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पटना हाईकोर्ट ने मगध विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर (वीसी) राजेन्द्र प्रसाद उर्फ डॉ राजेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी पर 9 मई,2022 तक रोक लगा कर राहत दी है

जस्टिस आशुतोष कुमार ने प्राथमिकी रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य निगरानी विभाग से जवाबतलब किया हैं।

इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट को तीन सप्ताह के भीतर सुनवाई करने का आग्रह किया था।साथ उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगा दिया था।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डा रणजीत कुमार ने बताया कि साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र प्रसाद द्वारा पटना हाई कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत व कार्यवाही को रद्द करने हेतु दायर अर्जियों पर सुनवाई की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस बीच याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश को पारित किया था।

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राजेन्द्र प्रसाद के विरुद्ध आई पी सी की धारा 120 बी (अपराध करने के लिए रची गई आपराधिक साजिश) / 420(जालसाजी) व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

इसके पूर्व याचिकाकर्ता ने पटना हाई कोर्ट के समक्ष अग्रिम जमानत हेतु याचिका भी दायर किया है। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए अर्जी भी दायर किया है।

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता की दलील थी कि उनकी अर्जियों पर सुनवाई बड़े पैमाने पर मुकदमों के लंबित रहने की वजह से नहीं सुना जा रहा है।

इस मामलें पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई 9 मई,2022 को होगी।

चौकीदार की मिली पेड़ पर फंदे से लटकी लाश, हत्या या आत्महत्या?

सुपौल । सुपौल में सदर थाना स्थित बकौर के चौकीदार विनोद शर्मा की पेड़ के फंदे से लटकी हुई लाश मिली है। जिसके बाद सदर पुलिस शव को कब्जे में लेकर जांच में जुट गई। मृतक की मई में शादी होनी थी।

आज दोपहर में फोन पर पिता से उसकी बात भी हुई थी। उस वक्त उसने घटना स्थल से काफी दूर एक मंदिर में होने की बात अपने पिता को बताई थी ।लेकिन दोपहर मेंvखेत पर काम करने जा रही महिलाओं ने रामदत्तपट्टी पंचायत के वार्ड नंबर 4 में कोसी तटबंध से कुछ ही दूर एक पेड़ पर चौकीदार की लाश को देखा।

जिसके बाद पहुँची पुलिस ने उसकी पहचान बकौर के चौकीदार विनोद शर्मा के रूप में की। हालांकि चौकीदार ने आत्महत्या की है या उसकी हत्या हुई है ये अब तक अनसुलझा है। पुलिस मामले कि जांच में जुटी है।

आयुक्त ने खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का किया भ्रमण; दुर्लभ पांडुलिपियों को देखकर हुए सम्मोहित

लाइब्रेरी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत स्थल: आयुक्त

सदस्य, खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड-सह-आयुक्त, पटना प्रमंडल श्री कुमार रवि ने कहा है कि खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की एक अद्भुत संस्था है। वे आज खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का भ्रमण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी राष्ट्रीय महत्व का एक अनूठा संग्रहालय है। यहाँ आकर हमारे देश की उत्तम संस्कृति एवं विविधता में एकता का सर्वोत्तम उदाहरण मिलता है।

आयुक्त श्री रवि ने यहाँ प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को देखा। म्यूजियम हॉल एवं दुर्लभ पांडुलिपि कक्ष में घूमे । उपलब्ध पुस्तकों और पांडुलिपियों का अवलोकन किया। संस्थान के निदेशक डॉ0 शाइस्ता बेदर ने आयुक्त के समक्ष तैमूरनामा, बादशाहनामा, सिरात-ए-फिरोजशाही, दिवान-ए-हाफिज, अरबी पांडुलिपियाँ, 19वीं शताब्दी में पटना, हिन्दु पांडुलिपियाँ, हिन्दी की सबसे पुरानी डिक्शनरी, प्रख्यात आगन्तुक पुस्तिका सहित विभिन्न पुस्तकों को अवलोकन हेतु रखा। निदेशक ने बताया कि 12 लाख दुर्लभ पुस्तकों एवं पांडुलिपियों की प्रतियों को डिजिटाइज किया गया है। आयुक्त पुस्तकों एवं पांडुलिपियों को देखकर भावविह्वल हो गए। उन्होंने संस्थान के निदेशक एवं कर्मियों को इन अमूल्य धरोहरों का संरक्षण करने के लिए धन्यवाद दिया।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि यह लाइब्रेरी शोधार्थियों, शिक्षकों, प्राध्यापकों एवं इतिहास में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों लिए एक सर्वोत्कृष्ट संस्था है। उन्होंने आगन्तुक पुस्तिका में लिखा कि पटना के जिलाधिकारी के तौर पर वह यहाँ आने के लिए काफी इच्छुक थे परन्तु उनका यह सपना आयुक्त के तौर पर आज सच हुआ। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी ज्ञान का बहुत बड़ा भण्डार है। आनेवाली पीढ़ी के लिए इसका संवर्द्धन एवं संरक्षण करना अत्यावश्यक है।

पटना हाईकोर्ट ने बिहार फार्मेसी कॉउन्सिल के रजिस्ट्रार के पद से सेवानिवृत होने के बाद भी कार्य करते रहने के मामलें पर सुनवाई की

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने उमा शंकर शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चौबीस घंटे के भीतर नए रजिस्ट्रार का नाम तय करने का निर्देश दिया।

कोर्ट को राज्य सरकार ने बताया कि बिहार फार्मेसी कॉउन्सिल के पूर्व रजिस्ट्रार को पद से हटा दिया गया है।कोर्ट ने अगली सुनवाई में बिहार फार्मेसी कॉउन्सिल के अध्यक्ष को कोर्ट में तलब किया है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को रजिस्ट्रार के पद पर नए अधिकारी को अविलम्ब नियुक्त करने का निर्देश दिया था।

इससे पूर्व में कोर्ट ने सेवानिवृत रजिस्ट्रार द्वारा लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दिया था। कथित तौर पर सेवानिवृत्ति के बाद भी बिहार फार्मेसी कौंसिल के रजिस्ट्रार के पद पर बने रहने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।

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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया कि रजिस्ट्रार की नियुक्ति स्थाई तौर पर पटना हाई कोर्ट द्वारा एक अवमानना मामले में 19 अगस्त, 2011 को दिए गए आदेश को गलत तरीके से परिभाषित करते हुए बगैर किसी विज्ञापन, साक्षात्कार किया गया।

साथ ही बिहार फार्मेसी एक्ट 1948 के सेक्शन 26 (ए) और बिहार सर्विस कोड के नियम 67 (ख) तथा सी सी ए रूल्स के नियम 16 का उल्लंघन कर के कर दी गई है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने बताया था कि बिहार फार्मेसी कॉउन्सिल के रजिस्ट्रार सेवा निवृत्त हो चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें इस पद पर रखकर काम कराया जा रहा है, जोकि गैर कानूनी है। इस मामले में अभी आगे भी सुनवाई होनी है।

गलत नियत से घर में घुसा सख्स, पुलिस गिरफ्त में

जहानाबाद में रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी के घर मे गलत नियत व चोरी करने के उद्देश्य से घुसे एक युवक को लोगो ने पकड़ कर पिटाई कर दी, बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

मामला नगर थाना क्षेत्र के प्रखंड कॉलोनी का है। जहां मंगलवार की रात नारायण नामक युवक एक घर मे घुस गया और रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी के मानशिक रूप विक्षिप्त व दिव्यांग नाबालिग नतनी के साथ गलत हरकत करने लगा जिस पर उसकी मां की नजर चली गयी।

बच्ची की मां ने बिना समय गबाये उसे पकड़ कर हो शोर मचाने लगी। इतने में मोहल्ले के लोग जुट गए और उसकी खबर ली बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

पकड़ा गया युवक से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसके पास से चोरी के टीवी,गैस सिलेंडर, टॉर्च सहित कई अन्य सामान भी बरामद किए गए है।

पीड़ित परिवार ने बताया कि मंगलवार की रात दीवार तड़पकर घर मे घुसे युवक ने दिव्यांग एवं मानशिक रूप विक्षिप्त बच्ची के साथ गलत हरकत कर रहा था इतने में कुछ आवाज आने पर बच्ची की मां जाग गयी और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

शोर मचाने पर मोहल्लेवासी मौके पर जुट गए और उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। इधर पुलिस ने आरोपी युवक पर प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी में जुटा है। हालांकि इस बाबत कोई भी पुलिस अधिकारी बोलने से बचते दिखे।

पटना हाईकोर्ट ने सहारा ग्रुप के संस्थापक सुब्रतो रॉय को तलब किया

पटना हाईकोर्ट ने सहारा इंडिया के विभिन्न स्कीमों में उपभोक्ताओं द्वारा जमा किये गए पैसे का भुगतान को लेकर दायर की हस्तक्षेप याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सहारा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के संस्थापक सुब्रतो रॉय को अगली सुनवाई में तलब किया है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सहारा कंपनी को यह बताने का निर्देश दिया था कि बिहार की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा, जो सहारा कंपनी के विभिन्न स्कीमों में निवेशकों द्वारा जमा किया गया है, उसे उन्हें किस तरह से जल्द से जल्द लौटाया जाएगा।

सुनवाई के दौरान सहारा का पक्ष वरीय अधिवक्ता उमेश प्रसाद सिंह ने ने रखा ।इससे पहले कोर्ट ने कहा था यदि आगामी 27 अप्रैल तक सहारा कंपनी द्वारा स्पष्ट रूप से कोर्ट को इस बात की जानकारी नही दी जाती है, तो हाईकोर्ट इस मामले में उचित आदेश उस पारित करेगा, ताकि निवेशकों का पैसा उन्हें लौटाया जा सके।

इस मामले पर अगली सुनवाई आगामी 11 मई को की होगी।

जहानाबाद जिले में घोड़ रेस प्रतियोगिता का आयोजन, 100 घोड़े ने लिया भाग

जहानाबाद जिले की घोसी थाना क्षेत्र के शर्मा गांव में घोड़ा रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश के नामी ग्रामीण व्यक्तियों का घोड़ा भाग लिया।

विवेका पहलवान से लेकर हरि मुखिया के घोड़ा इस प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन शर्मा गांव निवासी उपेंद्र शर्मा द्वारा किया गया इस रेस प्रतियोगिता में आरा के हरेराम सिंह मुखिया के घोड़ा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

और एक मोटरसाइकिल जीतकर अति प्रसन्न होकर कहा कि इस प्रतियोगिता में आकर मुझे बहुत खुशी हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे पूर्वजों से लेकर आज तक घोड़ा रखने की परंपरा रही है। जिसका मैं निर्वहन कर रहा हूं ।और जहां भी घोड़ा रेस का प्रतियोगिता होता है मैं जरूर इस प्रतियोगिता में भाग लेता हूं।

इसके आयोजन करता उपेंद्र शर्मा ने बताया कि फर्स्ट प्राइज जीतने वाले को मोटरसाइकिल दूसरे को फ्रिज और तीसरे को कलर टीवी से सम्मानित किया। गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग दर्शक भी मौजूद थे आयोजन कर्ता का कहना है कि मेरा मुख्य उद्देश घोड़ा रेस प्रतियोगिता का आयोजन इसलिए किया गया है कि दूरदराज से लोग यहां पहुंच कर घोड़े के क्षमता को देखा जा सकता है ।

आज मॉडल के जमाने में हमारे पुरानी परंपरा लुप्त होती जा रही है। इस को बचाने के लिए हम घोड़ा रेस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहे हैं। और कुछ दिनों के बाद इस जगह पर घोड़ा मेले का आयोजन किया जाएगा जहां से लोग दूरदराज से आकर घोड़े के खरीदारी भी कर सकेंगे ।उन्होंने कहा कि हर साल घोड़ा रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में जनजातीय शोध संस्थान बनाने का निर्देश केंद्र व राज्य सरकार को दिया

चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस एस. कुमार की खण्डपीठ ने बिहार आदिवासी अधिकार फोरम की ओर से दायर लोकहित याचिका को सुनते हुए यह निर्देशदिया।

राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि टीआरआई (ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट)की स्थापना के संबंध में बिहार के मुख्य सचिव द्वारा गहन जांच की गई। टीआरआई की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए सहमति दे दी गई हैं।

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उन्होंने बताया कि जल्द ही बिहार में टीआरआई स्थापित करने का प्रस्ताव भारत सरकार के समक्ष रखा जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

केंद्र सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता के एन सिंह ने कोर्ट को बताया कि यदि राज्य प्रस्ताव भेजेगा, तो केंद्र सरकार उस पर तेजी से कार्रवाई करेगी।जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने बताया कि आदिवासी संस्कृति की विशिष्टता को संरक्षित करने हेतु 19 राज्यों में टीआरआई क्रियाशील है ।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 28 जून, 2022 को की जाएगी।

बास्केटबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी लतीरा ने सुसाइड कर लिया है

पटना । बास्केटबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी लतीरा पटना ने सुसाइड कर लिया है। घटना राजीव नगर थाना क्षेत्र के गांधीनगर की है, जहां किराए के मकान में उसका शव बरामद किया गया है । मकान मालिक ने बताया कि कल देर शाम हुई थी और आने के बाद रात से ही जब उसके परिजनों से फोन कर रहे थे वह फोन पिक नहीं कर रही थी।

उसके बाद उसके साथ काम करने वाले एक कर्मचारी ने भी उसे फोन किया वह फोन नहीं उठा पा रही थी, तब जाकर के पूरे मामले की जानकारी मकान मालिक को दी गई और जब मकान मालिक और उसके साथ काम करने वाले लोगों ने देखा उसका सब रूम में लटका मिला था।

रूम अंदर से बंद था पुलिस मौके पर पहुंच गई शव को बरामद कर के पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उसके परिजन बैंगलोर के रहने वाले हैं फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, आखिर उसने आत्महत्या क्यों की?

उसके मोबाइल को जब कर लिया गया है और जांच के लिए दिया गया है उसके साथ काम करने वाले ऑफिस के कई लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। मकान मालिक का कहना है कि वह बहुत कम यहां रहती थी हमेशा बुक नेशनल गेम में खेलने के लिए ही बाहर रहती थी।

बिहार बीजेपी में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है

नरेन्द्र मोदी 2014में देश के प्रधानमंत्री बने और साथ में अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इसके बावजूद भी बिहार बीजेपी मोदी और शाह के एजेंडे के साथ खड़ा नहीं था।

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी और शाह पूरी ताकत लगा दिये बिहार बीजेपी पर कब्जा करने के लिए लेकिन इतनी बूरी हार हुई की दोनों को समझ में आ गया कि बिहार को साधना इनके बस में नहीं है,और फिर सुशील मोदी के हाथ बिहार बीजेपी का कमान सौप दोनों शांत बैठ गये।

सुशील मोदी अरुण जेटली के साथ मिलकर 2017 में नीतीश कुमार को फिर से अपने साथ लाने में कामयाब हो गये और 2019 के लोकसभा चुनाव में 2014 के लोकसभा में जीती हुई पाँच सीट देकर नीतीश कुमार के साथ गठबंधन करने को मजबूर हुए ।
मतलब भारत की राजनीति में आप दोनों की जोड़ी भले ही महानायक वाली क्यों ना हो बिहार में चलेगी तो नीतीश और सुशील मोदी की ही चलेगी ।

ऐसा ही 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी हुआ नीतीश बिहार में मोदी और शाह किस लाइन पर बोलेगे ये भी नीतीश तय किये।
चिराग के साथ गठबंधन टूटने की वजह नीतीश खुद थे या फिर चिराग के पीछे बीजेपी खड़ी थी इसलिए गठबंधन नहीं हो सका यह अभी भी स्पष्ट नहीं है ।

लेकिन गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी जिस तरीके से चिराग को मदद कर रहा था उससे यह संदेश जाने लगा था कि जदयू को कमजोर करने में बीजेपी शामिल है। हालांकि दूसरे चरण के बाद बीजेपी को लगा की यह दाव उलटा पड़ सकता है और राजद की सरकार बन जायेंगी तो फिर तीसरे चरण में चिराग को जो मदद मिल रहा था वह बंद हुआ और फिर पीएम मोदी चिराग के खिलाफ पहली बार दरभंगा की सभा में बोले तब तक बहुत देर हो चुकी थी,और फिर जो परिणाम आया उसमें पहली बार नीतीश बिहार में तीसरे नम्बर पर पहुँच गये ।

मोदी और शाह को जैसे ही मौका मिला सबसे पहले सुशील मोदी को बिहार से बाहर का रास्ता दिखाया, संगठन मंत्री नागेन्द्र जी को बिहार से बाहर किया और ऐसे विधायक को मंत्री बनाया जो नीतीश और सुशील मोदी के गुड बुक में नहीं थे और समय आने पर इन दोनों पर हमला भी कर सके ,उसी कड़ी में नितिन नवीन,सम्राट चौधरी और शहनवाज जैसे को मंत्री बनाया और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल को नीतीश के खिलाफ बयान देने की खुली छुट दी गयी ।

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष को सरकार को नीचे दिखाने को लेकर प्रेरित किया गया और संघ के एजेंडे को लागू करने को लेकर नीतीश पर दबाव बनाने को कहॉ गया।
पहली बार विधानसभा सत्र के दौरान जन गन मन की जगह वंदे मातरम गाया गया,विधानसभा के स्मृति स्तम्भ से अशोक चक्र को हटाया गया, इस तरह के कई काम हुए जो नीतीश को पसंद नहीं था।
2021में यानी 7 वर्ष बाद मोदी और शाह का बिहार भाजपा पर पूरी तरह कब्जा हो गया ।

वही नीतीश मोदी और शाह के रणनीति को भाप गये और चुनाव परिणाम आने के एक माह बाद ही वो चुपचाप पार्टी को मजबूत करने में लग गये गाँव गाँव तक संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश शुरु हुई ,उपेन्द्र कुशवाहा को पार्टी में शामिल कर कुर्मी कोयरी गठजोड़ को मजबूत किया फिर नाराज सवर्ण नेता को मिलाना शुरु किया।

दोनों उप चुनाव जीते फिर विधान परिषद के सीट बटवारे में भी बड़े भाई की भूमिका में बने रहे विधान परिषद चुनाव में मधुबनी में बीजेपी वाले साथ नहीं दिये तो बेगूसराय में बदला ले लिये और बोचहा का रिजल्ट तो बता दिया कि बिहार में मोदी शाह की जोड़ी चलने वाला नहीं है।

यह बात जैसे ही सामने आया सुशील मोदी अपने अंदाज में हमला शुरु कर दिये और संकेत भी दे दिये कि नीतीश कमजोर होगे तो फिर 2024 का लोकसभा चुनाव में बिहार में हाल बूरा हो सकता है ।

ऐसे में आने वाले समय में नीतीश गठबंधन का साथ कब छोड़ते हैं ये तो नीतीश तय करेंगे लेकिन बिहार बीजेपी मोदी और शाह के नीति के साथ सहज नहीं है ये साफ दिखने लगा है और 60 से अधिक ऐसे बीजेपी विधायक है जो किसी भी समय चुनौती दे सकते हैं,ऐसे में वीर कुंवर सिंह के विज्योउत्सव कार्यक्रम की सफलता से मोदी और शाह के चेहते खुश हैं लेकिन सुशील मोदी की ट्टीट ने पलीता लगाने का काम कर दिया है यह साफ दिखने लगा है ।

पटना हाईकोर्ट में बिहार नगरपालिका एक्ट, 2007 के चेप्टर 5 व 31 मार्च, 2021 को राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कल भी जारी रहेगी

पटना हाईकोर्ट में बिहार नगरपालिका एक्ट, 2007 के चेप्टर 5 व 31 मार्च, 2021 को राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कल भी जारी रहेगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन ने डा आशीष कुमार सिन्हा की याचिका पर सुनवाई कर रही हैं।

यह मामला नगरपालिका में संवर्ग की स्वायत्तता से जुड़ा हुआ है।कोर्ट को अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि इस संशोधन के तहत नियुक्ति और तबादला को सशक्त स्थाई समिति में निहित अधिकार को ले लिया गया है और यह अधिकार अब राज्य सरकार में निहित हो गया है।

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याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मयूरी ने कोर्ट को बताया था कि अन्य सभी राज्यों में नगर निगम के कर्मियों की नियुक्ति नियमानुसार निगम द्वारा ही की जाती है।

उनका कहना था कि नगर निगम एक स्वायत्त निकाय है, इसलिए इसे दैनिक क्रियाकलापों में स्वयं काम करने देना चाहिए।

कोर्ट को आगे यह भी बताया गया की चेप्टर 5 में दिए गए प्रावधान के मुताबिक निगम में ए और बी केटेगरी में नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को है, जबकि सी और डी केटेगरी में नियुक्ति के मामले में निगम को बहुत थोड़ा सा नियंत्रण दिया गया है।

31 मार्च को किये गए संशोधन से सी और डी केटेगरी के मामले में भी निगम के ये सीमित अधिकार को भी मनमाने ढंग से ले लिये गए है।

अब इस मामले पर अगली सुनवाई 27अप्रैल 2022 को होगी।

उड़ता बिहार या उजड़ता बिहार

किसी दिन सुबह उठकर एक बार इसका जायज़ा लीजियेगा कि कितने घरों में अगली पीढ़ी के बच्चे रह रहे हैं ? कितने बाहर निकलकर नोएडा, गुड़गांव, पूना, बेंगलुरु, चंडीगढ़,बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बड़ौदा जैसे बड़े शहरों में जाकर बस गये हैं?

कल आप एक बार उन गली मोहल्लों से पैदल निकलिएगा जहां से आप बचपन में स्कूल जाते समय या दोस्तों के संग मस्ती करते हुए निकलते थे।

तिरछी नज़रों से झांकिए.. हर घर की ओर आपको एक चुपचाप सी सुनसानियत मिलेगी, न कोई आवाज़, न बच्चों का शोर, बस किसी किसी घर के बाहर या खिड़की में आते जाते लोगों को ताकते बूढ़े जरूर मिल जायेंगे।

आखिर इन सूने होते घरों और खाली होते मुहल्लों के कारण क्या हैं ?
भौतिकवादी युग में हर व्यक्ति चाहता है कि उसके एक बच्चा और ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे हों और बेहतर से बेहतर पढ़ें लिखें।
उनको लगता है या फिर दूसरे लोग उसको ऐसा महसूस कराने लगते हैं कि छोटे शहर या कस्बे में पढ़ने से उनके बच्चे का कैरियर खराब हो जायेगा या फिर बच्चा बिगड़ जायेगा। बस यहीं से बच्चे निकल जाते हैं बड़े शहरों के होस्टलों में।

अब भले ही दिल्ली और उस छोटे शहर में उसी क्लास का सिलेबस और किताबें वही हों मगर मानसिक दबाव सा आ जाता है बड़े शहर में पढ़ने भेजने का।

हालांकि इतना बाहर भेजने पर भी मुश्किल से 1% बच्चे IIT, PMT या CLAT वगैरह में निकाल पाते हैं…। फिर वही मां बाप बाकी बच्चों का पेमेंट सीट पर इंजीनियरिंग, मेडिकल या फिर बिज़नेस मैनेजमेंट में दाखिला कराते हैं।

4 साल बाहर पढ़ते पढ़ते बच्चे बड़े शहरों के माहौल में रच बस जाते हैं। फिर वहीं नौकरी ढूंढ लेते हैं । सहपाठियों से शादी भी कर लेते हैं।आपको तो शादी के लिए हां करना ही है ,अपनी इज्जत बचानी है तो, अन्यथा शादी वह करेंगे ही अपने इच्छित साथी से।

अब त्यौहारों पर घर आते हैं माँ बाप के पास सिर्फ रस्म अदायगी हेतु।
माँ बाप भी सभी को अपने बच्चों के बारे में गर्व से बताते हैं । दो तीन साल तक उनके पैकेज के बारे में बताते हैं। एक साल, दो साल, कुछ साल बीत गये । मां बाप बूढ़े हो रहे हैं । बच्चों ने लोन लेकर बड़े शहरों में फ्लैट ले लिये हैं।
अब अपना फ्लैट है तो त्योहारों पर भी जाना बंद।

अब तो कोई जरूरी शादी ब्याह में ही आते जाते हैं। अब शादी ब्याह तो बेंकट हाल में होते हैं तो मुहल्ले में और घर जाने की भी ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है। होटल में ही रह लेते हैं।

हाँ शादी ब्याह में कोई मुहल्ले वाला पूछ भी ले कि भाई अब कम आते जाते हो तो छोटे शहर, छोटे माहौल और बच्चों की पढ़ाई का उलाहना देकर बोल देते हैं कि अब यहां रखा ही क्या है?
खैर, बेटे बहुओं के साथ फ्लैट में शहर में रहने लगे हैं । अब फ्लैट में तो इतनी जगह होती नहीं कि बूढ़े खांसते बीमार माँ बाप को साथ में रखा जाये। बेचारे पड़े रहते हैं अपने बनाये या पैतृक मकानों में।

कोई बच्चा बागवान पिक्चर की तरह मां बाप को आधा – आधा रखने को भी तैयार नहीं।
अब साहब, घर खाली खाली, मकान खाली खाली और धीरे धीरे मुहल्ला खाली हो रहा है। अब ऐसे में छोटे शहरों में कुकुरमुत्तों की तरह उग आये “प्रॉपर्टी डीलरों” की गिद्ध जैसी निगाह इन खाली होते मकानों पर पड़ती है । वो इन बच्चों को घुमा फिरा कर उनके मकान के रेट समझाने शुरू करते हैं । उनको गणित समझाते हैं कि कैसे घर बेचकर फ्लैट का लोन खत्म किया जा सकता है । एक प्लाट भी लिया जा सकता है।

साथ ही ये किसी बड़े लाला को इन खाली होते मकानों में मार्केट और गोदामों का सुनहरा भविष्य दिखाने लगते हैं।
बाबू जी और अम्मा जी को भी बेटे बहू के साथ बड़े शहर में रहकर आराम से मज़ा लेने के सपने दिखाकर मकान बेचने को तैयार कर लेते हैं।

आप स्वयं खुद अपने ऐसे पड़ोसी के मकान पर नज़र रखते हैं । खरीद कर डाल देते हैं कि कब मार्केट बनाएंगे या गोदाम, जबकि आपका खुद का बेटा छोड़कर पूना की IT कंपनी में काम कर रहा है इसलिए आप खुद भी इसमें नहीं बस पायेंगे।
हर दूसरा घर, हर तीसरा परिवार सभी के बच्चे बाहर निकल गये हैं।

वही बड़े शहर में मकान ले लिया है, बच्चे पढ़ रहे हैं,अब वो वापस नहीं आयेंगे। छोटे शहर में रखा ही क्या है । इंग्लिश मीडियम स्कूल नहीं है, हॉबी क्लासेज नहीं है, IIT/PMT की कोचिंग नहीं है, मॉल नहीं है, माहौल नहीं है, कुछ नहीं है साहब, आखिर इनके बिना जीवन कैसे चलेगा?

भाईसाब ये खाली होते मकान, ये सूने होते मुहल्ले, इन्हें सिर्फ प्रोपेर्टी की नज़र से मत देखिए, बल्कि जीवन की खोती जीवंतता की नज़र से देखिए। आप पड़ोसी विहीन हो रहे हैं। आप वीरान हो रहे हैं।
आज गांव सूने हो चुके हैं
शहर कराह रहे हैं |
सूने घर आज भी राह देखते हैं.. बंद दरवाजे बुलाते हैं पर कोई नहीं आता !

बिहार का जहानाबाद और पटना जिले का मसौढ़ी मंगलवार की सुबह दोहरे हत्या से दहल उठा

शहर के नामचीन स्वीट्स कारोबारी अभिराम शर्मा और उनके भतीजे दिनेश शर्मा का अपराधियों ने गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया।

मृतकों में अभिराम शर्मा चाचा और दिनेश शर्मा भतीजा है। अभिराम शर्मा को अपराधियों ने जहानाबाद में उनके आवास पर गोली मारी जबकि भतीजे को मसौढ़ी गांधी मैदान गेट के समीप गोलियों से छलनी कर दिया।जहानाबाद में अभिराम शर्मा की हत्यारो की तस्वीरे सीसीटीवी कमरे में कैद हो गई है।सबसे हैरान करने वाली बात है कि जहानाबाद में जिस जगह पर स्वीट्स कारोबारी को गोली मारी गई उससे चंद कदम के फासले पर जिले के डीएम और एसपी का आवास है।

इधर शहर के चर्चित स्वीट्स कारोबारी की सुबह सुबह हुई हत्या से शहर में सनसनी फैल गई । घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल घटना सथल पर पहुंच गए।लोग शव को डीएम आवास से थोड़ी दूर आगे रखकर विरोध प्रदर्शन करते रहे और NH83 को जाम कर दिया । विरोध ऒर तनाव के माहौल में कोई भी पुलिस अधिकारी कुछ बोलने से परहेज करते दिखे ।

इधर घटना के संबंध में बताया जारहा है जहानाबाद की वारदात को अपराधियों ने बड़े ही शातिर तरीके अंजाम दिया। वे मृतक के घर मे शादी का कार्ड देंने के बहाने से घुसे और गोली मारकर चलते बने। हत्यारो की तसवीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

वही पटना के मसौढ़ी में मृतक के भतीजे को गांधी मैदान के गेट के समीप गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया है। बाद में जहानाबाद के डीएम और एसपी घटना स्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाया तब जाकर लोग हटे।

दुनिया भटियारखाना बन जायेगा

स्वस्थ बहस आमंत्रित..अनर्गल पर भुभुन फोड़ा जाएगा..जो नये जुड़े हैं विशेष ध्यान रखें..
पिछले दो दिनों से यह देख रही..एक बार मन किया कि नज़रंदाज़ कर दूँ..फिर सोचा इसी विषय से अखबारों में वापसी करूँ..चूंकि पहले से ही व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को मजबूत आयाम देकर अगस्त माह से लौटना तय किया था तो इसी निर्णय पर टिके रहने का सोचा..

अब जब अखबारों में दर्जनों लेख यौन शिक्षा को सिलेबस में शामिल करने के लिए लिख चुकी हूँ तो नज़र चुराना ठीक नहीं लगा।।आइये अब बात करते हैं..

यह एक पंक्ति मात्र पंक्ति भर नहीं है…यह एक कुठाराघात है..कुंठा भी है..प्रश्न भी है और विकृति भी है..आंकड़ों को सच मान लेती हूँ क्योंकि मेरे स्वयं के जुटाये आंकड़ें भी लगभग यही है को विभिन्न स्टडीज से समझ आये..पंक्ति का पूर्वार्ध पूर्णरूपेण सत्य है.उत्तरार्ध भी सही है..परन्तु इस विषय के सम्बन्ध में कत्तई नहीं..

ओर्गास्म जिस्मानी ताल्लुकात के चरम सुख को कहते हैं..अब स्त्रियों में यह मात्र शारीरिक नहीं होती..यह मानसिक और सबसे बढ़कर भावनात्मक होती है..एक स्त्री को बिना छुए हुए ओर्गास्म तक पहुंचाया जा सकता है..स्त्री एक साथ 10 सम्बन्ध बनाते हुए या एक दिन में 10 लोगों से सम्बन्ध बनाकर भी ऑर्गेज़्म से कोसों दूर रह सकती हैं..और यह कोई स्टेटमेंट नहीं बल्कि स्टडी और यथार्थ है जिसे आप कामसूत्र के समय से पा सकते हैं..कामसूत्र क्यों लिखा गया जिनको जानकारी है वो इस बात से सहमति रखेंगे..ये बात हुई ऑर्गेज़्म की।। यह कड़वी सच्चाई है कि अधिकांश स्त्रियों को यह पता भी नहीं होता कि यह क्या बला है..पति या पार्टनर का ध्यान भी ना के बराबर ही इस बात पर होता है कि उनकी पत्नी या पार्टनर संतुष्ट हुई या नहीं..इसके कई कारण हैं जिन पर कभी और बात होगी..

यह स्थिति अच्छी तो नहीं कही जा सकती परन्तु मुझे आपत्ति है ‘कहीं और तलाशने’ और इस संदर्भ में नैतिकता का ठेका स्त्रियों को ना लेने की बात पर..कहीं और क्यों तलाशा जाए? अपने पति से बात क्यों न कि जाए? यह एक टैबू जो मर्द समाज बना चुका है उसकव तोड़ने के लिए दूसरे मर्द के पास क्यों जाना? क्या गैरन्टी है आपको ऑर्गेज़्म दूसरे मर्द के पास मिल ही जायेगा..नहीं मिला तो तीसरे फिर चौथे के पास जाएंगी?

स्त्री में हार्मोन्स की वजह से शारीरिक सम्बन्ध बनाने की इच्छा मर्दों से ज्यादा होती है यह भी रिसर्च कहता है..पर वो इसको नियंत्रित करना जानती है..तभी स्त्रियां बलात्कार नहीं करती🙂

नैतिकता कोई ठेका नहीं है जो आज इसको मिलना चाहिए कल उसको..विवाहित या प्रेम में पड़ा पुरुष भी जब किसी अन्य स्त्री से उसकी सहमति से सम्बन्ध बनाता है ना तो वह अन्य स्त्री स्त्री ही होती है और उसका नैतिक पतन भी वही हो जाता है..फिर चाहे उस अन्य स्त्री को ऑर्गेज़्म से मतलब हो या ना🙂

जब ये 70% स्त्री भी सर्वस्व ताक पर रख तलाशने निकल जाएंगी ना तो यह दुनिया भटियारखाना बन जायेगा..और सबसे अहम बात उन 70% में 95% को ऑर्गेज़्म चहिये ही नहीं होता..दिल से नहीं चाहिए होता है क्योंकि उनका चरम सुख उनका परिवार, प्रेम और अपना चरित्र होता है जो जन्मों के खुशी के लिए 2 पल के सुख को तुच्छ समझती हैं..

लेखक —-स्वाति खुश्बू

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी रहेगी सरकार – सुशील मोदी

पटना, सोमवार, दिनांक 25.04.2022 : नीतीश कुमार को जनादेश 2025 तक, सरकार पूरा करेगी कार्यकाल – सुशील कुमार मोदी

1.बिहार में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने में लगा हताश विपक्षजब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार में एनडीए सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही कार्यकाल पूरा करेगी, तब भी यह झूठ फैलाते रहना थेथरोलाजी है कि भाजपा बीच में ही अपना मुख्यमंत्री बनवाना चाहती है।

मुख्यमंत्री को लेकर निराधार अटकलबाजी जारी रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस शरारत का कुछ असर विधानसभा के बोचहां उपचुनाव पर भी पड़ा होगा।

2.बिहार विधानसभा का 2020 का चुनाव एनडीए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मांगते हुए लड़ा था। लोगों ने इस पर भरोसा किया।

जब एनडीए को नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का जनादेश 2025 तक के लिए है, तब किसी किंतु-परंतु के साथ बीच में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं है।

3.विपक्ष के पास नीतीश सरकार के विरुद्ध न कोई ठोस मुद्दा है, न सदन में संख्या बल है और न लालू-राबड़ी राज की विफलताओं के कारण उनके पास आलोचना का कोई नैतिक बल ही है।

ऐसे में वे नीतीश कुमार के पद से हटने की तरह-तरह की बेततुकी अटकलों को हवा देकर सिर्फ राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।

गर्मी को देखते हुए 10.45 तक स्कूल बंद करने का निर्देश

पटना, सोमवार, दिनांक 25.04.2022: जिला दण्डाधिकारी, पटना डॉ0 चन्द्रशेखर सिंह ने जिले के सभी विद्यालयों में पूर्वाह्न 10:45 बजे के बाद सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत जिले में अधिक तापमान और विशेष रूप से दोपहर के समय भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना के मद्देनजर दिया है।

पौने ग्यारह बजे पूर्वाह्न के बाद सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर डीएम ने लगाया प्रतिबंध।

उपर्युक्त प्रतिबंध प्री-स्कूल एवं आँगनबाड़ी केन्द्रों सहित जिले के सभी विद्यालयों पर लागू होगा। यह आदेश दिनांक-27.04.2022 से लागू होगा। डीएम ने तदनुरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को पुनर्निर्धारित करने का आदेश दिया है।

डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सहित सभी अनुमंडल दंडाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को उपर्युक्त आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया है।

डीएम डॉ0 सिंह ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।

पटना हाईकोर्ट ने हत्या का प्रयास के मामले में गलत इंजुरी रिपोर्ट कोर्ट को दिखाकर अग्रिम जमानत लेने का प्रयास कर रहे तीन अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया

पटना हाईकोर्ट ने हत्या का प्रयास के मामले में गलत इंजुरी रिपोर्ट कोर्ट को दिखाकर अग्रिम जमानत लेने का प्रयास कर रहे तीन अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही सभी अभियुक्तों पर पच्चास हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

कोर्ट ने तीनो अभियुक्तों को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के अंदर निचली अदालत में सरेण्डर कर दे। कोर्ट ने जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक को भी कहा कि अगर ये सभी अभियुक्त दो सप्ताह में निचली अदालत में सरेण्डर नही करते हैं ,तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर हाई कोर्ट को इसकी जानकारी दी जाए।

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ये मामला जहानाबाद जिला के शकुरबाद थाना अंतर्गत रुस्तमचक गांव का है ।हत्या के प्रयास के मामले में शकुरबाद थाना कांड संख्या 95 /2020 इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज कराया गया था। इसी मामले में इन अभियुक्तों ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

हाई कोर्ट की एक एकलपीठ ने धर्मेन्द्र कुमार एवम अन्य के अधिवक्ता और ए पी पी झारखंडी उपाध्याय को सुनने के बाद यह निर्देश दिया। कोर्ट के निर्देश पर जहानाबाद के सिविल सर्जन द्वारा सही इंजुरी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया।

शादी समारोह में तमंचे पर नर्तकियों का डिस्को का वीडियो हुआ वायरल, युवक की तलाश शुरु

शादी समारोह में तमंचे पर नर्तकियों का डिस्को का वीडियो हुआ वायरल , साइबर सेल के हाथ लगा वीडियो, युवक की तलाश शुरु।

बक्सर में एक तरफ जहां पुलिस लगातार अपराध कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज रही है वहीं अब भी कानून के प्रति भय देखने को नहीं मिल रहा ।

ऐसे ही एक मामले में जिले में तमंचे पर डिस्को का एक वीडियो वायरल हो रहा है ।

बताया जा रहा है कि वीडियो जिले के ही एक थाना क्षेत्र का है जहां शादी समारोह के दौरान एक युवक नर्तकियों के जम कर ठुमके लगा रहा है ।दोनों नर्तकियों के हाथ में एक-एक पिस्टल है बताया जा रहा है कि ये पिस्टल उस युवक के ही हैं जो कि नर्तकियों के साथ नाच रहा है. यह वीडियो विभिन्न सोशल साइट्स पर लगातार वायरल हो रहा है ।

घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक यह वीडियो 23 अप्रैल की रात को एक वैवाहिक समारोह के दौरान बनाया गया था जिसके कुछ ही देर के बाद इसे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया गया । देखते ही देखते वीडियो वायरल होने लगा जिसके बाद यह वीडियो पुलिस तक भी पहुंचा. एसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर घूम रहा यह वीडियो बक्सर पुलिस की साइबर सेल के हाथ लगा है ।

तमंचे पर नर्तकियों का डिस्को

जिसके बाद वीडियो की जांच की जा रही है साथ ही संबंधित युवक की तलाश भी की जा रही है. जांच पूरी होने के पश्चात प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी ।

तेज प्रताप ने इस्तीफा का किया पेशकश

अपने पिता के नक्शे कदम पर चलने का काम किया । सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जल्द अपने पिता से मिलकर अपना इस्तीफा दूंगा ।

जो हमें सम्मान देगा, हम उसका साथ देंगे-भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट

जहानाबाद। स्थानीय स्वामी सहजानंद संग्रहालय में भूमिहार ब्राह्मण सामाजिक फ्रंट की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में फ्रंट के अध्यक्ष व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्री सुरेश शर्मा, पूर्व मंत्री व फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अजीत कुमार एवं कार्यकारी अध्यक्ष श्री सुधीर शर्मा ने उक्त बैठक में शिरकत की।

बैठक के दौरान फ्रंट के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने समाज के लोगों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी नीति ना काहू से दोस्ती, ना काहू से वैर वाली है। इस दौरान फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री श्री अजीत कुमार ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बोचहा चुनाव एक पार्टी के खिलाफ नाराजगी की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने कहा कि भूमिहार समाज किसी का बंधुआ मजदूर नहीं है।

जो हमें सम्मान देगा , हम उसका सम्मान करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप शामिल जिले के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं प्रतिभा पल्लवन एजुकेशनल सोसायटी के चेयरमैन डॉ अभिराम सिंह जी ने कहा कि हमें अपने कार्यों से अपना खोया हुआ सम्मान पुनः प्राप्त करना होगा। हम किसी के भी सम्मान देने के मोहताज नहीं हैं।

अपने नीतियों और कामों से समाज में हम सम्मान खुद व खुद प्राप्त करेंगे। उक्त बैठक में संगठन विस्तार पर भी चर्चा की गई। और एक बार फिर से समाज अपनी खोई हुई गौरवशाली स्थिति को पुनः प्राप्त करेगा।

चिराग पासवान बाघोपुर गांव पहुंचकर पंजाब के लुधियाना में हुए अगलगी की घटना में मृतक के पड़ोसी एवं परिवार से मिले

रोसड़ा । पंजाब के लुधियाना में हुए अगलगी की घटना में बाघोपुर गांव के रहने बाले एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत की सूचना मिलते ही लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बाघोपुर गांव पहुंचकर मृतक के पड़ोसी एवं परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में पूरी जानकारी लिया ।

जानकारी देते हुए लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बताया कि परिवार के लोगों से बातचीत दौरान जैसे लोगो ने बताया है उससे तो लगता है कि एक ही परिबार के सात लोगो की मौत कोई हादसा नहीं है बल्कि साजिस के तहत घटना को अंजाम देने का शंका है ।

लोगों ने बताया कि घटना के पास से पेट्रोल की डिब्बे भी बरामद किए गए , पेट्रोल छिड़ककर घटना को अंजाम दिया गया, पास से एक लावारिस बाइक भी बरामद किया गया है। चिराग पासवान ने बताया कि परिबार के लोगो ने बताया कि मृतक सुरेश साहनी को पूर्व में भी धमकी दिया गया था, परिवार के लोगों को अगर लगता है की साजिश के तहत इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया है तो निश्चित तौर से इस घटना की जांच होनी चाहिए।

इस घटना को लेकर क्यों नहीं अब तक बिहार सरकार पंजाब की सरकार से वार्ता किया है, चिराग ने कहा कि अब तक बिहार सरकार पंजाब सरकार से इस घटना को लेकर अब तक क्यों नहीं पूछा गया कि अगर घटना घटी है तो कैसे घटी है और इस पर अब तक क्या हुआ है स्थानीय प्रशासन क्यों नहीं आश्रित परिवार को सहयोग कर रही है।

चिराग पासवान ने बताया कि परिवार के लोगों से जानकारी मिलने के बाद वह खुद पंजाब के मुख्यमंत्री एवं लुधियाना के एसपी से बात कर जानकारी लेंगे और आश्रित परिवार को सहायता दिलाने की मांग करेंगे , मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, लोजपा नेत्री डॉ उर्मिला सिन्हा संतोष कुमार सिंह विद्यासागर सिंह अखिलेश कुमार सिंह वंधार पंचायत पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार महतो, सरपंच मिथिलेश कुमार साहनी, वार्ड सदस्य रंजीत साहनी, रामा साहनी, मुखिया चंदन देवी, वीडिओ हरि ओम शरण सहित सैकड़ों ग्रामीण व कार्यकर्ता मौजूद थे।

पटना शहर में सड़कों की खुदाई के समय सतर्कता हेतु बैठक, कार्यकारी एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक: आयुक्त

पटना, सोमवार, दिनांक 25.04.2022: आयुक्त, पटना प्रमंडल श्री कुमार रवि ने कार्यकारी एजेंसियों द्वारा पटना शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण कराये जाने के दौरान आपसी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया है जिससे सड़कों की खुदाई से आम जनता को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में इस विषय पर आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री रवि ने कहा कि एजेंसियों द्वारा सुरक्षात्मक मापदंडों का अनुपालन अनिवार्य है। उनके द्वारा सभी भागीदारों ( स्टेकहोल्डर्स) को सूचित करना एवं स्थानीय प्रशासन को विश्वास में लेना आवश्यक है अन्यथा उनके विरुद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

इस बैठक में आयुक्त श्री रवि ने जिला पदाधिकारी, पटना, नगर आयुक्त, यातायात पुलिस अधीक्षक, प्रबंध निदेशक, बुडको, महाप्रबंधक, पेसू, उप महाप्रबंधक बीएसएनएल, प्रबंधक, गेल, अधीक्षण अभियंता, केंद्रीय पथ अंचल एवं अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी से एक-एक कर उनके विचारों को सुना।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि एजेंसियों द्वारा किये जाने वाले कार्यों के शर्त में ही सुरक्षात्मक मानकों का अनुपालन उल्लिखित रहता है। इसका प्रवर्तन (इन्फोर्समेन्ट) अत्यावश्यक है। ससमय सूचनाओं का सम्प्रेषण एवं सुनियोजित कार्य प्रणाली अहम भूमिका निभा सकती है। जन सुविधाओं- यथा जलापूर्ति, दूरसंचार, विद्युत आपूर्ति, यातायात-में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। जो एजेंसी प्रभावित हो रही है उसे पूर्व से सूचित करने से वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि एजेंसियों को सावधानी एवं सतर्कता के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने एजेंसियों के पदाधिकारियों को पेशेवर ढंग से कार्य करने का निर्देश दिया।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि एजेंसियों के प्रभारियों के बीच समुचित एवं सार्थक समन्वय से समस्याओं को रोका जा सकता है।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के राजस्व विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है

राज्य सरकार द्वारा 2 जनवरी, 2021 को जारी विज्ञापन को रद्द करने और 9 फरवरी, 2022 को राज्य सरकार के कर्मियों की तरह आरक्षण देते हुए नियुक्त किए जाने को चुनौती दी गई थी।

जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा की ने बलराज किशोर की याचिका पर सुनवाई करते उक्त आदेश को सोमवार को पारित किया। इस मामले में राज्य सरकार द्वारा विज्ञापन 2 जनवरी, 2021 को जारी किया गया था।

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जारी विज्ञापन के अनुसार बिहार लैंड ट्रिब्यूनल (बीएलटी ) के लिए विशेष सरकारी वकील व 25 अपर सरकारी वकील की नियुक्ति समेत अन्य विभागों तथा दो विशेष सरकारी वकीलों और 25 अपर सरकारी वकीलों की नियुक्ति आरक्षण के आधार पर की गई थी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि कोर्ट ने जवाबी हलफनामा दाखिल कर राज्य सरकार से छह सप्ताह में पूछा है कि किस नियम के तहत आरक्षण का लाभ देते हुए उक्त नियुक्तियों को किया गया है।

उन्होंने बताया कि उक्त नियुक्ति हेतु कोई आरक्षण का नियय नहीं है और न ही कोई सर्च कमेटी और चयन कमेटी है।मामलें पर 6 सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

पटना हाईकोर्ट ने राजीव रंजन सिंह की बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की खस्ताहाल स्थिति से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की।

पटना हाईकोर्ट ने राजीव रंजन सिंह की बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों की खस्ताहाल स्थिति से सम्बंधित जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस मामलें पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक ने वादा किया है कि समय सीमा के भीतर सारे परियोजनाएं पूरी कर ली जाएँगी।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल समेत अन्य योजनाओं के पूरा में बिलम्ब होने पर नाराजगी जाहिर की थी।
कोर्ट ने वैशाली के डी एम और एन एच ए आई के क्षेत्रीय पदाधिकारी को निर्देश दिया कि कंपनी द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा कर कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट को बताया कि सभी परियोजनाएं समय सीमा में पूरी की जाएँगी।साथ ही गंडक नदी पर पुल का निर्माण तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा।

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पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल,हाजीपुर के रामाशीष चौक, अजानपीर ओवर ब्रिज,बी एस एन एल गोलम्बर आदि योजनाओं का मौके पर जायजा लेने के एक टीम गठित की है।

इस टीम में सारण और वैशाली के डी एम, एन एच ए आई के अधिकारी,सड़क व पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबन्ध निदेशक और अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद शामिल थे।

कोर्ट ने इन्हें इन योजनाओं के अलावे अन्य अधूरे बने सड़कों का जायजा ले कर रिपोर्ट अगले सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने इस बात पर सख्त नाराजगी जाहिर की कि कोई भी परियोजना निर्धारित समय में पूरा नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड रहा है। गंडक नदी पर पुल पूरा होने की निर्धारित समय सीमा 2013 ही थी,लेकिन वह अबतक पूरा नहीं हुआ।

निर्माण कंपनी के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने कोर्ट को बताय था कि हाई वॉल्टेज ट्रांसमीटर टावर स्थानांतरित करने का कार्य होने बाद सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू हो जाएगा।वैशाली की डी एम ने कोर्ट को बताया कि हाजीपुर आरओबी बनाने का काम चल रहा और निर्धारित समय में काम पूरा हो जाएगा।

अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया की अजान पीर में जहां ओवरब्रिज बनना था, अभी तक नहीं बना हैं।यही नहीं,अभी एक ही लेन चालू हुआ है,जबकि दूसरे लेन का काम 12 वर्षो से लंबित हैं।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के नेशनल हाई वे और स्टेट हाईवे पर पर्याप्त संख्या में पेट्रोल पंप नहीं होने के मामले पर सुनवाई की

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने मामलें पर सुनवाई करते हुए विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी जिलाधिकारी की बैठक बुलाए।

कोर्ट को बताया गया कि पेट्रोल पम्प लगाने के लिए विभिन्न जिलों में डी एम के पास बड़ी तादाद में आवेदन लंबित हैं, जबकि राज्य के क्षेत्रफल और जनसंख्या के में पेट्रोल पम्प की संख्या बहुत कम है। कोर्ट ने विकास आयुक्त को इन मामलों पर सभी जिलों के डी एम से विचार कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने को कहा।

कोर्ट ने राज्य के नेशनल व स्टेट हाईवे पर जनसंख्या और वाहनों की संख्या के तुलना में पेट्रोल पम्प की संख्या पर सख्त रुख अपनाया था।

कोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए जानना चाहा कि राज्य नेशनल हाइवे पर कितने पेट्रोल पम्प खोलने की अनुमति दी गई है।

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कोर्ट ने इस बात को भी गम्भीरता से लिया था कि 2018 से पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए लगभग एक हज़ार आवेदन कार्रवाई नहीं होने के कारण ज़िला प्रशासन के समक्ष पड़ा हुआ हैं।इन मामलों मे ज़िला के डी एम की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण मामला अधर में पड़ा हुआ हैं।

कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जानना चाहा था कि अबतक नेशनल और स्टेट हाईवे में कितने पेट्रोल पम्प चालू हैं।साथ ही राज्य के विस्तार,जनसंख्या और वाहनों की संख्या के मद्देनजर और कितने पेट्रोल पम्प खोले जाने की जरूरत है।इस बारे में हाल में सर्वे किया गया हैं या नहीं।उसके क्या परिणाम रहे।

कोर्ट ने इस बात पर भी टिप्पणी की थी कि राज्य के इन पेट्रोल पंप पर आम लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी हैं।पेय जल,मेडिकल किट,शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं की काफी अभाव हैं।

इन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर अगली सुनवाई में जानकारी उपलब्ध कराने का कोर्ट ने आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के राष्ट्रीय राज मार्ग तथा स्टेट हाईवे पर पेट्रोल पंप सहित अन्य नागरिक सुविधाओं की काफी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए सरकारों ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं किया है।

इस मामलें पर फिर 5 मई,2022 को सुनवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ पूर्व की तैयारियों की समीक्षा

पटना, 25 अप्रैल 2022 : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में जल संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में बाढ़ पूर्व की तैयारियों एवं गंगा जल आपूर्ति योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने बाढ़ पूर्व की तैयारियों एवं गंगा जल आपूर्ति योजना की समीक्षा की

मुख्य बिन्दु :

• गंगा जल आपूर्ति योजना को जल्द से जल्द पूर्ण करें।

• राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में गंगा का जल शुद्ध पेयजल के रूप में पहुंचने से लोगों को काफी सुविधा होगी और भूजल स्तर भी मेंटेन रहेगा।

• सात निश्चय – 2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें।

• छोटी-छोटी नदियों को जोड़ने की योजना बनाएं। छोटी

नदियों के आपस में जुड़ने से जल संरक्षित रहेगा और इससे

सिंचाई कार्य में भी सुविधा होगी।

• नदियों के गाद एवं सिल्ट प्रबंधन को लेकर अध्ययन और आकलन करायें ।

जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल संसाधन विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की कार्य प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने गंगा जल आपूर्ति योजना के तहत इंटेक बेल सह पंप हाऊस, डिटेंशन टैंक सह पंप हाऊस की भौतिक कार्य प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी तथा बताया कि पाइप लाइन का 97 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सचिव जल संसाधन विभाग ने बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। • समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जल आपूर्ति योजना को जल्द से जल्द पूर्ण करें। गंगा जल के स्टोरेज, शुद्धिकरण एवं सप्लाई कार्य प्रगति की निरंतर निगरानी करें। पदाधिकारी एवं अभियंता जमीनी स्तर पर इसे देखें पाइप लाइन की सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था रखें। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग आपस में समन्वय बनाकर तेजी से कार्य पूर्ण करें। गंगा जल आपूर्ति योजना के क्रियान्वयन में आम लोगों का काफी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि राजगीर, गया, बोधगया एवं नवादा में

गंगा के जल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में जल्द से जल्द सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए कार्य करें। इससे लोगों को सुविधा होगी और भू-जल स्तर भी मेंटेन रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ससमय बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक कार्यों को पूर्ण करें। बाढ़ अवधि में

कराए जानेवाले कार्यों की पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें। छोटी-छोटी नदियों को जोड़ने की योजना बनाएं, इसको लेकर व्यावहारिक आकलन कराएं। छोटी नदियों के आपस में जुड़ने से जल संरक्षित रहेगा और इससे लोगों को सिंचाई कार्य में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप बनाया गया और कृषि के क्षेत्र में कई कार्य किए गए हैं जिससे फसलों का उत्पादन दुगुना हुआ है। हर खेत तक सिंचाई उपलब्ध हो जाने पर किसानों को कृषि कार्यों में और सहूलियत होगी। नदियों के गाद एवं सिल्ट प्रबंधन को लेकर अध्ययन और आकलन करायें।

बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, अभियंता प्रमुख (बाढ़) श्री शैलेंद्र कुमार तथा अभियंता प्रमुख (सिंचाई) श्री आई०सी० ठाकुर उपस्थित थे।

बिहार की राजनीति किस करवट लेगी कहना मुश्किल है लेकिन बीजेपी और जदयू के बीच तल्खी बढ़ती ही जा रही है

कॉमन सिविल कोड मसले पर जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। हमारा देश विभिन्नताओं से भरा हुआ है। ऐसे में यहां कॉमन सिविल कोड की जरूरत नहीं है।

यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने सीबीएसई के पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है और कहां है कि इस तरह इतिहास से आने वाले पीढ़ी को अलग करना कही से भी सही नहीं है और बिहार सरकार इसके पक्षधर नहीं है ।

सीबीएसई से पहले बिहार के कई विश्वविद्यालय में इसी तरह पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया था जिसको लेकर बड़ा बवाल मचा था ।वही कहा ये जा रहा है कि मॉनसून सत्र में नीतीश कुमार जातीय जनगणना को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव लाने वाले हैं मतलब तकरार जारी रहेगा ऐसा साफ दिख रहा है ऐसे में गठबंधन कब तक बना रहेगा कयास लगाना मुश्किल है वैसे यह तय है कि नीतीश बीजेपी का साथ छोड़ेंगे समय और तारीख नीतीश को तय करना है बीजेपी भी यह समझ रही है लेकिन बीजेपी के अंदर बिहार के नेतृत्व को लेकर जो खेला शुरु हुआ है वो नीतीश को मजबूती प्रदान करने लगा है ।

पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा 16 चक्के वाले ट्रकों के जरिये गिट्टी,बालू आदि के ढुलाई पर लगाए गए प्रतिबन्ध को रद्द कर दिया

बिहार सरकार ने 16 दिसम्बर, 2020 द्वारा जारी अधिसूचना जारी कर इन वाहनों द्वारा गिट्टी, बालू ढुलाई पर रोक लगा दिया था।

चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर 7 अप्रैल, 2022 को सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया।

बिहार सरकार ने इन भारी वाहनों द्वारा गिट्टी,बालू आदि की ढुलाई पर 16 दिसम्बर, 2020 को एक अधिसूचना जारी कर रोक लगा दिया था।

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बिहार सरकार द्वारा रोक के आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ताओं ने ये मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें की सुनवाई 3 जनवरी,2022 को की।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें को सुनवाई करते हुए इसे वापस पटना हाईकोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को 8 सप्ताह के भीतर सुनवाई कर मामलें का निपटारा करने को कहा।

इन याचिकाओं में बिहार सरकार द्वारा 16 चक्कों के ट्रक के जरिये गिट्टी व बालू आदि की ढुलाई पर 16 दिसंबर, 2020 को ही एक अधिसूचना जारी कर प्रतिबंध को challenge किया गया है।

इन मामलों पर पटना हाई कोर्ट में फिजिकल कोर्ट शुरू होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी।इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य सम्बंधित सभी पक्षों को अपना अपना पक्ष लिखित तौर पर कोर्ट के समक्ष दायर करने का निर्देश दिया था।

पटना हाईकोर्ट के इस निर्णय से उन वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली,जिनके भारी वाहनों द्वारा गिट्टी,बालू आदि की ढुलाई पर राज्य सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था।

आपसी विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार चाकू से गला रेत दिया और खुद अपना भी गला काट लिया

जहानाबाद में आपसी विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार चाकू से गला रेत दिया और खुद अपना भी गला काट लिया। गंभीर हालत में दोनो को पीएमसीएच रेफर किया गया परन्तु रास्ते मे ही दोनो की मौत हो गयी।

घटना शकुराबाद थाना क्षेत्र के बन्धुबीघा गांव की है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि पिछले सात दिनों से पतिपत्नी के बीच विवाद चल रहा था। जिसे लेकर पति अजीत ने अपनी पत्नी संगीता देवी की घरेलू चाकू से गला काट दिया और खुद भी अपना गला काट ली।

घटना के बाद दोनो लहूलुहान हो गया। शोरगुल होने पर ग्रामीणों ने आनन फानन में उसे सदर अस्पताल लाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनो की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया। जहां बीच रास्ते मे ही पहले पति की मौत हो गई जबकि पत्नी संगीता की मौत पटना पहुंच कर हो गयी।

ग्रामीणों ने बताया इन दोनों के अलावा घर मे कोई और नही था।पिछले सात दिनों से पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। इसके कारण पति ने अपनी पत्नी की गला काट दिया और वह खुद भी अपना गला काट लिया। जिससे दोनो की मौत हो गयी।

इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।

क्रिसलय शर्मा ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा कर जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया

जहानाबाद जिले के पितांबरपुर निवासी क्रिसलय शर्मा ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड मैं अपना नाम दर्ज करा कर जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया है।

दरअसल क्रिसलय शर्मा पेशे से गणित के एक शिक्षक है और गणित से इनका इस कदर लगाव था कि गणित के सवाल को हल करने के लिए 5067 फॉर्मूला संकलित कर लिम्का बुक में नाम दर्ज कराया ।

हालांकि लिम्का बुक के द्वारा उन्हें मेल के माध्यम से अक्टूबर नवंबर के नाम दर्ज होने की सूचना दे दी गई थी लेकिन बीते 3 दिन पूर्व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र और बुक भेजा गया है।

इसको लेकर क्रिसलय शर्मा खुशी का इजहार करते हुए कहा कि कुछ कर गुजरने की तमन्ना ने उन्हें यहां लाकर पहुंचाया है। इस रिकॉर्ड से पूर्व गोल्डन बुक में नाम दर्ज हुआ था।

उन्होंने कहा की उनका अगला लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड दर्ज कराना है, इस खुशी को उन्होंने अपने छात्रों के साथ शेयर करते हुए केक काटकर सेलिब्रेट किया है क्रिसलय शर्मा के छात्रों ने कहा कि उन्हें काफी गर्व होता है कि ऐसे शिक्षक से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जिन्होंने लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत किया।

किसलय आज जहानाबाद में मैथ्स गुरू के नाम से जाने जाते हैं। एक कोचिंग चला रहे हैं जहां छात्रों को मैथ्स पढ़ा रहे हैं। किसलय 9वीं, 10वीं और आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए छात्रों को मैथ्स पढ़ाते हैं। इस उपलब्धि पर कोचिंग के छात्र भी फूले नहीं समा रहे।।B अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक तक पहुंचने की तैयारी 5067 मैथ्स फार्मूले के साथ पहली बार किसलय ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है और उनका सपना है कि वह और मेहनत करके ज्यादा फॉर्मूले के साथ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराएंगे।

कभी क्रिकेट के क्षेत्र में तलाश रहे थे भविष्य, बिहार में क्रिकेट में नहि दिखा करियर, दूसरे प्यार मैथ्स से लगा लिया दिल। अब पूर्व क्रिकेटर किसलय मैथ्स को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। गणितज्ञ के तौर पर वह बिहार से आगे अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाना चाहते है।