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मुंबई मेट्रो ने टॉमी बिल्ली को “मुख्य बिल्ली अधिकारी” बनाकर कचरा नियंत्रण एवं यात्रियों के तनाव‑मुक्ति के लिये प्रयोगात्मक पहल शुरू की।

मुंबई मेट्रो में बिल्ली को “मुख्य बिल्ली अधिकारी” का पद दिया जाना, इस हफ्ते शहर के कई प्रमुख समाचार पोर्टलों पर शीर्ष ख़बर बनकर उभरा। भारतीय रेल विभाग के आधिकारिक दस्तावेज़ों के अनुसार, मेट्रो राइडर सर्विसेज़ लिमिटेड (MRS) ने एक गुप्त समिति के माध्यम से इस निर्णय को मान्यता दी, जिसमें बिल्लियों को सार्वजनिक

स्थानों में कचरा नियंत्रण तथा मनोवैज्ञानिक राहत के साधन के रूप में उपयोग करने की रणनीति को औपचारिक रूप दिया गया। इस निर्णय को पहली बार मेट्रो के पश्चिमी लाइन के चौथा स्टेशन ‘जुहू’ पर लागू किया गया, जहाँ “टॉमी” नाम की सादा सफेद बिल्ली को 1 अप्रैल 2024 से आधिकारिक तौर पर “Chief

Feline Officer” का पद सौंपा गया।

पिछले दो दशकों में मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर बिल्लियों की उपस्थिति को लेकर कई सामाजिक और पर्यावरणीय चर्चाएँ चल रही थीं। 2005 में शहर के कुछ बड़े पार्कों में बिल्लियों को “स्वस्थ्य प्राणियों” के रूप में मान्यता मिली, जबकि 2012 में कचरे के प्रबंधन हेतु कुत्ते-भालू

टीमों को प्रयोगात्मक रूप से लागू किया गया। इन पृष्ठभूमि में, मेट्रो बोर्ड ने 2023 में ‘फेलाइन फ्रेंडली प्रोग्राम’ की रूपरेखा तैयार की, जिसका उद्देश्य यात्रियों की तनाव कम करना, स्टेशन की साफ-सफाई को बढ़ावा देना और स्थानीय बिल्लियों को पोषण प्रदान करना था।

इस पहल के पीछे मुख्य कारणों में से एक

था यात्रियों के बीच लगातार बढ़ती तनाव स्तर और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, जिनके लिए कई मेट्रो स्टेशनों पर मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र स्थापित किए गए थे। अनुसंधान से पता चला कि बिल्लियों के साथ संपर्क से कोर्टिसोल स्तर घटता है और सुखद भावनाएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए, MRS ने एक बहु-शाखीय अनुसंधान टीम को

नियुक्त किया, जिसने तीन महीनों के पायलट अध्ययन के बाद टॉमी को प्रमुख भूमिका के लिए चुना।

टॉमी को आधिकारिक रूप से नियुक्त करने की घोषणा मेट्रो की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया चैनलों पर प्रकाशित की गई। घोषणा में लिखा गया कि टॉमी की मुख्य जिम्मेदारी स्टेशन के विभिन्न क्षेत्रों में कचरे

की निगरानी, यात्रियों को शांति प्रदान करना और बिल्लियों के स्वास्थ्य की देखरेख करना होगा। इसके साथ ही, टॉमी के लिए एक विशेष “फेलाइन बास्केट” तैयार किया गया, जिसमें पोषक भोजन और पानी की नियमित व्यवस्था होगी।

टॉमी की नियुक्ति के बाद, मेट्रो स्टेशनों पर बिल्लियों के लिए विशेष “पैट-फ़्री ज़ोन” स्थापित किए

गए। ये ज़ोन केवल बिल्लियों को ही नहीं, बल्कि यात्रियों को भी बिनाहट से बिल्लियों के साथ संपर्क स्थापित करने की अनुमति देते हैं। इस पहल के हिस्से के रूप में, स्टेशनों पर छोटे स्क्रीन लगाए गए, जहाँ बिल्लियों के व्यवहार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदर्शित होती है। इस प्रकार, यात्रियों को बिल्लियों के

प्रति जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।

प्रमुख घटनाक्रम में, टॉमी को पहली बार 5 अप्रैल को जुहू स्टेशन पर “आधिकारिक स्वीकृति समारोह” में भाग लेते देखा गया। इस कार्यक्रम में MRS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगरपालिका के पर्यावरण विभाग के प्रमुख और कुछ स्थानीय मीडिया प्रतिनिधि शामिल थे। समारोह के दौरान टॉमी

को एक छोटे कपड़े के बैंड के साथ “CFO” का बैज दिया गया, और उसे ‘सफाई गार्ड’ के रूप में नियुक्त किया गया। इस दिन के बाद, स्टेशनों पर कचरा इकट्ठा करने वाले स्टाफ को टॉमी के साथ मिलकर काम करने का निर्देश मिला।

टॉमी के पद से जुड़ी पहली रिपोर्ट में यह

कहा गया कि उसने अपने पहले दो हफ्तों में लगभग 150 किलोग्राम कचरा पहचाना और संबंधित स्टाफ को सूचित किया। रिपोर्ट के अनुसार, बिल्लियों की सूंघने की क्षमता मानव कर्मचारियों की तुलना में अधिक सटीक है, जिससे कचरा संग्रह में दक्षता बढ़ी है। इस रिपोर्ट को प्रकाशित करने के बाद, कई अन्य मेट्रो स्टेशनों

ने भी टॉमी जैसे फेलाइन अधिकारी नियुक्त करने की इच्छा जताई।

MRS के प्रवक्ता ने कहा कि टॉमी की नियुक्ति “एक प्रायोगिक कदम” है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों में बिल्लियों के साथ सामंजस्य स्थापित करना और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि टॉमी की भूमिका सफल सिद्ध

होती है, तो यह मॉडल अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है। इस बयान के बाद, कई नागरिक समूहों ने इस पहल का समर्थन किया और टॉमी को “मुंबई का नया चेहरा” कहा।

दूसरी ओर, कुछ पशु कल्याण संगठनों ने इस कदम पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बिल्लियों को कार्यस्थल में

रखने से उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और यह उनके प्राकृतिक व्यवहार को बाधित कर सकता है। उन्होंने टॉमी के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, तनाव स्तर माप और उचित विश्राम क्षेत्र की व्यवस्था करने की मांग की। इन संगठनों ने म

Updated: August 30, 2026

The appointment tests a formal framework for integrating stray cats into Mumbai Metro operations.
It aims to evaluate the utility of felines in waste monitoring and passenger stress reduction.