बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। नीतीश सरकार ने लगभग दस साल से काम कर रहे शिक्षकों को प्रमोशन देने का फैसला किया है। अप्रैल से शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। एमएलसी प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने विधान परिषद में शिक्षकों के प्रमोशन का मुद्दा उठाया, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
बिहार विधानसभा में धर्म परिवर्तन और कथित लव जिहाद को लेकर जोरदार बहस हुई। बीजेपी के 12 विधायकों ने राज्य में इस पर कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई। बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि धर्मांतरण की वजह से बिहार में मुसलमानों और ईसाइयों की आबादी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों का खास तौर पर जिक्र किया और कहा कि कई इलाकों में मुस्लिम आबादी में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है।
इस पर प्रभारी गृह मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार के पास फिलहाल धर्म परिवर्तन रोकने से संबंधित कोई कानून लाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर काम करती है।
वहीं, राजद एमएलसी सुनील सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला और शराबबंदी और पैसों के लेन-देन के मुद्दे पर दस्तावेज दिखाने का दावा किया। उन्होंने जदयू पर 1000 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का आरोप लगाया और कहा कि कुछ कंपनियों से भारी चंदा लिया गया है।
बिहार विधानसभा का बजट सत्र खत्म हो गया, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। धर्म परिवर्तन से लेकर फंडिंग और शराबबंदी तक, कई मुद्दों ने सियासत को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इन आरोपों पर राजनीति और तेज हो सकती है।