बिहार सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में जारी निर्देशों के अनुसार, सभी राशन कार्ड धारकों को 31 मार्च तक ई-केवाईसी करवाना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें अनाज प्राप्त करने से वंचित रखा जा सकता है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पदाधिकारी के अनुसार, बिहार में अभी भी लगभग 18 प्रतिशत राशन कार्ड धारक ऐसे हैं जिन्होंने ई-केवाईसी नहीं करवाया है। इसी कारण से, ई-केवाईसी की अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है। अब राशन कार्ड धारक 31 मार्च तक ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी करवाएं। पहले 15 फरवरी को यह तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन कम संख्या में ई-केवाईसी होने के कारण इसे 28 फरवरी तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद, बहुत से परिवार ई-केवाईसी नहीं करवा पाए। इसी कारण से, एक बार फिर से तिथि को बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, लोगों के बीच जागरूकता की कमी के कारण भी बहुत से लोग ई-केवाईसी से वंचित हैं। लेकिन अब उन्हें इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि राशन कार्ड धारक किसी भी राज्य में रहते हुए ई-केवाईसी करवा सकते हैं। पदाधिकारी के अनुसार, बहुत से बिहार के लोग दूसरे राज्य में रहते हैं, लेकिन उन्हें ई-केवाईसी के लिए बिहार आने की आवश्यकता नहीं है। वे किसी नजदीकी जनवितरण प्रणाली की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
इस प्रकार, बिहार के सभी राशन कार्ड धारकों को 31 मार्च तक ई-केवाईसी करवाने का अवसर मिल गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें अनाज प्राप्त करने से वंचित रखा जा सकता है।