मुजफ्फरपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ परिवारिक विवाद में एक महिला ने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को बचा लिया।
मामला काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र का है जहाँ अघोरिया बाजार के निकट पेट्रोल पंप के पीछे परिवारिक विवाद को लेकर एक महिला ने फंदे से लटक कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। वही लोगो द्वारा घटना की सूचना थाने को दी गई ।
सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम आनन-फानन में मौके पर पहुची और गेट तोड़ कर महिला को फंदे से निचे उतारा। जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गवाए महिला को सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
वही पुलिस मामले में आगे की कार्यवाही में जुट गई है। महिला ने बताया कि आय दिन उसका पति उसे पिटता रहता है आज भी उसके पति ने उसकी पिटाई की जिससे आहत हो कर उसने यह कदम उठाया।
जहानाबाद के घोसी के विधायक कॉ रामबली सिंह यादव द्वारा सोमवार को प्रखंड के औलियाचक स्थित सामुदायिक भवन में जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस मौके पर क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने विधायक को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। विधायक कॉ रामबली सिंह यादव ने बताया के चुनाव के दौरान उन्होंने जनता से वादा किया था के नियमित रूप से प्रखंडो में जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। किन्तु कोरोना संक्रमण काल में सामूहिक कार्यक्रम पर रोक के कारण यह वादा अधूरा रह गया था।
संक्रमण काल की समाप्ति के बाद अब इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। साथ ही उन्होंने यह बताया के इस कार्यक्रम के ज़रिये उन्हें ज़मीनी स्तर के जनसमस्याओं से अवगत होने का मौक़ा मिलेगा । और वैसे अधिकारी कर्मियों की भी जानकारी मिल सकेगी जो अपने कार्यों का सही क्रियान्वन नहीं कर रहे हैं ।
वंही इस जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन अब नियमित रूप से किया जायेगा ताकी जनसमस्याओं का सही ढंग से निराकरण किया जा सके।
जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने नागरिक अधिकार मंच की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बताने को कहा कि ये मशीन कब तक लग कर चालू होगा।
कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि आम जनता को सरकारी अस्पताल में इस तरह की जांच कम पैसे में होती है,जबकि निजी अस्पतालों में काफी पैसा खर्च करना होता हैं, तो अब तक सरकार ने इन्हें क्यों नहीं लगाया।
ये जनहित याचिका 2015 में दायर की गई थी।इन वर्षो में कोर्ट ने राज्य सरकार को सरकारी मेडिकल कालेजों में इन मशीनों को लगाने व चालू करने के कई आदेश दिया।लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।इसका नतीजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा हैं।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के बार बार आदेश करने के बाद भी सीटी स्कैन और एम आर आई मशीन इन अस्पतालों में अब तक नही लगाया गया है।इससे आमलोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड रहा है।
उन्होंने बताया कि जहाँ सरकारी अस्पताल में इन जांचो में काफी कम खर्च होता हैं,वहीं निजी अस्पतालों में आमलोगों को काफी खर्च करना पडता हैं।इससे काफी आर्थिक बोझ उन पर पड़ता हैं।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 18 जुलाई,2022 को की जाएगी।
जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह और डा अंशुमान की खंडपीठ ने वेटरन फोरम द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई को पार्टी बनाने का निर्देश दिया था।
राज्य सरकार की ओर से अपार महाधिवक्ता एस पी यादव ने कोर्ट ने एक सप्ताह समय देने का अनुरोध किया,ताकि इस मामलें की सुनवाई में एडवोकेट जनरल राज्य सरकार का पक्ष सके।
कोर्ट ने जानना चाहा कि इस तरह की अमानवीय घटना के मामलें में राज्य सरकार ने क्या किया।राज्य सरकार को इस मामलें ज्यादा संवेदनशीलता दिखाना चाहिए था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।
इसमें ये आरोप लगाया गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का गलत लाभ उठाने के लिए बिहार के विभिन्न अस्पतालों/डॉक्टरों द्वारा बड़ी तादाद में बगैर महिलाओं की सहमति के ऑपरेशन कर गर्भाशय निकाल लिए गए।
अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि पीड़ित महिलाओं की संख्या लगभग 46 हज़ार होने की सम्भावना है। बीमा राशि लेने के चक्कर में 82 पुरुषों का भी आपरेशन कर दिया गया।
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इस मामला के खुलासा होने के बाद मानवाधिकार आयोग ने 30 अगस्त,2012 को स्वयं संज्ञान लिया था आयोग ने 2015 में राज्य सरकार व अनुसन्धान एजेंसी को विस्तृत जानकारी देने को कहा था।
इसमें कितने आपरेशन किये गए और कितनी महिलाओं के उनकी सहमति के बगैर उनके गर्भाशय निकाले गए और उनकी उम्र कितनी थी।पीड़ितों को दिए गए मुआवजे का भी ब्यौरा माँगा गया था।
लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।मानवाधिकार आयोग और पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं दिया गया है।साथ ही सार्वजनिक।धन के वापसी के लिए भी अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जहानाबाद के एक युवक की पटना जिला स्थित अपने ससुराल में मौत हो गई। दरअसल पंडुई गांव का रहने वाला जयप्रकाश पटना जिले के मनेर स्थित अपने ससुराल गया हुआ था।
आज सुबह उसके ससुराल पक्ष के कई लोग शव को लेकर गांव पहुंचे। ससुराल के लोगों और पत्नी ने बताया कि छत से गिरकर घायल हो गए और पीएमसीएच में पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया।
इधर मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या की गई है। परिजनों ने शव लेकर आए ससुराल पक्ष के लोगों को बंधक बना लिया। जिस की जानकारी पुलिस को दी गई। मामले की जानकारी होते ही एसडीपीओ अशोक पांडे खुद पंडूई गांव पहुंचे। उन्होंने बंधक बने लोगों को छुड़ाया और वापस गांव पहुंचाने की व्यवस्था की।
एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मनेर के थानाध्यक्ष और बेटा के एसडीपीओ से बात हुई है मामले की जांच करने का आश्वासन मिला है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर युवक की हत्या हुई या एक्सीडेंट हुआ था। हाला की घटना को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही है।
जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने गुड्डू बाबा ऊर्फ विकास चन्द्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के चीफ सेक्रेटरी को विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में सिंचाई कार्य के लिए दस हजार से अधिक राजकीय नलकूपों को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया।इनमें से लगभग एक तिहाई नलकूप ही चालू हालत में रहे।बाकी 6636 नलकूप बेकार पड़े रहे।इस कारण राज्य में कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए।
कोर्ट को बताया गया कि पिछली कुछ वर्षो में मरम्मती और नलकूपों को चालू करने के बड़े पैमाने पर धन आवंटित किया गया।लेकिन आज भी 161 नलकूप ही चालू हालत में हैं,जबकि 6500 नलकूप अभी चालू हालत में नहीं हैं।
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राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राजकीय नलकूपों के रख रखाव और मरम्मत का जिम्मा ग्राम पंचायत को देने का प्रस्ताव दिया गया था।अब तक इन्हें राज्य लघु सिंचाई विभाग के द्वारा रखरखाव और देखभाल किया जाता रहा हैं। इस मामलें पर अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद की जाएगी।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा गौरव कुमार सिंह व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नोडल अधिकारी क तलब किया था।साथ ही पटना एयरपोर्ट के पूर्व और वर्तमान निर्देशक को भी पिछली सुनवाई में तलब किया था।
इससे पूर्व में कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार को गया एयरपोर्ट के विकास के सन्दर्भ में बताने को कहा था कि 268 करोड़ रुपए की धनराशि कब तक दिया जाएगा।एडवोकेट जनरल ने इस सम्बन्ध में जवाब देने के लिए एक सप्ताह का मोहलत लिया था।
इससे पहले की सुनवाई में पटना के जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट के निर्देशक कोर्ट में उपस्थित हो कर पटना और राज्य के अन्य एयरपोर्ट की स्थिति के सम्बन्ध में ब्यौरा पेश किया था।
उन्होंने पटना एयरपोर्ट की समस्याओं को बताते हुए कहा कि हवाई जहाज लैंडिंग की काफी समस्या है।सामान्य रूप से रनवे की लम्बाई नौ हज़ार फीट होती हैं, जो कि पूर्णिया व दरभंगा में उपलब्ध है,जबकि पटना में रनवे की लम्बाई 68 सौ फीट हैं।
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कोर्ट को राज्य के गया,पूर्णियां और अन्य एयरपोर्ट के विस्तार,विकास और भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित समस्यायों के बारे में बताया गया।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल से कहा था कि गया एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 268 करोड़ रुपए कोर्ट में जमा करा दे।सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद उसका निबटारा होगा।
राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर,दरभंगा,भागलपुर,फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं।लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव व सुरक्षा की भी समस्या हैं।
इस मामलें पर कोर्ट में अगली सुनवाई 20 जुलाई ,2022 को की जाएगी।
1.पटना हाईकोर्ट में राज्य में कृषि कार्य के लिए लगाए गए नलकूपों में अधिकतर बेकार हो जाने के मामलें पर सुनवाई की जाएगी।विकास चंद्र ऊर्फ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका पर जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ सुनवाई करेगी।
इस जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि कृषि कार्यों के लिए राज्य विभिन्न क्षेत्रों में नलकूप लगाए गए, लेकिन इनमें से अधिकतर बेकार पड़े हुए हैं, जिस कारण राज्य में बड़े पैमाने पर कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं।
2.पटना के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण की समस्या को ले कर दायर जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट सुनवाई करेगी।जस्टिस अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ विकास चन्द्र ऊर्फ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।
इस जनहित याचिका में ये कहा गया कि पटना में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है।लेकिन प्रशासन द्वारा सख्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण ये समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इस कारण यातायात,प्रदूषण व अन्य कई समस्याएं उत्पन्न हो गई है।
3.पटना हाईकोर्ट में राज्य के पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के मामले पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
इस मामलें पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा है कि गया एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए 268 करोड़ रुपये कब तक देगी।
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4.पटना हाईकोर्ट में पटना मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दानापुर के अंचलाधिकारी व दानापुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को तलब किया था।कोर्ट ने इन अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
5.पटना हाईकोर्ट ने बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई करेगी।जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह और डा अंशुमान की खंडपीठ वेटरन फोरम द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस मामलें सीबीआई को पार्टी बनाने का निर्देश दिया था। सम्भवतः इस मामलें की जांच सीबीआई से कराई जा सकती है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।
6.नगर निगमों की वित्तीय स्वायत्तता के मामलें पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। आशीष कुमार सिन्हा की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करेगी। इस मामलें में कोर्ट ने सरकार को स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का मोहलत दिया था।
याचिका में यह कहा गया है कि अन्य राज्यों में नगर निगम को आवंटित धनराशि का उपयोग करने का अधिकार नगर निगम को ही हैं।साथ किस मद में पैसा कैसे खर्च करना हैं,इसका निर्णय भी नगर निगम ही लेता है।लेकिन बिहार में नगर निगमों को ऐसी स्वायतता नहीं है।
मुजफ्फरपुर में बवाल की सूचना पर पहुंची कई थाना की पुलिस मामले को कराया शांत पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील। दरअसल मामला जिले के सदर थाना क्षेत्र के मझौली धरमदास की है जहां से पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी की दो गुटों के बीच झड़प हो रही है।
जिसके बाद तत्काल मौके पर डीएसपी टाउन राम नरेश पासवान प्रशिक्षु डीएसपी सियाराम यादव सदर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार मिश्रा सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच मामले को शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार गोलगप्पा खाने को लेकर कुछ युवकों के बीच झड़प हो गई थी वहीं पुलिस के आने की भनक लगते ही सभी वहां से फरार हो गये.
बिजली की बेहतर व्यवस्था हो इसको लेकर निजी हाथों में इसकी जिम्मेवारी दी गई है। लेकिन इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ताजा मामला बिलावर ओपी क्षेत्र के कुंडीहा गांव का है। जहां घर के बाहर गिरी बिजली की तार चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि किसी काम को लेकर महिला घर के बाहर गई थी तभी बिजली तार की चपेट में आ गए।
आनन-फानन में परिजनों ने सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया मृतक का नाम रेनू देवी है जिसकी उम्र 25 साल है।
जहानाबाद सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने रविवार को वाणावर श्रावणी मेला की तैयारी का जायजा लिया । सांसद ने सड़क, रोशनी, पेयजल, झाड़ियों की कटाई, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीसीटीवी, वालेन्टियर की प्रतिनियुक्ति, शौचालय, बिजली, नियंत्रण कक्ष, पार्किंग, हेल्थ कैम्प, मेला स्थल एवं मंदिर की सफाई, सौन्दर्यीकरण, अग्निशमन सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य की जानकारी हासिल की और ससमय सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सांसद ने बताया कि श्रावणी मेला में श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचते है। विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा को सशक्त बनाना आवश्यक है। मेला में कांवरियों तथा श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए सांसद ने विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं को मेले में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने को कहा।
सांसद ने स्वास्थ्य विभाग को को चिकित्सक, एम्बुलेस एवं स्वास्थ्य कर्मी की रोस्टर वाईज ड्यूटी तथा कोरोना टेस्टिग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सांसद ने नियंत्रण कक्ष एवं माईकिग सिस्टम पर बल देते हुए खोये हुए लोगों अथवा बच्चों की सूचना का प्रसारण, भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित कार्रवाई तथा सीसीटीवी से मेला परिसर, मंदिर एवं सीढ़ी पर स्थिति के पर्यवेक्षण को गहन तरीके से करने को कहा।
रेलिग, संपर्क पथ यथा हथिया मोड़ पातालगंगा, 52 सीढी की मरम्मत आरसीडी एवं आरडब्ल्यूडी से जल्द कराने के निर्देश दिया। मेला परिसर में कचरा फैलाने, खुले में शौच, थूकना,सिगल प्लास्टिक, थर्मोकोल उपयोग पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जुर्माना लगाने की मांग की। सांसद ने श्रावणी मेले के दौरान काम करने वाले हर विभाग से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
स्मार्ट मोबाइल फोन आजकल हर किसी की जरूरत हो गई है। अब बच्चों को भी गार्जियन मोबाइल फोन देने लगे हैं । खासकर ऑनलाइन क्लासेज के लिए स्मार्टफोन जरूरी भी है। लेकिन दिक्कत तब होती है जब इसका दुरुपयोग होने लगता है।
ऐसा ही एक मामला जहानाबाद में आया है। जहां एक लड़का किसी लड़की को अश्लील मैसेज करता था। लड़की पक्ष के लोगों को पता चला तो लड़के के परिजनों से शिकायत की।
उल्टा लड़का पक्ष के लोगों ने, लड़की के माता-पिता बहन और चाचा को पीट पीट कर घायल कर दिया गया। जिन्हें सदर अस्पताल जहानाबाद में भर्ती कराया गया है।
सूचना पुलिस को भी दी गई है । पूरा मामला कड़ौना ओपी क्षेत्र के मनियारी चक गांव का है।
मुजफ्फरपुर । हाजीपुर रेल लाइन में बड़ा ट्रेन हादसा टल गया हैं, ट्रैक में आई दरार के कारण कई ट्रेनें कई घंटे प्रभावित रही. जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे रेल के अधिकारी. पटरी की दुरुस्तीकरण का काम किया जा रहा है. करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक पैसेंजर ट्रेन रुकी रही । इस दौरान यात्रियों में हड़कंप मच गया।
आपको बता दें कि रामदयालू और तुर्की रेलवे स्टेशन के पास में बीच पुल संख्या 44/30 के पास मुजफ्फरपुर से हाजीपुर को जाने वाली रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गई जिसके बाद तकरीबन डेढ़ घंटे तक रुकी रही ट्रेन जिसके बाद ट्रेन को किया गया रवाना।
जहानाबाद जिला से लेकर प्रखंड मुख्यालय के अलावा ग्रामीण इलाके में बकरीद का त्योहार हर्षोल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण मस्जिदों में दो साल से नमाज अदा नहीं की जा रही थी। इस बार ईद के बाद बकरीद में भी लोगों का हुजूम दिख रहा है।
इस पर्व में गांगी-तहजीब के जीवंत दर्शन हो रहे हैं। सभी समुदाय के लोग मिलकर एक दूसरे को पर्व का मुबारकवाद दे रहे हैं। पटना-गया एनएच 83 के समीप अवस्थित ईदगाह के पास नमाजियों की भीड़ लगी। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग समय में नमाज अदा की जा रही है। बकरीद का त्योहार को लेकर सभी घरों में कुर्बानी के अलावा स्वादिष्ट भोजन भी बनाया गया है।
मेहमानों के आने पर मुस्लिम भाई उनके सेवा में जुटे दिखे। पर्व की खुशियों को खास करने के लिए मुसलमानों ने अपने हिन्दू साथियों को भी आमंत्रित किया है। इसके अलावा आपस में भी एक दूसरे के घरों में जाकर लोगों ने बकरीद की मुबारकबाद दी। संवेदनशील जगह पर पुलिस की तैनाती भी की गई है।
बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर चिन्हित संवेदनशील जगह के अलावा नगर परिषद के प्रत्येक चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की नजर आने जाने वाले लोगों पर है।
जहानाबाद में अपराधी लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। सुबह-सुबह मई गुमटी के पास एक हत्या से सनसनी फैल गई थी। और शाम होते-होते अपराधियों ने एक और व्यक्ति को गोली मार दी।
मामला घोसी प्रखंड अंतर्गत बड़हरा गांव का है। जहां गली में पेवर ब्लॉक का काम हो रहा था, गांव के ही कुछ लोग काम को रोकने की कोशिश कर रहे थे। ऐसा नहीं होने पर काम में लगे एक मजदूर चंदेश्वर बिंद को को अपराधियों ने गोली मार दी। जिसे आनन-फानन में सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति में घायल शख्स को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया है। मामले की जानकारी जैसे ही स्थानीय विधायक को लगी, विधायक रामबली यादव, पंचायत के मुखिया समेत तमाम लोग जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंच गए। विधायक में गिरती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। और विधि व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सीवान में आरपीएफ ने ईमानदारी का मिसाल पेस किया। पैसों से भरा पर्स यात्री को लौटाया। चंडीगढ़ से गोरखपुर के लिए यात्रा कर रहा था यात्री इसी दौरान उसका पर्स ट्रैन में छूट गया था। ट्रेन के बोगी में गिरे पर्स को उस यात्री के हवाले कर दिया है।
पर्स के अंदर 10 हजार रुपये, एटीएम कार्ड समेत अन्य जरुरी कागजात थे। जब गुम पर्स मिल तो उस व्यक्ति का खुशी का ठिकाना नहीं था। चंडीगढ़ से गोरखपुर के यात्रा पर निकले यात्री हिमांशु यादव का पैसों से भरा पर्स गाड़ी के B2 कोच में सीट नंबर 28 पर छूट गया है। जिसके बाद यात्री जब गोरखपुर स्टेशन पर उतरे तब उन्हें याद आया कि उनका पर्स गाड़ी के सीट नंबर 28 पर छूट गया है। इसके बाद उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज कराई। तब तक ट्रेन अगले स्टेशन के लिए निकल चुकी थी।
इसके बाद आरपीएफ अधिकारियों ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए उस ट्रेन में छुटे युवक के पर्स को जप्त कर यात्री को सीवान रेलवे स्टेशन आरपीएफ पोस्ट बुलाकर लौटा दिया।
यात्री ने बताया कि वह चंडीगढ़ से गोरखपुर के लिए यात्रा पर निकले थे। वैसे ही गोरखपुर स्टेशन पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका पर्स ट्रेन में ही छूट गया है। युवक ने बताया कि मुझे भरोसा नहीं हो पा रहा था कि उनका पर्स अब दोबारा मिल पाएगा। लेकिन रेलवे के ईमानदार अधिकारियों ने अपनी ईमानदारी को पेश करते हुए एक मिसाल कायम किया है।
जहानाबाद। बकरीद में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जहानाबाद में पुलिस जवानों ने फ्लैग मार्च किया। जिसका नेतृत्व एएसपी और डीएसपी ने किया।
मार्च में शामिल पुलिस पदाधिकारी और जवानों ने बकरीद को शांति के साथ मनाने का आग्रह किया। कोई व्यवधान उपद्रवी और असामाजिक तत्वों द्वारा डाला जाता है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन तैयार है।
पुलिस प्रशासन ने सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ बकरीद मनाने की अपील की है।
वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के हरप्रसाद चौक के पास स्थित केनरा बैंक के एटीएम से दिनदहाड़े नाटकीय ढंग से लगभग 22 लाख रुपए की लूट हुई है।
एटीएम बनाने वाला बन कर आया लुटेरो ने एटीएम में घुसकर शटर गिरा दिया और घटना को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर वैशाली एसपी मनीष एसडीपीओ महुआ पूनम केसरी, जंदाहा पुलिस सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच में जुट गए है।हालांकि अभी रकम के बारे में अधिकारिक पुष्टी नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि एटीएम में लगभग 22 लाख रुपया था जिसे लुटेरे दिनदहाड़े लूट ले गए है।
मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में एक बार फ़िर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला हैं, सकरा के सरमस्तपुर यज्ञशाला के निकट जहा सुबह मंडी में सब्जी ले जा रहें बाइक सवार एक व्यक्ति को तेज रफ़्तार से आ रही टैंकर ने रौंद दिया, जिससे बाईक सवार की घटना स्थल पर हीं मौत हो गई।
मृतक की पहचान वैशाली जिला के बलिगाव थाना क्षेत्र के अलीनगर नैढल निवासी श्री लाल बहादुर सिंह के 45 वर्षीय पुत्र विनोद कुमार के रूप में की गई है. घटना के बाद मौके पर पहुंची सकरा थाने की पुलीस ने तेल टैंकर को जप्त कर लिया है। वही बाईक सवार के मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेज दिया गया हैं।
यूपी से शराब लेकर सीवान आ रहे हैं तीन तस्कर को मैरवा पुलिस ने शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया है। मैरवा थाना क्षेत्र के बिहार यूपी के बॉर्डर धरनी छापर चेक पोस्ट पर तीन बाइक पर शराब लेकर आ रहे तस्कर को गिरफ्तार कर लिया ।
वही तीन बाइक को भी जप्त कर लिया।तीनों तस्कर का नाम कमालुद्दीन अंसारी ,सत्य प्रकाश कुशवाहा और हरे राम है। ये तीनों सीवान जिला के रहने वाले हैं।
अहले सुबह ये यूपी से अपने बाइक पर 1070 बॉटल बोरे मे रखकर शराब सीवान ला रहे थे तभी बॉर्डर चेक पोस्ट पर मुस्तैद जवानों ने शराब सहित तीनों तस्कर को गिरफ्तार कर लिया।
पूर्ण निर्माण निगम ने एक करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से पुल का निर्माण तो कर दिया। लेकिन करोड़ों रुपए लागत का कोई फायदा नहीं हुआ। पुल के दोनों तरफ एप्रोच पथ नहीं है ऐसे में बरसात के दिनों में रास्ता बंद हो जाता है। ये हाल है कभी लाल कॉरिडोर के नाम से जाना जाने वाला भवानीचक सुरूंगापुर गांव का।
ग्रामीण बताते हैं के बरसात के सीजन में सबसे ज्यादा दिक्कत लड़कियों को होती है। पुल के बगल में किसान उच्च विद्यालय भवानी चक है। जहां सैकड़ों की संख्या में लड़कियां और लड़के पढ़ने आते हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार की तरफ से साइकिल तो मिल गए लेकिन आना पैदल ही पड़ता है। वही स्कूल के प्रधानाध्यापक भी सड़क की कमी की बात कहते हैं, लेकिन साथ ही दूसरी कमियों का रोना भी रोते हैं।
सड़क की बात को लेकर हमने आरडब्ल्यूडी से बात की। एसडीओ ने बताया इसकी जानकारी उनको भी है साथ ही भरोसा दिया कि हम कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण हो जाए। जहानाबाद का पश्चिम का ये इलाका कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यह विकास की बयार ही है जिसके वजह से नक्सली अब गायब हो चुके हैं।
लेकिन सवाल है आधे अधूरे विकास से भला किसका भला होगा। जरूरत है की आवश्यक आवश्यकता की पूर्ति हो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने शिंजो आबे जी की गोली मारकर हत्या किये जाने की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि भारत-जापान संबंधों को सुदृढ़ बनाने में शिंजो आबे जी की बड़ी भूमिका रही है। वे काफी मिलनसार थे और अपने काफी लोकप्रिय थे । वे भारत के सच्चे दोस्त थे और भारत से उनका विशेष लगाव था ।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जब मैं जापान गया था तो उस समय शिंजो आबे जी प्रधानमंत्री थे। 19 फरवरी 2018 को शिंजो आबे जी से मुलाकात हुयी थी । उनसे मुलाकात के दौरान देश से संबंधित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुयी थी। उन्हें बिहार की विशेष समझ थी। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से दुख पहुॅचा है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं जापानी नागरिकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
जगन्नाथ बलदेव सुभद्रा की रथ यात्रा जगन्नाथ पूरी समेत कई जगह आषाढ़ शुक्ल द्वितीय के टीवी दिन निकाला जाता है।
इस बार इस्कॉन मंदिर ने पहली बार एक भव्य रथ यात्रा का आयोजन जहानाबाद में किया।
यात्रा गाँधी मैदान से हॉस्पिटल मोड, अरवल मोड होते हुए काको मोड पहुंची। फिर वापसी में इन्हीं रास्तों से होते हुए गाँधी मैदान पहुंची। रथ के साथ साथ प्रसाद और गीता आदि धार्मिक पुस्तकों का वितरण किया गया। रथ यात्रा से पहले और अंत में भंडारा की व्यवस्था की गई।
इस्कॉन गया मंदिर समिति ने बताया कि पहले 9 जुलाई को रथ यात्रा रखा गया था, लेकिन बकरीद के कारण जहानाबाद प्रशासन ने 8 जुलाई को इसकी परमिशन दी थी ।
सुरक्षा बलों के खिलाफ लगाये गए विस्फोटक को एसएसबी ने किया बरामद । मौके से 10 किलो विस्फोटक पदार्थ,एक 12 वाट की बैटरी,50 मीटर तार एवं एक डेटोनेटर जब्त की गई थी।
नक्सलियों ने विस्फोटक को स्टील के कंटेनर में छिपाकर रखा था ।
कमांडेंट श्री गुप्ता ने बताया कि जो नक्सली समाज के धारा में जुड़ना चाहते हैं,वे हमसे संपर्क करें और आत्मसमर्पण कर अपनी जीवन को सुगम बनाएं !
इन दिनों भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर द्वारा पढ़ाने के लिए बच्चे नहीं मिलने पर अपनी पूरी सैलरी यूनिवर्सिटी को लौटाने से जुड़ी खबर को सुर्खियो में है ।वैसे खबर यह है कि नीतीश्वर कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. ललन कुमार ने अपनी तीन साल की पूरी सैलरी 23 लाख 82 हजार 228 रुपए यूनिवर्सिटी को लौटा दी क्यों कि इस दौरान छात्र पढ़ने नहीं आ रहे थे।
हालांकि बिहार में विरोध का यह तरीका नया है इसलिए इस विरोध को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों मत सामने आ रहे है। वैसे इस बहाली प्रक्रिया को मैं 2014 से ही फॉलो कर रहा हूं इसलिए बहुत सारा अपडेट मिलता रहता है।अभी भी बहाली की प्रक्रिया जारी ही है 3300 पद पर बहाली होनी थी और अभी भी 41 विषय में मात्र 29 विषय से जुड़े छात्रों की ही बहाली हो पायी है ।
विरोध का तरीका जो भी हो लेकिन ललन कुमार के इस कदम से बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से नये नजरिए से सोचने की जरूरत जरूर आन पड़ी है । जहां तक मुझे याद है बिहार सरकार द्वारा 2014 में 41 विषय में प्रोफेसर की बहाली को लेकर वैकेंसी निकाली थी।वैकेंसी में योग्यता का निर्धारण इस तरह किया गया था कि बिहार के विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले एक भी छात्र इस वैकेंसी के लिए योग्य नहीं रहा ।
हुआ क्या इस वैकेंसी में 50 प्रतिशत से अधिक वैसे छात्र प्रोफेसर बने हैं जो बिहार के रहने वाले नहीं है जो बने भी हैं उनकी पढ़ाई बिहार के बाहर हुई है।
बहाल तो हो गये लेकिन सरकार और राजभवन नव नियुक्ति प्रोफेसर को कैसे पोस्ट किया जाये कहां पोस्ट किया जाये इसको लेकर कोई गाइडलाइन नहीं बनाया।
चयनित छात्रों को बस वैकेंसी के अनुसार बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालय में भेज दिया गया । हुआ ऐसा कि जैसे ही ये नव चयनित प्रोफेसर पहुंचे कुलपति को लाँटरी लग गयी हर कोई मुख्यालय या उसके आस पास के कॉलेज में रहना चाहता था जो जेब गर्म किया उसको तो बढ़िया कॉलेज और विश्वविद्यालय में स्थान मिल गया लेकिन जो जेब गर्म करने कि स्थिति में नहीं था उन्हें ऐसे कॉलेज में भेज दिया गया जहां सिर्फ कॉलेज का मकान था छात्र और शिक्षक माह में एक बार आते थे ।
इसका असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र जिन्हें दूसरी जगह नौकरी मिली वो छोड़ कर चल गये जो रह गये वो इस व्यवस्था से लड़ रहे हैं ।ललन कुमार भी उसी व्यवस्था का शिकार है यह अलग बात है कि इस समस्या की और ध्यान आकृष्ट करने को लेकर ये ऐसा तरीका अख्तियार किया है कि सबके सब हैरान है और अब ललन कुमार के चरित्र हनन के सिवा कोई रास्ता इनके पास नहीं है ।
वैसे राज भवन को विश्वविलालय के पोस्टिंग प्रक्रिया पर एक बार विचार करनी चाहिए क्यों कि यह हकीकत है कि इस बहाली प्रक्रिया में बहुत ऐसे छात्रों का भी चयन हुआ है जिसकी योग्यता अंतरराष्ट्रीय मानक पर खड़ा उतरता है। ऐसे शिक्षक को राज्य के जो पूर्व के नामी गरामी कॉलेज रहा है ऐसे कांलेजों में इनकी नियुक्ति होनी चाहिए थी इससे एक बार फिर से उस कॉलेज का नाम स्थापित हो जाता और छात्र पढ़ने भी आने लगते ।
मैं व्यक्तिगत रुप से जानता हूं एक छात्र आईसर कोलकता से पीएचडी है उनकी पोस्टिंग मधेपुरा जिले के किसी ग्रामीण कांलेज में कर दिया गया है इसी तरह एक छात्र जिसकी पूरी पढ़ाई देश के सबसे अच्छे विश्वविधायल में हुआ बेहतर रिजल्ट भी रहा लेकिन उसकी पोस्टिंग समस्तीपुर जिले के ताजपुर कांलेज में कर दिया गया है जहां ना शिक्षक है और ना ही छात्र है विरोध किया किसी ने नहीं सूना तो आजकल दिल्ली पटना मित्रों के साथ घूम रहता है ।
ऐसे बहुत सारे प्रोफेसर मिल जायेंगा जिसका उम्र खत्म हो गया और बेहतर कांलेज में पोस्टिंग नहीं हुई है तो वो भी उसी रंग में रंग गया और अब वो भी कांलेज छोड़कर या तो राजनीति शुरु कर दिया है या फिर घूम फिर रहा है एक ऐसा बहाली जिसके सहारे बिहार का गौरव लौटाया जा सकता है उसको किस तरह से बर्वाद किया जा रहा है किसी एक नये बहाल प्रोफेसर से मिल ने समझ में आ जायेगा ।
खबर नवादा से आ रही है जहां खनन विभाग और हिसुआ पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी करते हुए बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उत्खनन करते हुए कुल 32 ट्रैक्टर को जप्त किया है। वहीं मौके से चार ट्रेक्टर ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना के आधार पर खनन विभाग और पुलिस की टीम ने हिसुआ थाना क्षेत्र के ढाढर नदी पर अवैध उत्खनन करते हुए गोनर बिगहा बालू घाट से कुल 32 ट्रैक्टर को जप्त किया है।
वहीं मौके से कई ट्रैक्टर और ड्राइवर फरार होने में सफल रहे। फिलहाल सभी ट्रैक्टर को जप्त कर थाने लाया जा रहा है।
पटना । जदयू प्रवक्ता अरविन्द निषाद का बयान माननीय RCP सिंह को यह कबुल करना चाहिये कि मैं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कृपा से राज्य सभा में नामित हुआ, जदयू राष्ट्रीय महा सचिव संगठन एवं जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष बना।
मनुष्य को अहंकार में नहीं बल्कि ईमानदारी से स्वीकार करना चाहिए के मैं जो भी पद प्राप्त किया वह माननीय नीतीश कुमार जी के कृपा से बने।
हाँ यह जरूर आपने किया कि राज्य सभा से लेकर जदयू के सांगठनिक पद तक माननीय नीतीश कुमार जी के कृपा से बने, हाँ यह भी सच है कि आप केन्द्रीय मंत्री अपनी मर्जी से बने न कि अपने इमानदारी और परिश्रम एवं संघर्ष के बदौलत ।
आपकी सांगठनिक ताकत का दु:खद एहसास तो हर जदयू कार्यकर्त्ता को है कि आपने जदयू को 2015 में जदयू के विधायकों की संख्या 71 थी वहीं 2020 में आपने 43 पर पहुँचा दिया ।
बक्सर । कोरोना टीकाकरण के दौरान स्कूली छात्राये हुई बीमार । 9 छात्रा पहुँची पीएचसी इटाढ़ी अस्प्ताल , 3 छात्राओं की हालत खराब देख किया गया सदर अस्पताल रेफर ।
6 छात्रओं को इलाज के बाद भेजा गया घर , कोरोना टीका ले कर तुरन्त एक कमरे से निकल कर कड़ी धूप में जाने से हुआ बच्चियों का हालत खराब ।
ये जनहित याचिका चंद्र प्रकाश सिंह ने दायर की है। अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस जनहित याचिका में बिहार मेडिकल सर्विसेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन के जनरल मैनेजर के द्वारा जारी किए गए टेंडर रेफेरेंस को रद्द करने के लिए दायर की गई है। ये टेंडर जनरल मैनेजर के हस्ताक्षर से 4 फरवरी,2022 को जारी की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर बीएमएसआईसीएल द्वारा निकाली गई निविदा में GFR,BFR और केंद्रीय सर्तकता आयोग के नियमों की अवहेलना की गई है। साथ ही कंपनी विशेष को लाभ देने के लिए बीड का निर्माण किया गया है।
इससे राजकीय राजकोष को कई करोड़ का घाटा लग सकता है।बीएमएसआईसीएल द्वारा जारी इस निविदा में (QCMS) क्यूसीएमएस के तहत निविदा प्रकाशित की गई है ,जो कि भारत सरकार के वित्त विभाग के नियमावलीऔर बिहार सरकार के वित्त विभाग के नियमावली के विरुद्ध है ।
#PatnaHighCourt
किसी खास कंपनी के लिए बनाए गए इस बीड में पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना की गई है। याचिका में पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज या वर्तमान जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने अथवा किसी केंद्रीय एजेंसी से टेंडर जारी करने के तरीक़े की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
इस जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि टेंडर में पारदर्शिता नहीं बरती गई है और मनमाने ढंग से जारी कर दिया गया है।इस मामलें पर शीघ्र सुनवाई होने की संभावना है।
जहानाबाद के सकुराबाद ओपी क्षेत्र से है। जहां आपसी रंजिश में एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। मुरहारा गांव के निवासी दारा सिंह के रूप में मृतक की पहचान हुई है। दारा सिंह का शव सकुराबाद थाना क्षेत्र के गप्पोचक गांव के बधार में मिला।
मृतक एक हत्या कांड का अभियुक्त भी था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांव के सैकड़ों लोग शव के पास पहुंच गए। वही मामले की जानकारी हो तो मिलते हैं शकूराबाद थाने की पुलिस भी दल बल के साथ पहुंची। मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। कोई भी यह बताना असमर्थ नहीं है कि आखिर हत्या किसने की?
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद भेजा। एसडीपीओ अशोक पांडे खुद घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को यह भरोसा दिया कि गुनाहगारों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जायेगा। यह इलाका गया और जहानाबाद का सीमावर्ती इलाका है। इलाके में पहले भी आपराधिक घटनाएं होती रही है। दारा सिंह जी ऐसे ही एक आपराधिक घटना में आरोपी रहा था।
पटना, 07 जुलाई 2022 : मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग से 102 एंबुलेंस सेवा के तहत 501, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्य बातें
• बिहार पहला राज्य है जिसने प्रखण्ड प्रत्येक प्रखण्ड में एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जो आज फलीभूत हो रहा है।
• इन एम्बुलेंसों के परिचालन से आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन सेवा में गुणात्मक सुधार होगा तथा आम लोगों को इसका काफी लाभ प्राप्त होगा।
• ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों के मरीजों को समय सीमा के अंदर आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन सेवा उपलब्ध होने से काफी सहूलियत होगी।
• इस पहल से मरीजों को उच्चतर इलाज की सुविधावाले अस्पतालों में ले जाने में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस को रवाना करने के पूर्व एंबुलेंस के अंदर की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज आमलोगों को बेहतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 501 नई एम्बुलेंस का लोकार्पण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 1000 एम्बुलेंस का क्रय किया गया है. जिसमें से 501 एंबुलेंस को सभी जिलों के लिए रवाना किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष हमने पुराने सभी सरकारी 652 एम्बुलेंस को बदलकर उनके स्थान पर 1000 नये एम्बुलेंस खरीदने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि इसमें से 534 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस प्रत्येक प्रखण्ड के लिये है। इस एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सुविधा के साथ-साथ वेंटिलेटर, डिफिब्रीलेटर-सह-कॉर्डियक मॉनिटर, सेन्ट्रल वेन कैथेटर्स आदि की सुविधा उपलब्ध होती है। इस प्रकार एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस चलंत गहन चिकित्सा कक्ष की तरह कार्य करता है।
शेष 466 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं जो ऑक्सीजन सुविधायुक्त वैसे एंबुलेंस होते हैं जिनका उपयोग सामान्य रोगियों के परिवहन में किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन एम्बुलेंसों के परिचालन से आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन सेवा में गुणात्मक सुधार होगा तथा आम लोगों को इसका काफी लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह जो काम हुआ है, वह बहुत ही अच्छा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों के मरीजों को समय सीमा के अंदर आपातकालीन स्वास्थ्य परिवहन सेवा उपलब्ध होने से काफी सहूलियत होगी। इस पहल से मरीजों को उच्चतर इलाज की सुविधावाले अस्पतालों में ले जाने काफी सुविधा होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती माताओं, बीमार शिशुओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों की इससे तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
आज 501 एंबुलेंस जिसमें 275 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस एवं 226 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल हैं, को राज्य के सभी 38 जिलों के लिए रवानगी की गयी है। शेष नये एम्बुलेंसों की सभी जिलों को उपलब्ध करा दी जायेगी बिहार वह पहला राज्य होगा, जिसने प्रत्येक प्रखण्ड में एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जो आज कार्यान्वित हो रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, सचिव स्वास्थ्य श्री के० सेंथिल कुमार, कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति श्री संजय कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दानापुर के अंचलाधिकारी व दानापुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को तलब किया था।कोर्ट ने इन अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया था कि उक्त नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने अपने जवाबी हलफनामा में स्वीकार किया है।
अंचलाधिकारी ने अपने हलफनामा में यह भी कहा था कि बगैर किसी आवंटन के ही अतिक्रमणकारी अवैध से रह रहे हैं।राज्य सरकार की ओर से बताया गया है ।अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान दानापुर के अंचलाधिकारी कोर्ट में मौजूद थे।
#PatnaHighCourt
सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया।
सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है।
कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके।
केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने इस्तीफा देने के बाद इस्पात मंत्रालय का कार्यभार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिराज सिंधिया को सौंपा।
आज दिल्ली स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के सरकारी आवास पर सुबह-सुबह मिलने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री ज्योतिराज सिंधिया मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा ज्योतिराज सिंधिया लंबे समय से मंत्रालय के कार्यभार संभाल रहे हैं इसलिए उनके पास अनुभव है और वह बखूबी इस्पात मंत्रालय की कार्यभार संभालेंगे आपको बता दें कि 1 दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री अजित सिंह ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
लालू यादव को दोबारा से डॉक्टर भौमिक की टीम भी देख रही है। इससे पहले भी लालू यादव को एम्स में डॉ भौमिक और राकेश यादव की टीम ईलाज कर रहे थे।
लालू यादव को फिलहाल एम्स के आईसीयू वार्ड में रखा गया है। डॉक्टर भौमिक की टीम देख रही है सूत्रों के मुताबिक लालू यादव की बॉडी मूमेंट नहीं कर रही है।
सीढ़ियों से गिर गए थे। जिसकी वजह से उनके हाथों में फ्रैक्चर आया और वहां पर क्लिप लगाई गई इसका असर उनके रंग पर पड़ा है और इसके साथ ही दवाइयों की वजह से उनके किडनी पर भी असर पड़ा है।
उनका क्रिएटिनिन की मात्रा बढ़ गई है। इन सभी को डॉक्टर देख रहे हैं। डॉक्टर अपने अंडर ऑब्जर्वेशन में रखे हुए हैं।
आज कुछ टेस्ट किया गया है। उसके बाद उनको प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
फिलहाल लालू यादव की स्थिति चिंताजनक है क्योंकि बॉडी में मूमेंट नहीं हो रही है।
1.पटना हाईकोर्ट में राज्य के पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के मामले पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
इस मामलें पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा है कि गया एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए 268 करोड़ रुपये कब तक देगी।
#PatnaHighCourt
2. नगर निगमों की वित्तीय स्वायत्तता के मामलें पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। आशीष कुमार सिन्हा की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करेगी। इस मामलें में कोर्ट ने सरकार को स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का मोहलत दिया था।
याचिका में यह कहा गया है कि अन्य राज्यों में नगर निगम को आवंटित धनराशि का उपयोग करने का अधिकार नगर निगम को ही हैं।साथ किस मद में पैसा कैसे खर्च करना हैं,इसका निर्णय भी नगर निगम ही लेता है।लेकिन बिहार में नगर निगमों को ऐसी स्वायतता नहीं है।
नगर निगमों को जो भी फंड मुहैया कराया जाता हैं,जो कि एक विशेष कार्य के लिए होता है।उन्हें कोई अधिकार नहीं होता कि वे यह तय कर सके कि आवंटित धनराशि को किस तरह व्यय करें।
बिहार के कद्दावर समाजवादी नेता व पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के निधन के उपरांत लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष स ह जमुई सांसद चिराग पासवान उनके पैतृक गांव पकरी गए।
सांसद चिराग पासवान ने स्वर्गीय नरेंद्र सिंह पैतृक घर में उनकी धर्मपत्नी तीनों पुत्र एवं अन्य परिजनों से मिलकर दुखी घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।
इस मोके पर सांसद चिराग पासवान ने मीडिया से बात करते हुए कहा मैं एवं मेरा बुरा परिवार आज इस दुख की घड़ी में स्वर्गीय नरेंद्र चाचा के पूरे परिवार के साथ खड़े हैं।
पिता के चले जाने का गम क्या होता यह मुझे पता है और इसी गम को बांटने के लिए मैं आज यहां पर आया हूं। राजनीति तो पर मैं बहुत कम नरेंद्र सिंह से जुड़ा रहा पर बचपन से ही जब मेरे घर में मेरे पिता से मिलने नरेंद्र चाचा जी आया करते थे, तब अपने पिताजी के कहे अनुसार नरेंद्र चाचा का पैर छूकर आशीर्वाद लिया करता था।
बिहार के एक प्रोफेसर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था की खोली पोल 45 महीने स्टूडेंट को नहीं पढ़ाया, तो असिस्टेंट प्रोफेसर ने सैलरी का 23 लाख लौटाया ।
यह मामला बाबा साहब भीम राव अम्बेदकर विश्वविधालय मुजफ्फरपुर से जुड़ा है जहां नीतीश्वर काॅलेज में हिंदी के असिस्टेंट प्राेफेसर डाॅ. ललन कुमार ने कक्षा में स्टूडेंट्स की उपस्थिति लगातार शून्य रहने पर अपने 2 साल 9 माह के कार्यकाल की पूरी सैलरी 23 लाख 82 हजार 228 रुपए लाैटा दिया है।
डाॅ. ललन ने मंगलवार काे इस राशि का चेक बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. आरके ठाकुर काे सौंपा ताे सभी हैरान रह गए। कुलसचिव ने पहले चेक लेने से इनकार किया। इसके बदले नाैकरी छाेड़ने को कहा, लेकिन डाॅ. ललन की जिद के आगे उन्हें झुकना ही पड़ा। डाॅ. ललन ने कहा, ‘मैं नीतीश्वर काॅलेज में अपने अध्यापन कार्य के प्रति कृतज्ञ महसूस नहीं कर रहा हूं। इसलिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए ज्ञान और अंतरात्मा की आवाज पर नियुक्ति तारीख से अब तक के पूरे वेतन की राशि विश्वविद्यालय काे समर्पित करता हूं।’
उन्हाेंने विश्वविद्यालय की गिरती शिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा, ‘जबसेे नियुक्त हुआ, काॅलेज में पढ़ाई का माहाैल नहीं देखा। 1100 स्टूडेंट्स का हिंदी में नामांकन ताे है, लेकिन उपस्थिति लगभग शून्य रहने से वे शैक्षणिक दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाए। ऐसे में वेतन लेना अनैतिक है।’ बताया जाता है कि काेरोना काल में ऑनलाइन क्लास के दौरान भी स्टूडेंट्स उपस्थित नहीं रहे। उन्होंने प्राचार्य से विश्वविद्यालय तक काे बताया, लेकिन कहा गया कि शिक्षण सामग्री ऑनलाइन अपलोड कर दें।
डाॅ. ललन की नियुक्ति 24 सितंबर 2019 काे हुई थी। वरीयता में नीचे वाले शिक्षकाें काे पीजी में पोस्टिंग मिली, जबकि इन्हें नीतीश्वर काॅलेज दिया गया। उन्हें यहां पढ़ाई का माहाैल नहीं दिखा ताे विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि उस काॅलेज में स्थानांतरित किया जाए, जहां एकेडमिक कार्य करने का माैका मिले।
विश्वविद्यालय ने इस दाैरान 6 बार ट्रांसफर ऑर्डर निकाले, लेकिन डॉ. ललन को नजरअंदाज किया जाता रहा। कुलसचिव डॉ. आरके ठाकुर के मुताबिक, स्टूडेंट्स किस काॅलेज में कम आते हैं, यह सर्वे करके ताे किसी की पाेस्टिंग नहीं हाेगी। प्राचार्य से स्पष्टीकरण लेंगे कि डाॅ. ललन के आराेप कितने सही हैं।
रोहतास । खबर रोहतास जिला के राजपुर से है। जहां रोहतास के डीएम धर्मेंद्र कुमार आज विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई विद्यालयों में शिक्षक की भूमिका निभाते देखे गए। वही राजपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सेबेया के बरामदे पर बैठकर बच्चों के साथ ‘मिड डे मील’ खाया।
बता दें कि इन दिनों रोहतास जिला में विद्यालयों के गुणवत्ता में सुधार के लिए जिला स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसको लेकर विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारी विद्यालयों में समय दे रहे हैं एवं औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने राजकीय मध्य विद्यालय लाल बिहारी नगर, मंगरवलिया में बच्चों की अंग्रेजी की कक्षा ली तथा छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया।
सेबेया के मध्य विद्यालय में जमीन पर बैठकर छात्रों के साथ जब डीएम धर्मेंद्र कुमार खिचड़ी- चोखा खाते देखें गए तो सभी देखते रह गए। साथ में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार एवं अन्य पदाधिकारियों को भी जमीन पर बैठकर बच्चों के साथ खाना खाना पड़ा। ज़िलाधिकारी के इस रूप को देखकर ग्रामीण काफी प्रसन्न दिखे।
पटना, 06 जुलाई 2022 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज बिहार पुलिस रेडियो कैंपस स्थित नवनिर्मित इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर लोकार्पण किया। लोकार्पण के पश्चात् इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं कार्य प्रणाली की जानकारी ली।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, आपात नंबर 112 का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के मुख्य बिन्दु : > आपात नंबर 112 के वाहनों को पटना जिले के सभी निर्धारित स्थलों और अन्य जिलों के जिला मुख्यालयों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर वाहनों को तैनात करने की समुचित व्यवस्था करें।
गाड़ियों के अलावे 500 मोटरसाईकिलें भी रखी जाएँ, जिससे कार्यक्षमता और दक्षता और बेहतर हो सकेगी।
→ आपात नंबर 112 के कॉल सेंटर में कार्यरत सभी कर्मी महिलाएं हैं, जो दक्षता के साथ सभी कार्यों को सकुशल तरीके से हैंडल कर रही हैं। यह बहुत खुशी की बात है कि आज महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। यह अत्यंत खुशी की बात है कि हर गाड़ी में 3 से 4 पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं, जिससे समस्याओं का समाधान और बेहतर तरीके से हो सकेगा। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे अपराध की घटना, आगजनी, वाहन दुर्घटना की स्थिति या महिला, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित बात हो तो बिहार के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति एकल नंबर 112 पर निःशुल्क कॉल कर सकता है।
★ आपात नंबर 112 का व्यापक प्रचार प्रसार करते रहें।
→ वरीय पदाधिकारी इस व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग करते रहें ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। इसके सफल क्रियान्वयन से लोगों का पुलिस और प्रशासन पर भरोसा और बढ़ेगा।
निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधिकारियों ने इस प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे अपराध की घटना, आगजनी, वाहन दुर्घटना की स्थिति या महिला, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित बात हो तो बिहार के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति एकल नंबर 112 पर निःशुल्क कॉल (फोन / मोबाईल से) कर सकता है। सभी कॉल पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्राप्त होंगे और आवश्यकतानुसार पीड़ित व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने के लिए 15-20 मिनट के अन्दर इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन / गाड़ी घटना स्थल पर भेज दिये जायेंगे।
पटना स्थित उच्चस्तरीय केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 24 घंटे कार्यरत रहेगा। इस कंट्रोल सेन्टर में प्रत्येक पाली (शिफ्ट) में 90 महिला पुलिसकर्मी कॉल रिसीव करने वाले 24 ऑफिसर कॉल के बाद आगे की कार्रवाई करने के लिए तथा 2 अधिकारी कॉल सेन्टर को सुपरवाईज करने के लिए रहेंगे। प्रत्येक पाली 8 घंटे की होगी। प्रत्येक इमरजेंसी वाहन में एक पुलिस पदाधिकारी सहित 3-4 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। इन वाहनों का कार्यक्षेत्र (जोन) निर्धारित किया गया है जिससे कि वे अपने क्षेत्र के अन्तर्गत कोई भी घटना होने पर अधिकतम 20 मिनट में स्थल पर पहुँच सकें। यानि इन वाहनों को वैसे चिन्हित स्थलों पर प्रतिनियुक्त किया गया है जहाँ इसकी उपयोगिता अधिकतम हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी सुविधा मिल सके। प्रत्येक गाड़ी में आधुनिक कैमरे, जी०पी०एस० इत्यादि लगाये गये हैं जिससे घटनास्थल पर पहुंचने के बाद घटनास्थल का फोटोग्राफ एवं वीडियो लेने का प्रावधान किया गया है एवं इसे पटना स्थित कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर में भेजा जाता है। प्रत्येक घटना के निष्पादन के उपरांत पटना स्थित कमांड सेंटर के सुपरवाईजर द्वारा पीड़ित व्यक्ति से फीडबैक भी लिया जायेगा। गंभीर घटनाओं की सूचना वरीय पदाधिकारियों को भी दी जायेगी। इसके अलावा पटना के कंट्रोल सेन्टर से सभी वाहनों लोकेशन (वाहन की स्थिति) की मॉनिटरिंग की जायेगी।
पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रथम चरण में 400 इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ियाँ क्रय की गई है। इन गाड़ियों से पटना जिले सभी निर्धारित स्थलों और अन्य जिलों के जिला मुख्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गाड़ियों को तैनात करने की व्यवस्था की गयी है। इस परियोजना के प्रथम चरण पर 176 करोड़ रूपये की लागत आयी है। अगले चरण में बिहार के सभी क्षेत्रों को कवर किये जाने की योजना है जिस पर कार्य भी शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसकी शुरुआत हो रही है, यह अत्यंत खुशी की बात है। आपातकालीन स्थिति के लिए इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों की सेवाएं आम नागरिकों के लिए शुरु की जा रही हैं, इन वाहनों के लिए 112 नंबर जारी किया गया है। इन वाहनों को पटना जिले के सभी निर्धारित स्थलों और अन्य जिलों के जिला मुख्यालयों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गाड़ियों को तैनात करने की समुचित व्यवस्था करें। दूसरे चरण के लिए जितनी अतिरिक्त गाड़ियों और मानव बल की आवश्यकता है उसकी अविलंब व्यवस्था कराएं। साथ ही गाड़ियों के अलावे 500 मोटरसाईकिलें भी रखी जाएँ, जिससे कार्यक्षमता और दक्षता और बेहतर हो सकेगी। ने मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस मुख्यालय द्वारा एक गाड़ी में दो पुलिस बल का प्रस्ताव किया गया था, उस वक्त हमने कहा था कि हर गाड़ी में तीन से चार पुलिस बल रहें। यह अत्यंत खुशी की बात है कि हर गाड़ी में 3 4 पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं, जिससे समस्याओं का समाधान और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 112 कॉल सेंटर में कार्यरत सभी कर्मी महिलाएं हैं, जो दक्षता साथ सभी कार्यों को सकुशल तरीके से हैंडल कर रही हैं। यह बहुत खुशी की बात है कि आज महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक और नया अध्याय जुड़ गया है।।उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे अपराध की घटना, वाहन दुर्घटना, आगजनी या अन्य कोई आपदा हो तो इस सबमें एकल नंबर 112 पर निःशुल्क कॉल कर इस सेवा का उपयोग किया जा सकता है। 112 नंबर का व्यापक प्रचार प्रसार करते रहें। यह काफी अच्छी व्यवस्था है इसमें आने वाले समय में काफी संख्या में कॉल आएंगे, यह और लोकप्रिय होगा। अतः इस बात का ध्यान रखा जाए कि सभी कॉल्स का सही तरीके से निर्धारित समय में निष्पादन हो और लोगों को ससमय सहायता मिले। इससे लोगों का पुलिस और प्रशासन पर भरोसा और बढ़ेगा। वरीय पदाधिकारी इसकी लगातार मॉनिटरिंग करते रहें ताकि लोगों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। लगातार मॉनिटरिंग से यह व्यवस्था और अच्छी तथा सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसके सफल क्रियान्वयन की शुभकामनायें देता हूं साथ ही इसकी शुरुआत करने के लिए पुलिस अधिकारी एवं कर्मियों को धन्यवाद देता हूं और उम्मीद करता हूं कि आपातकालीन स्थिति में सभी इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन बिहार के लोगों की सहायता के लिए अच्छे ढंग से कार्य करेंगे।
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने एक अणे मार्ग से आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता के लिए इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर पटना जिले के सभी निर्धारित स्थलों एवं अन्य जिलों के जिला मुख्यालयों के लिए रवाना किया।
दिल्ली को आज से पहले मैंने कभी भी इतना निराश उदास और यथास्थितिवादी नहीं देखा है दिल्ली तो दिल वालो का शहर था, हर किसी को अपने अंदाज में जीने का अवसर देता था, हमेशा नयी सोच के साथ हर बदलाव का स्वागत करता था ।
लेकिन इस बार पता नहीं क्यों दिल्ली में एक अजीब तरह का ठहराव दिख रहा था चेहरे पर एक अजीब सी उदासी दिख रही थी लग ही नहीं रहा था कि मैं दिल्ली के मेट्रो में सफर कर रहा हूं,जनपथ का भी हाल कुछ ऐसा ही था, मालवीय नगर और सरोजनी नगर मानो किसी उजाड़ वाले इलाके में आ गया हूं।
वसंत कुंज जैसे पाँस इलाके का हाल शब्दों में बया नहीं कर सकते प्रिया सिनेमा हॉल ,जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय लगता ही नहीं था कि ये वही जगह है जहां एक अलग तरह की खूबसूरती और स्वच्छंदता देखने को मिलती थी सब गायब है । ऐसे ही एक निराश हताश और यथावादी समूह द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुझे भी आमंत्रित किया गया था संतोष दिल्ली हो तो आओ आज साथ बैठते हैं पहुंचे तो वही पत्रकार ,वकील और सिविल सोसाइटी के लोग जिसे वर्षो बरस से झेल रहे हैं ,लेकिन पहली बार में इन सबों से मिलकर घबरा गया वो जज्बा ही नहीं रहा मैं खुद इतना घबरा गया कि सोचा किसी बहाने निकल चले लेकिन इसी बीच एक महिला मित्र की ओर से प्रस्ताव आया कि संतोष भी आज के हालात पर अपनी राय रखे जमीन पर क्या हो रहा है यह बेहतर महसूस करता है ।ऐसे निराश और हताश लोगों के सामने कहां से शुरु करु मुझे समझ में नहीं आ रहा था फिर मैंने अपनी ही कहानी शुरू किया ,मित्रों पारिवारिक बटवारे के बाद मुझे जो घर मिला उस घर में मेरे तमाम भाई बहन रिश्तेदार नातेदार का आना जाना रहा था मेरा खुद का बचपन उसी घर में गुजरा था हर एक जगह से कुछ ना कुछ यादें जुड़ी हुई थी अंधेरे में भी कहां बिजली का स्विच है कहां निकलने का रास्ता है कहां बाथरूम है सब कुछ मन की आंखों से दिख जाता था।कहां दादी बैठकर खाती थी कहां मुझे स्नान कराती थी छठ कहां होता था रसोई कहाँ बनती थी।
लेकिन मकान का हालत इतना जर्जर हो गया था कि उसे बनाये बगैर रहना मुश्किल था तय हुआ घर बनाया जाए ।निर्माण का कार्य शुरु हुआ तो मेरी कोशिश रही कि जो यादें इस मकान से जुड़ी है उसको अधिक से अधिक कैसे बनाये रखा जाए इस वजह से खर्च भी ज्यादा हुआ लेकिन पुराने ढांचा को बचाने में कामयाब हो गया ।
संयोग से एक घर का बिजली का बोर्ड का जगह बदल गया पांच वर्ष से अधिक समय हो गया मकान बने लेकिन जब कभी रहते हैं और पंखा या लाइट जलानी रहती है सबसे पहले बिजली का बोर्ड जिस पूरानी जगह लगी हुई थी वहीं पहले पहुंच जाते हैं अभी भी नहीं भूल पाए हैं । अब आप कहेंगे देश के हलाता का मेरे घर से क्या वास्ता मित्रों वास्ता है आज हमारे सामने जितने भी लोग बैठे हैं जहां तक मुझे याद है सारे के सारे घोर कांग्रेस विरोधी रहे हैं बात बात पर क्रांति करने निकलते जाते थे जिसके बाप और नाना के नाम पर बने विश्वविद्यालय में मुफ्त में पढ़ते थे उसी का खा कर दिन भर उसी को गाली देते थे और ये वंदना ,सरोज अमित कुछ हुआ नहीं कैंडल मार्च लेकर चल देते थे याद है ना ।
याद करिए यही देश है ना ज्यादा वक्त भी नहीं गुजरा है हम तमाम साथी उस समय कॉलेज मेंं आ गये थे विज्ञान भवन में अस्थायी जेल बना था याद है अमित हम लोग देखने भी गये थे कैसा बना है अस्थायी जेल । कितना आनंद ले रहे थे देश का पीएम नरसिम्हा राव भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा रहा है पानी पी पी कर हम लोग कांग्रेस के भ्रष्टाचारी होने पर कोश रहे थे और आज सत्ताधारी दल के प्रवक्ता की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के तल्ख टिप्पणी के बावजूद नहीं हो पा रही है जूबैर की गिरफ्तारी पर इतना विचलित क्यों हो भाई ।
मोदी ने आठ वर्षो के अपने शासन काल में क्या किया है जनता की लड़ाई लड़ने वाली एक एक संस्था को प्रभावहीन कर दिया है चाहे वो आरटीआई हो ,मानवाधिकार आयोग हो ,लोकायुक्त हो या फिर मीडिया हो और अब सुप्रीम कोर्ट भी कुछ उसी दिशा की और बढ़ चला है।
इन संस्थानों के पास कौन जाता है सत्ता और सरकार के गलत निर्णय या जुल्म के खिलाफ जनता ही जाती है ना अगर ये तमाम संस्थान न्याय करना बंद कर दे तो किसका नुकसान होगा ।
इसलिए आप लोग परेशान ना हो आज देश कांग्रेस के हाथों में नहीं है ,एक ऐसे व्यक्ति के हाथ में है जिसे रातो रात मुख्यमंत्री बन दिया गया और फिर देश का पीएम बन गया उन्हें संवैधानिक संस्थाओं का महत्व का क्या पता है लोकतंत्र में लोक लज्जा भी होता है इसे कहां पता है।
भाई ये देश को ही नहीं मिटा रहा है जिस पार्टी और संगठन ने इसे सीएम और पीएम बनने में सहयोग किया उसको भी मिटा रहा है ।
कभी आप लोगों ने सोचा कि बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय को क्यों नये भवन में शिफ्ट किया गया ,इस पर जब आप गौर करेंगे तो आप समझ जायेंगे कि मोदी और शाह का नजरिया क्या है हर वैसे इतिहास को बदल डालों जहां मोदी और शाह से अलग कोई इतिहास रहा है दिल्ली क्या देश के हर जिला मुख्यालय में बीजेपी और संघ का नया दफ्तर बन गया है जहां अब कोई ये बात नहीं करता है कि ये वही जगह है जहां वाजपेयी जी रात में रुके थे ये वही जगह है जहां आडवाणी रथ यात्रा के दौरान कुछ देर के लिए आये थे ये वहीं कमरा है जहां संघ के सरसंघचालक रज्जू भैया और मोहन भागवत बिहार में जब प्रचारक थे तो रहते थे । मतलब उन तमाम इतिहास को मिटा दो जो मोदी और शाह के सिवा दूसरा कुछ भी चर्चा करने और सोचने का स्पेस देता हो। देश के साथ भी यही कर रहा है, संसद भवन बदल दिया ।मैं अभी इंडिया गेट होकर ही आ रहा हूं सैकड़ों लोग बाहर खड़े होकर देख रहे थे इंडिया गेट के पास जाना मना है ।
याद है शाम से लेकर आंधी रात तक पूरी दिल्ली इंडिया गेट पर अपने परिवार के साथ मौज मस्ती करता था देखिए उस इतिहास को भी ये खत्म कर दिया। अब मैं जहां से बात की शुरुआत की थी उस पर आते हैं जिसका बचपन चाय की दुकान पर गुजरा हो( ये खुद कहते हैं) जिसने कभी स्कूल कॉलेज नहीं देखा है शादी किया पत्नी को छोड़ दिया मतलब जिसे परिवार चलाने के जिम्मेवारी का भी एहसास नहीं है उससे आप क्या उम्मीद करते हैं देश के निर्माण की प्रक्रिया में कोई योगदान रहता तब तो ।
इन्हें कौन समझाये कि मीडिया ,न्यायपालिका, मानवाधिकार आयोग ,आरटीआई और सिविल सोसाइटी जैसी संस्था लोकतंत्र के प्रति जनता की आस्था को बचा कर रखती है।कालीदास कोई कहानी थोड़े ही है उस दौर के समाज का चित्रण है। ऐसी स्थिति में निराश होने कि जरूरत नहीं है आपके सामने ऐसा व्यक्ति खड़ा है जिसे संवैधानिक मूल्यों से देश के कानून से कोई वास्ता नहीं है ,आपके सामने ऐसा व्यक्ति खड़ा है जिसको देश के संस्कृति और इतिहास से कोई वास्ता नहीं है ऐसे लोगों से आप कैसे लड़ सकते हैं इस पर सोचिए ।
आज गांधी भी होते तो सफल नहीं होते यह मुझे लगता है ऐसे में भारत पाकिस्तान और इराक ना बने इस पर सोचने कि जरूरत है क्यों कि देश को जिस दिशा में ले जाया जा रहा है कोई रोक नहीं सकता है इराक और पाकिस्तान बनने में। धन्यवाद बहुत हुआ उम्मीद है आप तनाव मुक्त हुए होंगे और उम्मीद है निराशा के उस दौर से बाहर निकलने में मेरी ये बातें आपको मदद करेंगी ।
1. पटना हाईकोर्ट में पटना स्थित राजीवनगर क्षेत्र में अवैध मकानों को तोड़े और अतिक्रमण हटाने के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर सुनवाई होगी।जस्टिस संदीप कुमार इस मामलें में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अगले आदेश तक अतिक्रमण हटाने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार और बिहार राज्य आवास बोर्ड से जवाब माँगा था।
2. नगर निगमों की वित्तीय स्वायत्तता के मामलें पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी। आशीष कुमार सिन्हा की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करेगी। इस मामलें में कोर्ट ने सरकार को स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का मोहलत दिया था।
याचिका में यह कहा गया है कि अन्य राज्यों में नगर निगम को आवंटित धनराशि का उपयोग करने का अधिकार नगर निगम को ही हैं।साथ किस मद में पैसा कैसे खर्च करना हैं,इसका निर्णय भी नगर निगम ही लेता है।लेकिन बिहार में नगर निगमों को ऐसी स्वायतता नहीं है।
नगर निगमों को जो भी फंड मुहैया कराया जाता हैं,जो कि एक विशेष कार्य के लिए होता है।उन्हें कोई अधिकार नहीं होता कि वे यह तय कर सके कि आवंटित धनराशि को किस तरह व्यय करें।
#PatnaHighCourt
3. पटना हाईकोर्ट में राज्य के पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के मामले पर सुनवाई की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
इस मामलें पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को बताने को कहा है कि गया एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए 268 करोड़ रुपये कब तक देगी।
साथ ही यह भी देखना चाहिए कि वैसे अधिवक्ताओं की नियुक्ति करनी चाहिए जो मुकदमों के निपटारे में कोर्ट को सहयोग करने के लिए तैयार रहे। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने मोहम्मद रिज़वान की याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट का कहना था कि सरकार द्वारा नियुक्त अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रहे हैं और वे अपने जूनियर को भेज देते हैं, जो कि समय लेते हैं और स्थगन मांगते हैं। न तो वे मुकदमें के साथ तैयार होते हैं और न हीं वे कोर्ट को कोई सहयोग करते हैं।
जिसके परिणामस्वरूप कोर्ट में बहुत सारे मुकदमें लंबित हैं और मुकदमों को स्थगित किया जा रहा है। इसके बावजूद की, कोर्ट अधिवक्ता को बहस करने के लिए जोर देते हैं और वे मुकदमों को स्थगित करवाना चाहते हैं।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने इस आदेश की प्रति को राज्य के चीफ सेक्रेटरी और महाधिवक्ता को भेजने को कहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता और चीफ सेक्रेटरी को सुनवाई की अगली तिथि को मामलों के निष्पादन के लिए उचित सहयोग के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गए कदम के बारे में सूचित करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने उक्त मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने को कहा है।
जस्टिस अश्विनि कुमार सिंह की खंडपीठ ने राज्य के नगर विकास और आवास विभाग को नगर आयुक्त द्वारा नगर विकास भवन निर्माण हेतु अनुमति के लिए दिये पत्र निरस्त कर दिया।
अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि पटना नगर निगम के एम पॉवर्ड स्टैंडिंग कमिटी के बिना सहमति के नगर आयुक्त ने नगर विकास भवन के निर्माण स्थानीय ए एन कालेज के पीछे 1.5 एकड़ भूमि पर करने के लिए पत्र जारी किया गया।साथ ही भवन निर्माण विभाग ने निर्माण के टेंडर जारी कर दिया था, जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बगैर एमपॉवर्ड स्टैंडिंग कमिटी की अनुमति के नगर आयुक्त किसी संपत्ति को स्थानांतरित करने का पत्र नहीं जारी कर सकते है।वे निगम के कार्यपालक प्रधान होते हैं।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने अधिवक्ता मयूरी के इस तर्क को भी मना कि बिहार municipal एक्ट,2007 में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है,जिसके तहत बाद में अनुमति ली जाए।नगर आयुक्त को ऐसी कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जिसके तहत वे अधिकार का इस प्रकार उपयोग कर सके।इसलिए ये नगर आयुक्त का पत्र और भवन निर्माण के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया गया।