विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान मूल्य वृद्धि पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति संकट के प्रभाव का आंशिक संचरण दर्शाती है। यह वृद्धि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उत्पन्न हुई अस्थिरता का परिणाम है, जिसका प्रभाव भारतीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह उनके घरेलू बजट को प्रभावित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऊर्जा की कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव: एलपीजी की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि
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