बिहार सरकार ने राज्य के डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है, जिसमें 4452 नए दूध कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे और दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए 89 अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इस योजना के तहत, राज्य के विभिन्न जिलों में डेटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जो किसानों से सीधे दूध संग्रहित करेंगी और फिर इसे आधुनिक डेयरी संयंत्रों में प्रोसेस किया जाएगा।
इस योजना पर करीब 56 करोड़ 88 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार बराबर हिस्सेदारी से राशि उपलब्ध कराएंगे। दूध की आपूर्ति मिल्क पार्लरों, वितरकों और खुदरा दुकानों के जरिए बाजार तक पहुंचेगी। इसके अलावा, दूध को सुरक्षित रखने के लिए 43 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए जाएंगे, जो दूध को खराब होने से बचाएंगे।
बिहार में दूध उत्पादन और संग्रहण लगातार बढ़ रहा है, और वर्तमान में राज्य में औसतन प्रतिदिन करीब 21.60 लाख किलो दूध संग्रहित किया जा रहा है। इस साल जनवरी में एक दिन में रिकॉर्ड 28.83 लाख किलो दूध का संग्रहण हुआ, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा माना जा रहा है।
दूध की गुणवत्ता पर सख्त नजर रखने के लिए 89 आधुनिक जांच मशीनें लगाई जाएंगी, जो दूध में मिलावट की समस्या को रोकने में मदद करेंगी। इसके साथ ही, बिहार का डेयरी ब्रांड ‘सुधा’ अब विदेशों में भी अपनी पहुंच बना रहा है, और हाल के समय में अमेरिका में सुधा का घी और कनाडा में सुधा का गुलाब जामुन भेजा गया है।