एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें यह साफ तौर पर देखा जा रहा है कि एक शख्स किसी काम के बदले पैसा लेता है, और काम को एक सप्ताह के भीतर खत्म करने की बात कहता है।
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बताया जा रहा है कि यह वीडियो जिला परिवहन विभाग भागलपुर के बड़ा बाबू का है जिनका नाम शंभू मंडल है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद शंभू ने बताया कि चुनाव के दौरान चालक को उनके डेली खर्चे का रुपैया दिया जा रहा था और जो रुपया बचा है उसे मैं रख रहा था।
एक सप्ताह वाली बात से उन्होंने इनकार किया है जबकि वीडियो में साफ तौर पर यह स्पष्ट है कि काम खत्म होने के बाद और पैसा दिया जाना है। वहीं दूसरी तरफ जिला परिवहन पदाधिकारी फिरोज अख्तर ने कहा कि वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है, इसकी जांच कराई जाएगी अगर जांच में दोषी पाए गए तो कार्रवाई होगी। हालांकि इस वायरल वीडियो का बिहार न्यूज़ पोस्ट पुष्टि नहीं करता है।
पटना हाईकोर्ट ने मधनिषेध एवं उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव से बिहार में शराबबंदी कानून के अंतर्गत की गई कार्रवाई का ब्यौरा तलब किया है। जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने काजल कुमारी की जमानत याचिका पर ऑन लाईन सुनवाई की।
कोर्ट ने अबतक जेल जा चुकी महिलाओं और 18 से 25 वर्ष के युवाओं का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने बेगूसराय थाने में दर्ज एक मामले में जेल में बंद काजल कुमारी की जमानत याचिका पर ऑन लाईन सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है।
#PatnaHighCourt
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि महिलायें और युवा शराबंदी के मामलों में बड़े पैमाने पर जेल जा चुके हैं। इनमें से अधिकतम प्रथम अपराध के लिए जेल गए हैं।
इस कानून से समाज में अपेक्षित बदलाव आने की जगह यह आसान पैसे कमाने का एक भंवरजाल बन गया। इसमें महिलाएं व युवा आसानी से फंसते जा रहे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
जहानाबाद । ब्रिटिश काल के शासन में बने पुल की लोहे को काट कर ले जा रहे हैं चोर, विभाग के कर्मचारी पदाधिकारी बने हैं उदासीन।
जहानाबाद बिहार शरीफ शहर को जोड़ने वाली दरधा नदी पर ब्रिटिश काल के शासनकाल में ही लोहे के पुल का निर्माण कराया गया था । जिसे लोग आवागमन करते थे लेकिन बीते कुछ दिन पूर्व उस पुल की हालत जर्जर हो गई। जिसके बाद विभाग के द्वारा उस पुल को अयोग्य घोषित कर दिया था, और इसके जगह पर करोड़ो रुपए की लागत से नए पुल का निर्माण कराया गया।
जिस पुल से लोग आवागमन कर रहे हैं , लेकिन ब्रिटिश काल के शासन में जिस पुल का निर्माण कराया गया था, यह लोहे का पुल है लेकिन विभाग के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को उदासीनता के कारण आज पुल के लोहे को चोर द्वारा काट काट कर बेचा जा रहा है ।
समय रहते इस दिशा में कोई ठोस कारवाई नही होती तो धीरे धीरे लोहे के पुराने पुल का अस्तित्व खत्म हो जायेगा या अगर उस पुल के लोहे को विभाग नीलाम किया जाये तो सरकार को लाखो रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है। लेकिन विभाग के पदाधिकारी के उदासीनता के कारण आज पूल के लोहे को चोरों द्वारा काट काट कर बेचा जा रहा है।
आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग अपने कर्तव्य के प्रति इसी तरह लापरवाह रहा तो आने वाले दिन मैं पुल सारा सामान चोर चोरी कर लेकर चले जाएंगे और विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय के कमरे में बैठकर सरकार की कई लाखों रुपए का चूना लगा ।
बैठेंगे कुछ लोग तो दबे जुबान यह भी कह रहे है कि चोरी की घटना विभाग के कर्मचारी एवं पदाधिकारी के मिलीभगत से हो रही है लोगों का कहना है कि पथ निर्माण विभाग की कर्मचारी एवं पदाधिकारी एवं चोरों की मिलीभगत से यह कारनामा हो रहा है । अगर इसकी जांच कराई जाए तो इसमें बड़े से लेकर छोटे पदाधिकारी के मिलीभगत एवं कारनामे उजागर हो सकता है लेकिन जो भी हो अगर विभाग द्वारा इसी तरह लापरवाही बरता गया तो वह दिन दूर नहीं जब ब्रिटिश शासनकाल के पुल का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।
ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिन पूर्व सासाराम जिले में भी विभाग के कर्मचारी और पदाधिकारियों के द्वारा एक लोहे को पुल को भेज दिया गया था और जिसकी खबर चलने के बाद सरकार एक्शन में आई और इस मामले में कर्मचारी और पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार भी किया गया है बावजूद विभाग के पदाधिकारी सासाराम की घटना से सबक नहीं ले रहे हैं जो विभाग और प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।
जहानाबाद । बड़ी खबर जहानाबाद से है, जहां जहां सड़क दुर्घटना में शुभम कुमार नामक एक 18 साल के युवक की मौत हो गई।
शुभम घोसी प्रखंड के कौड़िया गांव का रहने वाला था। मृतक के पिता ने बताया कि कल ही बेटी की शादी है और बारात आने वाली थी। गांव में बिजली प्रवाह खराब थी जिसकी शिकायत करने शुभम पावर ग्रिड जा रहा था। तभी घोसी चोरास्ते के पास एक अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी।
मनोज शर्मा, मृतक के पिता
घायल अवस्था में परिजनों ने उसे सदर अस्पताल पहुंचाया जहां प्राथमिक देखरेख के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की माने तो सर में चोट लगने की वजह से शुभम की मौत हुई है। इधर सूचना मिलने के बाद शुभम के घर में कोहराम मच गया है।
बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि कल यानी 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव के मौके पर जगदीशपुर के दुलौर मैदान में प्रखर राष्ट्रवादी राजनेता और देश के यशस्वी गृहमंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में एक नया इतिहास रचा जायेगा। इस दौरान 75 हजार से ज्यादा तिरंगा हाथ में लिए, राष्ट्रवादियों का हुजुम उन सभी राष्ट्रनायकों का सम्मान और उनका यशोगान करेगा।
उन्होंने पटना के भाजपा कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, इसका उद्देश्य उन महान विभूतियों को याद करना तथा उनके यशोगान के जरिये नई पीढ़ियों को इससे अवगत कराना है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी कुर्बानी दी है तथा सर्वस्व न्योछावर कर दिया है।
इस अमृत महोत्सव में उन महान व्यक्तियों को भी याद किया जा रहा है जो भारत के नव निर्माण में अपना योगदान दे रहें हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि इस अमृत महोत्सव के तहत वीरभूमि जगदीशपुर में आयोजित हो रहे बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव में लाखों लोग पहुँचेंगे और उस धरती को नमन करेंगे।
वीर योद्धा कुंवर सिंह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की जिंदगी में धर्म और जाति मायने नहीं रखती, यही कारण है कि 1857 की क्रांति में वे महानायक के रूप में उभरे। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम पहला मौका प्रतीत होता है जहां हिन्दु व मुसलमान कंधा से कंधा मिलाकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए।
दुलौर के मैदान में शनिवार को विजयोत्सव के मौके पर लाखों लोग जुटेंगे और तिरंगा फहराएंगे। यह देश के लिए पहला मौका होगा जब एक आयोजन स्थल पर तिरंगा प्रेमी इतनी अधिक संख्या में तिरंगा लहरायेंगे।
डॉ जायसवाल ने कहा कि वीर कुंवर सिंह की वीरता जग जाहिर है लेकिन दुर्भाग्य है कि इनकी वीरता को हम वह सम्मान आज तक नहीं दे सकें, जो कई स्वतंत्रता सेनानियों को मिला। आज माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों को यह सम्मान देने में जुटी है।
ऐसे कार्यक्रमों और समारोहों के जरिए उन बलिदानियों की महागाथा को जन-जन तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे आनेवाली पीढ़ी भी उन वीर शहीदों के कर्तव्यों और उनकी वीरता, उनके पराक्रम, उनके शौर्य व उनकी कृतियों को जान सकें।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि 23 अप्रैल को जगदीशपुर आरा में आयोजित बाबू कुंवर सिंह जी विजयोत्सव कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा।
“बाबू कुंवर सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। उनकी पराक्रम की गाथा सदियों तक अमर रहेगी। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारत की स्वतंत्रता के लिए शहीद वीरों को याद किया जा रहा है। इस कड़ी में यह भव्य आयोजन जगदीशपुर में हो रहा है”।
केंद्रीय मंत्री श्री चौबे शुक्रवार को शौर्य जनसंदेश यात्रा के क्रम में रेवटियाँ परमानपुर पहुंचे। सभी को 23 अप्रैल को जगदीशपुर भोजपुर में आयोजित “बाबू कुँवर सिंह विजयोत्सव” के लिए न्योता दिया। इसके पहले सोनबरसा में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने सभी से बड़ी संख्या में विजयोत्सव में शामिल होने का आह्वान किया।
इसके पहले केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने जगदीशपुर आरा में बाबू वीर कुंवर स्मृति संग्रहालय का भ्रमण किया। यहां परिसर में वन विभाग द्वारा नवग्रह से संबंधित पौधा लगाया जा रहा है। इसके पश्चात स्थानीय लोगों को कार्यक्रम में आने का न्योता दिया।
श्री चौबे ने जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह जी के परिजनों से मुलाकात की। उनका कुशलक्षेम जाना। दिनारा विधानसभा अंतर्गत मलियाबाग पहुँचने पर कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री श्री चौबे का पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके पश्चात उन्होंने सभी से कार्यक्रम स्थल पर शनिवार को 11:00 बजे आने का न्योता दिया।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार मामले में जमानत मिल गई है। यह चारा घोटाले से जुड़ा पांचवा मामला है, जिसमें उन्हें झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। सीबीआई ने जमानत देने का कड़ा विरोध किया था। राजद प्रमुख के वकील ने बताया कि उन्हें आधी सजा काट लेने और खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत दी गई है। उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा। लालू यादव को एक लाख रुपये का बांड व जुर्माने के 10 लाख रुपये चुकाना होंगे।राजद प्रमुख को चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में पहले सजा मिल चुकी है और उनमें जमानत भी मिल गई है।
यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का है। झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। 27 साल बाद कोर्ट ने फरवरी में डोरंडा कोषागार मामले में फैसला सुनाया था। इसमें लालू यादव को दोषी पाया गया था। उन्हें पांच साल की कैद व जुर्माना की सजा सुनाई गई थी।
सीबीआई ने 1996 में अलग-अलग कोषागारों से गलत ढंग से अलग-अलग राशियों की निकासी को लेकर 53 मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें से डोरंडा कोषागार का मामला सबसे बड़ा था।इसमें सर्वाधिक 170 आरोपी शामिल थे। 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है।
चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ के अवैध निकासी में लालू जमानत पर हैं। इसमें उन्हें 5 साल की सजा हुई थी। देवघर कोषागार से 79 लाख के अवैध निकासी के घोटले के दूसरे मामले में भी वे जमानत पर हैं। इस मामले में उन्हे साढ़े 3 साल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 33.13 करोड़ के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के तीसरे मामले में भी जमानत मिली थी। इस मामले में उन्हें 5 साल की सजा हुई थी। दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के चौथे मामले में उन्हें दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उसमें भी वे जमानत पर हैं।
जिसको लेकर जिला के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजोल कि दवा खिलाया जाना है जिसके लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुंगेर जिला को 746015 बच्चो को दवा खिलाने के लक्ष्य रखा है।इसी क्रम में आज सुबह शाह जुबैर स्कूल घोरघट में भी बच्चों को स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा एल्बेंडाजोल कि दवा खिलाया खिलाई गई दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चे बेहोश होने लगे।
वहीं ग्रामीणों को जब इस बात का पता चला तो सभी ग्रामीण स्कूल पर इकट्ठा हो गए और बच्चों को बरियारपुर प्रार्थमिक स्वास्थ्य केंद में लाकर भर्ती कराया गया है जहां इलाज चल रहा है। वहीं बच्चों के बीमार होने के बाद परिजनों का बुरा हाल है । परिजनों ने कहा की स्कूल से सूचना आने के बाद वे सभी अपने बच्चो को देखने बरियारपुर पीएचसी आए है ।
मुंगेर के सिविल सर्जन आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि कृमि दिवस के मौके पर सभी स्कूलों में एल्बेंडाजोल की दवा दी गयी थी जिसमे आज बरियारपुर प्रखण्ड के शाह जुबैर मध्य विद्यायल घोरघट के लगभग 50 बच्चे दवा पीने से बीमार हो गए। जिसके बाद सभी बच्चों को बरियारपुर पीएचसी में लाकर इलाज किया जा रहा है और सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
उन्होंने बताया कि सभी स्कूल के शिक्षकों को निर्देश दिया गया था कि मध्यान भोजन के बाद ही बच्चों को उल्टी की दवा के साथ कृमि की दवा देना है लेकिन बच्चों को भूखे पेट ही दवा दे दी गयी जिसके कारण ये स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दो चार दिनों के लिए दवा देने पर रोक लगा दिया गया है।
दरअसल में जहानाबाद जिले घोषी थाना क्षेत्र के साहों बिगहा गांव में पप्पू बिन्द के बारात आई थी और जयमाला के समय हथियारों से हर्ष फायरिंग की जाने लगी ।और इस दरम्यान एक गोली उसी गांव हरिदर्शन नाम युवक के सीने में लग गई और वह गिर पड़ा जिसे आनन फानन में परिजनों ने जहानाबाद सदर अस्पताल लाया परन्तु उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया ।
इधर सदर अस्पताल में गोली लगे मरीज का इलाज करने वाले डॉ आफताब आलम ने बताया कि गोली राइट साइड में सीने में लगी है और सीना को चीरते हुए पीछे से निकल गयी है परंतु उसे साँस लेने में दिक्कत हो रही थी ।पेसेंट को ऑक्सीजन सिस्टम के सपोर्ट के साथ पीएमसीएच रेफर कर दिया है।
बक्सर । प्यार में दिल दे बैठी ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली विक्टोरिया सूबे के बक्सर जिले के इटाढ़ी प्रखंड अंतर्गत कुकुढा गांव के रहने वाले जयप्रकाश से शादी रचा अपने आप को काफी खुश नसीब समझ रही हैं। विक्टोरिया की शादी बक्सर के एक मैरिज हॉल में 20 अप्रैल की रात हिंदू रीति रिवाज से हुई। उनके पति जयप्रकाश यादव कुकुढा पंचायत के पूर्व मुखिया नंदलाल सिंह यादव के बड़े पुत्र हैं, जो ऑस्ट्रेलिया में रहकर पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करते हैं। इस शादी से दोनों ही परिवार के लोग काफी खुश हैं।
2019 में आस्ट्रेलिया गया था जयप्रकाश
जयप्रकाश ने 2019 से 2021 तक ऑस्ट्रेलिया में रहकर पढ़ाई की। वह एमएस सिविल इंजीनियर के पद पर ऑस्ट्रेलिया में पदस्थापित है। पढ़ाई के दौरान ही जयप्रकाश को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर के जीलॉन्ग की रहने वाली इस लड़की से प्यार हुआ। उसके पिता स्टीवन टॉकेट एवं माता अमेंडा टॉकेट भी अपनी बेटी विक्टोरिया के साथ इटाढ़ी के कुकुढा आए हैं। इन्होंने हिंदू रीति रिवाज से 20 अप्रैल की रात अपनी बेटी विक्टोरिया की शादी कुकुढा के पूर्व मुखिया नंदलाल सिंह के बड़े पुत्र जयप्रकाश यादव से कराई।
भारतीय संस्कृति को देखकर खुश हैं दुल्हन के माता- पिता
विक्टोरिया के पिता स्टीवन टॉकेट ने बिहारी संस्कृति के सवाल पर बताया कि मुझे इस कल्चर को देखकर काफी खुशी हुई। बेटी के हाथ में मेहंदी देखकर वे काफी खुश हैं। विक्टोरिया के पिता होने के नाते कन्यादान की रस्म अदायगी के लिए पैर में महावर को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि काफी अच्छा लगा। बिहार के इटाढ़ी में बेटी के ससुराल में आकर काफी खुश हूं। मुझे आशा है कि मेरी बेटी इस बिहारी दामाद के साथ काफी खुशहाल रहेगी।
वहीं, दूल्हे के पिता और पूर्व मुखिया नंदलाल सिंह ने बताया कि मेरे परिवार के लोग जब बेटे की पसंद जाने तो हम लोग ना नहीं कर पाए पर हमने कहा कि शादी गांव पर ही हिंदू रीति रिवाज के साथ होगी तो वह लोग भी मान गए। अब शादी करके जहां वह लोग काफी खुश दिख रहे हैं, वहीं हमारा परिवार भी इन लोगों की शादी से काफी खुश है। रिश्ते नातेदार भी हम लोगों को बधाइयां दे रहे हैं। गांव सहित आसपास के लोग दुल्हन व उसके परिजनों को देखने के लिए घर पर पहुंच रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में शिक्षिका है विक्टोरिया
सात समंदर पार से अपने प्यार को शादी का अमलीजामा पहनाने बक्सर के कुकुढा पहुंची विक्टोरिया अपने शहर जिला में बतौर शिक्षिका के पद पर कार्यरत है। विक्टोरिया अपने पांच भाई और दो बहनों में सबसे छोटी है। जिसने सात समंदर पार से बिहार बक्सर के इटाढ़ी में आकर शादी की। विक्टोरिया के माता-पिता भी इस शादी व बिहारी कल्चर के साथ ही हिंदू रीति-रिवाज से शादी पर फूले नहीं समा रहे हैं।
राजभवन को भेजा अपना इस्तीफा पत्र इस्तीफा के कारणों का नहीं किया खुलासा राज्यपाल के प्रधान सचिव के नाम से भेजा पत्र विश्विद्यालय में घोटाला प्रकरण के बाद से थे दवाब में
रोहतास । जहां एक हर्ष फायरिंग का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि नाच के दौरान एक युवक धड़ाधड़ फायरिंग कर रहा है।
यह वीडियो अमझोर इलाके का बताया जाता है। वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि यह वीडियो कुछ दिन पुरानी है तथा एक निजी कार्यक्रम के दौरान नाच का आयोजन किया गया था। उसी नाच में तिलौथू का रहने वाला एक शख्स ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा है।
भोजपुरी गीतों पर नर्तकी डांस कर रही है और उत्साहित होकर एक शख्स सामियाना में फायरिंग कर रहा है। चुकी इस वायरल वीडियो कि हम कहीं से पुष्टि नहीं करते हैं। लेकिन फायरिंग की यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
23 अप्रैल को भोजपुर जिला के जगदीशपुर में भाजपा के बैनर तले मनाए जाने वाले 1857 स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। कार्यक्रम को यादगार और ऐतिहासिक बनाने को लेकर बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार गुरुवार को जहानाबाद पहुंचे।
उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी के जिला कार्यकर्ताओं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा। इस दौरान उन्होंने कहा कि विजयोत्सव कार्यक्रम ऐतिहासिक बनाने में कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। पंचायत केंद्र और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति कार्यक्रम में जरूरी है।
प्रमोद कुमार ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह कार्यक्रम में शामिल होंगे साथ ही लगभग चार लाख के आसपास लोग अमृत महोत्सव में जुटेंगे।
विधान परिषद चुनाव और बोचहा उपचुनाव में हार की समीक्षा करेगा एनडीए – सुशील कुमार मोदी
बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को दस सीटों का नुकसान और फिर विधानसभा के बोचहा उपचुनाव में एनडीए उम्मीदवार का 36 हजार मतों के अंतर से पराजित होना हमारे लिए गहन आत्मचिंतन का विषय है। एनडीए नेतृत्व इसकी समीक्षा करेगा, ताकि सारी कमियांँ दूर की जा सकें।
बोचहा विधानसभा क्षेत्र की एक-एक पंचायत में एनडीए विधायकों-मंत्रियों ने जनता से सम्पर्क किया था। पूरी ताकत लगायी गई थी। सरकार ने भी सभी वर्गों के विकास के लिए काम किये और सबका विश्वास जीतने की कोशिश की। इसके बाद भी एनडीए के मजबूत जनाधार अतिपिछड़ा वर्ग और सवर्ण समाज के एक वर्ग का वोट खिसक जाना अप्रत्याशित था। इसके पीछे क्या नाराजगी थी, इस पर एनडीए अवश्य मंथन करेगा।
वर्ष 2019 के संसदीय चुनाव में एनडीए के घटक दलों ने पूरे तालमेल से एक-दूसरे को जिताने के लिए मेहनत की थी, जिससे हमारा स्ट्राइक रेट अधिकतम था। गठबंधन के खाते में राज्य की 40 में से 39 सीटें आयी थीं, जबकि राजद सभी सीटें हार गया था।
बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर चुनाव और विधानसभा की बोचहा सीट पर उपचुनाव में एनडीए के घटक दलों के बीच 2019 जैसा तालमेल क्यों नहीं रहा, इसकी भी समीक्षा होगी। अगले संसदीय और विधानसभा चुनाव में अभी इतना वक्त है कि हम सारी कमजोरियों और शिकायतों को दूर कर सकें।
पटना हाईकोर्ट ने पटना -गया – डोभी (एनएच 83) एनएच निर्माण और विकास मामले पर सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा कि अब तक जहानाबाद में किसानों को मुआवज़ा क्यों नहीं दिया गया । चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने प्रतिज्ञा नामक सामाजिक संगठन की जनहित याचिका पर के मामले पर सुनवाई की।
कोर्ट को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष कुमार द्वारा बताया गया कि इस हाईवे के निर्माण के क्रम में उनके अधिग्रहित भूमि का कई किसानों को अब तक मुआवज़ा नहीं दिया गया है। इसलिए नेशनल हाइवे के निर्माण में विलम्ब हो रहा हैं।
#PatnaHighCourt
कोर्ट ने अगली सुनवाई में जहानाबाद के डी एम, जहानाबाद के जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी ऐवं एनएचएआई के पदाधिकारियों को कोर्ट में स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा कि किसानों को उनका मुआबजा कब और किस माध्यम से दिया जाएगा।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने जब्त किये गए वाहनों को हटाने के फिर से वहां रखे जाने को गम्भीरता से लिया।कोर्ट ने अधिवक्ता शिल्पी केशरी की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने आज सुबह में इस मामलें पर सुनवाई शुरू की।कोर्ट को बताया गया कि जब्त किये वाहनों को हटाए जाने के बाद उन्हें वहां फिर से लगा दिया गया है।
कोर्ट ने लंच के समय मामलें पर सुनवाई के दौरान पटना के ट्राफिक एस पी तलब किया।कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि प्रति सप्ताह गाँधी मैदान में जब्त वाहनों का निरीक्षण करें।
#PatnaHighCourt
कोर्ट को अधिवक्ता शिल्पी केशरी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद गाँधी मैदान से जब्त वाहनों को हटा दिया गया था।लेकिन कुछ समय बाद फिर वहां वाहन लगाया जाने लगा।उन्होंने गाँधी मैदान के पास स्कूल बसों के खड़े होने से ट्राफिक जाम हो जाता हैं।इसका खामियाजा स्कूली छात्रों को भुगतना पड़ता हैं।
उन्होंने बताया कि पटना शहर के अधिकतर थाने में यहीं हालत हैं।कोर्ट ने ट्राफिक एस पी और ज़िला जज को बैठक कर इस मामलें विचार करने का निर्देश दिया।जब्त वाहनों के मामलों की सुनवाई और निबटारे के लिए कार्रवाई करने को कहा।
कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में गाँधी मैदान थाना में जब्त वाहनों को हटाने के अदालती आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त नाराजगी जाहिर की थी।कोर्ट ने डी जी पी,बिहार को 24 घंटों में गाँधी मैदान थाना से सभी अवरोध हटाने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने सभी जब्त वाहनों के बारे में पूरी जानकारी मांगते हुए ये भी बताने को कहा था कि अबतक इन वाहन जब्ती मामलों में क्या कार्रवाई की गई है।
इस मामलें पर अगली सुनवाई आने वाले सप्ताह में होगी।
उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्त ने मंगलवार की रात मंडुआडीह व हापुड़ से अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से एक स्टेनगन नाइन एमएम, .32 बोर की तीन पिस्टल, छह मैगजीन, पांच मोबाइल व असलहा बिक्री के 13 हजार पांच सौ रुपये बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपितों ने एटीएस को बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के खंडवा से अवैध असलहे खरीदे थे। उन्हें गिरोह के सदस्यों अंकित व सत्यम की मदद से दिल्ली में बेचा गया था। बाकी जो असलहे बचे रह गए थे, उन्हें बिहार ले जाने की तैयारी में थे कि तभी पकड़ लिए गए।
यूपी एटीएस को कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि एक गिरोह मध्यप्रदेश व बिहार से सस्ते दाम में असलहे खरीद कर बिहार, दिल्ली व उत्तरप्रदेश में बेच कर कमाई करता है। एटीएस की स्थानीय इकाई ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मंडुआडीह क्षेत्र के महेशपुर पेट्रोल पंप के पास से बक्सर, बिहार जाने की तैयारी कर रहे दिनेश और रितेश को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एटीएस की नोएडा इकाई ने हापुड़ से अंकित व सत्यम को दबोच लिया। आरोपितों ने एटीएस को बताया कि उनके गिरोह के बलिया निवासी छह तस्कर गत 31 जनवरी को बलिया के दुबहड़ थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। इसके बाद 16 फरवरी को बिहार निवासी एक असलहा तस्कर को गाजीपुर की पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपित
बिहार के बक्सर के दलसागर निवासी दिनेश कुमार।
बिहार, बक्सर के धनसोई, गोड़ौरा गांव निवासी रितेश पांडेय।
दिल्ली के वजीरपुर के जेजे कालोनी निवासी अंकित कुमार।
वजीरपुर, दिल्ली निवासी सत्यम कुमार,स्थायी निवासी बक्सर बिहार।
बगहा । वाल्मिकी टाइगर रिजर्व से निकलकर दियारा में पहुंची बाघिन, बाघिन के डर से खेतों में नहीं जा रहे हैं किसान। कुछ लोग खेतों में कर रहे हैं काम तो कुछ लोग कर रहे हैं रखवाली।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व VTR से लगे हुए क्षेत्रों में अक्सर वन्य प्राणियों का मूवमेंट बना रहता है, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेतों में काम करने गए किसानों ने बाघिन को देखा है। इसी दौरान बाघिन और इसके दो शावकों को देखा गया। बाघिन के मूवमेंट के बाद क्षेत्र में दहशत है। उसके पगमार्क के अलावा शावकों के भी पगमार्क दिखे हैं। जिससे यह तो तय हो गया है कि बाघिन और इसके दो शावक साथ में है। हालांकि ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम गांव तक पहुंची थी। लेकिन लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग के लोग जहां पर बाघिन डेरा जमाए हुए हैं वहां पर किसी तरह से ट्रैक करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अगर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाए तो बाघिन के मूवमेंट का पता चल सकता है।
वही किसानों के लिए मुसीबत बनी बाघिन इन दिनों खेतों में सिंचाई, और गेहूं की कटाई की जा रही है। इस बीच बाघिन के मूवमेंट के कारण किसानों में काफी दहशत है खासी परेशानी हो रही है।
वन संरक्षक डॉ नेशामानी के ने बताया कि शायद मां बनने के क्रम में वीटीआर से गन्ना के तरफ चली आई होगी। हालांकि अभी एक वयस्क का पगमार्क मिला है । उसी आधार पर सर्च कराया जा रहा है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिहार में अगलगी की घटनाएं भी बढ़ गई है। ऐसे में अग्निशमन विभाग की जवाबदेही और ज्यादा बढ़ गई। विभाग अग्नि शमन सेवा सप्ताह मना रहा था जिसको लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जहानाबाद जिले में भी 14 अप्रैल से आज 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया गया। इसको लेकर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। फ्लैग मार्च किया गया, योगा सत्र का आयोजन किया गया, मॉक ड्रिल करके लोगों को आग से बचने की जानकारी दी गई, मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। और आज अंतिम दिन क्विज प्रतियोगिता आयोजित किया गया। जिसका नेतृत्व जिले की अग्निशमन पदाधिकारी प्रतिभा कुमारी ने किया।
पूरे सप्ताह के दौरान दौरान लोगों को जागरूक तो किया ही गया। साथ ही एहतियात बरतने की नसीहत गई। भीषण गर्मी की वजह से लगातार अगलगी की घटनाएं भी हो रही है। जहां फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचना भी पड़ रहा है। लेकिन फायर ब्रिगेड के कर्मियों का हौसला हाई है। पूरे बिहार में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके ताकि अगलगी की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
तेरह साल बाद दरभंगा व्यवहार न्यालय ADJ 9 संजीव कुमार सिंह की अदालत ने 10 साल की बच्ची की हत्या में 7 महिलाओं को दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष के वकील रेणु झा ने कहा कि घटना वर्ष 2009 की है और लंबे वक्त के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
वही उन्होंने कहा कि हायाघाट निवासी योगेंद्र यादव और उनके पटिदार के बीच रास्ता को लेकर विवाद चल रहा था। उसी क्रम में योगेंद्र यादव की बेटी खाना लेकर जा रही थी और सातो महिला ने 10 वर्षीय बच्ची को पीट पीट कर अधमरा कर दिया और इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। उसी मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए बुच्ची देवी, मुनर देवी, मनभोगिया देवी, सीता देवी, इन्दु देवी, चधुरन देवी एवं भुखली देवी को दफा 302 (हत्या) में सातों महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही उन्होंने कहा कि हमें बहुत खुशी हो रही है कि 10 वर्ष की नन्हीं जान को इंसाफ दिलाने में हमे आज कामयाबी मिली है।
बताते चले कि वर्ष 2009 में हायाघाट प्रखंड के छतौना गांव निवासी योगेंद्र यादव और उनके पटिदार में रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। योगेंद्र यादव की बेटी राजबंती खाना लेकर अपने पिता के पास जा रही थी। उसी क्रम में बच्ची के पटिदार की 7 महिलाओं ने उसे रोक दिया और बेरहमी से पीटाई कर डाली और बच्ची ने इलाज के क्रम में अपना दम तोड़ दिया। जिसके बाद पीड़ित पिता योगेंद्र यादव ने 7 महिला को आरोपी बनाया। जिसके बाद कोर्ट ने 13 साल बाद सातो महिला को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
हर रोज ऐसी घटनाएंद सुर्खियों में रहती है । कुछ इसी प्रकार का ताजा मामला बिहार के जहानाबाद का है। जहां एक प्रेमीयुगल अपने माता-पिता से बिना पूछे ही घर से भागकर स्टेशन स्थित बराह भगवान के मंदिर में शादी रचा ली। इधर, लड़की के परिजनों को पता चला तो ढूंढते हुए मंदिर पहुंच गए जहां काफी मान मनाऊअल के बाद राजी हुए और फिर शादी में शरीक हुए।
दरअसल शहर के रामगढ़ मोहल्ले के रंजय कुमार को दो साल पहले कड़ौना गांव के उषा कुमारी के साथ आंखे चार हुई। धीरे धीरे दोनो की फोन पर बातें होने लगी। बाते होते होते प्यार का परवान इतना चढ़ गया कि दोनो ने शादी करने का फैसला कर लिया।जिसके बाद इसकी जानकारी घर वालों को दी।
जिसके बाद लड़की वाले शादी के लिए राजी नही हुए। आज दोनो कोर्ट मैरेज करने के ख्याल से पूरी प्लानिंग के तहत घर से भाग गए। इधर लड़की के घर वाले लड़की को घर मे न पाकर इधर उधर खोजबीन शुरू कर दी। इसी दरम्यान पता चला कि रंजय और उषा दोनो स्टेशन परिसर स्थित बराह भगवान के मंदिर में शादी करने पहुंचे है।
जानकारी मिलते ही लड़का और लड़की के परिवार भी पहुंच गए। काफी देर तक दोनो में मान मैन्यूअल का दौर चला जिसके बाद दोनो की शादी मंदिर में रचाई गयी। शादी देखने को लेकर मंदिर में लोगो की भीड़ लग गयी। Byte – उषा कुमारी,युवती रंजय कुमार,युवक
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की है। मामला जहानाबाद सदर प्रखंड क्षेत्र के घोरहट गांव का है। जहां दबंगो द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर भवन निर्माण किया गया था।
जिसके खिलाफ आज सदर अंचलाधिकारी संजय कुमार अम्बष्ट के नेतृत्व में अभियान चलाकर मकानों को ध्वस्त किया। वही इस कार्रवाई से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। अंचलाधिकारी संजय अम्बष्ट ने बताया कि सदर प्रखंड के घोरहट गांव के राजेंद्र यादव के द्वारा सरकारी भूमि पर मकान बनाया गया था।
जिसको लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी और इसी कड़ी में आज कार्रवाई किया गया है। अतिक्रमण किए गए जमीन को मुक्त कराया गया है। उन्होंने बताया कि लगातार जिला प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है। कई लोगों को नोटिस भी दिया गया है। वावजूद उसके लोग सरकारी जमीन से नही हटे तो कुछ दिनों में उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी।
इस बार पृथ्वी दिवस के मौके पर ‘अनुग्रह नारायण अध्ययन संस्थान ‘ के सभागार में “जलवायु परिवर्तन : एक सामाजिक आपदा” विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और गूंज के संस्थापक अंशु गुप्ता शामिल हो रहे हैं।
इस विषय को और बारीक से समझने और उस पर गहराई से बातचीत के लिए आपदा प्रबंधन के जानकार और रिटायर्ड आईएएस व्यास जी मिश्रा, भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सचिव रहे सी.के. मिश्रा, बिहार के पूर्व डीजीपी के एस द्विवेदी, नदियों के जानकार दिनेश मिश्रा, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजीव हंस के साथ ही कला व संस्कृति विभाग के सचिव दीपक आनंद भी हिस्सा लेंगे।
जिनके विचारों से आमजन रूबरू हो सकेंगे. ये कार्यक्रम सुबह 10.00 बजे से शुरू होगा और दोपहर 1 बजे अंशु गुप्ता की आपदा आधारित चित्र प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन गांधी संग्रहालय में किया जाएगा. जिसमें सभी अतिथिगण और उपस्थित लोग शामिल होंगे. 24 अप्रैल के दिन इस प्रदर्शनी का समापन किया जाएगा जिसके समापन समारोह में कुछ और विशिष्ट अतिथियों के शिरकत करने की संभावना है. पटना के गांधी संग्रहालय में आयोजित होने वाली ये चित्र प्रदर्शनी और ‘ अनुग्रह नारायण अध्ययन संस्थान ‘ के सभागार में “जलवायु परिवर्तन : एक सामाजिक आपदा” विषय पर परिचर्चा अपने आप में एक अलग तरह का कार्यक्रम होगा. जिसमें सभी वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।
अंशु गुप्ता की ओर से लगने वाली इस चित्र प्रदर्शनी में आपको पिछले तीस वर्षों के दौरान आयी आपदाओं को करीब से देखने व समझने का मौका मिलेगा. दरअसल अंशु गवाह रहे हैं देश भर में आई तमाम आपदाओं के।
वो सबसे पहले आपदा प्रभावित इलाकों में पहुंचते हैं और अपने कैमरे के जरिए जमीनी हकीकत को कैद करते हैं. अंशु के इस यात्रा की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी, जब वो भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) में पढ़ाई कर रहे थे. तब से लेकर आज तक अंशु ने बहुत सारी आपदाओं को करीब से देखा है और उस पर काम किया है। आगामी 22 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल तक चलने वाली ये प्रदर्शनी उनकी यात्रा, उनके आपदा के अनुभव, आपदाओं को लेकर भ्रांतियों और जमीनी हकीकत के साथ ही बहुत सारी कहानियों का संकलन है।
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को आपदा से जुड़े अनुभव साझा कर जागरूक करना है। अक्सर लोगों के मन में धारणा होती है कि बाढ़ का पानी अगर घरों से निकल गया है तो उस इलाके में बाढ़ की समस्या खत्म हो गई, जबकि ऐसा नहीं होता है. कुछ लोगों के मिथक हैं कि आपदा प्रभावित लोगों को आप कुछ भी दे सकते हैं और वे उसे ग्रहण कर लेंगे जबकि ऐसा नहीं है. ये प्रदर्शनी इस तरह के बहुत सारी मिथकों और वास्तविकताओं से लोगों को रूबरू कराएगी.
पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि अतिगंभीर, एईएस एवं जेई से पीड़ित बच्चों के त्वरित एवं उचित इलाज हेतु राज्य के 11 जिलों में स्थापित शिशु गहन देखभाल ईकाई (पीकू) को और भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इलाज हेतु विशेषज्ञों से सलाह के लिए टेली मेडिसीन की सुविधा इन संस्थानों में प्रदान की जायेगी। पीकू में एईएस एवं जेई के साथ-साथ एक माह से 12 साल के अतिगंभीर पीड़ित बच्चों का भी उपचार किया जायेगा।
श्री पांडेय ने कहा कि उक्त क्रम में जिला अस्पताल स्तर पर स्थापित पीकू में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं लैब टेक्निसियन को 16 अप्रैल से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 25 अप्रैल तक अलग-अलग अस्पतालों में चलेगा। प्रशिक्षण के बाद टेली आईसीयू काउंसलिंग की सुविधा को सफलतापूर्वक चलाया जा सकेगा। शिक्षण के लिए छह जिलों के जिला अस्पताल को चिह्नित किया गया है, इनमें तीने जिले क्रमशः जिला अस्पताल गोपालगंज में 16, समस्तीपुर में 18 और वैशाली में 19 अप्रैल को प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है। 21 अप्रैल को पूर्वी चंपारण, 22 अप्रैल को सीतामढ़ी और 25 अप्रैल को जिला अस्पताल मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण चलेगा।
श्री पांडेय ने कहा कि यह सुविधा शुरू हो जाने से न सिर्फ एईएस पीड़ित बच्चों का इलाज संभव होगा, बल्कि कई अन्य रोगों के कारण बच्चों में होने वाली मौतों को भी कम किया जा सकेगा। पीकू वार्ड में टेली आइसीयू काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होने से बेहतर चिकित्सा के लिए बच्चों को कहीं बाहर रेफर नहीं करना पड़ेगा। एम्स, पटना से उक्त जिलों को शिशु टेली आईसीयू कंसलटेशन सेवा से जोड़ा जायेगा। अनुभवी व विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा टेली काउंसलिंग का प्रशिक्षण मिलने से ऐसे पीड़ित बच्चों को बेहतर चिकित्सा मिल पाएगी, जिससे अतिगंभीर परिस्थिति वाले बच्चों का उपचार जिले में संभव हो पाएगा।
बिहार एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी।दो इंटर स्टेट हथियार तस्कर गिरफ्तार विक्की तिवारी और बिरमन तिवारी को किया गया गिरफ्तार।
बीएसएफ जवान का फर्जी आईडी कार्ड बनाकर हरियाणा और पंजाब से हथियार गोली खरीद बिहार में करते थे सप्लाई।रेगुलर गन,रेगुलर पिस्टल,बीएसएफ के फर्जी आई कार्ड,आर्म्स का जाली लाइसेंस बरामद।554 जिंदा गोली भी बरामद।
एसटीएफ को इस बात की सूचना मिली थी कि एक बड़ा गिरोह जो बिहार में हरियाणा और पंजाब से हथियार लाकर हथियार की तस्करी करता है और बिहार में अपराधी गिरोह को हथियार देता है छापेमारी के दौरान यह बड़ा खुलासा हुआ है कि दोनों युवक के पास से बीएसएफ के फर्जी आईडेंटिटी कार्ड के साथ कई गृह मंत्रालय का पास भी मिला है फिलहाल इसके पास से दो कागजात मिले हैं जिसकी जांच की जा रही है या गिरोह बीएसएफ जवान बनकर फर्जी बीएसएफ का आई कार्ड लेकर हरियाणा और पंजाब से सैनिक के ड्रेस में हथियार लेकर चलता था और बिहार में बड़े अपराधिक गिरोह को हथियार सप्लाई करता था गिरोह के पास से जम्मू कश्मीर का बनाया हुआ लाइसेंस के बरामद हुआ है जो अपने आप में एक बड़ा जांच का विषय है।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गंडक नदी पर पुल समेत अन्य योजनाओं के पूरा में बिलम्ब होने पर नाराजगी जाहिर की।
कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल,हाजीपुर के रामाशीष चौक, अजानपीर ओवर ब्रिज,बी एस एन एल गोलम्बर आदि योजनाओं का मौके पर जायजा लेने के एक टीम गठित की है।इस टीम में सारण और वैशाली के डी एम, एन एच ए आई के अधिकारी,सड़क व पुल निर्माण करने वाली कंपनी के प्रबन्ध निदेशक और अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद शामिल है।
कोर्ट ने इन्हें इन योजनाओं के अलावे अन्य अधूरे बने सड़कों का आज ही जायजा ले कर रिपोर्ट अगले सप्ताह में पेश करने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट ने इस बात पर सख्त नाराजगी जाहिर की कि कोई भी परियोजना निर्धारित समय में पूरा नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड रहा है। गंडक नदी पर पुल पूरा होने की निर्धारित समय सीमा 2013 ही थी,लेकिन वह अबतक पूरा नहीं हुआ।
निर्माण कंपनी के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि हाई वॉल्टेज ट्रांसमीटर टावर स्थानांतरित करने का कार्य होने बाद सड़क निर्माण का कार्य तत्काल शुरू हो जाएगा।वैशाली की डी एम ने कोर्ट को बताया कि हाजीपुर आरओबी बनाने का काम चल रहा और निर्धारित समय में काम पूरा हो जाएगा।
अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया की अजान पीर में जहां ओवरब्रिज बनना था, अभी तक नहीं बना हैं।यही नहीं,अभी एक ही लेन चालू हुआ है,जबकि दूसरे लेन का काम 12 वर्षो से लंबित हैं। इस मामलें पर अगली सुनवाई 25 अप्रैल,2022 को होगी।
बिहार से जुड़ी इन तीन तस्वीरों को गौर से देखिए पहली तस्वीर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर की है इन्हें बिहार बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार एवं नए प्रयोगों के कारण प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड फार एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए चयनित किया गया है। दूसरी तस्वीर पटना वीमेंस कॉलेज के बाहर एक ग्रेजुएट छात्रा प्रियंका गुप्ता द्वारा चाय बेचने की है। और तीसरी तस्वीर पटना के गंगा घाट पर हज़ारों की संख्या में रेलवे-एसएससी की परीक्षा के लिए पढ़ाई कर रहे छात्रों की है।हालांकि इस तरह की तस्वीरे आपको आरा और बक्सर के रेलवे स्टेशन पर भी दिख जाएगा जहां छात्र रेलवे स्टेशन के स्ट्रीट लाइट के नीचे छात्र पढ़ाई करते है ।
अब जरा इन तीनों तस्वीरों के सहारे बिहार को समझने की कोशिश करते हैं। पहली तस्वीर सरकार को स्कूल में पढ़ाई नहीं पढ़ाई होते हुए दिखनी चाहिए ,स्कूल और कांलेज में पढ़ाई हो या ना हो परीक्षा समय पर होते हुए दिखनी चाहिए । कोरोना काल में पढ़ाई पूरी तरह ठप रहा सीबीएसई ने तब तक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं किया जब तक स्कूल कोर्स पूरा करने का लिखित आश्वासन बोर्ड को नहीं दिया अभी भी 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरु नहीं हुई है ,जिसको देखते हुए जेईई की परीक्षा की तिथि दूसरी बार बढ़ाई गयी है।
लेकिन बिहार बोर्ड का 10वीं और 12वीं के परीक्षा का रिजल्ट आये हुए एक माह होने जा रहा है ऐसा इसी बार नहीं हुआ है पिछली बार भी ऐसे ही बिना पढ़ाई किये हुए परीक्षा लिया गया था । 2016 से आनंद किशोर बिहार बोर्ड के अध्यक्ष है परीक्षा समय पर लेना इनकी उपलब्धि रही है लेकिन बात अगर शिक्षा में गुणवत्ता की करे तो ये बिफर पड़ते हैं, एक बार मैं ही यह सवाल कर दिया था कि आप पटना साइंस कांलेज के छात्र रहे हैं आपके साथ पढ़ने वाले टांप 10 छात्र कहां है, क्या कर रहे हैं एक को तो हमलोग देख ही रहे हैं शेष के बारे में आप जानते ही होगे, लेकिन आज आप जिस बोर्ड के अध्यक्ष हैं उसका टांपर कहां है, क्या कर रहा है ,पढ़ाई के मुकाम में कहां तक पहुंचा है,कोई जानकारी हो तो बताये इस सवाल पे ये गुस्से से लाल हो गये वैसे मुझसे इनकी बनती अच्छी है जब मिलते हैं उलझ ही जाते हैं इसलिए अब फोन से ही बात करना ये ज्यादा पसंद करते हैं पुरस्कार के लिए बधाई लेकिन सवाल तो बनता है इस तरह के पुरस्कार पाने के लिए चयन का आधार क्या है ।
बिहार में इस समय शिक्षा का बजट 38035.93 करोड़ रुपये का है इतनी बड़ी राशी खर्च करने के बावजूद बिहार शिक्षा के क्षेत्र मे कहां खड़ा है इस पर कभी ठंडे दिमाग से सोचिए हम बात आईआईटी ,नीट और यूपीएससी की नहीं कर रहे हैं इन परीक्षाओं में हाल तो यह है कि 2019 आते आते बिहार बोर्ड और बिहार के विश्वविधालय से पढ़ा छात्र गिनती के पांच दस पास कर रहे हैं।
बात बिहार की करे तो 2009 के बाद बिहार सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर बीपीएससी और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा , बिहार पुलिस सेवा से लेकर सीओ .बीडीओ सहित राज्य सरकार के तमाम विभाग से जुड़े पदाधिकारियों का चयण किया है।
साथ ही बीपीएससी द्वारा बड़े स्तर पर प्रोफेसर की भी बहाली हुई है। 2009 के बाद जो दरोगा, की बहाली हुई है ,प्रोफेसर की बहाली हुई या फिर प्रशासनिक अधिकारियों की बहाली हुई है उस बहाली पर गौर करिएगा तो 2015 आते आते जो स्थिति पहले न्याययिक परीक्षा की होती थी जिसमें यूपी के बहुत सारे छात्र पास करते थे वैसे ही स्थिति बीपीएससी की भी हो गयी है 30 से 35 प्रतिशत छात्र यूपी,हरियाना ,उड़ीसा और झारखंड से आ रहे हैं। प्रोफेसर बहाली में तो राज्य सरकार पहले ही बिहार के विश्वविधालय से पीएचडी करने वाले या फिर बेट पास करने वाले छात्रों को परीक्षा के लिए योग्य माना ही नहीं था, 3300 मे गितनी के पचास भी नहीं हैं जिनकी पूरी पढ़ाई बिहार में हुई हो।
यही हाल बीपीएससी के परिणाम का भी है 64वीं और 65 वीं में मेरा भगीना पास किया है इस वजह से उसके बैंच के लड़कों से मिलने का मौका मिला,नवोदय विधालय ना होता तो समझिए बिहार में पढ़े छात्र किसी काम के नहीं रहता, गितनी के दो चार हैं जिसकी पढ़ाई बिहार के कांलेजों में हुई है जब इन छात्रों से मैं सवाल किया तो उनका कहना था बिहार की पहचान क्या रही है शिक्षा, दस वर्ष पहले तक बिहारी मतलब गणित और साइंस में मास्टर लेकिन आज बिहार की स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा राष्ट्रीय स्तर पर सबसे नीचे स्तर पर पहुंच गया है ।
पहले नोर्थ इस्ट के बच्चे कमजोर माने जाते थे अभी बिहारी बच्चों का हाल उससे भी बूरा है 64वीं बैंच का टांपर एमपी का है और पूरे बैच में बिहार के कांलेज से पढ़ा बच्चा दूर दूर तक दिखायी नहीं दे रहा है चयनित बच्चेअधिकांश इनजीनियरिंग बैग्रांउड के हैं उसमें भी बिहार के इंनजीनियरिग कांलेज से पढ़ा छात्र दो चार भी अभी तक ट्रेनिंग मेंं नहीं मिला है।बीपीएससी के 64वीं और 65 वीं बैच में हरियाणा की लड़की डीएसपी और एसडीओ बनी है उडीसा का कई छात्र है जो बीडीओ और सीओ बना है ,यूपी की तो बात ही छोड़िए ।
ऐसे में बिहार में पढ़े बच्चे प्रियंका गुप्ता की तरह चाय नहीं बेचेगा तो करेगा क्या और ये जो गंगा किनारे या फिर आरा बक्सर के रेलवे स्टेशन पर पढ़ते हुए बच्चों का जो भीड़ दिख रहा है उसे कौन समझाये की जिस स्तर का सवाल परीक्षा में पुछे जा रहे हैं उसकी पढ़ाई ही में कहां खड़ा है ये बच्चों का हाल प्रियंका के चाय बेचने से भी बूरा है पढ़ाई में फिसड्डी जी जान से मेहनक करके राष्ट्रीय लेवल पर पहुंच भी रहा है तो 10 वर्षो से बैंक ,रेलवे और एसएससी में नौकरी आधी से भी कम हो गयी वही भेकेन्सी कब निकलेगी इसका कोई पता नहीं है ये है बिहार का सच इसे देख कर आप मुस्कुरा सकते हैं ।
जस्टिस राजन गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामलें पर सुनवाई उत्पाद कोर्ट समेत अन्य कोर्ट में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर कड़ा रुख अपनाया।
कोर्ट ने कहा कि राज्य में उत्पाद क़ानून से सम्बंधित मामलें बड़ी संख्या में सुनवाई के लिए लंबित हैं।लेकिन उत्पाद कोर्ट के गठन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की रफ्तार धीमी हैं।
कोर्ट ने उत्पाद कानून में राज्य सरकार द्वारा किये गए संशोधन की प्रति अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष रखने को कहा।
राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने पक्ष प्रस्तुत हुए कहा कि इस सरकार द्वारा शराब पर लगे प्रतिबन्ध को नहीं हटाया जाएगा।उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने हाल में ही व्यवहारिक कठिनाई को देखते हुए इस क़ानून में संशोधन किया हैं।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि उत्पाद कोर्ट के गठन,जज,कर्माचारियों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि सामान्य और उत्पाद कोर्ट के जुडिशियल ऑफिसर को बुनियादी सुविधाएं, पेय जल,शौचालय,बैठने व कार्य करने का स्थान उपलब्ध कराया जा रहा हैं।साथ ही उन्हें लैपटॉप भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा था कि सीबीआई, श्रम न्यायलयों व अन्य कोर्ट के लिए अलग अलग भवन की व्यवस्था है,तो उत्पाद कोर्ट के लिए अलग भवन की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।
महाधिकवक्ता ललित किशोर ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया था कि सभी 74 उत्पाद कोर्ट के लिए जजों की बहाली हो चुकी हैं।साथ ही 666 सहायक कर्मचारियों की बहाली के लिए स्वीकृति दे दी गई हैं।
उन्होंने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया था कि राज्य सरकार इन उत्पाद कोर्ट के एक फ्लोर उपलब्ध कराने की जाने की व्यवस्था की जा रही। सही ढंग से के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत हैं।
इस मामलें पर अगली सुनवाई 27 अप्रैल,2022 को की जाएगी।
सरकारी योजनाओं का कार्य बेहतर होने को लेकर हुआ चयन खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार ग्राम पंचायत को भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2022 के लिए चयनित किया है।
बिहार सरकार के सात निश्चय योजना, मनरेगा, आवास योजना समेत अन्य योजनाओं का काम पंचायत में बेहतर तरीके से होने को लेकर पंचायत का चयन हुआ है।
लिहाजा ग्राम पंचायत के मुखिया अनिल कुमार सिंह को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के मौके पर आगामी 24 अप्रैल को पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा PFMS के माध्यम से प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। ईधर तेलिहार पंचायत को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए चयन होने पर जिले के डीएम डॉक्टर आलोक रजंन घोष ने खुशी जाहिर किये हैं।
और पंचायत के मुखिया अनिल कुमार सिंह को बधाई देते हुए उम्मीद जाहिर किये हैं आगे भी पंचायत का विकास होते रहे और पंचायत वासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत मिलता रहे।वन्ही मुखिया अनिल कुमार सिंह ने कहा कि यह सम्मान पूरे पंचायत वासियों का है।मुझे काम करने की अब और प्रेरणा मिलेगी।
जीवन के अनुभवों के आधार पर आस्था निर्मित होती है। आम इंसान उसी में विश्वास कर लेता है, जिसके विषय में पूर्वज उसे सुनाते हैं। विश्वास मनुष्य की मूल प्रकृति है, जबकि आस्था उसके संस्कारों का परिणाम होता है।
आस्था और विश्वास का एक ऐसा ही पेड़ है, जहानाबाद के रतनी प्रखंड में जहां दूर दूर से पूजा करने लोग आते हैं। जहानाबाद से 20 किलोमिटर जिला का सबसे दक्षिणी इलाका रतनी फरीदपुर। इसी प्रखंड में है कंटाही बिगहा। इस गांव का एक बरगद का पेड़ लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। पेड़ के अंदर पत्थर की आकृतियां हैं। जिसकी पूजा करने लोग दूर दूर से आते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि बरगद का पेड़ सैकड़ों साल पुराना है। जिसके अंदर शिव परिवार की मूर्तियां हैं।
महादेव शिव शंकर के दो रूपों में पूजा की जाती है। एक मूर्ति रूप में दूसरी शिवलिंग के रूप में। उनके मंदिर शहर, गांव और कस्बे हर जगह मिलेंगे। वैसे तो दोनो स्वरूपों की पूजा श्रेष्ठ मानी जाती है लेकिन शिवलिंग की पूजा सर्वश्रेष्ठ होती है। कंटाही बिगहा में भी आस्थावान अपनी मन्नत पूरी होने पर पहुंचते हैं। और शिवलिंग के साथ ही पूरे शिव परिवार की पूजा करते हैं।
पटना वीमेंस कॉलेज के बाहर चाय बेचने की शुरुआत करने वाली प्रियंका गुप्ता आजकल मीडिया के लिए हांट केक बनी हुई है एक सप्ताह में जितनी कप चाय नहीं बेच पायी है उससे कही अधिक अभी तक मीडिया को इंटरव्यू दे चुकी है हाल यह है कि वीमेंस कांलेज के रास्ते से गुजरने वाला हर कोई एक नजर उस चाय बेचने वाली को देखना चाहता है वैसे उसका कहना है कि जब देश में इतने सारे चायवाला हैं तो क्यों कोई चायवाली नहीं हो सकती.
उन्होंने कहा, ‘मैंने 2019 में अपना स्नातक किया लेकिन बीते 2 सालों में कोई नौकरी नहीं मिल पाई. जिसके बाद कुछ अलग कर आत्मनिर्भर होने की बात सोची.’
उन्होंने कहा, ‘मेरे ऊपर से अब बेरोजगार का टैग हट गया है. अब खुद से रोजगार पाने वाले का टैग लग गया है.’ गुप्ता ने वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन किया है. वो बिहार के पूर्णिया की रहने वाली हैं. हालांकि गुप्ता ने जिस अंदाज में अपनी चाय की दुकान की शुरुआत बीते हफ्ते की है, वो सभी का ध्यान खींच रही हैं.
गुप्ता ने पोस्टर में लिखा है- ‘लोग क्या सोचेंगे अगर ये भी हम ही सोचेंगे तो फिर लोग क्या सोचेंगे ‘. वहीं पोस्टर में उन्होंने अपने इस कदम को आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में एक पहल बताया है.
ग्राहकों का ध्यान खींचने के लिए उनका टैगलाइन है- पीना ही पड़ेगा. वहीं वो कहती हैं कि सोच मत…चालू कर दे बस.
जहानाबाद ।हम पार्टी के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन अपने पिता के बातों से इतेफाक नही रखते है।
आरक्षण और धार्मिक जुलूस को लेकर दिये गए पिता की बातों से अपने को अलग करते हुए कहा कि सबको अपनी अपनी बात रखने का संविधान में अधिकार है उनकी राय अलग है मेरी राय अलग है मंत्री संतोष कुमार सुमन हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार जहानाबाद सर्किट हाउस पहुंचे थे।
जीतन राम मांझी ने क्या कहा था
दरअसल में पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भगवान राम ,आरक्षण और धार्मिक जुलूस पर प्रतिबंध लगाने सहित कई बयान देकर गठबंधन सरकार में असहज स्थिति लाते रहते है।
जीतनराम मांझी ने हाल में देश मे बढे साम्प्रदायिक तनाव को लेकर धार्मिक जुलूसों पर प्रतिबंध लगाने की मांगकर अपरोक्ष रूप से बीजेपी पर हमला बोला था। मांझी अक्सर NDA की लाइन से अपना स्टैंड रखते हुए राजनीति सरगर्मी बनाए रखते है।
सबको साथ लेकर चलने में रखते है विश्वास
इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी मीडिया के सवाल के जवाब में जीतन राम मांझी के बयान से असहज की स्थिति है पर संतोष कुमार सुमन ने कहा कि संविधान के तहत सबको बोलने का अधिकार है। और यह उनका व्यक्तिगत मामला है, इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते है ।
उन्होंने यह भी कहा कि वे सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते है । बहरहाल मंत्री संतोष कुमार सुमन जहानाबाद के प्रभारी मंत्री भी है और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी बातों के अलग राजनीति निहितार्थ निकाले जा सकते है
बेगूसराय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत सरकार के मंत्रियों को जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए भेजा गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार बेगूसराय पहुंचे।
बेगूसराय में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने समाहरणालय स्थित कारगिल भवन में विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक की जिसके बाद सदर प्रखंड के मोहनपुर विद्यालय का भ्रमण किया इसके साथ ही प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। इसके बाद समाहरणालय स्थित कारगिल भवन में प्रेस वार्ता कर शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि बेगूसराय में सभी विकासआत्मक योजना सही से चल रही है और जिससे बेगूसराय का विकास होगा।
बेगूसराय में शिक्षा, कृषि , समेत पांच बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। बेगूसराय में जल्द ही 600 बेड का मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा उसकी प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी सेकेंडरी और कॉलेजों में इसमें सारे लोग लगे हुए हैं विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विद्यांजलि पोर्टल चालू किया गया है जिसमें स्कूलों को जो जरूरत है उसमें वह दर्ज कर सकते हैं। कृषि में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा मिला है, पशुपालन में विस्तार के लिए सेक्स शॉर्टेज सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री सड़क योजना में काफी काम किया जा रहा है जन धन योजना में खातों को रेगुलर करने से काफी लाभ लोगों को मिल रहा है। वही मोहनपुर स्कूल में भ्रमण के बाद कहा कि स्कूल काफी अच्छा लगा जहां बच्चों और शिक्षकों में काफी तालमेल था और वहां शौचालय में एक पोस्टर चिपकाया जो जिसमें पानी का उपयोग करें दो बार उपयोग से पहले और उपयोग के बाद यह बेहतरीन लगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बेगूसराय में बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं जिससे बेगूसराय का विकास होगा
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने विनीत कुमार व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने विज्ञापन संख्या 01/ 2019 के अंतर्गत निकाले गए सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया। खंडपीठ ने माना कि राज्य सरकार द्वारा संचालित पॉलिटेक्निक संस्थान से डिप्लोमा पास किये अभ्यर्थियों को चालीस फीसदी आरक्षण देना सही नहीं था।
खंडपीठ ने फिर से मेरिट लिस्ट तैयार कर रिजल्ट देने का आदेश दिया है। इस विज्ञापन के तहत 6379 कनीय अभियंता (असैनिक/ यांत्रिक/ विद्धुत ) की बहाली होनी थी।
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याचिककर्ता की वरीय अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने बताया कि इस प्रकार से बनाया गया नियम भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 व 16 (4) का उल्लंघन है। साथ ही साथ भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए गए जीविका के अधिकार को भी प्रभावित करता है।
याचिका में ये कहा गया कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा 8 मार्च, 2019 को निकाले गए विज्ञापन संख्या 01/2019 के क्लॉज़ 4 (iv)(के) को रद्द किया जाए।
कटिहार । देश के कई राज्यों में रामनवमी और हनुमान जयंती के दौरान धार्मिक जुलूस पर हुए हमले की घटनाओं पर बीजेपी के फायर ब्रांड लीडर और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने है कि यह देश में गंगा जमुनी तहजीब के दावे के विपरीत है। उन्होंने सवाल किया है कि अब रामनवमी का जुलूस पाकिस्तान में निकाला जाएगा क्या?
गिरिराज ने आगे कहा आजादी के बाद देश में बड़ी संख्या में मस्जिद बनाई गई और मुसलमानों की आबादी में कई गुना बढ़ोतरी हुई। लेकिन कहीं से भी इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया गया। लेकिन, इसी दौरान पाकिस्तान में बड़ी तादाद में मंदिरों को तोड़ दिया गया और वहां की हिंदू आबादी अब विलुप्त होने के कगार पर है। बीजेपी नेता ने कहा कि अब धैर्य जवाब दे रहा है।
अर्कीलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक पटना स्थित राजेंद्र स्मृति 1 और 2 का पटना के डी एम के साथ जायजा ले कर कल कोर्ट को रिपोर्ट करेंगे। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता विकास कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई की।
पिछली सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि बिहार विद्यापीठ परिसर में सभी गैर कानूनी अतिक्रमण को हटा दिया गया।साथ ही बिहार विद्यापीठ के प्रबंधन का जिम्मा पटना के प्रमंडलीय आयुक्त को सौंपा गया है।
कोर्ट को यह भी बताया गया था कि जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है।कोर्ट ने पिछली सुनवाई में डी एम, पटना को पटना स्थित बिहार विद्यापीठ के भूमि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि बिहार विद्यापीठ के चारदीवारी के भीतर की भूमि राष्ट्र की धरोहर है, न कि किसी निजी संपत्ति।
कोर्ट ने डी एम, पटना को बिहार विद्यापीठ की भूमि का विस्तृत ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।साथ ही यह भी बताने को कहा था कि बिहार विद्यापीठ की भूमि पर कितना अतिक्रमण है और इससे सम्बंधित कितने मामलें अदालतों में सुनवाई के लिए लंबित हैं।
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याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास कुमार ने कोर्ट को बताया कि पटना स्थित बांसघाट के सौंदर्यीकरण के लिए ढाई एकड़ भूमि ज़िला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
वरीय अधिवक्ता पी के शाही ने बताया था कि कोर्ट ने ए एस आई के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय निर्देश और पटना ए एस आई के अधीक्षक को कोर्ट ने जीरादेई जा कर विकास की संभावना पर विचार कर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
जीरादेई स्थित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए रेलवे और राज्य सरकार ने सहमति दे दी।कोर्ट ने इस सम्बन्ध में रेलवे को आगे की कार्रवाई के लिए दो सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
महात्मा गांधी को छोड़ दे तो देश के तमाम महापुरुषों को या तो राजनीतिक पार्टियां याद करती हैं या फिर उनके बिरादरी के लोग याद करते हैं। राजनीतिक दल के याद करने के पीछे भी कही ना कही महापुरुषों के सहारे उनके जाति को ही साधना रहता है। बीजेपी भारतीय राजनीति में वर्षो ले चली आ रही इस नैरेटिव को अमृत महोत्सव कार्यक्रम के सहारे बदलना चाह रही है और प्रयोग के तौर पर बिहार में 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह की जयंती के मौके पर उनके जन्मस्थली जगदीशपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है ।इस कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेवारी नित्यानंद राय दो दी गयी है ।
कार्यक्रम सफल हो इसके लिए बीजेपी के तमाम विधायक और विधान पार्षद को दो सौ गांड़ी लाने की जिम्मेवारी दी गयी है वही सभी मंत्री को कार्यकर्ता के लाने ले जाने से लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बहाल रखने तक की जिम्मेवारी दी गयी है कहा ये जा रहा है कि इस मौके पर तीन लाख तिरंगा फहराया जायेगा ताकी इस सभा का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हो सके उसी स्तर की तैयारी भी चल रही है ।इस मौके पर खास तौर पर राजपूत नेता को अलग रखा गया है और इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे।
जानकारों का मानना है कि इसके पीछे दो वजह है एक तो बीजेपी जातिगत राजनीति को राष्ट्रवाद के सहारे साधना चाह रही है दूसरा राजनाथ सिंह को 2024 के चुनाव से पहले निष्प्रभावी बनाना
1—रणनीति के तहत राजपूत नेताओं को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया है बिहार में वीर कुंवर सिंह की जयंती राजद ,जदयू और भाजपा तीनों मनाती रही है और उन्हीं की जयंती के सहारे सभी राजनीतिक दल राजपूत वोट को साधने के कोशिश करते रहे हैं लेकिन बीजेपी ने इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह से तैयार किया है कि वीर कुंवर सिंह की जयंती बीजेपी मना रही है राजपूत नहीं यह संदेश लोगों के बीच पहुंचे ताकी आने वाले समय में राजपूत के बड़े नेता को उसके अपने विरादरी में राष्ट्रवाद के सहारे नेपथ्य में पहुंचाया जा सके और यही वजह है कि राजनाथ सिंह को इस कार्यक्रम से पूरी तौर पर अलग रखा गया है ,
इतना ही नहीं आर0के0सिंह जो स्थानीय सांसद हैं उन्हें भी मुख्य जिम्मेवारी से दूर रखा गया है, कहा ये जा रहा है कि बीजेपी के इस रणनीति को भापते हुए ही औरंगाबाद सांसद सपरिवार होम कोरेन्टीन हो गये हैं ।कहां ये जा रहा है कि राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह की सक्रियता को नियंत्रित करने के लिए अमित शाह खुद उनके मेडिकल में जाने कि स्वीकृति दिये हैं,इतना ही नहीं आरा ,सासाराम.औरंगाबाद जिले से जो राजपूत विधायक और विधान पार्षद है उन्हें भी इस कार्यक्रम से दूर रखा जा रहा है। भले ही मंच पर राजपूती शान दिखे लेकिन मंच पर राजपूत नेता कम से कम दिखे इसकी कोशिश अभी से ही चल रही है।
2–2024 से पहले राजनाथ सिंह को निपटाने की है तैयारी बीजेपी की राजनीति पर नजर रखने वाले विद्वानों का मानना है कि भारतीय राजनीति में जाति को नकारा नहीं जा सकता है ,भ्रष्टाचार ,आतंकवाद,हिन्दू मुसलमान और भारत पाकिस्तान के सहारे मोदी और शाह 2014 और 2019 का चुनाव तो जीत लिये लेकिन 2024 में इन मुद्दों पर चुनाव जीतना सम्भव नहीं है ऐसा साफ दिख रहा है ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव में जाति का नैरेटिव लौट सकता है जो मोदी और शाह को सूट नहीं करता है क्यों कि मोदी के साथ आक्रमक हिन्दू नेता की छवि है लेकिन शाह की ना तो ऐसी छवि है और ना ही वो हिन्दू हैं।
कहा जा रहा है कि एक बार संघ के बैठक में योगी इस मुद्दा को उठा भी चुके हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि देश का अगला पीएम तो अल्पसंख्यक ही बनेगा जिसको लेकर पूरे बैठक में मौजूद लोग योगी के तरफ देखने लगे थे और फिर योगी ने कहा था शाह तो जैन हैं और नरेंद्र भाई की इच्छा है कि शाह उनका उत्तराधिकारी बने ऐसे में देश का अलगा पीएम तो अल्पसंख्यक ही बनेगा ना।
कहा जाता है कि इस बैठक के बाद ही योगी और शाह के बीच दूरिया लगातार बढ़ती चली गयी और योगी के फिर से यूपी के मुख्यमंत्री बनने से शाह को कुछ ज्यादा ही परेशान है। यूपी की राजनीति को करीब से देखने वाले को पता है कि यूपी के चुनाव में किस तरह राजनाथ सिंह योगी के पीछे खड़े थे ।
ये सारा खेल राजनाथ सिंह की घेराबंदी के लिए खेला जा रहा है राजनाथ सिंह जिनके साथ बीजेपी के हिन्दी प्रदेश के अधिकांश बड़े नेता अभी भी खड़े हैं ऐसे में 2024 में गठबंधन की सरकार बनने कि स्थिति बनी तो राजनाथ सिंह मोदी और शाह दोनों के लिए परेशानी खड़े कर सकते हैं फिर राजनाथ सिंह 2024 के लोकसभा चुनाव में मार्गदर्शक मंडल वाली उम्र में भी नहीं पहुंच रहे हैं।
शाह और उनकी टीम राष्ट्रीय स्तर पर राजपूत की राजनीति को कैसे कमजोर किया जा सके इसकी कोशिश यूपी में भी किया और अब बिहार में वीर कुंवर सिंह की जयंती के सहारे करने कि है ऐसा राजनीति पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है ये कितना सफल होगा या फिर शाह की यह रणनीति बैक फायर करता है यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन इतना तय है कि 2024 का बिसात बिछ चुका है और अभी से ही बीजेपी के अंदर ही शह मात का खेल शुरू हो गया है ।
कोर्ट ने अदालत में उपस्थित शाहपुर के थाना प्रभारी से पूछा कि भूमि विवाद में उनके द्वारा प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई।
मामला सेवानिवृत्त जिला जज के जमीन पर एक महिला सब इंस्पेक्टर के पति द्वारा कब्जा किये जाने से संबंधित है।इस बात की शिकायत मिलने के बाद भी थानेदार ने कार्रवाई करना तो दूर, प्राथमिकी भी दर्ज नही किया।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस अपना काम करने के बजाय असमाजिक तत्वों को प्रश्रय देने का काम कर रही हैं ।कोर्ट ने दानापुर के एएसपी के मौजूदगी में थानेदार से कई सवाल किया।
कोर्ट का कहना था कि एक खास आदमी के लोगों से ही निर्माण सामग्री खरीदने का दबाब थानाप्रभारी द्वारा दिया जाता हैं।निर्माण सामग्री नहीं खरीदने पर निर्माण कार्य बाधित कर दिया जाता हैं।
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पुलिस को शिकायत किये जाने पर पुलिस उल्टे शिकायतकर्ता पर ही कार्रवाई करती हैं।कोर्ट का कहना था कि भले ही कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो कानून के सामने सभी एक समान हैं,सभी को कानून का पालन करना होगा।
कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आम जनता को तंग करने की बजाय उन्हें सहयोग करें।कोर्ट में उपस्थित वकीलों ने कहा कि पुलिस सबसे ज्यादा वकील को तंग करती हैं, जबकि वकील ही उन्हें कानूनी पेंच से बाहर निकालते हैं।कोर्ट ने पुलिस के अधिकारियों से कहा कि पुलिस भूमि9 विवाद को हल्के में लेना बंद करें और भूमि विवाद की जानकारी मिलने पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर करवाई शुरू करे।
कोर्ट ने एएसपी को कहा कि अगली तारीख पर वे इस मामले से संबंधित पूरा रिपोर्ट कोर्ट को दें। इस मामले पर अगली सुनवाई 18 मई को फिर की जाएगी।
राज्य के अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ मांगो को पूरा करने के लिए बिहार एडवोकेट्स एक्शन फोरम के नाम से वकीलों की एक 21 सदस्यीय गैर राजनीतिक समिति का गठित किया गया है। पटना हाई कोर्ट के एडवोकेट्स एसोसिएशन के लाइब्रेरी में ये बैठक हुई थी।
एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरोय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा व अवधेश कुमार पांडेय ने कहा कि कोविड काल मे ज्यादातर अधिवक्ताओं की स्थिति बद से बदतर हो गई है। अधिवक्ताओ के हित में अधिवक्ता का कोई भी संगठन प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा है।
इन अधिवक्ताओ ने कहा कि मई माह से वकील बैज लगाकर विरोध दर्ज करेंगे।
यदि इससे अधिवक्ताओ की मांगे नहीं मानी गई, तो आगामी जून महीने में प्रदर्शन किया जाएगा।
अधिवक्ताओं की मुख्य मांगों में अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ न्यायालय परिसर में सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रति वर्ष सरकार के बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान करना, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाना, पेंशन योजना, नए अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड को देना शामिल हैं।इसके साथ ही न्यायमित्रों को नियमित मानदेय भुगतान, हाईकोर्ट में आयोग के जरिये जजों की नियुक्ति व वकीलों को आयुष्मान योजना से जोड़ना शामिल है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 26 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मोहर लगी है।
सम्राट अशोक जयंती को राजकीय समारोह का दर्जा।
चैत शुक्ल पक्ष अष्टमी के दिन मनेगी जयंती।
सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में मनेगी राजकीय समारोह।
बिहार नगरपालिका निर्वाचन संसोधन 2022 की स्वीकृति।
मेयर और डिप्टी मेयर की सीधे निर्वाचन होंगे।
जमुई के तत्कालीन सिकंदरा CO धर्मेंद्र कुमार भारती बर्खास्त।
राजस्व सेवा के अधिकारी मनोज झा को जबरन सेवानिवृति।
बांका में तैनात है मनोज झा।
ITI में 118 पदों का सृजन।
अनुदेशक का पद सृजित।
बाबा केवल स्थान मेला समस्तीपुर को राजकीय मेला का दर्जा।
समस्तीपुर अमर सिंह हजरत शिउरा को राजकीय दर्जा।
CM Nitish Kumar
बिहार सरकार कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी मनोज कुमार झा जो बांका में पदस्थापित हैं उन्हें 3 महीने पूर्व ही सेवानिवृत्ति करने पर स्वीकृति मिली है। प्रभारी अंचल अधिकारी धर्मेंद्र कुमार जो जमुई में पदस्थापित हैं उन्हें बर्खास्त किया गया है।
बिहार के 18 वर्ष से 59 वर्ष तक के सभी लोगों को कोविड-19 का निशुल्क प्रिकॉशन डोज दिया जाएगा जिसके लिए 1314.15 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। राज्य के 2 जिलों में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण होगा जिसके लिए 12073600000 रुपए की स्वीकृति हुई है।
जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 127 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
पटना, 18 अप्रैल 2022 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4 देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 127 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, परिवहन विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, लघु संसाधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पर्यटन विभाग, भवन निर्माण विभाग, वाणिज्य कर विभाग, सूचना एवं जन संपर्क विभाग, गन्ना (उद्योग) विभाग, विधि विभाग तथा जीविका से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी।
‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में रोहतास से आये एक व्यक्ति ने मनरेगा में अनियमितता की शिकायत की। वहीं वैशाली जिले के पातेपुर के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलनेवाली सूची में नाम होने के बावजूद उसे आवास नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
शिवहर से पहुंचे एक फरियादी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके महादलित टोला का
सड़क, मुख्य सड़क से नहीं जोड़ा गया है, इसके कारण मुख्य सड़क तक जाने में काफी कठिनाई होती है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बांका जिले के बेलहर से आए एक बुजुर्ग जे०पी० सेनानी ने कहा कि बिना अनुमति के उनकी जमीन के बीच में तीन बिजली का पोल लगा दिया गया है। थाना में भी कई बार आवेदन देने के बाद भी मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
• शिवहर जिले के विश्वम्भरपुर के एक व्यक्ति ने विश्वम्भरपुर पंचायत के वार्ड नंबर-7 के
महादलित टोला में रास्ता निर्माण को लेकर अपनी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं भोजपुर
जिले के गड़हनी के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण को लेकर
अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इस पर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश
दिया। ●भागलपुर जिले के बिहपुर के एक व्यक्ति ने प्राकृतिक आपदा के कारण अपनी फसल नष्ट होने की शिकायत की और मुआवजे की मांग को लेकर अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं
बेगूसराय के मसदपुर के एक व्यक्ति ने फैक्ट्री से उत्पन्न प्रदूषण के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानी के संबंध में शिकायत की मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। फतुहा के एक व्यक्ति ने नगर परिषद् के वार्ड-16 में गंगा घाट निर्माण कार्य कराने के
संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। वहीं दानापुर से आयी एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या होने के कारण उन्हें पलायन करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री रामप्रीत पासवान, पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन, पंचायती राज मंत्री श्री सम्राट चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, सहकारिता मंत्री श्री सुबाष सिंह, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री नीरज कुमार सिंह, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री जयंत राज, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे।
‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। देश में कोरोना के मामले में हो रही वृद्धि के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं-कहीं से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने की खबर आ रही है। दिल्ली में भी कोरोना के मामले में वृद्धि की खबर आयी है। बिहार में अभी कोरोना के काफी कम मामले हैं लेकिन बाहर में कोरोना के मामले बढ़ने का असर यहां भी पड़ता है क्योंकि लोग एक-दूसरे जगह आते जाते रहते हैं।
राज्य में लगातार कोरोना की जांच कराई जा रही है। यहां इसको लेकर पूरी तरह सतर्कता है और लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है ताकि बाहर से आनेवालों की जांच होती रहे। सब लोगों से आग्रह है कि कोरोना की जांच करायें, इसको लेकर सरकार की ओर से पूरी व्यवस्था है। बिहार में कोरोना जांच की दर सर्वाधिक है। देश में दस लाख की आबादी पर जितनी औसत जांच हो रही है उससे ज्यादा जांच बिहार में हो रही है।
कोरोना दूसरे देशों में भी बढ़ा है। बिहार में कोरोना संक्रमण की दर काफी नीचे गया है लेकिन अगर फिर कहीं बढ़ रहा है तो उसके लिए अलर्ट रहने की जरूरत है। हमलोगों के यहां अलर्टनेस है, उसके लिए जो भी जरूरी है किया जाएगा। सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि भीषण गर्मी के चलते अन्य प्रकार की बीमारियों का भी खतरा है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के द्वारा इस पर नजर रखी जा रही है। हमलोग निरंतर जरूरी जानकारी लेते रहते हैं कि कहां पर किस जगह पर क्या स्थिति है ? सब ध्यान दे रहे हैं। बिहार में कुछ जगहों पर तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले अनेक वर्षों से इस वर्ष तापमान में ज्यादा वृद्धि हुई है इसलिए लोगों को तो सतर्क रखना ही पड़ेगा। हमलोग इसको लेकर पूरे तौर पर अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ प्रशासन की तरफ से
भी अलर्ट किया गया है। ए०ई०एस० से बचाव के लिए काम किया जा रहा है। लाऊडस्पीकर पर नमाज को लेकर देश के कुछ हिस्सों में जारी विवाद के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से हमें काम करने का मौका मिला है तब से ही आपस में किसी तरह का विवाद न हो, झंझट न हो इसको लेकर हमलोग काम करते रहे हैं। पहले बिहार में कितना विवाद होता था लेकिन हमलोगों ने लोगों में अवेयरनेस लाकर इसको बिल्कुल समाप्त करने की लगातार कोशिश की है जब किसी समुदाय, धर्म के त्योहार का अवसर आता है तो प्रशासन पूरी तौर पर अलर्ट रहता है ताकि कोई गड़बड़ी न कर सके। एक-एक चीज पर कॉन्सेसनेस है। जिसके मन में जो आता है, बोलते रहता है। हमलोग चाहते हैं कि सभी लोगों में आपस में प्रेम और भाईचारे का भाव रहना चाहिए। कोई भी किसी धर्म को मजहब को माननेवाला है, उसका अपना-अपना तरीका है।
सब लोग अपने-अपने ढंग से अपना त्योहार मनायें लेकिन इसको लेकर के आपस में विवाद नहीं करना चाहिए। ये बहुत जरूरी चीज है। सब अपने-अपने धर्म का मजहब का पालन कीजिए। इसको लेकर कहीं कोई रोक नहीं है। अगर आप सचमुच पूजा में विश्वास करते हैं तो ठीक से पूजा कीजिये। एक-दूसरे से झगड़ा करने का, पूजा करने से कोई संबंध नहीं है। अगर कोई भी किसी कम्युनिटी का है आपस में इस तरह का विवाद करता है तो मान लीजिए उसको धर्म से कोई मतलब नहीं है। इसका मतलब है कि वो सही आदमी नहीं है। यहां पर ऐसा कुछ नहीं है लेकिन कुछ-न-कुछ तो इधर-उधर होता ही रहता है। यहां पर अलर्टनेस है। उसके लिए ज्यादा चिंता मत करिए। हमलोग सबकी इज्जत करते हैं, हमलोग किसी को अपमानित नहीं करते हैं।
कुछ मंत्रियों द्वारा की जा रही बयानबाजी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं है। अगर आप लोग जानकारी दीजिएगा तो हम उनसे तुरंत पूछ लेंगे। हमारे पास कहीं से कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल पूछ लेते हैं। ऐसा कुछ नहीं है, कोई भूल से कुछ बोल दिया हो तो उसकी बात अलग है।
श्री प्रशांत किशोर द्वारा कांग्रेस की जिम्मेदारी संभालने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर मेरी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। सबको अपना अधिकार है, राजनैतिक रूप से कोई क्या करना चाहता है, ये उसका अपना अधिकार है। हमसे उनका व्यक्तिगत संबंध रहा है और है भी। वे सबसे पहले भाजपा के साथ थे। फिर हमलोगों के साथ काम किये। अब कहीं और कर रहे हैं यह उनकी अपनी इच्छा है। ऐसे हमारा कोई इंटरफेयरेंस नहीं है और न ही इसमें हमारी कोई प्रतिक्रिया है।
उपचुनाव के नतीजे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जगह बाइइलेक्शन में हमलोगों की हार हो गई तो ये कोई खास बात नहीं है। इससे पहले दो बाइइलेक्शन हमलोग भी जीते हैं। यह कोई जेनरल इलेक्शन नहीं था। हमलोग तो एन०डी०ए० के उम्मीदवार के प्रचार के लिये गये ही थे, सब लोग प्रचार किये ही थे। वहां क्या हुआ इसकी अभी पूरे तौर पर जानकारी नहीं है कि हार क्यों हुई। आपस में बातचीत करने से इसकी पूरी जानकारी मिलेगी कि मामला क्या था। जनता मालिक है, उसको जो मन करे, उसे वोट दे। इस पर हम कभी कमेंट नहीं करते हैं।
श्री शत्रुघ्न सिंहा के बंगाली बाबू के रूप में लोकसभा उपचुनाव में मिली सफलता के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारी बाबू और बंगाली बाबू क्या है, सब हिंदूस्तानी बाबू हो जाइये। ये सबसे अच्छा है। इसमें क्या दिक्कत है।
स्पेशल स्टेट्स के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग काम भी करते हैं और बिहार को जो जरूरत रहती है उसके लिये बात भी करते रहते हैं। कौन क्या कॉमेंट देता उससे क्या मतलब। हमलोग जितना बिहार के लिये करते हैं वो आपलोगों को पता है। हमलोग मांग भी करते हैं और बिहार के लिए काम भी करते हैं। इन सब पर ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुए अभी एक- दो महीने लोगों को अलर्ट रहने की जरुरत है। राजनीतिक बातें तो होती ही रहती है, उसका उतना महत्व नहीं है लेकिन लोगों की सर्वोपरि है। सभी लोग स्वस्थ रहें किसी को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसको लेकर हम सभी लोग लगे हुए हैं। मीडियाकर्मी भी लोगों को सचेत करते रहें, यह बहुत जरुरी है। अभी सभी लोगों को सचेत रहने की जरुरत है।
यह कार्यशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना मंडल, बिहार पुराविद परिषद्, फेसेस पटना और बिहार म्यूजियम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यशाला में पटना विमेंस कॉलेज, नोट्रे डेम अकैडमी, इंटरनेशनल स्कूल, रेडियंट इंटरनेशनल स्कूल, केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, आर्मी पब्लिक स्कूल दानापुर और उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसन्धान संस्थान से कुल 70 छात्रों ने मधुबनी पेंटिंग, मृण्मूर्ति कला, पटना कलम, मञ्जूषा कला और टिकुली कला का प्रशिक्षण प्राप्त किया। युवा कलाकार एवं प्रशिक्षकों ने छात्रों को उनके पसंद की कलाओं का प्रशिक्षण दिया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बिहार संग्रहालय के महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार अंजनीकुमार सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार की पारंपरिक कला को सीखने और समझने के लिए इतनी संख्या में छात्रों के उत्साहपूर्ण भागीदारी से मैं अभिभूत हूँ। यह इस बात का प्रमाण है कि दुनिया चाहे जितनी बदल गई हो, बिहार के युवाओं की कला-प्रियता कम नहीं हुई है। हमारे युवाओं के हाथों में हमारी कलात्मक विरासत सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बिहार की पारंपरिक कलाएं केवल शौकिया ही नहीं बल्कि रोजगार का भी बहुत बड़ा साधन है। हमने सरकार की ओर से एक प्रशिक्षण संस्थान भी खोला है, जिसमें प्रशिक्षण देने के लिए प्रोफेसर की नियुक्त डिग्री के आधार पर नहीं बल्कि काम के आधार पर किया गया है।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर बिहार के मूर्धन्य कलाकार और रेलवे स्टेशनों को मधुबनी कला से सजाने वाले भारत के प्रथम कलाकार राजेन्द्र प्रसाद मंजुल ने कहा कि बिहार की धरती परंपरागत कलाओं की विविध रंगों से सजी एक बड़े कैनवास की तरह है, जिसे समय का धूल कभी धूमिल नहीं कर सकता। युवा पीढ़ी में इन कलाओं के प्रति अनुराग पैदा करने के इस पावन कार्य की मैं भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूँ।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए बिहार पुराविद परिषद् के महासचिव डॉ. उमेश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि कि बिहार की भूमि कला-प्रसूता है। मानव सभ्यता के विकास की उषा काल में ही यहाँ कलाओं का उदय हुआ, जिसके पुरातात्विक प्रमाण शैल और गुफा चित्रों के रूप में आज भी हमारे सामने हैं। बिहार की कलाएं मानव जीवन की गहराइयों से उद्भूत हैं, अतः शाश्वत हैं। इन कलाओं के प्रति हमारा प्रेम ही इनके संरक्षण और विकास की गारंटी है। अतः आवश्यक है कि हम इन्हें अपनी नयी पीढ़ी को सौंपने का अथक प्रयास करें।
इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना मंडल के सहायक अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. प्रसन्ना दीक्षित, फेसेस की महासचिव सुनिता भारती, फेसेस के संस्कृति सचिव शुभम सिंह, बिहार संग्रहालय के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुनील कुमार झा सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
उधर इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण,पटना सर्किल द्वारा नालंदा महाविहार पुरातात्विक स्थल (प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय) में भी छात्रों के बीच चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता, विश्व धरोहर स्थलों की फोटो प्रदर्शनी और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रति वर्ष 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है । संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूनेस्को द्वारा घोषित इस दिवस को मनाये जाने का उद्देश्य अपनी विरासत के प्रति जन जागरूकता पैदा करना है । इस समय 1150 के करीब विश्व विरासत स्थल हैं इनमें से 40 भारत में स्थित हैं । विश्व विरासत स्थल वे स्थल या विरासत हैं, जिनके बारे में यह स्वीकार किया जाता है कि इनका निर्माण किसी देश, जाति या पंथ का न होकर संपूर्ण मानव जाति की उपलब्धि है और इस प्रकार उनका सार्वभौमिक मूल्य है और इसलिए उनके अस्तित्व को संरक्षित एवं सुरक्षित रखना संपूर्ण मानव जाति का कर्तव्य है ।
चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पुल निर्माण करने वाली कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को 20 अप्रैल,2022 को तलब किया है।
कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर किया कि हाजीपुर में आर ओ बी का निर्माण एक दशक बाद भी पूरा नहीं हुआ।पिछली सुनवाई में कोर्ट ने गंडक नदी पर पुल निर्माण कार्य पूरा करने के लिए पुल निर्माण कंपनी को छह से सात माह का समय दिया।साथ ही कहा था कि निर्माण कार्य दोनों ओर हाजीपुर और छपरा से शुरू होना चाहिए।
निर्माण कंपनी द्वारा इस पुल के निर्माण के लिए दस महीने की मोहलत मांगी गई,जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया था। आज कोर्ट ने कहा कि कोर्ट अगली सुनवाई में एन एच ए आई के अध्यक्ष को तलब किया जा सकता है।
पिछली सुनवाई में याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वैशाली के डी एम से पूछा कि प्रशासन इस मामलें में क्या कर रहा था।कोर्ट ने उनसे जानना चाहा कि जनता की मुश्किलों को दूर करने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की।
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वैशाली के जिलाधिकारी ने बताया था कि हाजीपुर के रामाशीष चौक से बस स्टैंड नेटवर्क से हटा दिया गया है। साथ ही ये भी बताया कि रामाशीष चौक पर जाम का मुख्य कारण अंजानपीर चौक से आर ओ बी का नहीं बनना और दोनों साइड सड़कों का खस्ताहाल होना।साथ ही जगह जगह मनमाने तरीके से स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया जाना।
कंपनी के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने बताया था कि अजानपीर दोनों ओर की सड़कों को एक माह में मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा कर सड़क को ठीक कर दिया जाएगा। साथ ही अजानपीर के आसपास अनावश्यक स्पीड ब्रेकर को भी हटा दिया जाएगा।
पटना । राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्प्रति राज्य सभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी ने आज एक वक्तव्य में कहा कि कोविड के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार का परिणाम है कि केन्द्रीय करों में हिस्से के रूप में बिहार को 2020-21 की तुलना में 2021-22 में 34 प्रतिशत ज्यादा राशि केंद्र से प्राप्त हुई है। जहां 2020-21 में मात्र 59 हजार 861 करोड़ प्राप्त हुआ था वहीं 2021-22 में 31,491 करोड़ ज्यादा प्राप्त हुआ यानि 91 हजार 352 करोड़ प्राप्त हुए हैं।
केन्द्रीय करों में हिस्से के रूप में बिहार को अभी तक की सर्वाधिक राशि प्राप्त • 2021-21 में 91,352.62 करोड़ प्राप्त • 2020-21 की तुलना में 31,491 करोड़ ज्यादा प्राप्त – सुशील कुमार मोदी
ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार को आय-कर, कॉरपोरेट कर, एक्साइज, कस्टम्स ड्यूटी, जीएसटी से प्राप्त टैक्स वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्यों को डीवोल्युसन (Devolution) के रूप में प्राप्त होता है। इस राशि को राज्य सरकार किसी भी कार्य पर व्यय कर सकती है। 15वें वित्त आयोग ने केन्द्रीय करों में राज्यों को 41 प्रतिशत और उसमें बिहार को 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी निर्धारित की है ।
पंचायती राज संस्थाओं को 3709 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में प्राप्त हुआ परंतु शहरी निकायों के लिए 1827 करोड़ के विरुद्ध 836.25 करोड़ ही प्राप्त हो सका ।
राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से बिहार को 2021-21 में 1038.96 करोड़ की सहायता मिली है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के रूप में राज्य आपदा राहत कोष में केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में 1416 करोड़ प्राप्त हुए हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं कोविड से मुकाबला हेतु बिहार को 2348.96 करोड़ प्राप्त हुए। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं नगर निकायों के माध्यम से स्वास्थ्य संरचनाओं के लिए अतिरिक्त 1116.31 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।
पटना हाईकोर्ट ने मगध विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर (वीसी) राजेन्द्र प्रसाद उर्फ डॉ राजेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा कर राहत दी है। जस्टिस आशुतोष कुमार ने इस अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य निगरानी विभाग से जवाबतलब किया हैं।
इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट को तीन सप्ताह के भीतर सुनवाई करने का आग्रह किया था।साथ उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगा दिया था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डा रणजीत कुमार ने बताया कि साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र प्रसाद द्वारा पटना हाई कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत व कार्यवाही को रद्द करने हेतु दायर अर्जियों पर सुनवाई की थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस बीच याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश को पारित किया था।
राजेन्द्र प्रसाद के विरुद्ध आई पी सी की धारा 120 बी (अपराध करने के लिए रची गई आपराधिक साजिश) / 420(जालसाजी) व भ्रष्टाचार निवारण एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
इसके पूर्व याचिकाकर्ता ने पटना हाई कोर्ट के समक्ष अग्रिम जमानत हेतु याचिका भी दायर किया है। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए अर्जी भी दायर किया है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता की दलील थी कि उनकी अर्जियों पर सुनवाई बड़े पैमाने पर मुकदमों के लंबित रहने की वजह से नहीं सुना जा रहा है।
इस मामलें पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई 25 अप्रैल,2022 को होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपचुनाव के रिजल्ट पर कहा कि अभी पूरे मामले पर क्या हुआ इसकी जानकारी हमें नहीं है भारतीय जनता पार्टी से इस मामले पर भी बातचीत नहीं हुई है जनता मालिक है जनता जिस को वोट दें।
शत्रुघ्न सिन्हा के उपचुनाव में जीत पर उन्होंने कहा कि बिहारी बाबू और बंगाली बाबू में फर्क क्या है सभी लोगों को हिंदुस्तान में बाबू हो जाना चाहिए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा को लेकर कहा कि यह सब चीज तो लगातार कई सालों से है और जब भी जरूरत पड़ती है हम बताते रहते हैं
संक्रमण के चौथे लहर पर उन्होंने कहा कि हम मीडिया से भी अपील करते हैं कि लोगों को इलाज कराइए और अभी मौसम भी काफी खराब चल रहा है।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर से हमारा तो संबंध है ही पहले भाजपा के साथ थे बाद में हमारे साथ है वह जहां भी जा रहे हैं वह उनका व्यक्तिगत फैसला है हम से उनका संबंध दूसरा है।
संक्रमण को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट है और लगातार जांच चल रही है जो भी जरूरत होगा जो भी कार्रवाई होगा की जाएगी भीषण गर्मी को देखते हुए भी विभाग को अलर्ट पर रखा गया है
पटना हाईकोर्ट ने दनियावां थाना के पुलिसकर्मी संतोष कुमार व अनूप कुमार द्वारा अधिवक्ता विनोद कुमार के साथ किये गए मारपीट के मामलें पर सुनवाई की चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच इस मामलें सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने की गई कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस मामलें सम्बंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई हैं।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पीड़ित अधिवक्ता विनोद कुमार की ईलाज की पूरी व्यवस्था की गई।उनका मेडिकल जांच किया गया।साथ ही उन्हें दवा भी दी गई।
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एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कोर्ट को बताया की इस तरह की घटनाएं अक्सर होते रहती हैं।ऐसी घटनाओं को सख्त तरीके से रोकने की जरूरत हैं।कोर्ट में आज पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक को पटना हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थित थे। उन्होंने भी अपनी बात कोर्ट के समक्ष रखा।
कोर्ट के समक्ष पिछली सुनवाई में इस घटना के सम्बन्ध में सीनियर एडवोकेट पी के शाही ने पूरी घटना को रखा था। श्री शाही ने यह भी बताया कि उस रास्ते से राज्य के मुख्यमंत्री को जाना था।
उसके बाद कोर्ट ने इस मामले में दिए गए पत्र को आधार बनाते हुए जनहित याचिका के रूप में रजिस्टर्ड करने का आदेश दिया था।
कोर्ट को राज्य सरकार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने पीड़ित अधिवक्ता की समुचित इलाज करवाने के लिए आश्वस्त किया था। सुनवाई के दौरान राज्य
इस घटना के बारे में पत्र में कहा गया है कि जब पीड़ित अधिवक्ता नालंदा जिला अंतर्गत अपने गांव चुलिहारी से पटना आ रहे थे ,तो दनियावां पुलिस द्वारा मारपीट की गई।
इसकी वजह से अधिवक्ता के दोनों कान बुरी तरह से घायल हो गए।पत्र में कहा गया है कि जब अधिवक्ता ने पटना के एसएसपी व दनियावां थाना के एसएचओ के समक्ष शिकायत करना चाहा,तो उन्होंने शिकायत लेने से इंकार कर दिया था।
पटना हाईकोर्ट ने राज्य के पटना स्थित जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट,पटना समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के मामले पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को विभिन्न एयरपोर्ट के विस्तार,विकास व भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा देने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी राज्य में एयरपोर्ट के लिए किये जा रहे सर्वे का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इससे पहले की सुनवाई में पटना के जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट के निर्देशक कोर्ट में उपस्थित हो कर पटना और राज्य के अन्य एयरपोर्ट की स्थिति के सम्बन्ध में ब्यौरा पेश किया था।
उन्होंने पटना एयरपोर्ट की समस्याओं को बताते हुए कहा कि हवाई जहाज लैंडिंग की काफी समस्या है।सामान्य रूप से रनवे की लम्बाई नौ हज़ार फीट होती हैं, जो कि पूर्णिया व दरभंगा में उपलब्ध है,जबकि पटना में रनवे की लम्बाई 68 सौ फीट हैं।
उन्होंने बताया कि एक ओर रेलवे लाइन है और दूसरी ओर सचिवालय हैं।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि रन वे की लम्बाई बढ़ाने के लिए सर्वे शुरू होगा।कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को यह जानकारी देने को कहा है कि बिहार के सटे राज्य झारखंड,बंगाल,उत्तर प्रदेश,ओडिशा,उत्तर पूर्व के राज्यों में कितने एयरपोर्ट हैं।
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कोर्ट को राज्य के गया,पूर्णियां और अन्य एयरपोर्ट के विस्तार,विकास और भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित समस्यायों के बारे में बताया गया
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल से कहा था कि गया एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 268 करोड़ रुपए कोर्ट में जमा करा दे।सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद उसका निबटारा होगा।
एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया कि इसके लिए राज्य सरकार से निर्देश की आवश्यकता होगी।अधिवक्ता अर्चना शाही ने कोर्ट को बताया था कि सम्बंधित केंद्रीय मंत्री ने राज्य सभा में बताया कि पटना एयरपोर्ट के विस्तार और विकास के 1260 करोड़ रुपए की राशि निर्गत किया गया।
लेकिन अर्चना शाही ने बताया कि अब तक इस धनराशि का 32% खर्च किया गया है।
राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर,दरभंगा,भागलपुर,फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं।लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव व सुरक्षा की भी समस्या हैं।
इस मामलें पर कोर्ट में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद की जाएगी।
दिनांक 19 और 20 अप्रैल 2022 को संजय गाँधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) रहेगा बंद|
सर्वसूचित किया जाता है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार अंतर्गत संचालित “संजय गाँधी जैविक उद्यान” में दिनांक 19 और 20 अप्रैल 2022 (मंगलवार और बुधवार) को आयोजित वनपाल एवं वनरक्षी के चयन हेतु शारीरिक क्षमता जाँच/माप परीक्षण के कारण, पटना चिड़ियाघर को सभी दर्शकों/ मॉर्निंग वाकर्स (सुबह भ्रमण करने वाले) के लिये पूर्णत: बंद रहेगा|
पटना चिड़ियाघर
उक्त दोनों दिवसों में आमजनों से संबधित कोई भी गतिविधि को भी पूर्णत: स्थगित किया गया है|
पुन: दिनांक 21 अप्रैल 2022 (गुरुवार) से पटना चिड़ियाघर अपने नियत समय से पूर्व की भांति सभी दर्शकों और मॉर्निंग वाकर्स के लिए खुला रहेगा|