Narendra Modi ने शनिवार को राजस्थान के कोटा में ₹1,500 करोड़ की लागत वाली कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर हवाई संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कोटा में बनने वाला यह आधुनिक हवाई अड्डा न केवल शहर बल्कि आसपास के जिलों—बूंदी, बारां और झालावाड़—के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद शिक्षा, पर्यटन, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।
हाड़ौती क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
कोटा एयरपोर्ट परियोजना को हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के रूप में देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में लंबे समय से हवाई सेवा की मांग उठती रही है। अब तक यहां के लोगों को हवाई यात्रा के लिए जयपुर या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट बनने से हाड़ौती क्षेत्र देश के बड़े शहरों से सीधे जुड़ सकेगा। इससे यहां के उद्योगों, किसानों और छात्रों को काफी फायदा होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार देश के छोटे और मध्यम शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
शिक्षा नगरी कोटा को मिलेगा बड़ा फायदा
कोटा देशभर में अपनी कोचिंग इंडस्ट्री के लिए प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं।
इस वजह से शहर को अक्सर “भारत की कोचिंग राजधानी” कहा जाता है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यात्रा काफी आसान हो जाएगी।
एयरपोर्ट बनने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए कोटा तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
इससे शिक्षा उद्योग को भी नई गति मिलने की संभावना है।
कोटा एयरपोर्ट परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
कोटा में बनने वाला यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है।
प्रमुख विशेषताएं
- कुल लागत: लगभग ₹1,500 करोड़
- स्थान: कोटा शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर
- रनवे लंबाई: लगभग 3,200 मीटर
- टर्मिनल भवन क्षेत्रफल: करीब 15,000 वर्ग मीटर
- पीक आवर में यात्री क्षमता: लगभग 800 यात्री
- विमान संचालन: एयरबस A320 जैसे विमानों के लिए उपयुक्त
एयरपोर्ट में आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, टैक्सीवे, एप्रन, पार्किंग एरिया और यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
भविष्य में जरूरत बढ़ने पर इस एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा सकेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कोटा और आसपास का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी काफी समृद्ध है। यहां कई ऐतिहासिक किले, महल और प्राकृतिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं।
एयरपोर्ट बनने से इन स्थानों तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल:
- मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क
- चंबल नदी और घड़ियाल अभयारण्य
- बूंदी का ऐतिहासिक किला और महल
- कोटा का सिटी पैलेस
बेहतर हवाई संपर्क से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा नया अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत परिवहन नेटवर्क किसी भी क्षेत्र में उद्योगों के विकास की नींव होता है।
कोटा एयरपोर्ट बनने के बाद यहां के उद्योगों को देश और विदेश के बाजारों से बेहतर संपर्क मिलेगा।
कोटा क्षेत्र की कुछ प्रमुख आर्थिक गतिविधियां हैं:
- कोटा स्टोन उद्योग
- कोटा डोरिया साड़ी उद्योग
- कृषि उत्पाद
- उर्वरक और रासायनिक उद्योग
एयरपोर्ट बनने से इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ सकता है और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना भी बढ़ेगी।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
एयरपोर्ट निर्माण के दौरान हजारों लोगों को काम मिलेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भी कई क्षेत्रों में रोजगार पैदा होंगे, जैसे:
- एयरपोर्ट संचालन
- सुरक्षा सेवाएं
- होटल और पर्यटन
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स
- रिटेल और हॉस्पिटैलिटी
इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
सरकार देश के छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसी दिशा में उड़ान (UDAN) योजना के तहत कई नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं।
कोटा एयरपोर्ट बनने के बाद यहां से देश के प्रमुख शहरों जैसे:
के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है।
इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
राजस्थान के विकास की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
राजमार्ग, रेलवे, औद्योगिक कॉरिडोर और हवाई अड्डों के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि कोटा एयरपोर्ट परियोजना भी इसी विकास यात्रा का हिस्सा है।
यह परियोजना हाड़ौती क्षेत्र को देश के विकास मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगी।