पटना । प्रशांत किशोर के नई पार्टी के गठन पर सुशील मोदी की प्रतिक्रिया बिहार में कोई भविष्य नहीं है।
बिहार में मुख्यधारा के चार दलों के अलावा किसी नई राजनीतिक मुहिम का कोई भविष्य नहीं है। लोकतंत्र में किसी को भी राजनीतिक प्रयोग करने या दल बनाने की पूरी आजादी है, इसलिए देश में सैंकड़ो दल पहले से हैं। अब इस भीड़ में यदि कोई अतिमहत्वाकांक्षी व्यक्ति एक नई नहर बनाना चाहता है, तो इससे सदाबहार नदियों को क्या फर्क पड़ेगा?
जनता के मन-मस्तिष्क में गहरे स्थापित किसी राजनीतिक दल के लिए चुनावी रणनीति बनाना, नारे-पोस्टर, घोषणापत्र आदि बनाने में किसी पार्टी की मदद करना या इस अभियान को बहुत पेशेवर ढंग से पूरा कर लेना एक बात है, लेकिन करोड़ों लोगों की आकांक्षा पर खरे उतरने वाली राजनीति करना बिल्कुल अलग बात है।
जिनको वर्षों तक अलग-अलग पार्टी के साथ अलग-अलग राज्यों में काम के बावजूद जनता के मुद्दे समझ में नहीं आये, वे अब अकेले क्या तीर मार लेंगे?
पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन के लिए आज से पोर्टल खोल दिया गया है। छात्र फॉर्म चार जून तक भर सकते हैं, लिखित प्रवेश परीक्षा 18 जून को होगी।
एक ही आवेदन पर छात्र सभी कॉलेजों के लिए योग्य होंगे। नोडल संस्थान बीएन कॉलेज के द्वारा इस संबंध में शनिवार को भी बैठक की गयी थी। बैठक में नोडल संस्थान के द्वारा कुछ गाइडलाइन बनायी गयी है।
बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (BSEB) ने बिहार डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के लिए अनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फीस जमा करने की आखरी तिथी को अब बढ़ा दिया है।
पहले आवेदन और आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 2 मई 2022 थी, जिसे बढ़ा कर अब 5 मई 2022 कर दिया गया है। जिससे रजिस्ट्रेशन के साथ आवेदन शुल्क जमा करने के लिए अभियार्थियों को और वक्त मिल गया है।
वहीं ऑनलाइन भरे गए रजिस्ट्रेशन फॉर्म के आधार पर समिति द्वारा जारी डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि का सुधार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 6 मई तक किया जा सकता है।
बिहार से पलायन नही रुकेगा, अव्वल तो पलायन बिहार के लिए एक अभिशाप नही बल्कि एक वरदान है । रोजगार के लिए पलायन हमेशा बुरा भी नही होता । केरल में बिहार से भी अधिक पलायन है परंतु औसत आमदनी और समृद्धि बहुत अधिक है, जिसमे रेमिटेंस सेंड बैक का बड़ा योगदान है । पलायन का नेचर और रोजगार की प्रकृति अलग है, वहां अधिकांश पलायन मिडिल ईस्ट गल्फ देशों में है। पलायन से केरल में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, बिहार में भी बढ़ी है ।
पलायन का सबसे बड़ा लाभ बिहार में आर्थिक के बजाय #सामाजिक स्तर पर हुआ, बिहार में गरीब गुरबों को सर उठाने का जज़्बा और हिम्मत पलायन के बल पर ही मिला । याद करिये 60 और 70 का दशक जब बिहार के गांवों में छोटी जाती के भूमिहीन मजदूरों के साथ कितना बुरा बर्ताव होता था, उनकी समाजिक स्थिति कितनी बदतर थी । उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बना के रखा गया था । यदि कहूँ की, उन्हें इंसान नही माना जाता था, तो अतिश्योक्ति नही होगी । यही मजदूर जब पंजाब गया तो उसकी आमदनी बढ़ने लगी । जाहिर है इस रास्ते को श्रमिको और मजदूरों ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के माध्यम के साथ अपने आत्म स्वाभिमान को बढ़ाने के माध्यम के रूप में अपनाया, अब वो गांव के बड़े ज़मीदार की दासता से मुक्त था ।
बिहार में कृषि भूमि की औसत जोत पूरे भारत मे सबसे कम है, आबदी की वृद्धि दर सबसे अधिक है । अब भाइयों में बटवारें के पश्चात सिर्फ कृषि आमदनी से छोटे किसानों के बढ़ते परिवार को पालना कठिन होने लगा था । योजना आयोग की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत मे कृषि क्षेत्र से अविलंब 22 करोड़ अतिरिक्त लोगों को दूसरे क्षेत्र में रोजगार देने की आवश्यकता है । खेती के मजदूरों का पहले बिहार से पंजाब हरियाणा जैसे राज्यो में पलायन हुआ जहाँ कृषि भूमि की जोत बड़ी थी ।
अब बात करें बिहार के #औद्योगिकरण की: तथ्य ये है कि बिहार आजादी के कई वर्षों बाद तक देश का औद्योगिक रूप से अग्रणी एवम सम्पन्न राज्य था । शुरुआती दौर में ही सबसे अधिक चीनी मिलें, सीमेंट कारखाने, जुट मिल आदि बिहार में खुली, डालमिया नगर 3700 एकड़ का औद्योगिक शहर बसा जिसमे 40 से अधिक विभिन्न केमिकल, शुगर, डिस्टिलरी, सीमेंट, पेपर मिल की इकाइयां थी, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद कोल माईनस, बिहार कई प्रदेशो से आगे था, लेकिन ये प्रक्रिया गति पकड़ने के बजाय थमने लगी जिसके अनेक कारण थे:
1) भेदभाव पूर्ण नीति: #फ्रेट_इकुलाइज़ेशन की पॉलिसी ने बिहार में उद्योग लगाने के एडवांटेज को समाप्त कर दिया, कोयला, लौह अयस्क एवं अन्य खनिज बिहार से जिस दाम में मिलेंगे उसी दाम पर जब दक्षिण और पश्चिम के राज्यो में उपलब्ध होंगे तो कोई बिहार में कारखाना क्यों लगाए ।
2) #लैंड_लॉक स्टेट होने के कारण बिहार में उद्योग लगाने में डिसडवांटेज है क्यों कि अगर रॉ मटेरियल इम्पोर्ट करना है या आउटपुट एक्सपोर्ट करना है ऐसे में बंदरगाह से नजदीकी मायने रखती है ।
3) #भूमि की अनुपलब्धता – बिहार में आबादी का घनत्व अधिक है और अधिकांश भूमि कृषि योग्य है । बड़े उद्धयोग को जिस पैमाने पर भूमि की आवश्यकता होती है, बिहार में उसका सही स्थान पर प्रबन्ध कर पाना आज भी एक दुस्कर कार्य है । भूमि की दर भी बिहार में अन्य राज्यो की तुलना में बहुत अधिक है । समृद्ध राज्यो में भी जमीन बिहार से सस्ती उपलब्ध है ।
4) अब कुछ ऐसे कारण जो बिहार के औधोगिक पिछड़ेपन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहे है – #उद्यमियोंकोहेयदृष्टिसे_देखना – राज्य की जनता और प्रशासन ने कभी भी जोखिम लेकर पूंजी निवेश करने वाले, रोजगार देने वाले, उद्यमी को उसका यथोचित सम्मान नही दिया । जनता नेताओ, प्रशासनिक अधिकारीयों, पुलिस अधिकारीयों का तो सम्मान करती है लेकिन उद्यमियों के राह में बाधाएं हर स्तर पर आते है । सामाजिक कार्यक्रमो में उन्हें उद्योगपति अथवा #व्यापारी कहने के बजाए #समाजसेवी कह कर परिचित कराना पड़ता है । उनकी मेहनत और जोखिम को नजरअंदाज कर उनसे जलने वाले उन्हें हमेशा नीचे लाने को ततपर रहते है । क्या नेता, पुलिस और अफ़सर ही सम्मानयोग्य है, क्या इनमे भरस्टाचार नही, शायद बहुत अधिक, एक उद्यमी का देश की तरक्की में योगदान इनसे अधिक होता है, चाहे राज्य को दिया जाने वाला सेल्स टैक्स (अब GST) हो, या केंद्र को दिया जाने वाला आयकर (हिस्सा राज्य को भी मिलता है) अथवा डायरेक्ट इनडायरेक्ट कर्मचारियों, सप्लायर्स, ट्रांसपोर्टर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, रिटेलर्स के माध्यम से लोगो को दिए जाने वाला रोजगार हो, दूसरी और जो उत्पादन/ट्रेड वो कर रहे है अगर वो न करे तो आम लोगों के लिए वस्तुओं की उपलब्धता कम और महंगी होगी, किसानों की फसल का बेहतर मूल्य न मिले, लेकिन सारे लाभ होने के बाद भी इस राज्य ने उद्यमी को कभी भी सम्मान नही दिया, उसे हमेशा मुनाफ़ाखोर और दूसरे से काम लेकर खुद कमाने वाला के रूप में देखा, उससे लोग जलते , यही मुनाफा जब कोई बाहर की या विदेश की कम्पनी लेती है तो उसके आगे बिहार वाशी नतमस्तक रहते है । अरे मुनाफ़ा व्यापार की प्रगति और निरन्तरता के लिए परमावश्यक है, मुनाफ़ा ही नए निवेश का आधार होता है और उत्तरोत्तर प्रगति की नींव रखता है । आज बिहार में हर जिले में बन्द पड़ी सरकारी और निजी चीनी मिल, फर्टीलाइजर फैक्टरी, पेपर मिल आदि की ऐसी कहानियां बिखरी पड़ी है ।
5) #अपनेघरमेहनत_नहीं: बिहारी श्रमिकों के साथ भी एक तथ्य है कि अपने राज्य में उनकी श्रम शक्ति उस प्रकार प्रभावी नही होती जैसे वो बाहर जा कर क्रियाशील होते है । यहाँ अपने लोगो के बीच वो अपनी प्रथाओं, अस्मिता, राजनीति, तीज त्योहारों और आलस्य उत्सव में मग्न रहते है, जबकि परदेश में उनके साथ ये बधाये नही होती।
6) #लो_एस्पिरेशन- मैंने बिहार के प्रत्येक जिले में छात्रों का सेमीनार लिया है, अक्सर छात्रों से पूछता था कि बताओ अगर तुम्हें अवसर मिले तो तुम किस नौकरी के लिए तैयारी करना चाहोगे? कौन सा जॉब करना है? कई बार छात्रों ने कहा कि टॉवर में गार्ड लगवा दीजिये, उस दौर में शिक्षा मित्र की बहाली आयी थी, तब वेतनमान मात्र 6000 प्रतिमाह था, लेकिन छात्रों में उसका जबरदस्त क्रेज था । आज विधानसभा में चपरासी, गार्ड, स्वीपर और माली की नौकरी के लिए 6 लाख लोगो ने आवेदन कर दिया, जिसमे स्नातकोत्तर और प्रोफेशनल कोर्स किये छात्र है, फैक्ट यही है कि लगातार छात्रों की एस्पिरेशन घटी है, पटना ssc, बैंकिंग और दरोगा-सिपाही बहाली के कोचिंग से भरा है IAS का कोचिंग पटना में एक भी स्तरीय नही । बिहार से आज भी भारी मात्रा में IAS के प्रतिभागी भाग लेते है, दिल्ली, इलाहाबाद में कोचिंग करते है, लेकिन बिहार का रिजल्ट लगातार गिरा है, अधिकांश हिंदी मीडियम से परीक्षा देते है, हिंदी मिडियम का ही रिजल्ट कुल सफल छात्रों में मात्र 2% है । उद्यमिता की बात ही वहाँ कैसे हो जहाँ एस्पिरेशन लेवल नीचे जा रहा हो । उद्यमिता की सबसे बड़ी ड्राइविंग फोर्स साहस और महत्वाकांक्षा होती है । ऊँचे सपनो के आधार पर ही उद्योग की नींव होती है ।
7) #पोस्टप्रोडक्शन के बजाय #प्रीप्रोडक्शन_स्कैम – बिहार में कही भी कोई उद्योग, विश्वविद्यालय लगाने की प्रक्रिया शुरु करेगा तो उस इलाके के राजनीतिज्ञ, अधीकारी, दबंग, जातीय मुखिया और गुंडे इस जुगत में लग जाते है कि कैसे इस इंडस्ट्रीलिस्ट / मारवाड़ी / पैइसावाले से माल टाना जाए । मुर्गी अंडा दे उसके बजाय उसका पेट ही चीर कर सारे अंडे एक साथ निकाल ले ।
8) आज स्थिति ये है कि इस राज्य में #बाहुबल और #राजनैतिक_संरक्षण के बिना उद्योग या कोई बड़ा प्रोजेक्ट लगाना सम्भव नही रह गया है । आप किस जाति के गांव में है, आपका प्रमुख मैनेजर किस जाति का है, भूमिहार का गांव है कि बाबूसाहब का है, बाभन एडवाइजर है कि नही, लाल झंडा का क्षेत्र तो नही न था? ऐसे कितने प्रश्न है जिसे कोई उद्यमी झेलना नही चाहेगा , निवेश ही करना है तो भारत मे विकल्प की कमी नही है ।
9) #रेडटेपब्योरोक्रेशी – माननीय मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी विफलता अपने नौकरशाही में सुधार न ला पाने की है । जिस उद्यमी को सचिवालय का चक्कर लगता है उससे वहाँ के हाल पूछिये । सरकारी फाइल से स्लो कोई चीज़ भगवान ने बनाई नही, और ऊपर से अर्जेंट आदेश वाली फाइल सबकी बनती नही ।
10) #छवि : मुख्यमंत्री एक बार उद्यमियों के सम्मेलन में मुंबई गए थे, अगले दिन वहां के प्रमुख अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने छापा कि “नीतीश डेयर्स इन्वेस्टर्स” यानी कि मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करने का प्रयास जो किया उसे वहां के उद्यमियों ने डराने के प्रयास के रूप में लिया क्योंकि बिहार में निवेश बिना शर्तों के नहीं होता है जबकि उद्यमी ऐसे राज्यों को खोज रहे होते हैं जहां उनको रेड कारपेट वेलकम मिले कई बार ऐसी परिस्थितियां भी बनी जहां पर उद्यमी निवेश करने के पश्चात स्थानीय अथवा प्रशासनिक समस्याओं में उलझ गया, ऐसे में उच्च स्तर पर उद्यमी की परेशानी को समझने के बजाय सरकारी नियमों एवं वोट की राजनीति के मजबूरियों को महत्व दिया गया। यानी कि उच्चतम स्तर पर शासन की प्रतिबद्धता अपनी छवि और वोट बैंक की मजबूरियों के प्रति दृढ़ हैं जबकि राज्य के औद्योगिककरण के लक्ष्य को लगभग असंभव मानते हुए प्रयासों को छोड़ दिया गया है । यहाँ राजनेता उद्यमी की मदद करने की छवि बनने से डरते है, क्योंकि जनता इसे अच्छा नही मानती ।
11) #शिक्षा स्तर में गिरावट: पहले कर्पूरी फॉर्मूला, फिर परीक्षाओं में व्यापक कदाचार और अब मुखिया द्वारा बहाल अयोग्य शिक्षकों की वजह से बिहार की प्राइमरी, सेकेंडरी समेत पूरी शिक्षा व्यवस्था गर्त में चली गयी है । जिस बिहार की मेधा पर भारत को नाज़ था आज उस मेधा को बिहार में पुष्पित-पल्वित होने का अवसर ही नही मिल रहा । हायर एजुकेशन राजनीति और भ्रस्ट वाइस चांसलरों के भेंट चढ़ गई, बाद में वाइस चांसलर के ऊपर का पायदान भी दूषित हो गया, जब गंगोत्री ही दूषित हो जाये तो गंगा साफ कैसे रहे । खराब शिक्षा व्यवस्था से भविष्य के आन्तरिप्रेन्योर और स्टार्टअप फाउंडर्स की अपेक्षा करना कैसे संभव है ।
अनेको और वजहें है लेकिन मूल बात यहीं है कि बिहार की जनता जब तक औद्योगिकीकरण नही चाहेगी तब तक ये होगा नही, जो प्रदेश अपने #स्थानीय_उद्यमियों को सम्मान न दें, वहाँ बाहर से निवेश ज्यादा आएगा नही सिर्फ लोकल आबादी की खपत को स्थानीय स्तर पर पूरा करने के लिए कोई बिस्किट फैक्टरी लग जायेगी, कोई वाशिंग पॉवडर प्लांट, कोई छोटा सीमेंट कारखाना, उद्देश्य सिर्फ बाहर से लोकल खपत को मंगाने का माल भाड़ा बचाना होगा । बिहार ट्रेडिंग राज्य है, यहाँ ट्रेडर इंडस्ट्रीलिस्ट से ज्यादा कमाता है, यहाँ पढ़ाने वालो से ज्यादा डिग्री बेंचने वाले और दूसरे राज्यो में छात्रों का नामांकन कराने वाले एजेंटों/कंसल्टेंट का टर्नओवर है, और सबसे बड़ा मसला लोगो के दृष्टिकोण का है, उद्यमियों के प्रति व्यहवार का है ।
पलायन को अभी वरदान मानिए- कोशिश यही होनी चाहिये कि पलायन करने वाले श्रमिको को प्रशिक्षित किया जाए ताकि उनकी आमदनी बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो ।
मुख्यमंत्री हमेशा कहते थे कि बिहारी इतना मेधावी है कि अगर चांद पर भी वैकेंसी होगी तो बिहारी वहाँ अप्लाई करेंगे । मेरा सवाल था क्यो? जब महाराष्ट्र और आसाम में ग्रुप 4 की वैकेंसी के लिए आये बिहारी नौजवानों का विरोध हुआ तब मुझे यही लगा कि आखिर हमारे नौजवान चपरासी बनने बिहार से बाहर क्यो जाए? अगर बिहारी नौजवान, अफसर बनते है, उद्यमी बनते है, मैनेजर, प्रोग्रामर, डॉक्टर, साइंटिस्ट बनते है और किसी अन्य राज्य में कार्य करते है, उनका तो विरोध नही होता, कम वेतनमान के सरकारी जॉब पर स्थानीय गरीब यदि अपना हक़ चाहते है तो बुरा क्या, वो आखिर चपरासी बनने बिहार नही आते?
बिहार में #उच्चशिक्षा के लिए भी_पलायन होता है और पूरे देश में सबसे ज्यादा होता है । ये भी नही रुकेगा कोई रोकने की पॉलिसी नही वही समस्या है चाहे राजतंत्र के स्तर पर हो या जनता के स्तर पर, विस्तृत पोस्ट कभी और वैसे औद्योगिकरन कि एक बड़ी रीक़वाइरमेंट ट्रेंड मैनपॉवर के उपलब्धता भी होती है । जिसकी व्यवस्था बिहार में कभी हुई नही और जहाँ स्तरीय शिक्षण संस्थान होंगे उद्योग वही शुरू होते है, जैसे आईटी सेक्टर दक्षिण के राज्यो में बढ़ा क्योंकि तकनीकी संस्थानों की एक सपोर्ट चेन पहले से थी, उद्योगीकरण ने उस चेन को मजबूत कर दिया ।
पॉलिसी स्तर पर कितनी बाधा है, एक उदाहरण से समझे- कोटा में सबसे अधिक और बड़े कोचिंग वहाँ के औद्योगिक क्षेत्र में है यहां पाटलिपुत्र जैसे शहर के बीचों बीच स्थित औद्योगिक क्षेत्र में आप प्रदूषण वाला उद्योग लगा सकते है, पढ़ा नही सकते (हां सरकार वहाँ खुद आईआईटी खोले, इंजीनियरिंग कॉलेज, एटीडीसी ट्रेनिंग सेंटर, CA इंस्टीट्यूट खोल सकती है, लेकिन कोई निजी शैक्षणिक न्यास शिक्षण संस्थान नही खोल सकता, बाकी सत्ता से जोड़े है तो मॉल भी खोल ले । 8 साल पहले बिहटा में विवि स्थापना के लिए एमिटी और सिमेज ने सरकार से जमीन खरीदी, बाजार दर पर अलॉटमेंट हुआ, पेमेंट कर दिया गया, आजतक जमीन मिली नही, पैसा जमा है । अमेटी ने पूरे भारत मे अपना सबसे छोटा विवि बिहार में किराए के भवन में खोल दिया अब वो निश्चिंत है जब तक सरकार जमीन नही देगी उसका काम हो रहा है । वैसे ये पोस्ट मैंने किसी निजी अनुभवों को साझा करने के लिए नही लिखा परन्तु अनुभव से अधिक ऑथेंटिक सुनी बातें नही होती, इसलिए साझा कर रहा हूँ, वैसे इस दिशा में बीस वर्षों में हज़ारो निजी अनुभव है ।
याद है कोलकाता शहर में वो #हाथरिक्शा खींचने वाले, बड़ा बाजार में टोकरी पर बोझा ढोने वाले कुली लगभग सभी बिहार के थे और आज भी है । बिहार आज पूरे देश मे सुरक्षा गार्ड, रिक्शा-ठेला -ऑटो ड्राइवर, छोटे दुकान-फैक्टरी कर्मचारि और अन्य वर्कर्स/ एम्प्लोयी का सबसे बड़ा सप्लायर है । यही #बिहारकासबसेबड़ा_एक्सपोर्ट है और आमदनी का जरिया भी है । जरूरत ये है कि हम अपने प्रोडक्ट को कितना तैयार कर बाहर भेज रहे है, कितना एक्विप कर रहे है, कितना पॉलिश कर रहे है ताकि बाहर उसे अपनी प्रतिभा, मेधा और श्रम का उचित मूल्य मिले ।
आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, रोबोटिक्स का है, इंटरनेट ऑफ थिंग्स का है, बिग डेटा का है । ऐसे में जिन रोजगारों के लिए बिहार से श्रमिक बाहर जाते है वो आने वालों वर्षो में समाप्ति की ओर होंगे । अपनी श्रम शक्ति और मेधा को हमे भविष्य की इन चुनौतीयों के लिए तैयार करना होगा ।
इसलिए पलायन होगा- होने दीजिए, कोशिश यही होनी चाहिये कि पलायन के स्वरूप को बदला जाए ।
औद्योगिकरण के लिये अगर जनता और सरकार के मिज़ाज और व्यहवार में, नीति और नियत में परिवर्तन आ जाये तो सोने पर सुहागा होगा लेकिन ऐसा होगा नही यहां अभी जातिवाद के साथ साथ धर्म की राजनीति होगी ।
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक बड़े वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह मुजफ्फरपुर के शहरी इलाका से बाइक चुराकर नेपाल में बेच दिया करता था।
दरअसल नगर पुलिस को लगातार बाइक चोरी की शिकायत मिल रही थी। डीएसपी टाउन आर एन पासवान ने नगर थानेदार अनिल कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई और अहियापुर के सोडा गोदाम चौक छीट भगवतीपुर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चार युवकों को दबोच लिया। इन सभी से सख्ती से पूछताछ की गई तो कई अहम खुलासे हुए।
इन लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने सीतामढ़ी के बथनहा मे तैनात चौकीदार मोहम्मद मुन्ना के पुत्र फैयाज को दबोच लिया। इनके पास से पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा चोरी की गई भी बाइक को बरामद कर लिया है । कई बाइक का तो इंजन निकाल कर इन लोगों के द्वारा बेच दिया गया है।
पकड़े गए युवकों की पहचान सीतामढ़ी के मोहम्मद फैयाज, अहियापुर के सोडा गोदाम छीट भगवतीपुर के मोहम्मद ताज मोहम्मद तंजीर, जावेद और सोनू के रूप में हुई है। इस गिरोह का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड चौकीदार का पुत्र फैयाज उर्फ लुल्ला है, जो कि इन युवकों से चोरी का बाइक खरीद कर नेपाल में 5 से दस हजार में बेच दिया करता था।
डीएसपी प्रशिक्षु सियाराम यादव ने बताया यह युवक मुजफ्फरपुर के कई इलाकों से बाइक चोरी कर सीतामढ़ी के फैयाज को दे चुका है। और फैयाज नेपाल में जाकर बाइक का पार्ट पार्ट अलग कर बेच दिया करता था। इन लोगों की गिरफ्तारी से बाइक चोरी में कमी आएगी।
जहानाबाद । मामला रेलवे कॉलोनी का है, नाला से हाथ पैर बंधे एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। । शव को देखने से आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेल पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और छानबीन शुरू की।
स्थानीय लोगो ने बताया कि नाले में एक व्यक्ति का डेड बॉडी पड़ा मिला है देखने से प्रतीत हो रहा है कि किसी ने हत्या कर उसे फेंक दिया है। इधर पुलिस अधिकारी ने आशंका जताते हुए कहा कि हाथ पैर बंधा एक डेड बॉडी बरामद किया है।
शव देखने से यह प्रतीत होता है कि पहले युवक की हत्या की गई होगी फिर उसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को पीडब्ल्यू ऑफिस के पीछे रेलवे कॉलोनी के नाले में फेंक दिया है।फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो पाई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन करने में जुटी है।
बीते कुछ सालों में त्योहार के समय हुई घटनाओं ने जहानाबाद की पुलिस को सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
ईद को लेकर जिले भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। पुलिस की गश्ती व्यस्ततम बाजारों में बढ़ गयी है। ऐसे में ईद को लेकर रविवार को एएसपी, एसडीओ और डीएसपी की अगुवाई में पुलिसकर्मियों ने पूरे शहर में फ्लैग मार्च किया।
इस दौरान अम्बेडकर चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार, फ़िदा हुसैन रोड, अरवल मोड़ होते हुए फ्लैग मार्च हॉस्पिटल मोड़ पहुंचा। वापसी में दर्धा पुल होते हुए पुलिस लाइन में आकर मार्च समाप्त हो गया। फ्लैग मार्च में सार्जेट मेजर और सभी शहरी इलाकों के थानाध्यक्ष की मौजूदगी रही।
बेगूसराय । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री का नाम केंद्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरा होने पर 26 मई को पूरे देश में हनुमान चालीसा करने की घोषणा का विरोध किया है। इसके साथ ही बिहार में भी लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध की मांग को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई करने की बात कही है।
निजी दौरे पर बेगूसराय पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने केन्द्र की नरेंद्र मोदी के आठ साल पूरे होने पर 26 मई को देश भर में हनुमान चालीसा करने के सवाल पर कहा कि साल पूरे होने पर हनुमान चालीसा होता है तो यह सेंटीमेंट जगाना और धार्मिक भावना जगाना है और यह राष्ट्रीय स्तर पर करना उचित नहीं है देश के हर लोग कोई हनुमान कोई राम कोई अन्य भगवान पर आस्था रखते हैं लेकिन पूरे देश में अभियान चलाकर देश स्तर पर हनुमान चालीसा किया जाता है यह उचित नहीं है भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।
मांझी ने बिहार में यूपी के तर्ज पर लाउडस्पीकर प्रतिबंध के सवाल पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में ही लाउडस्पीकर का मनाक तय कर दिया था ऐसे में मस्जिद हो या मंदिर हो या डीजे हो सभी जगह यह नियम लागू होना चाहिए केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार हो उसको सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए बिहार के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि वेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है।
मजदूर दिवस के अवसर पर लालू के बड़े लाल एवं जनशक्ति परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पहुंचे बिहटा प्रखंड के मखदुमपुर गांव के दलित बस्ती।
सुरेश मांझी के घर पहुंचकर उनके परिवार से बातचीत की। साथ ही घर पर बैठकर उनके घर रोटी और दल का स्वाद चखा।
घर पहुचने पर सुरेश मांझी ने कहा कि आजतक हमने कभी नही देखा था लालू के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को। आज पहली बार हमारे घर पर अचानक आ पहुंचे और हमारे घर पर बने रोटी भिंडी की भुजिया और प्याज साथ ही खाने से पहले चाय पी। जो खुशी मुझे मिली बता नहीं सकते।
बेतिया में एक बार फिर नेपाल ने दुस्साहस दिखाते हुए नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण कर लिया। नरकटियागंज अनुमंडल क्षेत्र स्थित भिखनाठोरी में सितखोली के पास बैरिकेडिंग कर धार्मिक झंडे-बैनर लगाने से दोनो देश के बीच कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही नरकटियागंज एसडीएम धनंजय कुमार मौके पर पहुंचे और बातचीत कर अतिक्रमण हटवाया। । बता दे नेपाल के पूर्व पीएम केपी ओली ने जुलाई 2020 में बयान दिया था कि भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था। उन्होंने दावा किया था कि जिस अयोध्या में राम का जन्म हुआ था वह वीरगंज के पश्चिम में स्थित भिखनाठोरी गांव है।
उन्होंने यहां मंदिर बनवाने की घोषणा भी की थी। जानकारी मिली है कि नेपाल के स्थानीय लोग पिलर संख्या-436 के समीप सीताखोला के पास मंदिर बनाने की तैयारी कर रहे हैं। घटना के बाद से एसएसबी के जवान बॉर्डर पर लगातार नजर बनाये हुए हैं। गौरतलब हो कि भिखनाठोरी बॉर्डर पर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है।
दोनों देशों के लोगों के बीच कई बार मामला मारपीट तक पहुंच चुका है। वर्ष 2005-06 में भी यहां विवाद हुआ था। जिसके बाद पैमाइश के लिए दोनों देशों की सर्वे टीम बुलानी पड़ी थी। इतना ही नहीं पानी को लेकर भी यहां कई बार विवाद हो चुका है।
समस्तीपुर के एक शिक्षक बैजनाथ रजक अपने पढ़ाने के तौर-तरीकों को लेकर एक बार सुर्खियां बटोर रहे है। शिक्षक गीत के माध्यम से लू से बचाव को लेकर बच्चों को जागरूक कर रहे है । शिक्षक की इस अनोखी पहल की जंहा अन्य शिक्षक सराहना कर रहे है वंही बच्चे मनोरंजन के साथ लू से बचाव के गुर सिख रहे है ।
समस्तीपुर के हसनपुर प्रखंड के प्राथमिक कन्या विद्यालय मालदह में कार्यरत ये शिक्षक है बैजनाथ रजक। जो इन दिनों एक बार फिर सुर्ख़ियो में है । इससे पहले वो चर्चा में तब आये थे जब वह बच्चों को विद्यालय के प्रति प्रेरित करने के लिए घर घर जाकर बच्चों और अभिभावकों को गीत के माध्यम से स्कूल आने के लिए जागरूक कर रहे थे ।
शिक्षक बैजनाथ की पहल का काफी असर दिखा था जंहा उनके इस प्रयास से विद्यालय में न सिर्फ छात्रों की उपस्थिति बढ़ी बल्कि बच्चे शिक्षक के गीत के माध्यम से पढ़ाने के तरीकों का भरपूर आनंद लेने लगे ।
वंही शिक्षक बैद्यनाथ रजक इस भीषण गर्मी में बच्चे लू से कैसे बचे और क्या क्या सावधानी बरतें उसे गीत के माध्यम जागरूक कर रहे है । शिक्षक खुद गीत गाकर बच्चे को लू से बचने के उपाय बता रहे हैं और बच्चे भी खूब आनंद ले कर समझ रहे हैं। शिक्षक बैजनाथ का कहना है कि इन दिनों काफी गर्मी पड़ रही है ।
गर्मी के कारण छुट्टी के वक्त बच्चे असहज महसूस कर रहे थे । जिसको लेकर उन्होंने बच्चों को जागरूक करने के लिए गीत माध्यम अपनाया । ताकि बच्चे मनोरंजन के साथ साथ जागरूक हो सके ।
पूर्णिया । आज बिहार के पूर्णिया में एथेनॉल के पहले प्लांट की शुरुआत हुई हो गयी। केंद्र और राज्य की एथेनॉल पॉलिसी 2021 के तहत देश का यह पहला ग्रीनफील्ड ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट है।
पूर्णिया के कृत्यानंद नगर के परोरा में ईस्टर्न इंडिया बायोफ्यूल्स प्रा. लि. (EIBPL) द्वारा 105 करोड़ की लागत से स्थापित ग्रीनफील्ड ग्रेन बेस्ड एथेनॉल प्लांट के शुरु होने से मकई के किसानों को खासा लाभ मिलेगा इस मौके पर सीएम ने कहा कि बिहार इस क्षेत्र में आगे बढ़ेगा ।
रात 1 बजे तेज आंधी और बारिश में ये स्ट्रक्चर गिरा है। सुल्तानगंज की तरफ से पोल नंबर 4,5,6 के बीच ढलाई का काम चल रहा था। इसके लिए ये स्ट्रक्चर बनाया गया था।
इस सुपर स्ट्रक्चर को केबल पर खड़ा किया गया था। बावजूद इसके ये गिर गया। ये स्ट्रक्चर करीब 100 फीट से ज्यादा का था। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया।
इस पुल का निर्माण 1710.77 करोड़ रुपए से किया जा रहा है। जो एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी कर रही है।
पटना 29 अप्रैल 2022 बिहार संग्रहालय से पटना संग्रहालय को जोड़ने वाले सब-वे निर्माण को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई है। उपमुख्यमंत्री -सह- मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बिहार संग्रहालय से पटना संग्रहालय को जोड़ने वाले सब-वे का निर्माण 373 करोड़ के अनुमानित व्यय पर होगा। पर्यटकों के लिए अनोखा होगा सब-वे ।
यह सब-वे पर्यटकों के लिए अनोखा और दर्शनीय होगा। उन्होंने कहा कि बिहार संग्रहालय से पटना संग्रहालय को जोड़ने वाले सब-वे के निर्माण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन कार्यकारी एजेंसी होगा। आज मंत्रिपरिषद की बैठक में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने बताया कि बिहार संग्रहालय और पटना संग्रहालय ऐतिहासिक महत्व के दो महत्वपूर्ण स्थल हैं। इनके बीच सड़क मार्ग से आवागमन में व्यस्त यातायात के कारण पर्यटकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। बिहार सरकार के इस निर्णय से होने वाले निर्माण के बाद राज्य में इन महत्वपूर्ण स्थलों के दर्शन हेतु आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी तथा उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी।
राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार के महत्वपूर्ण स्थलों के विकास एवं पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिकोण से प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आने वाले दिनों में इसका लाभ देशी और विदेशी पर्यटकों को मिलेगा।
जहानाबाद रेल थाने की पुलिस ने गुरुवार की रात्रि में इस्लामपुर हटिया एक्सप्रेस ट्रेन से एक नाबालिक को यात्रियों की शिकायत के सूचना के बाद उतारा है । यात्रियों ने सूचना दी थी कि यह नाबालिक लड़की घर से भाग कर कहीं जा रही है ।
सूचना के बाद रेल पुलिस नाबालिक लड़की को ट्रेन से उतार कर पूछताछ करने में जुट गई है। और परिजनों की तलाश कर रही है। रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि लड़की पटना जिले के बेऊर थाना क्षेत्र की रहने वाली बता रही है।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसके परिजनों की खोजबीन की जा रही है ताकि उस नाबालिग को परिजनों के हवाले किया जा सके।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना राज्य सरकार का दायित्व है । निजी क्लीनिकों एवम अस्पतालों के जरिए सभी लोगों को बेहतर स्वास्थ सेवा मिले ,इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
साथ ही उन निजी अस्पतालों और क्लिनिको पर भी नियंत्रण हेतु ही राज्य में 2007 से ही क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट कानून लागू है।लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया है।
कोर्ट के सामने ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमे अनाधिकृत डाक्टर, जिन्हे झोला छाप डॉक्टर भी कहा जाता है , द्वारा क्लिनिक चलाने की बात उजागर हो रही है ।
स्वाभाविक हैं कि राज्य के अंदर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट कानून के अंतर्गत ऐसे अनधिकृत डाक्टरों पर कार्यवाही नही हो रही है ।
#PatnaHighCourt
जस्टिस संदीप कुमार ने संतोष ठाकुर उर्फ देवेंद्र ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जिलावार गैरनिबंधित क्लीनिकों के आंकड़े तलब किये।साथ ही उन पर की गई कानूनी कार्यवाहियों का भी ब्यौरा कोर्ट ने माँगा।
अग्रिम जमानत के अर्जीदार बिहियां स्थित एक प्राइवेट क्लिनिक चलाते हैं । उन पर आरोप है कि उन्होंने झोला छाप डाक्टरों से एक महिला का ऑपरेशन करवाया, जिससे इस महिला मरीज की मौत हो गई ।
अपर लोक अभियोजक झारखंडी उपाध्याय ने कोर्ट से एक सप्ताह समय की मांग कि ताकि जिलावार विस्तृत आंकड़े कोर्ट मे पेश किए जा सके । इस मामले पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी ।
कथित रूप से फर्जी शिक्षकों के वेतन पर किए जा सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाने को लेकर एक जनहित याचिका पटना हाई कोर्ट में दायर किया गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने बताया कि ये जनहित याचिका अनिल कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है।
जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि मधुबनी के जिला प्रोग्राम अधिकारी (स्थापना) द्वारा फर्जी शिक्षकों से बडी रकम लेकर उनके वेतन पर 1 करोड़ रुपये सरकारी धन खर्च कर दिया गया है। साथ ही अयोग्य लोगों को ए सी पी का लाभ भी दिया जा रहा है।
सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले जिला प्रोग्राम अधिकारी समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने हेतु आदेश देने का अनुरोध किया गया है।
फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। यहाँ तक की जिला प्रोग्राम अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है, लेकिन प्रोग्राम अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।इस मामलें पर शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है
खबर दानापुर के फुलवारी शरीफ से। जहां एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है हत्या करने वाला अपराधी चोरी करने के लिए अल्वा कॉलोनी में घुसा था।
जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया पकड़ने के बाद दोनों चोर को इसने से प्रिंस और एक चोर को एक जगह बैठाया और उसी दौरान एक चोर जिसका नाम प्रिंस है पेशाब करने के बहाने गया और अपने पास मे रखे पिस्टल से गोली चलाने लगा।
जिनमे एक जलालु नाम के युवक और सोनू खान को गोली लगी। जिसमे जलालु गम्भीर रूप से जख्मी हो गया। जिसे एम्स ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल सोनू को गोली छूटते हुए निकल गई। जिसमें मामूली रूप से घायल हो गया।
घटना की सूचना लोगों ने फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष को दिया। जिसके बावजूद घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।स्थानीय लोग इस बात से भी आक्रोशित हो गए। फुलवारीशरीफ थाने का घेराव किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने बताया कि पुलिस पहुंच गई होती तो व्यक्ति की मौत नहीं हुई होती।
अब आक्रोशित लोग थाना अध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि 24 सितंबर, 2022 को पटना के गांधी मैदान के नजदीक स्थित ज्ञान भवन में एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है। इस सेमिनार में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज, पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, हाई कोर्ट के अन्य जज, केंद्रीय विधि मंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।
श्री मिश्रा ने बार एसोसिएशन में बुनियादी सुविधाएं,युवा अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण व अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वकीलों का पैसा वकीलों के कल्याण के लिए ही लगेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद वकील लाभान्वित हो सके।
उन्होंने वकालत और हाजिरी जैसी व्यवस्था का लेखा जोखा को बार एसोसिएशन के जरिए ही, बार काउंसिल के नियंत्रण में एक केंद्रीकृत सिस्टम के माध्यम से किये जाने की बात भी कही।
इससे वकीलों के लिए insurance और मेडिक्लेम की व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और वकीलों के लिए पेंशन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।उन्होंने कहा कि आगामी मई माह में वकीलों को वर्तमान, पूर्व जजों और वकीलों के जरिये प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा, जिसमें वकीलों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
श्री मिश्रा ने यह भी बताया कि बी सी आई ने वकीलों के कल्याणार्थ राज्य को 1 करोड़ रुपए मंजूर किया गया है ,ताकि जिला स्तर तक इसे मुहैया कराया जाए।
इस में बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, राज्य बार कॉउन्सिल के सदस्य अरुण कुमार पांडेय, पंकज कुमार,राज्य बार कॉउन्सिल के सचिव प्रफुल्ल चंद्र द्विवेदी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रास्ते के विवाद में जहानाबाद मे मां-बेटे को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल दोनों माँ बेटे को ईलाज के लिए आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल लाया जहां से डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया है। दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद लोगों में हड़ंकप मच गया है। घटना जहानाबाद जिले घोसी थाना क्षेत्र के ओकरी ओपी के गढ़ जलालपुर गांव की है।
लम्बे समय से रास्ते को लेकर चल रहा था विवाद दरअसल में गढ़ जलालपुर गांव में दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसको लेकर दोनों पक्ष कई बार आपस मे उलझ चुके है। गुरुवार को एक बार फिर दोनों पक्षो के बीच रास्ते को लेकर बात बढ़ गई और एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के मां-बेटे को गोली मार दी।
क्या कहते है एसपी इधर मां बेटे को गोली लगने की खबर मिलते ही ओकरी ओपी पुलिस गांव में पहुँच स्थिति को काबू में की कोशिश कर रही है घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। इस वाबत एसपी दीपक रंजन ने बताया कि इस घटना के पीछे दरवाजे को लेकर दो पक्षो में विवाद चल रहा था।एक पक्ष में इस घटना को अंजाम दिया है पुलिस ने गोली चलाने वाले कि पहचान कर ली है अपराधी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार के सुपरस्टार और सिंगर पवन सिंह ने अपनी पत्नी ज्योति सिंह से तलाक मांगा है । उन्होंने आरा के फैमिली कोर्ट में अपनी पत्नी से तलाक के लिए अर्जी लगाई है।
फैमिली कोर्ट में सुनवाई के लिए उनकी पत्नी पहुंची थी,लेकिन पवन सिंह नही पहुंच पाए। फिलहाल कोर्ट ने अपना फैसला नहीं सुनाया है। इस मामले में कोर्ट ने अगली तारीख 26 मई की दी है।
पटना । पटना सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र के बाहरी बेगमपुर मोहल्ले में गले मे फांसी लगाकर एक महिला ने खुदकुशी कर ली। पति द्वारा घटना की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।
मृतक की पहचान वैशाली जिले के बिदुपुर निवासी रोहित मलिक की पत्नी ज्योति कुमारी के रूप में की गई है। बताया जाता है कि ज्योति कुमारी ने एक साल पूर्व रोहित मलिक के साथ प्रेम विवाह किया था, और वह शादी के बाद अपने पति के साथ बाहरी बेगमपुर मोहल्ले में बतौर किरायेदार के रूप में रह रही थी।
मृतका का पति एक निजी होटल का कर्मचारी बताया जाता है। किस कारण से ज्योति ने खुदकुशी की, यह अबतक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना के संबंध में पूछे जाने पर मृतका के पति रोहित ने बताया कि वह दवा लाने घर से बाहर निकला था, उसने बताया कि जैसे ही वह दवा लेकर अपने घर लौटा तो पत्नी को फांसी से लटकता पाया।
तत्काल पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया गया। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। मौके पर मौजूद पुलिस ने खुदकुशी की पुष्टि करते हुए जल्द ही पूरे मामले का उद्भेदन कर लिया जाने का भरोसा दिलाया है।
जहानाबाद । जहानाबाद में पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग एनएच-83 पर कार और बाइक में जोरदार टक्कर हो गयी। टक्कर में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गयी जबकि दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना टेहटा ओपी क्षेत्र के नन्दनपुरा गांव के समीप की है। घटना के संबंध में घायल युवक ने बताया कि घर मे बहन की शादी है। जिसे लेकर कुछ काम से एक ही बाइक पर सवार होकर तीनो जा रहे थे तभी अचानक बाइक का पिछला टायर ब्लास्ट हो गया और सामने से आ रही कार से टकरा गई।
जिसमें एक युवक की मौत हो गयी जबकि दो लोग जख्मी हो गए। मृतक युवक की पहचान गया जिले …गांव निवासी इंद्रदेव मांझी के रूप में की गई। जबकि दोनो घायल मखदुमपुर थाना के कलानौर गांव के रहने वाले है। घायल ने बताया कि मृतक अपने साली की शादी में अपने ससुराल कलानौर आये हुए थे। इधर घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन में सभी घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया जहां उपचार किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार और बाइक में हुई टक्कर में एक युवक की मौत हो गयी जबकि दो लोग जख्मी हो गए।फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है।
निगरानी की टीम ने 10 हजार रुपए घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया और उसे गिरफ्तार कर पटना ले गयी। पकड़ा गए एएसआई उपेंद्र मेहता घोसी थाने में तैनात था और कोर्ट में केस डायरी और मोबाइल डिटेल्स भेजने के नाम पर रिश्वत ले रहा था। इसी दौरान थाना से सट्टे एक चाय दुकान से निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया।
विजिलेंस डीएसपी सुरेंद्र कुमार मौआर ने बताया- घोसी थाना के महमदपुर गांव के मणिभूषण कुमार जिनका पड़ोसी के साथ विवाद था जिसे लेकर घोसी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसी केस में कोर्ट द्वारा केस डायरी और मोबाइल डिटेल्स की मांग की गई थी। जिसे भेजने के लिए एएसआई द्वारा दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की गयी थी। जिसकी शिकायत पटना के निगरानी विभाग में की गई। जिसके बाद मामले की खुफिया तरीके से जांच की गई तो शिकायत सच पाई गई।
फिर निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए बुधवार की सुबह आरोपी एएसआई उपेंद्र प्रसाद मेहता को घुस की रकम लेते रंगे हाथ धर दबोचा।फिलहाल निगरानी की टीम उसे अपने साथ पटना ले गयी।
मधेपुरा । एनएच 106 पर बीती रात दर्दनाक सड़क हादसा हुआ बाइक और कार की टक्कर के बाद बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक पर सवार तीन लोग जल गए। रास्ते से गुजर रहे पूर्व सांसद पप्पू यादव ने सड़क पर गाड़ी को जलते हुए देखा तो अपनी गाड़ी रोक कर लोगों की सहायता में उतरे। उस वक्त तक कुछ युवकों की सांसे चल रही थी ।
आनन-फानन में उन सभी को अस्पताल भेजा गया। लेकिन तीनों की मौत हो गई। सांसद हैं बगल के लोगों को जगाया और मोटर की पाइप निकाल कर आग को बुझाया । यह घटना मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र का है।