ब्लॉक के तीन चरणों में क्रमशः सिग्नलिंग प्रणाली, प्लेटफ़ॉर्म पुनर्निर्माण और पावर ग्रिड अपग्रेडेशन पर कार्य किया जाएगा। पहले चरण में पुराने सिग्नलिंग उपकरण को डिजिटल सिग्नलिंग में बदलना शामिल है, जिससे ट्रेन संचालन की सटीकता और सुरक्षा में सुधार होगा। दूसरे चरण में प्लेटफ़ॉर्म की लंबाई बढ़ाकर दो अतिरिक्त प्लेटफ़ॉर्म जोड़ेंगे,
जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालना आसान होगा। तृतीय चरण में स्टेशन के पावर सप्लाई को स्थिर एवं पर्यावरण‑मित्र बनाना प्रमुख होगा, जिसमें सौर ऊर्जा का उपयोग भी शामिल है।
इन प्रमुख घटनाक्रमों के दौरान 12 ट्रेनें, जिनमें प्रमुख एक्सप्रेस और सुपरफ़ास्ट सेवाएँ शामिल हैं, पूरी तरह रद्द की गई हैं। रद्दीकरण की सूची में ‘बेंगलुरु‑दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस’, ‘मुंबई‑चंडीगढ़ एशिया एक्सप्रेस’ और ‘हैदराबाद‑चंडीगढ़ सुपरफ़ास्ट’ जैसी प्रमुख कनेक्शन शामिल हैं। इन ट्रेनें अब 15 अक्टूबर तक सेवा नहीं देंगी, और रेलवे ने यात्रियों को वैकल्पिक रूट एवं बुकिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल और कॉल सेंटर का उपयोग करने की सलाह दी है।
अन्य कई ट्रेनें प्लेटफ़ॉर्म बदलाव, रूट परिवर्तन या समय सारिणी में परिवर्तन के तहत चलेंगी। उदाहरण के तौर पर, ‘दिल्ली‑अंबाला शताब्दी एक्सप्रेस’ अब मोहाली स्टेशन से शुरू होगी, और ‘अंबाला‑बेंगलुरु एशिया एक्सप्रेस’ के रूट में मध्यवर्ती स्टॉपों को हटाकर सीधे चलाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकार की परिवर्तनशीलता के कारण यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय नई जानकारी के साथ पुनः जांच करनी होगी, ताकि किसी भी अनपेक्षित रद्दीकरण से बचा जा सके।
रेलवे ने इस ब्लॉक के दौरान यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त बैंकरोब और मोबाइल टिकट काउंटर स्थापित किए हैं। इन काउंटरों पर यात्रियों को रियल‑टाइम अपडेट, वैकल्पिक रूट सुझाव और रिफंड प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, यात्रियों को अस्थायी शटल सेवाएँ भी प्रदान की जाएँगी, जो मोहाली, अंबाला और चंडीगढ़ के बीच चलेंगी, जिससे छोटे दूरी के यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिलेगी।
रायपुर के प्रमुख रेलवे अधिकारी, डॉ. राजीव सिंह, ने कहा कि “ब्लॉक की अवधि में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, और कार्य की समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य के पूरा होने पर स्टेशन की क्षमता में 30 % की वृद्धि होगी और ट्रैफ़िक जाम कम होगा। रेलवे के प्रवक्ता, सुश्री अनीता वर्मा ने कहा कि “रिपोर्टेड ट्रेन रद्दीकरण और रूट परिवर्तन का प्रभाव न्यूनतम करने के लिए हम यात्रियों को निरंतर अपडेट देते रहेंगे।” उन्होंने यात्रियों को आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन से नवीनतम जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया।
स्टेशनों के आसपास के स्थानीय व्यवसायियों ने भी इस ब्लॉक के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। मोहाली और अंबाला के बाजारों में यात्रियों की कमी के कारण दैनिक बिक्री में 15 % तक की गिरावट की संभावना दर्शाई गई। होटल एवं भोजनालय संचालक, श्रीमान अजय पांडे, ने कहा कि “यदि ब्लॉक के दौरान यात्रियों का प्रवाह घटता है, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा।”
A 36‑day power and traffic block at Chandigarh station from 10 Sept to 15 Oct will see 12 major trains cancelled and 442 altered as the hub undergoes phased digital signalling, platform extension and green power upgrades. Passengers must re‑book and adapt to new routes, while temporary ticket counters and shuttle services aim to cushion the disruption.
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