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Posts tagged as “#Bihar”

पटना में बिजली विभाग के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 2 लाख रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया

पटना । बिजली विभाग के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर 2 लाख रुपया रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया । इन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पकड़ा है। पकड़े गए इंजीनियर का नाम राकेश कुमार है।

आयकर गोलंबर के पास स्थित विद्युत भवन से बुधवार को निगरानी ने उन्हें गिरफ्तार किया है।

मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त; हादसे में बाल-बाल बचे

गोपालगंज। मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त। टेलर ट्रक ने मारी विधायक की स्कॉर्पियो और कार में टक्कर। हादसे में बाल-बाल बचे विधायक प्रमोद कुमार। कार और स्कॉर्पियो हुआ क्षतिग्रस्त। मांझागढ़ थाने के कोइनी गांव के पास एनएच-27 पर हुआ हादसा।

हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस. आरोपी ड्राइवर को किया गया गिरफ्तार. पुलिस ने ट्रक और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को किया जब्त।

हादसे की सूचना पर नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने विधायक से की बात, ली हादसे की जानकारी।

बिहार के स्कूलों में खिचड़ी बंट रही है और कॉलेजों में डिग्री,बिहार में शिक्षा की भयावह स्थिति: प्रशांत किशोर

बेतिया । प्रशांत किशोर ने की प्रेस वार्ता,नरकटियागंज के टीपी वर्मा कॉलेज परिसर में की पीसी। नीतीश कुमार पर जमकर बोला हमला, कहा-बिहार के स्कूलों में खिचड़ी बंट रही है और कॉलेजों में डिग्री, बिहार में शिक्षा की भयावह स्थिति ।

PrashantKishore

नीतीश कुमार के 17 साल के कार्यकाल का यह काला अध्याय है,पीएम आवास योजना में भी कमीशनखोरी हावी,लाभार्थियों के खातों की जांच कराने की मांग,बीडीओ स्तर से की जा रही है अनियमितता।

डीजीपी भी बनाये जा सकते हैं अभियुक्त

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन कर आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार को दोष मुक्त करने का जो मामला सामने आया है यह मामला पूरी तौर पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कैसे ध्वस्त हो गयी है इसके अध्ययन के लिए सबसे फिट केस है।

सरकार और सरकार का तंत्र कैसे काम कर रहा है ये तो आप पूर्व की स्टोरी में पढ़ ही चुके हैं आज हम आपको इतनी बड़ी घटना को लेकर विपक्ष क्या कर रहा है जरा ये दिखाते हैं। सुशील मोदी के इस ट्वीट के सहारे ही आज मैं तीन दिनों से चल रहे स्टोरी बिहार पुलिस का अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हैं।

इतनी बड़ी बात हो गयी पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के फर्जी फोन काल के सहारे एक अपराधी आईपीएस अधिकारी को डीजीपी बचा ले गये लेकिन इतने गंभीर विषय पर नेता प्रतिपक्ष जो विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में अक्सर अफसरशाही पर बड़ी बड़ी बातें करते थे वही सुशील मोदी ,बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सम्राट चौधरी जैसे नेता जो नीतीश सरकार पर हमला करने से चुकते नहीं है वो सारे के सारे खोमाश है जैसे लगता है कि राज्य में कुछ हुआ ही नहीं है ।

1.विपक्ष के खामोशी का राज क्या है
सुशील मोदी ट्वीट 17.10.2022नीतीश कुमार में हिम्मत हो तो पूर्व मंत्री सुधाकर को राजद से बाहर कराएं सुशील कुमार मोदी . जब भाजपा सरकार में थी, तब अपनी सीमा में रहते थे सीएम सुधाकर के बयान पर जदयू नेतृत्व की जुबान बंद क्यों ?

सुशील मोदी – ट्वीट18.10.2022माफी मांगने पर बची तेजस्वी की जमानत, हिम्मत हो तो फिर धमकाएँ सुशील कुमार मोदी
नीतीश कुमार ने जिससे घोटाले पर जवाब मांग कर गठबंधन तोड़ा था, उसके अभियुक्त बनने पर फिर हाथ क्यों मिलाया ?

ललन सिंह ने सीबीआई को दिये थे आइआरसीटीसी घोटाले के कागजात
इस मामले में गिरफ्तार अभिषेक अग्रवाल के पेज थ्री पार्टी में राज्य के कई पुलिस अधिकारी शामिल होते रहे हैं लेकिन मामले के खुलासे के बावजूद भी विपक्ष खामोश है आखिर इस खामोशी की वजह क्या है बिहार पूछता है क्यों कि आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार (एस के) सिंघल को जब बिहार का डीजीपी नियुक्त किया गया था उस समय ये चर्चा जोड़ पर था कि जो व्यक्ति शहाबुद्दीन के खिलाफ गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाया उसको नीतीश कुमार डीजीपी कैसे बना दिए खैर सिंघल जिसके भी कोटे से डीजीपी बने हो लेकिन विपक्ष की खामोशी पर सवाल तो बनता है इतने गंभीर मसले पर चुप्पी क्यों जबकि भ्रष्टाचार और बेलगाम अफसरशाही का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है ।यही राजनीति है और इसी राजनीति को समझने कि जरूरत है।

2. डीजीपी कब गिरफ्तार होंगे
एक और बात जो बेहद गंभीर है गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के साथ शुरू से ही डीजीपी का साथ रहा है जब गया आईजी ने एसएसपी के शराब मामले अभियुक्त के खिलाफ हमदर्दी जताने पर सवाल खड़ा किया तो डीजीपी पूरी तौर पर एसएसपी के साथ खड़े हो गये थे इसलिए डीजीपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के फोन कॉल की बात कही बहाना तो नहीं है ।

वैसे अभिषेक अग्रवाल (फर्जी मुख्य न्यायाधीश पटना हाईकोर्ट)और डीजीपी के बीच जो वाट्सएप संदेश है उसमें डीजीपी आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार से जुड़े मुकदमे में क्या क्या कार्यवाही हो रही है उस फाइल को फोटो खींचकर भेजते रहे हैं । मतलब दोष मुक्त करने का आधार फर्जी फोन कॉल था ऐसे में डीजीपी आईपीसी की धारा 212 का अभियुक्त है।

अब देखना यह है कि सरकार उनके रिटायर होने का इन्तजार करती है या फिर पहले ही कार्रवाई करने का आदेश देते हैं।

बिहार के पूर्व कानून मंत्री कार्तिक सिंह की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई पटना हाइकोर्ट में टल गई

बिहार के पूर्व कानून मंत्री व विधान पार्षद कार्तिकेय कुमार ऊर्फ कार्तिक सिंह की अग्रिम जमानत की याचिका पटना हाइकोर्ट में सुनवाई टल गई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।इस अग्रिम जमानत की याचिका पर जस्टिस सुनील कुमार पंवार ने सुनवाई की।

ये मामला बिहटा के राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह के अपहरण से सम्बंधित मामला है।14नवम्बर,2014 को बिहटा पुलिस स्टेशन में थाना कांड संख्या 859/2014 रजिस्टर किया गया।

ये मामला दानापुर के जुड़ीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, अजय कुमार के समक्ष सुनवाई हेतु लंबित हैं।
इस मामलें में सूचक सचिन कुमार ने बिहटा थाना में 14 नवंबर,2014 को सूचना दी कि उन्हें टेलिफोन पर ये पता चला है कि उनके चाचा राजीव रंजन सिंह ऊर्फ राजू सिंह का अपहरण हो गया है।

अपहर्ता 18 की संख्या में थे,जो पाँच scorpio गाड़ी से आये थे।उन्होंने राजू को बलपूर्वक ले गए।ये आरोप लगाया गया कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह,बंटू सिंह व अन्य सोलह व्यक्तियों ने इसे अंजाम दिया।इससे पहले भी दस करोड़ रुपए की फिरौती मांगे जाने का आरोप लगाया गया था,जिसकी सूचना कृष्णापुरी थाने को दी गई थी।

याचिकाकर्ता ने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में कोर्ट को बताया है कि उनके विरुद्ध जो अन्य आपराधिक मामलें है,उनमें वे जमानत पर है।पटना हाईकोर्ट में 2017 में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी,लेकिन उसे 16 फरवरी,2017 को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।

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उसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की कोई याचिका पटना हाइकोर्ट में नहीं दायर की।उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत की याचिका में ये बताया है कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था।साथ ही पीड़ित और सूचक ने उनका नाम इस घटना के सम्बन्ध में नहीं लिया था।

उन्होंने बताया कि घटना के दिन 14 नवंबर,2014 को वे सरकारी स्कूल में अपनी ड्यूटी में थे।उनके हस्ताक्षर भी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित है।

इस अग्रिम जमानत की याचिका पर दिवाली अवकाश के सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक(ऑप्थलमिक असिस्टेंट) के पद पर बहाली प्रक्रिया में गणित से आईएससी पास अभ्यर्थियों को भी शामिल होने की अनुमति दी

18 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने नेत्र सहायक(ऑप्थलमिक असिस्टेंट) के पद पर बहाली प्रक्रिया में गणित से आईएससी पास अभ्यर्थियों को भी शामिल होने की अनुमति देते हुए राहत दी। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने रणधीर कुमार सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश को पारित किया।

बिहार पारा मेडिकल/पारा डेंटल शिक्षा संस्थान रुल 2005 के अनुसार नेत्र सहायक के पद के लिए फिजिक्स,केमिस्ट्री,जीव विज्ञान,अंग्रेजी के साथ गणित इंटर पास उम्मीदवार योग्यता रखते थे।

2011 में ये स्पष्ट किया गया कि 2012 से नेत्र सहायक के पद के लिए इंटर में गणित को हटा दिया गया।फिजिक्स, केमिस्ट्री,बायोलॉजी और अंग्रेजी विषय में इंटर उत्तीर्ण उमीदवार ही नेत्र सहायक के पद के योग्य माना गया।

कोर्ट ने ये आदेश बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना के उप सचिव के हस्ताक्षर से निकाले गए विज्ञापन संख्या 01/ 2021 के मामले में दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता निवेदिता निर्विकार ने कोर्ट को बताया कि बिहार पारा मेडिकल/ पारा डेंटल शिक्षा संस्थानों की स्थापना की अनुमति) रूल, 2005 व इस रूल के रूल 26 का हवाला दिया गया है।

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इसके तहत इन पदों पर नियुक्ति की योग्यता साइंस में इंटर पास या फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या मैथ और अंग्रेजी विषयों में इंटर पास बताया गया है।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद कानून ,2016 को सही ढंग से लागू नहीं करने पर पटना हाइकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की

18 अक्टूबर 2022 । पटना हाइकोर्ट ने राज्य की जनता के स्वास्थ्य,जीवन खतरे में डाल कर राज्य मशीनरी द्वारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद कानून ,2016 को सही ढंग से नहीं लागू करने पर नाराजगी जाहिर की। जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह ने एक जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए टिप्प्णी की।

कोर्ट ने इसे बड़ा जनहित याचिका मानते हुए इस पर संज्ञान लेने हेतु पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष भेजा हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून के कारण इससे जुड़े कई अपराधों में बढोतरी हुई हैं।उ न्होंने कहा कि जहरीली शराब को नष्ट करने का तरीके का भूमि की उर्वरता पर घातक प्रभाव डालता हैं।

शराब में मिले हुए रासायनिक पदार्थ micro organism पर असर डालता है,जिससे भूमि की उपजाऊ होने पर बुरा असर पड़ता है।इसका बुरा असर पेय जल पर भी पड़ता है,जिससे कैंसर और अन्य घातक बीमारियां हो जाती हैं।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इसके घातक प्रभाव को देखते हुए शराब की बोतलों और प्लास्टिक से चूडियां बनायीं जाने लगी हैं।कोर्ट ने राज्य सरकार को सलाह दी कि पर्यावरण को देखते हुए नीति बनायीं जाए,जिससे इसके दुष्प्रभाव को रोका जा सके।

इसे मद्यनिषेध को सही और प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने के कारण शराब की तस्करी होने लगी।इसमें नेपाल और अन्य देशों तक शराब की तस्करी होने लगी हैं। इसमें विधि व्यवस्था सम्भालने में पुलिस बल को इन अपराधियों से जूझना पड़ता है।

साथ ही इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ता हैं।
साथ ही शराब की तस्करी के लिए अवैध वाहनों का इस्तेमाल किया जाने लगा,जिसका रेजिस्ट्रेशन नंबर,इंजन नंबर आदि फर्जी होने लगे। साथ ही पुलिस जब इन वाहनों को पकड़ लेती है,तो फिर अदालत में ही आना होता है।

शराब के अवैध कारोबार में छोटे उम्र के किशोरों को शामिल कर लिया जाता हैं।इससे अपराध और अपराधियों की संख्या और गम्भीरता बढ़ते जा रही हैं।

साथ ही जांच करने वाली एजेन्सी भी अपने कर्तव्य को सही ढंग से नहीं निभाती है।पुलिस शराब स्मग्लरों और गैंग ऑपरेट करने वालोंं के खिलाफ चार्ज शीट दायर नहीं करती।

वह ड्राइवर,क्लीनर,खलासी जैसे लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर देती है, जिनका इसमें कोई सीधी भागीदारी नहीं होती हैं।
जो इस मामले में दोषी अधिकारी है,उनके विरुद्ध सरकार सख्त कार्रवाई नहीं करती है।

पुलिस,ट्रांसपोर्ट,उत्पाद और अन्य सम्बंधित विभागों के दोषी और जिम्मेदार अधिकारियो के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।

जहरीली शराब से भी बड़े पैमाने पर लोगों की मौत होती है।इस पर भी सरकार को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।जो भी लोग इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार और दोषी हो,उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की आवश्यकता है।

मद्यनिषेध और उत्पाद कानून से सम्बंधित मामलें बड़े पैमाने पर राज्य की अदालतों सुनवाई हेतु लंबित है।इससे अदालतों के सामान्य कामकाज को भी प्रभावित करता है।

जहानाबाद: निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई; 50 हजार घूस लेते सहायक अभियंता को किया गिरफ्तार

जहानाबाद । जिले से एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है कि निगरानी विभाग की टीम ने पुलिस भवन निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अब्दुल करीम को ₹50000 घूस लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार ।

गौरतलब है कि जहानाबाद शहर के पुराने थाना परिसर में महिला थाना का नया भवन जो कि बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग की तरफ से बनाए जा रहा था । उसी भवन निर्माण में ढलाई का बिल पास करने के लिए सहायक अभियंता अब्दुल करीम के द्वारा ₹50000 की मांग ठेकेदार से की जा रही थी ।

जिसकी सूचना निगरानी विभाग को दी गई तो निगरानी विभाग की टीम ने अब्दुल करीम को ₹50000 घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर अपने साथ पटना ले गई है ।

पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई कल तक टली

18 अक्टूबर 2022 । राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई कल तक टली।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।

पिछली सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल,2022 में इन मामलों के निष्पादन का दर शून्य था।लेकिन जब से कोर्ट ने इन मामलों की सुनवाई और निगरानी प्रारम्भ किया,जुलाई,2022 तक ऐसे 164 मामलों को निष्पादित किया जा चुका है।ये प्रगति काफी सकारात्मक है।

पूर्व की सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि वर्तमान और पूर्व एमपी व एमएलए के विरुद्ध 78 आपराधिक मामलों में 12 मामलों पर आरोप पत्र और 4 मामलों पर अंतिम प्रपत्र दायर किया जा चुका है।

उन्होंने कोर्ट को ये भी बताया था कि 280 मामलों में कुल 481 गवाहों का परिक्षण किया जा चुका है | पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि वर्तमान व पूर्व एमपी और एमएलए के विरुद्ध कुल 598 आपराधिक मुकदमें लंबित है, जिसमें अधिकतर केस में अनुसंधान पूरा हो गया है।

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लगभग 78 आपराधिक मुकदमों में अनुसंधान लंबित है। इस मामले पर अगली सुनवाई 19अक्टूबर,2022, को होने की संभावना है।

IRCTC घोटाले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को राहत; कोर्ट ने जमानत बरकरार रखी

दिल्ली । IRCTC घोटाले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जमानत कोर्ट ने बरकरार रखी है। कोर्ट ने कहा कि बेल कैंसिल नहीं कर रहे हैं। इसका कोई आधार नहीं है।

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साथ ही तेजस्वी को नसीहत देते हुए कहा कि आप आगे से ऐसा कोई बयान नहीं देंगे।

बक्सर में शराबियों की गिरफ्तारी पर भड़के महादलित, थाने पर पहुंचकर किया बवाल

बक्सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र से है जहां बीती रात महादलित बस्ती के लोगों ने थाने पर जमकर बवाल काटा । ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने उनकी बस्ती से 5 लोगों को शराब के धंधे में शामिल होने का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया है।

जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने थाने पर पहुंचकर बवाल काटा,जिसमें थाने की पुलिस जीप के शीशे को फोड़ दिया गया। लेकिन वही इस मामले में मुरार थाना के थाना प्रभारी का कहना है कि बस्ती के पांच लोगों को उत्पाद विभाग की टीम उठाकर ले गई है जिसकी सूचना थाने को भी नहीं थी।

रविकांत, थानाध्यक्ष, मुरार

सोमवार की देर रात स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर चौगाई महादलित बस्ती में छापेमारी कर उत्पाद विभाग की टीम ने बस्ती से शराब के साथ 5 शराबी को शराब के साथ हिरासत मे ले लिया,पांचो को टीम ने गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई।

mrarthana

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की CBI कोर्ट में पेशी आज

बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव IRCTC घोटाला में मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होंगे। अभी तेजस्वी यादव जमानत पर चल रहे हैं।

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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मांगा इस्तीफा। सीएम नीतीश कुमार से डिप्टी सीएम का मांगा इस्तीफा। कहा-नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचारियों से कुर्सी के लिए किया समझौता।

लोजपा मोकामा और गोपालगंज का उप-चुनाव नहीं लड़ेगी: चिराग पासवान

लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दिल्ली में चिराग पासवान ने मीडिया से कहा कि लोजपा मोकामा और गोपालगंज का उप-चुनाव नहीं लड़ेगी।

समर्थन के सवाल पर चिराग ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि लोजपा का समर्थन किसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि वो शुरू से नीतीश कुमार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं इसलिए जिस गठबंधन में नीतीश कुमार की जेडीयू होगी, उस गठबंधन को लोजपा का समर्थन नहीं मिलेगा।

Chiragpaswan

चिराग ने इसी मौके पर गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया।

बंद पड़े मकान में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल, सिवान के महादेवा ओपी क्षेत्र की घटना

सीवान में बंद पड़े एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। जिससे अफरा-तफरी का माहौल हो गया। फ्रिज
फटने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी पानी नहीं निकलने की वजह से फेल हो गई। हालांकि स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। महादेवा ओपी थाना क्षेत्र के नई बस्ती की घटना है।

बताया जा रहा है कि किराएदार अपना कमरा बंद कर ड्यूटी पर गया था। इसी दौरान शार्ट सर्किट की वजह से फ्रिज फट गई और मकान में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने जब मकान से धुआं निकलते देखा तो इसकी सूचना दमकल विभाग और थाने को दी। जिसके बाद मौके पर ओपी थाना की पुलिस और दमकल की गाड़ी पहुंची लेकिन दमकल की गाड़ी पानी नहीं निकलने की वजह से फेल हो गई।

स्थानीय लोगों के घंटो मस्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। लेकिन कमरे में रखा कीमती सामान जलकर राख हो गया।हालांकि कितनी की छती हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

बिहार सरकार ने नगर निकाय में आरक्षण मामले में पुनर्विचार याचिका पटना हाईकोर्ट में दायर की

पटना हाईकोर्ट में राज्य सरकार नगर निकाय में आरक्षण मामले में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। इस पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की तिथि 19 अक्टूबर,2022 को की जाएगी। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर 29 सितम्बर,2022 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे कोर्ट ने 4 अक्टूबर,2022 फैसला सुनाया था।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नगर निकायों के चुनाव स्थगित करना पड़ा था। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि प्रावधानों के अनुसार ओबीसी/इबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक राज्य सरकार 2010 मे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तीन जांच की अहर्ताएं पूरी नहीं कर लेती है।

गौरतलब है कि स्थानीय निकायों के चुनाव 10अक्टूबर,2022 से शुरू होने वाले थे,लेकिन पटना हाइकोर्ट के निर्णय के आलोक में इस चुनाव को फिलहाल स्थगित करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी/इबीसी के पिछड़ापन पर आंकड़े जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफारिश के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकायों में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत हैं।
साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीट के पचास फीसदी की सीमा को पार नहीं करें।

राज्य सरकार ने पटना हाइकोर्ट में ये पुनर्विचार याचिका दायर करते कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामलें में कई बिंदुओं पर तथ्य रखने के लिए पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की जाए।

मुंगेर में डेंगू विस्फोट

मुंगेर । मुंगेर में डेंगू विस्फोट। एक साथ मिले पचास नए डेंगू से संक्रमित मरीज। डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 134, 150 से अभी भी संदिग्ध।

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अस्पताल प्रशासन हाई अलर्ट पे। बनाए गए नए डेंगू वार्ड । डॉक्टरों की टीम की गई तैनाती ।

जहानाबाद सड़क दुर्घटना में एक बच्ची की मौत, परिवार में मचा कोहराम

जहानाबाद । जहानाबाद सड़क दुर्घटना में एक बच्ची की मौत । बताया जाता है कि बौरी गांव निवासी सुहानी कुमारी सोमवार के पढ़ने के लिए विद्यालय जा रही थी। तभी किसी अज्ञात मोटरसाइकिल ने इस बच्ची को जबरदस्त टक्कर मार दिया जिसके कारण इस बच्ची की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

इस घटना की सूचना आसपास के लोगों द्वारा मृतक के परिजन को दिया गया मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचकर इस घटना की सूचना स्थानीय थाने की पुलिस को दी गई । मौके पर पुलिस पहुंच कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल जहानाबाद भेज दिया है ।

बताया जाता है कि सोहानी कुमारी जिसका उम्र लगभग 7 वर्ष है जो बगल के ही विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ा करती थी। लेकिन जैसे ही घर से निकला किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई । इस घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया परिवार जनों के रोते-रोते बुरा हाल है ।

इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थोड़ी देर के लिए सड़क भी जाम कर दिया लेकिन स्थानीय थाने के पुलिस लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम को हटवाया। पुलिस का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है और इसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण यह घटना घटी है।

राज्य के दिव्यांग स्कूलों की दयनीय अवस्था पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई दीपावली के अवकाश के बाद की जाएगी

राज्य के दिव्यांग ( दृष्टिहीन,मूक व बधिरों के लिए) स्कूलों की दयनीय अवस्था पर पटना हाइकोर्ट में सुनवाई दीपावली के अवकाश के बाद की जाएगी।राज कुमार रंजन की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा सुनवाई की जा रही है।

ये जनहित याचिका भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड स्थित गिरिजा शंकर दृष्टिहीन बालिका विद्यालय के दयनीय हालत के सम्बन्ध में दायर किया गया था।कोर्ट ने इस जनहित याचिका का दायरा बढ़ा कर राज्य के सभी दिव्यांग स्कूलों की अवस्था की सुनवाई के लिए कर दिया।

6जनवरी,2020 में इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पार्टी बनाने का आदेश देते हुए उन्हें हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।उन्हें ये बताने को कहा गया कि क्या दिव्यांग छात्रों को प्रावधानों के अनुसार मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।

इस मामलें पर 25 जुलाई,2022 को कोर्ट ने सुनवाई की थी।इसमें जो जवाब राज्य सरकार की ओर से दिया गया था, उसमें स्पष्ट था कि इन दिव्यांग स्कूलों में शिक्षकों के काफी पद रिक्त पड़े हैं।

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जो स्वीकृत पद रिक्त पड़े थे,उन पर शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हुई थी।इन स्कूलों में या तो शिक्षक ही नहीं थे या एक या दो शिक्षक थे।दृष्टिहीन छात्रों के शिक्षा को बहुत हल्के ढंग से लिया गया।

कोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और राज्य दिव्यांग आयोग को इन स्कूलों की स्थापना और स्कूलों में चल रही व्यवस्था का पूरा ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।

इन स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं है और पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भी काफी कमी है।इस मामलें पर अब दीपावली के अवकाश के सुनवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट ने मुज़फ़्फ़रपुर जिला के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत राजन साह की 6 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी के अपहरण के मामलें को जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया

पटना हाईकोर्ट ने मुज़फ़्फ़रपुर जिला के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत राजन साह की 6 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी के अपहरण के मामलें को जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने इस मामलें पर सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई और निर्देशक,सी एफ एस एल,नई दिल्ली को पार्टी बनाने का निर्देश दिया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान एसएसपी मुज़फ़्फ़रपुर जयंतकांत ऑनलाइन उपस्थित रहे थे।

अपहृता के वकील ओम प्रकाश कुमार ने कोर्ट को बताया कि एसएसपी,मुजफ्फरपुर द्वारा आज़तक सिर्फ कागजी कार्रवाई किया गया है। लगभग 3 महीना से सिर्फ पॉलीग्राफी टेस्ट का बहाना बना कर कोर्ट का समय बर्बाद किया जा रहा है।

पिछली सुनवाई मे अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि एक ऑडियो रेकॉर्डिंग है ,जिसमे संदिग्ध राहुल कुमार की आवाज है।वह अपहृत खुशी के बारे में जानता है।

इस पर कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह ऑडियो क्लिप एस एस पी को दिया जाए। एसएसपी ऑडियो की पुष्टि करके करवाई करें।लेकिन जो शपथ पत्र एसएसपी के द्वारा हाई कोर्ट में फ़ाइल किया गया है ,उसमे ऑडियो क्लिप का कोई जिक्र नही किया गया।

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कोर्ट ने पाया कि इस कांड का उद्भेदन अब एस एस पी, मुज़फ़्फ़रपुर द्वारा नही हो सकता है।कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि 14.10.2022 तक सभी कागजात सीबीआई को मुहैया करवाई जाए।कोर्ट ने सीबीआई के वकील को भी कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।

यह मामला 16 फरवरी 2021 को 5 साल की खुशी का अपहरण से जुड़ा है। इसका सुराग आज तक नहीं मिला है। खुशी के पिता मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस के कार्यशैली से संतुष्ट नही थे, जिसके कारण खुशी के पिता राजन साह ने पटना हाइकोर्ट में याचिका दायर किया था।ये याचिका अधिवक्ता ओमप्रकाश कुमार ने याचिकाकर्ता की ओर से दायर किया था। इसमे याचिकाकर्ता ने मुज़फ़्फ़रपुर पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बच्ची को जल्द से जल्द ढूंढ़वाने का आग्रह किया था।

छपरा सदर अस्पताल में नर्सों का आतंक, दो युवकों के साथ की मारपीट, वीडियो हो रहा वायरल

छपरा । छपरा सदर अस्पताल के ओपीडी में जीएनएम की नर्सों द्वारा दो युवकों की पिटायी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि नर्सों द्वारा कैसे दो युवकों की डंडे से पिटायी की जा रही है. वहीं दोनों युवक हाथ जोड़कर अपना बचाव करते हुए नर्सों से गुहार भी लगा रहे है. हालांकि बिहार न्यूज़ पोस्ट इस मामले में वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने आए थे अस्पताल

वायरल वीडियो के मामले में नर्स से मार कहा रहे दोनों युवकों का कहना है कि वो नौकरी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिये अस्पताल आये थे. जहां विभाग में चिकित्सक के मौजूद नहीं होने पर उन्होंने वहां के कुव्यवस्था का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. इसी बात से नाराज होकर नर्स द्वारा दोनों युवकों को बंद कर उनकी पिटाई कर दी.

बिहार पुलिस का अपराधियों के साथ रिश्ता क्या कहलाता है

राजनीति का अपराधीकरण पर खुब चर्चा होती है लेकिन आज हम आपको पुलिस का अपराधीकरण पर चर्चा करने जा रहे हैं और यह चर्चा इतनी गंभीर है कि आज यह मसला किसी नेता या मंत्री से जुड़ा रहता तो अभी तक इस्तीफा हो गया रहता ।

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनकर डीजीपी से बात करने वाले उस फर्जी व्यक्ति के बारे में जिसने गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार को बचाने के लिए डीजीपी को ही फोन नहीं किया मुख्यमंत्री को भी फोन किया था और जब मुख्यमंत्री सचिवालय को जब संदेह हुआ तो इसकी जांच आर्थिक अपराध इकाई द्वारा करायी गयी और फिर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

लेकिन सवाल यह है कि अभिषेक अग्रवाल जिसने एसएसपी गया को बचाने के लिए इस स्तर का फर्जीवाड़ा किया वो पहले भी देश का गृहमंत्री बन कर फर्जीवाड़ा करने के एक मामले में दिल्ली पुलिस गिरफ्तार चुका है,इसी तरह के एक मामले में कोलकत्ता पुलिस इसको गिरफ्तार कर चुका है बिहार के आईपीएस अधिकारी सौरभ शाह के पिता से ठगी करने के मामले में भागलपुर में केस दर्ज है वहां की पुलिस इसे गिरफ्तार कर जेल भेजा है ,चार्जशीटेड है किसी भी समय इसे सज मिल सकती है।

इतने बड़े अपराधी होने का बावजूद पुलिस मुख्यालय जहां आम जन को छोड़िए पत्रकार को भी जाने की अनुमति नहीं है ।
वहां इस व्यक्ति को डीजीपी की और से छूट मिली हुई थी कि पुलिस मुख्लालय के अंदर आने के लिए किसी भी तरह के परिचय पत्र लेने कि जरुरत नहीं है ।आप समझ सकते हैं देश के गृहमंत्री के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाला व्यक्ति को इस तरह का छुट पुलिस का अपराधीकरण नहीं है।

इतना ही नहीं अभिषेक अग्रवाल के फेसबुक पेज को जब आप देखेंगे तो इसके व्यक्तिगत कार्यक्रम में बिहार के दो दर्जन से अधिक आईपीएस अधिकारी नियमित आते जाते रहे हैं क्या उन्हें पता नहीं था कि यह व्यक्ति देश के गृहमंत्री के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में महीनों तेहाड़ जेल में बंद रहा है इसे क्या कहेंगे आप यह पुलिस का अपराधीकरण नहीं है।

6 जून 2022 को अभिषेक अग्रवाल के बेटे का जन्मदिन था इस अवसर पर पटना के एक बड़े होटल में जन्मदिन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बिहार के कई आईपीएस अधिकारी मस्ती करते हुए दिख रहे हैं,बिहार के डीजीपी के साथ कई ऐसी तस्वीरे हैं जिसे देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता है।

31 मार्च 2022 को इन्होंने एक तस्वीर लगायी है जिसमें कई जिले के एसपी इसके साथ होटल में खाना खा रहा है एक आईपीएस अधिकारी जो महाराष्ट्र से पटना लौटता है उसके स्वागत में आईपीएस मेस में गुलदस्ता के साथ ये उपस्थित है क्या ऐसे सीनियर पुलिस अधिकारी को पता नहीं था कि इतने संगीन मामले में यह जेल जा चुका है और अगर नहीं पता था तो फिर ऐसे अधिकारियों के पुलिस में बने रहने का मतलब क्या है।

क्यों कि पुलिस एक ऐसी संस्था है जहां अधिकारियों का व्यक्तिगत चरित्र भी पूरे महकमा को प्रभावित करता है क्यों कि पुलिस राज्य के कानून का प्रमुख होता है जिसको कानून व्यवस्था बनाये रखने और कानून के राज को स्थापित करने की जिम्मेवारी होती है और वही जब अपराधियों से इस तरह गलबहियां करते दिखेंगे तो फिर क्या होगा कानून के राज का ।

इतनी तस्वीर आज किसी मंत्री और नेता के साथ इस तरह के गंभीर आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति के साथ होता तो अभी तक सरकारे हिल गयी होती राजनीतिक दल जगह जगह आन्दोलन शुरु कर दिया रहता है ऐसे में इन अधिकारियों पर कार्यवाही करने में सरकार कितना वक्त लगाती है सबकी नजर इस आ टिकी है।

पटना हाईकोर्ट ने FIR दर्ज होने के चार वर्षो के बाद भी अंतिम रिपोर्ट दायर नहीं होने पर राज्य सरकार को आश्रित परिवार को एक सप्ताह में पेंशन व अन्य राशि देने का आदेश दिया

पटना हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज होने के चार वर्षो के बाद भी अंतिम रिपोर्ट दायर नहीं होने पर पटना के एसएसपी ने कोर्ट में उपस्थित होकर कहा कि लापता व्यक्ति का पता नहीं लगाया जा सका है ।जस्टिस मोहित कुमार शाह ने सुनवाई सावित्री देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को एक सप्ताह में पेंशन व अन्य राशि देने का आदेश दिया।

पटना के एसएसपी ने बताया कि सामान्य रूप से लापता व्यक्ति के मामलें में सात साल बाद मामला समाप्त कर रिपोर्ट दिया जाता है।लेकिन सरकारी कर्मचारी सेवकों के मामलें में एक साल तक व्यक्ति के लापता होने के मामलें में पुलिस रिपोर्ट दे देती है।उसके आधार पर उनके आश्रितों को पेंशन दिया जा सकता है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सावित्री देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना के एसएसपी से स्पष्टीकरण मांगा है कि आख़िर 2018 में दायर प्राथमिकी में अब तक अंतिम रिपोर्ट दायर क्यों नहीं किया गया ?

याचिकाकर्ता सावित्री देवी के पति पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग में सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत हुए थे।याचिकाकर्ता ने अपनी रिट याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि उनके पति को याददाश्त की समस्या थी। वे 20.12.18 को शनि मंदिर, भूतनाथ रोड (पटना) से लापता हो गए थे।

इसके मामलें में उनके पुत्र ने उसी दिन अगमकुआँ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो उनका कुछ पता चला और न तो पुलिस ने अनुसंधान के संदर्भ अंतिम रिपोर्ट दायर किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अपूर्व हर्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस के उदासीन रवैये से याचिकाकर्ता को उसके पति का पेन्शन चार साल तक नहीं मिल सका है।

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उन्होंने 24.02.1990 को राज्य सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना संदर्भ देते हुए कहा कि यदि संबंधित सरकारी पेंशनर के आश्रित परिवार द्वारा निकटवर्ती थाने में उसके लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई हो।

साथ ही पुलिस प्रतिवेदन से यह प्रमाणित होता हो कि सभी संभव प्रयास एवं खोजबीन के बावजूद उसके लापता होने की बात सही है, तो सर्वप्रथम सरकारी सेवक द्वारा पूर्व में दिए गए नामांकन पत्र के आधार पर उसके आश्रित परिवार को बकाए वेतन , भविष्य निधि आदि में का भुगतान तुरंत किया जाए।

इस पर कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के एसएसपी को 17 अक्टूबर,2022 को कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था।

इस मामले पर अगली सुनवाई पर अगली सुनवाई 3 नवंबर, 2022 को होगी ।

जहानाबाद में रिटायर्ड दारोगा से 7 लाख की लूट, सीसीटीवी फुटेज आया सामने

7 लाख की लूट का सीसीटीवी फुटेज आया सामने। दरअसल जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के बंधु गंज बाजार में रिटायर्ड दरोगा से सात लाख की लूट हो गई थी।

नइमा गांव निवासी गेंदी पासवान एकंगर सराय से बैंक से रुपया निकालकर अपने घर जा रहे थे। बंधु गंज बाजार में बस से उतर कर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे थे । इस दौरान बाइक पर सवार होकर दो अपराधी आए और थैला लेकर फरार हो गया।

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अब सीसीटीवी सामने आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द होगी।

पटना के मसौढ़ी में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, जमीन नापी कराने पहुंचा था पप्पू सिंह

पटना जिला में हत्या की वारदात थमने का नाम नहीं ले रहा ताजा मामला मसौढ़ी से आ रहा है जहां प्रॉपर्टी डीलर पप्पू सिंह उर्फ रणविजय सिंह की गोली मारकर अपराधियों ने हत्या कर दिया है।

पप्पू सिंह एक जमीन की नापी करने के लिए पहुंचे थे उसी दौरान बुलेट से आए अपराधियों ने पप्पू सिंह की पहचान कर एक के बाद एक चार गोलियां सीने में उतार दिया और फायरिंग करते हुए फरार हो गए। घटनास्थल पर गोली के 3 बुलेट भी बरामद हुआ है। मृतक के शरीर में गोलियों के निशाना भी है।

घटना से दहशत का माहौल बन गया स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई हत्या के पीछे किसका हाथ है अभी पता नहीं चला है पुलिस घटनास्थल पर पहुंची है और मृतक के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। जहां उनका रो रो कर बुरा हाल है और पुलिस के प्रति ग्रामीण काफी खफा हैं जमीनी विवाद का मामला भी सामने आ रहा है।

लेकिन यह विवाद किससे है यह भी खुलकर सामने नहीं आया है लेकिन जिस तरह से हत्या किया गया है वह भी दिनदहाड़े हत्या किया गया है उसे पुलिस पर भी सवाल उठते हैं और यह भी बात सामने आई है कि यह विवाद जमीन का था और उसी की नापी के लिए जब पहुंचे थे तो वहां अपराधी बुलेट से आए और गोलियों की बौछार करते हुए चार गोली पप्पू सिंह के सीने में उतार दिया मसौढ़ी पुलिस घटना की जानकारी वह भी मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

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बताया जाता है की मृतक रणविजय उर्फ पप्पू सिंह तरेगना कुम्हार टोली का रहनेवाला था और मसौढ़ी के दिनकर नगर में जमीन की नापी करा रहा था। उसी दौरान हत्या की वारदात हुई है।

कटिहार में बिजली तार गिरने से 3 पिकअप और एक दुकान में लगी आग, आक्रोशित लोग सड़क जाम कर कर रहे हैं मुआवजे की मांग

कटिहार में बड़ा हादसा बिजली तार गिरने से 3 पिकअप भेंन और एक दुकान जलकर राख।कोढ़ा थाना क्षेत्र के NH31 जुराब गंज के पास हुए इस घटना के बाद आक्रोशित लोग NH31 जाम कर मुआवजे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

बताया जा रहा है बगल में ट्रांसपोर्ट होने के कारण पिकअप भेंन खाली हो चुका था और बिजली तार गिरने से आग के चपेट में आने से तीनों की का पिकअप भेंन सहित एक दुकान जलकर राख हो गया है।

फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है और अब सड़क जाम हटाने की कोशिश किया जा रहा है।

लखीसराय: नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी

लखीसराय। नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी। नक्सल प्रभावित कजरा के पहाड़ी ईलाके मे चलाया जा रहा है सर्च ऑपरेशन।

काफी संख्या मे एसएसबी, एसटीएफ और कोबरा की टीम शामिल, नक्सलियों के जमावड़े की सूचना पर चलाया जा रहा है। सर्च ऑपरेशन,पुलिस ने नक्सलियों के कई सामान को किया बरामद, एएसपी अभियान मोतीलाल ने दी जानकारी।

सिवान में बेखौफ अपराधियों का तांडव, एक दुकान के सामने की ताबड़तोड़ फायरिंग, दहशत में व्यवसाई

सीवान। सीवान में बेखौफ अपराधियों ने व्यवसाई के दुकान के सामने अंधाधुंध फायरिंग की है जिससे दहशत का माहौल हो गया। घटना बड़हरिया मीरगंज मुख्य सड़क पर खानपुर मोड़ की है।

मार्बल दुकान के सामने दो बाइक सवार हथियार से लैस अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की है। रंगदारी को लेकर फायरिंग की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से करीब आधा दर्जन गोली का खोखा बरामद कर मामले की जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि मार्बल शोरूम के मालिक खानपुर निवासी धर्मनाथ सिंह ने बताया है की उनका पुत्र सुनील कुमार अपने मार्बल के शोरूम पर बैठा हुआ था तभी अनजान नंबर से एक फोन आया और फोन के द्वारा रंगदारी मांगी गई। रुपये नहीं देने की स्थिति में अंजाम भुगतने की धमकी दी गई।

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उसके ठीक आधे घंटे के बाद चार युवक 2 अपाची मोटरसाइकिल से मुंह बांधे हुए शोरूम पर आए और अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गए। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है तो पुलिस घटनास्थल पर पहुंच मामले की जांच में जुट गई है।

लेकिन जिस तरह से फायरिंग की गई है पुलिस के लिए चुनौती है।

गंगा में घाटों का निरीक्षण करते समय खंभे से टकराया स्टीमर, बाल-बाल बचे सीएम नीतीश कुमार

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरीय अधिकारियों के साथ स्टीमर पर सवार होकर विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने दानापुर के नासरीगंज घाट से लेकर पटना सिटी के गायघाट तक विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा के बढ़े जल स्तर को देखते हुए वरीय अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किया। मुख्यमंत्री ने घाटों की साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को भी कई निर्देश जारी किए। बाद में मुख्यमंत्री गायघाट जेटी उतरकर पटना के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर, प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय अग्रवाल, जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह, एसएसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों के अलावे जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद थे।

हालांकि इस दौरान वरीय पुलिस अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से रोक दिया। गौरतलब है कि छठ पूजा की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री का यह पहला घाट निरीक्षण है। मुख्यमंत्री आगे भी छठ घाट की तैयारियों का जायजा लेंगे। गंगा के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने से राजधानी पटना के कई घाट अभी डूबे हैं। लोक आस्था का चार दिवसीय छठ महापर्व 28 से 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा। छठ पूजा में अब महज दो सप्ताह से भी कम समय बचा है, ऐसे में छठ पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराना राज्य सरकार और जिला प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।

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मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को स्टीमर से छठ के घाटों का जायजा ले रहे थे. इस दौरान सीएम हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए. रिपोर्ट के मुताबिक जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री का स्टीमर गंगा नदी के किनारे स्थित छठ घाट के निरीक्षण के दौरान जेपी सेतु के एक खंभे से टकरा गया. थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. हालांकि सीएम सहित नाव में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं. फिलहाल गंगा में जलस्‍तर काफी बढ़ गया है. कई जगह नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके कारण समस्या आई।

कटिहार में नाव हादसा, 2 लोगों ने तैरकर बचाई जान, 7 की तलाश जारी

कटिहार में नाव हादसा, 9 लोग थे नाव पर सवार, बरारी थाना क्षेत्र के बरडी नदी मरघीया पासवान टोला के इस घटना के बारे में बताया जा रहा है।

यह सभी लोग मजदूरी करके लौट रहे थे, इसी दौरान अचानक बीच बरंडी नदी में नाव अनियंत्रित हो कर पलट गया,दो लोगों को स्थानीय गोताखोरों ने बाहर निकाला है।

जबकि अब तक 7 लोग लापता है जिसमें तीन महिला और एक बच्चा भी है, फिलहाल प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गए हैं।

जहानाबाद में कृषि सिंचाई योजना जल छाजन विकास 2.0 के अंतर्गत रबी फसलों में बीज उत्पादन पर दिया गया प्रशिक्षण

जहानाबाद। भूमि संरक्षण जहानाबाद के द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जल छाजन विकास 2.0 के अंतर्गत रबी फसलों में बीज उत्पादन पर प्रशिक्षण डॉक्टर नितेश कुमार सहायक निदेशक (शस्य) भूमि संरक्षण निदेशालय बिहार पटना के द्वारा मखदुमपुर प्रखंड के ई किसान भवन में दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टर साहब ने मक्का, गेहूं, तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिए बीज के महत्व को बताते हुए अच्छे बीज उत्पादन की तकनीक एवं पूरी प्रक्रिया को प्रोजेक्टर के माध्यम से किसानों को बताया।

किसानों को अपने क्षेत्र में ही अपने खेत में बीज उत्पादन करने की सलाह दी। बीज उत्पादन का कार्य अच्छी आमदनी का जरिया बन सकता है। बीज उपचार, जैविक विधि तथा संतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक का प्रयोग कर अच्छी एवं गुणवत्ता पूर्ण बीज का उत्पादन किसान कर सकते हैं।

प्रशिक्षण में रामलखन ठाकुर सहायक निदेशक (शस्य) भूमि संरक्षण जहानाबाद में जल छाजन क्षेत्र से आए किसानों को प्रशिक्षण से लाभ उठाकर खेती करने की सलाह दी और बताया कि भूमि संरक्षण के द्वारा भी चयनित किसानों के बीच रवि फसलों के लिए बीज वितरण का कार्य किया जाएगा जिसमें प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा अच्छी खेती के लिए।

प्रशिक्षण में कुंदन कुमार भूमि संरक्षण जहानाबाद , विकास कुमार ,मनोज कुमार, रवीश कुमार ,राकेश कुमार जल छाजन के सचिव, शशांक गौरव ग्रामोदय सेवा विकास वेलफेयर संस्थान कामदेव बीघा एवं कई महिला एवं पुरुष किसान भाग लिए।

एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह किए गए निलंबित

एनएमसीएच के अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह किए गए निलंबित, डेंगू नियंत्रण में अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं करने, और कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में किए गए निलंबित।

अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रेणु रोहतगी बनाई गई एनएमसीएच की अधीक्षक। औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिन्हा अस्पताल के बनाए गए उपाधीक्षक। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश।

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कल उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने एनएमसीएच का किया था औचक निरीक्षण, औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से खासे नाराज थे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव।

गैर कानूनी तरीके से मकान मालिक अपने किराएदार को जबरन बेदखल नहीं कर सकता: पटना हाईकोर्ट

14 अक्टूबर 2022 । पटना हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में ये स्पष्ट किया है कि गैर कानूनी तरीके से कोई मकान मालिक असामाजिक तत्त्वों की सहायता से अपने किराएदार को जबरन बेदखल नहीं कर सकता है। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने पटना स्थित फ्रेजर रोड एक होटल को राहत देते हुए बात कही।

यदि मकान मालिक के साथ पुलिस की भी मिली भगत भी हो, तब भी हाई कोर्ट इसकी अनदेखी नहीं कर सकता है।

कोर्ट ने उसकी आपराधिक रिट याचिका मंजूर करते हुए पटना के एसएसपी तथा कोतवाली के थाना प्रभारी को याचिकाकर्ता होटल कम्पनी को तुरंत उसके होटल परिसर का दखल वापस दिलाने का निर्देश दिया है।

कोर्ट को बताया गया कि गत 24 फरवरी, 2022 की आधी रात में मकान मालिक ने असामाजिक तत्वों की सहायता से जबरन कम्पनी की ऑफिस को खाली करा दिया और ताला जड़ दिया।पुलिस ने पीड़ित किराएदार की शिकायत सुनने की बजाय मकान मालिक का ही साथ दिया।

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कोर्ट ने इसे गम्भीर घटना माना और कहा कि यह पुलिस की विफलता का अजीब उदाहरण है।पुलिस को कानून के अनुसार पीड़ित व्यक्ति का साथ देना चाहिए था, न कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले मकान मालिक का।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ऐसी घटना का संज्ञान नहीं लिया जाएगा, तो कानून का अनादर करने वालों का हौसला और भी बढ़ जाएगा ।

मिठाई खाने के चक्कर में, पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी के साथ फरार हो गया कैदी

जहानाबाद । काको स्थानीय बाजार में उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक टेम्पू पर से एक कैदी के पुलिस ने जेल ले जा रही थी इसी दरम्यान कैदी ने पुलिस को चकमा देकर हंथकड़ी के साथ फरार हो गया ।

मिली जानकारी के अनुसार टाउन थाना पुलिस ने पूर्वी उंटा निवासी भोला कुमार को कुतवान चक मुहल्ले से मोबाइल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी को दो होमगार्ड के जवान टेंपू से मंडल कारा ले जा रहा था ।

काको बाजार पहुंचने पर कैदी ने भूख का बहाना बनाकर एक पुलिस कर्मी को मिठाई लाने को कहा । एक पुलिस कर्मी मिठाई लाने गया, इसी बीच मौका पाकर कैदी हंथकड़ी के साथ फरार हो गया ।

जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना की पुलिस ने भी घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया। लेकिन तबतक आरोपी फरार हो चुका था जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इक्कठा हो गए।

स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव पहुंचे अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल; कर रहे हैं औचक निरीक्षण

13 अक्टूबर 2022 । उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव पहुंचे पटनासिटी । अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तेजस्वी यादव, अस्पताल का कर रहे हैं औचक निरीक्षण।

अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ले रहे हैं जायजा, अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ले रहे हैं जायजा।

माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 21 एजेंडों पर लगी मुहर

माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 21 एजेंडों पर लगी मुहर।

nitishkumar

पढ़ें पूरी प्रेस रिपोर्ट:



पटना हाईकोर्ट ने जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के निर्माण,विकास एवं नवीनीकरण के मामले सुनवाई की

13 अक्टूबर 2022 । चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जानना चाहा कि वे राज्य में ग्रीनफ़ील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए कितने गंभीर है ?

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह विभिन्न एयरपोर्ट के निर्माण से संबंधित प्रगति और रिकॉर्ड को अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश करे ।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री व पायलट राजीव प्रताप रूडी बताया कि बिहार में एक भी ग्रीनफ़ील्ड ऐयरपोर्ट नहीं है। राज्य सरकार ने राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के सम्बन्ध में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है । उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से पटना अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आज तक एक भी अंतराष्ट्रीय विमान का परिचालन नहीं हुआ है ।

उन्होंने कहा कि गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी आज तक कोई अंतर्राष्ट्रीय विमान का परिचालन नहीं हुआ है।अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होने के बावजूद यहां अंतर्राष्ट्रीय विमान नहीं चलते हैं । राज्य सरकार भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने पर अपना स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है ।

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इस पर कोर्ट ने सभी पक्षों से जानना चाहा कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए क्या क्या अनिवार्यता हैं ? कोर्ट ने सभी पक्षों को अपने अपने पक्ष अगली सुनवाई तक कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।इस मामलें पर दीपावली अवकाश के बाद सुनवाई की जाएगी।

राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंतर्गत कालेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों की खस्ताहाल स्थिति को पटना हाईकोर्ट ने काफी गम्भीरता से लिया

13 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंतर्गत कालेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों की खस्ताहाल स्थिति को काफी गम्भीरता से लिया।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को सभी कालेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के सम्बन्ध में ब्यौरा तलब किया है।

कोर्ट ने कोर्ट में उपस्थित शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, से जानना चाहा कि राज्य के सरकारी कालेजों,सेकंड्री और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव क्यों है। कोर्ट ने ये भी पूछा कि राज्य के स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र क्यों पढ़ना छोड़ देते है।

कोर्ट ने उपस्थित अधिकारी से जानना चाहा कि राज्य में शिक्षा के मद में कितना बजट रखा गया है।कोर्ट को बताया गया कि राज्य में शिक्षा के लिए 51 हज़ार करोड़ रुपए है,जो कि कुल बजट के बीस फी सदी से अधिक है।

पिछली सुनवाई में पटना के दानापुर स्थित बीएस कॉलेज में बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराए जाने के मामले पर सुनवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को तलब किया था।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि कालेज में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्राओं को काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस जनहित याचिका में ये भी माँग की गई कि छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने के लिए कॉलेज परिसर में वेंडिंग मशीन भी लगाया जाना चाहिए।

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कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि बी एस कालेज,दानापुर के बाउंड्री निर्माण का काम छह माह में पूरा कर लिया जाएगा।कालेज में शौचालय बनाने का काम 30अक्टूबर,2022 तक पूरा हो जाएगा।साथ ही लेबोरेट्री बनाने का कार्य भी तीन माह में पूरा हो जाएगा।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 30 नवंबर,2022 को होगी।

पटना हाईकोर्ट ने औरंगाबाद में अतिक्रमण हटाने में अधिकारियों द्वारा अनियमितता बरतने के मामलें पर सुनवाई की

13 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने औरंगाबाद में अतिक्रमण हटाने में अधिकारियों द्वारा अनियमितता बरतने के मामलें पर सुनवाई की।जस्टिस मोहित शाह ने इस मामलें पर सुनवाई की।

कोर्ट में उपस्थित डी एम और एस पी, औरंगाबाद ने कोर्ट को बताया कि ओबरा के सी ओ और खुदवा के थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने औरंगाबाद के डी एम और एस पी को निर्देश दिया था कि अतिक्रमण नहीं हटाने के मामलें में गड़बड़ी करने वाले ओबरा के सीओ और खुदवा के थानाध्यक्ष के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर 48 घंटों में गिरफ्तार किया जाए।कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई करते डी एम और एस पी को सख्त चेतावनी दी थी कि अगर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ,तो औरंगाबाद के डी एम और एस पी को कस्टडी में लिया जा सकता है।

ये अधिकारीगण आज कोर्ट में उपस्थित हो कर इस मामलें में किए गए कार्रवाई का ब्यौरा पेश किया।कोर्ट ने इस मामलें पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के गलत कार्य करने वाले सरकारी अधिकारियो और कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।कोर्ट इस प्रकार की घटनाओं पर काफी सख्त कार्रवाई करेगा।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने बताया कि खुदवा थानाध्यक्ष एक महिला को सहयोग दे कर जिनके भूमि पर अतिक्रमण था,उनके पूरे परिवार के विरुद्ध एस सी/एस टी एक्ट के तहत औरंगाबाद सिविल कोर्ट में मामला दर्ज करवा दिया है।

उन्होंने बताया कि जिनकी भूमि है,उन्हें तरह तरह से धमकाया जा रहा था।साथ ही सीओ की भूमिका संदिग्ध है।कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई कर मामलें को निष्पादित कर दिया।

जहानाबाद में निगरानी की टीम ने घूसखोर अधिकारी को दबोचा, एक लाख रुपए लेते पकड़ा गया सीओ

जहानाबाद, 13 अक्टूबर 2022 । बिहार में आए दिन घूसखोर अधिकारी एवं कर्मचारी को लगातार पकड़ा जा रहा है इसके बावजूद वे लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। घूसखोर सरकारी कर्मियों और अधिकारियों की गिरफ्तारी भी रँगे हाथ रिश्वत लेते इन दिनों लगातार पकड़ा जा रह है।

ताजा मामला जहानाबाद का है जहां नगर थाना क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले से एक घूसखोर अंचलाधिकारी विजिलेंस के हत्थे चढ़ गया। मामला काको प्रखंड के अंचलाधिकारी का है जो मोटेशन के नाम पर एक लाख रुपये घूस लेते विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा गया। अंचलाधिकारी दिनेश कुमार को पटना से आये निगरानी की टीम ने एक लाख रुपये नकद लेते रंगेहाथ दबोचा है।

निगरानी के डीएसपी अरुण पासवान ने बताया कि अंचलाधिकारी दिनेश कुमार के खिलाफ निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज किया गया था।यह शिकायत राहुल कुमार के द्वारा गत 29 सितंबर को दर्ज कराया गया था और उन्होंने यह आरोप लगाया था कि काको के अंचलाधिकारी दिनेश कुमार के द्वारा जमीन दाखिल खारिज करने के लिए एक लाख रुपए की मांग की जा रही है। शिकायत के बाद और केस के आधार पर सत्यापन किया गया। सत्यापन में मामला सही पाया गया। जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। जिसमें एक लाख घूस लेते सीओ को रंगेहाथ दबोचा गया।

डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अंचलाधिकारी को पटना ले गया और आगे की विधिसम्मत कार्रवाई करने में निगरानी की टीम जुट गई है। इधर वैना गांव निवासी राहुल कुमार शिकायतकर्ता की माने उन्होंने काको के हाजीपुर गांव में एक बीघा जमीन खरीदी थी। जिसके दाखिल खारिज के नाम पर काको अंचलाधिकारी दिनेश कुमार एक लाख रुपया घुस की मांग की थी। जिसकी शिकायत उन्होंने पटना विजिलेंस कार्यालय में की थी। जिसके आधार पर आज सुबह यह कार्रवाई की गई।

निगरानी के द्वारा किए गए इस कार्रवाई के बाद जहानाबाद जिले में पदस्थापित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है अधिकारियों एवं कर्मचारी अब सहमे नजर आ रहे हैं।

पटना हाईकोर्ट में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किये जाने के मामलें पर सुनवाई 17 नवंबर,2022 को की जाएगी

13 अक्टूबर 2022 । रणजीत पंडित की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय क़रोल की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अकाउंटेंट जनरल और राज्य सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया था।इस जनहित याचिका में ये आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार के कई विभागों द्वारा उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं जमा किया गया है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि ये राशि लगभग एक लाख बारह हज़ार करोड़ का हैं,जिसका उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दायर किया गया है।ये आंकड़े 31अगस्त,2022 तक का हैं।

ये राशि 2002 – 03 से ले कर 2020 – 21तक सामंजित किया जाना लंबित हैं।कोर्ट ने अकाउंटेंट जनरल के पक्ष प्रस्तुत कर रहे अधिवक्ता से जानना चाहा कि इस सन्दर्भ में अकाउंटेंट जनरल की क्या शक्तियां हैं।

राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस सम्बन्ध में अकाउंटेंट जनरल और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों के बीच माह में एक बार इस मुद्दे पर बैठक किये जाने की योजना है।

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साथ ही राज्य सरकार के मुख्य सचिव को भी व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दायर कर बताने को कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा2003 -04 से 2020- 21 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं जमा करने पर क्या कार्रवाई की।

बेतिया में एक युवक ने वार्ड सदस्य पर कर दी फायरिंग, मौके पर अफरा–तफरी

बेतिया में एक युवक ने अपने परिवार के साथ घर पर बैठे वार्ड सदस्य पर फायरिंग कर दी जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई।फायरिंग कर भागने के दौरान आरोपी ने कई राउंड फायरिंग की जिसमे तीन अन्य लोगो को गोली लगी है।

इस गोलीबारी में कुल चार लोगों को गोली लगी है जिन्हें ईलाज के लिए जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। घटना योगापट्टी थाना क्षेत्र के गोलाघाट डुमरी पंचायत के अहिरौली गांव की है। हालांकि ग्रामीणों ने हमलावर युवक को घेरकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया है।

घायलों में वार्ड सदस्य राजाबाबू पटेल उसका भाई विजय पटेल,सुधन मांझी और रुस्तम अंसारी शामिल है।घायल राजाबाबू पटेल ने बताया कि हमलावर बाइक से आया था और आते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी।उसने बताया कि हमलावर ने अपना चेहरा ढका हुआ था और उसके हाथ मे पिस्तौल थी और कंधे पर बैग रखा हुआ था।बताया जा रहा है कि आरोपी को पकड़ने के लिए जब ग्रामीण दौरे तो हमलावर ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमे वार्ड सदस्य के भाई और दो अन्य ग्रामीण को गोली लग गई।

हालांकि सभी घायलों की स्थिति बेहतर बताई जा रही है।वहीं घटना की सूचना पर पहुंची योगापट्टी थाना की पुलिस और एसडीपीओ सदर मुकुल परिमल पांडेय आरोपी से पूछताछ कर रहे है।एसडीपीओ सदर ने बताया कि आरोपी हमलावर की भी पिटाई की गई है जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है।

वहीं उन्होंने बताया कि हमलावर युवक घायल वार्ड सदस्य का रिश्तेदार है और प्रथम दृष्टया यह मामला अवैध सम्बन्ध से जुड़ा हुआ लग रहा है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

पटना हाईकोर्ट ने बिहार नगरपालिका एक्ट, 2007 के मार्च, 2021 मे राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा

13 अक्टूबर 2022 । चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच डा आशीष कुमार सिन्हा व अन्य की याचिकाओं पर सभी पक्षों की लम्बी सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।

यह मामला नगरपालिका में संवर्ग की स्वायत्तता से जुड़ा हुआ है।कोर्ट को अधिवक्ता मयूरी ने बताया कि इस संशोधन के तहत नियुक्ति और तबादला को सशक्त स्थाई समिति में निहित अधिकार को ले लिया गया है। यह अधिकार अब राज्य सरकार में निहित हो गया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मयूरी ने कोर्ट को बताया था कि अन्य सभी राज्यों में नगर निगम के कर्मियों की नियुक्ति नियमानुसार निगम द्वारा ही की जाती है।

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उनका कहना था कि नगर निगम एक स्वायत्त निकाय है, इसलिए इसे दैनिक क्रियाकलापों में स्वयं काम करने देना चाहिए।कोर्ट को आगे यह भी बताया गया की चेप्टर 5 में दिए गए प्रावधान के मुताबिक निगम में ए और बी केटेगरी में नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को है। जबकि सी और डी केटेगरी में नियुक्ति के मामले में निगम को बहुत थोड़ा सा नियंत्रण दिया गया है।

31 मार्च को किये गए संशोधन से सी और डी केटेगरी के मामले में भी निगम के ये सीमित अधिकार को भी मनमाने ढंग से ले लिये गए है।

चचेरे भाई ने पार की बेशर्मी की हदें, दोस्त के साथ मिलकर किया बहन का रेप, वीडियो किया वायरल!

बेशर्मी की सारे हदें पार कर चचेरे भाई ने कर दिया दोस्त के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो बना कर दिया वायरल। कोचिंग के लिए घर से निकली थी छात्रा रास्ते में रोक कर जबरन ले गया बगीचा में और कर दिया गंदा काम
कहते हैं भाई और बहन का पवित्र रिश्ता होता है लेकिन जब भाई ही दरिंदा बन जाए और बेशर्मी की सारी हदें पार कर दे तो दूसरा बचाने वाला कौन मिलता है।

कुछ ऐसा ही हुआ है पटना के नौबतपुर में जहां एक चचेरे भाई ने अपनी बेशर्मी की सारी हदें पार कर अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी चचेरी बहन के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया यही नहीं उसने एक-एक कर वीडियो भी बनाया और इस शर्मनाक वाक्य का वीडियो वायरल कर दिया छात्रा कोचिंग के लिए घर से निकली थी और यही मौका देखकर उसका चचेरा भाई उसके पीछे पीछे निकला और अपने एक दोस्त को भी बुला लिया जैसे ही वह सुनशान जगह पर पहुंची की पीछे से आ रहा उसका भाई अभिषेक और उसका दोस्त अभिषेक अपनी चचेरी बहन को उठाकर बगीचा में ले गया और फिर एक एक करके कपड़े उतारे और दुष्कर्म की दरिंदगी दिखाई, इसका वीडियो भी बनाया और उसे वायरल भी कर दिया।

पीड़िता के अनुसार वह अपने घर से नौबतपूर कोचिंग के लिए निकली और अपने गांव से लगभग 600 मीटर की दूरी पर आगे अजवां एवं बाला ठाकुर गांव के बीच स्थित फोनू बाबू के बगीचा के पास पहुँची तभी मेरा चचेरा भाई अभिषेक कुमार पिता राजकुमार उर्फ पिन्टू यादव अपने एक दोस्त अभिषेक कुमार पिता अनेश यादव दोनों ग्राम- बालाठाकुर , थाना- नौबतपुर , जिला पटना मेरे पास आए तथा मेरा रास्ता रोके तो मैं रूक गई ।

इसके बाद दोनों मेरे साथ जबरदस्ती करने लगे , तब में हल्ला करने लगी , लंकिन रास्ता सुनसान होने के कारण कोई मदद के लिए नहीं आया । इसके बाद मेरा भाई अभिषेक कुमार मेरा मुंह बंद कर दिया तथा अपने दोस्त अभिषेक कुमार मुझे उठाकर फोनु सिंह के बगीचा में लेकर चला गया तथा दोनों ने नंगा कर बारी – बारी से बलात्कार किया बलात्कार करने के दौरान दोनों ने एक दूसरे का बिडियो भी बनाया । इसके बाद हल्ला – गुल्ला की सुनकर वहां कुछ अन्य ग्रामीण आए इसके वह दोनों अपराधी मुझे अर्द्धनग्न अवस्था में छोड़कर वहां से भाग गए ।

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लोगों की सूचना पर मेरे पिताजी वहां आए और अपने घर लेकर गए । इसके बाद अभिषेक कुमार पिता यादव के द्वारा बनाए गए विडियों को अपने दोस्तों तथा मेरे परिजनों के बीच वायरल कर दिया । उसके बाद मुझे राजकुमार उर्फ पिन्टु श्रीमान् इज्जत की लज्जा एवं अपराधियों दबंगगता के कारण अभी तक इस अपराध के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया है । क्योंकि उनके एवं उनके परिवार वालों के द्वारा घटना के बाद से ही प्रायः हमारे परिवार , मां – बाप , भाई को जान से मार देने के साथ तरह – तरह की धमकी दे रहे है ।

अंततः हमने हिम्मत बांधी और पुलिस के पास बुधवार 12 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई । जिसके बाद पुलिस करवाही में जुट गई है। इस मामले में नौबतपुर थानाध्यक्ष रफीकूर रहमान ने बताया की मामला 7 अक्टूबर को घटित हुई और 12 अक्टूबर को पीड़िता का आवेदन प्राप्त हुआ है जिसके बाद पुलिस ने तुरंत करवाही करते हुए मामले में पॉस्को एक्टिव साथ मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और अग्रिम करवाही में जुटी है।

नवादा: नगर थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी हुए निलंबित

नवादा । अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को रिश्वत लेकर छोड़ने में थी संलिप्तता । नगर थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी हुए निलंबित । 10 अक्टूबर को ट्रैक्टर को पकड़ कर लाया गया था थाना।

एसडीपीओ सदर और सर्किल इंस्पेक्टर द्वारा करायी गयी मामले की जांच । टाउन इंस्पेक्टर विजय सिंह की सहमति से एएसआई रामानंद यादव,एएसआई रघुवीर सहनी ने ट्रैक्टर को रिश्वत लेकर छोड़ा।

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एसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल किया निलंबित । इंस्पेक्टर संजीव कुमार सिंह बनाये गए नए नगर थानाध्यक्ष।

एसपी डॉ गौरव मंगला ने प्रेस रिलीज जारी कर दी जानकारी।

PatnaHighCourt News: जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के विस्तार और विकास के मामले पर सुनवाई कल की जाएगी

पटना हाईकोर्ट में पटना के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के विस्तार और विकास के मामले पर सुनवाई कल की जाएगी।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ इन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

कोर्ट ने राज्य के हवाईअड्डों की समस्यायों के मामलें पर अगली सुनवाई में केंद्र सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया था।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बिहार के विभिन्न हवाईअड्डों के विकास और विस्तार से जुड़ी समस्यायों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।इनमेंं भूमि से सम्बंधित मामलें थे।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मामलें में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया था।

एक अन्य याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री व पायलट राजीव प्रताप रूडी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया था।उन्होंने राज्य में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाने के मुद्दे को उठाया था।

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उन्होंने कहा कि कई राज्यों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना चाहिए।

कोर्ट को बताया गया था कि राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, फारबिसगंज , मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं। लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव एवं सुरक्षा की समस्याएं हैं।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर, 2022 को होगी।

पूर्व कानून मंत्री के अग्रिम जमानत याचिका पर आज पटना हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई

जस्टिस सुनील कुमार पंवार ने इस मामले में पुलिस से केस डायरी की मांग कर दी है। अब केस डायरी की स्टडी करने के बाद ही कार्तिकेय सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी।

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पूर्णिया एसपी निकला लूटेरा 6 वर्ष के नौकरी में करोडों की कमाई

बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर जो खेल चल रहा है पूर्णिया एसपी उसका एक प्यादा है और इस प्यादा के सहारे इस खेल को समझा जा सकता है, दयाशंकर 2014 बैच का आईपीएस अधिकारी है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 2016 में उसकी पोस्टिंग अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में आरा जिला में हुआ और फिर वही से इसे शेखपुरा जिला का एसपी बनाया गया।

शेखपुरा जिला एक अनुमंडल और 9 थाने का जिला है लेकिन अवैध पहाड़ खनन के कारण बिहार का यह धनबाद है । तीन वर्ष से अधिक समय तक ये शेखपुरा का एसपी रहाइस दौरान एसपी के संरक्षण में अवैध खनन की लगातार शिकायतें पुलिस मुख्यालय को मिल रही थी ,हुआ क्या इस पर कार्यवाही होने के बजाय इन्हें 31 दिसम्बर 2021 को शेखपुर से सीधे उठा कर चार अनुमंडल 40 थाना और प्रमंडल मुख्यालय पूर्णिया जिला का एसपी बना दिया गया।

जबकि एसपी की पोस्टिंग करने के समय पटना,मुजफ्फरपुर, दरभंगा,भागलपुर,गया और पूर्णिया में जो सीनियर आईपीएस अधिकारी होते हैं जिनके पास तीन चार जिले में पुलिसिंग का अनुभव रहता है उन्हें पोस्ट किया जाता है । ऐसे में दयाशंकर को सीधे शेखपुरा से पूर्णिया का एसपी बनाये जाना साधारण बात नहीं है क्यों कि नीतीश कुमार के यहां ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर एक व्यवस्था है फाइल हमेशा डीजीपी के यहां से मूव होता है और उसमें डीजीपी को पूरी स्वतंत्रता रहती है किसको कहां पोस्ट करना है और उस अधिकारी का कार्यक्षमता कैसा है वो लिखनी पड़ती है इतना ही नहीं अगर किसी तरह की शिकायत है तो वह भी उस फाइल पर दर्ज करना है और पोस्टिंग से पहले खुल कर चर्चा होती है बहुत कम ऐसे मौके आये हैं जब सीधे सीएम के यहां से नाम डीजीपी को भेजा गया हो। फिर उस लिस्ट पर सीएम,मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ साथ सीएम के प्रधान सचिव बैठ कर निर्णय लेते हैं जिसका पैरवी रहता है उस अधिकारी के नाम के सामने उस नेता का नाम लिखा रहता है ।

पैसा वाला खाता अलग रहता है जो पूरी तौर पर अधिकारी के स्तर पर ही चलता है और उसका अलग अलग तरीका है चाहे आरसीपी का ही जमाना क्यों ना रहा हो है। कौन किस कोटा से हैं इसकी जानकारी सीएम को जरूर रहती है । साथ ही एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले में नीतीश कुमार डीजीपी के पसंद को नजरअंदाज नहीं करते हैं अभयानंद के बाद जो भी डीजीपी बने सीएम के इस शैली का खूब लाभ उठाया है और जमकर वसूली किया है।

जहां तक मेरी जानकारी है दयाशंकर मामले में नाम डीजीपी कार्यालय से ही आया था और इसके उपर खनन माफिया से साठगांठ और थाना बेचने का जो आरोप लगा था बैठक में इसकी चर्चा तक नहीं हुई ।कहा ये जा रहा है कि दयाशंकर को शेखपुरा से सीधे पूर्णिया पोस्टिंग पर सवाल भी उठे थे लेकिन बैठक में मौजूद अधिकारी दयाशंकर के साथ खड़े थे ।

दयाशंकर बिहार का रहने वाला है लेकिन इसकी कोई ऐसी राजनीतिक पैरवी नहीं है जिसके सहारे शेखपुरा से सीधे पूर्णिया पहुंच जाये हालांकि दयाशंकर के पूर्णिया एसपी बनने के कुछ ही दिनों के बाद सीएम तक यह खबर पहुंचने लगी थी कि पूर्णिया एसपी शराब माफिया से जुड़ कर डालखोला से ट्रक से शराब का तस्करी करावा रहा है और इस सूचना के बाद ही सीएम ने एसपी पूर्णिया पर एक्शन लेने को कहा ।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसे अधिकारियों का फिल्ड में पोस्टिंग कैसे हो जा रहा है जबकि जिला जाने की स्थिति में सौ से ज्यादा आईपीएस अधिकारी सरकार के पास नहीं है कौन क्या है क्या कर सकता है बिहार का बच्चा बच्चा जानता है ऐसे में मुख्यमंत्री जिस विभाग के मंत्री हो वहां इस तरह का खेल हो तो सवाल उठना लाजमी है वैसे इस एक्शन से आईपीएस अधिकारियों में भय तो जरूर व्याप्त हुआ है और पुलिस मुख्यालय स्तर से इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के फील्ड में भेजने से जुड़ी एक फाइल जो काफी तेजी से मूवमेन्ट कर रहा था कल सुबह ही रुक गया देखिए आगे आगे होता है क्या वैसे इस एक्शन के बाद तबादले नीति में बदलाव आएगा ऐसा दिख रहा है।

राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई हुई

12 अक्टूबर 2022 । पटना हाईकोर्ट में राज्य के पूर्व एवं वर्तमान सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मुकदमों से सम्बंधित मामलों पर सुनवाई हुई।चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ द्वारा इस मामलें पर सुनवाई की जा रही है।

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल,2022 में इन मामलों के निष्पादन का दर शून्य था।लेकिन जब से कोर्ट ने इन मामलों की सुनवाई और निगरानी प्रारम्भ किया,जुलाई,2022 तक ऐसे 164 मामलों को निष्पादित किया जा चुका है।ये सकारात्मक प्रगति है।

पूर्व की सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि वर्तमान और पूर्व एमपी व एमएलए के विरुद्ध 78 आपराधिक मामलों में 12 मामलों पर आरोप पत्र और 4 मामलों पर अंतिम प्रपत्र दायर किया जा चुका है।

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उन्होंने कोर्ट को बताया था कि 280 मामलों में कुल 481 गवाहों का परिक्षण किया जा चुका है | पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया था कि वर्तमान व पूर्व एमपी और एमएलए के विरुद्ध कुल 598 आपराधिक मुकदमें लंबित है, जिसमें अधिकतर केस में अनुसंधान पूरा हो गया है।

लगभग 78 आपराधिक मुकदमों में अनुसंधान लंबित है। इस मामले पर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर,2022 , को होगी ।

मॉनसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य भर में वज्रपात के साथ बरसात होने के आसार जताए हैं

बिहार में मॉनसून की विदाई से पहले बारिश संबंधी गतिविधियां अपने चरम पर है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य भर में वज्रपात के साथ बरसात होने के आसार जताए हैं।

सभी जिलों में ठनका का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, गया, नवादा समेत चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है।

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पूर्वी बिहार और सीमांचल-कोसी क्षेत्र में भी बुधवार को अच्छी बरसात हो सकती है।

जहानाबाद के बिर्रा गांव के समीप हाइवा ट्रक और टैंपू में हुई सीधी टक्कर, एक की मौत दो घायल

मखदुमपुर। मंगलवार की देर शाम पटना गया राष्ट्रीय मार्ग के वीर्रा गांव के समीप हाईवा ट्रक एवं टेंपो में सीधी टक्कर हो गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत एवं दो अन्य लोग घायल हो गए।

मृतक उमता धरनई ओपी के छतियाना गांव निवासी अमन कुमार बताया जाता है। जबकि घायल व्यक्ति भी छतियाना गांव निवासी ललन साव एवं अजीत कुमार बताए जाते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार छतियाना गांव से टेंपो यात्री लेकर मखदुमपुर आ रहा था तभी बिर्रा गांव के समीप पटना से गया की ओर जा रहे हाइवा ट्रक ने सीधी टक्कर मार दिया, जिसमे में टेम्पो चालक रहे अमन कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

accident

घटना की सूचना पाकर मखदुमपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगो के सहयोग से घटना में घायल रहे ललन साव एवं अजीत कुमार को इलाज के लिए रेफ़रल अस्पताल मखदुमपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों में घायलों की स्थिति को देखते हुए विशेष इलाज हेतु पीएमसीएच रेफर कर दिया।

वहीं घटना में टेंपो के पचखे उड़ गए , थाना अध्यक्ष रवि भूषण ने बताया कि पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज रही है।