विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान मूल्य वृद्धि पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति संकट के प्रभाव का आंशिक संचरण दर्शाती है। यह वृद्धि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उत्पन्न हुई अस्थिरता का परिणाम है, जिसका प्रभाव भारतीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह उनके घरेलू बजट को प्रभावित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऊर्जा की कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव: एलपीजी की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि
More from खबर बिहार कीMore posts in खबर बिहार की »
- बिहार विधानसभा में छात्रों के प्रदर्शन पर हंगामा
- पूर्णिया में जेडीयू नेता के बेटे और साले पर गोलीबारी
- सोनम वांगचुक का अनशन खत्म, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मध्यस्थता की
- बिहार में 25 से 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
- बिहार विधानसभा: तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति बना राजनीतिक मुद्दा
- पटना में छात्र बवाल के बाद बिहार में चौकसी बढ़ी
- बिहार: ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना में 161 खिलाड़ियों को नौकरी
- बिहार में मध्याह्न भोजन में बिच्छू मिलने से सौ से अधिक छात्र बीमार
- पटना में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
- चतरा में गार्ड की हत्या, रॉकी यादव हिरासत में