यह टीम इस दौरान इरान के राष्ट्रपति इब्राहिम राइसी के नेतृत्व में आयोजित कमेनी की अंतिम दोह्रा में भाग लेगी। भारत और इरान के बीच संबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस दौरान, भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ मास्को से वार्ता भी होगी। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा होगी।भारत और इरान के बीच व्यापारिक संबंधों में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि से भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
सूत्रों के अनुसार, भारत और इरान के बीच व्यापार में वृद्धि से भारत की विदेशी मुद्रा भंडार में भी वृद्धि होगी। दूसरी ओर, भारत के प्रतिनिधिमंडल ने कमेनी की अंतिम दोह्रा में भाग लेने से पहले सामरिक सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि, यह एक महत्वपूर्ण मौका है, जिसमें भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने का अवसर मिलेगा। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा और भारत की सामरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने में यह एक महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
इस मिशन को एक प्रमुख सामरिक सुरक्षा संबंधी मसला माना जा रहा है। इसके साथ ही, भारत और इरान के बीच ऊर्जा संबंधों पर चर्चा भी होगी।
मास्को और इरान के साथ वार्ता भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इन देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने से भारत की सामरिक सुरक्षा और मजबूत होगी।
यह देशों के बीच ऊर्जा संबंधों पर चर्चा भी होगी। भारत और इरान के बीच ऊर्जा संबंधों में वृद्धि से भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ इस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच प्रतिक्रियात्मक चर्चा भी होगी। इसके लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल को भारत और इरान के नेताओं की संवाद सत्र में भाग लेने का निर्णय किया गया है।
प्रतिक्रियात्मक चर्चा में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ भारत के संबंधों पर चर्चा की।
भारत के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि, भारत के साथ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध बहुत अच्छे है। हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच शांति और सौहार्द बनी रहेगी।
यह मिशन भारत की सामरिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, जिसमें भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध बनाने के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।