बिहार में यातायात की समस्या एक प्रमुख मुद्दा है, जिससे लोगों को अक्सर जूझना पड़ता है। लेकिन अब इस समस्या से निजात पाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य में 83 रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के बीच हुई बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक में रेलवे की ओर से प्रमुख मुख्य अभियंता शैलेश वर्मा समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक के दौरान राज्य में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण की प्रगति, विभागों के बीच समन्वय और परियोजनाओं के जल्द क्रियान्वयन से संबंधित अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पिछले साल बिहार सरकार के अनुरोध पर रेलवे की ओर से राज्य के 223 जगहों पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। इन सभी रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण रेलवे की ओर से अपने संसाधनों से किया जाना प्रस्तावित है।
पूर्व मध्य रेलवे के चीफ इंजीनियर (सड़क सुरक्षा) प्रमोद कुमार ने बताया कि अन्य रेलवे जोन के साथ समन्वय करते हुए इस साल बिहार में 83 रेलवे फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अनुमति प्रदान कर रेलवे की ओर से काम को लेकर स्वीकृति दे दी गई है। इसके अलावा, अगले फाइनेंशियल ईयर में 110 और रेलवे फाटकों पर आरओबी निर्माण के लिए डीपीआर बनाने को कहा गया है।
इन रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण से राज्य के दूर-दराज के इलाकों से पटना तक पहुंचने में लगने वाले समय में कमी आएगी। साथ ही रेलवे गुमटियों पर लगने वाले जाम से भी लोगों को काफी हद तक मुक्ति मिलेगी। यह परियोजना बिहार के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यातायात की समस्या को कम करने में मदद करेगी।