगे। उसके पास रुपए नहीं थे। फिर पुलिस वालों ने उसे खूब मारा। वो बेहोश हो गए। बाद में पुलिस वाले ही उसे अस्पताल ले गए। जब युवक पुलिस थाने में गया तो उसका केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। युवक ह्वील चेयर के सहारे जनता दरबार में पहुंचा था।

जनता दरबार में एक लड़की ने CM से कहा कि मेरे पापा का एक साल पहले अपहरण हो गया। भू-माफिया ने जमीन हड़प ली, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। CM नीतीश कुमार ने तुरंत DGP को फोन कर मामले को गंभीरता से देखने को कहा।

जनता दरबार खत्म होने के बाद मीडिया के सवालों का जबाव देते हुआ कहां कि बिहार विधानसभा उपचुनाव ,शराब बंदी और कोरोना से जुड़े सवालों का जबाव दिए ।

कोरोना और सांप्रदायिकता तनाव को देखते हुए पूरे राज्य में जारी हुआ अलर्ट

दीपावली और छठ को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और पुलिस अधिकारियों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी और मेडिकल फील्ड से जुड़े कर्मियों की छुट्टी अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है ।

कोरोना और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश जारी किया गया है और इसके लिए रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर दो लेयर में सुरक्षा और स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि कोरोना से जुड़े प्रोटोकॉल का पूरी तौर पर पालन हो सके ।

पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर एक निर्देश जारी किया है डीजीपी एसके सिंघल के आदेश पर एडीजी विधि-व्यवस्था विनय कुमार ने छुट्टी पर रोक लगाने से संबंधित पत्र जारी कर दिया है। आदेश के तहत दिवाली, काली पूजा और छठ महापर्व पर विधि-व्यवस्था व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए 12 दिनों तक पुलिसकर्मियों के सभी प्रकार के अवकाश पर रोक लगाई गई है।

हालांकि विशेष परिस्थितियों में बहुत जरूरी होने पर अवकाश दिया जा सकता है। इसकी मंजूरी जिला, रेल और अन्य इकाइयों के वरीय पुलिस अधिकारी से लेनी होगी। आदेश की कॉपी सभी जिलों के एसएसपी-एसपी के अलावा इकाइयों और बिहार विशेष सशस्त्रत्त् पुलिस के कमांडेंट को भेज दी गई है।

इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की और से भी सभी सिविल सर्जन और डीएम को निर्देश जारी किया है जिसके तहत कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन शत प्रतिशत हो इसके लिए रेलवे स्टेशन ,बस स्टेंड और एयरपोर्ट पर विशेष जांच व्यवस्था कराने का निर्देश जारी किया है ।

बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम चौकाने वाला हो सकता है!

बिहार विधानसभा उपचुनाव का परिणाम जो भी हो लेकिन चुनाव का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा यह साफ दिख रहा है, वोटिंग ट्रेंड एनडीए के पक्ष में नहीं है ,महिला वोटर 2005 के चुनाव बाद पहली बार घर से बाहर नहीं निकली है जैसे पहले निकलती थी। वही वोटिंग प्रतिशत की बात करे तो दोनों जगह लगभग 5 प्रतिशत कम वोटिंग हुई है, अगर जदयू चुनाव हारती है तो जदयू और भाजपा के बीच दूरियां बढ़ सकती है क्यों कि इस चुनाव में भी साफ दिख रहा था कि बीजेपी का कार्यकर्ता उदासीन ही नहीं था जदयू चुनाव हार जाये इस तरह खुलकर बात भी कर रहा था दिल की सुनो उसी और इशारा था एक और बात जो पूरे मतदान के दौरान चर्चा में रहा वह था सरसों तेल की कीमत (मिथिलांचल में करुआ तेल कहते हैं) इसको लेकर महिला मतदाता चर्चा कर रही थी ,इसका कितना असर वोट पर पड़ा यह फिलहाल कहना मुश्किल है, वैसे इस बार जदयू प्रशासनिक और मीडिया प्रबंधन में बाजीगर रहा , फिर भी परिणाम क्या होगा कहना मुश्किल है क्यों कि तारापुर विधानसभा में यादव और मुसलमान भी वोट देने के लिए उस तरीके से बाहर नहीं आया जैसे आते रहे हैं ।1—मतदान का प्रतिशत कम रहा इस बार कुशेश्वरस्थान में 49% तो तारापुर में 50.04 % वोटिंग हुई है। आम चुनाव 2020 की तुलना में दोनों सीटों पर मतदान का प्रतिशत कम रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में तारापुर में 54.43%, जबकि कुशेश्वरस्थान में 55.8 फीसदी वोटिंग हुई थी।बात महिला वोटर कि करे तो कुशेश्वर स्थान 49,6 प्रतिशत वोटिंग हुई है जिसमें 48,3 प्रतिशत पुरुष और 50.9%महिला वोट की है वहीं तारापुर की बात करे पुरुष की तुलना में मात्र पांच हजार अधिक वोट महिला की है ।फिर भी किसके सिर ताज बंधेगा कहना मुश्किल है

मुख्यमंत्री ने जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का किया विधिवत उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का किया विधिवत उद्घाटन

पटना, 30 अक्टूबर 2021 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज पटना के कंकड़बाग में नवनिर्मित जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि के बीच फीता काटकर तथा नारियल फोड़कर विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही अब जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इन पेशेंट-सर्विस की शुरुआत हो गई, अब मरीज यहां भर्ती होकर अपना इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के एम०आर०आई०, रेडियेशन रुम, हार्ट कमांड सेंटर, नर्सिंग स्टेशन, आइसोलेशन यूनिट, ऑपरेशन थियेटर, इंटेंसिव केयर यूनिट, कैथ लैब्स सहित विभिन्न विभागों एवं वार्डो का मुआयना किया। मुख्यमंत्री को जयप्रभा मेदांता अस्पताल के सी०ई०ओ० डॉ० पंकज साहनी ने अस्पताल भ्रमण के दौरान अस्पताल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल का सीएम ने किया उद्धाटन

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू मेदांता के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ० नरेश त्रेहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेन्द्र शर्मा, जयप्रभा मेदांता अस्पताल के सी०ई०ओ० डॉ० पंकज साहनी सहित जयप्रभा मेदांता अस्पताल के अन्य चिकित्सकगण / कर्मी अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

जयप्रभा मेदांता अस्पताल बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मिल का पत्थर साबित होगा

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि आज पटना में जयप्रभा मेदांता अस्पताल का विधिवत उद्घाटन हुआ है। इसके लिए काफी पहले से प्रयास जारी था। जयप्रभा अस्पताल खोलने की शुरुआत वर्ष 1979 में की गई थी। श्रद्धेय लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की इच्छा थी कि पटना में कैंसर का अस्पताल बनना चाहिए। वर्ष 2005 में जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो हमलोगों ने इसका लेकर काफी विचार-विमर्श किया। अस्पताल चलाने वाले कई लोगों से वार्ता की गई लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। हमलोगों को खुशी है कि मेदांता के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ० नरेश त्रेहान पटना में अस्पताल चलाने को तैयार हुये। वर्ष 2006 में जयप्रभा मेदांता अस्पताल का शिलान्यास किया गया था। पिछले वर्ष अस्पताल के ओ०पी०डी० सेवा की शुरुआतक मरीज यहां आकर डॉक्टरों से इलाज करा सकें। हमलोगों की शुरु से इच्छा थी कि जल्द से जल्द अस्पताल पूरी तरह से शुरु हो जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने श्री नरेश त्रेहान साहब से कहा है कि जल्द से जल्द कैंसर का इलाज भी यहां शुरु करा दीजिए क्योंकि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की इच्छा थी कि यहां कैंसर का अस्पताल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाकी सब बीमारियों का इलाज यहां शुरु हो गया है। इस अस्पताल का हमने मुआयना किया है। यह अस्पताल काफी अच्छा है। उन्होंने कहा कि जयप्रभा मेदांता अस्पताल में गरीब गुरबा लोगों के लिए 25 प्रतिशत बेड आरक्षित किया गया है। गरीब गुरबा लोगों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जो निर्धारित शुल्क हैं उसी शुल्क पर यहां उनका इलाज किया जायेगा। सरकारी कर्मचारियों का भी यहां इलाज नॉर्मल रेट पर होगा। इस अस्पताल के शुरु हो जाने से बिहार के लोगों को काफी सुविधा होगी। प्राइवेट अस्पताल के रूप में मेदांता अस्पताल का देश में काफी नाम है। देश के कई जगहों पर मेदांता अस्पताल खोला गया है। पटना में भी मेदांता अस्पताल की शुरुआत हुई है यह काफी खुशी की बात है। बिहारवासियों को अब इस अस्पताल में इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी।

प्रदेश के सभी कामगारों का ई – श्रम पोर्टल पर होगा निबंधन:

ई-श्रम निबंधन और कार्ड वितरण समारोह संपन्न:
सामाजिक सुरक्षा के तहत श्रमिकों को मिलेगा सभी प्रकार का लाभ:
प्रदेश के सभी कामगारों का ई – श्रम पोर्टल पर होगा निबंधन:
सर्वाधिक निबंधन करने वाले तीन सामान्य सेवा केंद्र संचालक किये गए पुरस्कृत:

आज दिनांक-30.10.2021 को ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर निबंधित बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच ई-श्रम कार्ड का निबंधन एवं वितरण समारोह का आयोजन श्रम संसाधन विभाग, बिहार के द्वारा ‘‘दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना’’ में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामेश्वर तेली, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार रहे, अध्यक्षता श्री जिवेश कुमार, माननीय मंत्री, श्रम संसाधन विभाग द्वारा की गयी| श्री तारकिशोर प्रसाद, उप मुख्यमंत्री, श्री रामकृपाल यादव, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री -सह- माननीय सांसद (पाटलिपुत्र) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में श्रीमती वन्दना किनी, अपर मुख्य सचिव, श्रम संसाधन विभाग, श्री आलोक कुमार, विशेष सचिव, श्रम संसाधन विभाग, सुश्री रंजिता, श्रमायुक्त, बिहार, एवं विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम में ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच श्री रामेश्वर तेली, माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ई-श्रम कार्ड का वितरण किया गया। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल पर बिहार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के निबंधन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने हेतु एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

श्री जिवेश कुमार, माननीय मंत्री, श्रम संसाधन विभाग, बिहार के द्वारा बताया गया कि देश भर में असंगठित कामगारों के सम्पूर्ण विवरण सहित एक डाटा बेस की आवश्यकता विगत कुछ वर्षों से महसूस की जा रही थी। इसी परिप्रेक्ष्य में श्रम एवं नियोजन मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा हाल के दिनों में लाँच किया गया ई-श्रम पोर्टल के दिशा में उठाया गया एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण कदम है, जिसका प्रासंगिकता लम्बे समय तक बनी रहेगी। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित असंगठित श्रमिकों को न सिर्फ विभिन्न प्रकार की केन्द्र एवं राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर एक डाटा बेस तैयार होगा जिससे असंगठित श्रमिकों को Portability of Scheme का भी फायदा मिलेगा। साथ ही प्रवासी श्रमिकों की ट्रेकिंग भी इस पोर्टल के माध्यम सुलभ हो जायेगा। तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर निबंधित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत 2 लाख रूपये का दुर्घटना कवर दिया जाएगा।

अवगत हुआ जा सकता है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश भर के लगभग 38 करोड़ असंगठित श्रमिकों को इस पोर्टल के माध्यम से निबंधित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से बिहार के लिए कुल 3.49 करोड़ असंगठित श्रमिकों को निबंधित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज के तारीख में लगभग 75 लाख बिहार के असंगठित श्रमिकों का इस पोर्टल पर निबंधन किया जा चुका है।

राष्ट्रीय ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन निरंतर जारी है, पंचायत चुनाव को लेकर भी इसपर कोई प्रभाव नहीं पड़ रह है| श्रमिक अपनी सुविधानुसार प्रातः या देर शाम निबंधन कार्य करा सकते हैं| साथ ही केद्र सरकार द्वारा प्रायोजित, श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत निबंधन श्रमिकों के द्वारा कराया जा सकता है|

श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य में राष्ट्रीय ई – श्रम पोर्टल पर सर्वाधिक निबंधन करने वाले श्रेष्ठ तीन सामान्य सेवा केंद्र संचालकों (VLE) को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया| जिसमें विभाग द्वारा प्रथम पुरस्कार के रूप में 21 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 15 हजार रूपये और तृतीय के लिए 11 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दिया गया| यह प्रतिस्पर्धा प्रति माह सामान्य सेवा केंद्र संचालकों (VLE) के बीच कराया जायेगा, जिससे राज्य के सभी कामगारों का निबंधन ससमय पूरा किया जा सके और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके|

कार्यक्रम के दौरान ‘‘प्रयास’’ कार्यक्रम के तहत् कर्मचारी राज्य भविष्य निधि संगठन द्वारा ‘‘कर्मचारी भविष्य निधि पेंशन योजना, 1995’’ अन्तर्गत निबंधित सदस्यों को उनके सेवानिवृति के फलस्वरूप PPO (Pension Payment Oder) दिया गया।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा ‘‘कोविड-19 राहत् योजना’’ अन्तर्गत बीमित व्यक्तियों के कोविड-19 के फलस्वरूप मृत्यु की स्थिति में उनके वैध आश्रितों को लाभ दिया गया।

कार्यक्रम का समापन भाषण एव धन्यवाद ज्ञापन श्रमायुक्त, बिहार द्वारा दिया गया।

वोटिंग प्रतिशत पर तय होगा कुशेश्वर स्थान और तारापुर में कौन बनेगा विधायक

बिहार विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान चुपचाप का नारा खुब चला लेकिन आज एक नया नारा तारापुर और कुशेश्वरस्थान में चल रहा है दिल की सुनो,और ये जो नारा है दिल की सुनो वो सत्तारूढ़ दल के दिल की धड़कनों को तेज कर दिया है ।

दो बजे की तस्वीर है तारापुर विधानसभा का एक भी वोटर मतदान केन्द्र पर मौजूद नहीं है

दिल की सुनो नारे के पीछे एक अखबार के संपादक के साथ साथ सरकार में शामिल दल के मेंटर की भूमिका देखी जा रही है और यही वजह है कि कुशेश्वर स्थान जहां जदयू की जीत तय मानी जा रही थी वहां स्थिति हजार पांच सौ के बीच पहुंच गई है हालांकि मतदान खत्म होने के बाद स्थिति और भी स्पष्ट हो जायेंगी लेकिन वहां वोट का बड़ा बिखराव देखने को मिल रहा ।यही स्थिति तारापुर विधानसभा में भी देखने को मिल रहा है जहां दिल की सुनो नारा जदयू प्रत्याशी को थोड़ी मुश्किल बढ़ा दी है ।

महिला वोटर में वो उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है

हालांकि सब कुछ वोटिंग प्रतिशत पर निर्भर करता है क्यों कि अधिकांश मतदान केन्द्र खाली हो गया और ये स्थिति चुनाव खत्म होने तक बनी रह गयी तो फिर बहुत मुश्किल होगा वापसी ,वैसे राजद का कोर वोटर जहां है वहां भी बहुत ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है । कुशेश्वरस्थान विधानसभा 2020 के चुनाव में कुल 54.42 प्रतिशत मतदान हुआ था और आज की बात करे तो दो बजे तक 41 प्रतिशत के करीब वोट पड़ा है और शाम चार बजे तक ही वोटिंग होनी है यही स्थिति तारापुर विधानसभा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है अधिकांश मतदान केन्द्रों पर एक दुक्का वोटर आ रहा है । इस बार कही भी महिलाओं की वो लम्बी लाइने देखने को नहीं मिल रही है जो बिहार चुनाव की पहचान रही है ।

11 बजे की तस्वीर है मतदाता अपने समय का कर रहे हैं इन्तजार

तारापुर में 2020 के विधानसभा चुनाव में 55 प्रतिशत वोटिंग हुई थी लेकिन अभी दो बजे तक 42 प्रतिशत के करीब वोटिंग हुई है दोनों जगह का परिणाम वोटिंग प्रतिशत ही निर्भर करेगा ।

बिहार विधानसभा उपचुनाव के दो सीटों पर मतदान शुरु सुबह से ही देखी जा रही है लम्बी कतार

बिहार विधानसभा उपचुनाव में वोटिंग शुरु हो गयी शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी । चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो इसके लिए चुनाव आयोग ने अधिकांश मतदान केन्द्रों पर अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है पुलिस मुख्यालय की माने तो अर्द्धसैनिक बलों की 25 कंपनियों के अलावा बिहार विशेष सशस्त्र बल की 6 कंपनियां भी भेजी गई है। अधिकारी और जवान भी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं। सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है ।वही सुबह से ही राजद नेता आक्रमक दिख रहे हैं 

1–चुनाव शुरु होते ही लालू ने भरा हुंकार
भेल ही ये दो सीटों पर उपचुनाव हो रहा है लेकिन इन सीटों का परिणाम बिहार की राजनीति में दूरगामी पड़ सकता है यही वजह है कि राजद अपनी पूरी शक्ति लगा दी है मतदान शुरु होने से ठीक पहले लालू प्रसाद अपने वोटर को आक्रामक बनाने के लिए एक बयान जारी किया है जिसमें कहां है कि दोनों सीटों का उप चुनाव जीतते ही वे बिहार की नीतीश सरकार को गिरा देंगे। उन्‍होंने कहा कि उप चुनाव के बाद राजद की सरकार और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए फार्मूला उन्होंने तैयार कर लिया है।वही दूसरा और तेजस्वी ने बयान जारी करके कहां है कि दोनों सीट जीत रहे हैं और मतदाताओं में जनता में नल-जल योजना में धांधली और महंगाई जैसे मसलों को लेकर काफी नाराजगी है। इसका असर चुनाव में देखने को मिलेगा ।

युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है
सुबह से ही लंबी कतारे देखी जा रही है मतदना केन्द्रों पर

2– महिला वोटर के लिए विशेष व्यवस्था इस बार बिहार विधानसभा उप चुनाव में एक नया प्रयोग किया जा रहा है. दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 114 सहायक बूथ बनाए हैं, इनमें से 110 सहायक बूथों पर सिर्फ महिलाएं वोट देंगी. इन बूथों पर महिला मतदान कर्मी और महिला सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. विधानसभा चुनाव में महिलाओं को लेकर यह पहली बार प्रयोग किया जा रहा है।

इस बार महिला और पुरुष बराबरी में वोटिंग करने पहुंचे हैं

3–कुशेश्वरस्थान विधानसभा कुशेश्वरस्थान विधानसभा के आठ उम्मीदवारों की किस्मत आज ईवीएम में बंद हो जाएगी।कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की संख्या कम है। वहां दो लाख 57 हजार 153 वोटर मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें महिला वोटरों की संख्या एक लाख 21 हजार 974 है।कुशेश्वरस्थान से चुनावी मैदान में जदयू के अमन भूषण हजारी, राजद के गणेश भारती, कांग्रेस के अतिरेक कुमार, लोजपा(रा) अंजू देवी, जाप(लो) के योगी चौपाल, समता पार्टी के सच्चिदानंद पासवान, निर्दलीय जीवछ कुमार हजारी और राम बहादुर आजाद शामिल है ।शाम चार बजे तक वोटिंग होगी 4–तारापुर विधान सभा उप चुनाव  9 प्रत्याशी के भाग्य का फैसला आज ,3 तारापुर में कुल 3.27 लाख मतदाताओं में 1.76 लाख पुरुष और 1.51 लाख महिलाएं हैं.  मतदान,सुबह 7 बजे से ले शाम 4 बजे तक होगा मतदान होना है। मतदान के लिए 406 मतदान केंद्र । जिसमे 5 आदर्श और 10 महिला(पिंक बूथ), 68 सहायक और 52 नक्सल मतदान केंद्र है शामिल ।तारापुर विधानसभा क्षेत्र से राजद के अरुण कुमार, लोजपा(रा) के कुमार चंदन, जदयू के राजीव कुमार सिंह, कांग्रेस के राजेश कुमार मिश्र, राष्ट्रीय समता पार्टी के उपेंद्र सहनी, द प्लुरल्स पारटी के वशिष्ठ नारायण के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में अंशु कुमार, दीपक कुमार और शिव गांधी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।

ये नजारा कुशेस्वर स्थान विधान सभा का
कुशेश्वरस्थान विधानसभा नाव से जा रहे हैं वोट देने

घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने में षडयंत्र ते आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत

पटना हाई कोर्ट ने कथित तौर पर घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने में षडयंत्र और विस्फोटक को विस्फोट करने का प्रयास करने के आरोपी गजेंदर शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने गजेंद्र शर्मा द्वारा दायर क्रिमिनल अपील पर सुनवाई की।

इसके साथ ही खंडपीठ ने ट्रायल को दिन प्रतिदिन के आधार पर करने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश की प्रति की पेश करने की तारीख से एक वर्ष के भीतर पूरा करने हेतु प्रयास करने का आदेश ट्रायल कोर्ट को दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि यदि ट्रायल एक वर्ष में पूरा नहीं होता है, तो अपीलार्थी अपनी जमानत हेतु निचली अदालत में ही याचिका दायर कर सकेगा।

इस अपील में ही जमानत हेतु आग्रह किया गया था। अपील के जरिये अपीलार्थी ने पटना के एन आई ए के विशेष न्यायाधीश द्वारा 19 फरवरी, 2021 को पारित आदेश को रद्द करने की माँग की थी।

अपीलार्थी के अधिवक्ता सिद्धार्थ हर्ष का कहना था कि अपीलार्थी एफ आई आर में नामित नहीं है। अनुसंधान के दौरान नाम आया है। साथ ही अपीलार्थी के अधिवक्ता का यह भी कहना था कि अपीलार्थी 16 फरवरी, 2017 से जेल में है और ट्रायल भी अभी पूरा नहीं हुआ है। 138 चार्जशीट गवाहों में अभी तक सिर्फ 33 गवाहों का परीक्षण हुआ है।

अपीलार्थी के जमानत का विरोध करते हुए एनआईए के विशेष लोक अभियोजक छाया मिश्रा ने कोर्ट को बताया की गवाहों के परीक्षण में देरी कोविड – 19 की वजह से हुआ है। किन्तु, अब चूंकि स्थिति सामान्य हो रही है, इसलिए अभियोजन की ओर से बचे हुए गवाहों का परीक्षण अवलिंब हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन उन सभी प्रयासों को करेगा ,जिससे कि अगले 9 महीने में सभी गवाहों का परीक्षण हो जाए। उनका यह भी कहना था कि अपीलार्थी के खाते से पैसों का लेनदेन और इसके स्टूडियो से सामानों की बरामदगी अपराध में सहभागिता को स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है।

सुशील मोदी ने तेजस्वी के बयान पर किया पलटवार गरीबों का वोट छीनने वाला दे रहा है नसीहत

मोदी- ट्वीट

29.10.2021

लालू-राज में होती थी चुनावी हिंसा, मंत्री लुटवाते थे बूथ

  • सुशील कुमार मोदी

एनडीए ने स्थापित किया कानून का राज

  • गरीबों के वोट छीनने के दिन गए
  1. लालू-राबड़ी राज में बिहार का कोई भी चुनाव बिना हिंसा और बूथ लूट के नहीं होता था।
    गरीबों को वोट नहीं देने दिया जाता था, बल्कि उनके वोट छीने जाते थे या साड़ी, शराब या नकद रुपये का लोभ देकर हथियाये जाते थे।
    जिस दौर में राज्य के दर्जनों मंत्री खुद खड़े होकर बूथ लूट की अगुवाई करते थे, वो जमाना चला गया।
    …………………………….
  2. वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में 61 लोग मारे गए थे, जबकि साल भर बाद 2001 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान 196 जानें गईं।
    एनडीए ने कानून का राज स्थापित किया है। अब किसी की मजाल नहीं कि भय या प्रलोभन से किसी के वोट हासिल कर ले।
    सत्तारूढ़ दल जनता की सेवा के बदले मजदूरी के रूप में वोट मांगते हैं, बूथ नहीं लूटते।

अबतक एनडीए के कार्यकाल में 9 चुनाव हो चुके हैं परंतु न तो चुनावी हिंसा हुई और न हीं कोई मारा गया।

दिल्ली के कनॉट प्लेस में बिहार के कलात्मक कौशल को ‘बिहारिका’ के रूप में एक और स्थायी ठिकाना मिला

नई दिल्ली,

बिहार की कला और शिल्प को बढ़ावा देने और राज्य के बुनकरों के लिए स्थायी बाजार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, बिहार निवास, चाणक्यपुरी में हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य कलाकृतियों की एक विस्तृत श्रृंखला की शुरुआत की गई है। श्रीमती पलका साहनी (भा.प्र. से), स्थानिक आयुक्त, बिहार भवन ने शुक्रवार को आर्ट कियोस्क ‘बिहारिका’, बिहार की कला डेहरी, का लोकार्पण किया।

दिल्ली के कनॉट प्लेस में अंबापाली बिहार एम्पोरियम के बाद, बिहार के कलात्मक कौशल को ‘बिहारिका’ के रूप में एक और स्थायी ठिकाना मिल गया है।

इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से बेहतरीन हस्तशिल्प और हथकरघा जनित विचारोत्तेजक इंस्टॉलेशन आर्ट को प्रोत्साहित करना है। मंजूषा कला, मधुबनी कला, सिक्की, सुजनी, पेपर माशे, बावन बूटी, ओबरा और मिथिला, तिरहुत, मगध, आंग और भोजपुर के कई अन्य प्रमुख कलाकृतियों से ‘बिहारिका’ को सुसज्जित किया गया है।

बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों, बुनकरों, शिल्पकारों और क्यूरेटरों को स्थानीय कलाकारों और विक्रेताओं की सहायता से एक महत्वाकांक्षी साइट-विशिष्ट आयोगों को साकार करने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक कलाकार ने अपनी नई प्रदर्शनी के लिए दिल्ली और इसके ऐतिहासिक महत्व पर शोध किया है ताकि प्रत्येक शिल्प खरीदारों और आगंतुकों के लिए सार्थक और प्रासंगिक हो।

स्थानिक आयुक्त ने कहा, “बिहार राज्य पारंपरिक रूप से मधुबनी कला या मिथिला पेंटिंग के लिए बाहरी दुनिया के लिए जाना जाता है, और हम बिहार के विभिन्न जिलों के स्थानीय कलाकारों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मधुबनी, मंजूषा, सिक्की, सुजनी सहित बिहार की वो लोक कलाएँ जो वहाँ के लोगों की जीवन शैली का हिस्सा हैं लेकिन बिहार के बाहर बहुत प्रसिद्ध नहीं हैं, वो लोगों के ज्ञान में आ सकते हैं और उन्हें प्रसिद्धि मिल सकती है। पिछले दो वर्षों में, हमने 200 से ज़्यादा कलाकारों को सूचीबद्ध किया है। दिल्ली-स्थित बिहार के कारीगरों ने भी अपनी कलाकृतियों को बिहारिका भेजने के लिए सहमति दी है। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में बिहारिका दिल्ली में अपनी अलग पहचान बनाएगा जिससे लोकल बुनकरों और शिल्पकारों को असीम संभावनाएं मिल सकेंगी।”

यह अक्सर उद्धृत किया जाता है कि ‘खानपान के इतिहास को सामान्य रूप से संस्कृति के इतिहास से अलग नहीं किया जा सकता है’। इस अभिव्यक्ति से एक सीख लेते हुए, प्रदर्शनी में भोजन और कला का मिश्रण देखने को मिलेगा, क्योंकि आगंतुक बिहार निवास के ‘द पॉटबेली रेस्तरां’ में बिहार के कई लोकप्रिय व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। उन्होंने आगे कहा, “बिहारी व्यंजनों के मामले में पॉटबेली पहले से ही अग्रणी रहा है। बिहारिका के उद्घाटन के बाद लोगों को बिहार निवास आने के लिए अधिक रुचि बढ़ेगी।”

बिहार के कलाकारों द्वारा भेजी गई विभिन्न कृतियों को कियोस्क पर प्रदर्शित किया गया है। ये सभी खरीदारों और आगंतुकों के लिए उपलब्ध हैं। इन वस्तुओं को डिजिटल भुगतान के माध्यम से सीधे कलाकारों से खरीदा जा सकता है।

मैं क्रिमिनल थोड़े हैं जो नीतीश को गोली मरवा देंगे

लालू यादव आज फिर मीडिया के सामने आये और तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच जारी विवाद कर खुल कर बोले साथ ही उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भकचोन्हर और विसर्जन जैसी बातो को लेकर जो बवंडर उठा था उसको भी अपने अंदाज में शांत करने की कोशिश कि

1–बीजेपी वाले तेज प्रताप को गुमराह कर रहा है

तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) में कोई विवाद नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी और तेजप्रताप में बैठकर बातचीत भी हुई है. दोनों हमारे बेटे हैं आने के बाद सबको इकट्ठा किए हैं दोनों भाई एक साथ हैं सब परिवार एक साथ है तेज प्रताप के साथ बीजेपी के कुछ लोग रहते हैं वो गुमराह करते रहते हैं.

2–मैं क्रिमिनल थोड़े हैं

लालू प्रसाद ने कहा नीतीश कुमार ने विसर्जन का मतलब गलत समझ लिया, वे समझ गए कि मारने के लिए कह रहे हैं,हम क्रिमिनल थोड़े हैं कि गोली मरवा देंगे चुनाव है इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया ताकि उनको फायदा मिले. हमने विसर्जन शब्द बोला यानी चुनाव में सफाया हो जाएगा

3—भकचोन्हर’ पर सफाई दी.
लालू यादव ने भक्त चरण दास पर बोले गए शब्द ‘भकचोन्हर’ पर सफाई दी कहा कि यह कोई विवादित शब्द नहीं है इसका मतलब होता है नासमझ ।यह समझने वाली बात है भोजपूरा जानने वाले और बिहार के लोग जानते हैं कि यह बोलचाल की यह समान्य भाषा है ।

4—मोदी को भगाना मेरा उदेश्य है
लालू यादव ने कहा कि कश्मीर में बिहार के लोगों को मारा जा रहा है. अनुच्छेद 370 के वक्त भी मारा जा रहा था, ये कोई नई बात नहीं है. ऐसे में आतंकी ऐसा कर अपनी मौजूदगी दिखा रहे हैं. केंद्र की राजनीति में भूमिका पूछे जाने पर लालू यादव ने कहा कि केंद्र की राजनीति में हमारी भूमिका होगी विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाना और भाजपा को गद्दी से उतारना है।

चार और जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शीघ्र: मंगल पांडेय

चार और जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शीघ्र: मंगल पांडेय

रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा में लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू

पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव और इलाज का इंतजाम करने में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए आरटीपीसीआर जांच बेहद ही कारगर है। इस जांच के जरिए कोरोना वायरस से पीड़ित होने की जानकारी मिल जाती है, जिससे वायरस का प्रसार रोकने और पीड़ित का इलाज करना आसान होता है।

श्री पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा को सरल और सुलभ बना रही है। रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा जिला के सदर अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब का निर्माण किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश के 33 जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। पिछले साल कोरोना का कहर शुरू हुआ था तो संक्रमण की पुष्टि कर पाना काफी कठिन था। इसलिये राज्य सरकार कोरोना जांच की व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।

श्री पांडेय ने कहा कि रोहतास, किशनगंज, कटिहार और सहरसा में आरटीपीसीआर लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इस जांच की सुविधा प्रदेश के 37 जिलों में हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कोरोना से बचाव को लेकर टीकाकरण में तेजी लायी जा रहा है।

विधान सभा उप चुनाव को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ तेज जदयू ने भी किया पलटवार

बिहार विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गया है राजद नेता तेजस्वी ने मीडिया से बात करते हुए कहां कि जनता अपना फैसला तय कर चुकी है। लड़ाई किसी पार्टी के बीच नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच है।न्‍होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यह चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा-जदयू के नेता चुनाव प्रचार की समयसीमा खत्‍म होने के बाद भी तारापुर और कुशेश्‍वरस्‍थान में जमे हुए हैं। सत्‍ताधारी दल चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश में जुटे हुए हैं। वोटरों को गुमराह करने के लिए साड़‍ियां बांट रहे हैं और प्रलोभन दे रहे हैं।

तेजस्‍वी ने कहा कि मतदान के दौरान बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति होनी चाहिए। बिहार की पुलिस जदयू की कार्यकर्ता की तरह व्‍यवहार कर रही है। उन्‍होंने अधिकारियों पर भी पक्षपात करने का भी आरोप लगाया। तेजस्‍वी ने डीएसपी स्‍तर के एक अधिकारी को शिकायत के बाद चुनाव आयोग के स्‍तर से हटाए जाने का जिक्र करते हुए बाकी अफसरों को चेतावनी भी दी।उन्‍होंने कहा कि मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायत मिली तो वे हेलीकाप्‍टर से मौके पर पहुंच जाएंगे।

तेजस्वी के इस बयान पर जदयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि उनके पास जो भी शिकायतें या वीडियो है वह लेकर चुनाव आयोग के पास जाए,निखिल मंडल से जब यह पूछा तेजस्वी यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में सरकार चली गई किसी को पता था क्या इस पर निखिल मंडल ने कहा कि उनका फिजिक्स केमेस्ट्री मैथमेटिक्स तीनों खराब है वह नवमी पास है उन्होंने यह भी कहा कि पहले तो वह जीत ही नही रहे हैं और अगर जीत भी जाते हैं तो 121 काआंकड़ा कहा से पार करेंगे।

वही हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि हार देख कर तेजस्वी बौखला गये हैं नीतीश कुमार काम पर विश्वास करते और बिहार की जनता उनके साथ है ।

नीतीश कुमार चुनाव जीतने के लिए साड़ी और शराब बटवा रहे हैं –तेजस्वी

कुशेश्वर स्थान विभानसभा सीट पर कब्जा के लिए जदयू और राजद दोनों अपनी पूरी ताकत झौक को दिया है वही इस बार राजद प्रशासनिक हेराफेरी को लेकर कुछ ज्यादा ही संचेत है और यही वजह है कि कल से राजद लगातार चुनाव आयोग में अधिकारियों और मंत्री के खिलाफ शिकायत कर रहा है ।

आज एक बार फिर नेता प्रतिपंक्ष तेजस्वी यादव थोड़ी देर पहले बिहार विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में मीडिया के सहारे कई सवाल खड़े करते हुए तेजस्वी सीधे सीधे नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया है ,तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि वो शराब और साड़ी बटवा रहे हैं उनके कई मंत्री अभी भी चुनाव क्षेत्र में डटे हुए हैं और छठ पर्व के बहाने गाड़ियों से नोट और साड़ी बाट रहा है, मेरी पार्टी चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करने जा रही है, डीएसपी दिलीप कुमार झा के हटाये जाने से हमारी बात सही साबित हुई है अगर 30 तारीख को गड़बड़ी की कोशिश की गई तो हम हेलीकॉप्टर से कुशेश्वर स्थान पहुंच जाएंगे इनकी बेईमानी किसी भी स्थिति में चलने नहीं देगे मतलब साफ है राजद खेमा मान रही है कि तारापुर सीट पर जीत पक्की है लेकिन कुशेश्वर स्थान को लेकर कुछ पेच अभी भी फंसा हुआ है खास करके राजद जिस मुसहर जाति के उम्मीदवार को उतरा है उसके वोट को लेकर राजद खेमा में अभी भी संशय बना हुआ है कि और यही वजह है कि तेजस्वी बार बार सरकार और नीतीश कुमार पर हमलावर हो रहे हैं ताकि वहां के यादव वोटर आक्रमक हो और मुसहर को लगे कि राजद उसके साथ पूरी तौर पर खड़ा है।

जिस सीट को लेकर दोनों पार्टी अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है उस सीट के गणित को जरा आप भी समझ लीजिए ,तारापुर में स्थिति लगभग स्पष्ट हो गया है यहां विशेष कुछ करने की गुनजाइस नहीं बची है ,लेकिन कुशेश्वर स्थान में अभी भी बहुत कुछ बची हुई है इसलिए दोनों दलों के तरकश में जीतने भी तरह के तीर मौजूद है सबका प्रयोग कल शाम पांच तक होना तय है।

इस बार कुशेश्वर स्थान का चुनाव कई मायने में महत्वपूर्ण है लक्ष्मीनिया का साख दाव पर है हो भी क्यों नहीं किसी ने भरोसा जताया है यह कह कर कि मैं आपको राजनीतिक भागीदारी दे रहा हूं। अब देखना यह है कि इस भागीदारी वाली शब्दावली का कितना प्रभाव पड़ता है ।जी है हम बात कर रहे हैं कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव का जहां आजादी के बाद से ही यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है फिर भी बिहार के सबसे पिछड़े प्रखंड और इलाकों में एक कुशेश्वर स्थान है जहां दलितों में सबसे बड़ी आबादी मुसहरों की है ।

आजादी के 74 वर्ष बाद भी सबसे गरीब ,निरक्षर और भूमिहीन दलितों में इसकी आज भी गिनती होती है ,आज भी मुसहर जाति में दो चार गांव में एक दो मैट्रिक पास मिल जाये तो बड़ी बात होगी,किसी जमाने में कालाजार बीमारी का सबसे बड़ा केंद्र कुशेश्वर स्थान ही हुआ करता था और इस बीमारी के कारण हजारों मुसहर असमय दुनिया से चला गया ।

हालांकि अब वो स्थिति नहीं है लेकिन बाढ़ की वजह से देश का सबसे बड़ा मेहनतकश आबादीअभी भी भूखे सोने को मजबूर है हालांकि अब इस इलाके से भी बड़ी संख्या में मुसहर जाति के लोग बाहर कमाने जा रहे हैं लेकिन हुनर के मामले में अभी भी यह समाज खेती और मिट्टी कटाई के साथ साथ समान ढ़ोने जैसे काम से बाहर नहीं निकल पाया है ।

बात अगर राजनीतिक समझ कि करे तो पंचायत चुनाव के दौरान जो आरक्षण दिया गया है उसका लाभ दिख रहा है ,इस समाज से जुड़े कई लोग मुखिया ,पंचायत समिति सदस्य ,वार्ड सदस्य और सरपंच बना है नीतीश सरकार के महादलित योजना की वजह से कुछ लड़को को नौकरी भी मिली है ।फिर भी बहुत पिछड़ापन है इसकी वजह यह है कि आज भी यह पूरी तौर पर भूमिहीन जाति है कहां यह जाता है कि उस इलाके के जो जमींदार थे ये उनको बाहर से खेती का काम करने के लिए लाये थे क्यों कि उस इलाके की गिनती किसी जमाने में सिल्क रूट की तरह होती थी यहां से मछली ,मखाना और मकई पूरे देश में जाता था और इस काम में मुसहर जाति के लोग काफी निपुण माने जाते थे और यही वजह थी कि जिस इलाके में मुसहर रहते थे उस इलाके को लक्ष्मी का इलाका कह कर पुकारा जाता था ।

आज भी हर गांव में आपको लक्ष्मीनिया टोला मिल जायेंगा और जब आप उस टोलो में जायेंगे तो शत प्रतिशत आबादी मुसहर का मिलेगा हालांकि मध्य बिहार की तरह यहां का मुसहर शराब बनाने का धंधा नहीं करता है लेकिन नशा करने में कम नहीं है शाम होते होते पूरा परिवार मस्त हो जाता है ,दिन में भी लोग मिल जायेंगे नशे में । तेजस्वी जो चिंता जता रहे हैं कि वोटिंग धीमा कराया जा सकता है प्रशासन के द्वारा वजह वो नहीं है वजह यह है कि घर घर शराब पहुंच गया तो फिर वोट छोड़ कर दिन भर ये लोग पूरा परिवार शराब पीने में ही रह जाएगा।

हालांकि पहली बार राजद का चुनाव चिन्ह लालटेन इस इलाके से चुनाव लड़ रहा है इसलिए यादव काफी उत्साहित है और यह माना जा रहा है कि इस लक्षमिनिया वोटर को मतदान केन्द्रों तक पहुंचाने में यादव अपना सब कुछ दाव पर लगा देगा, लेकिन इसके विपरीत एक और तथ्य है इस इलाके में कुर्मी (धानुक)जाति के लोग भी बहुत है जिनके साथ मुसहर की बड़ी आबादी गांव में साथ साथ रह रहे हैं ।

पंचायत चुनाव की वजह से इन इलाकों के मुसहर में बड़ा डिवीजन देखा जा रहा है अगर ये डिवीजन वोटिंग तक नहीं रहा तो इन इलाकों में पिलाओ ,खिलाओ और सुलाओ वाले फॉर्मूले पर काम शुरु हो जायेंगा और इसकी जबरदस्त तैयारी भी है वैसे कल सुबह आठ बजे के बाद तस्वीर साफ हो जायेंगी कौन सा खेला चल रहा है ।

वैसे कांग्रेस के डटे रहने के कारण राजद को थोड़ी परेशानी जरुर हो रही है क्यों कि अशोक राम के परिवार के लिए यह चुनाव राजनीतिक भविष्य से जुड़ा है और इसका प्रभाव दिख भी रहा है लड़ाई में नहीं रहने के बावजूद अशोक राम की पूरी टीम मैदान में डटी हुई है और राजद के लिए एक खतरा यह भी है देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन इतना तय है चुनाव बड़ा दिलचस्प होगा और कल शाम पांच बजे के बाद ही कहां जा सकता है कि कुशेश्वर स्थान का ताज किसके सिर पर सजेगा ।

लालू प्रसाद पर सुशील मोदी का बड़ा हमला कहां अब कौन सा राज लाना चाहते हैं

लालू राज में 50 साल पीछे रह गया बिहार, लोग नहीं भूले इतिहास

  • सुशील कुमार मोदी
  • हर गांव में बिजली पहुंचने का वर्तमान एनडीए सरकार की देन
  1. राजद ने मतदान से पहले ही हार मान ली। हताशा में वे भाजपा के वैश्य विधायकों की फोटो वाले पर्चे पर राजद का प्रचार करने की धोखाखड़ी पर उतर आये हैं।
    अाज वे अफसरों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं, हारने पर ईवीएम पर सवाल उठायेंगे।
    लालू प्रसाद पहले ही बता दें कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है या नहीं।
  2. राजद नेता इतिहास भुलाने की बात कर रहे हैं परंतु जनता यह इतिहास नहीं भुला सकती कि लालू-राबड़ी के तेल पिलावन लाठी वाले राज ने बिहार को 50 साल पीछे धकेल दिया था।
    इतिहास से सबक लेकर ही लोगों उन्हें सत्ता से बाहर किया और एनडीए सरकार ने विकास को पटरी पर लाया।
  3. बिहार का जर्जर सड़क के दौर से फोरलेन सड़कों पर आना, चरवाहा विद्यालय से ऊपर उठकर उच्च शिक्षा के नए-नए संस्थान खुलना और लालटेन युग से बाहर हर गांव तक बिजली पहुँचाने वाला उज्जवल वर्तमान भी लालू प्रसाद को नहीं दिख रहा है।
    यह रोशन और विकासशील बिहार एनडीए सरकार की देन।

हाईकोर्ट से फर्जी जमानत का मामला आया सामने हाईकोर्ट ने जांच का दिया आदेश

पटना हाई कोर्ट में प्रथम दृष्टया फर्जी तरीके से जमानत लेने का एक मामला सामने आया । सारण के नयागांव थाने में दर्ज शराबबंदी मामले का अभियुक्त, बिमलेश राय उर्फ रोहित ने ,उक्त कांड के सिलसिले में अक्टूबर 2020 में हाई कोर्ट में एक अग्रिम जमानत याचिका दायर किया था । उस याचिका पर बकायदा पिछले साल का ही एक केस नम्वर भी पड़ा ।

कोरोना के कारण मामला कई दिनों तक लम्बित रहा और सुनवाई नही हो पाई । इस बीच अभियुक्त ने पहली याचिका को वापस लिए बगैर ही , हाई कोर्ट में दूसरी अग्रिम जमानत याचिका 2021 में दायर किया जो उसी नयागावँ थाना कांड संख्या के सिलसिले में था।

पहली ज़मानत अर्ज़ी की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने हैरानी जताते हुए कोर्ट को बताया कि उसके मुवक्किल ने बिना उन्हें जानकारी दिए हुए दूसरी बार अग्रिम जमानत अर्ज़ी डाला है, जिसमे उसे गत 29 सितम्बर को हाई कोर्ट से ही अग्रिम जमानत भी मिल गयी है।

जब दूसरे मामले का कम्प्यूटर पर केस विवरणी देखा गया ,तो हाई कोर्ट के ऑफिस में इस बात को कहा गया है कि एक ही कांड संख्या में इस आरोपी के नाम से पहले भी अग्रिम जमानत अर्जी दायर है ,जो सुनवाई हेतु लंबित है।
इससे स्पष्ट पता चला कि दूसरी याचिका के शपथ पत्र में पहली याचिका की जानकारी नही है। तथ्य को छुपा कर कोर्ट से जमानत ली गयी है।

जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामले को प्रथम दृष्टया हाई कोर्ट के साथ फर्जीवाड़ा मानते हुए महानिबंधक कार्यालय को जांच का आदेश दिया । साथ ही दोनो याचिकाओं की फाइलों को जांच रिपोर्ट के साथ चीफ जस्टिस के समक्ष प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है । इस मामले पर अगली सुनवाई 23 नवम्बर को होगी ।

पौराणिक स्थल स्थल सिमरिया घाट के विकास पर खर्च होंगे 12 करोड़ रुपए। स्वच्छ गंगा निधि से मिलेगी राशि…उपमुख्यमंत्री

बेगूसराय जिला अंतर्गत सिमरिया घाट के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए तकरीबन 12 करोड़ खर्च किए जाएंगे। उक्त आशय की जानकारी देते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पटना के सौजन्य से तैयार किए गए प्रस्तावित डी.पी.आर. पर एन.एम.सी.जी. की कार्यकारिणी समिति ने विचारोपरान्त महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित डीपीआर के कुल परियोजना लाग 11 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि से सिमरिया घाट के विकास हेतु एंबेंकमेंट प्रोटेक्शन, टॉयलेट, चेंजिंग रूम, डस्टबिन, हाई मास्ट लाइट, शवदाहगृह का संस्थापन किया जाएगा। हाई मास्ट लाइट के अनुरक्षण कार्य शहरी निकाय द्वारा किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि घाट पर वेंडिंग जोन एवं दुकानें, घाट तक 850 मीटर का पहुंच पथ के साथ-साथ इको-फ्रेंडली लैंडस्केप एवं वृक्षारोपण के कार्य भी घाट और आसपास के क्षेत्रों में किए जाएंगे। प्रस्तावित परियोजना लागत राशि में संबंधित एजेंसी द्वारा 12 महीने का संचालन एवं अनुरक्षण कार्य भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि सिमरिया सिमरिया घाट को आकर्षक एवं रमणीक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, ताकि इस ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल पर आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुविधा हो। उन्होंने कहा कि घाट पर पानी की गहराई एवं खतरे के निशान, प्रवेश द्वार, निर्गम द्वार, वॉसरूम इत्यादि मूलभूत सुविधाओं को इंगित करती जानकारी के साथ एनएमसीजी लोगो (Logo) युक्त व्यवस्थित साइनेज भी प्रत्येक घाटों के उपयुक्त स्थानों पर संस्थापित किए जाएंगे। घाट पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के व्यवस्थित प्रबंध सुनिश्चित होंगे।

उन्होंने कहा कि सिमरिया सुप्रसिद्ध राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्म धरती रही है एवं एक माह तक यहां श्रद्धालु कल्पवास करते हैं। इस दौरान सुप्रसिद्ध कल्पवास मेला का भी वर्षों से आयोजन होता रहा है। एन.एम.सी.जी. की कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय में रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं, कविताओं तथा कल्पवास से संबंधित संस्कृत के श्लोकों को उद्धृत करती शिलापट्टिकाएँ भी घाट के उपयुक्त स्थानों पर संस्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सिमरिया घाट पर इन तमाम मूलभूत सुविधाओं का निर्माण हो जाने से यह स्थल सैलानियों एवं धर्मावलंबियों के लिए प्रमुख आस्था एवं आकर्षण का केंद्र बनेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नमामि गंगे परियोजना और स्वच्छ गंगा विकास मिशन के माध्यम से नदियों की निर्मलता एवं अविरलता को बनाए रखने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने सिमरिया घाट के विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज सिंह एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के उत्कृष्ट प्रयास एवं पहल के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

बाहुबली विधायक अनंत सिंह को हाईकोर्ट से लगा झटका ,नहीं मिली जमानत

बाढ़ में एके -47 राइफल एवम विस्फोटक सामग्री रखने के आरोप में जेल में बंद मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत अर्जी पटना हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है । जस्टिस अंजनी कुमार शरण ने विधायक की ओर से दूसरी बार दायर हुई ज़मानत अर्ज़ी को खारिज़ करने का आदेश दिया ।

याचिकाकर्ता के वकील अजय कुमार ठाकुर ने विधायक की बीमारी व उससे सम्बन्धित मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए जमानत देने की गुहार लगायी ।

वहीं राज्य सरकार की ओर से इस मामले के विशेष सहायक लोक अभियोजक अजय कुमार मिश्रा ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि निचली अदालत में गवाही पूरी हो चुकी है और आरोपी को अपने बचाव में कहने के लिए अदालत बार बार बुला रही है, लेकिन आरोपी ,अपनी बीमारी का हवाला देते हुए एक शब्द नही बोल रहे ।

दंड प्रक्रिया संहिता की दफा 313 के तहत आरोपी से उसका बचाव में सुनवाई करने कानूनन ज़रूरी है ।
आरोपी विधायक इस कानूनी प्रक्रिया के पालन में कोर्ट से सहयोग नही कर रहे हैं । पिछले बार ज़मानत अर्ज़ी खारिज करते वक्त हाई कोर्ट ने 9 महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था ।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के दलीलों के आलोक में विधायक की जमानत अर्ज़ी खारिज कर दिया । विदित हो कि आर्म्स एक्ट एवम विस्फोटक निषिद्ध कानून के मामले में मोकामा विधायक दो साल से अधिक जेल में हैं।

हाईकोर्ट ने हार्ईवे निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई पर लगायी रोक

पटना हाई कोर्ट ने नारायणपुर – मनहारी- पूर्णिया हाईवे के निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई को रोकने के लिये दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल किसी भी पेड़ की कटाई पर रोक लगा दिया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता शाश्वत की याचिक पर सुनवाई करते हुए एन एच ए आई को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से हाईवे निर्माण में पेड़ की कटाई करने के बजाए पेड़ को हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने को लेकर सहमति प्रदान कर दी गई है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में विकास व निर्माण के दौरान पेड़ो की कटाई पर रोक को लेकर 26 जुलाई, 19 को राज्य सरकार के पर्यावरण, वन व मौसम विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश का भी जानकारी कोर्ट को दिया है।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये संबंधित विभागों से विस्तृत योजना रिपोर्ट , क्लेरेन्स सर्टिफिकेट, योजना पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने को लेकर भी अनुरोध किया है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या, पेड़ों की उम्र, इसका पर्यावरण के लिए महत्व व पेड़ो की कटाई से आसपास के पशु- पक्षियों पर पड़ने वाले प्रभाव के आकलन करने को लेकर विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने का भी मांग की हैं।

याचिका में इस प्रकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट व पटना हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में दिये गए आदेशो का भी जिक्र किया गया है। याचिका में राज्य सरकार, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, राज्य सरकार के परिवहन विभाग, राज्य के पर्यावरण, वन व मौसम मंत्रालय, बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पार्टी बनाया गया है।
इस मामले पर आगे सुनवाई की जाएगी।

बिहार की राजनीतिक मिजाज जिस दिशा की और बढ़ चला है आने वाले समय में वह मांडल देश के लिए नजीर साबित हो सकता है ।

हालांकि बिहार विधानसभा उपचुनाव दो सीटों पर ही हो रही है लेकिन जिस तरीके से बिहार की राजनीति बदल रही है ऐसे में आने वाले समय में बिहार राजनीति के क्षेत्र में देश के सामने एक नजीर पेश कर दे कोई बड़ी बात नहीं होगी।

इस बार दो जगह पर उपचुनाव हो रहा है दोनों इलाकों का मिजाज अलग अलग है एक अंग प्रदेश से जुड़ा हुआ इलाका है तारापुर और दूसरा मिथिलांचल से जुड़ा हुआ इलाका है कुशेश्वर स्थान दोनों के मिजाज में भी बहुत बड़ा फर्क है लेकिन दोनों विधानसभा क्षेत्र में एक खास तरह की राजनीति चल रही है ।

बात पहले कुशेश्वर स्थान की करते हैं यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है 1995 से अभी तक इस सीट से राजद चुनाव नहीं लड़ा है यह इलाका पहले सिंघिया विधानसभा क्षेत्र में आता था और 2008 के परिसीमन के बाद यह कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र हो गया । बिहार में कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन था और यहां से कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक राम चुनाव लड़ते रहे हैं ऐसे में माना जा रहा था कि यह सीट कांग्रेस के खाते में ही जायेगा लेकिन राजद यहां कुछ अलग प्रयोग करना चाहता था।इसलिए राजद कांग्रेस से इस सीट को लेकर बातचीत भी नहीं किया और सीधे उम्मीदवार के नामों की घोषणा कर दिया।

राजद का कहना था कि गणेश भारती मुसहर जाति से आते हैं और कुशेश्वर स्थान विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक वोटर होने के बावजूद भी आज तक मुसहर जाति को कभी प्रतिनिधित्व नहीं मिला है इसलिए पार्टी ने गणेश भारती को टिकट देना का फैसला लिया है ।लेकिन इस फैसले के पीछे की सोच पर आप गौर करेंगे तो पता चलेगा कि जिस राजनीति के सहारे नीतीश कुमार 2005 से बिहार में राज कर रहे हैं अब उसी राजनीति को राजद आगे बढ़ा रहा है ।

जी है जो काम नीतीश कुमार जहानाबाद ,बेगूसराय जैसे सवर्ण बाहुल्य लोकसभा क्षेत्रों का सामाजिक और जातीय समीकरण बदल कर किये थे ठीक वही काम अब राजद कर रहा है। उस दौर में सवर्ण के सामने लालू के चेहरा था चाह कर के भी वो राजद के साथ नहीं जा सकता था इस मानसिकता का नीतीश कुमार ने लाभ उठाया और एक अलग तरह की राजनीति की शुरुआत बिहार में हुई।

राजद कुशेश्वर स्थान में नीतीश कुमार की उसी राजनीति तो एक कदम आगे बढ़ाया है यादव और मुसलमान साथ है ही बस मुसहर का वोट साथ ले आयेंगे तो चुनाव जीत जायेंगे ।नीतीश इस जातिये गठबंधन को रोकने के लिए जीतन राम मांझी सहित मुसहर जाति से जुड़े नेताओं को वहां कैंप तक करवा दिया, साथ ही बाढ़ और अन्य योजनाओं का जो लाभ नहीं मिला था वो रातो रात मुसहर जाति के घर पहुंच गया फिर भी बहुसंख्यक वोट राजद के साथ खड़ा दिख रहा है।और कही सवर्ण चुप हो गया तो यह सीट भी जदयू कही हार जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी

अब बात तारापुर विधानसभा की करते हैं यहां 1990 से कोयरी विधायक बन रहा है इस इलाके की दूसरी जाति यादव के गुंडई की वजह से राजद से जुड़ नहीं पा रहा था और इस वजह से राजद यहां से लगातार चुनाव हार रहा था। लेकिन इस बार राजद बनिया को टिकट दे दिया है ताकी बनिया ,मुसलमान और यादव का एक नया गठजोड़ बन जाये जिसका काट चुनाव प्रचार के खत्म होने के बावजूद एनडीए नहीं निकाल पाया है, जबकि बनिया ट्रेडिशनल भाजपा और एनडीए का वोटर रहा है ।

राजद के इस चुनावी गणित को तोड़ने के लिए एनडीए से जुड़े राज्य के सभी बनिया नेता को पूरे चुनाव के दौरान तारापुर में कैंप करवा दिया , संजय जायसवाल और उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद गांव गांव में सभा किये इसके बावजूद बात नहीं बनी तो अंतिम दिन सुशील मोदी भी मैदान में उतर आये फिर भी बनिया वोटर राजद के साथ खड़ा है ।

इन सबके बावजूद जदयू प्रत्याशी का हालत पतला इसलिए है कि इन क्षेत्रों के जो सवर्ण मतदाता है पूरी कोशिश के बावजूद एनडीए के साथ नहीं जुड़े पाये हैं ऐसे में यह सीट जदयू हार जाये तो कोई बड़ी बात नहीं होगी ।राजनीतिक दल भले ही जाति का यह प्रयोग चुनाव जीतने के लिए कर रहा है लेकिन इसका प्रभाव कितनी दूर तलक पड़ा है इसको महसूस करना है तो आप गांव में जायें तो पता चलेगा कि किस तरह गांव की पूरी सामाजिक ताना बाना टूट चुकी है ।एक नया बिहार का उदय हो रहा है इसका एहसास आपको होगा ।

जी है याद करिए 1990 से पहले बिहार में कैसे चुनाव होता था और 1990 के बाद जब से मंडल का दौर आया किस तरीके से बिहार की राजनीति पूरी तौर पर बदल गयी ,और पिछड़ा राजनीति का ऐसा ध्रुवीकरण करण हुआ कि सवर्ण राजनीति हाशिए पर चली गयी और बिहार में मुख्यमंत्री और मंत्री की कुर्सी से लेकर गांव के चौपाल तक में एक नये शासक वर्ग का उदय हुआ जिसका नेतृत्व यादव कोयरी, कुर्मी और पासवान के हाथों में था ।

नीतीश कुमार इस राजनीति को और नीचे ले रहे पिछड़ा अति पिछड़ा में बट गया दलित महादलित में बट गया और देखते देखते यादव,कुर्मी और कोइरी हाशिए पर चले गये और एक नये राजनीतिक वर्ग का उदय हुआ है जिसमें साहनी, ठाकुर,चंद्रवंशी ,मंडल ,कामत चौरसिया,जैसी छोटी छोटी जातियों के हाथों सत्ता पहुंच गई, इसी तरह दलित की राजनीति पासवान और राम से आगे निकल कर सदा ,रजक और डोम के हाथों पहुंच गई है।

मतलब जाति आधारित राजनीति जो सवर्ण के हाथों से दबंग पिछड़ी और दलित जाति के हाथों में पहुंच गया वह अब पिछड़ी जाति में जो पिछड़ा है उसके हाथों में जा रहा है ,इसी तरह दलित राजनीति भी पासवान के हाथों से निकल कर सदा ,मांझी,रजक,डोम के हाथों में चला गया है।राजद को इसकी समझ 2021 के विधानसभा चुनाव के दौराना बनी और पहली बार ऐसे सीटों पर जहां यादव और मुसलमान की अच्छी आबादी है वहां तीसरी ऐसी जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया जो राजद का परंपरागत वोटर नहीं रहा है और इसका असर यह हुआ कि ऐसे 30 से अधिक ऐसी सीट है जहां राजद इस तरह का प्रयोग करके चुनाव जीता है।

मतलब जाति आधारित राजनीति का जो चक्र है वह अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है क्यों कि जदयू और भाजपा द्वारा जो प्रयोग शुरू किया गया था वो अब व्यस्क हो गया है और उनके परम्परागत वोटर साथ छोड़ने लगे हैं क्यों कि एनडीए के साथ जो जाति परंपरागत रूप से जुड़ी है उसमें बनिया और सवर्ण सत्ता की चाहत रखने वाली जाति है इसलिए सत्ता में भागीदारी जो भी दल देने को तैयार हो रहा है वो उसके साथ हो जा रहे हैं ।

ऐसा नहीं है आने वाले समय में राजद का भी एमवाई समीकरण टूटेगा नहीं क्यों कि यादव सत्ता से ज्यादा दिनों तक दूर नहीं रह सकता है जैसे सवर्ण नहीं रह सकता है। इसलिए तरह का प्रयोग ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है । देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ दशक के बाद जब जाति आधारित राजनीति की सर्किल पूरी हो जायेगी तो फिर बिहार में एक नयी तरह की राजनीति सामने आएगी यह दिखाई देने लगा है ।

बिक्रम मोडल हाईवे ट्रामा सेंटर शुरू करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई

पटना हाई कोर्ट ने पटना के बिक्रम में मोडल हाईवे ट्रामा सेंटर शुरू करने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए नोएडा स्थित हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्टेंसी कॉर्पोरेशन (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2002 में ही ट्रामा सेंटर बन कर तैयार हो गया था।इसमें जेनरल सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, जनरल मेडिकल डॉक्टरों, रेडियोग्राफर, प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन व नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य आवश्यक मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ के पदों को भरने को लेकर आदेश देने का अनुरोध किया है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को तत्काल मेडिकल राहत और उपचार की जरूरत होती है। तत्काल मेडिकल उपचार मुहैया नहीं किये जाने की वजह से लोगों की जान चली जाती है, जिसे रोका जा सकता है ।साथ ही इससे मृत्यु दर में कमी आयेगी।

इतना ही नहीं मेडिकल सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं दिए जाने की वजह से लोग विकलांगता के शिकार हो जाते हैं। ट्रामा सेंटर एक रेफ़रल अस्पताल के तौर पर भी काम करता है।

इस ट्रामा सेंटर का उद्घाटन 3 नवंबर, 2001 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सी पी ठाकुर द्वारा किया गया था। इसी मुद्दे को लेकर एक जनहित याचिका पटना हाई कोर्ट में वर्ष 2004 में भी दायर की गई थी।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पटना के सिविल सर्जन को डॉक्टरों की तैनाती व पोस्टिंग किये जाने को लेकर 9 अगस्त, 2004 को ही आदेश दिया था। इसके बावजूद फिलहाल ट्रामा सेंटर तो काम नहीं कर रहा है, लेकिन ट्रामा सेंटर के परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चंदन कुमार ने बताया कि इस ट्रामा सेंटर को चालू करने को लेकर याचिकाकर्ता ने 7 जून, 2020 को प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा है। ट्रामा सेंटर को बहाल करने को लेकर राज्य सभा के सांसद विवेक ठाकुर द्वारा राज्य सभा के सत्र में 23 मार्च , 2021 को प्रश्न भी उठाया गया।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये यह आरोप लगाया है की राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से इस ट्रामा सेंटर को शुरू नहीं किया जा सका है, जोकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।

इस मामले में कोर्ट को सहयोग करने के लिए कोर्ट ने अधिवक्ता पुरुषोत्तम कुमार दास को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। इस मामले पर आगे की सुनवाई 13 दिसंबर, 2021 को होगी।

उपचुनाव के आखिरी दिन नीतीश पर जमकर बरसे चिराग कहाँ नीतीश के हटाये बगैर बिहार का विकास सभंव नहीं

बिहार विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक दिया इसी कड़ी में आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जमुई  सांसद चिराग पासवान जी ने कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव में अकबरपुर बेंक परती, बिरौल में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अपनी पार्टी के  उम्मीदवार श्रीमती अंजू देवी के समर्थन में वोट मांगा । 

अपने संबोधन में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए  कहा कि कुशेश्वरस्थान मे मूल- भूत सुविधाओं का घोर आभाव है। जजर्र सड़क, पलायन और पंगु शिक्षा व्यवस्था ने इस विधान सभा के नागरिकों का बुरा हाल कर रखा है ।
आगे , उन्होंने  पूछा कि नीतीश कुमार अपने को ‘विकास पुरुष’ कहते है लेकिन प्रदेश में क्राइम, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है । 16 वर्षो से बिहार की  जनता को सिर्फ बेवकूफ बनाया गया है । जब भी जनता नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य  की मांग करती है तब उनको 15 साल की कहानी सुनाई जाती है ।

चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर जमकर साधा निशाना

 चिराग ने मौजूदा सरकार से , प्रवासी बिहारियों की हत्या और उनके स्वाभिमान पर आघात का जवाब मांगा । बिहार सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए नीतीश कुमार के विकास के नियत पर सवाल किया और पूछा कि क्या विगत चुनाव में जनता ने उनको सरकार बनाने का मैंडेट दिया था ?  सरकार का ‘ सात निश्चय’   भ्रष्टाचार से भरा है और समाज को बांटने का काम करता है ।
सभा मे मौजूद हज़ारों की संख्या में लोग ने चिराग पासवान की बातों को ध्यान से सुना और तालियों से उनका अभिवादन किया ।

सभा में मंच पर बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी जी,  बिहार संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष हुलास पांडेय जी , प्रधान महासचिव संजय पासवान जी, लोजपा (आर) प्रत्याशी अंजू देवी जी , राष्ट्रीय सचिव शंकर झा जी , प्रदेश प्रवक्ता प्रो. विनीत सिंह, ज़िला अध्यक्ष देवेंद्र झा जी , प्रखंड अध्यक्ष बालकृष्ण आचार्य जी,अल्पसंख्यक प्रकोष्ट के प्रदेश अध्यक्ष इमाम ग़ज़ाली , वरिष्ठ नेता सीमांत मृणाल जी , पूर्व प्रत्याशी संजय सिंह , श्रीमती विनीता सिंह, श्री विवेक आनंद जी  मौजूद थे ।

राजनीति के गब्बर सिंह हैं लालू, सभी वर्गों को डरा कर किया राज -सुशील कुमार मोदी

राजनीति के गब्बर सिंह हैं लालू, सभी वर्गों को डरा कर किया राज

  • सुशील कुमार मोदी
  • राबड़ी देवी ने मुखिया, प्रमुख के पदों पर बिना आरक्षण दिये कराये थे चुनाव
  • एनडीए ने खत्म किया दहशत का राज, आरक्षण का अधिकार लौटाया
  1. लालू प्रसाद राजनीति के गब्बर सिंह हैं। इनके नाम से अतिपिछड़ा, दलित और व्यवसायी काँपते हैं, क्योंकि उन्हें फिरौती के लिए अपहरण-हत्या, रंगदारी वसूली और नरसंहार की घटनाएँ नहीं भूली हैं।
    बिहार में सियासी गब्बर के डर से शाम होते दुकानों के शटर गिर जाते थे, सिनेमा के नाइट-शो बंद हो गए और रात की शादियों का चलन खत्म हो गया था।
  1. लालू प्रसाद ने “भूरा बाल साफ करो” का नारा देकर ऊँची जाति के लोगों को डराया और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण दिया, तब इसका विरोध किया।
    उन्होंने जनता को बाँट कर और डरा कर राज किया। लाठी में तेल पिलावन रैली डर पैदा करने के लिए ही की गई थी।
  2. लालू प्रसाद के लिए सारे दलित भकचोन्हर हैं, इसलिए उन्होंने इस वर्ग को सामाजिक न्याय से वंचित रखा।
    2003 में लालू-राबड़ी राज के दौरान मुखिया, प्रमुख, जिप अध्यक्ष जैसे एकल पदों पर दलितों-अतिपिछड़ों को अारक्षण दिये बिना ही चुनाव कराये गए थे।
  3. वर्ष 2008 में एनडीए सरकार ने पहली बार पंचायतों में एससी-एसटी को 17 फीसद और अतिपिछड़ों के 20 फीसद आरक्षण दिया।
    लालू प्रसाद ने जिन वर्गों के आरक्षण का अधिकार छीन लिया था, उन्हें एनडीए सरकार ने वापस दिलाया।

बेरोजगारी के मुद्दे पर तेजस्वी ने नीतीश पर साधा निशाना कहां गुमराह कर रहे हैं बिहार के युवाओं

तेजस्वी ने आज फिर नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहां कि नीतीश कुमार सिर्फ बोलते हैं रोजगार को लेकर चुनाव में बड़े बड़े वादे किये थे लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किये हैं उलटे इनसे जो रोजगार की बात कर रहे हैं उन्हें जेल भेजवाने का काम कर रहे हैं।

नीतीश कुमार पर तेजस्वी का बड़ा हमला इस बार विर्सजन तय है

मेरी पार्टी गांधी मैदान में बेरोजगारी को लेकर एक रैली आयोजित करने जा रही है जनवरी या फरवरी में रैला का होगा आयोजन होगा और उसमें नीतीश कुमार से हिसाब मांगा जाएगा ।

लालू प्रसाद और सोनिया गांधी के बीच नहीं हुई है बात बिहार कांग्रेस ने किया खारिज

सियासी दाव में माहिर लालू प्रसाद आज तारापुर की चुनावी रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात होने की चर्चा करते हुए कहा कि सोनिया जी ने उनसे उनका हालचाल पूछा कि कहां और कैसे हैं। राजनीतिक मुद्दे पर भी बात हुई।

सोनिया गाँधी से बातचीत को लेकर क्या कहाँ लालू प्रसाद

सोनिया जी ने कहा कि समान विचारधारा वाले सभी दलों को राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठा करना है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक होना है।

लालू के मुताबिक सोनिया चाहती हैं कि उपचुनाव के नतीजे के बाद सबकी बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाए।हलाकि कांग्रेस से लालू प्रसाद के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि लालू जी झूठ बोल रहे हैं सोनिया जी से उनकी कोई बात नहीं हुई है ।

कांग्रेस विधायक शकील अहमद लालू प्रसाद की सोनिया गाँधी से बातचीत की बात को अफवाह बताया ।

राजनीति के जानकार बता रहे हैं कि लालू प्रसाद को पता है कि कांग्रेस और राजद में जो कुछ भी चल रहा है उस वजह से मुस्लिम वोट में बिखराव हो सकता है ।

बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास ने लालू और सोनिया के बीच बातचीत को नकारा

इसलिए रणनीति के तहत तारापुर के ईदगाह मैदान में आयोजित रैली के दौरान लालू प्रसाद ने सोनिया गांधी से बात होने कि बात कि है ताकि मुस्लिम वोट में बिखराव ना हो। क्यों कि कन्हैया और कांग्रेस से जुड़े मुस्लिम नेता के आने से मुस्लिम वोट में बिखराव बड़ी तेजी से होने लगा है ।

तंबाकू नियंत्रण के लिए सामाजिक आंदोलन जरूरीः मंगल पांडेय

तंबाकू नियंत्रण के लिए सामाजिक आंदोलन जरूरीः मंगल पांडेय
समाज को तंबाकू से दूरी बनाने के लिए किया जा रहा प्रेरित

पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत अभियान को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर कदम उठा रहा है। अभियान के तहत सार्वजनिक भवनों को स्वच्छ एवं साफ रखा जाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान रखते हुए बिहार राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, संस्थान एवं शिक्षण संस्थान आदि परिसर को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि सभी सरकारी परिसर एवं स्वास्थ्य संस्थानों में तम्बाकू मुक्त परिसर का बोर्ड, होर्डिंग अथवा साइनेज लगाया जाएगा। इस निर्णय का जिलों में अनुपालन होता भी दिख रहा है। तंबाकू नियंत्रण के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है, जिससे समाज को तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। तंबाकू चबाने या धुम्रपान से होने वाली सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों को जागरूक करने के लिए बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाया जा रहा है।

श्री पांडेय ने कहा कि तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य के लिए खतरा है और संचारी रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी तथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि का संक्रमण फैलने की आशंका रहती है।

पर्यावरण को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया है।

वन उत्पादकता संस्थान, रांची ने भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में “राज्य REDD+ के विकास के लिए राज्य वन विभागों की क्षमता निर्माण” पर बिहार के राज्य वन विभाग के अधिकारियों के लिए 27 और 28 अक्टूबर 2021 को संस्थान में दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया है।

इस अवसर के मुख्य अतिथि श्री. अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने सभा को संबोधित करते हुए कार्यशाला में भाग लेने वाले अधिकारियों से पुरे कार्यक्रम के दौरान गहरी रुचि लेने और प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए जोर दिया और REDD+ कार्यक्रम के महत्व के बारे में बात की जो कि है वनों की कटाई और वन क्षरण, वनों के संरक्षण, वनों के सतत प्रबंधन और वन कार्बन स्टॉक में वृद्धि से उत्सर्जन को कम करने के लिए विकासशील देशों में जलवायु परिवर्तन शमन विकल्पों में से एक है। अंत में, उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं और औपचारिक रूप से कार्यशाला का उद्घाटन किया।

डॉ. नितिन कुलकर्णी, निदेशक ने इस अवसर पर सभी गणमान्य व्यक्तियों, बिहार के राज्य वन विभाग के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और वन क्षरण से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना (REDD+), प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशाला की गतिविधियों के संचालन में समूह अभ्यासों के महत्व के बारे में एक परिचय दिया।

विशिष्ट अतिथि श्री. एके द्विवेदी, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक ने प्रतिभागियों से कार्यशाला में सक्रिय साझेदारी की अपेक्षा जाहिर किया ताकि राज्य REDD+ कार्य योजना समय पर तैयार हो सके। बिहार के राज्य वन विभाग के अधिकारियों के संक्षिप्त परिचय के पश्चात डॉ शंभू नाथ मिश्रा, नोडल अधिकारी, वन उत्पादकता संस्थान, रांची ने उद्घाटन सत्र के लिए धन्यवाद प्रस्ताव दिया।

कार्यशाला के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया जिसमें देहरादून से REDD+ विशेषज्ञ श्री. वीआरएस रावत और डॉ. आरएस रावत ने REDD+ और राष्ट्रीय REDD+ रणनीति और एसआरएपी प्रक्रियाओं का अवलोकन’ पर व्याख्यान दिया।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन नोडल अधिकारी श्री संजीव कुमार और डॉ. एस.एन. मिश्रा, द्वारा किया गया। राज्य वन विभाग, बिहार के अधिकारियों ने सभी गतिविधियों और चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया।

इन कारकों को दूर करने के लिए आगे के समाधान और हस्तक्षेप पैकेज बिहार के संदर्भ मे मानकीकृत किए गए। सत्र की मध्यस्ता डॉ ब्लेसिंग रॉय सुचियांग, डॉ अंशुमान दास, श्री राजीव रंजन और श्री. अरविंद कुमार द्वारा किया गया। । श्री संजीव कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक के कार्बन स्टॉक में वृद्धि पर समापन टिप्पणी के बाद डॉ ब्लेसिंग रॉय सुचियांग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छठ घाट का लिया जायजा

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार आज छठ पर्व के घाटों की तैयारी का जायजा लेने खुद निकले उनके साथ उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Deputy CM Tara Kishor Prasad)पूर्व मुख्‍य सचिव दीपक कुमार, आनंद किशोर, कमिश्नर संजय अग्रवाल, डीएम चंद्रशेखर सिंह मौजूद थे ।

दानापुर से लेकर पटना सिटी के बीच जीतने भी घाट आये सबका निरीक्षण किये और इस दौरान संपर्क पथ, सुरक्षा समेत अन्‍य बिंदुओं पर जरूरी निर्देश दिए। गांधी घाट से स्‍टीमर पर सवार होकर सीएम निकले। गंगा के बढ़े जलस्‍तर को लेकर अधिकारियों से उन्‍होंने बात की। उन्‍होंने कहा कि तीन नवंबर को एक बार फिर वे तैयारियों का जायजा लेंगे।

घाटों का निरीक्षण करने के बाद सीएम ने बताया कि पिछले साल कोरोना के कारण सबकुछ पर रोक लग गई थी। उसको छोड़कर पिछले सभी वर्षों में समय पूर्व तैयारी का जायजा लेने निकलते हैं। इस बार पानी का असर ज्‍यादा रहा है।

पानी का बहाव भी तेज है ऐसी स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने कि जरुरत है गंगा तट पर स्थित घाट के अलावे शहर के अलग अलग मुहल्ले में भी छठ पर्व करने के लिए घाट का निर्माण करने का निर्देश है। सीएम ने कहा कि तीन नवंबर को वे फिर यहीं से शुरुआत करेंगे और कार्य की प्रगति का जायजा लेंगे।

गांधी मैदान ब्लास्ट मामले में 9 आरोपी दोषी एक साक्ष्य के अभाव में हुआ बरी

गांधी मैदान सीरियल ब्‍लास्‍ट मामले में एनआईए के विशेष जज गुरुविंदर सिंह मल्होत्रा ने इस मामले में 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है। जबकि एक को बरी कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में सजा सुनाने के लिए एक नवम्‍बर की तारीख तय किया है।

अभियुक्त पक्ष के वकील वकील असगर अली

आज सुबह से ही पटना सिविल कोर्ट परिसर में गहमागहमी थी। आठ साल बाद गांधी मैदान ब्‍लास्‍ट मामले में क्‍या इंसाफ होता है, यह हर कोई जानना चाहता था। इस कांड में 10 लोगों की मौत हुई थी जबकि 89 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। बुधवार को आए फैसले से उनके परिवारों ने थोड़ी राहत महसूस की है। फैसले के लिए सुनवाई शुरू होने से पहले बुधवार की सुबह बेऊर जेल से सभी आरोपियों को कोर्ट लाया गया। इसके बाद कोर्ट में सजा के बिंदुओं पर सुनवाई शुरू हुई।

इस कांड में एनआईए की टीम ने अनुसंधान के बाद 21 अगस्त 2014 को हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, नोमान अंसारी, मो. मुजिबुल्लाह अंसारी, मो. इम्तियाज आलम, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, मो. फिरोज असलम, इम्तियाज अंसारी, मो. इफ्तिकार आलम, अजहरुद्दीन कुरैसी और एक नाबालिग के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। कोर्ट ने फकरुद्दीदी को छोड़कर अन्‍य सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है।

एनआईए के वकील ललन कुमार

पांच दोषी बोधगया ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है
गांधी मैदान ब्‍लास्‍ट केस में बेऊर जेल में बंद 10 में से पांच आरोपियों को बोधगया ब्लास्ट मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। गांधी मैदान ब्लास्ट मामले में सभी 187 लोगों की गवाही के बाद एनआईए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है यह संयोग ही है कि कोर्ट ने गांधी ब्‍लास्‍ट मामले में इंसाफ के लिए उसी तारीख को चुना जिस तारीख को आठ वर्ष पूर्व धमाका किया गया था।

एक आरोपित को जुवेनाइल कोर्ट ने दी थी 3 साल की सजा
इस कांड का मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी समेत दस के खिलाफ एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी। सभी आरोपितों को बेउर जेल में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।

इस कांड में एनआईए की टीम ने अनुसंधान के बाद 21 अगस्त 2014 को हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी, नोमान अंसारी, मो. मुजिबुल्लाह अंसारी, मो. इम्तियाज आलम, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, मो. फिरोज असलम, इम्तियाज अंसारी, मो. इफ्तिकार आलम, अजहरुद्दीन कुरैसी और एक नाबालिग के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। अभी 10 आरोपितों के मामले की सुनवाई पूरी हुई है। ब्लास्ट मामले में जुवेनाइल बोर्ड द्वारा एक आरोपित को तीन वर्ष की कैद की सजा पहले ही सुनायी जा चुकी है।

चौराहे पर खड़ा है बिहार तय नहीं कर रहा है किस ओर जाये

बिहार विधानसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान का आज आखिरी दिन है छह वर्ष बाद लालू प्रसाद किसी चुनावी जनसभा को संबोधित किये हैं, वही चुनाव के आखिरी दिन सुशील मोदी भी प्रचार अभियान के लिए घर से बाहर निकले, मतलब इन दो सीटों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपना सब कुछ झोंक दिया है ।

लेकिन बिहार की सियासत 2005 में जिस जंगल राज के नैरेटिव से शुरू हुआ था आज भी वो नैरेटिव चुनावी राजनीति में बनी हुई है 2020 के विधानसभा चुनाव के तीसरे और चौथे चरण के दौरान पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार भी अंत में जंगलराज और अपहरण राज पर आकर ठहर गये थे और उसका लाभ भी मिला ।

इस उप चुनाव में भी एनडीए उस जंगलराज और अपहरण राज के नैरेटिव को भूलने नहीं दिया है नीतीश कुमार इस उप चुनाव में चार चुनावी सभा को संबोधित किये चारों सभा में वो अपने 15 वर्षो के शासन काल के दौरान किये गये कार्यों पर चर्चा करने के बाद मिया बीबी के शासन काल को याद दिलाने से भूले नहीं हैं। मतलब बिहार की जनता के अंदर उस भय को जिंदा रखना चाहते जिसमें एक नैरेटिव बनाया गया है कि लालू परिवार आयेगा तो फिर से एक बार जंगलराज लौट आयेगा।

कल लालू प्रसाद नीतीश कुमार को लेकर जो बयान दिया कि नीतीश कुमार का विसर्जन करने आये हैं उस बयान पर नीतीश कुमार कि जो प्रतिक्रिया आयी है लालू उन्हें गोली मरवा सकते हैं।लालू यादव चाहें तो गोली मरवा सकते हैं। बाकी वो कुछ नहीं कर सकते हैं। नीतीश कुमार लालू प्रसाद के इस सामान्य से बयान को भी उसी जंगलराज वाले नैरेटिव की ओर मोड़ने कि कोशिश किये है ताकि राज्य में एक बार फिर से भय का माहौल बने।

नीतीश कुमार का यह बयान आना था कि एनडीए के सभी नेता एक साथ लालू के उस बयान को लेकर मोर्चा खोल दिये
जीतन राम मांझी आज सुबह सुबह ट्वीट करके लालू प्रसाद से सवाल किया कि
आज भ्रष्टाचार,जंगलराज,दलित नरसंहार सहित कई मामलों पर आदरणीय .@laluprasadrjd जी भाषण देंगें।
और यह बताएंगे कि,
दलित नरसंहार की जरूरत क्यों पडी।

15 साल का जंगलराज बिहार के लिए क्यों जरूरी था।

इसी तरह सुशील मोदी ने ट्वीट करके लालू प्रसाद से सवाल किया कि
लालू प्रसाद बताएं कि उनके राज में सड़कें जर्जर क्यों थीं और विकास ठप क्यों था?
अपराधियों के डर से बाजार शाम के बाद बंद होते थे, उन्हें एनडीए सरकार के विकास पर सवाल उठाने से पहले अपने चौपट भकचोंधर राज का हिसाब देना चाहिए।

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार का बयान आया है दोनों सीटों पर चुनाव की थकान मिटेगी, रंगारंग हास्य ठहाकेदार कार्यक्रम होने जा रहा है…जमूरा और चेला के साथ 15 साल जंगल राज के सुल्तान आ रहे हैं..
इस तरह एक बार फिर 2005 में जिस नैरेटिव के सहारे बिहार में सत्ता बदला था उस नैरेटिव को अभी भी एनडीए बनाये रखना चाहता है क्यों कि इसका लाभ एनडीए को आज भी मिल रहा है।

लेकिन एक बड़ा सवाल है कि इस भय के सहारे कब तक बिहार की जनता अपने मूल समस्याओं से मुख मोड़ता रहेगा 2005 में शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार ,कृषि ,वाणिज्य और व्यापार में देश में बिहार की क्या स्थिति थी और आज बिहार कहां खड़ा है।
इसी तरह 2005 से पहले असंगठित क्षेत्रों में काम करने के लिए जिस संख्या में बिहार के युवा गांव छोड़ रहे थे आज उसमें कोई बदलाव आया है की नही, इसी तरह प्रति व्यक्ति आय ,बाढ़ और सुखाड़ जैसी समस्याओं के समाधान के क्षेत्रों में बिहार कहां तक पहुंचा है।

राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ तो निवेश आना चाहिए ना 2005 के बाद कितने का निवेश हुआ है निवेश के क्षेत्र में बिहार देश के सामने कहां खड़ा है। वही लालू राज में जो व्यापारी बिहार छोड़ कर चले गये थे उनमें कितने व्यापारी लौट कर बिहार आये कई ऐसे सवाल हैं जिसके सहारे राज्य के वास्तविक राजनीति को समझा जा सकता है क्यों कि इस नैरेटिव की वजह से बिहार एक मुहाने पर आकर ठहर सा गया है बात करिए तो सवाल आप ही से होगा विकल्प क्या है। लेकिन इस विकल्पहिनता की जिम्मेवारी जनता की है इस पर कोई बता करने को तैयार नहीं है ऐसे में जरता वाली स्थिति उत्पन्न होना स्वभाविक है ,सिस्टम का करपस्ट होना स्वभाविक है,समाज के अंदर विवेक शून्यता आना स्वभाविक है मतलब हमलोग चौहारे पर खड़े है लेकिन किस और जाना है तय नहीं कर पा रहे हैं ऐसे में दुर्घटना ही होता है ना ।