पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि अगर सभी 294 सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग कराई जाती है, तो इसके लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की 2500 कंपनियों की आवश्यकता होगी।
सीईओ ने इलेक्शन कमीशन को एक ही चरण में मतदान कराने का प्रस्ताव भेजा था, और कहा है कि इस मामले में आखिरी फैसला चुनाव आयोग ही लेगा। गृह मंत्रालय से चर्चा करेगा इलेक्शन कमीशन, और सीएपीएफ की 2500 कंपनियों की उपलब्धता पर गृह मंत्रालय की अंतिम राय के बाद ही तय होगा कि बंगाल में कितने चरणों में चुनाव कराये जायेंगे।
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का खाका तैयार कर लिया है। चुनाव की घोषणा से पहले ही शनिवार से केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हो जायेगी। आयोग ने बताया है कि पूरे राज्य में सबसे अधिक सुरक्षाकर्मी उत्तर 24 परगना जिले में तैनात किये जायेंगे, जहां 3 पुलिस जिलों और 2 कमिश्नरेट में कुल 30 कंपनियां तैनात की जायेंगी।
कोलकाता की सुरक्षा के लिए 12 कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है, और निर्वाचन आयोग की इस कार्ययोजना के प्रथम चरण में एक मार्च से राज्य भर में 240 कंपनियां मोर्चा संभाल लेंगी। इसके ठीक बाद 10 मार्च तक अतिरिक्त 240 कंपनियां राज्य में पहुंच जायेंगी, जिससे सुरक्षा बलों की कुल संख्या 480 कंपनियों तक पहुंच जायेंगी।