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बिहार: हाजीपुर में तिगुना उत्पादन वाली फैक्ट्री, 600 को नौकरी; आइसक्रीम, पानी और बॉक्स बनाने की शुरुआत

बिहार के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष “3‑इन‑1” फैक्ट्री की स्थापना का निर्णय, राज्य के खाद्य‑पीने के उत्पादक क्षेत्रों में नई गति का संकेत देता है। इस परियोजना में एक ही परिसर में क्रिस्पी कोन आइसक्रीम, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और कोरुगेटेड पैकेजिंग बॉक्स का उत्पादन होगा, जिससे लगभग छह सौ लोगों

को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उद्योग विभाग ने इस उद्यम के लिए एक एकड़ जमीन आवंटित कर दी है और प्रारंभिक निवेश के लिए आवश्यक अनुदान की व्यवस्था की है। इस पहल को राज्य सरकार ने अपने औद्योगिक विकास के लक्ष्य में प्रमुख मानते हुए, बिहार को राष्ट्रीय FMCG हब बनाते हुए प्रस्तुत

किया है।

हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र का चयन एक रणनीतिक कदम है, क्योंकि यह क्षेत्र उत्तर और मध्य बिहार के प्रमुख लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के निकट स्थित है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार ने कृषि‑आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत सुधार लागू किए हैं, जिसमें भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाना

और निवेशकों को कर राहत प्रदान करना शामिल है। इस नीति‑परिवर्तन के तहत, राज्य में कई नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना की गई है, जो स्थानीय कच्चे माल के उपयोग को बढ़ावा देती हैं और आयात‑निर्भरता को कम करती हैं। हाजीपुर की भू‑भौगोलिक स्थिति इसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक आसान पहुँच

प्रदान करती है।

परियोजना की योजना के अनुसार, फैक्ट्री में तीन अलग‑अलग उत्पादन लाइनें स्थापित की जाएँगी। पहली लाइन में क्रिस्पी कोन आइसक्रीम के लिए विशेष फ्रीज़र और कोटिंग मशीनें लगाई जाएँगी, जो मौसमी मांग को ध्यान में रखकर विविध स्वादों का उत्पादन करेगी। दूसरी लाइन में उच्च मानक के शुद्ध पीने योग्य

जल के उत्पादन के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस और अल्ट्रा‑फिल्टरेशन प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे पानी की शुद्धता अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी। तीसरी लाइन में कोरुगेटेड पैकेजिंग बॉक्स के निर्माण के लिए ऑटोमैटेड कट‑एंड‑फोल्ड मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जो FMCG कंपनियों की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करेगा।

निर्माण कार्य जुलाई के मध्य

में प्रारम्भ हुआ और प्रारम्भिक चरण में लगभग दो सौ श्रमिकों को नियुक्त किया गया है। इस दौरान स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने के लिए कच्चे माल की खरीदारी के लिए निकटवर्ती कस्बों से अनुबंध किया गया है। इस चरण में जल शुद्धिकरण इकाई के लिए विशेष फिल्टर और कोन आइसक्रीम

के लिए आयरन‑फ्री दूध की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। निर्माण कार्य के साथ ही, राज्य के तकनीकी संस्थानों से सहयोग लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे श्रमिकों को आधुनिक उत्पादन तकनीक में दक्ष बनाया जा सके।

पहले महीने के भीतर उत्पादन लाइनों का परीक्षण शुरू हो गया और प्रारम्भिक परीक्षण

परिणाम सकारात्मक रहे। आइसक्रीम की बनावट, स्वाद और कोटिंग की गुणवत्ता पर स्वतंत्र लैब परीक्षण ने इसे राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया। पैकेज्ड पानी का टेस्टींग भी अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन एजेंसियों द्वारा मान्य किया गया, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा में उच्च भरोसा स्थापित हुआ। कोरुगेटेड पैकेजिंग बॉक्स की मजबूती और पर्यावरण‑अनुकूलता पर किए गए

मूल्यांकन ने इसे पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के रूप में सराहा। इन परिणामों ने निवेशकों को आगे की पूंजी निवेश के लिए प्रेरित किया।

परियोजना के प्रमुख निवेशक, एक राष्ट्रीय स्तर की FMCG कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि यह फैक्ट्री स्थानीय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी और साथ

ही निर्यात के लिए भी मंच तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि उत्पादन क्षमता के अनुसार प्रारम्भिक साल में 150,000 यूनिट आइसक्रीम, 5 लाख लीटर पैकेज्ड पानी और 200,000 कोरुगेटेड बॉक्स का उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वी भारत के उपभोक्ता वर्ग को सस्ते और

भरोसेमंद उत्पाद मिलने की संभावना है।

राज्य सरकार के उद्योग विभाग के प्रमुख ने कहा कि इस तरह की बहु‑उत्पादन इकाइयाँ राज्य के औद्योगिक नीतियों के अनुरूप हैं और इससे रोजगार के साथ‑साथ स्थानीय कच्चे माल की मांग भी बढ़ेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि इस परियोजना से उत्पन्न होने वाले कर राजस्व को

ग्रामीण विकास योजनाओं में पुनः निवेश किया जाएगा। केंद्र सरकार के उद्योग मंत्रालय के प्रतिनिधि ने भी इस पहल को “देश की खाद्य सुरक्षा और निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करने वाले मॉडल” के रूप में सराहा।

स्थानीय व्यापार संघों ने इस परियोजना को बिहार की आर्थिक प्रगति में एक मील का पत्थर बताया।

उन्होंने कहा कि नई फैक्ट्री के कारण सप्लाई चेन में सुधार आएगा और छोटे‑मोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रमिक संघों ने रोजगार के अवसरों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, परन्तु कार्यस्थल सुरक्षा और उचित वेतन के मुद्दों पर सतर्क रहने की बात दोहराई। सामाजिक संगठनों ने भी

Updated: September 6, 2026


हाजीपुर में आइसक्रीम, पेयजल और पैकेजिंग बॉक्स वाली बहुउद्देशीय यूनिट की स्थापना से 600 लोग खरीद जायेंगे।
राज्य को एफएमसीजी हब बनाने और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में यह पहल सहायक सिद्ध होगी।

Insight: The initiative creates 600 direct jobs and establishes a multi-product manufacturing hub in Hajipur. It aims to boost local supply chains and increase FMCG export capacity.

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