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बरेली‑डिपो की एसी बस में एसी यूनिट के शॉर्ट सर्किट से ब्लास्ट, आग; सभी 41 यात्रियों को सुरक्षित निकाला, कोई घायल नहीं।

मुरादाबाद के मुंढापांडे थाना क्षेत्र में बुधवार रात लगभग नौ बजे, दिल्ली‑लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली डिपो की एसी बस में अचानक ब्लास्ट की आवाज़ सुनाई दी और तुरंत ही आग लग गई। आनंद विहार, दिल्ली से बरेली की ओर निकलती इस बस में लगभग इकतालीस यात्री सवार थे। दलपतपुर पुल के पास इस विस्फोट और आग के कारण यात्रियों में हताशा और घबराहट के साथ तेज़ चीखें गूँज उठीं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए पुलिस और अग्निशमन दल को बुलाया, जिससे जल्द ही आपातकालीन सेवाएँ घटनास्थल पर पहुँच गईं।

घटनास्थल पर पहुंचते ही पुलिस ने बताया कि बस के एसी यूनिट में कुछ तकनीकी खराबी के कारण अचानक विस्फोट हुआ, जिससे आग का प्रारम्भिक शिखर बना। प्रारम्भिक जांच में यह संकेत मिला कि एसी कंडेनसर या कॉम्प्रेसर में उच्च दबाव के कारण गैस का रिसाव हुआ, जिससे ब्लास्ट उत्पन्न हुआ। फायर ब्रिगेड ने बताया कि आग का मुख्य स्रोत एसी के इन्सुलेशन में हुआ छोटा सा शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे तुरंत ही तेज़ी से आग फैल गई।

पुल के नीचे स्थित इस स्थान पर ट्रैफ़िक की तीव्रता के कारण दुर्घटना के बाद कई वाहन रुक गए, जिससे अस्थायी तौर पर राजमार्ग पर भीड़भाड़ बढ़ गई। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत ही इस खंड को बंद कर दिया और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की, जिससे यातायात के अन्य हिस्सों में भी बाधा उत्पन्न हुई। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना स्थल पर मौजूद सभी यात्रियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और कोई भी घायल नहीं हुआ।

घटना की सूचना मिलने के बाद, उत्तर प्रदेश पुलिस ने तत्काल आपातकालीन टीमों को तैनात किया और घटना स्थल की विस्तृत जाँच शुरू की। पुलिस ने कहा कि इस तरह की तकनीकी खराबियों से बचने के लिए बसों के एसी सिस्टम की नियमित जांच आवश्यक है। फायर ब्रिगेड ने भी कहा कि उन्होंने आग को दो घंटे से कम समय में पूरी तरह नियंत्रित कर लिया और कोई भी गंभीर क्षति नहीं हुई।

राज्य परिवहन विभाग ने तुरंत इस घटना पर आपातकालीन बैठक बुलाई और बताया कि बरेली डिपो की सभी एसी बसों की तकनीकी स्थिति की पुनः जांच की जाएगी। विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एसी यूनिट की वार्षिक जाँच को अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के बाद सभी यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था प्रदान की जाएगी।

बरेली डिपो के प्रमुख ने कहा कि इस दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सभी यात्रियों के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि डिपो ने तुरंत ही सभी एसी बसों के एसी सिस्टम की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है और किसी भी तकनीकी दोष को तुरंत सुधारने का निर्देश दिया है।

हड़ताल या विरोध प्रदर्शन की कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन कई यात्रियों ने बताया कि उन्होंने इस घटना के दौरान बहुत डर महसूस किया और तुरंत ही इमरजेंसी सेवाओं की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में राहत महसूस की। कुछ यात्रियों ने बताया कि बस में मौजूद एसी यूनिट की आवाज़ पहले से ही अनियमित लग रही थी, पर कोई भी उसे गंभीरता से नहीं ले रहा था।

राज्य के प्रमुख मंत्री ने इस दुर्घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी सार्वजनिक परिवहन साधनों की सुरक्षा मानकों को कड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में तुरंत कदम उठाएगी और सभी एसी बसों की नियमित निरीक्षण योजना को और सख्त किया जाएगा।

केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने भी इस घटना पर टिप्पणी की और कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एसी बसों के एसी सिस्टम की जांच के लिए एक विशेष कमेटी बनायी जाएगी, जो तकनीकी मानकों को अद्यतन करने का काम करेगी।

अर्थव्यवस्था विश्लेषकों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ यात्रियों के भरोसे को प्रभावित करती हैं और सार्वजनिक परिवहन की उपयोगिता पर प्रश्न उठाते हैं। यदि इस तरह की दुर्घटनाएँ बार-बार होती रहें तो निजी और सार्वजनिक दोनों ही परिवहन सेवाओं के बाजार में मंदी आ सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि सुरक्षा मानकों को सख्त करने के साथ ही यात्रियों को समय-समय पर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण भी देना आवश्यक है।

सामाजिक प्रभाव की दृष्टि से यह घटना यात्रियों के मनोबल

Updated: November 5, 2026