इस वर्ष विशेष रूप से काव्य, संगीत और धार्मिक व्याख्यानों के साथ एक विस्तृत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव मिल सके। पितृपक्ष के इस धार्मिक उत्सव की पृष्ठभूमि में भारतीय परम्परा के अनुसार पितरों का सम्मान और उनके कर्मों का फल प्राप्त करने की मान्यता निहित है।
पिछले कुछ वर्षों में पितृपक्ष के दौरान गया में श्रद्धालुओं की संख्या में निरन्तर वृद्धि देखी गई है। 2022 में 2.5 लाख और 2025 में 3.1 लाख यात्रियों ने इस तीर्थस्थल का दौरा किया, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा। इस प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने 2026 के पितृपक्ष के लिए अतिरिक्त विशेष ट्रेनों को जोड़ने का निर्णय लिया। इन ट्रेनों में एसी, एसी टियर 2 और सामान्य वर्ग के कोच उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे विभिन्न आर्थिक वर्ग के यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित हो सके।
दिल्ली से गया तक चलने वाली विशेष ट्रेन ‘श्री गंगा एक्सप्रेस’ ने 23 सितंबर से बुकिंग शुरू कर दी है। यह ट्रेन रोज़ाना दो बार चलती है, प्रत्येक यात्रा में 12 घंटे का समय लेती है। टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को कम से कम 30 दिन पहले आरक्षण करना अनिवार्य किया गया है, जिससे सीटों का उचित वितरण हो सके। पटना से भी प्रतिदिन दो ट्रेनों का संचालन होगा, जहाँ पहले कोच में एसी स्लीपर और दूसरे में सामान्य कोच रखे गए हैं। हावड़ा से यात्रा करने वालों को विशेष रूप से बुकिंग में 25 दिन का अग्रिम समय दिया गया है, जिससे ट्रेनों की लोडिंग को संतुलित किया जा सके।
इन सभी ट्रेनों की किराये में विशेष छूट और रियायतें लागू की गई हैं। वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और छात्र वर्ग के लिए 30 प्रतिशत तक की रियायत दी गई है। साथ ही, पितृपक्ष के दौरान एक बार यात्रा करने वाले यात्रियों को ‘तीर्थ‑पैकेज’ के अंतर्गत मुफ्त भोजन वंदना वंदन सेवा प्रदान की जाएगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को आर्थिक बोझ कम करते हुए धार्मिक कर्तव्य पूरा करने में सहायता करना है। रेलवे ने बताया कि इस विशेष योजना से यात्रा की सुरक्षा एवं समयबद्धता में सुधार होगा।
रेल विभाग ने पितृपक्ष के दौरान ट्रेनों में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है। प्रत्येक ट्रेन में सुरक्षा गश्त दल की संख्या बढ़ा कर दो गुना कर दी गई है, और यात्रियों को मास्क व सैनिटाइज़र प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इस दिशा में स्थानीय पुलिस और रेलवे पुलिस ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा मिल सके।
गया के स्थानीय प्रशासन ने भी पितृपक्ष के लिए विशेष व्यवस्था की घोषणा की है। शहर में आवागमन को सुगम बनाने हेतु अतिरिक्त बसें और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य रथ स्टेशन पर भीड़ कम करने के लिए टाइम‑टेबिल को पुनः व्यवस्थित किया गया है। साथ ही, पवित्र स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई दलों को लगातार तैनात किया गया है। ये सभी कदम यात्रियों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
धार्मिक संगठनों ने पितृपक्ष के दौरान शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपने कर्तव्य के निर्वहन में अनुशासन बनाए रखें और सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित व्यवहार से बचें। कई धार्मिक समूहों ने विशेष रूप से युवा वर्ग को सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा स्वच्छता के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इन संगठनों ने यह भी कहा कि पितृपक्ष के समय में सामाजिक सहयोग और परोपकार के कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
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