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पुणे में मटन के विवाद में 30 वर्षीय महेश भागवत की मौत, पिता‑माता को हत्या के प्रयास में हिरासत में लिया गया

पुणे के वारजे‑मालवाड़ी क्षेत्र में 24‑25 अगस्त की रात को एक घरेलू विवाद ने रक्तपात में बदल दिया, जिससे 30 वर्षीया महेश भागवत (गायकवाड़) की मृत्यु हो गई। स्थानीय पुलिस ने बताया कि विवाद मटन के सेवन को लेकर उत्पन्न हुआ, जिसमें महेश के पिता सूर्यभान गायकवाड़ (64) और माँ पार्वती गायकवाड़ (60) को पीट‑पीटकर हत्या करने का आरोप है। दोनों को उसी रात के बाद अपराधी हिरासत में ले लिया गया। इस घटना ने महाराष्ट्र में पारिवारिक हिंसा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है।

महेश भागवत का जन्म 1994 में पुणे के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह स्थानीय संगीत मंडली में गायक के रूप में सक्रिय था और अपने परिवार के आर्थिक सहयोगी के रूप में काम करता था। उनका परिवार, विशेषकर पिता सूर्यभान, एक छोटे स्तर के कुटीर उद्योग में कार्यरत था, जबकि माँ पार्वती गृहिणी थीं। परिवार के अनुसार, महेश ने कभी भी मटन के सेवन में असामान्य रुचि नहीं दिखाई थी, परंतु सावन के त्यौहार के दौरान उसकी इच्छा पर विवाद उत्पन्न हुआ।

पृष्ठभूमि में यह देखना आवश्यक है कि महाराष्ट्र में सावन के महीनों में कई परिवार धार्मिक व सामाजिक कारणों से मांसाहार से परहेज करते हैं। विशेषकर ग्रामीण तथा उपनगरीय क्षेत्रों में यह परम्परा दृढ़ता से निभाई जाती है। इस सांस्कृतिक प्रतिबंध ने कई बार घरेलू झगड़ों को जन्म दिया है, जहाँ युवा वर्ग के खाने‑पीने के चयन को परंपरागत मान्यताओं से टकराव होता है। पुलिस रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि महेश ने शराब के नशे में घर प्रवेश करने के बाद मटन की माँग की, जिससे परिवार में तनाव उत्पन्न हुआ।

पुलिस के अनुसार, महेश ने शाम 8:30 बजे घर लौटते ही मटन बनाकर खाने की मांग की। पिता सूर्यभान ने इस मांग को नकार दिया, यह कहकर कि सावन के पवित्र माह में मांसाहार उचित नहीं है। बहस तेज हुई, और दोनों पक्षों के बीच आवाज़ उठाने के बाद, सूर्यभान ने अपने बेटे को बार‑बार पीटना शुरू किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान पार्वती भी हस्तक्षेप कर रही थीं, परन्तु स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाईं।

भारी झगड़े के बाद, महेश को गंभीर चोटें आईं, जिसमें सिर पर चोट और धड़ में आंतरिक रक्तस्राव शामिल था। स्थानीय चिकित्सालय में पहुंचाए जाने पर, डॉक्टरों ने बताया कि घायल को गंभीर शॉक की स्थिति में पाया गया था, और उसे तुरंत सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता थी। हालांकि, तेज़ रक्तस्राव और शारीरिक चोटों के कारण, महेश को कई घंटों के इलाज के बाद भी जीवन के आँकड़े गिरते रहे, और अंततः वह 02:15 बजे रात को मृत घोषित किया गया।

पुलिस ने घटना स्थल पर कई साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें टूटे हुए बर्तन, रक्त के ठूँठ और पीड़ित की शारीरिक चोटों के प्रमाण शामिल हैं। फोरेंसिक टीम ने बताया कि शरीर पर कई बार मारपीट के निशान थे, जो कि लगातार पीटने की पुष्टि करते हैं। साथ ही, आसपास के पड़ोसियों की गवाही के अनुसार, झगड़े के दौरान आवाज़ें तेज़ थीं और कई बार “पिता को रोक दो” की पुकारें सुनी गईं। इन सब तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पिता‑माता को ‘हत्या के प्रयास में हत्या’ के तहत हिरासत में लिया।

विभागीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला, और यह घटना अचानक हुए भावनात्मक विस्फोट के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं देखा गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पूरी तरह से पारिवारिक संघर्ष था। पुलिस ने साथ ही मटन की खरीद‑फ़रोख्त के लेन‑देन का पता लगाने के लिए स्थानीय कारीगरों से पूछताछ की, परन्तु कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

परिवार के अन्य सदस्य, विशेषकर महेश की बहन, ने घटना के बाद पुलिस के सामने अपने दुःख व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाई को हमेशा शांति‑पूर्ण व्यक्ति के रूप में देखा था, और यह घटना उनके परिवार के लिए एक बड़ा झटका रही है। बहन ने यह भी कहा कि पिता‑माता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, परन्तु वह आशा करती हैं कि न्याय शीघ्रता से हो।

विधिक विश्लेषकों ने इस मामले को ‘सामुदायिक हिंसा’ के रूप में वर्गीकृत किया है, जिसमें धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं का टकराव शामिल है। उन्होंने बताया कि भारत में पारिवारिक हिंसा के मामलों में अक्सर सामाजिक दबाव, शराब के नशे और सांस्कृतिक प्रतिबंधों का मिश्रण होता है।

Updated: August 28, 2026

The tragedy shows how rigid cultural taboos can become flashpoints for deadly domestic eruptions, especially when alcohol fuels suppressed frustrations. It also signals that Maharashtra’s “Sawan” abstinence norms are being tested by a younger generation eager for personal freedom, turning a seasonal diet debate into a lethal power

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