स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने पूर्णिया के एसपी दया शंकर के कम से कम आठ ठिकानों पर रेड किया है। इस छापेमारी में उनके पास से उनकी आय से 71 लाख 42 हजार अधिक रुपए के सबूत मिले हैं।
एसवीयू ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद कार्रवाई की है।
दया शंकर, साल 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं। बिहार के कई जिले में एसपी रहे हैं। उनका पदस्थापन विवादित रहा है और उनके खिलाफ लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती रही है। एसवीयू को लगातार मिली शिकायतों के बाद एडीजी नैय्यर हसनैन खां ने एक जांच टीम गठित किया था। जांच में यह पुष्टि हुई कि आईपीएस दया शंकर ने कई चल -अचल संपत्तियां बनाई हैं, जो उनके आय स्रोत से अधिक है।
प्रथम दृष्टया मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा पाया गया है। प्राथमिक जांच में 71 लाख 42 हजार के सबूत एसवीयू के हाथ लगे हैं।
कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद एसवीयू की टीम ने मंगलवार की सुबह पूर्णिया एसपी दया शंकर के पटना स्थित घर और अन्य ठिकानों पर रेड किया। बताया जाता है कि जांच के क्रम में उनसे जुड़े दूसरे लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।
बिहार में किसी आईपीएस पर लंबे समय के बाद इस तरह की कार्रवाई हुई है।
बताया जा रहा है कि एसपी के साथ ही उनके रीडर सावन और सदर थाने के एसएचओ संजय सिंह के आवास पर भी छापेमारी चल रही थी।
रंजीत पंडित की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ सुनवाई कर रही हैं।
पहले की सुनवाई में कोर्ट ने अकाउंटेंट जनरल और राज्य सरकार को इस सम्बन्ध में जवाब देने का निर्देश दिया था।इस जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार के कई विभागों द्वारा उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं जमा किया गया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि ये राशि लगभग एक लाख बारह हज़ार करोड़ का हैं,जिसका उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दायर किया गया है।ये आंकड़े 31अगस्त,2022 तक का हैं।
ये राशि 2002 – 03 से ले कर 2020 – 21तक सामंजित किया जाना लंबित हैं।कोर्ट ने अकाउंटेंट जनरल के पक्ष प्रस्तुत कर रहे अधिवक्ता से जानना चाहा कि इस सन्दर्भ में अकाउंटेंट जनरल की क्या शक्तियां हैं।
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कोर्ट ने जानना चाहा था कि उन्होंने अपने शक्तियों का प्रयोग क्यों नहीं किया।साथ ही राज्य सरकार के मुख्य सचिव को भी व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दायर कर बताने को कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा2003 -04 से 2020- 21 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं जमा करने पर क्या कार्रवाई की।
पटना-गया रेल लाइन पर कई सारे अवैध रेलवे क्रॉसिंग। जिस पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। रेलवे ने अवैध क्रॉसिंग को बंद करने का फैसला लिया है। जिसके बाद पटना–गया खंड पर 47 अनऑथराइज्ड क्रॉसिंग को बंद किया जा चुका है।
वही मंगलवार को रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ की टीम स्थानीय पुलिस को लेकर सेवन हॉल्ट रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने पहुंची थी। इस बात की जानकारी मिलते ही सेवनन पंचायत और आसपास के 11 गांव के लोग रेलवे हॉल्ट के पास पहुंच गए। और रेल प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने लगे।
स्थानीय मुखिया और लोगों की मांग पर फिलहाल रेल प्रशासन की टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई। स्थानीय लोगों की मानें तो जब से रेल ट्रैक बिछा है तब से अब तक इसी रास्ते से लोगों का आना जाना होता है। ऐसे में रास्ता बंद कर दिए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जल्द ही वे लोग सांसद और जनप्रतिनिधियों से मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग करेंगे। हालांकि लोगों के माल को देखते हुए रेल प्रशासन ने कार्रवाई का फैसला टाल दिया है। लेकिन जल्द ही समाधान नहीं निकला तो इसको लेकर आंदोलन तेज होने की आशंका है।
राज्य में पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड स्थित अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के लिए एकमात्र स्कूल की दयनीय अवस्था को पटना हाइकोर्ट ने गम्भीरता से लिया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक और समाज कल्याण विभाग के निदेशक को अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए तलब किया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि बिहार में अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं के लिए पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड एकमात्र स्कूल है।पहले यहाँ पर कक्षा एक से ले कर कक्षा दस तक की पढ़ाई होती थी।
लेकिन जबसे इस स्कूल का प्रबंधन सरकार के हाथों में गया,इस स्कूल की स्थिति बदतर होती गई।कक्षा सात और आठ में छात्राओं का एडमिशन बन्द कर दिया गया।
साथ ही कक्षा नौ और दस में छात्राओं का एडमिशन पचास फीसदी ही रह गया।यहाँ पर सौ बिस्तर वाला हॉस्टल छात्राओं के लिए था,जिसे बंद कर दिया गया।
इस स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी नहीं है।इस कारण छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कोर्ट ने जानना चाहा कि इतनी बड़ी तादाद में छात्राएं स्कूल जाना क्यों बंद कर दे रही है।कोर्ट ने कहा कि जब इस स्कूल के लिए केंद्र सरकार पूरा फंड देती है,तो सारा पैसा स्कूल को क्यों नहीं दिया जाता हैं।
CJI यूयू ललित ने कानून मंत्री किरन रिजिजू को उनके नाम की सिफारिश की है। CJI ललित 8 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। जस्टिस चंद्रचूड़ 9 नवंबर को CJI के रूप में शपथ लेंगे।
CJI ललित ने मंगलवार सुबह SC के जजों की उपस्थिति में पर्सनली जस्टिस चंद्रचूड़ को अपने पत्र की एक कॉपी सौंपी।
पूर्णिया । पूर्णिया के एसपी दयाशंकर के आवास ,पुलिस लाइन, सदर थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह समेत कई ठिकानों पर स्पेशल विजिलेंस और ईओ यु की टीम कर रही है छापामारी।
विशेष निगरानी के एसपी डॉ जे पी मिश्रा के नेतृत्व में चल रही है छापामारी, टीम में 100 से अधिक लोग हैं शामिल ,50 से अधिक केंद्रीय पुलिस बल भी है तैनात ,एसपी के आवास समेत सात ठिकानों पर चल रही है स्पेशल विजिलेंस और इओयू की छापामारी ,सुरक्षा की है पुख्ता व्यवस्था.
आय से अधिक संपत्ति का मामला. स्पेशल विजिलेंस की टीम सुबह से ही कर रही है छापामारी। मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है। जानकारी के अनुसार एसपी दयाशंकर पर आय से 71 लाख रुपये के अधिक संपत्ति का मामला सामने आया था।
उसी को लेकर पटना से डीजी नैयर हसनैन खां के निर्देश पर स्पेशल विजिलेंस और ईओयू की कई टीम पूर्णिया और अन्य जगहों पर छापामारी कर रही है.बाहर हाल देखना है कि छापामारी में क्या मामला सामने आता है।
बेतिया । बेतिया में पारिवारिक कलह में एक महिला ने अपने बच्चों के साथ नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। जिसमें चारो की मौत हो गई। घटना लौरिया थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 2 स्थित नोनियाटोला की है।
स्थानिए गोताखोरों ने महिला और उसकी एक बेटी के शव को पानी से बाहर निकाल लिया है जबकि एक बेटा और एक बेटी के शव की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि नोनियाटोला के कमलेश चौधरी मजदूरी करता है जिसका कल पत्नी आरती के साथ खाना खाने को लेकर विवाद हुआ था । जिसके बाद घर मे सो रहे तीनो बच्चों को लेकर आरती गांव के पास ही सिकरहना नदी की उपधारा यानी नारा पर पहुंची । जिसके बाद महिला ने पहले तीनो बच्चों को पानी मे फेंक दिया और फिर खुद भी नदी की धारा में कूद गई।
इस हादसे में सभी की मौत हो गई जिससे इलाके में सनसनी मच गई है।घटना की सूचनामिलते ही नरकटियागंज एसडीपीओ सहित पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई है।
मुजफ्फरपुर । बिहार सरकार जेल में बंद कैदियों और बंदियों को साक्षर और उनकी समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल शुरू कर दी है सरकार के द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में केंद्रीय कारा ,मुजफ्फरपुर और बेउर जेल,पटना में जन शिक्षा निदेशालय के सहयोग से साक्षरता प्रोग्राम शुरू की गई है।
जिसमें 3 शिक्षकों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है । साथ ही जेल में बंदी दरबार का भी आयोजन कर कैदियों और बंदियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसके निराकरण की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में आज शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने और बंदी दरबार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसका जिलाधिकारी प्रणव कुमार और कारा अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया । जेल में निरक्षर पुरुष महिला कैदियों एवं बंदियों के समस्याओं को सुना गया और हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया गया ।
बंदियों के बीच किताब का भी वितरण किया गया।जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने बताया कि जेल में बंद बंदियों से संवाद स्थापित कर विधिक सहयोग और सहायता के दिशा में अग्रतर कार्रवाई की जा रही है साथ ही निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा पहल की गई है।
गौरतलब है कि वर्तमान में खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर में 3626 कैदी और बंदी बंद है,963 निरक्षर बंदी हैं
सीवान । जहा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुई है। जिसमें 4 लोग घायल हुवे है जिसमें दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद दोनों गंभीर रूप से घायलों को सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
घटना एमएच नगर हसनपुरा थाने के ठीक सामने घटित हुई है। घायलों में हसनपुरा निवासी अमृत जैसवाल,कुणाल शर्मा,प्रमोद कुमार तथा आत्मा प्रसाद शामिल है।घटना के बाद सभी घायलों को एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने दो लोग प्रमोद व अमृत को गंभीर चोट आने के बाद स्थिति गंभीर बताते हुए सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया है।
बताया जाता है कि माता रानी की प्रतिमा विसर्जन के पश्चात प्रसाद का वितरण चल रहा था तभी दो पक्ष आपस मे भीड़ गए जहा जमकर मारपीट हुई। वहीं इस मारपीट के दौरान विसर्जन के दौरान भगदड़ मच गई।
घायल अमृत जयसवाल तथा कृष्णा शर्मा ने पूर्व मुखिया मोतीलाल प्रसाद समेत उनके भतीजा और भाई पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है।
इधर घटना के बाद एमएच नगर हसनपुरा थाने की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पटना हाईकोर्ट ने पटना एवं राज्य के अन्य क्षेत्रों में खुले आम नियमों का उल्लंघन कर मांस- मछली बेचने पर पाबन्दी लगाने के मामलें में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य सरकार व पटना नगर निगम को आधुनिक बूचडखाने के निर्माण और विकास के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
ये जनहित याचिका अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने दायर की थी।उन्होंने अपनी जनहित याचिका में यह कहा था कि पटना समेत राज्य विभिन्न क्षेत्रों में अस्वास्थ्यकर और नियमों के विरुद्ध मांस मछली काटे और बेचे जाते हैं।इससे जहाँ आम आदमी के स्वास्थ्य पर पर बुरा असर पड़ता हैं, वहीं खुले में इस तरह से खुले में जानवरों के काटे जाने से बालकों के कोमल ह्रदय व मन पर गहरा आघात होता है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि खुले में चलने वाले बूचडखानों को नगर निगम द्वारा जल्द से जल्द बंद कराया जाना चाहिए । उन्होंने बताया कि पटना के राजा बाज़ार, पाटलिपुत्रा , राजीव नगर, बोरिंग केनाल रोड , कुर्जी, दीघा , गोला रोड , कंकड़बाग आदि क्षेत्रों में जानवरों को मार कर इनका मांस बेचा जाता है ,जो कि जानता के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।
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उनका कहना था कि शुद्ध और स्वस्थ मांस मछ्ली उपलब्ध कराने के लिए सरकार को आधुनिक सुविधाओं के साथ बूचड़खाने बनाए जाने चाहिए,ताकि मांस मछली बेचने वालोंं को भी सुविधा मिले।साथ ही जनता को भी स्वस्थ और प्रदूषणमुक्त मांस मछली मिल सके।
इस सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को 1नवंबर,2022 तक हलफनामा दायर कर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है।
बिहार सरकार ने राज्य सरकार ने 6564 प्राइमरी और मिडिल सरकारी स्कूलों को सेकंड्री और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में उत्क्रमित कर दिया।लेकिन इन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
अधिकतर स्कूलों के पास नही तो पर्याप्त ज़मीन या क्लास रूम है।इन स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी हैं।छात्रों को पढ़ने के लिए मूलभूत सुविधाओं की काफी कमी है।शुद्ध पेय जल,शौचालय, लेबोरेट्री,लाइब्रेरी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है।
इन स्कूलों को उत्क्रमित कर दिया गया है, लेकिन उन स्कूलों को आवश्यकता के अनुसार न तो मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है और न ही उनका विकास हो पाया हैं।ऐसे में किस प्रकार की शिक्षा दी जा सकती हैं।
कोर्ट ने जानना चाहा कि निजी और सरकारी स्कूलों में भेदभाव क्यों किया जाता है।कोर्ट ने कहा कि अगर निजी स्कूलों के कोई मापदंडों पूरा नहीं करता, तो उन्हें सम्बद्धता नहीं मिलता है।लेकिन सरकारी स्कूलों की ऐसी स्थिति में भी उन्हें सारी सरकारी सुविधाएँ उपलब्ध होती है।ऐसा भेदभाव क्यों होता है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
इस संबंध में कोर्ट द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से आठ सप्ताह और समय देने का आग्रह किया गया, इसपर कोर्ट ने चार सप्ताह का मोहलत दिया है।
इसके पूर्व याचिककर्ता के अधिवक्ता द्वारा खंडपीठ को हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश के बारे में बताया गया। इस नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने भी स्वीकार किया है। अंचलाधिकारी ने 5 मई, 2022 को ही कोर्ट को स्वयं बताया था कि अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा।
सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया।
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सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है।
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके। कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। इस मामले पर आगे भी सुनवाई की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट ने डी एम और एस पी, औरंगाबाद को निर्देश दिया है कि अतिक्रमण नहीं हटाने के मामलें में गड़बड़ी करने वाले ओबरा के सीओ और खुदवा के थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर 48 घंटों में गिरफ्तार किया जाए।जस्टिस मोहित शाह ने इस मामलें पर सुनवाई करते डी एम और एस पी को सख्त चेतावनी दी कि अगर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ,तो औरंगाबाद के डी एम और एस पी को कस्टडी में लिया जा सकता है।
कोर्ट ने इन अधिकारियो को कार्रवाई कर अगली सुनवाई में फिर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया। अभिषेक कुमार ने बताया कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने डी एम, औरंगाबाद द्वारा अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सख्त रुख अपनाते हुए आज कोर्ट में तलब किया था।
आज कोर्ट में औरंगाबाद के एस पी भी सुनवाई के दौरान उपस्थित थे।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने बताया कि खुदवा थानाध्यक्ष एक महिला को सहयोग दे कर जिनके भूमि पर अतिक्रमण था,उनके पूरे परिवार के विरुद्ध एस सी/एस टी एक्ट के तहत औरंगाबाद सिविल कोर्ट में मामला दर्ज करवा दिया है।
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साथ ही जिनकी भूमि है,उन्हें तरह तरह से धमका रहे है।साथ ही सीओ की भूमिका संदिग्ध है।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 13अक्टूबर, 2022 को की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य में अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के मामलें पर सुनवाई की।अनमोल कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को की गई कार्रवाई का ब्यौरा अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि अभी बरसात के समय बहुत सारे ईंट भट्टे पानी में है।कुछ दिनों बाद ही इनकी जांच हो सकती हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि आपने सभी 102 ईट भट्टों को बंद करा दिया,लेकिन आपके होते हुए इतनी बड़ी संख्या में ये ईट भट्टे चल कैसे रहे थे।बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर कोर्ट को बताया गया कि अवैध रूप से चल रहे 102 ईट भट्टे को बंद करा दिया गया।
साथ ही ये भी कोर्ट से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ये भी कहा कि आगे अगर ऐसे अवैध रूप से ईट भट्टे चालू पाये गए,तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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एमिकस क्यूरी अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया कि राज्य में ईट भट्टे चलाने के क्रम में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया।उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो ईट भट्टे ऐसे भी बंद ही रहते है।
उन्होंने कहा कि इन ईट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के कारण वातावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता हैं।
इस मामलें पर फिर अगली सुनवाई 14 नवंबर,2022 को की जाएगी।
पटना हाईकोर्ट में राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई कल तक टली।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया कि वर्तमान और पूर्व एमपी व एमएलए के विरुद्ध 78 आपराधिक मामलों में 12 मामलों पर आरोप पत्र और 4 मामलों पर अंतिम प्रपत्र दायर किया जा चुका है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 280 मामलों में कुल 481 गवाहों का परिक्षण किया जा चुका है |
पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि वर्तमान व पूर्व एमपी और एमएलए के विरुद्ध कुल 598 आपराधिक मुकदमें लंबित है, जिसमें अधिकतर केस में अनुसंधान पूरा हो गया है।
लगभग 78 आपराधिक मुकदमों में अनुसंधान लंबित है। इस मामले पर अगली सुनवाई 12अक्टूबर,2022 को होगी ।
बगहा। टाईगर शूटआउट पर हमला मामलें में केस दर्ज । 125 नामजद के साथ एक हज़ार अज्ञात पर केस दर्ज। 13 सुसंगत धाराओं में पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर।
गोबर्धना के थानाध्यक्ष राकेश रंजन के बयान पर दर्ज हुआ केस । मृत बाघ को लेकर जाने के दौरान टीम पर हुआ था हमला, दो थानाध्यक्ष समेत 8 कर्मी हमला में हुए हैं घायल।
एफआईआर के बाद दोषियों पर कार्रवाई की शुरू हुई कवायद।
मुज़फ़्फ़रपुर। एसटीएफ विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिला के कुख्यात वांछित अपराधी लक्ष्मण राम को गिरफ्तार कर लिया है। लक्ष्मण राम पर कई गंभीर आरोप है। पटना STF की टीम ने लक्ष्मण को मुजफ्फरपुर के बनारस बैंक चौक से गिरफ्तार किया है।
पटना STF टीम लक्ष्मण राम को गिरफ्तार कर अपने साथ पटना ले गई है. लक्ष्मण राम पर मुजफ्फरपुर के अलग अलग थानो में हत्या, लूट, अपहरण, डकैती जैसे कई मामलों में संवेदनशील कांड दर्ज है। लक्ष्मण के खिलाफ देवरिया, साहेबगंज, बरुराज थाना में 6 से अधिक मामले दर्ज हैं. एसटीएफ की विशेष टीम को इसकी काफी दिनों से तलाश थी. अंततः आज गुप्त सूचना के आधार पर इसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो पाई है।
गौरतलब है कि बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एसटीएफ अभियान चलाकर बिहार के मुख्य अपराधी, नक्सली को गिरफ्तार कर रही है. इसी कड़ी में आज गुप्त सूचना के आधार पर कुख्यात अपराधी लक्ष्मण राम को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. मिल रही जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है. उसके अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है।
कुख्यात लक्ष्मण राम की गिरफ़्तारी को STF की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. मुजफ्फरपुर पुलिस को भी कई मामले में लक्ष्मण की तलाश थी, लेकिन वो पुलिस की पहुंच से दूर था, ऐसे में बिहार पुलिस की विशेष STF टीम ने उसे मुजफ्फरपुर शहर के बनारस बैंक चौक से गिरफ्तार कर लिया।
बगहा । बगहा में आतंक का पर्याय आदमखोर बाघ शनिवार को मार दिया गया. वन विभाग की टीम ने बाघ को मार गिराया। दरअसल, वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में शनिवार को भी आदमखोर बाघ ने दो लोगो को अपना शिकार बनाया था।
यहां लगातार तीसरे दिन आदमखोर बाघ ने एक महिला और उसकी 07 वर्षीय बेटे पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं का शव भी बरामद कर लिया है। वहीं दो महिलाओं की मौत के बाद यहां के ग्रामीण आक्रोशित थे।
घटना गोवर्धन थाना के बलुआ गांव की बतायी है। जहां लगातार तीसरे दिन बाघ ने दो लोगों को शिकार बनाया । मरनेवालों में बलुआ गांव में स्व. बहादूर यादव की पत्नी बबीता देवी और उनके सात वर्षीय पुत्र शिवम कुमार पर हमला किया था। दोनों के शव बरामद करने के बाद अब ग्रामीण बाघ को मारने के लिए गन्ने के खेत में तलाश कर रहे थे।
आज वन विभाग की टीम को इसमें सफलता मिली और जंगल के अंदर ही आदमखोर बाघ को मार गिराया गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक अहम घोषणा करते हुए सिताब दियारा और छपरा के बीच की दूरी को कम करने का मन बनाया है।
इसके लिए उन्होंने छपरा के गौतम स्थान और सिताबदियारा के 40 किलोमीटर से कम होकर सिर्फ 15 किलोमीटर रह बीच पीपा पुल निर्माण की स्वीकृति दे दी है।
इस पुल के बन जाने से छपरा और सिताबदियारा के बीच की दूरी 40 किलोमीटर से कम होकर सिर्फ 15 किलोमीटर रह जाएगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार छपरा के सिताबदियारा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के पुण्यतिथि पर माल्यार्पण करने पहुंचे थे जहां बाद में उन्होंने पत्रकारों से भी बात की।
गोपालगंज । गंडक नदी का पतहरा छरकी पर बढ़ा दबाव। नदी की धारा मुड़ने से बिगड़ी स्थिति। पतहरा छरकी के दो बेडवार हुए क्षतिग्रस्त. छरकी को बचाने के लिए बनाया गया था स्टर्ड।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अशोक रंजन पहुंचे। फ्लड फाइटिंग के चेयरमैन प्रकाश दास ने भी किया कैंप।
तटबंध के स्टर्ड को बचाने में जुटी अभियंताओं की टीम। डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने लिया हालात का जायजा।
स्मार्टफोन और सोशल साइट्स प्रेम में पींगे बढ़ाने के लिए मौका उपलब्ध कराते हैं। इन्हीं चीजों का प्रभाव जहानाबाद के हुलासगंज परखंड में दिखा। जहां एक अनोखी घटना लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां छुप-छुपकर मिलने की सजा एक प्रेमी जोड़े को गांव वालों ने दी और वह यह कि दोनों की शादी करा दी।
मामला सुकियावा गांव का है। प्रेमी गया जिले के मानपुर का रहने वाला है, जबकि प्रेमिका सुकियावा गांव की। प्रेमी बहाने बना कर अकसर गांव अपने दूर के रिश्तेदार के यहां आया करता था। फोन और सोशल साइट से मन नहीं भरता तो प्रेमी प्रेमिका के गांव पहुंच जाता था।
प्रेमी और प्रेमिका दोनों के चोरी चोरी मिलने की खबर पूरे गांव को हो गई। शुक्रवार को जब प्रेमी मिलने पंहुचा तो गांव वालों ने प्रेमी को प्रेमिका के साथ ही पकड़ लिया। गांव घर के लोग जुट गए और फिर ग्रामीणों ने यह फैसला लिया कि दोनों की शादी करा दी जाए।
फिर क्या था चट मंगनी और पट ब्याह की तर्ज पर गांव के ही मंदिर में शादी की रस्में पूरी कर ली गई। गांव भर के लोग इस अनोखी शादी का गवाह बने।
बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बाघ के संरक्षण के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां एक बाघ आदमखोर हो गया है। इस बाघ ने बीते 9 महीने में 8 लोगों पर हमले किए। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई।
5 और 6 अक्टूबर यानी दो दिन में ही दो लोगों को मार डाला है। इन घटनाओं से लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है। उन्होंने शुक्रवार को वन विभाग के ऑफिस और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।यह बाघ 5 अक्टूबर की देर रात घर में सो रही 12 साल की बच्ची को जबड़े में दबाकर ले जा रहा था। लोगों के शोर मचाने पर उसने शव छोड़ दिया। शुक्रवार सुबह बाघ ने डूमरी गांव के संजय महतो (35) पर खेत में हमला कर दिया। संजय की मौके पर ही मौत हा गई।
गुस्साए लोगों ने वन विभाग के कार्यालय और चेक नाका पर तोड़फोड़ कर दी। वन विभाग की गाड़ियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन घटनाओं का वीडियो बनाने वाले युवकों के साथ मारपीट की जा रही है। लोगों के गुस्से को देख सभी वन कर्मी और वन विभाग के अधिकारी मौके से भाग निकले हैं।
ये अधिकारी अलग-अलग गांव में छिपे हुए हैं। उस जगह से निकलने के लिए बाहर रास्ता भी नहीं है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां अपने उफान पर है। ऐसे में पहाड़ी नदियों को पार करना आसान नहीं है।
बाघ को ढूंढने के लिए वन विभाग के कर्मी हाथी पर सवार होकर निकले हैं। अब देखना है कब तक इस आदमखोर बाघ को पकड़ा जाता है।
सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और 14 अन्य के खिलाफ रेलवे में उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरोपपत्र दाखिल किया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रसाद की बेटी मीसा भारती और रेलवे के एक पूर्व महाप्रबंधक सौम्या राघवन को भी हाल ही में सीबीआई की एक विशेष अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
चार्जशीट में 7 नौकरी के लिए आवेदन देने वाले 7 आवेदकों को भी शामिल किया गया है। इन सब को जमीन लेकर नौकरी दी गयी थी।