केन्द्र सरकार ने यह घोषणा करते समय एक बड़ी राजनीतिक चक्रव्यूह का सामना किया है। राज्य स्तर पर आधुनिक प्रणाली की कार्यान्वयन में अभाव के कारण अब तक के कार्यकारी संचालन में विचलन हो रहा है। इस विसंगति के कारण कुछ क्षेत्रों में e-KYC सत्यापन की प्रक्रिया जल्दी से नहीं पूरी हो सकी। स्थानीय स्तर पर अधिकारी यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहे हैं कि हर व्यक्ति को समयबद्ध तरीके से यह सुविधा प्रदान की जाए। यह एक राष्ट्रीय प्रभाव का मुद्दा है और इसे तदनुगुण ढंग से संभालना आवश्यक है।
इस विवादास्पद मुद्दे के परिणामस्वरूप, सरकार ने नए नियम को लागू करने की घोषणा की है। इस विधेयक के बाद अब तक के सभी वर्कर्स को एक नई प्रणाली के तहत कार्यवान्या करने के लिए प्रेरित किया गया है। देश में रोजगार की समस्या को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और इस योजना का कार्यान्वयन अब तक होना चाहिए। राज्यों ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि हर वर्कर को समयबद्ध तरीके से कार्ड वितरित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ विकेंद्रीकृत क्षेत्रों में भी विचलन देखे गए हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान, कई राज्यों ने देरी का सामना किया है और अपने निर्धारित समयसीमा के भीतर e-KYC सत्यापन पूरी नहीं कर सके। इस विसंगति के कारण, वर्कर्स का कुछ क्षेत्रों में कार्ड जारी करने में देरी हुई है। सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम गठित की है और इसकी मौजूदा स्थिति का परीक्षण किया गया है। इस प्रक्रिया में अब तक केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर वर्कर को एक नया कार्ड प्रदान किया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त नियमों के तहत, यह सुनिश्चित किया गया है कि हर वर्कर को एक नया कार्ड जारी किया जाएगा। इस विधेयक के बाद अब तक के सभी वर्कर्स को इस नई प्रणाली के तहत कार्यवान्या करने के लिए प्रेरित किया गया है। देश में रोजगार की समस्या को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और इस योजना का कार्यान्वयन अब तक होना चाहिए। इस प्रक्रिया में कुछ विकेंद्रीकृत क्षेत्रों में भी विचलन देखे गए हैं।
इस मामले में, कुछ राज्यों ने यह घोषणा की है कि वे इस नई प्रणाली को लागू करने के लिए प्रबंधन स्तर पर कदम उठाएंगे। इस प्रक्रिया के दौरान, कुछ प्रशासनिक स्तर पर भी विचलन हो रहे हैं। इसके बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर वर्कर को एक नया कार्ड जारी किया जाएगा। इस मामले को लेकर कई राज्यों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किया गया है कि हर वर्कर को समयबद्ध तरीके से कार्ड वितरित किया जाए।
Updated: August 28, 2026
Workers across the capital and states are queuing to check the status of their employment cards, with 5.7 million still awaiting e‑KYC verification as states lag behind central timelines. The centre has formed a task force and pledged that every worker will receive a new rural employment guarantee card promptly, despite the rollout delays.
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