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वृंदावन में रंगों की बारिश: बांके बिहारी और राधारानी-श्रीकृष्ण ने खेली फूलों की होली, मथुरा में जमकर नाच-Gान

वृंदावन और मथुरा में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बांके बिहारी जी के मंदिर में रंगभरी एकादशी पर अनोखा नजारा दिखा, जहां पुजारियों ने भगवान को रंग और अबीर लगाया और भक्तों पर प्रसादी गुलाल बरसाया। मंदिर रंग-बिरंगे गुलाल में डूबा नजर आया और प्रसाद पाने के लिए भक्तों में होड़ मच गई।

इस बीच, राधारानी और श्रीकृष्ण ने भी फूलों की होली खेली। मथुरा के डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने भी होली के गानों पर डांस किया और अधिकारियों के साथ जमकर होली खेली। गोपियों ने केशव वाटिका में मनाई गई होली में हुरियारों पर जमकर लाठी बरसाईं, जिसमें पुलिस वाले भी उनकी लाठी से बचते नजर आए।

वृंदावन की गलियां शुक्रवार दिनभर भक्तों से खचाखच भरी रहीं और हर तरफ अबीर-गुलाल उड़ता दिखा। रंगों से रंगे भक्तों ने ‘आज ब्रज में होली रे रसिया’ गाने पर जमकर डांस किया और बड़ी संख्या में भक्तों ने वृंदावन की पंचकोसी परिक्रमा की। कई भक्त अपने लड्डू गोपाल को गोद में लेकर पहुंचे थे। अनुमान है कि ब्रज की होली खेलने के लिए करीब 10 लाख भक्त वृंदावन पहुंचे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना, पूछा – सोनिया गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा जेल गए हैं क्या?

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से की गई टिप्पणी पर केजरीवाल ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि वे खुद जेल गए हैं, लेकिन सोनिया गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा जेल गए हैं क्या?

केजरीवाल ने कहा कि वे खुद, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह जेल में गए, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने कभी जेल का मुंह नहीं देखा। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस किस मुंह से बात कर रही है, उन्हें शर्म नहीं आती? केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है और मौजूदा परिस्थितियों में जब सभी संस्थाएं हमले के घेरे में हैं, न्यायाधीश ने आदेश पारित करने में जबरदस्त साहस दिखाया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में बरी कर दिया है। साथ ही सीबीआई से नाराजगी जताते हुए कहा कि उसका मामला न्यायिक समीक्षा में खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा है। केजरीवाल ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी को दिल्ली में नए सिरे से चुनाव कराने की चुनौती देते हैं और अगर बीजेपी 10 से अधिक सीट जीतती है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।

झारखंड निकाय चुनाव परिणाम से लेकर पाक-अफगान संघर्ष तक, 28 फरवरी की टॉप 20 खबरें

आज के समय में खबरें बहुत तेजी से बदलती हैं और हर दिन नए-नए घटनाक्रम सामने आते हैं। 28 फरवरी को भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब झारखंड निकाय चुनाव के परिणाम सामने आए, पाक-अफगान संघर्ष में 274 लड़ाकों के मारे जाने की खबर आई, और इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। इन सभी खबरों के अलावा भी बहुत कुछ हुआ, जो आपको जानना चाहिए।

झारखंड निकाय चुनाव के परिणाम में भाजपा के संजय सरदार आदित्यपुर नगर निगम के मेयर बने, जबकि चक्रधरपुर नगर परिषद की कमान सन्नी उरांव के हाथ में आई। रामगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस समर्थित कुसुमलता कुमारी ने जीत हासिल की, और खूंटी नगर पंचायत की अध्यक्ष रानी टूटी बनीं।

इसके अलावा, पाक-अफगान संघर्ष में 274 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है, जो एक बड़ा घटनाक्रम है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और रॉबर्ट वाड्रा के जेल जाने की खबरों पर अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पर हमला बोला, और तेजस्वी यादव ने दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की मांग की।

बिहार राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट पर महागठबंधन के उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया गया है, और एआईएमआईएम ने समर्थन मांगा है। पटना के कंकड़बाग से हाईकोर्ट तक बर्ड फ्लू की खबरें आईं, और पटना जू को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है।

इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया, जिससे पाकिस्तान की सेमीफाइनल उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं। 1 मार्च से सिम बाइंडिंग नियम लागू होंगे, जिसके तहत बिना एक्टिव सिम के मैसेजिंग ऐप्स काम नहीं कर पाएंगे। मार्च में स्मार्टफोन लॉन्च की भरमार होगी, और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म ईबे ने 800 लोगों को निकालने का फैसला किया है।

अमेरिकी टैरिफ पर भारत का ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपनाई है, और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देशहित सर्वोपरि रहेगा। सीबीएसई का कंप्यूटर का पेपर आसान रहा, और स्टूडेंट्स ने बताया कि एनसीईआरटी से सवाल पूछे गए थे। साउथ अफ्रीका से वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट में करियर बनाने के लिए कोर्स किया जा सकता है, और हाई कोर्ट से ‘द केरल स्टोरी 2’ को रिलीज पर लगा बैन हटा दिया गया है।

इन सभी खबरों के अलावा भी बहुत कुछ हुआ, जो आपको जानना चाहिए। तो आइए, इन खबरों को विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि वे क्या कहती हैं और उनका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

बिहार में शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, विधानसभा में धर्म परिवर्तन पर हुई जोरदार बहस

बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। नीतीश सरकार ने लगभग दस साल से काम कर रहे शिक्षकों को प्रमोशन देने का फैसला किया है। अप्रैल से शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। एमएलसी प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने विधान परिषद में शिक्षकों के प्रमोशन का मुद्दा उठाया, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

बिहार विधानसभा में धर्म परिवर्तन और कथित लव जिहाद को लेकर जोरदार बहस हुई। बीजेपी के 12 विधायकों ने राज्य में इस पर कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई। बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि धर्मांतरण की वजह से बिहार में मुसलमानों और ईसाइयों की आबादी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों का खास तौर पर जिक्र किया और कहा कि कई इलाकों में मुस्लिम आबादी में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है।

इस पर प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार के पास फिलहाल धर्म परिवर्तन रोकने से संबंधित कोई कानून लाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम करती है।

वहीं, राजद एमएलसी सुनील सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला और शराबबंदी और पैसों के लेन-देन के मुद्दे पर दस्तावेज दिखाने का दावा किया। उन्होंने जदयू पर 1000 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का आरोप लगाया और कहा कि कुछ कंपनियों से भारी चंदा लिया गया है।

बिहार विधानसभा का बजट सत्र खत्म हो गया, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। धर्म परिवर्तन से लेकर फंडिंग और शराबबंदी तक, कई मुद्दों ने सियासत को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इन आरोपों पर राजनीति और तेज हो सकती है।

CAG रिपोर्ट से बिहार की सियासत में भूचाल: करोड़ों के घोटाले के आरोप, विधानसभा में हंगामा

बिहार में इन दिनों सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। कारण है नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी Comptroller and Auditor General of India (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट, जिसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटालों का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के कुछ अंश सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा से लेकर सड़क तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सरकार व विपक्ष आमने-सामने हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीएजी की रिपोर्ट में राज्य के विभिन्न विभागों में वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संग्रहण से जुड़ी कई खामियों की ओर इशारा किया गया है। विपक्ष का दावा है कि रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदु हैं, जो सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और घपले की ओर संकेत करते हैं। विशेष रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।

विपक्षी दलों का कहना है कि इनपुट क्रेडिट के नाम पर करोड़ों रुपये का नुकसान राज्य को हुआ है और संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि राजस्व की निगरानी और वसूली में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे राज्य को भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ी।

विधानसभा में गरमाया माहौल

रिपोर्ट के मुद्दे पर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। राजद विधायकों ने सरकार से जवाब मांगते हुए आरोप लगाया कि सीएजी की टिप्पणियां राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। कुछ विधायकों ने तो यहां तक कहा कि सरकार पारदर्शिता से बच रही है और रिपोर्ट के तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है।

सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। सत्तापक्ष का कहना है कि सीएजी की रिपोर्ट एक ऑडिट प्रक्रिया का हिस्सा होती है, जिसमें कई बार प्रक्रियात्मक कमियों को भी ‘अनियमितता’ के रूप में दर्ज कर लिया जाता है। सरकार का दावा है कि रिपोर्ट में जिन मामलों का उल्लेख है, उनमें से कई पर पहले ही सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं।

वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ऑडिट आपत्तियों का जवाब संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर दिया जाता है और आवश्यक सुधार भी किए जाते हैं। सरकार ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अधूरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

इनपुट क्रेडिट घोटाले का मुद्दा

इनपुट क्रेडिट से जुड़ा मामला इस विवाद का सबसे संवेदनशील हिस्सा बनकर उभरा है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ फर्जी कंपनियों और संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग हुआ, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इस मामले में संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रणाली जटिल होती है और यदि निगरानी तंत्र मजबूत न हो तो गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सीएजी की टिप्पणियां प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह देखी जा रही हैं।

राजनीतिक असर क्या होगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट अक्सर सरकारों के लिए असहज स्थिति पैदा करती रही है, खासकर तब जब विपक्ष मजबूत और मुखर हो। बिहार में भी यह मुद्दा आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मुद्दे के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

वहीं, सत्तापक्ष इस विवाद को तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों तक सीमित बताकर राजनीतिक नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार किसी जांच की घोषणा करती है या विधानसभा की समिति के जरिए रिपोर्ट की समीक्षा कराई जाती है।

जनता पर क्या असर?

सीएजी रिपोर्ट का सीधा असर आम जनता पर भले न दिखे, लेकिन यदि वित्तीय अनियमितताएं साबित होती हैं तो इसका मतलब होगा कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधनों में कमी आई। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग स्वाभाविक है।

जनता यह जानना चाहती है कि क्या वाकई सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है, और यदि हुआ है तो उसकी भरपाई कैसे होगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

ICC Men’s T20 World Cup, 2026 IND vs ZIM: भारत की 72 रन की धमाकेदार जीत, अब 1 मार्च को वेस्टइंडीज से सेमीफाइनल की निर्णायक जंग

ICC Men’s T20 World Cup, 2026 के सुपर-8 चरण में भारत ने जिंबाब्वे को 72 रन से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। इस जीत के साथ ग्रुप-1 का समीकरण और भी रोमांचक हो गया है। भारत की जीत से जहां दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, वहीं अब भारतीय टीम के लिए 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला मुकाबला ‘करो या मरो’ की स्थिति में बदल गया है। जो भी टीम इस मैच में जीत दर्ज करेगी, वही सेमीफाइनल में कदम रखेगी।

यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच की भिड़ंत नहीं, बल्कि रणनीति, दबाव और प्रदर्शन की असली परीक्षा होगा। भारत ने जिंबाब्वे के खिलाफ जिस तरह से बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया, उसने टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।

भारत का विस्फोटक प्रदर्शन: 256 रन का विशाल स्कोर

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। निर्धारित 20 ओवरों में भारत ने 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। यह स्कोर न केवल मैच की दिशा तय करने वाला था, बल्कि विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव बनाने के लिए भी काफी था।

अभिषेक शर्मा की आक्रामक वापसी

सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने फॉर्म में दमदार वापसी की। उन्होंने महज 30 गेंदों में 55 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी पारी की खासियत थी बेखौफ बल्लेबाजी और पावरप्ले का भरपूर इस्तेमाल। उन्होंने शुरुआत से ही जिंबाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और रन गति को कभी धीमा नहीं होने दिया।

अभिषेक की यह पारी इसलिए भी अहम रही क्योंकि पिछले कुछ मैचों में वे बड़े स्कोर नहीं बना पा रहे थे। इस मैच में उन्होंने दिखा दिया कि वे बड़े मंच पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

हार्दिक पंड्या की कप्तानी पारी

मध्यक्रम में हार्दिक पंड्या ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 23 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और दो चौके शामिल थे। उनकी स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा रही, जिसने भारतीय पारी को आखिरी ओवरों में नई ऊंचाई दी।

हार्दिक ने न सिर्फ तेजी से रन बनाए, बल्कि दूसरे छोर पर बल्लेबाजों को संभलकर खेलने की आजादी भी दी। डेथ ओवर्स में उनके आक्रमण ने जिंबाब्वे की गेंदबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।

संतुलित बल्लेबाजी क्रम

भारत की बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि शीर्ष और मध्यक्रम दोनों ने योगदान दिया। टीम ने जोखिम उठाते हुए रन बनाने की रणनीति अपनाई, जिसका परिणाम 256 रन के विशाल स्कोर के रूप में सामने आया। यह स्कोर सुपर-8 जैसे दबाव वाले चरण में बनाना भारतीय बल्लेबाजी की गहराई और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

जिंबाब्वे की संघर्षपूर्ण पारी: 184 रन पर थमी उम्मीद

257 रन के लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता, और जिंबाब्वे के लिए तो यह पहाड़ जैसा लक्ष्य था। हालांकि टीम ने कोशिश की, लेकिन निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 184 रन ही बना सकी।

ब्रायन बेनेट की जुझारू पारी

जिंबाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 59 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए, जिसमें छह छक्के और आठ चौके शामिल थे। बेनेट ने अंत तक संघर्ष किया और शतक से मात्र तीन रन दूर रह गए।

उनकी पारी ने मैच को पूरी तरह एकतरफा होने से बचाया। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। यदि कोई और बल्लेबाज लंबी पारी खेलता, तो मुकाबला थोड़ा और रोमांचक हो सकता था।

सिकंदर रजा का योगदान

कप्तान सिकंदर रजा ने 31 रन की पारी खेली, लेकिन वे भी रन गति को लगातार बनाए रखने में सफल नहीं हो सके। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिंबाब्वे को मैच से दूर रखा।

भारतीय गेंदबाजी का कमाल

256 रन बनाने के बाद भी भारतीय टीम ढीली नहीं पड़ी। गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी की और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

अर्शदीप सिंह बने हीरो

भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज अर्शदीप सिंह रहे। उन्होंने 4 ओवर में 24 रन देकर 3 विकेट झटके। अर्शदीप ने पावरप्ले और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर और बदलाव के साथ गेंदबाजी की, जिससे जिंबाब्वे की रन गति पर अंकुश लगा।

अन्य गेंदबाजों का सहयोग

अक्षर पटेल ने 35 रन देकर 1 विकेट लिया। वरुण चक्रवर्ती ने भी 35 रन खर्च कर 1 विकेट झटका। शिवम दुबे ने 46 रन देकर एक सफलता हासिल की। सभी गेंदबाजों ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई और टीम की जीत सुनिश्चित की।

ग्रुप-1 का समीकरण और सेमीफाइनल की जंग

सुपर-8 के ग्रुप-1 में अब स्थिति बेहद रोचक हो गई है। दक्षिण अफ्रीका लगातार दो मैच जीतकर 4 अंकों के साथ शीर्ष पर है और सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। वेस्टइंडीज 2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि भारत भी 2 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है।

हालांकि नेट रन रेट के मामले में वेस्टइंडीज (+1.791) भारत (-0.100) से आगे है। ऐसे में 1 मार्च को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला निर्णायक होगा। जो भी टीम इस मैच में जीत दर्ज करेगी, वही सेमीफाइनल का टिकट हासिल करेगी।

1 मार्च: भारत बनाम वेस्टइंडीज – आर-पार की टक्कर

अब सभी निगाहें 1 मार्च के मुकाबले पर टिकी हैं। यह मैच किसी फाइनल से कम नहीं होगा। भारत के लिए यह मैच सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि नेट रन रेट और रणनीति का भी खेल होगा।

भारतीय टीम को बल्लेबाजी में इसी तरह आक्रामक शुरुआत की जरूरत होगी। साथ ही गेंदबाजों को पावरप्ले में विकेट निकालकर दबाव बनाना होगा। वेस्टइंडीज की टीम अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है, इसलिए भारतीय गेंदबाजों को सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा।

लखनऊ पैथोलॉजी मालिक हत्याकांड: बेटे ने यूट्यूब से सीखा शव ठिकाने लगाने का तरीका, 135 कॉल कर रचा गुमराह करने का जाल

लखनऊ शहर उस समय स्तब्ध रह गया जब शहर की जानी-मानी वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की निर्मम हत्या का खुलासा हुआ। शुरुआत में यह मामला एक रहस्यमयी गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परत-दर-परत जो सच्चाई सामने आई, उसने रिश्तों, विश्वास और परिवार की परिभाषा को झकझोर कर रख दिया। आरोप है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना बेटा अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा है।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने न केवल शव को ठिकाने लगाने के लिए बारीकी से योजना बनाई, बल्कि खुद को संदेह से बचाने के लिए 135 फोन कॉल कर ‘बेचैन बेटे’ की छवि भी गढ़ने की कोशिश की। यूट्यूब पर वीडियो देखे गए, ऑनलाइन चाकू और आरी मंगाई गई, बाजार से कार के आकार का ड्रम खरीदा गया, मोटी पॉलिथीन और 20 लीटर तारपीन का तेल लाया गया—यह सब किसी आवेश में की गई हरकत नहीं, बल्कि सुनियोजित प्रयास का संकेत देता है।

नीचे पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल प्रस्तुत है।

हत्या की सुबह: 20 फरवरी, तड़के 4:30 बजे

पुलिस जांच के अनुसार, 20 फरवरी की सुबह लगभग 4:30 बजे घर के अंदर यह वारदात हुई। उस समय घर में और कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि पिता-पुत्र के बीच पहले से चल रहे तनाव ने उस सुबह हिंसक रूप ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि हत्या अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तैयार होकर की गई प्रतीत होती है।

हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी—करीब 110 किलो वजनी शव को कैसे हटाया जाए? यही वह बिंदु था जहां से आरोपी की योजनाबद्ध गतिविधियां शुरू होती हैं।

दो दिन की ‘योजना’: शव ठिकाने लगाने का खौफनाक प्रयास

हत्या के बाद आरोपी ने तुरंत शव को बाहर ले जाने की कोशिश नहीं की। पुलिस के मुताबिक, उसने करीब दो दिन तक विभिन्न विकल्पों पर विचार किया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि इतने भारी शरीर को अकेले कैसे हटाया जाए।

पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि शव को छोटे हिस्सों में बांटना ही एकमात्र रास्ता बचा था। इसके लिए उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से धारदार चाकू और आरी मंगाई। डिलीवरी का समय, पैकेज रिसीव करने का तरीका—सब कुछ सामान्य गतिविधि की तरह रखा गया ताकि किसी को शक न हो।

यूट्यूब बना ‘गुरु’: डिजिटल दुनिया से अपराध की सीख

जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने इंटरनेट का सहारा लिया। यूट्यूब पर उसने ऐसे वीडियो खोजे जिनमें शव को ठिकाने लगाने के तरीके बताए गए थे। यह तथ्य पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि वह अपराध को छिपाने के लिए सक्रिय रूप से जानकारी जुटा रहा था।

डिजिटल फॉरेंसिक टीम अब उसके मोबाइल और लैपटॉप की हिस्ट्री खंगाल रही है—कौन से वीडियो देखे गए, कितनी देर तक देखे गए, किन-किन कीवर्ड्स की सर्च की गई।

ड्रम की तलाश: ब्रेजा कार में फिट होने वाला ‘नीला कंटेनर’

शव के टुकड़े करने के बाद अगला चरण था धड़ को ठिकाने लगाना। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अपनी ब्रेजा कार लेकर बाजार में ड्रम की तलाश में निकला। तीन अलग-अलग दुकानों पर पूछताछ के बाद उसे ऐसा ड्रम मिला जो कार की डिक्की में फिट हो सकता था।

उसने नीले रंग का बड़ा प्लास्टिक ड्रम खरीदा। सीसीटीवी फुटेज और बिलिंग रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। ड्रम को घर लाकर वह कई घंटों तक मोहल्ले में सन्नाटा होने का इंतजार करता रहा।

इसके साथ ही उसने आर्मी पैटर्न की मोटी पॉलिथीन और 20 लीटर तारपीन का तेल भी खरीदा। अनुमान है कि तारपीन का तेल बदबू को कम करने या साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से लिया गया होगा।

हाथ-पैर अलग, धड़ अलग: क्रूरता की पराकाष्ठा

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने शव के हाथ-पैर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए। इन हिस्सों को ठिकाने लगाने में उसे अपेक्षाकृत कम कठिनाई हुई। लेकिन धड़ का वजन अधिक होने के कारण वह उसे अकेले नहीं उठा पा रहा था।

यहीं से उसकी योजना लड़खड़ाने लगी। जितनी बारीकी से उसने योजना बनाई थी, उतनी ही तेजी से मानसिक दबाव भी बढ़ता गया।

शक से बचने की चाल: 135 कॉल और गुमशुदगी की रिपोर्ट

हत्या के बाद आरोपी ने एक और रणनीति अपनाई—खुद को परेशान और व्याकुल दिखाने की। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन से लेकर गिरफ्तारी तक उसके मोबाइल से 135 कॉल की गईं।

इन कॉल्स में रिश्तेदार, दोस्त, परिचित और कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिनसे वह नियमित संपर्क में नहीं था। उद्देश्य स्पष्ट था—ऐसा माहौल बनाना कि वह पिता की तलाश में हर संभव कोशिश कर रहा है।

वह एक साथी के साथ आशियाना थाने पहुंचा और गुमशुदगी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान उसका व्यवहार सामान्य से अधिक चिंतित दिखाने की कोशिश करता हुआ बताया गया है।

‘वकील अंकल, आपसे अकेले मिलना है’

हत्या के बाद आरोपी ने परिवार से जुड़े एक वकील को फोन कर अकेले मिलने की जिद की। उसने कहा कि उसे बहुत जरूरी बात करनी है। हालांकि वकील अदालत में व्यस्त थे और मुलाकात नहीं हो पाई।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी को धीरे-धीरे एहसास हो रहा था कि वह कानून से बच नहीं पाएगा। मानसिक दबाव में उसने कुछ करीबी लोगों के सामने हत्या की बात स्वीकार भी की, हालांकि यह बयान आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं हुआ है।

19 फरवरी की बहस: 50 लाख रुपये बना कारण?

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को पिता-पुत्र के बीच पैसों को लेकर तीखी बहस हुई थी। चर्चा है कि करीब 50 लाख रुपये को लेकर विवाद था।

कुछ सूत्रों का दावा है कि बहस के दौरान थप्पड़ भी मारा गया था। हालांकि पुलिस ने इस पर औपचारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन यह स्पष्ट है कि आर्थिक विवाद ने रिश्ते में पहले से मौजूद दरार को और चौड़ा कर दिया था।

पुराने घाव: मां की आत्महत्या और रिश्तों में जहर

परिवार के करीबी लोगों की सोशल मीडिया पोस्ट से एक और आयाम सामने आया है। जब आरोपी 11 साल का था, तब उसकी मां ने आत्महत्या कर ली थी। उस घटना के बाद ससुराल पक्ष ने पिता को दोषी ठहराया।

बताया जाता है कि यह धारणा वर्षों तक बनी रही और बच्चों के मन में पिता के प्रति नकारात्मकता गहराती गई। समय के साथ संवाद कम होता गया और दूरी बढ़ती गई।

मानवेंद्र सिंह के एक महिला मित्र से संबंधों की चर्चा भी परिवार में तनाव का कारण बनी। बच्चों की नजर में पिता की छवि और खराब होती चली गई।

प्रेम संबंध और पैसों का विवाद

कुछ करीबी लोगों के अनुसार, आरोपी की एक लड़की से नजदीकियां थीं। आरोप है कि घर के लाखों रुपये संभवतः उसी पर खर्च किए गए। पिता को यह स्वीकार्य नहीं था।

पिता-पुत्र के बीच पैसों, संपत्ति और निजी जीवन को लेकर लगातार टकराव होता रहा। यह टकराव अंततः हिंसा में बदल गया—ऐसा पुलिस का अनुमान है।

जेल की पहली रात: बेचैनी और अनिद्रा

25 फरवरी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आरोपी ने जेल में खाना नहीं खाया। जेल सूत्रों के अनुसार, वह पूरी रात जागता रहा और बेहद बेचैन नजर आया।

मानसिक दबाव, अपराधबोध या भविष्य की चिंता—कारण जो भी हो, उसकी पहली रात सामान्य कैदी जैसी नहीं थी।

पुलिस की आगे की जांच

फिलहाल पुलिस निम्न बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है:

  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की पूरी पड़ताल
  • ऑनलाइन ऑर्डर की टाइमलाइन
  • सीसीटीवी फुटेज से खरीदारी की पुष्टि
  • संभावित सहयोगियों की पहचान
  • डिजिटल सर्च हिस्ट्री का विश्लेषण

पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी ने अकेले पूरा अपराध किया या किसी ने उसकी मदद की।

बिहार में शिक्षा और आर्थिक सुधार: विधानसभा ने छह महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी

बिहार विधानसभा ने हाल ही में छह महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया है, जो राज्य में शिक्षा और आर्थिक सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन विधेयकों में से एक निजी संस्थानों द्वारा वसूली जाने वाली फीस पर नियंत्रण लगाने के लिए है, जो व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को मनमानी फीस वसूली से बचाने में मदद करेगा।

इसके अलावा, सूदखोरी के मामलों में शोषण को रोकने के लिए एक अन्य विधेयक पारित किया गया है, जो सूदखोरों को जेल जैसी सख्त सजा दिलाने में मदद करेगा। यह कदम बिहार सरकार द्वारा नागरिकों के हितों की रक्षा और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

इन विधेयकों के पारित होने से बिहार में शिक्षा और आर्थिक सुधार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी, जो नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी। जल्द ही, ये विधेयक कानून के रूप में लागू होंगे और राज्य में एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: अमित शाह की परिवर्तन यात्रा के लिए कोलकाता आगमन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी शुरू हो गई है, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। परिवर्तन यात्रा में शामिल होने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह 1 मार्च को कोलकाता आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा ने यह जानकारी दी है कि अमित शाह 1 मार्च 2026 को रात 9:50 बजे दमदम के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे और कोलकाता में रात्रि विश्राम करेंगे।

अगले दिन, 2 मार्च को सुबह 11:15 बजे अमित शाह नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे और परिवर्तन यात्रा में शामिल होंगे। दक्षिण 24 परगना के रायदिघी में अमित शाह की एक जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें वे परिवर्तन यात्रा को संबोधित करेंगे। भाजपा का कहना है कि अमित शाह की इस जनसभा में भारी संख्या में लोग शामिल होंगे।

पश्चिम बंगाल में अप्रैल या मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, और इस बार सभी 294 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव कराए जाने की उम्मीद है। अमित शाह की परिवर्तन यात्रा के दौरान, वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और भाजपा के लिए समर्थन जुटाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि अमित शाह की परिवर्तन यात्रा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में क्या प्रभाव डालती है।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया में तेजी: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ओडिशा और झारखंड से मांगे 200 न्यायिक अधिकारी

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड से 200 न्यायिक अधिकारियों की मांग की है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उठाया गया है, जिसमें मतदाता सूची में विसंगतियों को दूर करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।

कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस प्रक्रिया के लिए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो उन लोगों के दावों और आपत्तियों पर निर्णय लेंगे जिन्हें तार्किक विसंगति सूचियों में डाला गया है और जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं।

आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 532 जजों को इस काम में लगाया गया है, जिनमें से 273 ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि, काम की विशालता को देखते हुए और अधिक न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। कलकत्ता हाईकोर्ट अब झारखंड और ओडिशा के जवाब का इंतजार कर रहा है, ताकि इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त संख्या में ‘ए’ श्रेणी के अधिकारी मुहैया नहीं कराये जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल से एसआईआर कार्य में सहायता के लिए कुछ न्यायिक अधिकारियों एवं पूर्व न्यायाधीशों को उपलब्ध कराने को 20 फरवरी को कहा था। यह कदम मतदाता सूची में विसंगतियों को दूर करने के लिए उठाया गया है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: एक चरण में वोटिंग के लिए 2500 सीएपीएफ कंपनियों की आवश्यकता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि अगर सभी 294 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग कराई जाती है, तो इसके लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की 2500 कंपनियों की आवश्यकता होगी।

सीईओ ने इलेक्शन कमीशन को एक ही चरण में मतदान कराने का प्रस्ताव भेजा था, और कहा है कि इस मामले में आखिरी फैसला चुनाव आयोग ही लेगा। गृह मंत्रालय से चर्चा करेगा इलेक्शन कमीशन, और सीएपीएफ की 2500 कंपनियों की उपलब्धता पर गृह मंत्रालय की अंतिम राय के बाद ही तय होगा कि बंगाल में कितने चरणों में चुनाव कराये जायेंगे।

इस बीच, निर्वाचन आयोग ने बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का खाका तैयार कर लिया है। चुनाव की घोषणा से पहले ही शनिवार से केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हो जायेगी। आयोग ने बताया है कि पूरे राज्य में सबसे अधिक सुरक्षाकर्मी उत्तर 24 परगना जिले में तैनात किये जायेंगे, जहां 3 पुलिस जिलों और 2 कमिश्नरेट में कुल 30 कंपनियां तैनात की जायेंगी।

कोलकाता की सुरक्षा के लिए 12 कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है, और निर्वाचन आयोग की इस कार्ययोजना के प्रथम चरण में एक मार्च से राज्य भर में 240 कंपनियां मोर्चा संभाल लेंगी। इसके ठीक बाद 10 मार्च तक अतिरिक्त 240 कंपनियां राज्य में पहुंच जायेंगी, जिससे सुरक्षा बलों की कुल संख्या 480 कंपनियों तक पहुंच जायेंगी।

Bihar News Today Live 27 February 2026: बिहार की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, शिक्षा और क्राइम की ताज़ा अपडेट

27 फरवरी 2026 के लिए बिहार ब्रेकिंग न्यूज़ और मुख्य ताजा घटनाओं का लाइव अपडेट है 👇

  • 📌 केंद्रीय मंत्री का आह्वान: कृषि मंत्री राम नाथ ठाकुर ने बिहार में मखाना अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिकों से काम करने का आह्वान किया है, जिससे कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी।
  • 📊 CAG रिपोर्ट में खामियाँ: कैग ने बिहार में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन में कमियों का हवाला दिया है, जिसमें लाभार्थियों तक जागरूकता और सेवाओं के वितरण में असंतुलन दिखा।
  • 📈 ‘Destination Bihar 2026’ एक्सपो शुरू: पटना में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का औद्योगिक एक्सपो शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय उत्पादन और रोजगार के अवसरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
  • 🏙️ पाँव की राहें सुदृढ़ करने का अभियान: बिहार सरकार ने राज्यव्यापी फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने का आदेश जारी किया है, ताकि पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते सुनिश्चित हो सकें।
  • 🚓 दारू तस्करी में गिरफ्तारियाँ: उत्तर प्रदेश के बल्लिया जिले में 3 तस्करों को बिहार के लिए शराब तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया और 471 बॉक्स शराब जब्त हुई।
  • 📜 बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आज 27 फरवरी से शुरू हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ कई केंद्रों पर जांच कार्य जारी है, और परिणाम मार्च मध्य से अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
  • 🌤️ आज उत्तर भारत, विशेषकर यूपी–बिहार क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, हालांकि कुछ राज्यों में बारिश / अलर्ट जारी है। तापमान में वृद्धि जारी रहने के संकेत हैं।
  • 🗳️ राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन व एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने के संकेत हैं।

बिहार के जिलावार मुख्य ताज़ा समाचार | 27 फरवरी 2026

📍 पटना

राजधानी पटना में ‘डेस्टिनेशन बिहार 2026’ इंडस्ट्रियल एक्सपो का शुभारंभ हुआ, जिसमें राज्य में निवेश आकर्षित करने और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया गया। वहीं, नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज करते हुए मुख्य सड़कों और फुटपाथों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की है। राजनीतिक हलकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठकों का दौर जारी है।

📍 गया

गया जिले में पुलिस ने अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसमें कई ट्रैक्टर और ट्रकों को जब्त किया गया। बोधगया क्षेत्र में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक भी की।

📍 भागलपुर

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। सिल्क उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग विभाग ने विशेष कार्यशाला आयोजित की। वहीं, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने रात में सघन वाहन जांच अभियान चलाया।

📍 मुज़फ़्फ़रपुर

मुज़फ़्फ़रपुर में लीची किसानों के लिए कृषि विभाग ने प्रशिक्षण शिविर लगाया, जिसमें फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए। शहर में सड़क मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है। साथ ही, उत्पाद विभाग ने शराबबंदी कानून के तहत कई जगह छापेमारी की।

📍 दरभंगा

दरभंगा में भूमि विवाद को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया है। विश्वविद्यालय में परीक्षा मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। नगर परिषद ने स्वच्छता अभियान चलाकर बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

📍 पूर्णिया

पूर्णिया में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें हेलमेट और सीट बेल्ट जांच की गई। कृषि विभाग ने मक्का किसानों को अनुदान योजना की जानकारी दी। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी द्वारा गश्त बढ़ाई गई है।

📍 आरा

आरा में बिजली आपूर्ति में सुधार को लेकर विभाग ने नई लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत पौधारोपण अभियान की तैयारी की जा रही है।

📍 छपरा

छपरा में गंडक नदी के तटबंधों का निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा बैठक की। वहीं, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।

27 फरवरी की मुख्य 20 खबरें: भारत-इजराइल में गहरा सहयोग, पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान का सैन्य अभियान

भारत और दुनिया भर में 27 फरवरी को कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, और अन्य क्षेत्रों में समझौते हुए। इसी बीच, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के हवाई हमले का जवाब देते हुए सैन्य कार्रवाई शुरू की।

भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर में प्रोटोकॉल तोड़कर सड़क पर उतरकर बच्चों को चॉकलेट बांटे।

चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन का अंतिम संस्कार जिलंगगोड़ा गांव में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेता शामिल हुए। चतरा में हुए एयर एंबुलेंस हादसे के मलबे को दिल्ली भेजा जाएगा।

पटना में एनईईटी छात्रा मौत मामले में आरोपी मनीष रंजन को जमानत नहीं मिली। तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में एनडीए के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया।

बिहार में दरभंगा को फोरलेन का बड़ा तोहफा मिला, जहां एकमी-शोभन बाईपास पर निर्माण शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में आदिवासियों के विरोध मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 मार्च को कोलकाता आ रहे हैं, जहां वे परिवर्तन यात्रा में शामिल होंगे। तमिलनाडु में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया।

12वीं के बाद डेटा एनालिस्ट बनने के लिए आपको डेटा के साथ काम करना पसंद होना चाहिए और लॉजिकल सोच रखनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू रॉयल एनफील्ड गोवन क्लासिक 350 बाइक के साथ दिखाई दिए।

सैमसंग ने गैलेक्सी एस26 सीरीज को ‘एजेंटिक एआई फोन’ के रूप में पेश किया, जिसमें गूगल जेमिनी इंटीग्रेट है। फिजिक्सवाला के शेयरों में 3% की गिरावट आई। दिल्ली में ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ शुरू किया जाएगा, जिससे महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को बसों में मुफ्त यात्रा के साथ-साथ मेट्रो, शॉपिंग और कैश निकालने की सुविधा मिलेगी।

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की पहली तस्वीरें सामने आईं, जिसमें दोनों ने ट्रेडिशनल और शाही आउटफिट्स में नजर आए।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को ब्रिटेन ने वीजा देने से इनकार कर दिया, सीएम योगी ने जापान और सिंगापुर से 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को ब्रिटेन ने वीजा देने से इनकार कर दिया है, जिसके कारण उन्हें अपना ब्रिटेन दौरा रद्द करना पड़ा है। यह दौरा 25 से 27 फरवरी तक निर्धारित था। केशव मौर्य ने इससे पहले जर्मनी का दौरा किया था, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और समझौते किए। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों, रक्षा कंपनियों, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठकें कीं।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान और सिंगापुर के दौरे के दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। उन्होंने जापान में मैग्लेव ट्रेन से यात्रा की और यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने यामानाशी हाइड्रोजन फैसिलिटी P2G सिस्टम की साइट विजिट की और निवेशकों से बातचीत की।

केशव मौर्य ने जर्मनी में कई प्रमुख इंडस्ट्रियल ग्रुप और संगठनों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और एयरोस्पेस, स्मार्ट सिटी और ई-व्हीकल, और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के साथ समझौते किए और उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को भारत का ‘सेमीकंडक्टर हब’ बनाना है, जिसके लिए उन्होंने जर्मन तकनीक और विशेषज्ञता का सहयोग मांगा। उन्होंने जर्मन रक्षा कंपनी ‘क्वांटम सिस्टम्स’ के साथ बैठक की और यूपी को ड्रोन बनाने का गढ़ बनाने पर चर्चा की।

इस दौरे से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। केशव मौर्य और योगी आदित्यनाथ के दौरे से राज्य को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी और निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।

जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन: वाइस-चांसलर के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र, जानें पूरी खबर

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें वे वाइस-चांसलर शांतिश्री डी पंडित के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि वाइस-चांसलर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में जातिवादी और हाशिये पर पड़े समुदायों के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियां की थीं।

जेएनयू के छात्र संगठनों ने वाइस-चांसलर की टिप्पणियों की निंदा की है और उनके इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसे देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी थी। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का भी प्रयास किया, जिसका उन्होंने विरोध किया।

रविवार देर रात भी जेएनयू में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कुछ छात्र घायल हुए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी तरह के अराजक व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

छात्रों का कहना है कि वे वाइस-चांसलर के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक कि उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसमें छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत की सख्त टिप्पणी, जमानत याचिका खारिज, अगली सुनवाई 28 फरवरी को

पटना NEET छात्रा मौत मामले में अदालत ने आरोपी मनीष रंजन को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिससे मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 28 फरवरी तय की है, जिसमें जांच एजेंसी से सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है।

जमानत याचिका पर अदालत में करीब एक घंटे तक बहस चली, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। अदालत ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और जांच की प्रक्रिया पर सख्त टिप्पणी की।

अदालत ने जांच अधिकारियों से पूछा कि आखिर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कैसे हुई और यदि लापरवाही सामने आती है, तो जांच अधिकारियों पर ही केस दर्ज क्यों न किया जाए। पीड़िता पक्ष के वकील ने सुनवाई के बाद बड़ा खुलासा किया और कहा कि अदालत के सामने साफ तौर पर यह मुद्दा उठाया गया कि कई अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई है।

वकील ने आरोप लगाया कि जांच पूरी तरह लापरवाही से की गई और सबूतों को सही तरीके से संकलित नहीं किया गया। कई दस्तावेज और सामग्री संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आई। अदालत ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को फटकार लगाई है।

अब इस मामले में 28 फरवरी को अगली सुनवाई होगी, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जमानत न मिलने से आरोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं और मामले की जांच पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

बिहार में ग्रीन कॉरिडोर की शुरुआत: पटना से डोभी तक 130 किमी लंबे रास्ते पर लगेंगे आम और जामुन के पेड़; किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आय का अवसर

बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए पटना से गयाजी जिले के डोभी तक करीब 130 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को ग्रीन कॉरिडोर में बदलने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल राज्य के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाना है। हाईवे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे यह मार्ग हरियाली से आच्छादित होकर एक आदर्श पर्यावरणीय मॉडल के रूप में विकसित हो सके।

इस महत्वपूर्ण परियोजना की जानकारी राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दी। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है, और यह ग्रीन कॉरिडोर योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

हाईवे के दोनों किनारों पर लगेगा हरियाली का घेरा

सरकार की योजना के अनुसार, पटना से डोभी तक के राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों पर सुनियोजित तरीके से वृक्षारोपण किया जाएगा। इसमें आम, जामुन, नींबू, आंवला, नीम, बरगद, पीपल और पाकड़ जैसे पेड़ शामिल होंगे। इन पेड़ों का चयन विशेष रूप से इस आधार पर किया गया है कि वे स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं, लंबी उम्र वाले हैं और पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।

फलदार वृक्षों के माध्यम से जहां एक ओर हरियाली बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। छायादार पेड़ यात्रियों को धूप और गर्मी से राहत देंगे, जिससे सफर अधिक सुखद और सुरक्षित बनेगा।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम

बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण होगा, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा। पेड़ न केवल ऑक्सीजन प्रदान करेंगे, बल्कि धूल और ध्वनि प्रदूषण को भी कम करने में सहायक होंगे।

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए भी यह ग्रीन कॉरिडोर कारगर साबित हो सकता है। सड़क किनारे घनी हरियाली से तापमान में कमी आएगी और स्थानीय सूक्ष्म जलवायु (माइक्रो क्लाइमेट) बेहतर होगी।

किसानों और स्थानीय लोगों की भागीदारी

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार इसे केवल सरकारी परियोजना तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसमें स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी। सरकार की मंशा है कि फलदार पेड़ लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय किसानों को सौंपी जाए।

इससे दोहरा लाभ होगा—एक ओर वृक्षों की बेहतर देखभाल होगी, तो दूसरी ओर किसानों को भविष्य में फलों की बिक्री से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए यह मॉडल अत्यंत प्रभावी साबित हो सकता है। यदि यह योजना सफल होती है, तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

मानसून से पहले शुरू होगा पौधारोपण

सरकार ने इस परियोजना को लेकर तैयारी शुरू कर दी है और लक्ष्य रखा गया है कि मानसून से पहले पौधारोपण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। मानसून का मौसम पौधों के विकास के लिए अनुकूल होता है, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है।

वन विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूमि चिह्नांकन, पौधों की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था जैसे सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करें। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी, ताकि पौधारोपण वैज्ञानिक पद्धति से हो सके।

सड़क सुरक्षा और सौंदर्य में वृद्धि

ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग केवल परिवहन का साधन नहीं रहेगा, बल्कि एक आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल मार्ग के रूप में विकसित होगा। सड़क किनारे हरियाली से न केवल दृश्य सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि ड्राइवरों को भी लंबे सफर में मानसिक सुकून मिलेगा।

छायादार वृक्ष धूप की तीव्रता को कम करेंगे, जिससे सड़क की सतह का तापमान भी नियंत्रित रहेगा। इससे सड़क की उम्र बढ़ने की संभावना भी है। साथ ही, व्यवस्थित वृक्षारोपण से मिट्टी का कटाव कम होगा और वर्षा जल का संरक्षण बेहतर तरीके से हो सकेगा।

भविष्य में अन्य हिस्सों में भी बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

सरकार की योजना है कि इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद बिहार के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को भी ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। यदि पटना से गयाजी तक का यह मॉडल सफल रहता है, तो यह पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगा।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की यह पहल विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में बिहार की पहचान को नई दिशा दे सकती है—जहां आधुनिक सड़कें और हरियाली साथ-साथ चलें।

पटना मेट्रो का विस्तार: भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक ट्रायल रन सफल, होली के बाद शुरू हो सकती है सेवा

पटना में मेट्रो सेवा का विस्तार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को पटना मेट्रो ने पहली बार शहर के अंदर नए सेक्शन पर ट्रायल रन किया। भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से खेमनीचक और मलाही पकड़ी तक मेट्रो ट्रेन चलाई गई। यह ट्रायल रन सफल रहा और इसे देखते हुए उम्मीद है कि होली के बाद भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच 2.75 किलोमीटर की दूरी पर ट्रेन चलाई गई। इस दौरान ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग नेटवर्क, और पावर सप्लाई की जांच की गई। स्टेशनों के बीच तालमेल भी देखा गया। अधिकारी हर तकनीकी बिंदु को बारीकी से जांच रहे हैं।

फिलहाल पटना मेट्रो सेवा भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक 3.45 किमी की दूरी पर संचालित हो रही है। नए सेक्शन के जुड़ने के बाद कुल दूरी 6.2 किमी हो जाएगी। तब पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम मार्च में पटना पहुंचेगी। वह ट्रैक, सिग्नलिंग, प्लेटफॉर्म सुरक्षा, और यात्री सुविधाओं की जांच करेगी। यदि सब कुछ सही पाया गया, तो होली के बाद 5 स्टेशनों तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

नए रूट पर पांच स्टेशन होंगे, जिनमें पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक, और मलाही पकड़ी शामिल हैं। खेमनीचक स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की सुविधा मिलेगी। दूसरे चरण में खेमनीचक से मीठापुर तक मेट्रो चलेगी, जिसमें जगनपुरा, रामकृष्णानगर, और मीठापुर स्टेशन शामिल होंगे।

बिहार में जमीन विवादों पर सरकार की सख्ती, अपार्टमेंट में रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी अनिवार्य; पुलिस की भूमिका सीमित

NASA की चेतावनी: हवाई जहाज जितना 140 फीट का एस्टेरॉयड ‘2026 CU1’ 18,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के पास से गुजरा, टक्कर का खतरा नहीं

अंतरिक्ष से जुड़ी हर बड़ी हलचल दुनिया भर में जिज्ञासा और चिंता दोनों पैदा करती है। इसी कड़ी में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। NASA के वैज्ञानिकों ने बताया कि हवाई जहाज के आकार का लगभग 140 फीट चौड़ा एस्टेरॉयड ‘2026 CU1’ पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरा। इसकी रफ्तार लगभग 18,000 से 19,000 मील प्रति घंटे (करीब 30,000 किमी/घंटा) आंकी गई।

हालांकि यह खबर सुनकर लोगों के मन में टक्कर की आशंका पैदा हुई, लेकिन वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि इस एस्टेरॉयड से पृथ्वी को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं था। फिर भी यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि अंतरिक्ष में लगातार निगरानी और ग्रह सुरक्षा (Planetary Defence) कितनी आवश्यक है।

एस्टेरॉयड 2026 CU1 क्या है?

एस्टेरॉयड 2026 CU1 एक नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) है। NEO वे खगोलीय पिंड होते हैं जिनकी कक्षा (Orbit) सूर्य के चारों ओर घूमते हुए पृथ्वी की कक्षा के नजदीक आ जाती है।

यह एस्टेरॉयड लगभग 140 फीट (करीब 43 मीटर) चौड़ा है। आकार की तुलना करें तो यह एक छोटे यात्री विमान जितना बड़ा है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार, इतनी आकार का एस्टेरॉयड यदि पृथ्वी से टकराए तो स्थानीय स्तर पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन यह वैश्विक विनाश का कारण नहीं बनेगा।

NASA के आंकड़ों के अनुसार, 2026 CU1 पृथ्वी से लगभग 7.6 लाख मील (करीब 12 लाख किलोमीटर) की दूरी से गुजरा। यह दूरी चंद्रमा की दूरी से लगभग तीन गुना अधिक है। इसलिए टक्कर की कोई संभावना नहीं थी।

कितनी थी इसकी रफ्तार?

एस्टेरॉयड 2026 CU1 की रफ्तार लगभग 18,803 मील प्रति घंटे (करीब 30,250 किमी/घंटा) दर्ज की गई। अंतरिक्ष में यह सामान्य गति मानी जाती है, क्योंकि खगोलीय पिंड सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में अत्यधिक तेज गति से परिक्रमा करते हैं।

इतनी तेज रफ्तार के बावजूद इसकी दिशा और कक्षा पहले से ही सटीक रूप से गणना कर ली गई थी, जिससे वैज्ञानिकों को पूरा भरोसा था कि यह पृथ्वी से सुरक्षित दूरी बनाकर निकलेगा।

‘पोटेंशियली हैजर्डस’ क्यों नहीं माना गया?

NASA किसी भी एस्टेरॉयड को “Potentially Hazardous Asteroid (PHA)” तब मानता है जब:

  • उसका आकार 140 मीटर (460 फीट) से अधिक हो
  • वह पृथ्वी के 75 लाख किलोमीटर के भीतर से गुजरने की संभावना रखता हो

2026 CU1 का आकार लगभग 43 मीटर है, जो निर्धारित सीमा से काफी कम है। इसलिए इसे खतरनाक श्रेणी में नहीं रखा गया।

NASA कैसे रखता है नजर?

NASA के पास विशेष विभाग है जिसे Planetary Defense Coordination Office (PDCO) कहा जाता है। यह विभाग पृथ्वी के पास आने वाले सभी एस्टेरॉयड और धूमकेतुओं की निगरानी करता है।

इसके अलावा Jet Propulsion Laboratory (JPL) का Center for Near-Earth Object Studies (CNEOS) लगातार इन वस्तुओं की कक्षाओं की गणना और अपडेट करता रहता है।

दुनिया भर के वेधशालाओं (Observatories) से डेटा एकत्र कर वैज्ञानिक:

  • एस्टेरॉयड की दिशा
  • उसकी गति
  • आकार
  • भविष्य की संभावित स्थिति

का सटीक अनुमान लगाते हैं।

क्या ऐसे एस्टेरॉयड अक्सर आते हैं?

जी हां। हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े एस्टेरॉयड पृथ्वी के पास से गुजरते हैं। अधिकतर इतने छोटे होते हैं कि वे वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल जाते हैं।

बड़े आकार के एस्टेरॉयड की निगरानी विशेष रूप से की जाती है। NASA का दावा है कि अब तक पृथ्वी के लिए तत्काल खतरा पैदा करने वाला कोई बड़ा एस्टेरॉयड चिन्हित नहीं हुआ है

ग्रह सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है NASA?

NASA केवल निगरानी ही नहीं कर रहा, बल्कि संभावित खतरे से निपटने की तैयारी भी कर रहा है।

2022 में NASA ने DART मिशन के तहत एक एस्टेरॉयड की कक्षा बदलने का सफल परीक्षण किया था। यह पहली बार था जब मानव ने किसी खगोलीय पिंड की दिशा को जानबूझकर बदला।

इस मिशन ने साबित किया कि भविष्य में यदि कोई खतरनाक एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर बढ़े, तो उसे मोड़ा जा सकता है।

क्या लोगों को घबराने की जरूरत है?

बिल्कुल नहीं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि:

  • एस्टेरॉयड 2026 CU1 पूरी तरह सुरक्षित दूरी से गुजरा
  • टक्कर की कोई संभावना नहीं थी
  • NASA और अन्य एजेंसियां 24×7 निगरानी कर रही हैं

अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं, जिससे भ्रम फैलता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि अंतरिक्ष एजेंसियों के पास अत्याधुनिक तकनीक है, जिससे वे दशकों पहले संभावित खतरों का अनुमान लगा सकती हैं।

Sunetra Pawar बनीं NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष: अजित पवार के निधन के बाद सर्वसम्मति से मिली कमान, महाराष्ट्र की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और भावनात्मक मोड़ उस समय आया जब सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। यह फैसला पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया, जो मुंबई में आयोजित हुई। यह चुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के लगभग एक महीने बाद हुआ है।

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में जो शून्य उत्पन्न हुआ था, उसे भरने के लिए पार्टी ने तेज़ी से नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की। सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी एकजुट है और नेतृत्व के सवाल पर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।

अजित पवार का निधन और राजनीतिक शून्य

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार एक प्रभावशाली और रणनीतिक नेता के रूप में जाने जाते थे। बारामती से कई बार विधायक चुने गए अजित पवार ने राज्य की सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर मजबूत पकड़ बनाई थी। उनके अचानक निधन (बारामती के पास विमान हादसे में) ने न केवल एनसीपी बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर दिया।

उनके निधन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भावनात्मक माहौल था। ऐसे समय में नेतृत्व का सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो गया था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श के बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बनाई।

सर्वसम्मति से हुआ चयन

एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी सदस्यों ने समर्थन दिया। इस प्रकार उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

यह निर्णय केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि पार्टी के भीतर स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम पार्टी को एकजुट रखने और आगामी चुनावों की तैयारियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक था।

सुनेत्रा पवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुनेत्रा पवार पहले से ही सक्रिय राजनीति में रही हैं। वह राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अजित पवार के साथ लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सहयोगी रहीं सुनेत्रा पवार को जमीनी राजनीति की समझ रखने वाली नेता माना जाता है।

अजित पवार के निधन के बाद उन्हें महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया था, जिससे उनकी प्रशासनिक भूमिका और मजबूत हुई। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

एनसीपी के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?

1. संगठनात्मक स्थिरता

पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद संगठन में कोई बड़ा मतभेद सामने नहीं आया। इससे कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश गया है कि पार्टी नेतृत्व को लेकर एकजुट है।

2. महिला नेतृत्व का सशक्त उदाहरण

सुनेत्रा पवार का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह पहली बार है जब किसी महिला को एनसीपी की राष्ट्रीय कमान सौंपी गई है। इससे महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

3. आगामी चुनावों की तैयारी

महाराष्ट्र में आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह फैसला रणनीतिक रूप से अहम है। पार्टी को नए सिरे से संगठित करने और गठबंधन राजनीति को संतुलित रखने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।

बारामती पर सबकी नजर

बारामती विधानसभा क्षेत्र अजित पवार का गढ़ रहा है। उनके निधन के बाद यहां उपचुनाव की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार यहां से चुनाव लड़ सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा और पूरे राज्य की निगाहें इस सीट पर टिकी रहेंगी।गठबंधन राजनीति पर प्रभाव

महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीति गठबंधन समीकरणों पर आधारित है। एनसीपी की भूमिका राज्य सरकार में अहम है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार को न केवल संगठन बल्कि गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल भी साधना होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि वह संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाए रखने में सफल रहती हैं तो पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती है।


पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी कार्यालयों में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे “नए युग की शुरुआत” बताया। सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने इसे स्थिरता और निरंतरता का प्रतीक बताया।

BPSC AEDO परीक्षा 2026 की नई तारीख घोषित: 14 से 21 मार्च के बीच होगी परीक्षा, जानें पूरा शेड्यूल, एडमिट कार्ड अपडेट और ताज़ा जानकारी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (Assistant Education Development Officer – AEDO) भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। पहले स्थगित की गई इस परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा कर दी गई है। आयोग के अनुसार अब BPSC AEDO परीक्षा 14 मार्च से 21 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। यह भर्ती अभियान शिक्षा विभाग में 935 पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है।

करीब 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिसके कारण यह राज्य की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक मानी जा रही है। परीक्षा तिथि में बदलाव के बाद उम्मीदवारों के बीच नई तैयारी रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरी खबर।

पहले क्यों स्थगित हुई थी परीक्षा?

BPSC ने पहले AEDO परीक्षा को जनवरी 2026 में आयोजित करने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासनिक कारणों और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते आयोग ने परीक्षा को स्थगित कर दिया था। उस समय आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में कहा गया था कि नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।

परीक्षा स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी, क्योंकि लाखों उम्मीदवारों ने पहले से तैयारी पूरी कर ली थी। हालांकि अब आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा मार्च के मध्य में आयोजित की जाएगी।

नई परीक्षा तिथि: 14 से 21 मार्च 2026

BPSC द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा निम्नलिखित तिथियों पर आयोजित होगी:

📅 14 मार्च 2026
📅 15 मार्च 2026
📅 17 मार्च 2026
📅 18 मार्च 2026
📅 20 मार्च 2026
📅 21 मार्च 2026

परीक्षा अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाएगी ताकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को सुचारु रूप से परीक्षा दिलाई जा सके।

रीक्षा का संभावित शेड्यूल और शिफ्ट टाइमिंग

आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जा सकती है:

  • प्रथम शिफ्ट: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
  • द्वितीय शिफ्ट: दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक

परीक्षा में सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा और सामान्य अभिरुचि (General Aptitude) से प्रश्न पूछे जाएंगे। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होंगे।

कितने पदों पर हो रही है भर्ती?

BPSC AEDO भर्ती अभियान के तहत कुल 935 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह पद बिहार शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं और इनकी जिम्मेदारी जिला एवं प्रखंड स्तर पर शिक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी और विकास कार्यों की देखरेख करना है।

एडमिट कार्ड कब जारी होगा?

परीक्षा से लगभग 7 से 10 दिन पहले BPSC अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी करेगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण निर्देश:

  • परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड अनिवार्य है
  • एक वैध फोटो पहचान पत्र साथ ले जाना होगा
  • समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें
  • एडमिट कार्ड में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें

चयन प्रक्रिया क्या है?

BPSC AEDO भर्ती की चयन प्रक्रिया निम्न चरणों में पूरी होगी:

  1. लिखित परीक्षा
  2. दस्तावेज सत्यापन
  3. अंतिम मेरिट सूची

लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

  • प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ (MCQ)
  • कुल अवधि: प्रत्येक पेपर के लिए 2 घंटे
  • विषय: सामान्य अध्ययन, सामान्य भाषा, सामान्य अभिरुचि
  • नकारात्मक अंकन: आयोग की अधिसूचना के अनुसार लागू हो सकता है

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह

  • नई परीक्षा तिथि के अनुसार तैयारी की रणनीति बनाएं
  • नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें
  • आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें
  • स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का ध्यान रखें

Bihar Darbhanga News: दरभंगा लव जिहाद केस – फरार आरोपी का वायरल वीडियो, पुलिस ने की संपत्ति कुर्क

बिहार के बिहार राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। दरभंगा जिले में कथित ‘लव जिहाद’ प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी की संपत्ति को पुलिस ने कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई तब की गई जब आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस को खुली चुनौती दी और गिरफ्तारी से बचता रहा। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आरोपी के घर से दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर, चारपाई, अलमारी समेत अन्य घरेलू सामान जब्त कर थाने में जमा कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दरभंगा जिले के कमटौल थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण और कथित धर्मांतरण से संबंधित प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने प्रेम संबंध के बहाने लड़की को बहलाया-फुसलाया और उसे अपने साथ ले गया।

एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में मोहम्मद सितारे नदाफ का नाम दर्ज है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। साथ ही उस पर पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए। लेकिन आरोपी लगातार फरार रहा।

गिरफ्तारी से बचता रहा आरोपी

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की। स्थानीय स्तर पर दबिश दी गई, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया।

पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के घर पर इश्तेहार चिपकाया और उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। सामान्यतः ऐसी कार्रवाई के बाद आरोपी अदालत में पेश हो जाता है या पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चुनौती

मामले ने तब नया मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई का मजाक उड़ाता दिखाई दिया। वीडियो में उसने संकेत दिया कि पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी और वह कानून से नहीं डरता।

यह वीडियो तेजी से व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल गया। इससे न केवल पुलिस की छवि को चुनौती मिली बल्कि स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति भी बनने लगी।

पुलिस अधिकारियों ने इसे कानून के प्रति खुली अवमानना माना। उनका कहना था कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: संपत्ति कुर्क

आखिरकार, पुलिस ने अदालत से आदेश प्राप्त कर आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की। इस कार्रवाई की निगरानी शुभेंद्र कुमार सुमन ने की।

पुलिस टीम ने आरोपी के घर पहुंचकर वहां मौजूद घरेलू सामान जब्त किया। कुर्की के दौरान दरवाजे, खिड़कियां, बिस्तर, कुर्सियां, मेज, अलमारी आदि सामान जब्त कर थाने में जमा किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की संबंधित धाराओं के तहत की गई है, जो फरार अभियुक्त की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति देती हैं, यदि वह बार-बार नोटिस के बावजूद आत्मसमर्पण नहीं करता।

क्यों जरूरी समझी गई यह कार्रवाई?

पुलिस का तर्क है कि:

  1. आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था।
  2. उसे कई बार आत्मसमर्पण के लिए कहा गया।
  3. उसने सोशल मीडिया पर पुलिस को चुनौती दी।
  4. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सार्वजनिक शांति बनाए रखना जरूरी था।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है और कानून के दायरे में रहकर की गई है।

सामाजिक और राजनीतिक असर

‘लव जिहाद’ शब्द अपने आप में बेहद संवेदनशील और विवादास्पद है। ऐसे मामलों में अक्सर सामाजिक तनाव बढ़ जाता है। दरभंगा में भी घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच चर्चा और तनाव की स्थिति देखी गई।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल बढ़ाया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

कानूनी विशेषज्ञों की राय

कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि संपत्ति कुर्क करना एक असाधारण कदम है, जिसे सामान्यतः तब अपनाया जाता है जब आरोपी लगातार फरार रहे और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग न करे।

हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब तक अदालत दोष सिद्ध न कर दे, तब तक इस तरह की कार्रवाई पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कुर्की दोष सिद्धि नहीं है, बल्कि आरोपी को कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

डिजिटल युग में अपराध और चुनौती

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज कानून-व्यवस्था के मामलों में किस तरह भूमिका निभा रहे हैं।

पहले जहां आरोपी छिपकर रहता था, अब वह सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी कर सकता है, वीडियो अपलोड कर सकता है और सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।

इस मामले में भी वायरल वीडियो ने पुलिस की रणनीति को बदलने में अहम भूमिका निभाई।

पीड़िता और परिवार की स्थिति

पीड़िता के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आरोपी के खुलेआम वीडियो जारी करने से वे मानसिक रूप से आहत थे।

परिवार का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी को बहकाया और सामाजिक बदनामी का भय दिखाया। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।

बिहार की इस वक्त की 10 बड़ी खबरें: राज्य के अलग-अलग जिलों की इस वक्त की प्रमुख खबरें

पटना | 26 फरवरी 2026

पटना/बिहार: राज्य की राजनीति, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और मौसम से जुड़ी कई अहम खबरें इस वक्त सुर्खियों में हैं। पढ़ें इस घंटे की प्रमुख अपडेट्स—

1. सीमांचल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ पर कड़ा संदेश

Amit Shah ने बिहार दौरे के दौरान Seemanchal क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


2. बिहार विधानसभा में हंगामा, कई विधेयक पेश

Bihar Vidhan Sabha के बजट सत्र में आज जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने विकास कार्यों का ब्योरा पेश किया। सदन में चार महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए गए, जिन पर चर्चा जारी है।


3. अररिया में राजनीतिक माहौल गरम

Araria में केंद्रीय दौरे के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


4. दरभंगा में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Darbhanga में आपसी विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।


5. जमुई में दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

Jamui में फाइलेरिया रोधी दवा लेने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी बच्चों का इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है।


6. भागलपुर में इंटर कॉपियों का मूल्यांकन शुरू

Bhagalpur में बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने समय पर परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं।


7. होली से पहले बढ़ा तापमान, मौसम विभाग का अलर्ट

राजधानी Patna समेत कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। India Meteorological Department के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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बिहार में बाल तस्करी पर बड़ा अभियान: 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तैनात, बच्चों की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

बिहार में बच्चों की चोरी और तस्करी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सीआईडी (कमजोर वर्ग) के एडीजी डॉ. अमित जैन ने राज्य में 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के गठन का ऐलान किया है, जो एयरपोर्ट से लेकर जिलों तक सुरक्षा का नया नेटवर्क तैयार करेंगी।

इन यूनिटों का नेतृत्व इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) होंगे। एयरपोर्ट अक्सर तस्करी के संवेदनशील ट्रांजिट पॉइंट होते हैं, इसलिए यहां चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की गई है। अब किसी भी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाने वाले व्यक्ति की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में अब जांच को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। बिहार में लागू नई व्यवस्था के तहत यदि कोई बच्चा चार महीने तक बरामद नहीं होता है, तो उसका केस स्वतः जिला स्तर की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ जांच तेज होगी, बल्कि संगठित तस्करी गिरोहों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी।

राज्य के 1196 थानों को राष्ट्रीय स्तर के मिशन वात्सल्य पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे गुमशुदा और बरामद बच्चों का डाटा अपलोड किया जा सके और जानकारी देशभर में साझा हो सके। साल 2025 के आंकड़े बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। बिहार में बीते वर्ष कुल 14,699 बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की गई, जिनमें से 7,772 बच्चों को अब तक सुरक्षित बरामद किया जा चुका है। शेष 6,927 बच्चों की तलाश जारी है और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को पुराने मामलों की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

बिहार विधानसभा में आरजेडी विधायकों का दलितों के जमीन अधिकार के लिए प्रदर्शन

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 18वें दिन आरजेडी के विधायकों ने दलितों की जमीन के अधिकार के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। विधायकों ने दलितों को तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की, जिससे वे अपने लिए घर बनवा सकें। आरजेडी विधायकों का कहना है कि बिहार में बड़ी संख्या में दलित परिवार जमीन की कमी से जूझ रहे हैं और सरकार को उनके लिए आवास योग्य जमीन उपलब्ध करानी चाहिए।

आरजेडी विधायकों ने कहा कि जमीन का अधिकार सम्मान से जीने का आधार है और अगर उनकी मांगों पर पहल नहीं किया गया तो वे आंदोलन और तेजी से करेंगे। विधायकों ने सरकार को चेतावनी दी कि वे दलितों के हक और अधिकार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

इसके अलावा, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला, जो तीन दिवसीय दौरे पर बिहार में हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि अमित शाह जहां भी जाते हैं, आतंकवाद को हवा देते हैं और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ते हैं।

बिहार विधानसभा में यह प्रदर्शन दलितों के अधिकारों के मुद्दे पर किया गया है, जो राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। आरजेडी विधायकों की मांग पर सरकार की प्रतिक्रिया देखना दिलचस्प होगा।

बिहार में परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई: 40 अधिकारियों को नोटिस, 3 दिन में जवाब देना अनिवार्य

बिहार के परिवहन विभाग ने लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने 10 जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) समेत कुल 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने निर्धारित राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं किया और कार्य में लापरवाही बरती।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों से पूछा गया है कि जब वे तय लक्ष्य हासिल करने में विफल रहे, तो किन कारणों से उन्हें पद पर बनाए रखा जाए।

परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और प्रदर्शन के आधार पर ही जवाबदेही तय होगी। नोटिस मिलने के बाद संबंधित जिलों के अधिकारियों पर जवाब देने का दबाव बढ़ गया है और विभागीय कार्रवाई की आशंका से महकमे में हलचल तेज हो गई है।

कार्रवाई का दायरा सिर्फ डीटीओ तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन विभाग ने अब उन जमीनी अधिकारियों पर भी शिकंजा कस दिया है जिनकी जिम्मेदारी सड़कों पर जांच अभियान चलाने और जुर्माना वसूलने की होती है। मुजफ्फरपुर, गया और बेतिया जैसे जिलों में तैनात मोटर वाहन निरीक्षकों (MVI) से भी जवाब मांगा गया है। प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) पर भी विभाग की नजर टेढ़ी हुई है।

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि वह अब ‘बहानेबाजी’ सुनने के मूड में नहीं है। सभी 40 अधिकारियों को महज तीन दिनों का समय दिया गया है। यदि जवाब में ठोस वजह नहीं बताई गई, तो इन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों के प्रमोशन से लेकर इंक्रीमेंट तक पर रोक लग सकती है और भविष्य में उनकी पोस्टिंग पर भी काले बादल मंडरा सकते हैं।

अमित शाह का सीमांचल दौरा: घुसपैठियों को चिह्नित कर बाहर निकालने का अभियान जल्द

गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांचल में एक कार्यक्रम के दौरान घुसपैठियों को चिह्नित कर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए जल्द ही अभियान चलाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सीमांचल इलाके में घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और फिर उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि जिस देश की सीमाएं फेंसिंग से सुरक्षित हैं, वहां निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है, लेकिन खुली सीमा की सुरक्षा चैलेंजिंग होती है। उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत इंफॉर्मेशन सिस्टम के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि लगभग 554 किलोमीटर लंबी बॉर्डर रोड के निर्माण की भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि सीमा से करीब 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण किए गए हैं, उसे हटाया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा।

अमित शाह ने सीमा पर तैनात जवानों को ट्रेनिंग देने की बात भी कही और बंगाल में बीजेपी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ा गया था और इसे जनता ने स्वीकार भी किया। अब बंगाल में चुनाव है और वहां भी बीजेपी जीतेगी। जीत के बाद सबसे पहले वहां सीमा वाले इलाके में बाड़ का काम किया जाएगा और चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा।

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