Press "Enter" to skip to content

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक‑इंटर परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि 16 सितंबर तक बढ़ा दी; छात्रों को दो सप्ताह अतिरिक्त संशोधन का मौका मिला।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 16 सितंबर तक बढ़ा दिया है, जिससे छात्र‑छात्राओं को फॉर्म भरने एवं डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में त्रुटियों को सुधरने का अतिरिक्त दो हफ्ते मिलेंगे। यह निर्णय पिछले निर्धारित 22 अगस्त की

समयसीमा के बाद लिया गया है, जिससे कई उम्मीदवारों को अपने दस्तावेज़ीकरण संबंधी समस्याओं का समाधान करने का अवसर मिला है। बोर्ड ने इस विस्तार को राज्यभर के सभी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और प्लस‑टू स्कूलों के प्राचार्यों को सूचित किया है और ऑनलाइन पोर्टल पर तुरंत लागू किया

गया है।

बिहार बोर्ड की यह पहल 2024‑25 शैक्षणिक सत्र की परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई छात्रों द्वारा सामने लाए गए आवेदन प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए लाई गई। पिछले कुछ वर्षों में फॉर्म भरने में तकनीकी गड़बड़ी, नेटवर्क लैग और दस्तावेज़ अपलोड त्रुटियों की शिकायतें

प्रचलित रही हैं, जिनके कारण कई अभ्यर्थी समय सीमा से पहले ही फॉर्म जमा नहीं कर पा रहे थे। इसी संदर्भ में बोर्ड ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत मार्गदर्शिका प्रकाशित की थी, परंतु वास्तविक उपयोगकर्ता अनुभव ने अतिरिक्त समय की आवश्यकता को स्पष्ट किया।

पिछले महीने बोर्ड ने

ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए नई प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया था, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक रिकॉर्ड और पहचान प्रमाण अपलोड करने की प्रक्रिया शामिल है। हालांकि, कई स्कूलों से यह रिपोर्ट आया कि कुछ छात्रों के डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड में नाम, जन्म तिथि या विद्यालय कोड जैसी मूलभूत जानकारी

में त्रुटि बनी हुई है, जिससे आगे के चरणों में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए विशेष रूप से ऑनलाइन ‘त्रुटि सुधार’ विकल्प प्रदान किया गया था, परंतु प्रारंभिक समय सीमा से पहले यह सुविधा समाप्त होनी थी।

BSEB ने इस निर्णय के साथ

ही छात्रों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि कैसे मौजूदा फॉर्म को पुनः खोल कर संशोधन किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि सुधार के दौरान केवल उन क्षेत्रों में बदलाव की अनुमति होगी जो प्रारंभिक फॉर्म में गलत दर्ज हुए थे,

जबकि नए दस्तावेज़ या अतिरिक्त जानकारी जोड़ना अनुमति नहीं है। साथ ही, बोर्ड ने ऑनलाइन हेल्पलाइन और ई‑मेल सहायता सेवा को दो गुना कर दिया है, ताकि तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।

समय सीमा विस्तार से पहले कुछ स्कूलों ने अपने छात्रों को सलाह दी थी

कि वे जल्द से जल्द फॉर्म जमा कर लें, क्योंकि नेटवर्क भीड़ और सर्वर लोड के कारण पोर्टल पर बार‑बार त्रुटि संदेश आते रहे थे। इस बीच, कई निजी ट्यूशन संस्थानों ने भी विद्यार्थियों को फॉर्म भरने के लिए अतिरिक्त सत्र आयोजित किए थे, जिससे छात्रों को आवश्यक

सहायता मिल सके। अब दी गई नई तिथि तक, अनुमानित रूप से 12 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं, जिससे राज्य के शैक्षणिक आँकड़ों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिल सकती है।

बोर्ड के spokesperson ने कहा कि यह निर्णय न केवल छात्रों के हित

में है, बल्कि परीक्षा प्रबंधन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए भविष्य में अधिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, जिससे डेटा चोरी या अनधिकृत परिवर्तन की संभावना कम

हो सके। इस संदर्भ में, बोर्ड ने अपने आईटी विभाग को अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने का इरादा जताया है।

प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी इस कदम को स्वागत किया है। राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में लचीलापन प्रदान करना छात्र‑केन्द्रित नीति का हिस्सा है

और इससे सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी समान अवसर मिलेगा। विपक्षी नेता हालांकि यह तर्क दे रहे हैं कि अंतिम तिथि में बार‑बार बदलाव से प्रशासनिक अस्थिरता पैदा हो सकती है, लेकिन उन्होंने इस बार के विस्तार को छात्रों के लिए “वास्तविक राहत” कहा। कई सामाजिक

संगठनों ने भी इस फैसले को सकारात्मक रूप में देखा और इसे शैक्षिक समानता की दिशा में एक कदम कहा।

छात्र प्रतिनिधियों के समूह ने इस विस्तार को “अंतिम समय की घबराहट से बचाव” के रूप में सराहा।

Updated: September 1, 2026

Extending the BSEB deadline signals a shift toward a more student‑centric bureaucracy, acknowledging that digital rollout flaws can deepen existing inequities.
If the extra two weeks translate into higher enrollment, the board’s move may become a template for other Indian states grappling with tech‑driven access gaps.

BiharNewsPost
The BiharNews Post

बिहार न्यूज़ पोस्ट - बिहार का नं. 1 न्यूज़ पोर्टल !

More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *