Press "Enter" to skip to content

बिहार के आरा में महानंदा एक्सप्रेस की दो कोच की पटरी से उतर गई, कई हल्की घायल

बिहार के आरा जंक्शन के यार्ड के समीप रविवार की सुबह लगभग चार बजे, अलीपुरद्वार‑दिल्ली मार्ग पर चल रही महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच के पहिए अचानक पटरी से उतर गए। घटना के कारण ट्रेन में तेज़ झटका लगा और यात्रियों में अराजकता फैल गई। तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, रैंपेज एंजीनियर्स और स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कोचों के गिरने से कोई बड़ी चोट नहीं हुई, परंतु कई यात्रियों को हल्की चोटें आईं और उन्हें निकटतम अस्पतालों में भर्ती किया गया।

महानंदा एक्सप्रेस, जो अलीपुरद्वार से दिल्ली की ओर जा रही थी, इस दुर्घटना के कारण रुक गई और यार्ड में ही सुरक्षित रूप से डिपो में ले जाई गई। दुर्घटना के बाद रेल ट्रैफ़िक को बाधित करने के लिए सभी आगे की चल रही ट्रेनों को रोक दिया गया। इस मार्ग पर चलने वाली कई अन्य ट्रेनों को भी देरी का सामना करना पड़ा, जिससे दिल्ली‑हावड़ा रूट पर यात्रियों को असुविधा हुई। रेलवे नियंत्रण केंद्र ने तत्काल सूचना प्रसारित कर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग और आवास की व्यवस्था की सूचना दी।

आरा जंक्शन के रूट के प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिये नियमित रख‑रखाव और निरीक्षण आवश्यक है। रेलवे ने कहा कि दुर्घटना के बाद पूरी जांच शुरू कर दी गई है और सभी तकनीकी कर्मियों ने यार्ड की संपूर्ण लाइन का सर्वेक्षण किया। प्रारम्भिक जांच में कोचों के पहिए के बॉल्ट की कमजोरी और पटरियों की असमानता को संभावित कारण माना गया।

रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रेन की गति लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे कोचों पर अचानक झटका आया। यात्रियों ने बताया कि झटके के बाद कई कोचों में हल्की कंपन और आवाज़ें सुनाई दीं, जिसके बाद दो कोचों के पहिए ही पटरी से हट गए। कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्होंने तुरंत ट्रेन के स्टाफ से मदद मांगी, लेकिन ट्रेन के डिब्बों में भीड़ के कारण व्यवस्था बिगड़ गई।

इसी दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने आपातकालीन राहत कार्य शुरू किया। प्रभावित यात्रियों को निकटवर्ती प्लेटफ़ॉर्म पर ले जाया गया और उन्हें पानी, भोजन एवं प्राथमिक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई गई। स्थानीय अस्पतालों को भी सूचित किया गया और चोटिल यात्रियों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया। रेलवे ने कहा कि सभी यात्रियों को आगे की जानकारी समय‑समय पर दी जाएगी।

रिपोर्टिंग के दौरान रेलवे के तकनीकी विभाग ने कहा कि कोचों के बॉल्ट की जाँच पूरी हो रही है और यदि आवश्यक हो तो बदली जाएगी। यार्ड में मौजूद उपकरणों की स्थिति भी जांची जा रही है। इस जांच के परिणामों को सार्वजनिक करने से पहले ही सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाएगा।

इसी घटना पर रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ दुर्लभ होती हैं और रेलवे इस मामले में पूरी तरह से जिम्मेदारी ले रहा है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को इस दुर्घटना की पूरी जानकारी देने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

राज्य सरकार के रेल मंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस जांच में पूर्ण सहयोग देगी और यदि कोचों की निर्माण दोष सिद्ध होती है, तो निर्माता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के मुख्य मंत्री ने भी इस दुर्घटना के बाद तत्काल बैठक बुलाकर सभी संबंधित विभागों को समन्वयित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को दोहराने से रोकने हेतु विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी।

आर्थिक प्रभाव की बात करें तो इस दुर्घटना के कारण रेल ट्रैफ़िक में व्यवधान के कारण माल ढुलाई और यात्रियों के प्रवाह में रुकावट आई। कई व्यवसायी और व्यापारी जिन्होंने अपनी माल सप्लाई रेल द्वारा की थी, उन्होंने संभावित आर्थिक नुकसान का उल्लेख किया। रेलवे ने कहा कि यह व्यवधान सीमित समय में समाप्त हो जाएगा और नियमित सेवाएँ जल्द ही पुनः प्रारम्भ होंगी।

सामाजिक स्तर पर इस हादसे ने यात्रियों में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। कई सामाजिक संगठनों ने यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु रेलवे को कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया। इस घटना के बाद यात्रियों को सूचित किया गया कि सभी ट्रेनों की सुरक्षा जांच को और अधिक सख्त किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि

Updated: September 6, 2026

The derailment exposes a systemic blind spot: speed‑driven scheduling is outpacing the upkeep of aging hardware, turning routine wear into sudden danger. Until Indian Railways aligns maintenance cycles with operational tempo, isolated “rare” incidents will keep eroding passenger trust and inflating indirect economic losses.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *