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सासाराम के ऐतिहासिक महत्व के धरोहर शेरशाह के मकबरे के आसपास बड़े तालाब में स्वच्छ और ताज़ा पानी आने के लिए बनाया गए नाले बंद होने के मामलें पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की

सासाराम के ऐतिहासिक महत्व के धरोहर शेरशाह के मकबरे के आसपास बड़े तालाब में स्वच्छ और ताज़ा पानी आने के लिए बनाया गए नाले बंद होने के मामलें पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को पार्टी बनाने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने रोहतास के डी एम, डीसीएलआर,सासाराम नगर निकाय के अधिकारियो समेत केंद्र सरकार के अधिकारी और एएसआई की बैठक कर विस्तृत कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने प्राची पल्लवी को इस जनहित की सुनवाई में कोर्ट की मदद करने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया हैं।कोर्ट ने कहा कि ये ऐतिहासिक धरोहर है,जिसकी सुरक्षा और देखभाल करना आवश्यक हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कन्हैया लाल भास्कर ने कोर्ट को बताया कि सासाराम स्थित शेरशाह का मकबरा राष्ट्रीय धरोहर हैं।इसके तालाब में साफ और ताज़ा के लिए वहां तक नाले का निर्माण किया गया।

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उन्होंने कोर्ट को बताया कि 2018 से 2020 तक सिर्फ पचास फी सदी नाले का काम हुआ।इसे बाद में खराब माना गया।इसमें लगभग आठ करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

इसमें काफी अनियमितताएं बरती गई, जिसकी जांच स्वतन्त्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि ये नाला कूड़ा से भरा पड़ा है।जिस कारण शेरशाह के मकबरे के तालाब में साफ पानी नहीं पहुँच पाता है।

वह तालाब गंदा और कचडे से भरा हुआ है।वहां जो पर्यटक आते है,उन्हें ऐसी हालत देख कर निराशा होती है।

इस मामलें पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी।

Patna High Court News: राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों और विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों की मॉनिटरिंग करते हुए राज्य के जिला जजों को जारी किया महत्वपूर्ण दिशा निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों और विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों की मॉनिटरिंग करते हुए राज्य के जिला जजों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किया हैं। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य के सभी जिला जजों से तुरंत सभी जिलाधिकारियों, हितधारकों, एवं पुलिस अधीक्षक की बैठक बुला कर मामलो की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।

कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक को इस आदेश की प्रति इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सभी जिला जजों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया । गौरतलब है कि अदालत ने जिला जजों से पूर्व ऐवं वर्तमान एमपी /एमएलए के ख़िलाफ़ लंबित मामलों की सुनवाई की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया था ।

लेकिन खंडपीठ ने इन रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए कहा कि यह रिपोर्ट आधी -अधूरी और बगैर समय रेखा इंगित किये बनाई गई है |

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दूसरी ओर कोर्ट ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा दायर रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट ज्यादा विस्तृत है और मामलों की समय रेखा भी इंगित करती है | अपर मुख्य सचिव द्वारा दायर रिपोर्ट अनुसार पांच महीनों (फरवरी से जुलाई)में अब तक 164 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है |

कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन भवन को तोड़े जाने और वकीलों के लिए वैकल्पिक बुनियादी सुविधायें उपलब्ध जाने के मामले पर जस्टिस पार्थ सारथी ने देर शाम कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन का निरीक्षण किया

कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन भवन को तोड़े जाने और वकीलों के लिए वैकल्पिक बुनियादी सुविधायें उपलब्ध जाने के मामले पर जस्टिस पार्थ सारथी ने देर शाम कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन का निरीक्षण किया । हाईकोर्ट ने इससे पूर्व अपने आदेश में राज्य सरकार को वकीलों के लिए आधुनिक एवं बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था ।

इसके लिए एक कमिटी भी बनाई थी । चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ के समक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि पटना कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के भवन को तोड़ने का काम चल रहा है ,लेकिन वकीलों के बैठने और कार्य करने की अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसी स्थिति में अधिक्वताओं और उनके क्लाइंट को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

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उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशन की स्थिति बेहद चिंताजनक है।वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने बताया कि जस्टिस पार्थ सारथी के द्वारा स्वयं निरीक्षण करने के दौरान जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि विकास भवन में इन वकीलों को बैठने की जगह एवं अन्य सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।

बिहार सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून या नीति बनाये – सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या जिस प्रकार से संसाधनों पर दबाव डाल रही है और विकास को बेअसर कर रही है, उसे देखते हुए नीतीश सरकार को भी जनसंख्या नियंत्रण कानून या नीति बनाना चाहिए और इसके राजनीतिक विरोध की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।

  • नगर निकाय चुनाव और कई योजनाओं में दो बच्चों की नीति पहले से लागू
  • धर्म से नहीं, जनसंख्या नियंत्रण का संबंध संसाधनों पर बढते दबाव से
  • विकास को बेअसर कर रही है बढती आबादी

श्री मोदी ने कहा कि जब भाजपा साथ थी, तब नीतीश सरकार ने 2008 में कानून बना कर दो से अधिक बच्चे वालों को नगर निकाय चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया था।

उन्होंने कहा कि बिहार में जननी सुरक्षा जैसी कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल दो बच्चे वालों तक सीमित किया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि इसे नीति कहें या कानून, इसका उद्देश्य कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना और आबादी पर नियंत्रण न रखने वालों को हतोत्साहित करना ही है।

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उन्होंने कहा कि एक तरफ कम बच्चे वालों को प्रोत्साहित करना और दूसरी तरफ वोट बैंंक पर नजर रख कर जनसंख्या नियंत्रण कानून का अंधविरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री मोदी ने कहा जनसंख्या नियंत्रण कानून या नीति का किसी धर्म से संबंध नहीं, बल्कि यह कानून बढते प्रदूषण, घटते भूगर्भ-जल स्तर और स्कूल,अस्पताल, रेलवे जैसे अनेक संसाधनों पर बढते बोझ से निपटने के लिए अब अपरिहार्य हो गया है।इस पर राजनीति करना मानवता के लिए आत्मघाती है।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड स्थित अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के लिए एकमात्र स्कूल की दयनीय अवस्था पर नाराजगी जाहिर की

पटना हाईकोर्ट ने राज्य में पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड स्थित अनुसूचित जनजाति के बालिकाओं के लिए एकमात्र स्कूल की दयनीय अवस्था पर नाराजगी जाहिर की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इन बच्चे की सही ढंग से पढ़ाई के लिए क्यों नहीं सोचते है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक और समाज कल्याण विभाग के निदेशक को अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए तलब किया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास पंकज ने कोर्ट को बताया कि बिहार में अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं के लिए पश्चिम चम्पारण के हारनाटांड एकमात्र स्कूल है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि पहले यहाँ पर कक्षा एक से ले कर कक्षा दस तक की पढ़ाई होती थी।लेकिन जबसे इस स्कूल का प्रबंधन सरकार के हाथों में गया,इस स्कूल की स्थिति बदतर होती गई।

उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि कक्षा सात और आठ में छात्राओं का एडमिशन बन्द कर दिया गया।साथ ही कक्षा नौ और दस में छात्राओं का एडमिशन पचास फीसदी ही रह गया।यहाँ पर सौ बिस्तर वाला हॉस्टल छात्राओं के लिए था,जिसे बंद कर दिया गया।

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इस स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी नहीं है।इस कारण छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।कोर्ट ने जानना चाहा कि इतनी बड़ी तादाद में छात्राएं स्कूल जाना क्यों बंद कर दे रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि जब इस स्कूल के लिए केंद्र सरकार पूरा फंड देती है,तो सारा पैसा स्कूल को क्यों नहीं दिया जाता हैं।इस मामलें पर आगे की सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के फ्रेजर रोड स्थित तंदूर हट को अवैध रूप से खाली कराने व तोड़े जाने पर सख्त रुख अपनाया

जस्टिस असाउद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना के जिलाधिकारी और एसएसपी व बिहार स्टेट फाइनेंसियल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को तलब किया है।

वरीय अधिवक्ता एस डी संजय ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि कानून के विरुद्ध जाकर अवैध ढंग से इस कार्य को अंजाम दिया गया है।

पटना के जिलाधिकारी व बिहार स्टेट फाइनेंसियल कॉर्पोरेशन द्वारा किसी कानून का पालन नहीं किया गया।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि कॉर्पोरेशन को सिविल कोर्ट के समक्ष रेस्टोरेंट को खाली करवाने के लिए जाना चाहिए था। इंडस्ट्री सेक्रेटरी के इसारे पर प्रबंध निदेशक द्वारा पटना के जिलाधिकारी को रेस्टोरेंट को खाली करवाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध करवाया गया।

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वरीय अधिवक्ता का कहना था कि न सिर्फ रेस्टोरेंट को खाली करवाया गया, बल्कि रेस्टोरेंट को भी तोड़ दिया गया। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शिव शंकर प्रसाद व उनके सहायक अधिवक्ता संजय कुमार कोर्ट के समक्ष सरकार का पक्ष रखा।

इस मामले पर अगली सुनवाई आगामी 1 दिसंबर,2022 को की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया से रोक हटा ली

पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया से रोक हटा ली है । जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया को जारी रख सकती है, लेकिन इनकी बहाली अपील याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगी।

गौरतलब है कि 15 सितम्बर,2022 को एक अन्य खंडपीठ ने इन शिक्षकों के बहाली पर रोक लगा दिया था।राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रियदर्शी मातृशरण ने बहस किया।

ये मामला हाई स्कूलों शिक्षक नियोजन के छठे चरण से जुड़ा है।
इसी वर्ष 09 फ़रवरी को पटना हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने प्रीति प्रिया एवं अन्य की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फ़ैसला सुनाया था ।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिन उम्मीदवारों का बीएसआईटीईटी परिणाम वर्ष 2012 में प्रकाशित हुआ था और जिन्होंने खुद को बीएड के लिए नामांकित किया है, वे सत्र 2016-18 तक नवीनतम पाठ्यक्रम और बी.एड. नियुक्ति के छठे चरण के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि होने की अंतिम तिथि से पहले डिग्री पात्र होंगे।

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इस कोर्ट ने अपने फ़ैसले में यह भी कहा था कि जिन उम्मीदवारों के परिणाम वर्ष 2012 में प्रकाशित हुए हैं, लेकिन उन्होंने बी.एड. में अपना नामांकन कराया है। सत्र 2017-19 में पाठ्यक्रम के बावजूद कि उन्होंने बी.एड प्राप्त किया है।

कट-ऑफ तिथि से पहले डिग्री पात्र नहीं होंगे, लेकिन उन्हें चयन / नियुक्ति के लिए अपने मामलों पर विचार करने के लिए संबंधित प्रतिवादी से संपर्क करने की स्वतंत्रता होगी।
इसके साथ -साथ
जिन उम्मीदवारों का बीएसआईटीईटी परिणाम वर्ष 2013 में प्रकाशित हुआ है और जिन्होंने बी.एड. सत्र 2017-19 तक नवीनतम पाठ्यक्रम और अपना बी.एड. कट-ऑफ तिथि से पहले की डिग्री फिर से उसी सिद्धांत पर पात्र होंगे।

Patna High Court News: मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं के महंतो, पुजारियों,साधुओं और सेवकों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने के लिए दायर जनहित पर सुनवाई दूसरे बेंच द्वारा की जाएगी

पटना हाईकोर्ट में राज्य के मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं के महंतो, पुजारियों,साधुओं और सेवकों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने के लिए दायर जनहित पर सुनवाई दूसरे बेंच द्वारा की जाएगी। पंकज प्राणरंजन द्विवेदी की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए इस जनहित याचिका को दूसरे बेंच के समक्ष रखने का निर्देश दिया।

इस जनहित याचिकाकर्ता में ये शिकायत की गई है कि असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर,मठ और संस्थाओं से देवी देवता की मूर्तियों को हटाया जा रहा है और मठों व मंदिरों के लोगों की हत्या की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

साथ ही इनकी सम्पत्ति और भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्ज़ा करने की घटनाएं राज्य के विभिन्न जिलों में होती रही है।इन घटनाओं की जानकारी होने के बाद भी न तो राज्य सरकार और न ही बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा ही कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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इस जनहित याचिका में ये माँग की गई है कि मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं की भूमि,संपत्तियों की रक्षा के प्रभावी और सख्त कदम राज्य सरकार व बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड उठायें।साथ ही मठों और मंदिरों में रहने वाले महन्त, पुजारियों और साधु के जान माल की सुरक्षा की प्रभावकारी व्यवस्था की जाए।

इस जनहित याचिका में ये भी माँग की गई है कि असामाजिक तत्वों और स्थानीय दबंगो के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए,क्योंकि इनके लिए न तो कानून का डर है और ना ही सम्मान है।

इस जनहित याचिका पर अब दूसरे बेंच द्वारा सुनवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी खो जाने के मामले पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया हलफनामा दायर करने का निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कई व्यक्तियों के आंख की रौशनी खो जाने के मामले पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट को हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया।

मुजफ्फरपुर के आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के आपरेशन में कई लोगों की आँखों की रोशनी चली गयी थी।इस मामलें में कोर्ट ने राज्य सरकार को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

आज राज्य सरकार ने कोर्ट में जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने 6 दिसम्बर, 2022 तक हलफनामा दायर करने निर्देश राज्य सरकार को दिया।

पूर्व की सुनवाई में मुजफ्फरपुर के एस एस पी को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट ने निर्देश दिया था।मुकेश कुमार ने ये जनहित याचिका दायर की है।पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वी के सिंह ने कोर्ट को बताया था कि इस मामलें में दर्ज प्राथमिकी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।कोर्ट ने इससे पहले की सुनवाई में कहा था कि इस मामलें में गठित डॉक्टरों की कमिटी को चार सप्ताह मे अपना रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इसमें कोर्ट को बताया गया था कि आँखों की रोशनी गवांने वाले पीडितों को बतौर क्षतिपूर्ति एक एक लाख रुपए दिए गए हैं।साथ ही मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल को बंद करके एफ आई आर दर्ज कराया गया था,लेकिन अब तक दर्ज प्राथमिकी पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई ।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया गया था कि कथित तौर पर आई हॉस्पिटल के प्रबंधन व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा बरती गई अनियमितता और गैर कानूनी कार्यों की वजह से कई व्यक्तियों को अपनी आँखें की रोशनी खोनी पड़ी।

याचिका में आगे यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं की लापरवाही की वजह से सैकड़ों लोगों को अपनी ऑंखें गंवानी पड़ी।

इस जनहित याचिका पर अधिवक्ता विजय कुमार सिंह ने याचिकाकर्ता की ओर से पक्षों को रखा,जबकि कोर्ट द्वारा कोर्ट के सहायता के लिए नियुक्त एमिकस क्यूरी अधिवक्ता आशीष गिरि ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया।

इस मामले पर अगली सुनवाई 6 दिसंबर,2022 को की जाएगी।

योगी की लोकप्रियता से डरे नीतीश ने महिला कवि पर दिखायी तानाशाही: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सोनपुर मेला में आमंत्रित कवियित्री अनामिका अम्बर को काव्य-पाठ से रोक कर नीतीश सरकार ने दिनकर की धरती पर हिंदी कविता, स्त्री और अभिव्यक्ति की आजादी का जैसा तिहरा अपमान किया , उससे बिहार शर्मसार हुआ।

  • अनामिका को काव्यपाठ से रोकना हिंदी और अभिव्यक्ति की आजादी का अपमान
  • कवियित्री का सम्मान कर भाजपा सोनपुर की घटना का कलंक मिटायेगी

श्री मोदी ने कहा कि इस घटना का कलंक धोने के लिए भाजपा जल्द ही अनामिका अम्बर के काव्य पाठ का आयोजन कर उन्हें सम्मानित करेगी।

उन्होंने कहा कि अनामिका ने उत्तर प्रदेश में अपराधियों, देशविरोधी ताकतों और हर तरह के माफिया पर कानून के शासन का बुलडोजर चलाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जनभावना को वाणी देने वाले कुछ गीत लिखे हैं, जिसे नीतीश कुमार का अहंकार बर्दाश्त नहीं कर सका।

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श्री मोदी ने कहा कि 22 करोड़ की आबादी वाले बड़े राज्य यूपी में योगी जी कुशल शासन देकर दूसरी बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटे हैं। ऐसे निर्वाचित मुख्यमंत्री के सम्मान में कविता लिखना क्या अपराध है ? योगी की लोकप्रियता से नीतीश कुमार डर गए हैं।

उन्होंने कहा कि तानाशाही के विरुद्ध लड़ने वाले जेपी आंदोलन से निकले नीतीश कुमार अब खुद तानाशाही पर उतर आए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार ने जनकवि नागार्जुन को जेल में डाला था। उसी कांग्रेस से हाथ मिलाने वाले नीतीश-लालू की सत्ता आज युवा कवियित्री को मंच से उतार रही है।

आईजी विकास वैभव के दामन पर लगा दाग

ऐसी क्या मजबूरी है ,या फिर ये जरुरी है, जी है बात हम अभिषेक अग्रवाल की कर रहे हैं याद है वही अभिषेक अग्रवाल जिसने पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायधीश बन कर बिहार के डीजीपी को फोन करके गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार का केस खत्म करवा लिया था।

याद आ गया ना वो अभी जेल में है ,कल इसका एक और कारनामा सामने आया है पटना सिटी स्थिति खाजेकलां थाना का एक अधिकारी कोर्ट में 13 मई 2021 को अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मामले में रिमांड पर लेने का आवेदन दिया है । आवेदन की सूचना पर आर्थिक अपराध इकाई में अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मामले का अनुसंधान कर रहे अधिकारी भागे भागे कोर्ट पहुंचा फिर जो मामले सामने आया है सुनकर हैरान रह जायेंगे।

ऐसा क्या है अभिषेक अग्रवाल में जो पुलिस महकमा इतना लाचार है । इसलिए मैंने सवाल खड़ा किया है बिहार के सीनियर आईपीएस अधिकारी अभिषेक अग्रवाल को लेकर ऐसी क्या मजबूरी था जो आंख पर पट्टी बांध लिया और उसके हर जुर्म को नजरअंदाज करता रहा। खाजेकला थाने में उस समय के थाना अध्यक्ष के बयान एक मामला अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ दर्ज किया गया था जिसमें लिखा है कि अभिषेक अग्रवाल गृह विभाग में पदस्थापित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव बोल रहा हूं कह कर फोन किया था और दो दुकान को खाली कराने को कहा उस वक्त के पटना एसएसपी को थाना अध्यक्ष ने जानकारी दिया और उसके बाद इस मामले में थानाध्यक्ष के बयान पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई ।

अभिषेक अग्रवाल के फेसबुक पोस्ट को देखे तो इस प्राथमिकी के बावजूद भी वो विकास वैभव के साथ लगातार पुलिस मुख्यालय स्थित दफ्तर में मिलता रहा है इतना ही नहीं पटना एसएसपी उपेन्द्र शर्मा जिसके आदेश पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था उनसे भी अभिषेक अग्रवाल आवास और गांधी मैदान स्थिति कार्यालय में जा कर मिलता रहा है ,और उस मुलाकात की तस्वीर वो सोशल मीडिया पर भी डालता रहा है ।

दिल्ली में 25 दिसंबर 2021 को अभिषेक अग्रवाल विकास वैभव के साथ एक कार्यक्रम के दौरान मंच शेयर करते दिखा है। अभिषेक अग्रवाल के फेसबुक पोस्ट को देखे तो 13 मई 2021 जिस दिन एफआईआर दर्ज हुआ है उसके बाद एक दर्जन से अधिक बार उसकी मुलाकात विकास वैभव से हुई है ।

विकास वैभव अभिषेक अग्रवाल के बेटे के जन्मदिन में, शादी के सालगिरह जैसे व्यक्तिगत फंक्शन में भी शामिल हुए हैं ऐसे में सवाल उठना लाजमी है ऐसा क्या रिश्ता था दोनों के बीच जो विकास वैभव जैसा अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी नजरअंदाज करते रहे ।

क्योंकि खाजेकला थाने में जो एफआईआर दर्ज हुई थी उसकी जानकारी विकास वैभव को भी दी गयी है क्यों कि अग्रवाल जिस नम्बर का इस्तेमाल कर रहा था उस नम्बर के डीपी में बिहार सरकार के गृह विभाग का लोगो लगा हुआ था ऐसे में सवाल तो बनता है ये मेहरबानी क्यों।

BPSC 67वीं मुख्य परीक्षा की तिथि जारी; 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक होगी परीक्षा

बीपीएससी के द्वारा 67 वीं मुख्य परीक्षा की तिथि जारी, 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक परीक्षा होगी । इस मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों से सामान्य हिंदी और सामान्य अध्ययन के साथ एक वैकल्पिक विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे।

हर पेपर के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाएगा। साथ ही उम्मीदवारों को राहत देते हुए बीपीएससी ने वैकल्पिक विषय बदलने का भी मौका दिया है।

BPSC
BPSC

मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन चल रहा है, अभ्यार्थी 6 दिसंबर तक आवेदन कर सकते है।

भव्य जानकी मंदिर बनाने की पहल करें नीतीश, भाजपा साथ देगी: सुशील मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीतामढ़ी में भव्य जानकी मंदिर के निर्माण के लिए यदि नीतीश कुमार पहल करते हैं, तो भाजपा उनका सहयोग करेगी। सीतामढ़ी को अयोध्या की तरह विकसित किया जाना चाहिए।

  • अयोध्या की तरह विकसित की जाए सीतामढ़ी
  • मंदिर का नामकरण संतों-श्रद्धालुओं का काम,पार्टी का नहीं
  • जो लोग राम मंदिर का विरोध कर रहे थे,वे अब सीता के नाम पर राजनीति करने पर उतरे

श्री मोदी ने कहा कि कोई सरकार या राजनीतिक पार्टी किसी धर्मस्थल का निर्माण नहीं कराती, लेकिन इसके लिए आधारभूत संरचना विकसित करने में वैसे ही सहयोग कर सकती है, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण के लिए किया। इससे वहां पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अपार अवसर भी सृजित हुए।

उन्होंने कहा कि जो लोग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे थे, वहाँ मस्जिद या अस्पताल बनाने का ‘ज्ञान’ दे रहे थे और तंज कस रहे थे कि ” मंदिर वहीं बनायेंगे, पर तारीख नहीं बचायेंगे, वे आज माता सीताजी के नाम पर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि अयोध्या श्रीराम की जन्मभूमि है और वहां पहले श्रीराम का मंदिर था, यह बात जब पुरातात्विक प्रमाणों से अदालत में सिद्ध की जा चुकी है, तब बिहार सरकार के एक मंत्री उसे सीता-मंदिर नाम देने की बात कर नया विवाद क्यों पैदा करना चाहते हैं?

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उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण, नामकरण और पुनरुद्धार जैसे काम संतों-श्रद्धालुओं के हैं, भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नहीं, लेकिन मंत्री जी इस पर राजनीति कर रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि देश के संतों-धर्माचायों के लंबे संघर्षं बाद जब सुप्रीम कोर्ट ने जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, तब सभी धर्मों के लोगों ने शांति के साथ इसे स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोर्ट के फैसले के बाद 5 अगस्त 2020 को राममंदिर का शिलान्यास कर देश की सांस्कृतिक आकांक्षा पूरी की और तारीख पूछने वालों का मुँह बंद कर दिया।

श्री मोदी ने कहा कि श्रीराम, देवी सीता और रामायण संस्कृति का सम्मान करना केवल भाजपा का दायित्व नहीं है, लेकिन मंत्री के बयान से लगता है कि सीता-राम से जदयू और महागठबंधन सरकार का कोई वास्ता नहीं है।

Patna High Court News: आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के मेडिकल अंतिम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के मामले पर सुनवाई करते हुए यूनिवर्सिटी से जवाबतलब किया

नवम्बर 25, 2022 । जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने राजू कुमार की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने एक सप्ताह में हलफनामा दायर करने का आदेश दिया।

याचिकाकर्ता का कहना था कि जो छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे पहले से ही पटना मेडिकल कॉलेज, नालंदा मेडिकल कॉलेज में पहले से ही स्थापित मेडिकल प्रैक्टिशनर हैं। कोर्ट के समक्ष मामले को दायर करने से पूर्व विश्विद्यालय के कुलपति के समक्ष अनेकों अभ्यावेदन दिए गए, इसके बावजूद न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही कोई जवाब दिया गया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आनंद वर्धन ने बताया कि यहां तक कि जांच का परिणाम भी लंबित है।

विश्वविद्यालय पीजी(एम डी/एम एस) 12 दिसंबर , 2022 से पूरक परीक्षा प्रारंभ होने जा रहा है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए यूनिवर्सिटी के वकील से पूछा कि बार-बार आवेदन देने पर भी वाईस चांसलर ने कोई जवाब नहीं दिया।अब यह पूरी परीक्षा फिर से हो रही है। उसके लिए एक पेपर में उन्हें यह पूरक परीक्षा का चार पेपर फिर सब देना पड़ रहा है।

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उसके कारण यदि इनके मार्क्सशीट पर पूरक जुड़ता है ,तो ये लोग, जो पहले से ही पीएमसीएच और एनएमसीएच में डॉक्टर हैं, ये लोग अपोलो और एम्स जैसे बड़े अस्पताल में नहीं चुने जाएंगे। यह मेडिकल प्रैक्टिशनर के जिंदगी के साथ खिलवाड़ है।इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को 1 दिसंबर 2022 को कोर्ट में तलब किया

पटना हाईकोर्ट ने राज्य के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को 1 दिसंबर 2022 को कोर्ट में तलब करते हुए उनसे यह जानना चाहा है कि जब राज्य में नगर निकाय के विघटन की अवधि 6 माह से ज्यादा हो गई है ,तो किस कानून के तहत एडमिनिस्ट्रेटर निकायों में कार्य कर रहे हैं।जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने अंजू कुमारी व अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।

कोर्ट ने उनसे जानना चाहा है कि क्यों नहीं प्रावधानों और कानूनों के उल्लंघन को मानते हुए एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा किए जा रहे कार्यों पर कोर्ट द्वारा रोक लगा दिया जाए।

कोर्ट को राज्य सरकार के अधिवक्ता किंकर कुमार ने बताया कि डेडीकेटेड कमीशन का गठन हाई कोर्ट के निर्देशानुसार कर दिया गया है।उसका रिपोर्ट आते ही राज्य में नगर निकाय का चुनाव करा लिया जाएगा।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसबीके मंगलम ने कोर्ट को बताया कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार 5 वर्ष की अवधि समाप्त होने के पहले नगर निकाय का चुनाव हर हाल में करा लेना है। लेकिन बिहार में बहुत ऐसे नगर निकाय हैं, जिनको विघटित हुए एक बरस से ज्यादा की अवधि हो गई है ।इसके बावजूद इसके अभी भी उन नगर निकायों में एडमिनिस्ट्रेटर के द्वारा कार्य कराया जा रहा है, जो कानूनी रूप से सही नहीं है।

कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के कार्यों को गैरकानूनी माना है।याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जिस प्रकार पंचायत में परामर्श दात्री समिति का गठन किया गया है ,उसी प्रकार नगर निकाय में भी परामर्श दात्री समिति का गठन किया जाए। इससे नगर निकाय का कार्य सुचारू रूप से चुनाव संपन्न होने तक हो सकेगा।

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चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता संजीव निकेश ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार डेडिकेटेड कमीशन की रिपोर्ट आ जाने के बाद नगर निकाय का चुनाव सम्पन्न करा लिया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्य में नगर निकाय की अवधि 3 सितंबर 2021 और 9 जून 2022 को पूरी हो जाने के बाद संबंधित नगर निकाय का कार्य एडमिनिस्ट्रेटर की देख रेख में हो रहा है।ये 9 दिसंबर 2022 को समाप्त हो रही है।अभी तक डेडीकेटेड कमीशन का रिपोर्ट अति पिछड़ों को आरक्षण देने के मामले में अभी सरकार को नहीं मिला है ।उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक आयोग का रिपोर्ट सरकार को उपलब्ध हो जाएगा।

इस मामले पर 1 दिसंबर 2022 को फिर सुनवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एम आर शाह ने वर्चुअल माध्यम से पटना हाई कोर्ट में चार पेपरलेस कोर्ट, जस्टिस क्लॉक व ई-जस्टिस क्लॉक का उदघाटन किया

नवम्बर 24, 2022 । पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल व अन्य जजों की उपस्थिति में जस्टिस शाह ने महिलाओं के विरुद्ध योन उत्पीड़न रोकने के लिए वेबसाइट, क्रेच (शिशु गृह – 1 से 8 वर्ष के बच्चों के लिए), शी- बॉक्स और बिहार के जिलों में 31 ई सेवा केंद्र, अनुमंडल तथा पंचायत में उदघाटन भी किया।

पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट ई कमेटी की दृष्टि के साथ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए समाज के सभी लोगों तक न्याय पहुंचाने के लिए समर्पित है।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस आशुतोष कुमार, जस्टिस मधुरेश प्रसाद व जस्टिस मोहित कुमार शाह का कोर्ट पेपरलेस कोर्ट की तरह भी काम करना आरंभ कर चुका है। ई सेवा केंद्रों के जरिये केस की स्थिति, फैसले और आदेश की प्रति व अभिप्रमाणित प्रति के लिये ऑनलाइन आवेदन देने के अलावा फ़्री लीगल सहयोग लेने के लिए लोगों को गाइड किया जाएगा।

जस्टिस क्लॉक न्याय पद्धति में पारदर्शिता को बढ़ाएगा। जस्टिस क्लॉक को ई सेवा केन्द्र के पास लगाया गया है, जिसे पटना हाई कोर्ट के गेट नंबर 3 से देखा जा सकता है।

कार्य स्थल पर महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न की शिकायत ऑनलाइन करने की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए पटना हाई कोर्ट में 14 शिकायत पेटी लगाई गई है। इस तरह से पटना हाई कोर्ट, चीफ जस्टिस संजय करोल के नेतृत्व में सभी वर्गों को सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में अनवरत कार्यरत है।

मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि इलेक्ट्रॉनिक मोड से दिए जाने के मामले पर सुनवाई करते हुए परिवहन विभाग के सचिव को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के आलोक में कार्रवाई करने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि इलेक्ट्रॉनिक मोड / आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से दिए जाने के मामले पर सुनवाई की।जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए परिवहन विभाग के सचिव को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के आलोक में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।

कोर्ट ने आईसीआईसीआई लॉमबर्ड की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दुर्गेश नंदन सिंह ने बिहार राज्य में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 173 का हवाला देते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि है मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि को इलेक्ट्रॉनिक मोड / आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से पीड़ितों या लाभार्थियों दिए जाने प्रावधान होना चाहिए।

एमिकस क्यूरी अधिवक्ता मृगांक मौली ने सुप्रीम कोर्ट के केस का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा करने का आदेश सभी राज्यों को दिया जा चुका है, लेकिन बिहार में यह लागू नहीं है ।

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राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि मुआवज़ा राशि को इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य माध्यम से दिया जा सकता है। ऐसा करने में राज्य सरकार को कोई आपत्ति नहीं है, बीमा कंपनी ऐसा कर सकती है ।

इस मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर,2022 को होगी ।

पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन भवन को तोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई 29 नवंबर,2022 तक के लिए टली

नवम्बर 24, 2022 । पटना हाईकोर्ट में पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन भवन को तोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई 29 नवंबर,2022 तक के लिए टली। उपेंद्र नारायण सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से वकीलों के लिए आधुनिक और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने को कहा।

वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन के भवन को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।लेकिन वकीलों के बैठने और काम करने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशन के भवन या तो है ही नहीं या काफी बुरी स्थिति में है।पिछली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित पटना के प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया कि पटना के जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में बैठक किया।

उस बैठक की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।इसमें कहा गया कि वकीलों के बैठने के लिए भवन निर्माण किया जाएगा।जबतक वकीलों को बैठने के लिए विकास भवन में बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

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कोर्ट ने बिहार राज्य बार कॉउन्सिल और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशनों के भवनों की हालत के सम्बन्ध में जानकारी देने को कहा। वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य में वकीलों को बैठने और कार्य करने के लिए न तो उचित व्यवस्था है और न ही भवन हैं।

ऐसे में वकीलों के पेशागत कार्य करने में बहुत कठिनाई होती हैं।इस मामलें पर अगली सुनवाई 29 नवंबर,2022 को की जाएगी।

Bihar Crime News: पटना में एक बार फिर अपराधियों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम; आभूषण व्‍यवसायी से एक करोड़ का सोना और दो लाख रुपये लूटे

पटना । बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बिहटा के कन्हौली बाजार में गुरुवार की सुबह दुकान खोल रहे आभूषण व्‍यवसायी जितेंद्र गुप्‍ता से हथियारबंद अपराधियों ने करीब एक करोड़ का दो किलो सोना और दो लाख रुपये नकदी लूट लिए।

घटना को अंजाम देन के बाद अपराधी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। विरोध में आक्रोशित स्‍थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया है।

मुजफ्फरपुर में CSP स्टाफ की गोली मारकर हत्या

मुजफ्फरपुर जिले में बेखौफ अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दिनदहाड़े CSP स्टाफ की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना सकरा थाना क्षेत्र के रामनगर की है।

विकास कुमार (22) रामनगर में सेंट्रल बैंक के सीएसपी में काम करता है। आज वह सीएसपी में साफ सफाई कर रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो अपराधी पहुंचे। एक ने उसपर पिस्टल तान दिया। कहा की जल्दी से कैश निकालो। विकास ने इसका विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की। तभी एक अपराधी ने पिस्टल निकालकर उसपर फायर कर दिया।

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गोली उसके सीने के समीप लगी और वह गिर गया। अपराधियों ने काउंटर से 1.80 लाख रुपए लूट लिए और भाग निकला।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के गाय घाट स्थित आफ्टर केअर होम की घटना के मामले पर सुनवाई की

जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ इस मामलें पर सुनवाई करते हुए इस मामलें की जांच पर असंतोष जाहिर किया।

कोर्ट ने एस एस पी, पटना और एस आई टी जांच टीम का नेतृत्व करने वाली सचिवालय एएसपी काम्या मिश्रा को अब तक किये गए जांच का पुनः आकलन कर कार्रवाई रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया हैं।

कोर्ट ने कहा कि इस मामलें की समग्रता में जांच नहीं किया गया हैं।पुलिस अधिकारियों को विस्तार और गहराई से जांच पड़ताल करने की आवश्यकता है।

अधिवक्ता मीनू कुमारी ने बताया कि कोर्ट अब तक एस आई टी द्वारा किये गए जांच और कार्रवाई के सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना चाहता था।उन्होंने बताया कि आफ्टर केअर होम में रहने वाली महिलाओं की स्थिति काफी खराब हैं।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एस आई टी टीम का नेतृत्व करने वाली पुलिस अधिकारी को कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा था।

पिछली सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया था कि इस मामलें में चार्ज शीट फाइल किया जा चुका है।पिछली सुनवाई में उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी थी कि आफ्टर केयर की अधीक्षिका को गिरफ्तार किया जा चुका हैं।

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पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने अनुसंधान को डी एस पी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट भी तलब किया था।

हाई कोर्ट ने इस याचिका को पटना हाई कोर्ट जुवेनाइल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर रजिस्टर्ड किया था। कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन थे, जबकि जस्टिस अंजनी कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय इसके सदस्य के रूप में थे।

कमेटी ने इस मामले में 31 जनवरी को अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। केअर होम में 260 से भी ज्यादा महिलाएं वास करती हैं।

इस मामलें पर आगे की सुनवाई 8 दिसंबर,2022 को की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की अवमानना के मामले में सुपौल के जिलाधिकारी पर पाँच हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया

इस अर्थ दंड को उन्हें अपने पॉकेट से पटना उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराना होगा। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने शम्भू प्रसाद उर्फ़ शम्भू स्वर्णकार की आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया।

इस मामले में हाई कोर्ट ने दिनांक 08.08.2018 को सुपौल के ज़िलाधिकारी से अपना हलफनामा देने का निर्देश दिया था,लेकिन इस निर्देश के बावजूद उन्होंने अपना हलफ़नामा दायर नहीं किया।

इसके बाद दिनांक 23.09.2022 को हाई कोर्ट ने पुनः उन्हेें हलफनामा देने का निर्देश दिया।उसके बाद भी जब मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ,तो कोर्ट ने यह पाया कि उक्त दोनों तिथि को पारित आदेश का अनुपालन सुपौल के जिलाधिकारी द्वारा नहीं किया गया।

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गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त समय देने की माँग की गई । इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उन पर 5000 रुपये का अर्थ दंड लगाया।

पटना हाईकोर्ट ने पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन भवन को तोड़े जाने के मामलें पर सुनवाई की

पटना, 23 नवंबर, 2022। उपेंद्र नारायण सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए वकीलों के लिए आधुनिक और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने को कहा।

वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने पटना समाहरणालय बार एसोसिएशन के भवन को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।लेकिन वकीलों के बैठने और काम करने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशन के भवन या तो है ही नहीं या काफी बुरी स्थिति में है।

आज कोर्ट में उपस्थित पटना के प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया कि पटना के जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में बैठक किया।उस बैठक की रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।इसमें कहा गया कि वकीलों के बैठने के लिए भवन निर्माण किया जाएगा।जबतक वकीलों को बैठने के लिए विकास भवन में बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

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कोर्ट ने बिहार राज्य बार कॉउन्सिल और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को राज्य के विभिन्न बार एसोसिएशनों के भवनों की हालत के सम्बन्ध में जानकारी देने को कहा। वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि राज्य में वकीलों को बैठने और कार्य करने के लिए न तो उचित व्यवस्था है और न ही भवन हैं।ऐसे में वकीलों के पेशागत कार्य करने में बहुत कठिनाई होती हैं।

इस मामलें पर कल भी सुनवाई जारी रहेगी।

पटना हाईकोर्ट में राज्य के मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं के महंतो, पुजारियों,साधुओं और सेवकों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टली

पटना, 23 नवंबर, 2022। पटना हाईकोर्ट में राज्य के मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं के महंतो, पुजारियों,साधुओं और सेवकों के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टली। पंकज प्राणरंजन द्विवेदी की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ द्वारा सुनवाई की जा रही है।

इस जनहित याचिकाकर्ता में ये शिकायत की गई है कि असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर,मठ और संस्थाओं से देवी देवता की मूर्तियों को हटाया जा रहा है और मठों व मंदिरों के लोगों की हत्या की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

साथ ही इनकी सम्पत्ति और भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध कब्ज़ा करने की घटनाएं राज्य के विभिन्न जिलों में होती रही है।इन घटनाओं की जानकारी होने के बाद भी न तो राज्य सरकार और न ही बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा ही कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इस जनहित याचिका में ये माँग की गई है कि मठों, मंदिरों,धार्मिक संस्थाओं की भूमि,संपत्तियों की रक्षा के प्रभावी और सख्त कदम राज्य सरकार व बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड उठायें।साथ ही मठों और मंदिरों में रहने वाले महन्त, पुजारियों और साधु के जान माल की सुरक्षा की प्रभावकारी व्यवस्था की जाए।

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इस जनहित याचिका में ये भी माँग की गई है कि असामाजिक तत्वों और स्थानीय दबंगो के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए,क्योंकि इनके लिए न तो कानून का डर है और ना ही सम्मान है।

इस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता के लिए कोर्ट ने अधिवक्ता आशीष गिरी को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त कर रखा है।कल वे सुनवाई के दौरान कोर्ट में सभी मुद्दों पर कोर्ट की सहायता करेंगे।

इस जनहित याचिका पर कल सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने पटना मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई की

पटना, 23 नवंबर, 2022। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अतिक्रमणकारियों को पूरा अतिक्रमित भूमि खाली करनी होगी।

कोर्ट अतिक्रमणकारियों की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय देने का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए इस मामले पर आगे की सुनवाई के लिए आगामी 5 दिसंबर,2022 की तिथि निर्धारित किया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को ये पूरी जमीन को हर हाल में खाली करना होगा। कोर्ट को भी सहानुभूति है, लेकिन इस सरकारी जमीन को खाली करना होगा।

इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में ही कोर्ट ने दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया था। उक्त नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने भी स्वीकार किया है।

सम्बंधित अंचलाधिकारी ने 5 मई, 2022 को ही कोर्ट को स्वयं बताया था कि अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा। सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया।

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सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई है। कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके।

इस मामलें पर 5 दिसंबर,2022 को अगली सुनवाई की जाएगी।

राजद ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही 10 लाख सरकारी नौकरी का वायदा किया था उसका क्या हुआ? : सुशील मोदी

पटना, 22 नवंबर, 2022। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक साल में 10 लाख सरकारी नौकरी के वायदे के अनुरूप रोजगार मेला लगाकर नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं परंतु राजद ने तो कैबिनेट की पहली बैठक में ही 10 लाख सरकारी नौकरी का वायदा किया था उसका क्या हुआ?

• कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख सरकारी नौकरी का क्या हुआ?
• शिक्षकों के लिए ‘समान काम, समान वेतन’ नीति कब लागू करेंगे?

राजद की घोषणा थी कि पहली ही कैबिनेट की बैठक में हस्ताक्षर कर रिक्त पड़े 4.50 लाख पद भरने के साथ 5.50 लाख स्थाई पदों का सृजन कर कुल 10 लाख स्थायी नौकरियां दी जाएगी। कैबिनेट की 15 बैठकें हो चुकी परंतु अभी तक 10 लाख नौकरियों का ठिकाना नहीं है।

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महागठबंधन जो नियुक्ति पत्र बांट रहा है वह तो भाजपा के समय निकले विज्ञापन द्वारा नियुक्त लोगों को ही बुलाकर दोबारा नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है।

तेजस्वी यादव बताएं उनके समय के नियुक्त एक भी नौजवान को अब तक नौकरी क्यों नहीं दी गई? 10 लाख नौकरी के जुमले का क्या हुआ?

संविदा प्रथा को समाप्त कर नियोजित शिक्षकों को स्थायी कर ‘समान काम, समान वेतन’ की नीति पर अमल करने की चुनावी घोषणा का क्या हुआ?

डॉ जायसवाल ने कहा शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ है भाजपा, दी चेतावनी- 13 तक निर्णय नहीं हुआ, तो सदन नहीं चलने देंगे

पटना, 22 नवंबर, 2022। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष में हर तरह से साथ देने का वादा किया। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इन अभ्यर्थियों के लिए सरकार यदि 13 दिसंबर तक निर्णायक निर्णय नहीं लेती है तो भाजपा सदन को नहीं चलने देगी।

डॉ जायसवाल ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने 2020 के विधान सभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनेगी तो सरकार की पहली कैबिनेट में, पहले हस्ताक्षर से 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उनकी सरकार बने भी कई दिन हो गए, लेकिन अब तक एक भी नौकरी इस सरकार द्वारा नहीं दी गई है।

शिक्षक अभ्यर्थियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सभी शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति की बात एनडीए सरकार में तय हो चुकी थी। एनडीए के शासन काल में तत्कालीन शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में कहा भी था कि जल्द ही सी टी ई टी तथा बी टी ई टी पास किए अभ्यर्थियों से राज्य में शिक्षक के करीब 1.25 लाख रिक्त पद भरे जाएंगे।

सबूत दिखाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री से यह प्रश्न किसी और ने नहीं बल्कि आज के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने सदन में पूछा था, लेकिन आज प्रदेश में जदयू और राजद की सरकार है और उस जवाब को भूल गई।
उन्होंने कहा कि कितना दुर्भाग्य है कि सदन में इस मुद्दे को लेकर प्रश्न पूछने वाले विधायक आज शिक्षा मंत्री हैं और आज वही इन अभ्यर्थियों को नौकरी देने से पीछे हट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भले ही अपने कहे को भूल जाए लेकिन भाजपा अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। भाजपा अब इन अभ्यर्थियों के साथ है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 13 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले अगर सरकार इन अभ्यर्थियों को लेकर निर्णायक पहल नहीं करती है तो भाजपा सदन नहीं चलने देगी।

डॉ जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव ने जो 10 लाख सरकारी नौकरी देने का जो वादा किया था, वह कभी भी पूरा नहीं होगा। खुद नीतीश जी इस बात को मानते थे और कई दफे इसे झूठा बता चुके थे। लेकिन सरकार को कम से कम इन अभ्यर्थियों को नौकरी दे देना चाहिए जिससे इस सरकार को नौकरी देने की शुरुआत हो सके।

तेजस्वी यादव से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी जी इन शिक्षक अभ्यर्थियों को नौकरी दे देंगे तो उनके दस लाख सरकारी नौकरियों के वादे की संख्या भी कुछ कम हो जायेगी।

sanjay jaswal

सरकार द्वारा नियुक्ति पत्र बांटे जाने पर आड़े हाथों लेते हुए डॉ जायसवाल ने यह भी कहा कि आज मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के लिए नौकरी कर रहे लोगों को नियुक्ति पत्र देना फैशन बन गया है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ जायसवाल ने कहा कि महागठबंधन की सरकार में अब तक छह बार नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं, लेकिन सभी नियुक्तियां एनडीए कार्यकाल की है। सबसे हास्यास्पद स्थिति तो यह है कि हाल ही में गांधी मैदान में 10 हजार पुलिसकर्मियों के बांटे गए नियुक्ति पत्र लेने आए लोग पुलिस वर्दी में थे।

पत्रकार वार्ता से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना तथा हरसंभव मदद करने का भरोसा भी दिया।

इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्दार्थ शंभू, मीडिया प्रभारी राकेश सिंह, राजू झा, अशोक भट्ट उपस्थित रहें।

पटना हाईकोर्ट में पटना मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई कल तक टली

पटना हाईकोर्ट ने पटना मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा किये गए अतिक्रमण के मामले पर सुनवाई कल तक टली। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ राज किशोर श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

पूर्व में इस संबंध में कोर्ट द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाकर अनुपालन के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का आदेश गया था।

इसके पूर्व याचिककर्ता के अधिवक्ता द्वारा खंडपीठ को हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश के बारे में बताया गया था। इस नहर बांध व चार्ट भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति को दानापुर के अंचलाधिकारी ने भी स्वीकार किया है।

अंचलाधिकारी ने 5 मई, 2022 को ही कोर्ट को स्वयं बताया था कि अगले चार सप्ताह में कम से कम 70 फीसदी अतिक्रमण को हटा दिया जाएगा।सोन नहर प्रमंडल, खगौल, पटना द्वारा अतिक्रमण वाद दायर करने के लिए दानापुर के अंचलाधिकारी को लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटाया गया।

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सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा दानापुर के अंचलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों की सूची भी अंचलाधिकारी को दी गई थी।

कार्यपालक अभियंता ने अपने पत्र में विभागीय मुख्य नहर के बांध व चार्ट भूमि पर किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अतिक्रमण वाद दायर कर ठोस अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अनुरोध किया था, ताकि विभागीय भूमि अतिक्रमणकारियों से मुक्त हो सके। कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। इस मामले पर कल सुनवाई की जाएगी।

बिहार के खगड़िया में सोमवार सुबह नाव पलट गई; 8 डूबे जिसमें 2 महिला की डूबने से मौत हो गई

खगड़िया । खगड़िया में सोमवार की सुबह नाव पलट गई। नाव में सवार 8 लोग कोसी की उपधारा में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से 6 महिला-पुरूष को बचा लिया गया। जबकि दो महिला की डूबने से मौत हो गई।

Boat overtrun in river

SDRF की मदद से शव को बरामद कर लिया गया है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के गाय घाट स्थित आफ्टर केअर होम की घटना के मामले पर सुनवाई की

पटना हाईकोर्ट ने पटना के गाय घाट स्थित आफ्टर केअर होम की घटना के मामले पर सुनवाई की। जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए इस मामलें में एस आई टी जांच टीम का नेतृत्व करने वाली सचिवालय एएसपी काम्या मिश्रा को अगली सुनवाई में तलब किया हैं।

अधिवक्ता मीनू कुमारी ने बताया कि कोर्ट अब तक एस आई टी द्वारा किये गए जांच और कार्रवाई के सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना चाहता था।उन्होंने बताया कि आफ्टर केअर होम में रहने वाली महिलाओं की स्थिति काफी खराब हैं।

इससे पूर्व इस मामलें की सुनवाई चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा सुनवाई की जा रही थी।आज कोर्ट ने एस आई टी टीम का नेतृत्व करने वाली पुलिस अधिकारी को कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा हैं।

कोर्ट के पिछली सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस मामलें में चार्ज शीट फाइल किया जा चुका है।पिछली सुनवाई में उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी थी कि आफ्टर केयर की अधीक्षिका को गिरफ्तार किया जा चुका हैं।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने अनुसंधान को डी एस पी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट भी तलब किया था।

राज्य सरकार के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि दोनों पीडितों की ओर से महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज हो गई है।पीड़िता की संबंधित अधिकारियों के समक्ष जांच भी की गई थी।

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हाई कोर्ट ने इस याचिका को पटना हाई कोर्ट जुवेनाइल जस्टिस मोनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा पर रजिस्टर्ड किया था। कमेटी में जस्टिस आशुतोष कुमार चेयरमैन थे, जबकि जस्टिस अंजनी कुमार शरण और जस्टिस नवनीत कुमार पांडेय इसके सदस्य के रूप में थे।

कमेटी ने इस मामले में 31 जनवरी को अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। केअर होम में 260 से भी ज्यादा महिलाएं वास करती हैं।

इस मामलें पर आगे की सुनवाई 24 नवंबर,2022 को की जाएगी।

बदले की भावना से भाजपा नेताओं को दिया गया आवास खाली करने का नोटिस: सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सुपर सीएम तेजस्वी प्रसाद के दबाव में राज्य सरकार राजनीतिक बदले की भावना से भाजपा के पूर्व उप मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस थमाकर उनसे भारी जुर्माना वसूलना चाहती है।

उन्होंने कहा कि यदि हिम्मत है नीतीश कुमार सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करें।

  • तेजस्वी यादव ने डेढ़ साल तक नहीं छोड़ा था 46 एसी वाला सरकारी बंगला
  • नीतीश कुमार सरकारी बंगलों पर श्वेतपत्र जारी करें

श्री मोदी ने कहा कि भाजपा का कोई जनप्रतिनिधि किसी सरकारी आवास में तेजस्वी यादव की तरह जबरदस्ती नहीं रहना चाहता।

उन्होंने कहा कि 2017 में महागठबंधन सरकार गिरने के बाद तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 5, देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगला खाली करने की नोटिस के बावजूद बिना कोई अतिरिक्त भुगतान किये न केवल डेढ़ साल तक वहाँ बने रहे, बल्कि हाईकोर्ट में मुकदमा हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक गए।

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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा कर तेजस्वी यादव को वह बंगला खाली करने का आदेश दिया था, जिसकी साज-सज्जा पर जनता के करोड़ों रुपये बहाये गए थे। उसके बाथरूम तक कुल 46 एसी लगे थे।

श्री मोदी ने कहा कि जिन भाजपा नेताओं को आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है, पहले उनके नाम आवंटित आवास को खाली करा कर और उसे रहने लायक बना कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ दल के दर्जनों लोग अवैध तरीके से सरकारी आवासों में रह रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में JDU ने बनाया दबदबा; 5 में से 4 पद पर कब्जा

पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मतगणना पूरी हो गई है। तीन राउंड की गिनती के बाद अध्यक्ष पद पर छात्र JDU के आनंद मोहन विजयी रहे।

महासचिव को छोड़ सेंट्रल पैनल के चारों पदों पर JDU ने कब्जा किया है। उपाध्यक्ष के लिए विक्रमादित्य, सचिव पद पर संध्या और कोषाध्यक्ष पद पर रविकांत को जीत मिली है। महासचिव पद पर ABVP के विपुल की जीत हुई है। मतगणना लगभग 8 घंटे चली।

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वोटों की गिनती शनिवार शाम 7:30 PM शुरू हुई और परिणाम की घोषणा रविवार सुबह 3:30 AM में हुई।

बिहार को केंद्र से यूरिया, डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति, कोई कमी नहीं: सुशील कुमार मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिहार को यूरिया , डीएपी और अन्य उर्वरकों की प्रचुर मात्रा में आपूर्ति की, लेकिन राज्य सरकार की वितरण व्यवस्था फेल होने के कारण उर्वरक किसानों के बजाय कालाबाजारियों और तस्करों के पास पहुँच रहा है।

  • राज्य की वितरण व्यवस्था फेल , स्टॉक में पड़ा है उर्वरक
  • कालाबाजारी और नेपाल सीमा से तस्करी रोके सरकार

श्री मोदी ने कहा कि खाद का कोई किल्लत नहीं है, लेकिन विभागीय मंत्री गलतबयानी कर केंद्र को बदनाम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने में बिहार को 2.41 लाख मीट्रिक टन यूरिया मिला और बिक्री के बाद भी 1.68 लाख मीट्रिक टन स्टॉक में पड़ा है।

उन्होंने कहा कि इस साल अक्टूबर में 1.84 लाख मीट्रिक टन और नवम्बर में 93 हजार मीट्रिक टन यूरिया बिहार को मिला।

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श्री मोदी ने कहा कि रबी फसल को ध्यान में रख कर केंद्र सरकार ने बिहार को यूरिया और पी एंड के उर्वरक के 122 रैक अक्टूबर माह में और 17 नवम्बर तक 85 रैक उपलब्ध कराये, लेकिन राज्य सरकार ने इसे किसानों तक पहुँचाने की चिंता नहीं की।

उन्होंने कहा कि बिहार को 1.62 लाख मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति की गई और बिक्री के बाद यह 90 हजार मीट्रिक टन स्टॉक में है, फिर भी कमी का रोना रोया जा रहा है।

श्री मोदी ने कहा कि सरकार को अफसरों की मिलीभगत से होने वाली खाद की कालाबाजारी और नेपाल सीमा से होने वाली तस्करी रोकने पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।

BJP नेताओं को आवास खाली करने का नोटिस; दोनों पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को मिला नोटिस

सरकार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को पद तो मिल गया, लेकिन इस पद के लिए तय सरकारी बंगला अब तक नहीं मिला है। कारण, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tarkishor Prasad) पद से हटने के बाद भी पुराने आवास में बने हुए हैं।

यही हाल पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी (Renu Devi) का है। वह भी पद के साथ मिला बंगला नहीं छोड़ रही हैं। अब सरकार ने सख्ती करने का निर्णय लिया है। भवन निर्माण मंत्री डा. अशोक चौधरी ने कहा-ये मर्जी से आवास खाली नहीं करते हैं तो मजिस्ट्रेट तैनात कर खाली कराया जाएगा।

BJP नेताओं को आवास खाली करने का नोटिस। दोनों पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को मिला नोटिस। लाखों का जुर्माना भी लगाया गया है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपने जन सुराज पदयात्रा पर पूर्वी चंपारण पहुंचे

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपने जन सुराज पदयात्रा पर निकले हुए है। 550 किमी पद यात्रा पूरी कर 18 नवंबर की रात पूर्वी चंपारण जिले में प्रवेश किया।

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प्रशांत ने 2 अक्तूबर को बापू की भूमि पश्चिम चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम से इस यात्रा का शुरुआत किया था, जो 140 से अधिक पंचायतों और 350 से अधिक गांवों से गुजरते हुए पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर प्रखंड में प्रवेश की।

पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के लिए हो रहा मतदान

पटना यूनिवर्सिटी में आज छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा। चुनाव के लिए 8 बजे से वोटिंग जारी है। जो दोपहर 2 बजे तक चलेगी।

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छात्र संघ चुनाव को लेकर यूनिवर्सिटी में कुल 51 बूथ बनाए गए हैं। जहां कुल 24395 छात्र-छात्राएं मतदान करेंगे। चुनाव में कुल 306 बैलट बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा।

BPSC ने 68वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी किया

बीपीएससी ने 68वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए नोटिस जारी कर दिया है। जारी नोटिस के अनुसार इसके जरिए कुल 281 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

उम्मीदवार BPSC 68वी प्रारंभिक परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 नवंबर से कर सकते हैं। वहीं आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2022 निर्धारित की गई है।

BPSC

बता दें कि उम्मीदवार बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

Patna High Court News: मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि इलेक्ट्रॉनिक मोड से दिए जाने के मामले पर सुनवाई हुई

18 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि इलेक्ट्रॉनिक मोड / आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से दिए जाने के मामले पर सुनवाई की। जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई करते हुए परिवहन विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है ।

कोर्ट ने आईसीआईसीआई लॉमबर्ड की लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया ।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दुर्गेश नंदन सिंह ने बिहार राज्य में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 173 का हवाला देते हुए कोर्ट से अनुरोध किया कि है मोटर दुर्घटना एवं कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि को इलेक्ट्रॉनिक मोड / आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से पीड़ितों या लाभार्थियों दिए जाने प्रावधान होना चाहिए।

एमिकस क्यूरी अधिवक्ता मृगांक मौली ने सुप्रीम कोर्ट के केस का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा करने का आदेश सभी राज्यों को दिया जा चुका है, लेकिन बिहार में यह लागू नहीं है ।

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राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को बताया कि मुआवज़ा राशि को इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य माध्यम से दिया जा सकता है। ऐसा करने में राज्य सरकार को कोई आपत्ति नहीं है, बीमा कंपनी ऐसा कर सकती है ।

इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी ।

न जिला अस्पतालों की दशा सुधरी, न 705 डाक्टरों पर कार्रवाई हुई : सुशील कुमार मोदी

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव न 60 दिन में जिला अस्पतालों को सुधार पाये, न उन 705 डाक्टरों पर कोई कार्रवाई हुई, जिन्हें कई साल से “गायब” बताया गया है।

  • महागठबंधन सरकार में स्वास्थ्य सेवाएँ बद से बदतर
  • औचक निरीक्षण के बाद तेजस्वी के पास समीक्षा तक की फुर्सत नहीं

श्री मोदी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से गायब डाक्टरों को अब तक वेतन कैसे मिल रहा है?

उन्होंने कहा कि सभी राशनकार्डधारी मरीजों को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त देने की जो घोषणा की गई थी , उसका क्या हुआ?

श्री मोदी ने कहा कि जब डेंगू का प्रकोप चरम पर था, तब तेजस्वी यादव ने औचक निरीक्षण कर एक डाक्टर को सस्पेंड किया, लेकिन उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा तक नहीं की। मरीज भगवान भरोसे छोड़ दिये गए।

श्री मोदी ने कहा कि खगड़िया में बिना एनेस्थीसिया दिये महिला का बन्ध्याकरण आपरेशन किया जाना स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनहीनता और दुर्दशा, दोनों की गंभीरता बताने के लिए काफी है।

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उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में दवा, जांच, डाक्टर की उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाओं को दो माह में ठीक करने का वादा हवा-हवाई ही साबित हुआ।

श्री मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को स्वास्थ्य सहित आधा दर्जन प्रमुख विभागों का मंत्री बना दिया है। वे किसी विभाग को वक्त नहीं दे पा रहे हैं। उनके पास फुर्सत नहीं है और तकलीफ जनता को झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार में जन-कल्याण से सीधे जुड़े स्वास्थ्य विभाग की हालत बद से बदतर हो रही है।

दरभंगा एयरपोर्ट के अंदर नीलगाय और जंगली सूअर को गोली मारने का आदेश

दरभंगा । दरभंगा एयरपोर्ट के अंदर 200 से ज्यादा नीलगाय और जंगली सूअर को गोली मारने का आदेश दिया है। बताया जाता है कि दरभंगा एयरपोर्ट के लिए नीलगाय और जंगली सूअर खतरनाक बने हैं।

darbhanga airport

कई बार नीलगाय या सूअर दौड़ते हुए रनवे पर चले जाते हैं।

PMCH में पड़े डायलिसिस मशीनों के चालू नहीं होने के मामलें में पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की

पटना । पीएमसीएच में पड़े डायलिसिस मशीनों के चालू नहीं होने के मामलें में पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वास्त किया गया कि जल्दी ही पीएमसीएच में डायलिसिस मशीन को चालू करने की कार्रवाई की जाएगी।

विकास चन्द्र ऊर्फ गुड्डू बाबा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस मामलें में एक सप्ताह में हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पीएमसीएच के अधीक्षक को ये बताने को कहा कि इस समस्या का समाधान किस प्रकार होगा। आज कोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अमृत प्रत्यय भी उपस्थित थे।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पीएमसीएच में 31 डायलिसिस मशीन खरीदे गए,लेकिन डॉक्टर और टेक्निशयन के नहीं होने के कारण इन मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा हैं।

उन्होंने बताया कि एक मशीन की कीमत लगभग बारह लाख रुपया है।इन मशीनों के चालू नहीं होने के कारण बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन का दुरपयोग हुआ है,वहीं मरीजों और उनके घरवालो पर प्राइवेट अस्पतालों में ईलाज कराने पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ता है।

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अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि पीएमसीएच के नेफ्रोलॉजी विभाग में 25 डॉक्टरों की नियुक्ति हुई,लेकिन वे बाद में दूसरे जगह भेजे गए।नेफ्रोलॉजी विभाग में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों का सही ढंग से ईलाज नही हो रहा है।

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त टिपण्णी करते हुए कहा था कि अगर नेफ्रोलॉजी विभाग नहीं काम कर रहा है, तो न्यायिक आदेश से कोर्ट बंद कर इन मशीनों को दूसरे अस्पताल में भेज देगा।

इस मामलें पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।

BPSC ने 67वीं प्रीलिम्स का रिजल्ट किया जारी

BPSC ने 67वीं प्रीलिम्स का रिजल्ट गुरुवार की शाम जारी कर दिया है । प्रीलिम्स परीक्षा में 11607 अभ्यार्थी सफल हुए । रिजल्ट बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर देख सकते हैं ।

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पटना हाइकोर्ट ने BCCI और BCA (बिहार क्रिकेट एसोसिएशन) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया

17 नवंबर 2022 । पटना हाइकोर्ट ने बीसीसीआई और बीसीए ( बिहार क्रिकेट एसोसिएशन) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाबतलब किया है। जस्टिस मोहित कुमार शाह ने आदित्य प्रकाश वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।

याचिकाकर्ता आदित्य प्रकाश वर्मा ने अपनी याचिका में ये आरोप लगाया कि बी सी ए में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरती जा रही है।उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में बीसीसीआई को अवगत कराया गया,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने अपनी याचिका में माँग की कि जिस तरह जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को अधिकार रहित कर,जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने एक कमिटी द्वारा जांच कराई थी,उसी प्रकार पटना हाइकोर्ट भी एक कमिटी गठित कर बी सी ए के क्रियाकलापों की जांच कराए।इससे बी सी ए में बरती जा रही सारी गड़बड़ी उजागर होगा।

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इस मामलें फिर छह सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी।

जिस पार्टी की बुनियाद ही क्राइम और करप्शन पर हो, उसके नेता के मुँह से अपराध-भ्रष्टाचार से समझौता न करने की बात शोभा नहीं देती: सुशील मोदी

पटना । पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिस पार्टी की बुनियाद ही क्राइम और करप्शन पर हो, उसके नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के मुँह से अपराध -भ्रष्टाचार से समझौता न करने की बात शोभा नहीं देती।

  • बाहुबली, बलात्कारी तक को संरक्षण देने वाले लोग क्राइम-करप्शन पर चुप ही रहें
  • लालू परिवार एक मात्र ऐसा राजनीतिक कुनबा जिसके छह लोग चार्जशीटेड

श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव 750 करोड़ रुपये के मॉल घोटाले में अभियुक्त हैं। उनके माता-पिता ( दोनों पूर्व मुख्यमंत्री) और तीन बहनें भी आईआरसीटीसी घोटाले में चार्जशीटेड हैं।

उन्होंने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद चारा घोटाला के सभी पांच मामलों में दोषी पाए गए और सजायाफ्ता हैं।

श्री मोदी ने कहा कि देश का कोई राजनीतिक परिवार ऐसा नहीं, जिसके 6 सदस्यों पर भ्रष्टाचार के इतने गंभीर मामले चल रहे हों।

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उन्होंने कहा कि यह राजद का आपराधिक चरित्र है कि वहाँ बाहुबली पूर्व सांसद शहाबुद्दीन से लेकर अनंत सिंह तक और बलात्कारी राजबल्लभ यादव से माफिया अरुण यादव तक को संरक्षण मिलता रहा।

श्री मोदी ने कहा कि जिस पार्टी के लोग शराब और बालू के अवैध धंधे में लगे हों और माफिया की फंडिंग से पार्टी चलती हो, उसके नेता को लोकलाज का ध्यान रख कर क्राइम-करप्शन पर जुबान बंद ही रखनी चाहिए।

पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा

17 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर/नेपालीनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के मामलें पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामलें पर सभी पक्षों द्वारा दी गई दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार राज्य आवास बोर्ड को बताने को कहा था कि अब तक पटना में उसने कितनी कॉलोनियों का निर्माण और विकास किया हैं।

साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को एमिकस क्यूरी संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत दलीलों का अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया था।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बिहार राज्य आवास बोर्ड के दोषी अधिकारियों और जिम्मेवार पुलिस वाले के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा था।

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कोर्ट ने कहा था कि ये बहुत आश्चर्य की बात है कि इनके रहते इस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन कर मकान बना लिए गए।

इस मामलें पर कोर्ट द्वारा जनवरी, 2023 में निर्णय सुनाए जाने की संभावना है।

ड्रग इंस्पेक्टर पर निगरानी की टीम ने मारा छापा; घर से कैश, ज्वेलरी और कई जमीनों के पेपर मिले

पटना । एक ड्रग इंस्पेक्टर पर निगरानी की टीम ने छापा मारा है। ड्रग इंस्पेक्टर नवीन के घर से कैश और ज्वेलरी मिली है। उनके घर से सोने की कटोरी और चम्मच भी मिला है। बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई जमीनों के पेपर भी मिले है। टीम की कार्रवाई जारी है।

टीम ने सीतामढ़ी में नवीन कुमार को 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

इसके बाद बाद टीम उसे सीतामढ़ी से पटना लेकर आई। पटना आवास पर सर्चिंग शुरू की। यहां पर सोने की कटोरी और चम्मच समेत काफी जेवर मिला।

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समस्तीपुर। रामेश्वर जूट मिल फिर बंद हुआ । प्रबंधन और मजदूरों के बीच चल रही थी अनबन, मजदूरों ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप।

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पटना में साकार ग्रुप के ठिकानों पर आईटी रेड

पटना । बिहार की राजधानी पटना में आयकर विभाग की टीम ने साकार ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा है। टैक्स चोरी के आरोप में कई जगहों पर तलाशी जारी है।

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सीतामढ़ी में ड्रग इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया

सीतामढ़ी । ड्रग इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार ड्रग इंस्पेक्टर की पहचान नवीन कुमार के रूप में की गई है।

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