पिछले कुछ वर्षों में जनधन खाते ने कई सरकारी योजनाओं का द्वार खोला है, जैसे कि आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, और उज्ज्वला योजना। हालांकि, खाते में जमा राशि सीमित रहने के कारण कई लाभार्थियों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता रहा। इस समस्या को देखते हुए, वित्तीय inclusion को और गहरा करने के लिए सरकार ने ओवरड्राफ्ट और बीमा को जोड़ने की योजना तैयार की।
नवीनतम घोषणा के अनुसार, ओवरड्राफ्ट सुविधा केवल उन खाताधारकों के लिए होगी जिनका खाता सक्रिय है और पिछले दो वर्षों में न्यूनतम ₹500 की जमा राशि है। यह सुविधा बैंक के स्वीकृत सीमा तक उपलब्ध होगी, जिससे खाता धारक अचानक आए खर्चों को आसानी से संभाल सकेंगे। ओवरड्राफ्ट की ब्याज दर मौजूदा सरकारी दरों से जुड़ी होगी, और इसे वापसी के लिए लचीले भुगतान विकल्प प्रदान किए जाएंगे।
बीमा कवरेज के तहत, प्रत्येक जनधन खाता धारक को ₹2 लाख का जीवन बीमा प्रदान किया जाएगा, जो 30 वर्ष की आयु से लेकर 60 वर्ष की आयु तक के सभी वर्गों को कवर करेगा। यह बीमा योजना पहले की सीमित बीमा सुविधाओं—जैसे कि ₹5,000 की दुर्घटना बीमा—से काफी अधिक विस्तृत है। बीमा का प्रीमियम पूरी तरह से सरकारी द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अतिरिक्त सुरक्षा प्राप्त होगी।
जनधन खाते की प्रबंधन प्रणाली को इस नई सुविधा के साथ संगत बनाने के लिए बैंकों को तकनीकी अद्यतन करना होगा। रिज़र्व बैंक ने बताया कि बैंकों को नई ओवरड्राफ्ट और बीमा मॉड्यूल को एकीकृत करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान, बैंकों को ग्राहक डेटा की सत्यता, क्रेडिट योग्यता, और जोखिम मूल्यांकन की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना होगा, जिससे दुरुपयोग को रोका जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई पहल को जनधन 2.0 कहा और इसे आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि जनधन खाते को अधिक उपयोगी बनाकर वित्तीय प्रणाली में भरोसा भी बढ़ाएगा। इस घोषणा के बाद, कई राजनैतिक दलों ने सराहना व्यक्त की, जबकि कुछ विपक्षी समूहों ने योजना के कार्यान्वयन में संभावित चुनौतियों की ओर इशारा किया।
विपक्षी दलों ने विशेष रूप से ओवरड्राफ्ट की ब्याज दर और बीमा कवरेज की शर्तों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ब्याज दरें बाजार दरों से अधिक हों तो यह आम जनता के लिए बोझ बन सकता है, और बीमा कवरेज के दायरे में यदि कोई छूट या अपवाद रहे तो इससे असमानता उत्पन्न हो सकती है। इन मुद्दों को संबोधित करने के लिए संसद में विशेष समिति का गठन करने की मांग भी उठी।
बैंकिंग संघ ने नई सुविधा के समर्थन में कहा कि यह योजना जनधन खाताधारकों को वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी और बैंकिंग प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा देगी। उन्होंने बताया कि ओवरड्राफ्ट के साथ छोटे व्यवसायियों को कार्यशील पूंजी मिल सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
The new overdraft and life‑insurance provisions enhance financial resilience for millions of Jan Dhan account holders, enabling access to credit and risk protection. This expansion supports broader government goals of inclusive financial services and poverty reduction.