Press "Enter" to skip to content

ब्रिक्स देशों को अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सामूहिक कार्रवाई करने का आह्वान: केंद्रीय विधि मंत्री जितेंद्र सिंह

केंद्रीय विधि मंत्री जितेंद्र सिंह ने ब्रिक्स अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए सामूहिक कार्रवाई करने का आह्वान किया है। ब्रिक्स देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, निवेश, उद्यमिता और स्थायी विकास के अवसरों को उत्पन्न करने के लिए उनके द्वारा इस प्रस्ताव का प्रारंभिक चरण लिया गया है।भारत सरकार द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाना है। इसके लिए, विश्वभर के विशेषज्ञों के साथ ब्रिक्स देशों के सरकारी प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा हुई है और यह चर्चा विफल नहीं हुई है।

केंद्रीय विधि मंत्री जितेंद्र सिंह ने विश्व के विकास, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर जोर दिया है। उन्होंने विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष देशों के बीच संघीय सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने के प्रयास का भी आह्वान किया।

ब्रिक्स देशों द्वारा सहयोग के स्वीकृति के तीन दिन बाद, जितेंद्र सिंह ने स्थायी ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है, जिसमें सामरिक भागीदारी, सामाजिक संरेखिताएं और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।

इस प्रस्ताव में शामिल हैं देशों के बीच स्थायी ऊर्जा सहयोग, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, सहयोग विज्ञान शारदा और विशेषज्ञता प्रशिक्षण, अनुसंधान, विकास और विपणन पर विश्व स्तर के सहयोग की आवश्यकता है।

भारत सरकार द्वारा इस प्रस्ताव की शुरुआत के बाद, ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग पर चर्चा शुरू हो गई है। भारत सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरणों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को स्थापित करें, ताकि देशों के बीच समग्र सहयोग हो सके।

सहयोग की शुरुआत के बाद, देशों के सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय राजनीतिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान मांगा जा रहा है। श्री खादी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्तर का बताया। खादी के अधिकारी द्वारा शुरुआत के कई दिनों बाद श्री खादी ने निश्चित रूप से केंद्र में स्थित महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

केंद्रीय विधि मंत्री जितेंद्र सिंह ने विश्व के विकास, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सामूहिक कार्रवाई और सहयोग का महत्वपूर्ण महत्व है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण नेतृत्व करने वाले इस प्रस्ताव पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी शुरूआत की। दोनों भारतीय मंत्रियों ने भारत की विदेशी नीति को अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के विश्वसनीय भागीदार के रूप में प्रस्तुत किया है।

दो साल पहले ब्रिक्स नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहयोग को मजबूत करने और विकासशील देशों की आवाज़ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से ब्रिक्स साझेदारी को नई दिशा दी थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पहल की पुनर्स्थापना के बाद, यह एक बार फिर वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स की बढ़ती सक्रियता वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है और विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

This development highlights evolving dynamics and may have broader implications in the near term.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »
More from देश - भारतMore posts in देश - भारत »