पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार के समय उर्दू शिक्षक से लेकर दरोगा-सिपाही तक, जिन 10 हजार से ज्यादा लोगों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, उन्हीं को दोबारा नियुक्ति पत्र बाँटने की बाजीगरी से नीतीश कुमार बेरोजगारों की आँख में धूल झोंक रहे हैं।
अब तक नहीं हुई 10 लाख लोगों को स्थायी नौकरी देने वाली कैबिनेट की बैठक
9 अगस्त के पहले पूरी हुई नियुक्ति प्रक्रिया का श्रेय न ले महागठबंधन सरकार
उन्होंने कहा कि गाँधी मैदान में कभी गिलास से रुमाल और खाली बर्तन से कबूतर निकालने की बाजीगरी दिखाने वाले मजमा लगाते थे , आज वहीं नीतीश कुमार फूँक मार कर हजारों नियुक्ति पत्र निकाल दे रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि बुधवार को जिन 10,459 लोगों को दरोगा-सिपाही के पद पर नियुक्ति पत्र दिये गए, उन्हें एक साल पहले जनवरी में ही संबंधित जोन के एसपी-डीआइजी नियुक्ति पत्र दे चुके हैं और उनका प्रशिक्षण भी चल रहा है। इन नियुक्तियों के लिए विज्ञापन 2019 में प्रकाशित हुआ था। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा के लोग जब बिना प्रशिक्षण पूरा किये पूरी वर्दी नहीं पहन सकते, तब नियुक्ति पत्र लेते समय वे वर्दी में कैसे दिखे? यह पहली बार हुआ।
श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अब यूपीए सरकार के मुख्यमंत्री हैं , लेकिन सारा लोकलाज छोड़ कर वे पिछली एनडीए सरकार के समय हुई नियुक्तियों की चिट्ठी बांट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और तेजस्वी प्रसाद यादव को उन नियुक्तियों के पत्र बाँट कर श्रेय लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं, जिनकी प्रक्रिया 9 अगस्त को सरकार बदलने से पहले शुरू हो चुकी थी।
श्री मोदी ने कहा कि महागठबंधन सरकार की पहली कैबिनेट में पहले दस्तखत से 10 लाख युवाओं को “स्थायी नौकरी” देने का जो वादा किया गया था, उसका समय तो अभी तक शुरू ही नहीं हुआ। क्या वे कैबिनेट की सौ बैठकों के बाद गिनती शुरू करेंगे?
16 नवंबर 2022 । राज्य में जलीय क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण पर पटना हाइकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना और मगध प्रमंडल के अंचल अधिकारियो को अगली सुनवाई में तलब किया है।रामपुनीत चौधरी की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।
कोर्ट ने तिरहुत,दरभंगा और मुंगेर प्रमंडलों के सभी अंचल अधिकारियो को जलीय क्षेत्रों में हुए अतिक्रमण को हटा कर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने इस मामलें पर सख्त निर्देश दिया है।
राज्य के विभिन्न जिलों में जलीय क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर हुए अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर याचिकाकर्ता ने ये जनहित याचिका दायर किया था।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि पटना समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पहले बड़ी संख्या में जलीय क्षेत्र थे,जिसका उपयोग कृषि कार्य,पेय जल व अन्य कार्यों के लिए होता था।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि अब अधिकांश जलीय क्षेत्रों पर अवैध कब्ज़ा हो गया है।उन्हें पाट कर उस भूमि पर अवैध कई प्रकार के निर्माण किये गए हैं।
उन्होंने को बताया कि इससे जहां पेय और कृषि कार्य के लिए जल की उपलब्धता कम हुई है,वहीं वर्षा के जल को भी रोकने का मार्ग खत्म हो गया है।
इस मामलें पर अब अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी।
16 नवंबर 2022 । चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अबतक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने के लिए 12 दिसंबर,2022 तक का मोहलत दिया है।
कोर्ट ने आकांक्षा मालवीय की जनहित याचिका पर सुनवाई की।याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट ने जो भी आदेश दिया,उस पर राज्य सरकार के द्वारा कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई अब तक नहीं किया गया है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को पूरी जानकारी देने को कहा था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवा में क्या क्या कमियों के सम्बन्ध में ब्यौरा देने को कहा था।
साथ ही कोर्ट ने इसमें सुधारने के उपाय पर सलाह देने को कहा।याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने बताया कि नेशनल मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम ही के अंतर्गत राज्य के 38 जिलों में डिस्ट्रिक्ट मेन्टल हेल्थ प्रोग्राम चल रहा हैं।लेकिन इसमें स्टाफ की संख्या नाकाफी ही है। हर जिले में सात सात स्टाफ होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का दायित्व है कि वह मेन्टल हेल्थ केयर एक्ट के तहत कानून बनाए।साथ ही इसके लिए मूलभूत सुविधाएं और फंड उपलब्ध कराए।लेकिन अबतक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
कोर्ट को ये भी बताया गया था कि सेन्टर ऑफ एक्सलेंस के तहत हर राज्य में मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कॉलेज है।लेकिन बिहार ही एक ऐसा राज्य हैं,जहां मानसिक रोग के अध्ययन और ईलाज के लिए कोई कालेज नहीं है।जबकि प्रावधानों के तहत राज्य सरकार का ये दायित्व हैं।
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पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले फंड में कमी आयी है,क्योंकि फंड का राज्य द्वारा पूरा उपयोग नहीं हो रहा था।
पहले की सुनवाई में याचिकाकर्ता की अधिवक्ता आकांक्षा मालवीय ने कोर्ट को बताया कि बिहार की आबादी लगभग बारह करोड़ हैं।उसकी तुलना में राज्य में मानसिक स्वास्थ्य के लिए बुनियादी सुविधाएँ नहीं के बराबर है।
15 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई की। जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया।
पिछली सुनवाई करते कोर्ट ने इन मामलों में केंद्रीय कानून के तहत मामलें दर्ज करने के सम्बन्ध हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।
ये जनहित याचिका वेटरन फोरम द्वारा दायर की गई थी। कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया था कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।उन्होंने बताया कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे।
राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।
इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया था कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और ढाई लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए है।
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कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा था कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 7 दिसंबर,2022 को की जाएगी।
15 नवंबर 2022 । पीएमसीएच,पटना में पड़े डायलिसिस मशीनों के चालू नहीं होने के मामलें में पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए अधीक्षक,पीएमसीएच से जवाबतलब किया।विकास चन्द्र ऊर्फ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई की।
कोर्ट ने पीएमसीएच के अधीक्षक को ये बताने को कहा कि इस समस्या का समाधान किस प्रकार होगा।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पीएमसीएच में 31 डायलिसिस मशीन खरीदे गए,लेकिन डॉक्टर और टेक्निशयन के नहीं होने के कारण इन मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा हैं।
उन्होंने बताया कि एक मशीन की कीमत लगभग बारह लाख रुपया है।इन मशीनों के चालू नहीं होने के कारण बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन का दुरपयोग हुआ है,वहीं मरीजों और उनके घरवालो पर प्राइवेट अस्पतालों में ईलाज कराने पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है।
अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पीएमसीएच के नेफ्रोलॉजी विभाग में 25 डॉक्टरों की नियुक्ति हुई,लेकिन वे बाद में दूसरे जगह भेजे गए।नेफ्रोलॉजी विभाग में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों का सही ढंग से ईलाज नही हो रहा है।
कोर्ट ने सख्त टिपण्णी करते हुए कहा कि अगर नेफ्रोलॉजी विभाग नहीं काम कर रहा है, तो न्यायिक आदेश से कोर्ट बंद कर इन मशीनों को दूसरे अस्पताल में भेज देगा।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 18नवंबर, 2022 को की जाएगी।
14 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने भागलपुर के चर्चित सैनडिश कमपॉउन्ड क्षेत्र में अनधिकृत रूप से बनाए गए निर्माण के मामलें पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने जनहित याचिकाकर्ता गोयनका की याचिका पर सुनवाई करते भागलपुर नगर निगम के आयुक्त को अगली सुनवाई में तलब किया है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इस मामलें पर सुनवाई करते हुए हुए अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगा दिया था।
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने बताया कि भागलपुर में ये एक सार्वजानिक पार्क हैं,जहां यहाँ के नागरिक टहलने,खेलने और मनोरंजन के लिए आते है।
अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने बताया कि कोर्ट ने इस मामलें पर 2004 में भी सुनवाई की थी।कोर्ट ने पार्क के क्षेत्र के भीतर किसी तरह के निर्माण पर रोक लगा दिया था।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि पार्क का जिस उद्देश्य के बनाया गया है, उसी के लिए उपयोग हो।उन्होंने कोर्ट को बताया कि बाद में प्रशासन ने जन उपयोगी निर्माण के नाम पर कुछ निर्माण कार्य करने की अनुमति कोर्ट से ले ली।लेकिन बाद में अन्धाधुंध और मनमाने तरीके से निर्माण होने लगे,जिससे इस पार्क का उद्देश्य ही खत्म हो गया।
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उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि भागलपुर नगर निगम को 29 सितम्बर,2021 को कोर्ट के आदेश को पालन करने के सम्बन्ध में निर्देश दिया जाए।
14 नवंबर 2022 । पटना हाइकोर्ट ने बड़ी संख्या सूचीबद्ध अवमानना वादों पर सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, डी जी पी और विभिन्न विभागों के अध्यक्षों को 17 नवंबर,2022 को तलब किया है। जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने डेढ़ सौ से भी अधिक अवमानना वादों पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालती आदेश का पालन नहीं किया जाना गंभीर मामला हैं।
पटना हाइकोर्ट में बड़ी संख्या में अदालती आदेश का पालन नहीं किये जाने पर अदालती अवमानना दायर किया जाता रहा है।अदालती अवमानना के वादों के सुनवाई के दौरान दिए गए अदालती आदेश का सरकारी विभागों व अधिकारियों द्वारा पालन नहीं किया जाता है।
कोर्ट ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जाहिर की।कोर्ट ने इन अधिकारियों से सुझाव भी देने को कहा।कोर्ट इन अधिकारियों से ये भी जानना चाहता है कि अदालती अवमानना के मामलें में कोर्ट के आदेश का कैसे शीघ्र अनुपालन किया जाएगा।साथ ही इन मामलों के निबटारे में कितना समय लगेगा,इस सम्बन्ध में कोर्ट इन अधिकारियों से जानकारी चाहेगा।
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कोर्ट ने इस आदेश की जानकारी सभी सम्बंधित अधिकारियों को दे देने का निर्देश अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार को दिया है। इस मामलें पर अगली सुनवाई 17नवंबर,2022 को की जाएगी।
14 नवंबर 2022 । अनमोल कुमार की याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ के समक्ष बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की गई कार्रवाई पर संतोष जाहिर किया,लेकिन कोर्ट इस सम्बन्ध में अगली सुनवाई में विस्तृत आदेश पारित करेगा।
पिछली सुनवाई में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अवैध रूप से चल रहे 102 ईट भट्टे को बंद करा दिया गया।साथ ही ये भी कोर्ट से ये भी कहा गया कि आगे अगर ऐसे अवैध रूप से ईट भट्टे चालू पाये गए,तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमिकस क्यूरी अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने कोर्ट को बताया था कि राज्य में ईट भट्टे चलाने के क्रम में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया।उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में तो ईट भट्टे ऐसे भी बंद ही रहते है।
उन्होंने कहा कि इन ईट भट्टे से होने वाले प्रदूषण के कारण वातावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता हैं।
इस मामलें पर फिर अगली सुनवाई 29 नवंबर,2022 को की जाएगी।
14 नवंबर 2022 । पटना हाइकोर्ट ने राज्य में बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के छात्रों के बीच में स्कूल छोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। पश्चिम चम्पारण जिले में राज्य के एकमात्र अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं के लिए स्कूल की दयनीय अवस्था के मामलें में कोर्ट ने सुनवाई की।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की।कोर्ट ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति के छात्रों के इतनी बड़ी संख्या में स्कूल बीच में छोड़ना गंभीर है। कोर्ट ने इस सम्बन्ध में की गई सुधारात्मक कार्रवाई के बारे में पूरा ब्यौरा देने का निर्देश दिया।साथ ही कोर्ट ने पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड में एकमात्र अनुसूचित जनजाति बालिका विद्यालय के स्थिति सुधारने के लिए की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी तलब किया।
कोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक और समाज कल्याण विभाग के निदेशक को आज की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए तलब किया था।उन्होंने आज कोर्ट मे उपस्थित हो कर स्थिति के सम्बन्ध में जवाब दिया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि बिहार में अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं के लिए पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड एकमात्र स्कूल है।पहले यहाँ पर कक्षा एक से ले कर कक्षा दस तक की पढ़ाई होती थी।
लेकिन जबसे इस स्कूल का प्रबंधन सरकार के हाथों में गया,इस स्कूल की स्थिति बदतर होती गई।कक्षा सात और आठ में छात्राओं का एडमिशन बन्द कर दिया गया।
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साथ ही कक्षा नौ और दस में छात्राओं का एडमिशन पचास फीसदी ही रह गया।यहाँ पर सौ बिस्तर वाला हॉस्टल छात्राओं के लिए था,जिसे बंद कर दिया गया।
इस स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी नहीं है।इस कारण छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कोर्ट ने जानना चाहा कि इतनी बड़ी तादाद में छात्राएं स्कूल जाना क्यों बंद कर दे रही है।कोर्ट ने कहा कि जब इस स्कूल के लिए केंद्र सरकार पूरा फंड देती है,तो सारा पैसा स्कूल को क्यों नहीं दिया जाता हैं।
पटना, 13 नवम्बर 2022 । मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राजकमल प्रकाशन के स्थापना दिवस के अवसर पर अशोक राजपथ स्थित राजकमल प्रकाशन के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजकमल प्रकाशन समूह के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आप सभी इसी तरह आगे बढ़ें और तरक्की करें। छात्र जीवन से ही हम यहां आते रहे हैं। राजकमल प्रकाशन काफी लोकप्रिय रहा है और इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। राजकमल प्रकाशन के प्रति मेरे मन में काफी सम्मान है और रहेगा।
राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष श्री अशोक महेश्वरी ने नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। श्री अशोक महेश्वरी ने लेखकों का एक फोटो फ्रेम और पुस्तक भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
कार्यक्रम में बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयकांत मिश्रा, बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री व्यास जी, राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष श्री अशोक महेश्वरी, जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो, संपादक, लेखक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पटना हाइकोर्ट में आयोजित किये गए राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 308 मामलों की सुनवाई की गई। आज 93 मुकदमों की सुनवाई लोक अदालत के दौरान की गई।
कुल मिलाकर 145 मुकदमों का निष्पादन हुआ, (जिसमें 52 मुकदमें की सुनवाई प्री – सिटींग में अर्थात इस लोक अदालत के पहले), 25 मुकदमें मोटर वाहन एक्ट, 43 सर्विस से जुड़े मामले और 73 अवमानना के मुकदमें शामिल थे।
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इनमें से 25 मोटर वाहन एक्ट के मुकदमों में एक करोड़ पैतीस लाख रुपये का सेटलमेंट किया गया।
ये शराब बड़ी जालिम चीज है,चले थे गांधी बनने और आज वही शराब नीति नीतीश कुमार के गले का फास बन गया है। जी हां, 2020 में सरकार बनने के बाद से अभी तक किसी एक विभाग की सबसे अधिक समीक्षा नीतीश कुमार द्वारा किया गया है तो वह है उत्पाद विभाग और उसी का नतीजा था कि नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून में संशोधन करते हुए शराब पीकर पकड़े जाने पर 2-5 हजार रुपये के बीच जुर्माना लेकर छोड़ने की बात सामने आयी और जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की जेल हो सकती है।
संशोधन के बावजूद पुलिस जुर्माना लेने के बजाय कोर्ट में भेज देती है इस दौरान शराब पीने वाले को भी परेशानी झेलनी पड़ती है ।आंकड़ा बता रहा है कि शराब पीकर पकड़े गये अभियुक्तों में 80 प्रतिशत से अधिक गरीब और कमजोर वर्ग के लोग हैं, पैसे वाले पकड़े भी जाते हैं तो वही के वही पुलिस पैसा वसूल कर छोड़ देता है ।इस वजह से गरीब लोगों में शराब कानून को लेकर एक अलग तरह का गुस्सा पैदा होता जा रहा है ।
महिला अब शराबबंदी पर बात करना नहीं चाहती है मोकामा और गोपालगंज विधानसभा उप चुनाव के दौरान मोकामा में कुछ ज्यादा तो समझ में नहीं आया लेकिन गोपालगंज में महिलाओं में नीतीश कुमार को लेकर वह उत्साह देखने को नहीं मिला जो पहले देखने को मिलता था। बातचीत में पता चला कि शराबबंदी कानून को लेकर महिला नीतीश से निराश है और वो अब हार मान गयी है ।
इसका असर यह देखने को मिला कि वोट देने को लेकर महिलाओं में जो उत्साह पहले रहता था उसमें कमी आयी है । चुनाव के बाद मैंने इसके लिए अलग अलग जिलों में एक हजार महिलाओं से बात किये सभी के सभी शराबबंदी के पक्ष है लेकिन समस्या यह आ रही है कि गांव गांव में डोर टू डोर शराब पहुंचाने वालों का जो सिंडिकेट खड़ा हो गया है उस सिंडिकेट में कोई उसका देवर है तो कोई जाउत है तो कोई भैसुर है मतलब पीने वाला भी और शराब पहुंचाने वाला भी एक दूसरे का रिश्तेदार ही है ।
इस वजह से महिला अब उस अंदाज में विरोध नहीं कर पाती है क्यों कि विरोध करती है तो डोर तू डोर शराब पहुंचाने वालों का परिवार ही उसके लिए आगे आकर लड़ने लगती है इस वजह से महिलाओं में शराबबंदी को लेकर जो एकजुटता देखने को मिलता था वो पूरी तौर पर हर गांव में टूट गया है।
हालात यह है कि जीविका दीदी भी अब शराब पर चर्चा करने से डरती है क्यों कि चौकीदार से लेकर थानाध्यक्ष तक शराब कारोबारी और डोर टू डोर शराब पहुंचाने वालों के साथ खड़ी रहती है । वही जो शराब पहले सौ रुपया में मिलता था वो आज तीन सौ रुपया में मिल रहा है इस वजह से महिलाओं को घर चलाने में काफी परेशानी हो रही है इससे महिला खासा निराश है और इसका असर नीतीश कुमार के छवि पर पड़ रहा है।
Nitish Kumar and Liquor Ban
वही आकड़ा पर गौर करे तो अभी तक शराबबंदी के बाद जितनी भी गिरफ्तारी हुई है उसमें सबसे अधिक संख्या पिछड़े और दलित जाति के लोगों का है। वही इस काम में गांव स्तर पर काम करने वाला भी पिछड़ा और दलित वर्ग से ही आता है इस वजह से गांव आर्थिक व्यवस्था पूरी तौर पर बदल गया है।
डोर टू डोर शराब पहुंचाने वाले के घर कि स्थिति में बड़ा बदलाव आ रहा है इसको देखते हुए रोज नये नये लोग इस धंधे में शामिल हो रहे हैं। अब हालात यह है कि डोर टू डोर शराब पहुंचाने वालो की संख्या इतनी बढ़ गयी है कि शराब कारोबारी डोर टू डोर शराब पहुंचाने का काम देने से पहले 25 से 50 हजार रुपया लेता है उसके बाद उन्हें यह काम देता है और यह पैसा वापस नहीं मिलता है ।
एक तरह से डोर टू डोर शराब पहुंचाने का लाइसेंस निर्गत करता है जिसकी जानकारी गांव के चौकीदार से लेकर थानेदार तक को रहता है अब तो मुखिया भी इस खेल में हिस्सेदार बन गया है। इस तरह गांव स्तर पर शराबबंदी कानून पूरी तरह से फेल हो गया है । वही पुलिस को दिखाने के लिए जो कार्यवाही कर रही है उसके शिकार अधिकांश गरीब ,दलित और पिछड़ा हो रहा है इस वजह से एक नयी तरह की समस्या खड़ी होने लगी है जिसका राजनीतिक नुकसान कही ना कही नीतीश को हो रहा है और यही वजह है कि इन दिनों जदयू के नेता भी शराबबंदी कानून को लेकर बोलने लगे हैंं।
पटना, 11 नवम्बर 2022। पटना हाईकोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई करते हुए चंपारण, बेतिया जिला स्थित सभी एससी/ एसटी आवासीय विद्यालयों के रखरखाव के लिए खरीद और आपूर्ति में कथित रूप से बड़े पैमाने पर बरती गई वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले पर सुनवाई की।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने पूनम देवी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के चीफ सेक्रेटरी से गठित की गई जांच कमेटी का रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए दो सप्ताह के भीतर इस मामले में की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने का आदेश भी दिया है। याचिककर्ता के अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला वर्ष 2018 -2000 से जुड़ा हुआ है।
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याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये मामले की जांच के लिए हाई लेवल जांच कमेटी के गठन हेतु आदेश देने का भी अनुरोध किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई चार सप्ताह की जाएगी।
सुशील कुमार मोदी – प्रेस विज्ञप्ति 11.11.2022 पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार का न बिहार के बाहर कहीं प्रभाव है और न राज्य के भीतर वे अपना जनाधार बचा पाये, इसलिए विपक्षी एकता की उनकी मुहिम फ्लॉप कर गई। डेढ़ महीने में न कोई प्रमुख विपक्षी नेता उनसे मिलने आया, न वे किसी से मिलने गए।
बिहार में खिसका उनका लव-कुश,अतिपिछड़ा जनाधार
बिहार से बाहर केसीआर,केजरीवाल,अखिलेश का रुख ठंडा
जदयू का राजद में बिलय के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा
श्री मोदी ने कहा कि गोपालगंज और मोकामा के उपचुनाव में नीतीश कुमार अपना लव-कुश और अतिपिछड़ा वोट राजद को ट्रांसफर नहीं करा पाये। उनका आधार वोट भाजपा की तरफ खिसक गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद न मल्लिकार्जुन खडगे ने और न भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने ही नीतीश कुमार को आमंत्रित किया।
श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर केसीआर बिहार आए थे, लेकिन नीतीश कुमार के साथ बात नहीं बनी। अब उन्होंने अपनी पार्टी को राष्ट्रीय बना कर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी से हाथ मिला लिया।
उन्होंने कहा कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और केजरीवाल की पार्टी को एक साथ लाने में नीतीश कुमार कोई भूमिका नहीं निभा सके। दोनों जगह दोनों विपक्षी दल एक-दूसरे के खिलाफ भी लड़ रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि जब नीतीश कुमार को कोई नेता मानने को तैयार नहीं, तब विपक्षी एकता के नाम पर जदयू का राजद में विलय कराने के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में केजरीवाल, चौटाला और अखिलेश यादव से नीतीश कुमार के मिलने का कोई फालोअप नहीं हुआ।
श्री मोदी ने कहा कि केजरीवाल ने कांग्रेस के साथ खड़ा होना नामंजूर कर दिया और आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में घिरे ओम प्रकाश चौटाला ने चुप्पी साध ली।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भरोसेमंद दोस्त भाजपा का साथ छोड़ने के लिए पछताना पड़ेगा।
पटना, 11 नवम्बर 2022। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री स्व0 मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिवस पर आयोजित शिक्षा दिवस कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबको मालूम है कि आज शिक्षा दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। हमलोगों ने वर्ष 2007 में स्व0 मौलाना अबुल कलाम आजाद जी के जन्मदिन के अवसर पर शिक्षा दिवस मनाने की शुरूआत बिहार से की। जब राज्य में हमलोगों ने इसकी शुरुआत की तो उसके बाद केंद्र सरकार से भी हमलोगों ने अनुरोध किया कि इसे शुरु किया जाए। उस समय के मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने इसे स्वीकार किया और वर्ष 2008 से पूरे देश में इनके जन्मदिन को शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाने लगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के दौरान स्व० मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। समाज में आपसी एकता को बनाए रखने में उनका योगदान था। वे हिंदुस्तान और पाकिस्तान बंटवारा के खिलाफ थे। उस समय जो माहौल पैदा हो रहा था उसमें वे हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम करते रहे। गांधी जी भी हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिये काम कर रहे थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई। देश की आजादी के बाद जब सरकार बनी तो मौलाना अबुल कलाम आजाद जी को देश का प्रथम शिक्षा मंत्री बनाया गया । शिक्षा के क्षेत्र में जितना काम हुआ है सब उन्हीं की देन है। देश को एकजुट करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास के लिये कई कदम उठाये गये। शिक्षकों की बहाली की गयी, नये-नये संस्थानों की स्थापना की गयी। कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाये गये। मुझे प्रसन्नता हो रही है कि आज यहां इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लड़कियां मौजूद हैं।
पोशाक योजना, साईकिल योजना की शुरुआत कर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने लगीं और आज लड़कों के बराबर लड़कियां मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रही हैं। सरकार में आने के बाद जब हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे और बच्चियां स्कूल नहीं जाते हैं। मुस्लिम समुदाय और महादलित समुदाय के बच्चे इसमें सबसे ज्यादा थे, उसके बाद इनके लिए पढ़ने का इंतजाम हमलोगों ने कराया। अब 0.5 प्रतिशत से भी कम बच्चे-बच्चियां स्कूल से बाहर हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि सभी पढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सर्वे से जानकारी मिली कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश का प्रजनन दर 2 और बिहार का प्रजनन दर भी 2 है लेकिन पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 और बिहार का 1.6 है। वर्ष 2011-12 में बिहार का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर आज 2.9 पर आ गया है। लड़कियाँ पढ़ेंगी तो राज्य का प्रजनन दर 2.9 से घटकर 2 पर आ जायेगा। लड़कियों को शिक्षित करने के लिये कई इंतजाम किये गये हैं।
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अन्तर्गत जन्म से स्नातक तक हर लड़की को पढ़ने के लिये 54 हजार 100 रुपये दिया जाता था लेकिन उसको बढ़ाकर 94 हजार 100 रूपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम तो एक पिछड़ा राज्य हैं लेकिन राज्य में विकास के कई काम किये जा रहे हैं। हर घर तक पक्की गली नाली का निर्माण, शौचालय का निर्माण, हर घर नल का जल पहुंचाने का काम किया गया। हम आप शिक्षकों से कहेंगे कि आपलोग स्कूल जायें और बच्चों को ठीक से पढ़ायें। जो शिक्षक स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं उन पर कार्रवाई करें। अभी सबसे अधिक खर्च शिक्षा पर किया जा रहा है। बजट का 21 प्रतिशत तक पढ़ाई पर खर्च हो रहा है।
हमलोग 25 प्रतिशत तक शिक्षा पर खर्च करेंगे। हमलोगों ने लड़कियों के पढ़ने के लिए पूरी व्यवस्था कर दी है। इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्रों में लड़कियों के लिये एक तिहाई सीट आरक्षित कर दिया गया है। लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन दर कम होगा और अपने बच्चों को भी शिक्षित कर पाएंगी। स्कूलों में तीन से आठ वर्ग के बच्चों के लिये ‘बापू की पाती’ तथा 9 से 12 वर्ग के बच्चों के लिये ‘एक था मोहन’ पुस्तक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है ताकि बापू के बारे में बच्चे-बच्चियां ठीक से जान सकें। जिस प्रकार बापू के बारे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है उसी प्रकार उसी प्रकार मौलाना आजाद की कहानी भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। कभी-कभी देश में लोग झगड़ा पैदा करना चाहते हैं। जब आप बापू और मौलाना आजाद के बारे में लोग जानेंगे तो आपस में प्रेम और भाईचारे का माहौल रहेगा।
हमने कहा था बिहार में आई0आई0टी0 बनना चाहिए और उस समय के मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने इस पर काम कराया और उसके लिए हमलोगों ने जमीन उपलब्ध कराया था। श्रद्धेय अटल जी की सरकार में हम मंत्री थे उस वक्त हमने एन0आई0टी0 के लिये उस समय के मानव संसाधन मंत्री श्री मुरली मनोहर जोशी जी से कहा था और उन्होंने इसे स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि सब चीज लोग भूलते जा रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी सभी चीजों की जानकारी नई पीढ़ी को मिले। नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी बिहार में किये गये कामों को लोग जानेंगे, आजादी की बातों को भी लोग जानेंगे। सबको एक दूसरे के साथ मिलकर चलना चाहिए। आपस में मिल्लत के साथ रहना चाहिए। आपस में प्रेम और भाईचारे का भाव रखें। पुनः मैं स्व० मौलाना अबुल कलाम आजाद जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
कार्यक्रम की शुरुआत के पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री स्व० मौलाना अबुल कलाम आजाद जी के जीवन पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री स्व० मौलाना अबुल कलाम आजाद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्कूल की छात्रा ने हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया तथा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री को पुस्तकों का सेट भेंटकर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘बेस्ट प्लस ऐप’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने डी०बी०टी० के माध्यम से वर्ष 2022-23 के लिए छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन राशि का हस्तांतरण किया। मुख्यमंत्री ने बिहार स्वच्छ विद्यालय 2022-23 पुरस्कार पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ‘बिहार स्वच्छ विद्यालय 2022-23 पुरस्कार’ मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। डॉ० मनेन्द्र कुमार और डॉ० रेखा कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक ‘दे बेसिक्स ऑफ एनिमल बिहेवियर का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने किया। बैगलेस सुरक्षित शनिवार मार्गदर्शिका का भी मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। कार्यक्रम में ‘बैगलेस सुरक्षित शनिवार पर आधारित एक लघु फिल्म तथा ‘अभिभावक – शिक्षक संगोष्ठी, 20 अक्टूबर 2022 पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम को वित्त, वाणिज्य कर तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री प्रो० चंद्रशेखर, विकास आयुक्त श्री विवेक कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह, प्रसिद्ध पत्रकार श्री दारेन शाहिदी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधान पार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान पार्षद श्रीमती कुमुद वर्मा, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति श्री गिरीश कुमार चौधरी, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति श्री के०सी० सिन्हा, शिक्षा विभाग के सचिव श्री असंगवा चुवा आओ, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक श्री मनोज कुमार, उच्च शिक्षा के निदेशक डॉ० रेखा कुमारी, बिहार राज्य शिक्षा बोर्ड एवं प्रशिक्षण के निदेशक श्री संजय आर्य, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक श्री रवि प्रकाश, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री सतीश चंद्र झा सहित अन्य पदाधिकारीगण, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं ।
11 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने राज्य में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के सम्बंध में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने अधिवक्ता मयूरी द्वारा दायर जनहित याचिका पर ऑनलाइन सुनवाई करते हुए ये आदेश को पारित किया।
कोर्ट ने राज्य में स्टेट ड्रग कंट्रोलर की स्थाई नियुक्ति के लिए उठाए गए कदम के संबंध में प्रधान सचिव को सूचित करने को कहा है। चूंकि वर्तमान ड्रग कंट्रोलर करीब विगत 5 वर्षों से अस्थाई रूप से कार्यरत हैं।
स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने कथित रूप से कुछ प्रतिबंधित दवाओं बनाये जाने के लिए लाइसेंस की मंजूरी दी थी। इन दवाओं को भारत सरकार ने एक गज़ट अधिसूचना से वर्ष 2011 में ही प्रतिबंधित कर दिया था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि स्टेट ड्रग कंट्रोलर की लापरवाही की वजह से कुछ दवाओं पर पूरे भारत में प्रतिबंध लगा दिए जाने के बावजूद इन दवाओं को बिहार राज्य में बनाया और बेचा जा रहा था।
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कोर्ट का यह भी कहना था कि मामले के प्रकाश में आने के बाद करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी आज तक किसी भी कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कि गई है, जोकि प्रथम दृष्टया राज्य में स्वास्थ के प्रति स्वास्थ्य कर्मियों की उदासीनता को बतलाता है।
बिहार में ठंड का मौसम अब असर दिखाने लगा है। गया, बेगूसराय, मोतिहारी समेत राज्य के 14 शहरों में सर्दी बढ़ गई है। 14 नवंबर से पारा और तेजी से गिरने के आसार हैं।
हालांकि राजधानी पटना में अभी ठंड का असर कम है। गया राज्य का सबसे ठंडा शहर है। यहां रात का पारा 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।
सुशील कुमार मोदी – प्रेस विज्ञप्ति 10.11.2022 पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार की जिद के कारण निकाय चुनाव टल गए, जिससे अतिपिछड़ा वर्ग के सैकड़ों लोग मेयर-डिप्टी मेयर बनने से वंचित रह गए।
चुनाव की तारीख, आचार संहिता और नामांकन को लेकर स्पष्ट घोषणा करे सरकार
आरक्षण देने के लिए पहले आयोग बनाया होता तो नहीं होती फजीहत
श्री मोदी ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद भले ही सरकार झुकी और अतिपिछड़ों को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए अतिपिछड़ा वर्ग आयोग को पुनर्जीवित कर दिया गया, लेकिन अभी तय नहीं कि कब आयोग की रिपोर्ट आयेगी और चुनाव कब होंगे?
उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव जब भी होंगे, तब फिर से नामांकन करना होगा या पहले के नामांकन ही मान्य होंगे, यह भी स्पष्ट नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि निकाय चुनाव टल गए, लेकिन आचार-संहिता लागू है, इसलिए पूरे राज्य में शहरी विकास का कोई नया काम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सारी बातों के लिए नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं।
श्री मोदी ने कहा कि सरकार चुनाव की तारीख के बारे में स्पष्ट घोषणा करे, ताकि ऊहापोह की स्थिति समाप्त हो।
उन्होंने कहा कि जब महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव पर रोक लगने का हवाला देकर एजी और राज्य निर्वाचन आयोग ने अतिपिछड़ों को आरक्षण देने के लिए विशेष आयोग बनाने और उसकी रिपोर्ट के अनुसार निकाय चुनाव कराने का मंतव्य दिया, तब नीतीश कुमार ने किसी की एक न सुनी।
श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री के राजहठ के कारण अतंत: निकाय चुनाव पर रोक लगी और करना वही पड़ा, जो पहले किया जा सकता था। इसका खामियाजा अतिपिछड़ों को उठाना पड़ा।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वकीलों की कमिटी बनाई है।
इस कमिटी को अपनी रिपोर्ट चार सप्ताह में कोर्ट में दायर करनी हैं | कोर्ट ने वेटरन फोरम की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कालेजों द्वारा आवंटित धनराशि का विवरण एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाना गंभीर मामला है।
इससे पहले कोर्ट ने सभी विश्वविद्यालयों को दो दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र यूजीसी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था । याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में अंगीभूत और सम्बद्धता प्राप्त कालेजों की संख्या 325 है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य के विभिन्न कालेजों द्वारा 124 करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाण पत्र यूजीसी को प्रस्तुत नहीं किया गया है। इन कालेजों को काफी पहले यूजीसी ने जो अनुदान दिया था, उसका बहुत सारे मामलों में अबतक उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं प्रस्तुत किया गया है।
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इस पर कोर्ट ने कहा कि था कि यदि कालेजों द्वारा दो दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा तो सम्बंधित वीसी के वेतन पर रोक लगा दी जाएगी ।इस मामलें की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी ।
आवेदक को भी राज्य में प्रदूषण के बारे में पूरक हलफनामा दायर करने का आदेश दिया।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता शम्भू शरण सिंह की दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।राज्य सरकार के राज्य परिवहन विभाग की ओर से इस केस में जबाब दाखिल कर कोर्ट को बताया गया कि राज्य में फ़िलहाल 47 सीएनजी पम्प स्टेशनों से वाहनों को सीएनजी गैस की आपूर्ति की जा रही है।
अगले वित्तीय वर्ष में 90 नये सीएनजी गैस पम्प स्टेशनो से वाहनों में सीएनजी गैस की आपूर्ति की जाएगी। गैल, आईओसीएल सहित चार सीएनजी गैस एजेंसी सीएनजी गैस पंप स्टेशन (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) लगाने के काम में जुटी हुई है।
पटना में 19 सीएनजी पम्प स्टेशनो से वाहनों को सीएनजी गैस का आपूर्ति किया जा रहा है वही अगले वित्तीय वर्ष में 11 नये सीएनजी पम्प स्टेशन को चालू कर दिया जायेगा।
राज्य के 11 जिलों में सीएनजी गैस पंप स्टेशन लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अगले वित्तीय वर्षो में 16 नए जिलों में सीएनजी गैस पम्प स्टेशन लगा दिया जायेगा।
पटना, गया, मुज्जफरपुर, वैशाली, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, समस्तीपुर, कैमूर, नालंदा तथा बेगूसराय जिलों में 47 सीएनजी गैस पंप स्टेशन से वाहनों में गैस की आपूर्ति की जा रही है।सिर्फ तीन जिला पटना गया और मुज्जफरपुर में जुलाई मध्य तक 25 हजार 314 वाहनों को 21 लाख 61 हजार 831 किलो गैस की आपूर्ति की गई है।
#PatnaHighCourt
प्रत्येक माह सीएनजी की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है।सरकार सीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। विभाग अपने जबाब में कहा है कि राज्य सरकार पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचने की दिशा में हर संभव कार्य कर रही है और सीएनजी गैस को बढ़ावा दे रही है।
पटना हाइकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा,जिसे आज सुनाया गया।।इस अग्रिम जमानत की याचिका पर जस्टिस सुनील कुमार पंवार ने सुनवाई की थी।
ये मामला बिहटा के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह के अपहरण से सम्बंधित मामला है।14नवम्बर,2014 को बिहटा पुलिस स्टेशन में थाना कांड संख्या 859/2014 रजिस्टर किया गया।
ये मामला दानापुर के जुड़ीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, अजय कुमार के समक्ष सुनवाई हेतु लंबित हैं। इस मामलें में सूचक सचिन कुमार ने बिहटा थाना में 14 नवंबर,2014 को सूचना दी कि उन्हें टेलिफोन पर ये पता चला है कि उनके चाचा राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह का अपहरण हो गया है।
अपहर्ता 18 की संख्या में थे,जो पाँच scorpio गाड़ी से आये थे।उन्होंने राजू को बलपूर्वक ले गए।ये आरोप लगाया गया कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह,बंटू सिंह व अन्य सोलह व्यक्तियों ने इसे अंजाम दिया।
इससे पहले भी दस करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने का आरोप लगाया गया था,जिसकी सूचना कृष्णापुरी थाने को दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में कोर्ट को बताया है कि उनके विरुद्ध जो अन्य आपराधिक मामलें है,उनमें वे जमानत पर है।पटना हाईकोर्ट में 2017 में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी,लेकिन उसे 16 फरवरी,2017 को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।
उसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की कोई याचिका पटना हाइकोर्ट में नहीं दायर की।उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में ये बताया है कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था।साथ ही पीड़ित और सूचक ने उनका नाम इस घटना के सम्बन्ध में नहीं लिया था।
उन्होंने बताया कि घटना के दिन 14 नवंबर,2014 को वे सरकारी स्कूल में अपनी ड्यूटी में थे।उनके हस्ताक्षर भी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित है।
इस अग्रिम जमानत की याचिका पर जस्टिस सुनील कुमार पंवार ने सुनवाई की।
ये मामला बिहटा के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह के अपहरण से सम्बंधित मामला है। 14नवम्बर,2014 को बिहटा पुलिस स्टेशन में थाना कांड संख्या 859/2014 रजिस्टर किया गया।
ये मामला दानापुर के जुड़ीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, अजय कुमार के समक्ष सुनवाई हेतु लंबित हैं। इस मामलें में सूचक सचिन कुमार ने बिहटा थाना में 14 नवंबर,2014 को सूचना दी कि उन्हें टेलिफोन पर ये पता चला है कि उनके चाचा राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह का अपहरण हो गया है।
अपहर्ता 18 की संख्या में थे,जो पाँच scorpio गाड़ी से आये थे।उन्होंने राजू को बलपूर्वक ले गए।ये आरोप लगाया गया कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह,बंटू सिंह व अन्य सोलह व्यक्तियों ने इसे अंजाम दिया।इससे पहले भी दस करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने का आरोप लगाया गया था,जिसकी सूचना कृष्णापुरी थाने को दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में कोर्ट को बताया है कि उनके विरुद्ध जो अन्य आपराधिक मामलें है,उनमें वे जमानत पर है।पटना हाईकोर्ट में 2017 में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी,लेकिन उसे 16 फरवरी,2017 को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।
#PatnaHighCourt
उसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की कोई याचिका पटना हाइकोर्ट में नहीं दायर की।उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में ये बताया है कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था।साथ ही पीड़ित और सूचक ने उनका नाम इस घटना के सम्बन्ध में नहीं लिया था।
उन्होंने बताया कि घटना के दिन 14 नवंबर,2014 को वे सरकारी स्कूल में अपनी ड्यूटी में थे।उनके हस्ताक्षर भी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित है।
जहानाबाद । जहानाबाद जिले के कल्पा ओपी क्षेत्र के खेदरपुरा में जमीन विवाद को लेकर झड़प हो गई। जिसमें एक लड़की ने दिलेरी दिखाते हुए पिस्टल लेकर आए एक युवक से पिस्टल छीन ली। लडकी के जांबाजी के चर्चे आम हो रहे हैं।
दरअसल जमीन विवाद को लेकर समझौता के लिए दोनों पक्ष के लोग धुरिया गांव में जुटे थे। तभी एक पक्ष के तरफ से आए रामबाबू सिंह ने पिस्टल निकाल दी। मारपीट शुरू हुआ लेकिन इसी बीच रूपम ने रामबाबू के पास से पिस्टल छीन ली।
दरअसल पांच कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के निपटारे के लिए दोनों पक्ष के लोग खेत में पहुंचे थे। जहां मारपीट शुरू हो गई। रूपम के पिता ने बताया कि 50 साल पहले जमीन का बंटवारा हुआ था हमारे हिस्से में जो जमीन आई थी उसमें 5 कट्ठा जमीन पर रामबाबू सिंह कब्जा जमाना चाहता था। किसी और से उसने जमीन को अपनी पत्नी के नाम लिखवा लिया।
अब खेत में पिलर गाना चाहता था जिसको लेकर हम लोगों ने विरोध किया। अभी बातचीत चल ही रही थी कि रामबाबू ने पिस्टल निकाल लिया, लेकिन उनकी बेटी रूपम ने जांबा जी दिखाते हुए युवक के पॉकेट से पिस्टल छीन लिया।
देसी पिस्टल के साथ ही 5 गोलियां भी बरामद की गई है जिसके बाद कल्पा ओपी की पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बक्सर । बक्सर में श्री राम कर्म भूमि न्यास के बैनर तले बक्सर के अहिरौली गांव में सनातन संस्कृति समागम के तहत आज अंतर्राष्ट्रीय धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे हुए हैं।
15 नवंबर तक चलने वाले इस समागम में भाजपा शासित 9 राज्यों के सीएम और उप मुख्यमंत्री राज्यपाल और उपराज्यपाल तथा कई केंद्रीय मंत्री अलग-अलग तिथियों को आएंगे।
इस समागम के आयोजन करता श्री राम कर्म भूमि न्यास सिद्धाश्रम के प्रमुख कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री व बक्सर सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य हर भारतीयों के मन में प्रभु श्रीराम के चरित्र को मन मंदिर में स्थापित करना और बक्सर के संस्कृति व आध्यात्मिक महत्व को विश्व पटल पर स्थापित करना है।
कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के पुसौली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक होटल में सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दुर्गावती के पूर्व प्रखंड प्रमुख के होटल से 5 जोड़ी लड़के और लड़कियों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए लड़कों के वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके आलावा पुलिस बलों ने होटल से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए हैं। इधर,पुलिस की इस कार्रवाई को देखते हुए होटल का संचालक और मैनेजर दोनों फरार हो गया।
पुलिस इन दोनों लोगों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।कैमुर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के किनारे पुसौली के पास आदित्य होटल नामक प्रतिष्ठान है। जहां पर खाने और ठहरने का व्यवस्था मिलता है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे होने के कारण शहर से थोड़ी दूरी पर होने के कारण यहां पर सेक्स रैकेट पिछले एक सालों से चलता आ रहा था। जिसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जब होटल में छापामारी किया तो होटल के अंदर बने कमरे से काफी आपत्तिजनक सामान की बरामदगी हुई और कमरे में 5 जोड़ी लड़के और लड़कियां आपत्तिजनक हालत में बरामद हुए। जिसे पुलिस ने पांचों को हिरासत में ले लिया है । सभी के परिजनों को सूचना देते आगे की कार्रवाई में पुलिस जुटी हुई है।
बताया जा रहा है कि, कैमूर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो दिल्ली से कोलकाता को जोड़ता है। जिसको लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे कई होटल और रेस्टुरेंट बिना लाइसेंस के भी संचालित हो रहे हैं। इसी तरह का एक होटल आदित्य भी था। यहां पर रहने और खाने का भी प्रबंध था । शहर से दूर होने के कारण और सड़क किनारे एकांत जगह पर होने के कारण होटल मालिक और होटल मैनेजर द्वारा पैसे की लालच में होटल को सेक्स रैकेट की आड़ में झोंक दिया गया। जिसकी सुचना पुलिस टीम को मिली और उनके द्वारा छापेमारी की गई। इस मामले को लेकर मोहनिया थाना प्रभारी द्वारा दुर्गावती के पूर्व प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र गुप्ता जो वर्तमान में आदित्य होटल के मालिक हैं और उनके मैनेजर पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।
होटल के बगल खेती करने वाले लोग बताते हैं यह होटल पिछले एक साल से संचालित है। यहां पर अक्सर लड़के और लड़कियों का झुंड देखा जाता है । इस होटल में एक घंटे के लिए 600 से ₹700 की उगाही किया जाता था। जिससे होटल कि अच्छी कमाई हो रही थी। हम लोगों को बगल में होने के कारण काफी परेशानी होता था लेकिन फिर भी हम लोग कुछ कह नहीं पाते थे। आज पुलिस कार्रवाई हुआ है जरूरी है ऐसे लोगों पर लगाम लगाने की।
इधर, इस घटना की जानकारी देते हुए मोहनिया थाना के एएसआई ने बताया कि पुलिस को वरीय पदाधिकारियों से सूचना मिला था कि मोहनिया थाना क्षेत्र के पुसौली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवस्थित आदित्य रेस्टोरेंट में अनैतिक कार्य हो रहा है। सूचना के सत्यापन को लेकर जब यहां पहुंचा गया तो यहां के उपलब्ध कमरे में 5 जोड़ी लड़के और लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया है । कमरे से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए हैं। सभी को हिरासत में लेकर उनके परिजनों को सूचना देते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इन लोगों द्वारा होटल के बाहर खड़े किए गए वाहनों को भी जप्त कर लिया गया है। पुलिस की छापामारी देख होटल का मालिक और मैनेजर दोनों फरार हो गया है।
इन दोनों के विरुद्ध नामजद मोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान को लेकर गंगा घाटों पर एक तरफ भारी भीड़ देखी जा रही है। तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के जिलों से हादसे की खबरें भी आने लगी है।
जहानाबाद में कार्तिक पूर्णिमा के दिन पोखर में नहाने गई दो बहनों की डूबने से मौत हो गई। घटना मखदुमपुर प्रखंड क्षेत्र के धराउत गांव स्थित चंदोखर पोखर की है। मंगलवार की सुबह दोनों चचेरी बहन ने पूर्णिमा पर स्नान के लिए गई थी लेकिन या दुर्घटना हो गई।
धरावठ गांव निवासी रविशंकर प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी पलवी कुमारी और देवेंद्र प्रसाद की 16 साल की बेटी सरिता कुमारी दोनों तालाब में डूबने लगी लोगों ने बचाने की कोशिश की लेकिन बचाया नहीं जा सका। दोनों लड़कियां दसवीं क्लास की छात्रा थी अपनी मां के साथ दोनों गांव के पास स्थित चंदू खर पोखर में नहाने गई थी जहां गहराई में जाने की वजह से दोनों डूब गई।
घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल भेजा जा रहा है।
पटना हाईकोर्ट में पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई 10 नवंबर,2022 तक टल गयी है।जस्टिस संदीप कुमार द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा था कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।
साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया था।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने कहा कि ये बहुत आश्चर्य की बात है कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।इस मामलें पर अगली सुनवाई 10 नवंबर ,2022 को की जाएगी।
कटिहार में पूर्व जिला परिषद सह भाजपा नेता संजीव मिश्रा की गोली मारकर हत्या, मोटरसाइकिल सवार दो अपराधियों ने घर से बुलाकर घर के सामने ही सिर पर गोली मारकर संजीव मिश्रा की हत्या कर दिया है। इस घटना के बाद काफी संख्या में ग्रामीणों, स्वजनों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुस्से का इजहार किया है। सड़कों पर उतर आए हैं।
संजीव मिश्रा बिहार-बंगाल के बॉर्डर में बसे सुदूर इलाके में वर्षों से भाजपा की राजनीति को बुलंद करते रहे हैं, इससे पहले भी विधान परिषद चुनाव के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया था और आज सुबह उनके घर के सामने ही उनको गोली मारकर हत्या कर दिया गया है।
संजीव मिश्रा कटिहार विधान पार्षद अशोक अग्रवाल के बेहद नजदीकी बताए जाते हैं, प्रारंभिक स्तर पर मामला आपसी दुश्मनी केक बाजा ही बताई जा रही है लेकिन इस हत्या की और कई एगेल हो सकता है।
पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा दो उपचुनावों के परिणाम से साफ है कि जनता ने सात दलों की महागठबंधन सरकार को नकार दिया और नीतीश कुमार अपना आधार वोट भी नहीं बचा पाए।
जनता ने सात दलों के महागठबंधन को नकारा
मोकामा में भाजपा ने दी कड़ी टक्कर, गोपालगंज में बचाया अतिपिछड़ा आधार वोट
श्री मोदी ने कहा कि गोपालगंज में भाजपा अपने आधार वोट को एकजुट रखकर विजयी रही। उधर मोकामा में पार्टी का 63 हजार से ज्यादा वोट पाना और आतंक के पर्याय छोटे सरकार (अनंत सिंह) की पत्नी (राजद प्रत्याशी) को कड़ी टक्कर देना बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि मोकामा की जीत महागठबंधन की जीत नहीं, बल्कि छोटे सरकार की जीत है।
श्री मोदी ने कहा कि छोटे सरकार पार्टी बदल-बदल कर जीतते रहे, लेकिन इस बार तेजस्वी प्रसाद यादव और ललन सिंह के हेलीकाप्टर उतारने के बाद भी उनके प्रत्याशी की जीत का अंतर आधा हो गया।
उन्होंने कहा कि जदयू के राजद से फिर हाथ मिलाने के कारण नीतीश कुमार का लव-कुश और अतिपिछड़ा वोट खिसक कर भाजपा के साथ आ गया। वे वोट ट्रांसफर करने की क्षमता खो चुके हैं।
सोनपुर । सोनपुर में विश्वप्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला का शानदार आगाज किया गया। जिसका उदघाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के अलावे स्थानिए सांसद राजीव प्रताप रूढ़ि सहित मंत्री आलोक मेहता के अलावा कई विधायक भी मौजूद रहें। उदघाटन के साथ 32 दिवसीय विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेले का शुभारंभ हो गया।
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक पंडाल में उप मुख्यमंत्री व अन्य विशिष्ट अतिथियों को मंच पर पुष्प गुच्छ स्मृति चिन्ह व शॉल देकर सम्मानित किया गया। जिसके बाद डिप्टी सीएम ने सारण द्वारा निर्मित मेला एप का लोकार्पण किया।
उदघाटन कार्यक्रम के बाद रात दस बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसमें बिहार गौरव गान, प्राची पल्लवी साहू द्वारा नृत्य और ऋचा शर्मा, पार्श्व गायिका द्वारा गायन होगा.गौरतलब हो कि सोनपुर मेला में कुल 2136 स्टाल लगाए गए हैं मेले में हर विभागों के अलावा दैनिक उपयोग के सामान भी मिलेंगे.यह मेला 7 सितंबर तक चलेगा।
बिहार में जारी शराबबंदी के बावजूद रोजाना सैकड़ों की संख्या में शराबी गिरफ्तार हो रहे हैं। जहानाबाद जिले में देर रात से सुबह तक चलाए गए विशेष अभियान में 37 शराबी ओर 7 शराब तस्कर को उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने गिरफ्तार किया है।
जहानाबाद और अरवल की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर जिले के विभिन्न जगहों पर 50- 50 की संख्या में विभक्त होकर विशेष अभियान चलाया जिसमें 37 शराबी और 7 शराब तस्करों को विभिन्न जगहों से गिरफ्तार किया गया है। शराब बेचने वाले जिन को गिरफ्तार किया गया है उनमें 3 महिलाएं भी शामिल है। जिन्हें बसों में भरकर उत्पाद विभाग के कार्यालय लाया गया। जहां उन्हें फाइन लेकर छोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
वहीं उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
हिंदी के आलोचक रहे प्रोफेसर मैनेजर पांडेय का निधन हो गया है। वह नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में लंबे समय तक पढ़ाते रहे. बिहार के गोपालगंज के रहने वाले थे।
मैनेजर पांडेय को साहित्य में योगदान के लिए दिनकर राष्ट्रीय सम्मान, गोकुल चंद आलोचना पुरस्कार, सुब्रमण्यन भारती पुरस्कार और साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया था।प्रोफेसर मैनेजर पांडेय को आलोचना के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए जाना जाता है. उन्होंने शब्द और कर्म, साहित्य और इतिहास-दृष्ठि, साहित्य के समाजशास्त्र की भूमिका, भक्ति आंदोलन और सूरदास का काव्य, अनभै सांचा, आलोचना की सामाजिकता और संकेट के बावजूद जैसी आलोचनाएं लिखीं। इसके अलावा, साक्षात्कार विधा में मैनेजर पांडेय ने ‘मैं भी मुंह में जबान रखता हूं’ और ‘मेरे साक्षात्कार’ जैसी रचनाएं कीं।
जेएनएयू में प्रोफेसर थे मैनेजेर पांडेय बिहार के गोपालगंज जिले के लोहटी गांव में पैदा हुए मैनेजर पांडेय ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. वह जेएनएयू के भारतीय भाषा केंद्र में हिंदी के प्रोफेसर थे. वह भारतीय भाषा केंद्र के अध्यक्ष भी बने. इसके अलावा, उन्होंने बरेली कॉलेज, बरेली और जोधपुर विश्वविद्यालय में भी प्राध्यापक रहे।
साहित्य के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कई पुस्तकें भी संपादित कीं. तमाम गोष्ठियों में अपने व्याख्यानों, गेस्ट लेक्चर और लेखों के लिए प्रोफेसर मैनेजर पांडेय को जाना जाता है. उन्हें दिल्ली की हिंदी अकादमी की ओर से ‘शलाका सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया था।
बिहार की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में मोकामा सीट के नतीजे आ गए हैं. बिहार की हॉट सीट कहे जाने वाले मोकामा विधानसभा क्षेत्र से बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया है. हालांकि इसका औपचारिक ऐलान शेष है. नीलम देवी मोकामा से महागठबंधन के तहत राजद की उम्मीदवार थीं. उन्होंने बीजेपी की महिला प्रत्याशी सोनम देवी को 16752 मतों से हराया है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मतगणना में नीलम देवी को 73893 वोट मिले जबकि उनकी प्रतिद्वंदी रही बीजेपी की सोनम देवी को 57141 वोट मिले. सोनम देवी मोकामा के ही एक अन्य बाहुबली ललन सिंह की पत्नी हैं. दरअसल चुनाव होने से पहले ही माना जा रहा था कि अपने पति अनंत सिंह की सीट से उनकी पत्नी नीलम देवी जीत का सिलसिला बरकरार रहेंगी लेकिन इस बीच बीजेपी ने एक अन्य बाहुबली ललन सिंह की पत्नी सोनम सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर कड़ी टक्कर देने की कोशिश की।
रविवार को हो रही मतों की गनिती में शुरू से ही मोकामा के चुनाव परिणाम में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी बढ़त लेकर चलती रहीं और अंतिम राउंड की जो गिनती हुई उसमें उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी सोनम देवी को करीब 17 हज़ार मतों से हराकर मोकामा सीट पर फिर से कब्जा जमा लिया है।
गया जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र मैगरा थाना क्षेत्र के पंचवा गांव में महिला को डायन का आरोप लगाकर घर में ही जिंदा जला दिया जहां महिला की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
मृतक महिला की पहचान अर्जुन दास के 45 वर्षीय पत्नी हेमंती देवी के रूप में हुई है दरअसल विवाद का कारण बताया जा रहा है कि गांव के ही चंद्रदेव मांझी के पुत्र की बीमारी के कारण हो गई थी। जिसका आरोप हेमंती देवी पर डायन का आरोप लगाया था।
हालांकि इसको लेकर पंचायती भी हुई लेकिन चंद्रदेव मांझी नहीं माने और आज शाम में है अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर घर पर धावा बोल दिया और सामानों को जला दिया जबकि घर में रही महिला हेमंती देवी को भी जला दिया।
वही घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी पहुँचि लेकिन आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी शुरू कर दी,हालांकि किसी की हताहत की खबर नही है, जिसके बाद भारी संख्या में इमामगंज डीएसपी मनोज राम के नेतृत्व में पहुंची तब मामले को शांत कराया गया।
वही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया, वहीं आरोपियों को पकड़ने के लिए भी धरपकड़ की जा रही है।
आरा से तीन दिनों पहले अपहृत आभूषण कारोबारी की अपहर्ताओं ने हत्या कर दी थी.अवहृत कारोबारी का शव आज तीन दिनों बाद एक पानी भरे गड्ढे से पुलिस ने बरामद किया है.
कारोबारी का शव बरामद होने की ख़बर मिलते ही मौके पर आरा एएसपी हिमांशु,जगदीशपुर एसडीपीओ,FSL की टीम सहित भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई और शव को पानी भरे गड्ढे से बाहर निकाला.वहीं सूचना पर घटनसाथल पर पहुंचे कारोबारी के परिजनों ने शव की शिनाख्त अपहृत कारोबारी डॉ0हरिजी गुप्ता के रूप में की.इधर कारोबारी हरिजी गुप्ता की हत्या और शव बरामदगी की ख़बर मिलते ही जिले के आभूषण कारोबारियों और व्यवसाइयों के बीच खलबली मच गई.
फिलहाल पुलिस ने कारोबारी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है जहां डॉक्टरों की टीम शव का पोस्टमार्टम करेगी. इधर इन सबके बीच आरा एएसपी हिमांशु ने भी आभूषण कारोबारी का अपहरण कर उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि करते हुए जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिए जाने की बात कही है. वहीं इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मृत आभूषण कारोबारी के परिजन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं.
बता दें कि 2 नवंबर की शाम से ही आरा के आभूषण कारोबारी और पेशे से वकील डॉ हरिजी गुप्ता आरा-पटना बायपास के बलुआही स्थित अपने मार्केट से लौटने के दौरान लापता हो गए थे.परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की जिसके बाद उनकी बाइक लावारिस हालत में आरा-पटना बायपास स्थित बलुआही मार्केट से थोड़ी दूर मिली थी.परिजनों ने इस मामले में बलुआही मार्केट के कुछ किरायेदारों सहित 5 लोगों पर नामजद केस दर्ज कराया था.
पुलिस इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार और 10 लोगों को हिरासत में लेते हुए अनुसंधान में जुटी थी.वहीं भोजपुर पुलिस की 4 टीमें भोजपुर,बक्सर और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में छानबीन कर रही थी जिसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को बक्सर से एक एसयूवी गाड़ी भी बरामद की थी जिसका कनेक्शन आभूषण कारोबारी अपहरण कांड में सामने नजर आने के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाई और आज आरा-बक्सर NH पर शाहपुर के रानीसागर के पास हाईवे पुल के नीचे पानी भरे गड्ढे से बरामद कर लिया.
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विवेक राज की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य के सभी सम्बंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अगली सुनवाई में हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो कुलपति हलफनामा दायर नहीं करेंगे,उन पर पाँच हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।ये धनराशि उनके व्यक्तिगत वेतन से काटा जाएगा।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शाश्वत ने बताया कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों की परीक्षा ली जाती है।एक तो इन विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक सत्र ऐसे भी विलम्ब से चल रहे है।परीक्षाएं भी निर्धारित समय पर नहीं ली जा रही है।उन्होंने के कोर्ट को बताया कि परीक्षाएं लेने और रिजल्ट देने के बाद भी ये विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को डिग्रियां देने में विलम्ब करते हैं।इससे जहां छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,वहीं इन छात्रों के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ता हैं।
#PatnaHighCourt
विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश या नौकरियों में डिग्री मांगी जाती हैं।लेकिन डिग्री नहीं होने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश या नौकरियों से वंचित रह जाना पड़ता हैं।इसलिए ये आवश्यक है कि छात्रों को सम्बंधित विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर डिग्री उपलब्ध कराएं।इस मामलें पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद की जाएगी।
पटना हाई कोर्ट ने हाजीपुर- सुगौली रेल लाइन प्रोजेक्ट को पूरा किये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर वर्चुअल रूप से सुनवाई करते हुए नई दिल्ली स्थित रेलवे के चेयरमैन पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस मामले में अभी तक जवाब दाखिल नहीं किये जाने पर नाराजगी जताते हुए ये जुर्माना लगाया।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता का कहना है कि विगत 16 वर्षों से भी ज्यादा समय से इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में इस कार्य हेतु जमीन अधिग्रहण में विलंब नहीं करने के लिए आदेश देने का आग्रह कोर्ट से किया है।
पटना हाईकोर्ट के वरीय जज जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह ने एक महत्वपूर्ण तथ्य को इंगित करते हुए कहा कि करोना काल की परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोर्ट के कामकाज में परिवर्तन किये जाने की जरूरत है।
उन्होंने ने चीफ जस्टिस संजय क़रोल को सुझाव देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के समय से चली आ रही एसओपी (स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीड्यूर) को अब तक जारी रखने की अब कोई औचित्य और आवश्यकता नहीं प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि अदालती कार्यवाही से आम जनता एवं वादियों को दूर नहीं रखा जाना चाहिए, जब तक कि पुनः कोई असाधारण परिस्थियां उत्पन्न न हो जाए। उन्होंने कोरोना की स्थिति में नियंत्रण के सन्दर्भ में ये बातें कही।
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उन्होंने 9 महीने पुराने स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीड्यूर के सम्बन्ध में कहा कि किसी भी कोर्ट के पास वादियों या आम जनता को कार्यवाही देखने से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालती कार्यवाही में वादी के प्रवेश अधिकार को रोकने से अदालती कार्यवाही में भी अस्पष्टता पैदा होती है ,जो खुली अदालत की कार्यवाही के सिद्धांत के विपरीत है।
हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया 21.02.2022 से प्रभावी एसओपी के अनुसार हाईकोर्ट के कामकाज के संबंध में कहा कि यह उनका एक विचार मात्र हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हाईकोर्ट के कामकाज के मामले में चीफ जस्टिस का निर्णय सर्वोपरि और अंतिम होता है।
गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन को शुक्रवार को जेल से बाहर आ गए। आनंद मोहन 15 दिनों के पेरोल पर जेल से बाहर आए हैं।
आनंद मोहन की बेटी की सगाई है और मां की खराब तबीयत को देखते हुए उन्हें पहली बार 15 दिनों का पेरोल मिला है। आनंद मोहन के स्वागत के लिए पिछले तीन दिनों से उनके समर्थक जेल के बाहर जमे हुए थे। बीते बुधवार को ही उन्हें जेल से बाहर आना था लेकिन कागजातों की कमी के कारण शुक्रवार को 15 दिनों के पेरोल पर आनंद मोहन जेल से बाहर आ गए।
सहरसा जेल के बाहर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद भी मौजूद थीं। जेल से बाहर आने पर समर्थकों ने आनंद मोहन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। बड़ी संख्या में समर्थक सुबह से ही जेल के बाहर मौजूद थे। जैसे ही आनंद मोहन जेल से बाहर आए समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
जेल से बाहर आने के बाद आनंद मोहन ने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा अच्छा हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि शुभ काम के लिए वे जेल से बाहर आए हैं।
गौरतलब है कि गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णय्या हत्याकांड मामले में आनंद मोहन उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। अब आनंद मोहन 15 दिनों के पैरोल पर जेल से बाहर आ गए हैं। आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद और उनके बेटे चेतन आनंद फिलहाल आरजेडी में है। चेतन आनंद आरजेडी के विधायक हैं। आनंद मोहन लंबे अरसे से जेल में बंद है और उनको रिहा करने की मांग समर्थकों की तरफ से लगातार उठती रही है।
बता दें कि साल 1994 में मुजफ्फरपुर में आनंद मोहन उस प्रोसेशन में शामिल थे, जिसमें छोटन शुक्ला की शव यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान गोपालगंज के तत्कालीन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वे दोषी करार दिए गए और उन्हें उम्र कैद की सजा हुई थी। इस सब के बावजूद फिलहाल वे केवल पैरोल पर ही बाहर आए हैं। आनंद मोहन के जेल से बाहर आने पर उनके विधायक बेटे चेतन आनंद ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘आज खुशी के आंसू थम नहीं रहे । इन्तजार उस दिन का भी जब आप पूरी तरह से हमारे बीच आ जाएं’।
अति पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष डॉ. नवीन आर्य आरक्षण को लेकर सामाजिक,आर्थिक और आर्थिक स्थिति की जमीनी जानकारी हासिल करने जहानाबाद पहुंचे। कलेक्ट्रिएट में अध्यक्ष ने डीएम और अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय राजनैतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक कर विचार विमर्श किया। इस दौरान सामाजिक,आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की।
डीएम रिची पांडेय, एसडीओ मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारियों से सरकारी आंकड़ों की जानकारी ली। इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार रितिक भी मौजूद रहे, जिनसे विस्तारित क्षेत्र, पिछड़ा वर्ग की आबादी और उनके सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आयोग के अध्यक्ष ने नगरपरिषद मलहचक वॉर्ड 19 का दौरा किया ।
बताया गया कि इस मुहल्ले में अतिपिछड़ा वर्ग के लोग बहुतायत में निवास करते हैं। अध्यक्ष ने खास कर अतिपिछड़ा वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिणक स्थिति एवं आरक्षण के संबंध में विस्तृत चर्चा की। संबंधित क्षेत्रों की सरकारी रिपोर्ट भी ली।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने महेंद्र यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष रखने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट को बताया कि कोशी नदी के बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने बताया कि कोसी पीड़ित विकास प्राधिकार का गठन 30 जनवरी,1987 को किया गया।लेकिन ये अबतक कागज पर ही दिख रहा है। कोर्ट ने इस सम्बन्ध में राज्य सरकार से कई बार जवाब तलब किया, लेकिन इसका कोई स्पष्ट जवाब अब तक नहीं दिया गया।
#PatnaHighCourt
उन्होंने बताया कि कोसी नदी के बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान माल की क्षति होती रही है।ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पीड़ित जनता को मुआवज़ा, खाद्य सामग्री एवं अन्य जरूरत की चीजें मुहैय्या कराई जानी चाहिए थी, लेकिन राज्य सरकार इसमें असफल रही ।
जहानाबाद में एक मंदिर से भगवान की मूर्ति चोरी हो गई। भगवान राम-जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु से बनी मूर्ति थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
दरअसल जिले के भेलावर ओपी क्षेत्र क्षेत्र के इमलिया गांव में पुराने रघुनाथ कुंज मंदिर से चोरों ने अष्टधातु की राम जानकी की मूर्ति चोरी कर ली है इस मंदिर के पुजारी जगत नारायण शर्मा ने बताया कि गुरुवार की शाम भगवान की पूजा अर्चना कर मंदिर के गेट में ताला लगा कर हम अपने घर चले गए। उन्होंने बताया कि आज जब सुबह पूजा करने के लिए मंदिर में पहुंचा तो देखा कि मंदिर का गेट का ताला टूटा हुआ है।
इसके बाद जब मंदिर के अंदर गए तो देखा कि मेरा सामान बर्तन झाल इत्यादि सभी सामान गायब था। जब भगवान के स्थान पर गए तो देखा कि राम जानकी लक्ष्मण के मूर्ति भी अपना स्थान पर नहीं है चोर से भी चुरा कर ले गए।
भेलावर थाना अध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया की पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
1991 में रोसड़ा लोकसभा क्षेत्र से जनता दल से रामविलास पासवान और बीजेपी से कामेश्वर चौपाल चुनाव लड़ रहे थे ।कामेश्वर चौपाल राम जन्मभूमि का शिलान्यास किये थे इसलिए रोसड़ा लोकसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो गया था क्यों कि उस समय मंडल और कमंडल की राजनीति चरम पर था।
कामेश्वर चौपाल के लिए संघ ,विहिप और बीजेपी अपनी पूरी ताकत झोंक दिया था और इतनी महंगी चुनाव मैंने आज तक नहीं देखा है ,उस दौर में पहली बार करोड़ों रुपये खर्च किये गये थे ।रामविलास पासवान का चार गाड़ी तो कामेश्वर चौपाल का 10 गाड़ी प्रचार में लगा हुआ था ।संशाधन में इतना बड़ा फर्क था लेकिन परिणाम आया तो कामेश्वर चौपाल का जमानत जप्त हो गया ।
वो दौर था जब मैंं पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया था हालांकि उस राजनीति की उतनी समझ नहीं थी लेकिन चुनाव परिणाम आने बाद मुझे लगा कि संसाधन और सवर्ण के सहारे ही चुनाव नहीं जीता जा सकता है ।
1998 के लोकसभा चुनाव में पहली बार एक पत्रकार के रूप में चुनाव कवर करने का मौका मिला और फिर यह सिलसिला शुरू हुआ वो अभी तक चला आ रहा है। बीजेपी को लेकर अभी भी धारणा यही है कि यह पार्टी सवर्ण और बनिया की पार्टी है। हिन्दू मुस्लिम नैरेटिव के बावजूद भी बिहार में बीजेपी अभी तक जातीय समीकरण में कोई बड़ी सेंधमारी नहीं कर पाई है ।वही 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार ऐसा देखा गया कि बनिया वोटर बीजेपी से दूरी बनाने लगे और ऐसी सीट जहां राजद बनिया को टिकट दिया वहां राजद एनडीए के कोर वोटर बनिया के वोट मे सेंधमारी करने में कामयाब रहा था ।
ऐसे में कल मोकामा और गोपालगंज में जो उप चुनाव हुआ है उसमें राजद को बड़े मार्जिन से चुनाव जीतना चाहिए क्यों कि 2015 में जब नीतीश और लालू एक साथ चुनाव लड़ थे तो उस वक्त मोदी लहर के बावजूद बीजेपी का बिहार में सूपड़ा साफ हो गया था और इस बार तो सात सात पार्टी बीजेपी के खिलाफ एकजुट है।
इसलिए यह चुनाव नीतीश ,तेजस्वी और बीजेपी तीनों के लिए लिटमस टेस्ट है क्यों कि महागठबंधन के बाद जिस तरीके से नीतीश का #Body language और संवाद करने के तरीके में जो बदल आया है उसकी भी परीक्षा इस चुनाव में होने वाली है ।
इसी तरह राजद का यादव और मुसलमान समीकरण को साधु यादव और ओवैसी जैसे नेता सेंधमारी करने में कामयाब हो जाते हैं तो 2024 में ऐसे कई नेता के सहारे बीजेपी बिहार के इस मजबूत गठबंधन को ध्वस्त कर सकती है ।
इसी तरह बिहार का जो चुनावी गणित दिख रहा है उसी तरीके का परिणाम रहा तो फिर बीजेपी के लिए बिहार में वापसी करना नामुमकिन हो जायेगा देखिए आगे आगे होता है क्या लेकिन चुनाव भले ही दो विधानसभा में हो रहा है लेकिन बिहार किसी दिशा में बढ़ रहा है इन दो विधानसभा चुनाव के परिणाम से साफ हो जायेंगा।
स्थानीय मतदाता दीपू कुमार सिंह द्वारा दायर रिट याचिका पर जस्टिस मोहित कुमार शाह करेंगे।
गौरतलब है कि कल गोपालगंज विधानसभा चुनाव क्षेत्र के उपचुनाव में मतदान हो चुका है।6 नवंबर,2022 को मतगणना हो कर परिणाम आ जाएगा। पिछली सुनवाई में भारत के चुनाव आयोग के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने इस रिट याचिका को सुनवाई करने के योग्य नहीं माना था।
उनका कहना था कि चुनाव परिणाम के बाद इसके विरुद्ध चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एस डी संजय ने कहा था कि आर जे डी उम्मीद्वार ने अपने विरुद्ध मामलें को छुपा कर नामांकन किया।ये सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन हैं।
वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने बताया कि याचिकाकर्ता ने राज्य में होने जा रहे विधानसभा के उप चुनाव में आरजेडी के उम्मीदवार मोहन प्रसाद गुप्ता उर्फ मोहन प्रसाद के नामांकन की जांच कर रद्द करने की माँग किया गया है।इसके लिए मुख्य चुनाव अधिकारी को आदेश देने का अनुरोध किया गया था।
याचिका में ये आरोप लगाया गया था कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा इनके नामांकन को गलत और अनुचित तरीके से स्वीकार किया गया है।इसमें तथ्यों को छुपा कर गलत हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया गया है। ये भी आरोप लगाया गया है कि उक्त आरजेडी के उम्मीदवार द्वारा भरे गए फॉर्म सी- 4 में लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में गलत सूचना दिया है।उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में गलत जानकारी दी गई है।
जहानाबाद । तिलिस्मी दुनिया के बेताज बादशाह शुक्ला सरकार एक बार फिर से भारी लाव लश्कर के साथ अब्दुल बारी नगर भवन जहानाबाद में शो चालू होने से पूर्व ही इस महान नगरी के कला प्रेमियों का उत्साह उनके शो को लेकर उत्साहित कर रहा।
शो के मीडिया प्रभारी अतुल जोशी ने बताया की जादुगर शुक्ला सरकार एक मानवता के समर्थक कलाकर है,जादू द्वारा समाजिक सेवा उनका युगधर्म है।मैजिक के माध्यम से समाजिक कुरीतिया दूर करना उनका युग धर्म है। श्री जोशी ने बताया की रोजाना 3 शो चलाया जाएगा 1 बजे, 4 बजे और संध्या 6 बजे।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जादुगर शुक्ला सरकार और प्रबन्धक प्रेम धनराज ने बताया की जहानाबाद में इसबार कुछ नया दिखाने वाले हैं जो पूर्व में कोई जादूगर नही दिखाया है।।पूरा न्यू स्टाइल में नए नए करतब होंगे जिसमे करोड़ो वर्ष पूर्व विलुप्त डायनासोर को मंच पर प्रस्तुत करना हो या स्टैचू ऑफ लिबर्टी देखते गायब । और भी अनेक करतब होंगे जो दिल दिमाग को मुग्ध कर देगा। वार्ता के दौरान जादूगर शुक्ला ने कहा की जादू एक स्वच्छ मनोरंजन है, सभी कलाओं में श्रेष्ठ कला जादू है,कला को कला की दृष्टि से अशीष दे।
शो में नयापन शहर के लोगो को पसंद आएगा।।फैमिली शो है और तमाम आधूनिक प्रयोग देखने को मिलेगा।।
शो का शुभारंभ 4 नवंबर शाम 6 बजे डीएम रिची पांडे,और एसपी दीपक रंजन द्वारा किया जाएगा।। उसके बाद नियमित शो चालू हो जाएगा।। हर शो दो घंटे का होगा जिसकी एडवांस बुकिंग भी कराई जा सकती टिकट काउंटर से।।
पिपरहिया, पश्चिम चम्पारण । जन सुराज पदयात्रा के दौरान योगापट्टी प्रखंड के पिपरहिया पंचायत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि “मोटरसाइकिल चला रहे हैं हमारे लड़के, बनता हरयाणा और महाराष्ट्र में है।
हम लोग घर बनवाते हैं तो सीमेंट और छड़ लगता है, बनता मध्य प्रदेश में है। आप लोग गाड़ी चलाते हैं, गाड़ी कहां बनता है? गुजरात और तमिलनाडु में। आप लोग घर में टीवी देखते हैं, रेडियो सुनते हैं, ये मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में बनता है। हमारे यहां क्या बनता है ? हमारे यहां अब सिर्फ जवान लड़कों को मजदुर बनाया जाता है।
देश भर में जिसको भी मजदूरों की जरुरत होती है, बस भेज कर बिहार से मजदुर ले आते हैं। बिहार को लोगों ने लेबर का सप्लायर बना दिया है। ये ज्ञान की भूमि रही है बिहार, देवताओं को भी बिहार आकर ज्ञान मिला है। व्यवस्था को देखिये, व्यवस्था ने हमको आपको लो ग्रेड लेबर का सप्लायर बना दिया है।
स्थिति बदलनी चाहिए, आपके लड़के जिंदगी भर मजदुर ना रहें इसलिए पदयात्रा करने निकले हैं।
शुरुआत में चले हो हंगामे के बाद आखिरकार अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की बहाली प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान स्थित आर्मी रिक्रूटमेंट कार्यालय में भर्ती चल रही है। इसका आज दूसरा दिन था।
अभ्यर्थियों का दौड़ समाप्त हो चुका है। फिजिकल टेस्ट जारी है। इस बीच भर्ती प्रक्रिया में पहुंचे बिहार-झारखंड सेना भर्ती बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर मुकेश गुरुंग ने मीडिया को ब्रीफ किया। ब्रिगेडियर ने कहा की 22 जून 2022 को ये योजना लॉन्च की गई थी।
इसके बाद गांव-गांव और शहर-शहर घूमकर हमारे अधिकारियों ने लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। शहर से लेकर गांव तक का एक भी कोना नहीं छोड़ा गया। स्कूल और कॉलेजों में बच्चों को इस स्कीम के बारे में बताया। जागरूक किया गया। इसका नतीजा बहुत बेहतर रहा। बहाली प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या बहुत अच्छी है।
बिहार विधानसभा की दो सीट मोकामा और गोपालगंज में उपचुनाव को लेकर मतदान खत्म हो गया . मोकामा में जहां 53.45% मतदान हुआ तो वही गोपालगंज में 51.48% मतदान हुआ। दोनों सीटों पर मुख्य रूप से महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल और विपक्षी दल बीजेपी के बीच मुकाबला है.
गोपालगंज से नौ तो मोकामा से छह प्रत्याशी मैदान में हैं. गोपालगंज में लगातार पांचवीं बार जीत का परचम लहराने की कोशिश में बीजेपी जुटी है. मोकामा में जबरदस्त टक्कर होने वाली है. यहां ललन सिंह और अनंत सिंह की पत्नी आमने-सामने हैं.
मतदान को लेकर गोपालगंज और मोकामा में जो भी बूथ बनाए गए हैं वहां एक दिन पहले ही पूरी तैयारी हो चुकी थी. किसी भी मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन को ले जाना वर्जित है. मतदान वाले क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई थी. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए थे. मोकामा के टाल क्षेत्र में अश्वारोही और ट्रैक्टर के माध्यम से भी निगरानी की गई. वहीं, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह गोपालगंज के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने चुनाव को लेकर सख्त निर्देश दिए थे. खास कर ईवीएम मशीन से कोई छेड़छाड़ या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो प्रशासन गोली का सहारा लेकर निपटेगी. डीएम ने साफ कहा कि पहले चेतावनी देंगे. फिर भी बात नहीं मानी तो गोलियों का सहारा लिया जाएगा.
मोकामा विधानसभा सीट पर आरजेडी से नीलम देवी उम्मीदवार. बीजेपी से सोनम देवी हैं उम्मीदवार.अनंत सिंह की सदस्यता रद्द होने के कारण हो रहा है चुनाव. मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,81,248 मतदाता हैं. वहीं गोपालगंज विधानसभा सीट पर आरजेडी से मोहन प्रकाश गुप्ता उम्मीदवार हैं. बीजेपी से कुसुम देवी बीजेपी से चार बार विधायक रहे सुभाष सिंह की पत्नी हैं। निधन के कारण उपचुनाव हो रहा है. गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,31,469 मतदाता हैं. दोनों सीटों पर नतीजों की घोषणा छह नवंबर को की जाएगी.
गोपालगंज आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी का पैतृक जिला है. आरजेडी ने वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मोहन प्रकाश गुप्ता को बीजेपी के जातिगत समीकरणों को बिगाड़ने के लिए टिकट दिया है. वहीं राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने इस बार अपनी पत्नी इंदिरा यादव को बसपा उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा है.
मतदान खत्म होने के बाद अब नतीजों का इंतजार है देखना है ऊंट किस करवट बैठता है।
पटना हाईकोर्ट में गोपालगंज से आरजेडी के उम्मीदवार मोहन प्रसाद गुप्ता के विरुद्ध दायर रिट याचिका पर कल (4 नवंबर,2022) सुबह साढ़े दस बजे ऑन लाईन सुनवाई की जाएगी। स्थानीय मतदाता दीपू कुमार सिंह द्वारा दायर रिट याचिका पर जस्टिस मोहित कुमार शाह सुनवाई करेंगे।
भारत के चुनाव आयोग के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने इस रिट याचिका को सुनवाई करने के योग्य नहीं माना।उनका कहना था कि चुनाव परिणाम के बाद इसके विरुद्ध चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एस डी संजय ने कहा कि आर जे डी उम्मीद्वार ने अपने विरुद्ध मामलें को छुपा कर नामांकन किया।ये सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन हैं।
वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने बताया कि याचिकाकर्ता ने राज्य में होने जा रहे विधानसभा के उप चुनाव में आरजेडी के उम्मीदवार मोहन प्रसाद गुप्ता उर्फ मोहन प्रसाद के नामांकन की जांच कर रद्द करने की माँग किया है।
#PatnaHighCourt
इसके लिए मुख्य चुनाव अधिकारी को आदेश देने का आग्रह किया गया है।याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा इनके नामांकन को गलत और अनुचित तरीके से स्वीकार किया गया है।इसमें तथ्यों को छुपा कर गलत हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया गया है।
ये भी आरोप लगाया गया है कि उक्त आरजेडी के उम्मीदवार द्वारा भरे गए फॉर्म सी- 4 में लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में गलत सूचना दिया है। उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में गलत जानकारी दी गई है।